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कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल में खामियां, सचिव ने लगाई फटकार:भोजन खराब, क्षमता से अधिक छात्राएं मिलीं; व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश

बासकृपालनगर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल में भोजन व्यवस्था, छात्रावास और भवन की स्थिति सहित कई खामियां सामने आई। इस खैरथल-तिजारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुडी ने स्कूल प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। मानकों के अनुरू नहीं मिली गुणवत्ता
निरीक्षण के दौरान सचिव ने भोजनालय, रसोईघर, छात्रावास, शयनकक्ष, कक्षाओं, स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। छात्राओं को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। स्टाफ और छात्राओं के लिए अलग-अलग बन रहा भोजन
जांच में ये भी सामने आया कि छात्राओं और स्कूल स्टाफ के लिए अलग-अलग भोजन तैयार किया जा रहा था और निर्धारित मेन्यू का पालन नहीं हो रहा था। इस पर अजीत कुडी ने नाराजगी जताते हुए भोजन की गुणवत्ता और रसोई की साफ-सफाई में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। कमरों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
छात्रावास निरीक्षण के दौरान कई कमरों में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्राएं रहने की बात सामने आई। कमरों में अत्यधिक गर्मी, पर्याप्त जगह का अभाव और कूलर जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने पर सचिव ने इसे छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। स्कूल प्रशासन ने बताया कि अन्य छात्रावासों की बालिकाओं को यहां स्थानांतरित किए जाने के कारण यह स्थिति बनी है, जिस पर सचिव ने व्यवस्थाएं शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में स्कूल के कुछ कमरे जर्जर अवस्था में भी पाए गए। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि इसकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को मौखिक रूप से दी जा चुकी है। सचिव ने निर्देश दिए कि जर्जर भवनों की स्थिति से जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल लिखित रूप में अवगत कराया जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। सचिव अजीत कुडी ने छात्राओं से सीधे संवाद कर शिक्षा, आवास, भोजन, खेलकूद और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं को उनके विधिक अधिकारों और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए किसी भी समस्या की जानकारी निसंकोच साझा करने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य वार्डन और प्रधानाध्यापिका प्रारंभ में स्कूल में उपस्थित नहीं मिलीं। बाद में उन्हें मौके पर बुलाया गया। इस पर सचिव ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने की हिदायत दी। अटेंडेंस और स्टॉक रजिस्टर देखा
सचिव ने स्टाफ की उपस्थिति पंजिका, भंडार गृह के स्टॉक रजिस्टर और अन्य अभिलेखों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही प्राथमिक उपचार किट और आवश्यक दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान कनिष्ठ सहायक पुनीत शर्मा, पीएलवी सूरज कछवाहा, विद्यालय स्टाफ एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

दही-घी की जांच में मिली मिलावट:रिपोर्ट में मिर्ची असुरक्षित, 3 फर्म के खिलाफ कोर्ट में पेश होंगे मामले

बाड़मेर में शुद्ध आहार मिलावट अभियान चल रहा है। इसके तहत अलग-अलग फर्म से खाद्य पदार्थ के सैंपल लिए गए। नमूनों की जांच के बाद लाल मिर्च पाउडर असुरक्षित पाए गए। वहीं दही, घी जांच रिपोर्ट में नॉन स्टैडर्ड पाए गए हैं। अब फ्रूड इंस्पेक्टर इन सभी जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले बनाकर कोर्ट में पेश किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विष्णुराम विश्नोई ने बताया- खाद्य सुरक्षा एवं औषधि कंट्रोल जयपुर के आयुक्त टी. शुभ मंगला एवं जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल के निर्देशन में जिले भर में शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान चलाया जा रहा है। फ्रूड इंस्पेक्टर राजेश कुमार जागिड़ ने जिले भर में अलग-अलग जगहों से लाल मिर्च, दही, लूज घी के सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को जांच के लिए पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री जोधपुर भेजे गए। जांच में लाल मिर्च पाउडर असुरक्षित, दही, लूज घी नॉन स्टैडर्ड सीएमएचओ विष्णुराम विश्नोई ने बताया- मैसर्स बशीर किराना स्टोर रामसर से खाद्य पदार्थ लाल मिर्च पाउडर की जांच रिपोर्ट में असुरक्षित पाया गया। वहीं मैसर्स कृष्णा होटल एंड रेस्टोरंट खाद्य पदार्थ दही और मैसर्स श्री शंखेश्वर ट्रेडिंग कंपनी हमीरपुरा बाड़मेर लूज घी अमानक पाए है। अब संबंधित फर्म के खिलाफ मामला बनाकर कोर्ट में पेश किया जाएगा।

मंत्री के नाम से फर्जी अकाउंट बना ठगी की कोशिश:सोशल मीडिया पर भेजे जा रहे मैसेज; संजय शर्मा बोले- किसी भी ऑफर पर भरोसा न करें

राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा के नाम से सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर ठगी की कोशिश का मामला सामने आया है। लोगों को मैसेज भेजकर निवेश योजनाओं और अलग – अलग ग्रुपों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इस पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद मंत्री संजय शर्मा ने खुद सोशल मीडिया के जरिए लोगों को सतर्क किया है। उन्होंने कहा- मेरे नाम और फोटो का दुरुपयोग कर एक फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट संचालित किया जा रहा है। यह अकाउंट लोगों को अलग-अलग संदेश भेजकर अलग – अलग ग्रुपों, निवेश योजनाओं और अन्य गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। फर्जी अकाउंट से मंत्री का कोई संबंध नहीं संजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि इस फर्जी अकाउंट का मेरा किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। ऐसे किसी भी संदेश, लिंक, निवेश संबंधी प्रस्ताव या वित्तीय लेनदेन के अनुरोध पर बिल्कुल भी भरोसा न करें। साथ ही अपनी बैंकिंग, ओटीपी, आधार या अन्य व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। मंत्री ने आमजन से यह भी अनुरोध किया कि अगर उनके नाम से संचालित ऐसा कोई फर्जी अकाउंट दिखाई दे तो उसे तुरंत संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें, ताकि साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके और अन्य लोगों को ठगी का शिकार होने से बचाया जा सके। साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध सोशल मीडिया प्रोफाइल या निवेश के लालच में आने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। बता दें कि प्रदेश में इन दिनों तबादलों का दौर चल रहा है। ऐसे समय में साइबर ठग मंत्री, अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम का दुरुपयोग कर लोगों से संपर्क साधने और ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद अब संजय शर्मा के नाम से ठगी करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

ईपीएफओ की नई योजनाओं से सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ा:अतिरिक्त केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त बोले- राजस्थान में 45 हजार युवाओं को 21 करोड़ की सहायता

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक व्यापक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई नई योजनाएं और सुधार लागू किए हैं। अतिरिक्त केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त और राजस्थान अंचल प्रमुख अजीत कुमार ने शुक्रवार को उदयपुर क्षेत्रीय कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया- नई योजनाओं से लाखों कर्मचारियों, युवाओं और संस्थानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया- केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 के तहत कर्मचारी भविष्य निधि योजना-2026, कर्मचारी पेंशन योजना-2026 और कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा (ईडीएलआई) योजना-2026 लागू की हैं। इनका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना और डिजिटल माध्यम से सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। अजीत कुमार ने बताया कि 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष कर्मचारी नामांकन अभियान चलाया जा रहा है। इससे ईपीएफ से वंचित पात्र कर्मचारियों को जोड़ा जाएगा। अभियान के तहत कर्मचारी अंशदान पूरी तरह माफ रहेगा और विलंब शुल्क केवल 100 रुपए रखा गया है। वहीं एमनेस्टी और विश्वास योजना के जरिए संस्थानों को लंबित अनुपालन मामलों के समाधान का अवसर मिलेगा। 45 हजार युवाओं को 21 करोड़ का दिया लाभ अजीत कुमार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की जानकारी देते हुए बताया- पहली बार औपचारिक रोजगार पाने वाले युवाओं और अतिरिक्त रोजगार देने वाले संस्थानों को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कुमार ने कहा कि राजस्थान में अब तक 45 हजार से अधिक युवाओं को करीब 21 करोड़ रुपए और 2,515 संस्थानों को लगभग 54 करोड़ रुपए का लाभ दिया जा चुका है। अजीत कुमार ने बताया- ईडीएलआई योजना के तहत कर्मचारियों के परिवार को 7 लाख रुपए तक का बीमा सुरक्षा लाभ मिलेगा। इसके अलावा सदस्य सेवाओं को आसान बनाने के लिए केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली, ऑनलाइन केवाईसी, प्रोफाइल अपडेट, स्वचालित दावा निस्तारण और बीमारी, शिक्षा, विवाह तथा आवास के लिए पात्र राशि का 75 प्रतिशत तक अग्रिम निकासी जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। उदयपुर में इतने संस्थान जुडे़ अजीत कुमार ने उद्योगों, नियोक्ताओं, कर्मचारियों और युवाओं से ईपीएफओ की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने तथा औपचारिक रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार में सहभागी बनने का आह्वान किया। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम पी.के. सिन्हा ने कहा- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत उदयपुर क्षेत्र में 4 हजार 722 में से 4,095 संस्थान योजना से जुड़ चुके हैं। वहीं 1,062 युवाओं के खातों में 49.21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि सीधे ट्रांसफर की गई है।

पनवाड़ पुलिस ने 12 सटोरिए गिरफ्तार किए:जुआ राशि 18 हजार 400 रुपए नकद और सट्टा पर्चियां जब्त, मामला दर्ज

झालावाड़ जिले में अवैध सट्टा कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पनवाड़ थाना पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने गुलाबंबर चौराहा स्थित एक मकान पर दबिश देकर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 18,400 रुपए नकद, सट्टा पर्चियां और अन्य उपकरण जब्त किए गए। थानाप्रभारी हरिशचंद ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने कार्रवाई की। मौके पर अवैध सट्टे का कारोबार संचालित पाया गया। सभी 12 आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हेमराज, बुलीराम नाागर, सांवरलाल, जगदीश,चन्द्र प्रकाश, मांगीलाल, हरीवल्लभ, रूप सिहं,चन्द्रप्रकाश, बलराम, धनराज, सुनील शामिल है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा के निर्देशन में और वृत्ताधिकारी गरिमा जिंदल के सुपरविजन में थाना प्रभारी हरिशचंद शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। पुलिस ने बताया कि जिले में अवैध जुआ और सट्टा गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

SET पास अभ्यर्थियों को पीएचडी में सीधे एडमिशन की मांग:कोटा यूनिवर्सिटी ने यूजीसी और राज्य सरकार को पत्र लिखा, कुलगुरु बोले- सकारात्मक निर्णय की उम्मीद

राजस्थान के स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। राज्य पात्रता परीक्षा (SET) पास करने वाले अभ्यर्थियों को अब नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट की तर्ज पर सीधे पीएचडी (PhD)में प्रवेश की पात्रता मिल सकती है। इसके लिए परीक्षा आयोजक कोटा यूनिवर्सिटी ने राज्य सरकार और यूजीसी को पत्र लिखकर इसकी पुरजोर वकालत की है। कोटा यूनिवर्सिटी के कुलगुरू प्रो. बीपी सारस्वत ने बताया- इस बार सेट परीक्षा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। प्रो. सारस्वत ने बताया कि आगामी 13 सितंबर को सेट परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। अभ्यर्थियों की सुविधा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इसके परीक्षा केंद्र केवल संभाग स्तर पर ही बनाए जाएंगे। कुलगुरू ने बताया कि परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अब तक करीब 70 हजार अभ्यर्थी फॉर्म भर चुके हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई है। प्रो. सारस्वत ने अभ्यर्थियों से अपील करते हुए कहा कि सभी अभ्यर्थी लास्ट डेट का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना फॉर्म भरें, ताकि लास्ट समय में किसी भी तकनीकी समस्या या सर्वर डाउन होने जैसी परेशानी से बचा जा सके। इस बार बढ़े विषय, 30 की जगह 37 सब्जेक्ट्स में एग्जाम यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस बार परीक्षा का दायरा भी बढ़ाया है। साल 2023 में जहां केवल 30 सालों के लिए सेट परीक्षा का आयोजन किया गया था, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 37 विषय कर दिया गया है। इससे अधिक से अधिक विषयों के छात्रों को राजस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का मौका मिलेगा। कुलगुरू प्रो. बीपी सारस्वत ने कहा कि हमारी टीम ने इस पर गंभीरता से विचार किया है। कुलगुरू प्रो. बीपी सारस्वत ने बताया- जब देश में नेट पास करने वाले अभ्यर्थी को पीएचडी एडमिशन के लिए सीधा पात्र माना जाता है तो राजस्थान के ‘सेट’ पास बच्चों को यह अधिकार क्यों नहीं मिलना चाहिए? हम सेट परीक्षा में भी उसी सिलेक्शन प्रोसिजर और कड़े मानकों का प्रयोग कर रहे हैं। जो नेट परीक्षा में अपनाए जाते हैं। कोटा यूनिवर्सिटी ने यूजीसी और राज्य सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि वे प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटीज को निर्देश जारी करें कि सेट पास अभ्यर्थियों को भी पीएचडी के लिए पात्र माना जाए। कुलगुरू ने पूरी उम्मीद जताते हुए कहा कि सरकार और यूजीसी से सकारात्मक निर्णय आने की उम्मीद है।

जालोर में 3.95 करोड़ के दो विकास कार्यों का शिलान्यास:स्टेडियम और सुंदेलाव तालाब बनेगा, गर्ग बोले- खेल संस्कृति मजबूत हो रही

जालोर में शुक्रवार को एक भव्य शिलान्यास कार्यक्रम हुआ। दो प्रमुख कार्यों शहीद भगत सिंह स्टेडियम और सुंदेलाव तालाब का शिलान्यास किया गया। यह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत हुआ। सौंदर्यकरण को बढ़ावा देने के लिए कुल 3.95 करोड़ के विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई। मुख्यअतिथि मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग और अध्यक्षता जालोर सांसद लुंबाराम चौधरी की। 50 प्रतिभाशाली युवाओं को तैयार कर रहे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया- सरकार ‘राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ के तहत वर्ष 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए 50 प्रतिभाशाली युवाओं को तैयार कर रही है। इसके साथ ही ‘खेलो राजस्थान’ जैसी योजनाओं, अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियमों, सिंथेटिक ट्रैक, टर्फ फील्ड और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देकर राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत किया जा रहा है। जनहित के कार्य सरकार की प्राथमिकता कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विशिष्ट अतिथि जालोर सांसद लुंबाराम चौधरी ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनहित के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कर रही है। वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में देश निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर है। इन प्रमुख कार्यों का हुआ शिलान्यास नगर परिषद आयुक्त शिवपाल सिंह राजपुरोहित ने बताया- दो प्रमुख कार्यों का शिलान्यास किया गया है। जिसमे शहीद भगत सिंह स्टेडियम और सुंदेलाव तालाब है। जिसमें शहीद भगत सिंह स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए 80 लाख की लागत से नए इंडोर टेबल टेनिस और बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण किया जाएगा। वहीं, सुदेलाव तालाब की स्वच्छता, सौंदर्यकरण और निकासी मार्ग के निर्माण पर 314.99 लाख खर्च किए जाएंगे। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

सीकर में डिपो-तिराहे से रीको-तिराहे तक सड़क चौड़ी होगी:नगर परिषद का प्रस्ताव 100 फीट का, व्यापारी बोले-80 फीट ही चौड़ाई करें, 5 सदस्यीय कमेटी देगी रिपोर्ट

सीकर शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर परिषद ने डिपो तिराहे से रीको तिराहे तक सड़क को चौड़ा करने की तैयारी की है। इसके तहत डिपो तिराहे से लेकर रीको तिराहे तक की सड़क को 100 फीट चौड़ा करने प्रस्ताव है। नगर परिषद ने इसके लिए पब्लिक नोटिस भी जारी कर दिए हैं। नगर परिषद के इस फैसले का स्थानीय व्यापारियों में विरोध बढ़ रहा है। नगर परिषद के इस फैसले का विरोध करने के लिए जयपुर रोड के प्रभावित व्यापारी बड़ी संख्या में नगर परिषद कार्यालय शुक्रवार को पहुंचे। व्यापारियों ने कहा- यदि सड़क को 100 फीट चौड़ा किया गया तो उनकी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। इससे सालों से यहां व्यापार कर रहे सैकड़ों दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। व्यापारियों ने परिषद के सामने अपनी मांग रखते हुए सड़क को 100 फीट के बजाय 80 फीट ही करने की मांग की है। सड़क के दोनों तरफ 50-50 फीट चौड़ा करने का प्रस्ताव नगर परिषद सड़क के केंद्र (सेंटर पॉइंट) से दोनों तरफ 50-50 फीट चौड़ाईकरण का प्रस्ताव लिया है। व्यापारियों की मांग है कि इसे घटाकर सेंटर पॉइंट से दोनों तरफ 40-40 फीट किया जाए, ताकि उनका नुकसान कम से कम हो। नगर परिषद कमिश्नर शशिकांत शर्मा ने व्यापारियों से कहा- शहर के विकास और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करना जरूरी है। डिपो तिराहे से रीको तिराहे तक आए दिन लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से जनता परेशान है। इस समस्या को स्थाई रूप से खत्म करने के लिए सड़क का चौड़ाईकरण जरूरी है और इसके लिए अतिक्रमण को हटाया जाएगा। 5 सदस्यों की बनेगी कमेटी व्यापारियों के विरोध को देखते हुए कमिश्नर शशिकांत शर्मा ने कहा- इस मामले के शांतिपूर्ण समाधान के लिए संयुक्त 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में नगर परिषद के अधिकारियों के साथ-साथ व्यापारियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह कमेटी मौके का मुआयना करेगी और दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर ही सड़क चौड़ाईकरण की सीमा तय की जाएगी। ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रदीप पारीक महावीर चौधरी, सुनील सैनी, राधेश्याम टांक, रमेश सोनी, महावीर गोरा, नंदलाल शर्मा, मालीराम पारीक सुभाष खीचड़, बबलू कुमावत आदि शामिल थे।

दौसा में लग्जरी स्लीपर बसों के चालान काटे:जांच टीम ने फीते से नापी बसों की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई; नियमों के उल्लंघन पर की कार्रवाई

दौसा में लग्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ चलाया जा रहा विशेष अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर संयुक्त निरीक्षण दल ने शुक्रवार को जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे स्थित भाण्डारेज इंटरचेंज के पास नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों पर सख्त कार्रवाई की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संतोष अग्रवाल ने बताया कि अभियान के दौरान एआईएस, मोटर वाहन अधिनियम एवं राज्य सरकार की एसओपी-2024 के तहत बसों की गहन जांच की गई। निरीक्षण दल ने स्लीपर बसों की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई फीते से नापकर निर्धारित मानकों की जांच की। जांच में कई बसों में अनाधिकृत संरचनात्मक परिवर्तन, निर्धारित मापदंडों का उल्लंघन, अग्निशमन यंत्रों की कमी, पर्याप्त आपातकालीन निकास द्वार नहीं होना तथा अन्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई। इस पर संबंधित बसों को जब्त कर चालान बनाए गए। आरटीओ जगदीश अमरावत ने बताया कि अभियान का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, यात्रियों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा नियमों के विपरीत संचालित लक्जरी एवं स्लीपर बसों पर अंकुश लगाना है। निरीक्षण दल में यातायात प्रभारी गोपाल शर्मा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के एक्सईएन फूल सिंह मीणा सहित परिवहन एवं यातायात विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

पांचना पुल से नदी में कूदा युवक, मौत:घर से नदी में नहाने की कहकर निकला था, करौली में रहकर पढ़ाई कर रहा था

करौली-हिंडौन मार्ग स्थित पांचना पुल से नदी में कूदने से एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद युवक को नदी से निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। करौली अस्पताल पुलिस चौकी प्रभारी इंदर सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान अतर सिंह (19) पुत्र ओमीलाल जाटव के रूप में हुई है। वह मंडाखेड़ा का निवासी था और वर्तमान में पांडे का कुआं, करौली में रह रहा था। अतर सिंह पढ़ाई कर रहा था। मृतक के पिता ओमीलाल जाटव ने मर्ग रिपोर्ट में बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे अतर सिंह पांचना नदी पर नहाने के लिए घर से निकला था। दोपहर में उन्हें उसके नदी में डूबने से मौत होने की सूचना मिली। परिजनों ने जिला अस्पताल पहुंचकर शव की शिनाख्त की। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से युवक को नदी से बाहर निकाला गया और जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। आवश्यक पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने इस संबंध में मर्ग दर्ज कर घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक के परिवार में एक बड़ा भाई भी है, जो राजस्थान से बाहर नौकरी करता है।