गहराया प्रिंसिपलों का संकट, 22 बाहर गए, आए सिर्फ 7
भास्कर न्यूज | राजसमंद शिक्षा विभाग की हाल ही में जारी प्रिंसिपलों की तबादला सूची के बाद राजसमंद जिले में प्रिंसिपलों की कमी और बढ़ गई है। नई सूची के अनुसार जिले के 49 प्रिंसिपलों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें 20 प्रिंसिपलों को राजसमंद से अन्य जिलों में भेजा गया, जबकि दो प्रिंसिपलों का तबादला टाडा क्षेत्र में हुआ। इसके अलावा 20 प्रिंसिपलों का जिले के भीतर ही एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण किया गया। दूसरी ओर, अन्य जिलों से केवल सात प्रिंसिपलों की ही राजसमंद में पदस्थापना हुई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में प्रिंसिपलों के 378 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 181 पदों पर ही नियमित प्रिंसिपल कार्यरत हैं। यानी 197 पद पहले से ही रिक्त हैं। ऐसे में 22 प्रिंसिपलों के जिले से बाहर चले जाने से स्कूलों की व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की आशंका है। कई राजकीय विद्यालयों में नियमित प्रिंसिपल नहीं होने से वरिष्ठ व्याख्याताओं या कार्यवाहक प्रभार के भरोसे प्रशासनिक कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इससे शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी, बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, स्टाफ समन्वय और विद्यालय प्रबंधन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। डॉ. राकेश तैलंग, सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी, राजसमंद नियमित प्रिंसिपल नहीं होने से शैक्षणिक गुणवत्ता, बोर्ड परीक्षा की तैयारी, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, शिक्षकों का समन्वय और विद्यालय प्रबंधन प्रभावित होता है। कार्यवाहक व्यवस्था में केवल आवश्यक प्रशासनिक कार्य पूरे हो पाते हैं, जबकि दीर्घकालीन शैक्षणिक योजना, नवाचार, अभिभावकों से संवाद और कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होते हैं। इसका सीधा असर विद्यालय की कार्य संस्कृति और बच्चों के परिणामों पर होता है।

