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महात्मा गांधी हॉस्पिटल में OPD पर्ची से पहले मिलेगा टोकन:टीवी स्क्रीन पर दिखेगा डॉक्टर से मिलने का नंबर, रिपोर्ट भी ऑनलाइन मिलेगी

जोधपुर के सबसे पुराने महात्मा गांधी हॉस्पिटल में मरीजों की सुविधा के लिए OPD व्यवस्था को डिजिटल बनाया जा रहा है। अब मरीजों को ओपीडी में पर्ची बनवाने के लिए लाइन में नहीं लगना होगा और न ही डॉक्टर चैंबर के बाहर उसे खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना होगा। हॉस्पिटल में जल्द ही क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू हो रहा है। इसके तहत अब मरीजों को OPD पर्ची बनवाने से पहले टोकन दिया जाएगा और अस्पताल में लगी टीवी स्क्रीन पर डॉक्टर से मिलने का नंबर दिखाई देगा। इसके साथ ही जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भीड़ प्रबंधन में भी आसानी होगी। टोकन से टीवी स्क्रीन पर ही मरीज को पता चल जाएगा कि उसे ओपीडी पर कब जाना है। इतना ही नहीं मरीज को कौनसे डॉक्टर के पास कब जाना है, ये भी स्क्रीन पर दिखाई देगा और उसका अनाउंसमेंट भी होगा। इसके साथ ही हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों की रिपोर्ट ऑनलाइन करने की भी तैयारी की जा रही है। पढ़िए, 93 साल पुराने हॉस्पिटल में कैसे बदलेगी व्यवस्था… पहले क्या होता था: अभी तक ओपीडी में पर्ची के​ लिए मरीज या फिर उनके परिजनों को लाइन में लगना पड़ता है। इसके लिए घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद जब डॉक्टर को दिखाना होता है, तब भी ये ही हालात बनते है। अब क्या होगा: अब मरीज को सीधे ओपीडी काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले उसे टोकन लेना होगा। इसी टोकन से उसकी ओपीडी पर्ची भी जनरेट होगी और डॉक्टर को दिखाने का नंबर भी इस टोकन से जनरेट होगा। लाइन में खड़े होकर नहीं करना होगा इंतजार महात्मा गांधी हॉस्पिटल के सुपरिडेंटेंड फतेह सिंह भाटी ने बताया- मरीजों को हॉस्पिटल में आते ही पहले टोकन लेना होगा। ओपीडी ब्लॉक पर ही चार स्क्रीन लगाई गई है। यहीं पर टोकन मशीन भी है, जहां से टोकन नंबर जनरेट होगा। इसके बाद उसे लाइन में खड़ा नहीं होना है। वहीं पर बैठने की व्यवस्था की जा रही है। ओपीडी ब्लॉक के साथ हॉल में एक बड़ी स्क्रीन लगाई गई है। टोकन नंबर जैसे ही उस स्क्रीन पर आएगा, तब उसे ओपीडी काउंटर पर जाना है। ये ऑडिबल भी होगा यानी मरीज का टोकन नंबर क्या है, उसका नंबर आने पर अनाउंसमेंट भी होगा। यहां जैसे ही अपने आभा नंबर या दूसरी डिटेल देगा उसकी ओपीडी पर्ची जनरेट हो जाएगी। डॉक्टर चैंबर के बाहर भी खड़े रहने की जरूरत नहीं, स्क्रीन बता देगी कब आएगा नंबर मरीज को कौनसे रूम और कौनसे डॉक्टर के पास जाना है ये ओपीडी पर्ची में होगा। इसके बाद यहां जाकर भी लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में सभी डिपार्टमेंट की ओपीडी के बाहर स्क्रीन लगाई गई है। टोकन नंबर के आधार पर मरीजों की बारी आएगी। जैसे ही मरीज का नंबर आएगा स्क्रीन पर उसका टोकन नंबर और नाम अनाउंसमेंट हो जाएगा। मरीजों का बनेगा आभा कार्ड, ऑनलाइन मिलेगी सुविधा डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया कि पूरे हॉस्पिटल में ऐसी 22 छोटी स्क्रीन लगाई गई है। इसके अलावा तीन बड़ी स्क्रीन अलग से है। इन स्क्रीन पर मरीजों को लगातार अपडेट मिलती रहेगी। उन्होंने बताया कि आभा नंबर से अब मरीजों की डिटेल्स अपडेट होगी। यदि किसी का आभा कार्ड नहीं बना है तो इसके लिए ओपीडी ब्लॉक में ही एक व्यक्ति को अपॉइंट करेंगे, जो उसी समय मरीज का आभा कार्ड भी बना देगा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में ये प्रयास किया जा रहा है कि मरीज को उसकी सारी जांच रिपोर्ट ऑनलाइन ही मिल जाएगी। इसके लिए भी काम शुरू कर दिया है। मरीजों को उनकी ऑनलाइन रिपोर्ट हॉस्पिटल की वेबसाइट से मिलेगी।

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