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एसपी ने पूंछरी में सुरक्षा का लिया जायजा:गुरु पूर्णिमा मेले से पहले व्यवस्थाएं परखीं, तैयारियां जांची

डीग जिले में 22 से 29 जुलाई तक आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा मेले की तैयारियों को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. ने बुधवार को पूंछरी क्षेत्र का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसपी ने पूंछरी परिक्रमा मार्ग, प्रमुख मंदिरों और अन्य दर्शनीय स्थलों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए गए इंतजामों की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। एसपी ने बताया कि मेले के दौरान 24 घंटे निर्बाध सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डीग जिले की सीमा में आने वाले पूरे परिक्रमा मार्ग और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। यह तैनाती दिन और रात, दो पारियों में की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।

सलूंबर के 6 स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर:852 बच्चों को नशे के बुरे प्रभावों के बारे में बताया, 'कोर्ट वाली दीदी पेटी' लगाई

सलूंबर में युवाओं को नशे की लत से बचाने और उज्जवल भविष्य को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जागरूकता अभियान चलाया। ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’ के तहत ‘से नो टू ड्रग्स, से यस टू योर ड्रीम्स’ विषय पर केंद्रित इस अभियान में न्यायिक अधिकारियों ने स्वयं विद्यालयों में पहुंचकर स्टूडेट्स को नशे के बुरे प्रभावों के बारे में बताया। 852 स्टूडेंट्स को नशे के बुरे प्रभावों के बारे में बताया इन शिविरों के दौरान स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बस्सी सिंघावत, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डाल, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सेरिया, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सराडा समेत निजी स्कूल के 852 स्टूडेंट्स को नशे के बुरे प्रभाव, मानसिक एवं शारीरिक नुकसान तथा सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। नशे जैसी बुराईयों से दूर रहने का संदेश कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय सिंह महावर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रप्रकाश पाटीदार, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योतिपुरी, न्यायिक मजिस्ट्रेट तन्मय जोशी तथा सराडा के न्यायिक मजिस्ट्रेट सौम्य कुमार सिंह ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, लक्ष्य निर्धारित करने और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया। सुझाव पेटिका लगाई गई सचिव विनीत कुमार ने बताया-राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की अभिनव पहल ‘कोर्ट वाली दीदी’ के तहत सभी विद्यालयों में शिकायत एवं सुझाव पेटियां स्थापित की गई हैं। इन पेटियों के माध्यम से विद्यार्थी अपनी किसी भी समस्या या शिकायत को पूरी गोपनीयता के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तक पहुंचा सकेंगे, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। हेल्पलाइन नंबर के बारे में बताया इस अवसर पर स्टूडेंट्स को रालसा द्वारा प्रकाशित जागरूकता पुस्तिकाएं एवं पैम्फलेट वितरित किए गए। इन पुस्तिकाओं को विद्यालयों के व्हाट्सएप समूहों में भी साझा किया गया। विद्यार्थियों को नालसा टोल फ्री हेल्पलाइन 15100 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी भी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे कानूनी एवं अन्य सहायता प्राप्त कर सकें। नशा मुक्त जीवन अपनाने का संकल्प कार्यक्रम में चीफ एलएडीसी महेश कुमार जोशी, असिस्टेंट एलएडीसी संचित सुहालका,फाल्गुनी शर्मा,कनिष्ठ सहायक ऋषिकेश मीणा,विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं स्टाफ मौजूद रहे।जिलेभर में आयोजित इन छह शिविरों से करीब 852 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए,जिन्होंने नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लिया।

छोटी सादड़ी में पेपर लीक पर कांग्रेस का प्रदर्शन:प्रधानमंत्री का पुतला जलाया, पूर्व मंत्री आंजना ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

छोटीसादड़ी में बुधवार को कांग्रेस ने पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन गांधी चौराहे पर किया गया। पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कथित पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी और मामले पर संसद में चर्चा कराने की मांग की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उदयलाल आंजना ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता आवश्यक है और युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इस दौरान आंजना ने छोटीसादड़ी पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पुलिस पर फर्जी केस दर्ज करने, अवैध वसूली करने और लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया।

'एक स्वस्थ व्यक्ति बचा सकता है 8 लोगों की जान':अंगदान की शपथ मामले में झुंझुनूं सबसे आगे, नर्सिंग स्टूडेंट्स ने निकाली जागरूकता रैली

एक स्वस्थ व्यक्ति मारने के बाद भी अपने अंगों का दान करके 8 जरूरतमंद लोगों की जिंदगी बचा सकता है। झुंझुनूं जिला अंगदान की शपथ लेने के मामले में राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान पर है। इसी प्रेरणा और उद्देश्य के साथ अंगदान ही महादान है के संकल्प को जन-जन तक पहुंचने के लिए झुंझुनूं में राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने एक जागरूकता रैली निकाली। राजकीय बीडीके अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक निकाली गई इस रैली का मुख्य उद्देश्य आमजन को अंगदान के प्रति जागरूक करना और समाज को जीवन बचाने का संदेश देना रहा, जिसमें युवाओं और चिकित्सा कर्मियों ने हिस्सा लिया। नारे लिखी पट्टियां लेकर चले ​रैली की शुरुआत राजकीय बीडीके अस्पताल परिसर से हुई। इसे बीडीके अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) एवं अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान पीएमओ डॉ. भाम्बू ने कहा कि अंगदान-महादान कि मुहिम में युवाओं और आमजन द्वारा सक्रिय भागीदारी निभाना अत्यंत अनुकरणीय और सराहनीय कदम है। यह झुंझुनूं जिलेभर के आमजन की उच्च जागरूकता का परिचायक है, जिससे अनेकों लोगों को नया जीवनदान मिला है। रैली बीडीके अस्पताल परिसर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुँची। इसके बाद कलेक्ट्रेट से रोड नंबर 1 के रास्ते होते हुए पुनः बीडीके अस्पताल पहुंचकर संपन्न हुई। नर्सिंग विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां और नारे लिखी पट्टियां लेकर शहरवासियों को अंगदान के महत्व के बारे में बताया। अस्पताल की ओपीडी में आए रोगियों और उनके परिजनों को भी इस महाअभियान से जुड़ने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया गया। ​एक स्वस्थ व्यक्ति बचा सकता है 8 लोगों की जान ​रैली के दौरान शहरवासियों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया कि एक स्वस्थ व्यक्ति मरणोपरांत अपने अंगों का दान करके 8 जरूरतमंद लोगों की जिंदगी बचा सकता है। कार्यक्रम के दौरान यह भी सामने आया कि झुंझुनूं जिला अंगदान की शपथ लेने के मामले में राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जो यहाँ के नागरिकों की संवेदनशीलता को दर्शाता है। ये रहे मौजूद ​इस जन-जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में चिकित्सा विभाग और नर्सिंग कॉलेज के कई अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से डॉ. सिद्धार्थ शर्मा (RMO), डॉ. अभय सिंह (अंगदान नोडल अधिकारी एवं सहायक आचार्य सर्जरी), ​अंजना चौधरी (जीकॉन नोडल अधिकारी), ​प्यारेलाल (नर्सिंग अधीक्षक), मंजू कटारिया, सरिता सैनी, पूनम भास्कर और पूनम डांगी उपस्थित रहे।

आनासागर झील में गंदगी को लेकर कल अजमेर रहेगा बंद:सुबह 6 से शाम 5 बजे तक बंद का आह्वान, कांग्रेस ने शहर में निकाली जनजागरण रैली

अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील की दुर्दशा, झील में फैल रही गंदगी को लेकर शहर जिला कांग्रेस की ओर से गुरुवार 23 जुलाई को अजमेर बंद का आह्वान किया गया है। बंद सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। इस दौरान अस्पताल, मेडिकल स्टोर और एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया है। बंद को सफल बनाने के लिए निकाली वाहन रैली बंद को सफल बनाने के लिए बुधवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में शहर में वाहन रैली निकाली गई। रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आमजन से संपर्क कर बंद को समर्थन देने की अपील की। इस दौरान आनासागर झील को बचाने और शहर की समस्याओं के समाधान को लेकर लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया गया। झील में मछलियों की हो रही मौत कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ऐतिहासिक आनासागर झील लगातार प्रदूषण और बदहाल व्यवस्थाओं का शिकार हो रही है। झील में गंदगी, दुर्गंध और मछलियों की मौत जैसे मामलों को लेकर कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसी के विरोध में अजमेर बंद का निर्णय लिया गया है। आनासागर संरक्षण की मुहिम में सहयोग की अपील वाहन रैली में कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौर, महेंद्र सिंह रलावता, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने शहरवासियों से गुरुवार के बंद को सफल बनाने और आनासागर संरक्षण की मुहिम में सहयोग देने की अपील की।

जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई:कांग्रेस कार्यालय घेराव करने निकले थे,राठौड़ बोले- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले भाड़े के टट्‌टू और पत्थरबाज थे

जयपुर में का्ंग्रेस कार्यालय का घेराव करने निकले भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए वाटर कैनन चलाई। पीएम आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में बुधवार को हजारों कार्यकर्ताओं ने पार्टी ऑफिस से कांग्रेस कार्यालय की ओर कूच किया। चौमूं हाउस सर्किल पर पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर भाजपा कार्यकर्ताओं को रोक लिया। कार्यकर्ता आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इस दौरान पुलिस से उलझ गए। पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले भाड़े के टट्‌टू और पत्थरबाज थे। इन्हें विदेशी फंडिंग थी। प्रदर्शन करने वाले ट्रेंड पत्थरबाज थे। इनमें से एक भी स्टूडेंट नहीं था। जब हॉस्पिटल में इन्हें भर्ती कराया गया और डिटेल ली गई तो इनमें से एक भी स्टूडेंट नहीं निकला। प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS… पल-पल का अपडेट पढ़ने के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

सिंधिया रियासत की 400-साल पुरानी तोप की राजस्थान में तलाश:पुलिस ने जेसीबी से खुदाई कराई; MP के नरवर किले से चोरी हुई, 5 करोड़ है कीमत

मध्य प्रदेश के सिंधिया रियासत काल की 400 साल पुरानी चोरी हुई तोप की तलाश राजस्थान के करौली जिले तक पहुंच गई है। यह तोप 15 जुलाई की रात को मध्य प्रदेश में शिवपुरी के नरवर किले से चोरी हुई थी। मध्य प्रदेश पुलिस को सूचना मिली है कि इस 3500 किलो वजनी ऐतिहासिक तोप को चोर लोडिंग गाड़ी से हिंडौन (राजस्थान) लेकर गए हैं। उन्होंने इसे हिंडौन के गांवड़ा मीणा गांव में कहीं छुपा रखा है। हिंडौन सदर थाना प्रभारी गिर्राज प्रसाद ने बताया- मध्यप्रदेश की शिवपुरी पुलिस ने हमें जानकारी दी है कि उनके पास चोरी हुई तोप के इनपुट हैं। हिंडौन पुलिस टीम ने पूरे गांवड़ा मीणा गांव में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। पुलिस और प्रशासन की टीमें जेसीबी मशीनों की मदद से कई स्थानों पर खुदाई कर रही हैं। इस अभियान में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल हैं। पूरे गांव में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की तैनाती गई है। पुलिस अभी आरोपियों का पता लगाने में भी जुटी है। एमपी और राजस्थान पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है। ये भी जांच का विषय है कि उस तोप को गांवड़ी गांव कब और कैसे लाया गया? पहले देखिए सर्च की PHOTOS… भरतपुर से पहुंची मेटल डिटेक्टर टीम तोप की तलाश में भरतपुर से मेटल डिटेक्टर टीम भी मौके पर पहुंची। बुधवार सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक पुलिस ने संदिग्ध स्थानों पर नगर परिषद की जेसीबी मशीन से खुदाई कर तोप की तलाश की। हालांकि, तोप का कोई सुराग नहीं मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3-5 करोड़ रुपए है कीमत दरअसल, 15 जुलाई की रात को बदमाश नरवर किले की ओपन कचहरी से 16वीं शताब्दी की ऐतिहासिक तोप चुराकर ले गए। इंटरनेशनल एंटीक ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत 3-5 करोड़ रुपए हो सकती है। चोरों ने वारदात को पूरी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया। तोप को पहले गद्दों में लपेटा। फिर बैरिंग लगी लोहे की ट्रॉली की मदद से करीब 3 हजार फीट नीचे उतारा। इसके बाद लोडिंग गाड़ी में लादकर फरार हो गए। नरवर किले में सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर तैनात नहीं थे। चोरों ने इसी का फायदा उठाया। शक है कि वारदात को इंटरनेशनल एंटीक ब्लैक मार्केट से जुड़े लोगों ने अंजाम दिया है। किले के बाहर हैवी गाड़ियों के टायर के निशान मिले हैं। अब किले में बचीं सिर्फ 13 ऐतिहासिक तोपें नरवर किले की ओपन कचहरी में सिंधिया राजवंश काल की कुल 14 दुर्लभ ऐतिहासिक तोपें रखी थीं। चोरी के बाद अब वहां 13 तोपें ही बची हैं। कचहरी महल का निर्माण 16वीं शताब्दी में कछवाह राजाओं ने कराया था। इसके बाद 1925 में तत्कालीन महाराजा माधवराव सिंधिया के आदेश पर इसका जीर्णोद्धार कराया गया। यहां रखी गई सभी तोपें पीतल, तांबा, कांसा और अष्टधातु जैसी मिश्रित धातुओं से बनी हैं। इन पर फारसी और देवनागरी लिपि में शिलालेख भी अंकित हैं। घटनास्थल से मिले कई अहम सुराग मध्य प्रदेश के राज्य पुरातत्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान घटनास्थल से गद्दे, रजाई, लोहे के पाइप और तोप को घसीटकर ले जाने के निशान मिले हैं। इसके अलावा किले के पिछले दुर्गम रास्ते पर वाहन के टायरों के निशान भी मिले हैं। एमपी पुलिस की पूछताछ में किले के सुरक्षा गार्ड बालकिशन बाल्मीक ने बताया था- किले पर रात में रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है। वहां न टॉर्च उपलब्ध है और न ही अन्य सुरक्षा संसाधन, इसलिए वह रात में अपने घर चला गया था। दूसरे गार्ड शरणलाल जाटव ने भी स्वीकार किया कि घटना के समय वह ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। उसने यह भी माना कि हथियारबंद बदमाशों द्वारा लूट की जो कहानी पुलिस को बताई गई थी, वह झूठी थी। 6 गार्ड तैनात, फिर भी हो गई चोरी नरवर किले की सुरक्षा के लिए कुल छह गार्ड तैनात हैं। इनमें चार गार्ड दिन और दो रात की ड्यूटी करते हैं। घटना वाली रात दोनों गार्ड ड्यूटी छोड़कर घर चले गए थे। इसी वजह से चोरों को ऐतिहासिक तोप चोरी करने का मौका मिल गया। पुलिस और पुरातत्व विभाग की जांच जारी राज्य पुरातत्व विभाग के डिप्टी डायरेक्टर तरुण कुमार महोबिया ने बताया कि ऐतिहासिक तोप चोरी होने के पर्याप्त सबूत मिले हैं। पुलिस के साथ संयुक्त जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया जाएगा। वहीं नरवर थाना प्रभारी विनय यादव ने बताया कि जांच में सुरक्षा गार्डों की लापरवाही सामने आई है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है। साथ ही चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन और आरोपियों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल से मिले सबूता की जांच की जा रही है।

मंदिर आए भाई-बहन को लाठी-डंडों से पीटा, VIDEO:खिलौने खरीदने के दौरान दुकानदार से हुआ था झगड़ा, 5 आरोपी गिरफ्तार

बूंदी जिले के इंद्रगढ़ में प्रसिद्ध बिजासन माता मंदिर में दर्शन करने आए भाई-बहन के साथ दुकानदार ने मारपीट की। कोटा जिले के अयाना इलाके से आए भाई-बहन और एक दुकानदार के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। विवाद बढ़ने पर दुकानदार ने अन्य लोगों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से मारपीट कर दी। इस दौरान मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया। 20 जुलाई को हुए पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। इंद्रगढ़ थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। पहले देखिए PHOTOS… खिलौने खरीद रहे थे, दुकानदार ने मारपीट की पीड़िता हेमलता बैरवा पत्नी सत्यनारायण बैरवा निवासी सुवास थाना किशनगंज (बारां) ने इंंद्रगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इसमें पीड़िता ने बताया कि 20 जुलाई को बिजासन माता मंदिर में गांव के सामूहिक रसोई कार्यक्रम में आए थे। मैं और मेरा भाई रवि प्रकाश एक दुकान से खिलौने खरीद रहे थे। इस दौरान दुकानदार से कहासुनी हुई, जो मारपीट में बदल गई। करीब 6 लोगों ने रवि के साथ डंडों से मारपीट की। घायल हो गए भाई-बहन इंद्रगढ़ थानाधिकारी भोजाराम ने बताया- जब लोग रवि को पीट रहे थे तो बीच-बचाव करने आई उसकी बहन हेमलता के साथ भी दुकानदारों ने मारपीट की। मारपीट में भाई-बहन घायल हो गए। इस पूरे घटनाक्रम को किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। पुलिस ने दोनों घायलों का इंद्रगढ़ सामुदायिक अस्पताल में मेडिकल करवाया। मामले में पुलिस ने ओमप्रकाश योगी, इंद्रजीत, गोविंद लाल, नरेंद्र और दीपक को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच थाने के ASI विजेंद्र सिंह कर रहे हैं। लोगों से संयम बरतने की अपील की पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कोई भ्रामक या अपुष्ट जानकारी साझा नहीं करें। जांच पूरी होने तक संयम बरतने का आग्रह किया है। स्थानीय लोगों ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इस घटना के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी जा रही है।

जयपुर के तालकटोरा में तैरता मिला व्यापारी का शव:एक दिन पहले दर्ज हुई थी गुमशुदगी रिपोर्ट, पहले परिवार को बताए बिना गया था दिल्ली

जयपुर के नाहरगढ़ रोड थाना क्षेत्र स्थित तालकटोरा में बुधवार को एक व्यक्ति का शव तैरता मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को बाहर निकाला। पुलिस जांच में मृतक कि पहचान गणगौरी बाजार निवासी मनमोहन शर्मा (62) के रूप में हुई है। मृतक कैटरिंग व्यवसाय से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने बताया कि एक दिन पहले ही मृतक मनमोहन के लापता होने पर गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज हुई थी। नाहरगढ़ रोड थाना पुलिस का कहना है कि मृतक का शव पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। परिवार से नाराज होकर दिल्ली चला गया था ASI राज कृष्ण के मुताबिक मनमोहन (62) की परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। इससे पहले 20 जुलाई को परिवार से नाराज होकर मृतक दिल्ली चला गया था। परिजन उसे 21 जुलाई की सुबह 3.45 पर दिल्ली से लेकर जयपुर आए। 21 जुलाई सुबह 4.24 पर वह फिर घर से बाहर निकल गया। बुधवार तड़के ब्रह्मपुरी खर्रे से तालकटोरे तक कैमरों में नजर आ रहा था। उसके बाद मृतक की लोकेशन ट्रेस नहीं हो रही थी। आज सुबह पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति ने तालकटोरे में शव तेरने की जानकारी दी। सूचना पर शव निकालकर मृतक की पहचान परिजनों से करवाई और शव पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। थानाधिकारी सज्जन से ने बताया कि तालकटोरे में शव मिलने की सूचना पर स्थानीय थाना पुलिस और एसडीआरफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव निकलवाया था। मृतक के परिवार ने गुमशुदगी दर्ज करवा रखी थी। परिजनों को मौके पर बुलवाकर मृतक की पहचान करवाई गई। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि मृतक मनमोहन शर्मा जिस दिन दिल्ली बिना किसी को बताए गए थे। उस दिन परिवार का नहर के गणेश जी मंदिर में जीमण का आयोजन था। जिस दिन ही वे परिवार को बिना बताए दिल्ली चले गए थे। वहीं उन्होंने उसके बाद की कैटरिंग की बुकिंग भी कैंसिल कर दी थी।

सांवलियाजी को चढ़ाई 25.65 लाख की चांदी की सिल्लियां:श्रद्धालु ने बेटे के लिए मांगी थी मन्नत, पूरी होने पर MP से आया परिवार

चित्तौड़गढ़ में सांवलिया सेठ मंदिर में बुधवार को एक श्रद्धालु ने 11 किलो 400 ग्राम वजन चांदी की 19 सिल्लियां भेंट कीं। इनकी बाजार कीमत करीब 25 लाख 65 हजार रुपए आंकी गई है। मध्यप्रदेश के देवास जिले के सोहनगंज क्षेत्र निवासी श्रद्धालु ने अपना नाम सार्वजनिक नहीं किया। मंदिर प्रशासन को बताया कि उसने बेटे से जुड़ी एक मनोकामना लेकर सांवलिया सेठ के दरबार में प्रार्थना की थी। कुछ समय बाद जब उसकी मन्नत पूरी हो गई तो वह धन्यवाद देने के लिए यह भेंट लेकर परिवार के साथ मंदिर पहुंचा। मंदिर प्रशासन ने जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन सिल्लियों को भंडार में सुरक्षित जमा करा दिया।
राजस्थान सर्राफा संघ के प्रदेश महामंत्री किशन पिछोलिया ने बताया कि मौजूदा बाजार भाव के अनुसार 11 किलो 400 ग्राम चांदी की कीमत करीब 25 लाख 65 हजार रुपए है। श्री सांवलिया मंदिर में हर महीने बड़ी मात्रा में नकद दान के साथ-साथ सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं भी श्रद्धालुओं की ओर से भेंट की जाती हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से इस चढ़ावे का रिकॉर्ड रखा जाता है और उन्हें सुरक्षित भंडार में जमा किया जाता है। बाद में इन्हें मंदिर की नियमित दान गिनती और रिकॉर्ड में शामिल किया जाता है। सांवलियाजी के भंडार से निकले 38.23 करोड़ रुपए श्री सांवलिया मंदिर में कृष्ण पक्ष चतुर्दशी पर खोले गए भंडार की गिनती मंगलवार को पूरी हुई। नकद राशि और ऑनलाइन दान को मिलाकर इस बार मंदिर में कुल 38 करोड़ 23 लाख 13 हजार 862 रुपए चढ़ावा आया है। भक्तों ने करीब 4 करोड़ 30 लाख रुपए का सोना और चांदी भी चढ़ाया है। (पूरी खबर पढ़ें) सांवलिया सेठ में लगातार बढ़ रही श्रद्धा श्री सांवलिया मंदिर देश के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में गिना जाता है। यहां राजस्थान ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, गुजरात और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मनोकामना लेकर पहुंचते हैं। कई लोग इच्छा पूरी होने के बाद अपनी क्षमता के अनुसार नकद राशि, सोना, चांदी या दूसरी कीमती वस्तुएं भगवान को अर्पित करते हैं। ग्राफिक्स में देखिए सांवलिया सेठ का इतिहास… …. सांवलिया सेठ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… सांवलिया सेठ के चढ़ावे का रिकॉर्ड टूटा, ₹51 करोड़ आए:भक्तों ने 1 किलो से ज्यादा सोना, 207 किलो से ज्यादा चांदी दान की चित्तौड़गढ़ के सांवलिया धाम में दिवाली पर चढ़ावे का नया रिकॉर्ड बना था। इस दौरान चढ़ावे की रकम 51 करोड़ से ज्यादा था। इसके अलावा सोने-चांदी की ज्वलेरी भी आई थी। पढ़ें पूरी खबर…