सलूंबर में युवाओं को नशे की लत से बचाने और उज्जवल भविष्य को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जागरूकता अभियान चलाया। ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’ के तहत ‘से नो टू ड्रग्स, से यस टू योर ड्रीम्स’ विषय पर केंद्रित इस अभियान में न्यायिक अधिकारियों ने स्वयं विद्यालयों में पहुंचकर स्टूडेट्स को नशे के बुरे प्रभावों के बारे में बताया। 852 स्टूडेंट्स को नशे के बुरे प्रभावों के बारे में बताया इन शिविरों के दौरान स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बस्सी सिंघावत, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डाल, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सेरिया, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सराडा समेत निजी स्कूल के 852 स्टूडेंट्स को नशे के बुरे प्रभाव, मानसिक एवं शारीरिक नुकसान तथा सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। नशे जैसी बुराईयों से दूर रहने का संदेश कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय सिंह महावर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रप्रकाश पाटीदार, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योतिपुरी, न्यायिक मजिस्ट्रेट तन्मय जोशी तथा सराडा के न्यायिक मजिस्ट्रेट सौम्य कुमार सिंह ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, लक्ष्य निर्धारित करने और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया। सुझाव पेटिका लगाई गई सचिव विनीत कुमार ने बताया-राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की अभिनव पहल ‘कोर्ट वाली दीदी’ के तहत सभी विद्यालयों में शिकायत एवं सुझाव पेटियां स्थापित की गई हैं। इन पेटियों के माध्यम से विद्यार्थी अपनी किसी भी समस्या या शिकायत को पूरी गोपनीयता के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तक पहुंचा सकेंगे, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। हेल्पलाइन नंबर के बारे में बताया इस अवसर पर स्टूडेंट्स को रालसा द्वारा प्रकाशित जागरूकता पुस्तिकाएं एवं पैम्फलेट वितरित किए गए। इन पुस्तिकाओं को विद्यालयों के व्हाट्सएप समूहों में भी साझा किया गया। विद्यार्थियों को नालसा टोल फ्री हेल्पलाइन 15100 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी भी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे कानूनी एवं अन्य सहायता प्राप्त कर सकें। नशा मुक्त जीवन अपनाने का संकल्प कार्यक्रम में चीफ एलएडीसी महेश कुमार जोशी, असिस्टेंट एलएडीसी संचित सुहालका,फाल्गुनी शर्मा,कनिष्ठ सहायक ऋषिकेश मीणा,विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं स्टाफ मौजूद रहे।जिलेभर में आयोजित इन छह शिविरों से करीब 852 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए,जिन्होंने नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लिया।