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चप्पल उतारकर चोरी की; तिसाया के रघुनाथजी मंदिर में दो छत्र और एक मुकुट ले गया चोर

भास्कर न्यूज| बारां सदर थानाक्षेत्र में तिसाया स्थित भगवान रघुनाथजी मंदिर में शुक्रवार देर रात करीब 3 बजे चोरी की वारदात हुई। अज्ञात चोर मंदिर से दो छत्र एवं एक मुकुट चोरी कर ले गया। खास बात यह रही कि चोर ने वारदात से पहले अपने चप्पल उतारे और उसके बाद मंदिर में प्रवेश किया। जाते समय जल्दबाजी में चप्पल और गमछा वहीं छोड़ गया। मंदर में देव प्रतिमाओं पर तीन छत्र लगे हुए थे। जिनमें से दो छत्र और मुकुट चुरा ले गया। जबकि एक छत्र को वहीं छोड़ गया। सुब​ह उसके चप्पल भी मंदिर की सीढियों के नीचे खुले मिले। गमछा भी वहीं पड़ा मिला। जिससे उसकी पहचान से जुड़े अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

मरीजों की लगी लंबी कतारें:6 साल बाद भी सुपर स्पेशलिटी में फार्मासिस्ट का एक भी पद नहीं, उधार के स्टाफ से चल रहे 7 डीडीसी

आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल (एसएसएच) में दवा लेने के लिए मरीजों की कतारें दिनों-दिन लंबी होती जा रही हैं, लेकिन इसके पीछे की जो प्रशासनिक वजह चौंकाने वाली है। एसएसएच को खुले करीब 6 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक यहां के दवा वितरण केंद्रों (डीडीसी) के लिए सरकार स्तर से फार्मासिस्ट का एक भी पद स्वीकृत नहीं किया गया है। अभी सिर्फ व्यवस्थार्थ यानी अस्थायी तालमेल के जरिए काम चलाया जा रहा है। अस्पताल में व्यवस्था बनाने के लिए टीबी हॉस्पिटल (बड़ी) से तीन फार्मासिस्ट उधार लिए गए हैं। वहीं सीएमएचओ कार्यालय से दो फार्मासिस्ट भेजे गए हैं, लेकिन उन्होंने खुद को फर्स्ट ग्रेड बताते हुए दवा बांटने (डिस्पेंसिंग) का काम करने से इनकार कर दिया है। इसके चलते वे अस्पताल में ड्यूटी तो दे रहे हैं, लेकिन मूल कार्य नहीं कर रहे हैं। वर्तमान में खिड़कियों को संभालने के लिए एमबी हॉस्पिटल से 7 नियमित और 8 ठेके पर कार्यरत फार्मासिस्ट लेकर जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। अस्पताल में यहां हैं दवा केंद्र दावे फेल : दो दिन में काउंटर खोलने की बात कही थी, अब तक नहीं खुले मरीजों की लगातार बढ़ती भीड़ के बावजूद सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में अब तक कोई नया दवा काउंटर नहीं खुल सका है। जबकि अस्पताल अधीक्षक डॉ. विपिन माथुर ने दो दिन में काउंटर शुरू करने का दावा किया था। अस्पताल में विशेषकर सोमवार, गुरुवार और शनिवार को मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे मौजूदा काउंटर नाकाफी साबित हो रहे हैं। जरूरत इसलिए… अब आईएचएमएस में जुड़ेंगी डिजिटल पर्चियां, नेट धीमा हुआ तो बढ़ेगी आफत आने वाले दिनों में आईएचएमएस सॉफ्टवेयर में अब डॉक्टरों की पर्चियां सीधे डिजिटल माध्यम से जुड़ेंगी। डॉक्टर मरीज का जो पर्चा ऑनलाइन तैयार करेंगे, वही सीधे डीडीसी काउंटर के कंप्यूटर पर खुलेगा और फार्मासिस्ट उसी आधार पर दवा देगा। इसके लिए डॉक्टरों को टैबलेट, नेट कनेक्शन और कंप्यूटर ऑपरेटर दिए जाएंगे। इस व्यवस्था में पेंच यह है कि यदि इंटरनेट की स्पीड धीमी रही या सर्वर डाउन हुआ तो दवा वितरण प्रक्रिया ठप हो जाएगी। 2 माह के लिए मिले फार्मासिस्ट, काम नहीं करेंगे तो क्या फायदा? हमें सीएमएचओ कार्यालय से सिर्फ दो महीने के लिए फार्मासिस्ट दिए गए हैं। यदि वे भी काम नहीं करेंगे तो हमारे किस काम के? इस पर जल्द ही उच्च स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। मरीजों की सुविधा के लिए ओपीडी और डीडीसी के सामने दो स्क्रीन डिस्प्ले लगा रहे हैं, ताकि लोग बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर सकें। प्रधानाचार्य से अस्पताल की पीछे वाली गली में खाली पड़ी एक डीडीसी जगह मांगी गई है। वहां काउंटर शुरू होते ही मुख्य भवन का भार कम हो जाएगा। बुजुर्गों के लिए बेंच लगाई जा रही हैं। सरकार को फार्मासिस्ट के पदों की स्वीकृति के लिए कई बार प्रस्ताव भेजे हैं।
-डॉ. विपिन माथुर, अधीक्षक, एसएसएच

श्री चन्द्र सागर दिगम्बर जैन माध्यमिक विद्यालय शहर में बच्चों ने लगाए पौधे

सवाईमाधोपुर| श्री चन्द्र सागर दिगम्बर जैन माध्यमिक विद्यालय शहर में हरियाली बचाओ-भविष्य बचाओ अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य, शिक्षक और छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढकर भाग लिया। अभियान के तहत विद्यालय परिसर में फल और फूलों के पौधें लगाए गए। साथ ही पौधों के रखरखाव का संकल्प भी लिया।

प्रदेश में केवल 100 सीटों पर ही प्रवेश की व्यवस्था:ग्रेड थर्ड पीटीआई बनने की राह आसान; राजस्थान में डीपीएड की 3200 नई सीटों को सरकार की मंजूरी

राजस्थान में ग्रेड थर्ड पीटीआई बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने शारीरिक शिक्षा में दो वर्षीय डिप्लोमा (डीपीएड) की सीटों में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। सरकार ने प्रदेश में करीब 3200 नई सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है तो अगले शैक्षणिक सत्र 2027-28 से कई नए संस्थानों में डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू हो सकेगा। वर्तमान में राजस्थान में डीपीएड पाठ्यक्रम केवल दो संस्थानों में संचालित हो रहा है। इनमें राजकीय शारीरिक शिक्षा कॉलेज, जोधपुर और प्रतापगढ़ का एक निजी संस्थान शामिल है। दोनों संस्थानों में 50-50 सीटें हैं। यानी पूरे प्रदेश में अभी केवल 100 सीटों पर ही प्रवेश की व्यवस्था है। पोर्टल खुला; 52 संस्थानों ने आवेदन भी किया राज्य सरकार का कहना है कि सालों बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने नए संस्थानों के लिए आवेदन का पोर्टल खोला है। इसके बाद राजस्थान से 52 संस्थानों ने डीपीएड शुरू करने के लिए आवेदन किया है। इनमें कुछ संस्थानों ने 50 तो कुछ ने 100 सीटों की मांग की है। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने करीब 3200 नई सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया, जिसे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। आवेदन करने वाले सभी संस्थानों का अब राज्य सरकार की ओर से भौतिक सत्यापन (फिजिकल वैरिफिकेशन) कराया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर को इसके लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। तीन अधिकारियों की टीम प्रत्येक संस्थान का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण में एनसीटीई के निर्धारित मानकों के अनुसार सुविधाएं मिलने पर ही राज्य सरकार एनओसी जारी करेगी। इसके बाद संबंधित संस्थान को डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति मिल सकेगी। प्रदेश में खाली हैं 2500 पीटीआई पद शिक्षा विभाग के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में थर्ड ग्रेड पीटीआई के करीब 2500 पद रिक्त हैं। सरकार का मानना है कि डीपीएड संस्थानों और सीटों की संख्या बढ़ने से आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवा उपलब्ध होंगे, जिससे स्कूलों में रिक्त पदों को भरने में भी आसानी होगी। नए संस्थानों में अगले साल से शुरू होगा डिप्लोमा शिक्षा विभाग के अनुसार जोधपुर के सरकारी कॉलेज में इस वर्ष प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति पहले ही दी जा चुकी है। वहीं नए संस्थानों में सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगले शैक्षणिक सत्र से डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू किया जा सकेगा। डीपीएड पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए किसी भी संस्थान का राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त होना अनिवार्य है। साथ ही राज्य सरकार की ओर से एनओसी जारी होने के बाद ही इस डिप्लोमा को सरकारी नौकरियों के लिए वैध माना जाएगा।

युवाओं को दी सीख; नशे से दूर रहकर अपना भविष्य संवारें,स्वस्थ जीवन शैली ही अपनाएं

भास्कर न्यूज| बारां राजकीय महाविद्यालय बारां में विद्यार्थियों के लिए नई किरण नशा मुक्ति विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. रोहित गोठवाल ने युवाओं को नशे की लत से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी नशे के चंगुल से बचकर ही एक स्वस्थ जीवन शैली अपना सकती है और अपने जीवन को उज्जवल बना सकती है। विशिष्ट अतिथि असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शमशाद अली ने कहा कि नशा न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक और सामाजिक तौर पर भी व्यक्ति को पूरी तरह कमजोर बना देता है। इससे हंसता-खेलता परिवार और कॅरियर दोनों तबाह हो जाते हैं। प्राचार्य प्रोफेसर रामकेश मीणा ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे कॉलेज जीवन में किसी भी प्रकार के नशे या गलत संगत से खुद को दूर रखें। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। असिस्टेंट प्रोफेसर विवेक नागर ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान नशा मुक्ति केंद्र के सदस्यों सहित असिस्टेंट प्रोफेसर चंदनमल मेघवाल, संदीप बुगालिया, केदार प्रसाद मीणा और कॉलेज के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर-कुमावत कंस्ट्रक्शन की पहल, 74 हेक्टेयर में पौधरोपण का संकल्प

पर्यावरण को जीवन का आधार मानने और धरती को नया जीवन देने के संकल्प के साथ दैनिक भास्कर के देशव्यापी सामाजिक अभियान एक पेड़, एक जिंदगी के तहत एक पीपली आचार्यन में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम हुआ। कुमावत कंस्ट्रक्शन के सहयोग से बजरी लीज एरिया (कुल क्षेत्रफल 74.9720 हेक्टेयर) में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए पौधरोपण वर्ष 2026-27 का विधिवत आगाज हुआ। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों, संस्था के पदाधिकारियों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने अपने हाथों में विभिन्न प्रजातियों के पौधे थामकर न केवल प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की, बल्कि इस अभियान को एक जन-आंदोलन बनाने का संकल्प भी दोहराया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने दैनिक भास्कर के एक पेड़, एक जिंदगी अभियान की सराहना करते हुए कहा कि पेड़ हमारे जीवनदाता हैं। जिस तरह हम अपने जीवन को सहेजते हैं, उसी तरह हमें इस धरती पर कम से कम एक पौधा लगाकर उसे जिंदगी देने का प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने रोपे गए पौधों को ट्री-गार्ड के जरिए सुरक्षित करने और उनकी नियमित सिंचाई व देखभाल करने की भी शपथ ली। इस दौरान नीम, शीशम, और पीपल जैसे औषधीय व छायादार पौधों का रोपण व वितरण किया गया। इस दौरान छगनलाल कुमावत, हितेश कुमावत, पीपली उपसरपंच मुकेश कुमावत, राजसिंह जाट, देवेंद्र गुर्जर, भगवतसिंह, मंगनीराम कुमावत, कन्हैयालाल माली, किशनलाल धोबी, पवन कुमावत, गणपत नायक, देवसिंह, दीपककुमार पारीक, कालीचरण गुर्जर, जावेद पठान, नरेश तेली सहित कई लोग मौजूद थे। एक पेड़, एक जिंदगी अभियान के तहत बजरी लीज एरिया में महकी हरियाली की उम्मीद।

नशे के खिलाफ भास्कर मुहिम पर असर:प्रतापगढ़ मॉडल पर प्रदेश… 6 महीने में ड्रग माफिया की ‌‌60 करोड़ की संपत्ति सीज हुई, बंगले-घर जमींदोज किए

मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने तस्करों के साम्राज्य को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। प्रदेश में इस साल एनडीपीएस एक्ट के तहत 58 कार्रवाई करते हुए 60 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति को फ्रिज किया गया है। 32 करोड़ की फ्रीज प्रॉपर्टी प्रतापगढ़ व झालावाड़ की है। अभियान की शुरुआत प्रतापगढ़ के तत्कालीन एसपी अमित कुमार के कार्यकाल में हुई थी। इसे अब पूरे राज्य में लागू कर किया गया है। इस साल सबसे बड़ी कार्रवाई प्रतापगढ़ और झालावाड़ में हुई। प्रतापगढ़ में 6 बड़े मामलों में संलिप्त अपराधियों और नशा माफियाओं की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया। करीम, धर्मचंद, उस्मान, शाहरूख और याकूब के आलीशान फार्महाउसों को जमींदोज किया गया। प्रतापगढ़-झालावाड़ में 32 करोड़ की संपत्ति फ्रीज तस्करी से कमाई अवैध संपत्तियों को कुर्क करने के मामले में प्रतापगढ़ शीर्ष पर है। यहां 10 बड़ी कार्रवाइयां की गई, जिनमें तस्करों की 16.75 करोड़ रुपए की संपत्ति को फ्रिज किया गया। हाड़ौती और मेवाड़ में तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान चलाया गया है।

आरपीएससी परीक्षा के लिए 7 दिन दौड़ेंगी 4 स्पेशल ट्रेनें: बारां व झालावाड़ के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत

भास्कर न्यूज| बारां राजस्थान लोक सेवा आयोग की वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने 12 से 18 जुलाई तक प्रतिदिन दो जोड़ी परीक्षा स्पेशल अनारक्षित ट्रेनों के संचालन का निर्णय किया है। इन ट्रेनों के संचालन से बारां, अटरू, अंता, छबड़ा, झालावाड़ और आसपास के क्षेत्रों के हजारों अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र कोटा तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। रेलवे के अनुसार गाड़ी संख्या 09803/09804 अकलेरा-कोटा-अकलेरा तथा गाड़ी संख्या 09802/09801 छबड़ा गुगोर-सोगरिया-छबड़ा गुगोर के बीच विशेष ट्रेनों का संचालन होगा। सभी ट्रेनें अनारक्षित श्रेणी की होंगी। जिले के छबड़ा गुगोर से चलने वाली परीक्षा स्पेशल ट्रेन सुबह 4:30 बजे रवाना होकर बारां स्टेशन पर सुबह 5:30 बजे, अंता पर 6:03 बजे आएगी। यहां से सुबह 7:30 बजे सोगरिया पहुंचेगी। वहीं वापसी में सोगरिया से शाम 7:15 बजे रवाना होकर बारां रात 8:26 बजे पहुंचेगी। रात 10 बजे छबड़ा गुगोर पहुंचेगी। अकलेरा-कोटा स्पेशल ट्रेन सुबह 3:05 बजे अकलेरा से रवाना होकर सुबह 6:25 बजे कोटा पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन रात 8:30 बजे कोटा से चलकर रात 12:25 बजे अकलेरा पहुंचेगी। प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त स्टाफ रहेगा रेल प्रशासन ने बताया कि परीक्षा अवधि में भीड़ प्रबंधन के लिए प्रमुख स्टेशनों पर टिकट जांच कर्मचारियों और रेलवे सुरक्षा बल के अतिरिक्त जवान तैनात किए जाएंगे। अभ्यर्थियों से टिकट लेकर यात्रा करने और परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का उपयोग करने की अपील की गई है।

ब्राह्मण समाज वैर की बैठक आज, नए अध्यक्ष के चुनाव पर होगी चर्चा

वैर| ब्राह्मण समाज वैर के नए अध्यक्ष के चुनाव को लेकर रविवार, 12 जुलाई 2026 को समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक शाम 4:00 बजे मंदिर श्री दामोदर जी महाराज में होगी। बैठक के संयोजक मुरारी लाल शर्मा ने बताया कि श्री इन्द्रमोहन दत्तात्रेय के त्यागपत्र से रिक्त हुए अध्यक्ष पद पर नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। साथ ही समाज के सर्वांगीण विकास को नई दिशा और दशा देने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। उल्लेखनीय है ब्राह्मण समाज के चुनाव 1 महीने में करने के लिए पूर्व में प्रस्ताव पास किया जा चुका है। तब तक के लिए मुरारी लाल शर्मा को संयोजक बनाया गया था। उन्होंने ब्राह्मण समाज के सभी सदस्यों से समय पर बैठक में उपस्थित होकर अपने सुझाव एवं सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है। समाज के लोगों ने बताया बैठक में चुनाव से जुड़े मुद्दों पर विमर्श किया जाएगा।

गहराया प्रिंसिपलों का संकट, 22 बाहर गए, आए सिर्फ 7

भास्कर न्यूज | राजसमंद शिक्षा विभाग की हाल ही में जारी प्रिंसिपलों की तबादला सूची के बाद राजसमंद जिले में प्रिंसिपलों की कमी और बढ़ गई है। नई सूची के अनुसार जिले के 49 प्रिंसिपलों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें 20 प्रिंसिपलों को राजसमंद से अन्य जिलों में भेजा गया, जबकि दो प्रिंसिपलों का तबादला टाडा क्षेत्र में हुआ। इसके अलावा 20 प्रिंसिपलों का जिले के भीतर ही एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण किया गया। दूसरी ओर, अन्य जिलों से केवल सात प्रिंसिपलों की ही राजसमंद में पदस्थापना हुई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में प्रिंसिपलों के 378 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 181 पदों पर ही नियमित प्रिंसिपल कार्यरत हैं। यानी 197 पद पहले से ही रिक्त हैं। ऐसे में 22 प्रिंसिपलों के जिले से बाहर चले जाने से स्कूलों की व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की आशंका है। कई राजकीय विद्यालयों में नियमित प्रिंसिपल नहीं होने से वरिष्ठ व्याख्याताओं या कार्यवाहक प्रभार के भरोसे प्रशासनिक कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इससे शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी, बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, स्टाफ समन्वय और विद्यालय प्रबंधन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। डॉ. राकेश तैलंग, सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी, राजसमंद नियमित प्रिंसिपल नहीं होने से शैक्षणिक गुणवत्ता, बोर्ड परीक्षा की तैयारी, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, शिक्षकों का समन्वय और विद्यालय प्रबंधन प्रभावित होता है। कार्यवाहक व्यवस्था में केवल आवश्यक प्रशासनिक कार्य पूरे हो पाते हैं, जबकि दीर्घकालीन शैक्षणिक योजना, नवाचार, अभिभावकों से संवाद और कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होते हैं। इसका सीधा असर विद्यालय की कार्य संस्कृति और बच्चों के परिणामों पर होता है।