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भाटों का खेड़ा तक सड़क स्वीकृत

जखाणा पुलिया से भाटों का खेड़ा तक सड़क मार्ग स्वीकृत होने पर छावनी बोरदा और भाटों का खेड़ा के ग्रामीणों में खुशी का माहौल रहा। ग्रामीणों ने मिठाई बांटी। आतिशबाजी कर खुशी मनाई। ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद से इस मार्ग के निर्माण का इंतजार था। सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को वर्षों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के मौसम में किसी के बीमार होने पर मरीज को चारपाई पर ले जाना पड़ता था। सड़क स्वीकृत होने से अब ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद जगी है। इस दौरान नारायण सिंह, पप्पू सिंह, कुलदीप योगी, सोनू जैन, पप्पू प्रजापत, गोपाल बैरागी, हेमराज मीणा, नरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, पृथ्वीराज सिंह और भंवर सिंह मौजूद रहे।

टोंक में सीएनजी पंपों पर औचक जांच, माप-तौल और सील की जांच

टोंक| उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा तथा ईंधन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में शुक्रवार को विभिन्न सीएनजी पंपों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से संचालित इस अभियान के तहत सीएनजी डिस्पेंसरों की डिलीवरी और गुणवत्ता की जांच की जा रही है। विधिक माप विज्ञान अधिकारी महेंद्र चौधरी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मास फ्लो मीटर की सहायता से सीएनजी डिस्पेंसरों की डिलीवरी की सटीकता परखी गई। इसके अलावा मीटर के सत्यापन प्रमाण-पत्र, सील की स्थिति, गैस की गुणवत्ता तथा सुरक्षा मानकों का भी परीक्षण किया गया। अभियान के तहत सदर थाना के सामने स्थित चौधरी बस सर्विस सीएनजी पंप, चैनपुरा (निवाई) स्थित सुशील फिलिंग एचपीसीएल, पहाड़ी एनएच-12 स्थित दीक्षा सीएनजी पंप तथा जयपुर-कोटा रोड स्थित विजय मोटर्स सीएनजी पंप का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सभी सीएनजी डिस्पेंसर निर्धारित विधिक माप विज्ञान मानकों के अनुरूप पाए गए। विभाग ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को सही मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।

महालेखाकार ने उठाए सवाल:ऊर्जा सलाहकार की नियुक्ति पर ऑडिट का ‘करंट’: पद था नहीं, विज्ञापन भी नहीं निकाला… और नियुक्ति दे दी

ऊर्जा विभाग में ऊर्जा सलाहकार के पद पर हुई नियुक्ति अब ऑडिट की जांच के घेरे में आ गई है। महालेखाकार (ऑडिट) ने ऊर्जा विभाग को प्राइमरी ऑब्जेक्शन मेमो जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया की वैधता, पारदर्शिता और नियमों के पालन पर जवाब मांगा है। ऑडिट में पूछा है कि जब विभाग में ऊर्जा सलाहकार का कोई स्वीकृत नियमित पद ही नहीं था तो नियुक्ति किस आधार पर की गई। महालेखाकार द्वारा सीनियर डिप्टी सेक्रेटरी (एनर्जी) को भेजे गए मेमो में राजस्थान सिविल सर्विस रूल्स-2013 का हवाला देते हुए पद सृजन की सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी और वित्त विभाग की स्वीकृति संबंधी जानकारी मांगी गई है। हालांकि विभाग में इस बात की भी चर्चा है कि क्या डिस्कॉम्स के पास कोई योग्य अधिकारी नहीं हैं ? जो जयपुर डिस्कॉम के एक्स एमडी नवीन अरोड़ा को नियुक्ति दी गई है। आपत्ति… पद का दायित्व, कार्यक्षेत्र स्पष्ट किए बिना दी नियुक्ति ऊर्जा विभाग का तर्क: विभाग अपने जवाब में यह बताने की तैयारी कर रहा है कि ऊर्जा सलाहकार के रूप में नियुक्त नवीन अरोड़ा अनुभवी टेक्नोक्रेट हैं और उनकी विशेषज्ञता का लाभ बिजली कंपनियों, घाटा कम करने की योजनाओं तथा केंद्र और राज्य सरकार की ऊर्जा परियोजनाओं को मिल रहा है। विभाग यह भी तर्क दे सकता है कि पूर्व में भी विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्तियां की जाती रही हैं। ऑडिट में दूसरी आपत्ति यह है कि पद के अधिकार, दायित्व और कार्यक्षेत्र स्पष्ट किए बिना नियुक्ति कर दी गई। ऑडिट में पूछा गया कि पद के लिए विज्ञापन जारी क्यों नहीं किया और आवेदन आमंत्रित किए बिना सीधे नामांकन के आधार पर चयन क्यों हुआ। अनुभव के आधार पर नियुक्ति की गई, उसका मूल्यांकन किस प्रक्रिया से किया गया। ये कोई स्वीकृत पद नहीं है। अनुभव के आधार पर ऊर्जा सलाहकार लगाया गया है। इससे पहले भी सरकारों में ऊर्जा सलाहकार लगाए जाते रहे हैं। इसकी वित्त विभाग से स्वीकृत ली हुई है। ये सलाहकार अनुभवी होते हैं, इसलिए समय समय पर ये सरकारों को सलाह देते हैं। -हीरालाल नागर, ऊर्जा मंत्री, राजस्थान

40 दिन से नर्सिंग कर्मियों का धरना

बाड़मेर | बाड़मेर में नर्सिंग कर्मचारी सेवा बहाली और नई भर्ती प्रक्रिया में मेरिट व बोनस अंक को आधार बनाने की मांग को लेकर 40 दिनों से धरने पर हैं। कर्मचारियों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल, बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष अनंतराम विश्नोई से मुलाकात की। ज्ञापन सौंपा। संयोजक जसवंत सिंह योद्धा ने कहा कि प्रदेशभर में निविदा और प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए हटाए गए नर्सिंग कर्मचारियों की तुरंत सेवा बहाली हो। कोविड काल में लंबे समय तक अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारियों को रोजगार से बाहर किया गया।

बेगू का बास के युवक की आबूधाबी में संदिग्ध हालत में मौत, 3 माह बाद मिला शव, परिजन हुए आक्रोशित

गांव बेगू का बास के युवक की आबू धाबी में तीन माह पूर्व हुई मौत के बाद शुक्रवार को शव गांव लाए। प्रत्येक ग्रामीण राकेश कुमार (24) की मौत को लेकर स्तब्ध था। शव तीन माह बाद पहुंचने पर ग्रामीणों ने विदेश मंत्रालय के प्रति आक्रोश जताया। परिजन व ग्रामीण बोले कि स्थानीय जनप्रतिनिधि और विदेश मंत्रालय समय रहते सहयोग करते तो शव पहले पहुंच सकता था। मौत के कारणों व पीड़ित परिवार को मुआवजा मिल सकता था। अशोक ने बताया कि उसके ताऊ का बेटा राकेश पुत्र दलीप चंद मेघवाल आबू धाबी की एसीसी कंपनी में 28 अगस्त, 2025 को लेबर के रूप में काम करने गया था। तीन माह पूर्व तक उससे परिजनों की फोन पर बातचीत होती थी, बाद में फोन बंद आने लगा तो चिंता बढ़ गई। कंपनी में पता करने पर जानकारी नहीं मिली तो दुबई में कार्यरत रिश्तेदार को भेजकर पता कराया तो 18 मई को जानकारी मिली कि राकेश की 22 अप्रैल को ही मौत हो गई थी। परिजनों ने कंपनी में बार-बार संपर्क किया और विदेश मंत्रालय एवं जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया, परंतु तीन माह तक यथासंभव सहयोग नहीं मिला। सांसद राहुल कस्वां से मिलने पर उन्होंने भी आश्वासन दिया, परंतु समय पर कार्रवाई नहीं हुई। बाद में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल व कैबीनेट मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलकर गुहार की गई, तो उन्होंने विदेश मंत्रालय में फोन किया, तब जाकर डेडबॉडी मिल सकी। परिवार में वही कमाने वाला था। मृतक के पिता ईंट भट्‌ठे पर काम करते हैं। दो भाई-बहनों वह छोटा और अविवाहित था। इधर, प्रशासक विनोद कुमार मीणा, परिजनों व ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच व पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। आबू धाबी में साथ काम करने वाला रतनगढ़ निवासी कपिल रैगर जब राकेश की डेडबॉडी लेकर घर पहुंचा तो सारी बात बताई। कपिल ने बताया कि वह और राकेश एक ही कंपनी में काम करते थे और साथ ही रहते थे। राकेश लगातार एक-दो दिन तक कमरे पर नहीं लौटा तो उन्होंने कंपनी अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इस पर अधिकारियों का जवाब बहुत ही असंवेदनशील था। बाद में राकेश की मृत्यु की सूचना मिली और उसने कई बार कंपनी से मौत का कारण जानने का प्रयास किया, लेकिन जानकारी देने से इनकार कर दिया।

जान से मारने की नीयत से मारपीट का मामला दर्ज

सादुलपुर | रतनपुरा के एक होटल पर चिमनपुरा के युवक के साथ जान से मारने की नीयत से मारपीट को लेकर मामला दर्ज हुआ। पुलिस के अनुसार अनिल पुत्र राजेंद्र जाट निवासी चिमनपुरा ने रिपोर्ट दी कि 11 जुलाई की रात सुरेंद्र जाट निवासी रतनपुरा ने फोन कर किसी काम का हवाला देकर उसे अपने गांव के एक होटल पर बुलाया। वह वहां पर पहुंचा तो सुरेंद्र सहित विक्रम निवासी रतनपुरा, राजेश उर्फ राजन, अंतर सिंह उर्फ सोनू निवासी देवीपुरा, विजय पूनिया निवासी झाड़सर, अनिल श्योराण निवासी ओजरिया, राजवीर कस्वा व तीन- चार अन्य लोगों ने उसके साथ लोहे के पाइपों, लाठियों से मारपीट की।

सघन स्क्रीनिंग अभियान से सुरक्षित मातृत्व को मिला संबल, समय पर जांच से गर्भवतियों को मिला उपचार

विशेष गर्भवती महिला सघन स्क्रीनिंग अभियान जिले में सुरक्षित मातृत्व की दिशा में प्रभावी साबित हो रहा है। अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की समय पर स्वास्थ्य जांच, आवश्यक उपचार, दवा और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे जटिलताओं की समय रहते पहचान हो रही है। सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है। सीएमएचओ डॉ. शैलेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि अभियान के जरिए जिले की गर्भवती महिलाओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान जरूरत के अनुसार दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। संतुलित आहार, नियमित दवा सेवन, प्रसवपूर्व देखभाल और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के संबंध में विस्तृत परामर्श भी दिया जा रहा है। अभियान के तहत लोहरवाड़ा (पीपलू) निवासी कोमल सैनी, टोंक निवासी फरहद जहां, अनिता चौधरी, गांधी पार्क निवासी सुनीता खटीक, देवपुरा निवासी सायरा, छावनी निवासी ईशा फरहत, निवाई निवासी गोरा बाई व बूंदी निवासी मनीषा सहित कई गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसवपूर्व (एएनसी) जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया। आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं। सुरक्षित गर्भावस्था के लिए जरूरी चिकित्सकीय सलाह दी। सीएचओ राहुल बड़गुर्जर, एएनएम सुनीता मीणा, आशा सहयोगिनी अनिता वर्मा और हेमलता मीणा लगातार लाभार्थियों का फॉलोअप कर रही हैं। नियमित निगरानी और मार्गदर्शन से महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर बना हुआ है। उन्हें आवश्यक मातृ स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हो रही हैं। लाभार्थी कोमल सैनी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें समय पर स्वास्थ्य जांच, दवाइयां और उचित परामर्श मिला। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगातार मार्गदर्शन किया। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। वे अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हुईं। उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए राज्य सरकार और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया। सीएमएचओ डॉ. चौधरी ने कहा कि जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान और एमसीएचएन दिवस के माध्यम से सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित एएनसी जांच सुनिश्चित की जा रही है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान की जा रही है। गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व प्रत्येक गर्भवती महिला का अधिकार है। इसे सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

एकेडमिक स्कॉलरशिप का नया फॉर्मूला:स्वदेशी बढ़ाओ, विदेशी घटाओ; राजीव गांधी से नाम बदलकर विवेकानंद किया… विदेशी स्कॉलरशिप सीटें 80 प्रतिशत कम कीं

उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को विदेश भेजने के उद्देश्य से शुरू की गई राज्य सरकार की स्कॉलरशिप योजना अब लगातार भारतीय संस्थानों की ओर शिफ्ट हो रही है। 2021 में कांग्रेस सरकार ने विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई के लिए राजीव गांधी स्कॉलरशिप योजना शुरू की थी। तब 200 सीटें थीं। 2023 में 500 की गई। बाद में सरकार बदली और योजना का नाम स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप कर दिया। इसके साथ ही 500 ​सीटों में से 200 सीटें स्वदेशी संस्थानों और 300 विदेशी संस्थानों की कर दी गई। इसके बाद से योजना में सीटों की संख्या तो बढ़ी, लेकिन विदेशी संस्थानों की सीटें लगातार घट रही हैं। इस बार विदेशी संस्थानों की सीटें घटाकर 100 और भारतीय संस्थानों की बढ़ाकर 600 कर दी गई हैं। अब तक उच्च शिक्षा विभाग इस योजना पर 430 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर चुका है। सरकार ने दायरे का भी विस्तार किया है। अब मेडिकल, एग्रीकल्चर, आर्किटेक्चर, लॉ और मैनेजमेंट की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे। आय के आधार पर 3 श्रेणियां; योजना में प्रवेश के लिए 8 लाख तक, 8 से 25 लाख और 25 लाख रुपए से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों की तीन श्रेणियां हैं। वर्तमान सरकार 8 लाख से अधिक आय वर्ग के लिए ट्यूशन फीस सहायता में कटौती कर चुकी है। 8 से 25 लाख रुपए आय वर्ग के लिए 15% और 25 लाख से अधिक आय वर्ग के लिए 30% तक ट्यूशन फीस सहायता कम की थी। 2021 में कांग्रेस सरकार ने राजीव गांधी के नाम से शुरू की थी योजना पिछली कांग्रेस सरकार ने 2021 में राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस के नाम से योजना शुरू की थी। विदेश में अध्ययन के लिए 200 सीटें थीं। 2023 में सीटें 500 की गईं। 2024 में 300 सीटें विदेश और 200 भारतीय संस्थानों के लिए निर्धारित की। 2025 में भारती में 350 और विदेशी संस्थानों की 150 सीटें कर दी। अब योजना का नाम स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस है और 600 सीटें भारतीय तथा 100 सीटें विदेशी संस्थानों के लिए निर्धारित की हैं।

सनातन धर्म कॉलेज में छात्रा से छेड़छाड़, लाइब्रेरी का संविदा कर्मी गिरफ्तार हुआ

भास्कर न्यूज|ब्यावर राजकीय सनातन धर्म महाविद्यालय में शुक्रवार दोपहर छात्रा से छेड़छाड़ के बाद माहौल गर्मा गया। छात्रा ने आरोप लगाया कि कॉलेज परिसर की लाइब्रेरी में वहां काम करने वाले संविदा कर्मी ने उसके साथ छेड़छाड़ की। सूचना पर साकेत नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी संविदा कर्मी को हिरासत में ले लिया गया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर महाविद्यालय में द्वितीय वर्ष की एक छात्रा पढ़ाई करने के लिए कॉलेज की लाइब्रेरी में गई थी। इसी दौरान वहां कार्यरत संविदा कर्मी रेलड़ा निवासी श्रवण कुमार ने छात्रा को अकेली देख छेड़छाड़ कर दी। छात्रा ने शोर मचाया। लाइब्रेरी और आसपास मौजूद अन्य विद्यार्थी तुरंत मौके पर एकत्रित हो गए। छात्रा शिकायत लेकर प्राचार्य कक्ष में पहुंची। घटना की जानकारी मिलने पर कॉलेज प्रशासन ने छात्रा के परिजनों को कॉलेज बुलाया। साकेत नगर थाना पुलिस को भी सूचित किया। आरोपी युवक श्रवण कुमार को थाने ले गई। ​कॉलेज में ढाई साल से कार्यरत था आरोपी : आरोपी श्रवण कुमार ढाई साल से राजकीय सनातन धर्म महाविद्यालय की लाइब्रेरी में संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत था। ​साकेत नगर थानाधिकारी सुरजीत ठोलिया ने कहा कि आरोपी को फिलहाल शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया है। महाविद्यालय प्रबंधन अथवा पीड़ित छात्रा के परिजनों से औपचारिक शिकायत मिलते ही आरोपी युवक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

धारदार हथियार से वृद्धा पर जानलेवा हमला किया

सादुलपुर | ढाणी हमीरवास बड़ा में 15 जुलाई को वृद्धा पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने को लेकर हमीरवास थाने में एक व्यक्ति पर मामला दर्ज हुआ। पुलिस के अनुसार महेंद्र सिंह पुत्र केशूराम पूनिया निवासी ढाणी हमीरवास बड़ा ने रिपोर्ट दी कि 15 जुलाई को दोपहर 2.30 बजे उसकी पत्नी राजबाला पर गांव के विनोद कुमार ने धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया और भाग गया। घायल पत्नी को राजगढ़ के राजकीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उसके भाई अमर सिंह के घर पर हुई हुई वारदात के दौरान भाभी सहित अन्य रिश्तेदारों ने बीच-बचाव कर पत्नी को छुड़वाया।