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सिख प्रचारक बोले- खालिस्तान का CM किसे बनाओगे:बिना प्लानिंग शोर मचाते हैं, मिल गया तो जुत्तियोजुत्ती होंगे; VIDEO सामने आया

पंजाब के सिख प्रचारक सर्बजीत सिंह धुंदा ने खालिस्तान की बात करने वालों को उनकी असलियत दिखाई है। खालिस्तान को लेकर उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें धुंदा ने कहा कि खालिस्तान की मांग करने वालों के पास कोई रोड मैप नहीं है। खालिस्तान की मांग करने वालों को तो यह भी पता नहीं है कि इसे बनाना कहां है? धुंदा ने कहा- उन्हें खालिस्तान कभी नहीं मिलेगा। अगर एक फीसदी मान भी लो कि खालिस्तान बन भी गया तो आपका CM कौन होगा? खालिस्तान बने बिना हम कुछ हद तक एकजुट तो हैं। अगर बन गया तो जुत्तमजुत्ता हो जाएंगे। ऐसे राज में फिर कौन रहेगा? CM को लेकर नानसरिए कहेंगे कि वह हमारा हो, टकसाली कहेंगे कि हमारा हो, मिशनरी कहेंगे कि हमारा हो। असली क्लेश तब होगा जब खजाना मंत्री पर बात आएगी। निहंग संगठन कहेंगे कि खजाना मंत्री हमारा लगाओ। खजाने की चाभी जब उनके पास होगी तो बरछा पकड़ कर खड़े हो जाएंगे। हिसाब-किताब कौन मांगेगा? मांग भी लिया तो कहेंगे कि खजाना तो रात का ही खत्म हो गया। हमने सबकुछ रात का घोड़ों को छका दिया (खिला दिया)। खालिस्तान पर ये बातें बोले धुंदा… जानें कौन हैं सर्बजीत धुंदा भाई सरबजीत सिंह धुंदा पंजाब के तरनतारन जिले के गांव धुंदा में जन्मे सिख प्रचारक और कथावाचक हैं। वह लुधियाना स्थित गुरमत ज्ञान मिशनरी कॉलेज से जुड़े रहे हैं और उनका प्रचार-कार्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब व सिख रहित मर्यादा के प्रकाश में डेरावाद, कर्मकांड और नकली संतों की आलोचना पर केंद्रित रहा है। वह पंजाब के गांव-गांव में दीवान सजाते हैं और कनाडा-अमेरिका जैसे देशों में भी प्रचार करते हैं। वह अपने प्रचार के दौरान खालिस्तान के खिलाफ बात करते हैं। इनके विचार टकसालियों के निशाने पर रहते हैं। बेबाक बोलने वाले धुंदा दरबार साहिब के रागियों पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी कर अकाल तख्त पर माफी मांग चुके हैं। खालिस्तान की डिमांड करने के कारण और कोशिशें… ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… PM के पंजाब दौरे से पहले ट्रेन में खालिस्तानी नारे:आतंकी पन्नू ने वीडियो जारी किया; खालड़ा का भी जिक्र, इन्हीं पर बनी ‘सतलुज’ बैन हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से पहले फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन का एक वीडियो सामने आया। यह वीडियो प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने जारी किया गया। वीडियो में दिल्ली जाने वाली एक ट्रेन के डिब्बों पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ और ‘मोदी मुर्दाबाद’ जैसे नारे लिखे दिखाई दिए। पढ़ें पूरी खबर…

जम्मू के पुंछ-किश्तवाड़ में बादल फटे, 11 मौतें:मलबे से 2 साल के मासूम का शव निकाला; उत्तराखंड में भी लैंडस्लाइड

जम्मू-कश्मीर के पुंछ और किश्तवाड़ में शनिवार रात बादल फट गए। बाढ़-लैंडस्लाइड में अब तक 11 लोगों की मौत हो गई है। पुंछ के सुरनकोट में लैंडस्लाइड से एक मकान मलबे में दब गया। उस वक्त घर में 8 लोग थे। इनमें 2 साल के बच्चे समेत 5 लोगों के शव बरामद किए गए। किश्तवाड़ के सुर्नू इलाके में बादल फटने से लोगों के घरों और खेतों को नुकसान पहुंचा। राजौरी में भी भारी बारिश के बाद धारहाल नदी का जलस्तर बढ़ गया। करीब 200 से 250 गाड़ियां बह गईं। उत्तराखंड में शनिवार को लैंडस्लाइड के बाद केदारनाथ यात्रा के रूट पर घोड़े- खच्चरों की सेवाएं रोक दी गईं और कैलाश-मानसरोवर यात्रियों का एक जत्था भी रुक गया। 19 जुलाई को देश के ऊपर छाए बादलों की सैटेलाइट इमेज… देशभर के मौसम से जुड़ी तस्वीरें… अरुणाचल में बाढ़ से डेढ़ लाख प्रभावित, केदारनाथ रूट पर लैंडस्लाइड अरुणाचल में बाढ़ और भूस्खलन के इस दौर में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, 29 लोग घायल हुए हैं और 1,49,257 लोग प्रभावित हुए हैं। मानसून की मार से कुल 26 जिले, 328 सर्कल और 576 गांव प्रभावित हुए हैं। इधर, पिथौरागढ़ में, कैलाश-मानसरोवर यात्रा का चौथा जत्था, जिसमें 50 तीर्थयात्री शामिल हैं धारचूला बेस कैंप में रोक दिया गया है। बेस कैंप के इंचार्ज धन सिंह बिष्ट ने बताया कि गरबाधार में भूस्खलन के कारण गुंजी जाने वाला रास्ता बंद हो गया है। देशभर के मौसम से जुड़े अडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

नीट‌ रिजल्ट- OMR और मार्कशीट में 600 अंकों तक अंतर:कई क्वालिफाई नहीं कर पाए; हरियाणा में एक ही छात्र के दो अलग रिजल्ट

री-नीट के नतीजों के बाद भी छात्रों के बीच भारी असंतोष है। OMR शीट और जारी मार्कशीट के अंकों में बड़ा अंतर होने से विवाद खड़ा हो गया है। ऐसा एक या दो नहीं, बल्कि कई छात्रों के साथ हुआ है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने जब अपनी OMR शीट का मिलान ‘फाइनल आंसर-की’ से किया, तो उनके अंक काफी अधिक थे, लेकिन मार्कशीट में नंबर अचानक घट गए। कई छात्रों के अंक 15 से लेकर 600 तक कम हो गए हैं। इस वजह से वे छात्र जो OMR के अनुसार परीक्षा पास कर रहे थे, अब वे ‘क्वालिफाई’ भी नहीं कर पा रहे हैं। विवाद का मुख्य कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की जल्दबाजी मानी जा रही है। एजेंसी ने फाइनल आंसर-की जारी करने के महज 3-4 घंटे बाद ही रिजल्ट घोषित कर दिया। NTA ने 16 जुलाई की देर रात नीट का रिजल्ट जारी किया था। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। 2020 और 2021 के बाद पहली बार कोई भी छात्र 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर पाया। न्याय के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे छात्र अभिभावक और छात्र इसे बड़ी लापरवाही मान रहे हैं। डॉ. राजेश कुमार सिंह जैसे अभिभावकों ने एनटीए को पत्र लिखकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है और वे अब न्याय के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- हम सभी शिकायतों की जांच कर रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे जांच के लिए केवल मूल ओएमआर ही जमा करें। फर्जी/एआई जनरेटेड ओएमआर के मामले में शिकायतकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।’ हरियाणा में एक ही छात्र के दो अलग रिजल्ट नीट रिजल्ट को लेकर एक और चौंकाने वाला मामला हरियाणा से सामने आया है। हरियाणा के अभ्यर्थी मुकुल काजल ने एनटीए के महानिदेशक को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि उनके स्कोरकार्ड में बिना किसी सूचना के बड़ा फेरबदल कर दिया गया। इसे दुरुस्त कराया जाए। शिकायत के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किए गए स्कोरकार्ड में मुकुल के 605/720 अंक (ऑल इंडिया रैंक 9551) दर्ज थे। लेकिन महज कुछ घंटों बाद 18 जुलाई की सुबह जब दोबारा स्कोरकार्ड डाउनलोड किया गया, तो उनके अंक घटकर सिर्फ 60/720 अंक दिखाए। इससे मुकुल की ऑल इंडिया रैंक घटकर 18,76,324 हो गई। छात्र का दावा है कि उनके पास 17 जुलाई का मूल स्कोरकार्ड सुरक्षित है। साथ ही, ओएमआर रिस्पॉन्स शीट और एनटीए की फाइनल आंसर-की के मिलान से भी उनका स्कोर 605 अंक ही बनता है। ——————————- नीट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… NEET में सफल होने वालों में करीब आधे OBC:हर दूसरा सफल छात्र इसी वर्ग से; SC परीक्षार्थी 63% और EWS 76% बढ़े NEET 2026 के नतीजों में मेडिकल शिक्षा के सामाजिक-शैक्षणिक रुझानों में बड़ा बदलाव दिखा है। इस साल परीक्षा देने वालों में OBC सबसे बड़ा वर्ग रहा। कुल रजिस्ट्रेशन में OBC की हिस्सेदारी 41.8% थी, जबकि क्वालिफाई करने वालों में यह बढ़कर 45.7% हो गई। यानी लगभग हर दूसरा सफल छात्र OBC वर्ग से है। पूरी खबर पढ़ें…

अस्पताल में भी वांगचुक का अनशन जारी:उन्हें जंतर-मंतर से उठाने के लिए थाने में हुई रिहर्सल; कल CJP का संसद मार्च, पुलिस बोली- अनुमति नहीं

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक का अनशन अब भी जारी है। उन्होंने ड्रिप, ओआरएस और दवा लेने से इनकार कर दिया है। वांगचुक 28 जून से NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में आमरण अनशन पर हैं। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि वांगचुक के लौटने तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे दिल्ली पुलिस मुख्यालय से वांगचुक को अस्पताल ले जाने के निर्देश मिले थे। इसके बाद मंदिर मार्ग थाने में अधिकारियों ने रणनीति बनाई और बिना टकराव एक मिनट से कम समय में उन्हें एम्बुलेंस तक पहुंचाने की रिहर्सल की। कार्रवाई के वीडियो सामने न आएं, इसके लिए जैमर लगाने पर भी चर्चा हुई थी। 18 जुलाई: वांगचुक अस्पताल ले जाए गए, 3 तस्वीरों में घटनाक्रम… CJP बोली- कल संसद मार्च होगा; पुलिस ने कहा- अनुमति नहीं CJP ने 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन संसद मार्च का ऐलान कर रखा है। CJP फाउंडर दीपके ने कहा कि संसद मार्च हर हाल में होगा। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने दावा किया कि वांगचुक भी मार्च में आएंगे। हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार CJP ने मार्च की अनुमति नहीं मांगी है। अब आवेदन किया तो भी अनुमति की संभावना कम है। सत्र के दौरान नई दिल्ली जिले, खासकर संसद व इंडिया गेट के आसपास बीएनएस की धारा 163 लागू होती है। बिना अनुमति मार्च करने वाले हिरासत में लिए जा सकते हैं। वांगचुक को पोटैशियम की कमी, इलाज के लिए मना रहे डॉक्टर सफदरजंग अस्पताल के अनुसार, वांगचुक को शनिवार सुबह 7:40 बजे लाया गया था। उनमें डिहाइड्रेशन, पोटैशियम की कमी और अन्य मेटाबॉलिक गड़बड़ियों के संकेत हैं। डॉक्टर उन्हें इलाज के लिए मना रहे हैं। पत्नी गीतांजलि आंगमो ने परिवार की सहमति के बिना इलाज न करने की मांग की है। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि ये कदम हाईकोर्ट के निर्देश, वांगचुक की हालत और डॉक्टरों की सलाह पर उठाया है। CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि वांगचुक के साथ धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों के साथ भी मारपीट की गई। पुलिस ने आरोप गलत बताए हैं। इसी बीच, CJP ने धर्मेंद्र प्रधान के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग उठा दी। CJP का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नीट पेपर लीक के विरोध में 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वांगचुक भी उनके आंदोलन में शामिल हुए थे। CJP चीफ जस्टिस सूर्यकांत के बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से करने के बाद बनी थी। महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत AAP से जुड़े थे 30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं।

सरकार बोली- वांगचुक की किडनी खराब हो सकती थी:उन्हें इलाज की जरूरत थी; दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई जारी, प्राइवेट हॉस्पिटल भेजने की मांग

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की पत्नी की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। सरकार की तरफ से पेश ASG चेतन शर्मा ने कहा कि, वांगचुक की तबियत लगातार खराब हो रही थी। उनकी किडनी भी खराब हो सकती थी। इसलिए इलाज जरूरी था। इस पर वांगचुक की पत्नी की तरफ से पेश एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि हमें यह भी नहीं पता कि उन्हें कौन-सी दवाएं या इलाज दिया जा रहा है। हम चाहते हैं कि उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जाए। हमने उन्हें वेदांता अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था भी कर ली है। दिल्ली पुलिस शनिवार सुबह वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। अस्पताल में भी वांगचुक की भूख हड़ताल जारी है। रविवार को उनकी भूख हड़ताल का 22वां दिन है। उन्होंने ड्रिप, ओआरएस और दवा लेने से इनकार कर दिया है। CJP और वांगचुक 28 जून से NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में आमरण अनशन पर हैं। वांगचुक को उठाने के लिए देर रात 1:30 बजे आदेश मिला था दिल्ली पुलिस के आयुक्त अनुराग कुमार के पद संभालने के 24 घंटे में वांगचुक को धरना स्थल से उठवाकर अस्पताल पहुंचा दिया गया। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार रात 1:30 बजे इसके निर्देश मिले। फिर नई दिल्ली जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंदिर मार्ग थाने में रणनीति बनाई। एक मिनट में बिना टकराव के वांगचुक को कैसे एम्बुलेंस तक ले जाएं, इसकी रिहर्सल की। जैमर लगाने पर भी चर्चा हुई, ताकि कार्रवाई के वीडियो न फैलें। सुबह 5 बजे अधिकारी जंतर-मंतर पहुंचें। वहां अंतिम ब्रीफिंग दी। फिर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी सफेद चादरें लेकर मंच पर चढ़ गए। कार्रवाई की वीडियोग्राफी से बचने के लिए चादरों का इस्तेमाल किया गया। जंतर-मंतर से विरोध प्रदर्शन की 3 तस्वीरें… वांगचुक की हड़ताल का आज 22वां दिन खबर से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

MP में यूसीसी बिल को कैबिनेट की मंजूरी:विधानसभा सत्र में पेश करने की तैयारी; दो राज्यों में UCC विधेयक पारित, एक में लागू

मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड, यूसीसी) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रविवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यूसीसी विधेयक-2026 के ड्राफ्ट को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। अब इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा। विधानसभा का सत्र कल से शुरू हो रहा है। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार विधेयक को विधानसभा में पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। समानता भारतीय संस्कृति और मूल्यों का अभिन्न हिस्सा रही है। इसी भावना के अनुरूप सरकार ने यह कदम उठाया है। देश में उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य है, जबकि गुजरात और असम में यूसीसी विधेयक पारित हो चुका है। भोपाल के इतिहास का भी किया उल्लेख कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने भोपाल के गौरवशाली इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भोपाल का इतिहास परमार राजवंश और राजा भोज से जुड़ा है। यह क्षेत्र प्राचीन काल से सनातन संस्कृति का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि भोपाल का गहरा संबंध गोंड राजवंश से भी है। मदन शाह और संग्राम शाह जैसे शासकों ने क्षेत्र के विकास में योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा- इतिहास में राजा निजाम शाह की विष देकर हत्या और उसके बाद रानी कमलापति द्वारा अपने पुत्र एवं प्रजा की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष का भी विशेष महत्व है। उन्होंने अफगान सरदार दोस्त मोहम्मद खान के दौर और बाद के शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि भोपाल का इतिहास विभिन्न शासकों और संस्कृतियों से समृद्ध रहा है। अब तक दो राज्यों में UCC बिल पारित, एक में लागू जनवरी 2025: उत्तराखंड UCC लागू करने वाला पहला राज्य 6 फरवरी 2024 को विधानसभा में UCC विधेयक पेश हुआ। 7 फरवरी 2024 को पारित हुआ। 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति ने UCC विधेयक को मंजूरी दी। क्रियान्वयन समिति ने 18 अक्टूबर 2024 को नियमावली सरकार को सौंपी। 20 जनवरी 2025 को नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिली। इस तरह उत्तराखंड UCC लागू करने वाला पहला राज्य बन गया। मार्च 2026: गुजरात UCC बिल पास करने वाला दूसरा राज्य बना गुजरात विधानसभा में मार्च 2026 में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पास कराया गया था। गुजरात UCC बिल पास करने वाला देश का दूसरा राज्य बना है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया था। विधानसभा में बिल पर वोटिंग के दौरान कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया था। बिल बहुमत से पास हो गया। मई 2026: असम UCC बिल पास करने वाला तीसरा राज्य बना असम विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल 27 मई को पेश किया गया था। यह बिल सदन से पारित भी हो गया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मुताबिक अनुसूचित जनजातियां (पहाड़ी) और अनुसूचित जनजातियां (मैदानी) UCC के दायरे से बाहर रहेंगी। साथ ही ‘पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों, प्रथाओं और अनुष्ठानों’ को भी इससे छूट दी जाएगी। आजाद भारत से पहले गोवा में UCC गोवा में पहले से ही UCC लागू है, लेकिन वहां इसे पुर्तगाली सिविल कोड के तहत लागू किया गया था। उत्तराखंड आजादी के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य है। सन् 1835 में, ब्रिटिश सरकार ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें आपराधिक साक्ष्य और अनुबंधों के संबंध में देश भर में एक समान कानून बनाने का आह्वान किया गया था। इसे सन् 1840 में लागू भी किया गया, लेकिन धर्म के आधार पर हिंदुओं और मुसलमानों के व्यक्तिगत कानूनों को अलग रखा गया। यहीं से समान नागरिक संहिता की मांग शुरू हुई। 1941 में बीएन राव समिति का गठन किया गया था, जिसने हिंदुओं के लिए एक समान नागरिक संहिता बनाने की बात कही थी। आजादी के बाद, हिंदू संहिता विधेयक पहली बार 1948 में संविधान सभा में प्रस्तुत किया गया था। इसका उद्देश्य हिंदू महिलाओं को बाल विवाह, सती प्रथा और बुर्का जैसी गलत प्रथाओं से मुक्त करना था। ……………………………….. यह खबर भी पढ़ें बंगाल में भी UCC लाने की तैयारी: भाजपा ने सरकार बनने के 6 महीने के अंदर लागू करने का वादा किया था पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार 29 जून को विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश करने वाली थी। हालांकि, बिल पेश नहीं हो पाया। भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने संकल्प पत्र में सरकार बनने के छह महीने के भीतर पश्चिम बंगाल में UCC लागू करने का वादा किया था। 9 मई को नई सरकार का गठन हुआ था। पूरी खबर पढ़ें…

48 घंटे में ही पकड़ा गया ट्रैक्टर चोर:चोरी करने के बाद जंगल में छुपाया, नाबालिग से रेप का आरोपी भी गिरफ्तार

सीकर की जीणमाता थाना पुलिस ने ट्रैक्टर चोरी के आरोपी को 48 घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी हुए ट्रैक्टर को जंगल से बरामद कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जीणमाता थाना SHO राकेश कुमार मीणा ने बताया कि 17 जुलाई को ठेहट गांव निवासी श्रवण कुमार ने मुकदमा दर्ज करवाया कि उनकी रूपगढ़ गांव में ब्लॉक फैक्ट्री है। जहां उन्होंने 16 जुलाई की रात को ट्रैक्टर खड़ा कर दिया था। इसके बाद वह काम के लिए दांतारामगढ़ चले गए थे। वापस आकर देखा तो ट्रैक्टर नहीं मिला। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले आरोपी रणजीत छबरवाल (26) निवासी ठेहट को लोसल में दबिश देकर पकड़ा। जिसने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने ट्रैक्टर को पास ही एक जंगल में छिपाया है। ऐसे में आरोपी की निशानदेही पर ट्रैक्टर भी बरामद कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछता जारी है। नाबालिग से रेप का आरोपी गिरफ्तार सीकर पुलिस ने नाबालिग लड़की से रेप के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। 2023 में जब नाबालिग लड़की की उम्र करीब 15 साल की तब आरोपी उसे अपने साथ बहला-फुसलाकर ले गया था। इसके बाद आरोपी ने नाबालिग लड़की के साथ रेप किया। इस मामले में आरोपी गिरफ्तार होने के बाद जेल गया। जमानत मिलने के बाद एक बार फिर वह नाबालिग लड़की को अपने साथ लेकर चला गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ जारी है।

टोंक जिले में 210 बिजली चोरी के मामले पकड़े:46 लाख 43 हजार 228 रुपए का किया जुर्माना, टीमों को देखकर चोर भागे

टोंक में शनिवार शाम को एक बार फिर बड़े स्तर पर बिजली निगम की एक दर्जन से ज्यादा टीमों ने बिजली चोरी करने वालों की धरपकड़ की है। 210 बिजली चोरी के मामले पकड़े हैं। कार्रवाई बिजली निगम के एसई शेरसिंह मीना के निर्देशन में जिलेभर में की गई। दरअसल, विभाग की ओर से बिजली चोरी पकड़ने का विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत जिले के सभी उप-खण्डों के अधिकारियों ने मिलकर यह कार्रवाई की है। इस दौरान 46 लाख 43 हजार 228 रुपए का जुर्माना भी किया है। जांच टीमों को देखकर कई बिजली चोर मौके से फरार हो गए। इसके बावजूद बिजली निगम के कर्मचारियों ने उनका कनेक्शन काटकर बिजली केबल भी जब्त कर ली। बिजली निगम के एसई शेर सिंह मीणा ने बताया कि शनिवार शाम को जिलेभर में उपखंड के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर अपने वन क्षेत्र में बिजली चोरी करने के मामले पकड़े है। इस तरह जिले भर में 210 लोगों के घरों में अवैध रूप से बिजली का उपभोग करते पकड़ा है। इस पर मौके पर ही उनके खिलाफ जुर्माना और कनेक्शन करने की गई है।उन्होंने बताया कि आगे भी इस तरह की बिजली चोरों पर कार्रवाई की जाएगी।

मरीज के पेट से निकाला 48 सेमी का कैंसर ट्यूमर:8 घंटे चली जटिल सर्जरी, किडनी और आंत का हिस्सा भी हटाना पड़ा

जयपुर के सीनियर ऑन्कोसर्जन डॉ. आनंद मोहन और उनकी टीम ने एक अत्यंत जटिल एवं दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों ने मरीज के पेट से 48 सेंटीमीटर (सेमी) आकार के सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर (कैंसर) को पूरी तरह से बाहर निकाल दिया है। इसे राजस्थान में अब तक हुए सबसे बड़े ‘रेट्रोपेरिटोनियल सार्कोमा’ (कैंसर) ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है। ऑपरेशन के दौरान कैंसरग्रस्त ऊतकों (टिश्यूज) को पूरी तरह से निकाल दिया गया, जो इस तरह के कैंसर के इलाज में सबसे बड़ी सफलता मानी जाती है। जांच में सामने आया किडनी के पीछे छिपा विशाल ट्यूमर डॉ. आनंद मोहन ने बताया कि मरीज पिछले दो महीनों से पेट में लगातार बढ़ रही गांठ और दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा था। जब मरीज की गहन जांच की गई, तो पता चला कि उसकी किडनी के पीछे 48 सेमी का एक विशाल ट्यूमर था। इस ट्यूमर ने पेट के भीतर कई महत्वपूर्ण अंगों और मुख्य रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) पर भारी दबाव बना रखा था। राहत की बात यह थी कि कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैला था। 8 घंटे चली जटिल सर्जरी, किडनी और आंत का हिस्सा भी हटाना पड़ा डॉक्टरों ने बताया कि यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था और लगभग आठ घंटे तक चला। ट्यूमर को सुरक्षित और एक साथ (En-bloc) बाहर निकालने के लिए डॉक्टरों को मरीज की दाईं किडनी और बड़ी आंत के एक हिस्से को भी हटाना पड़ा। इसके बाद आंत को दोबारा जोड़ने के साथ-साथ पेट की अन्य आंतरिक संरचनाओं का बहुत ही सावधानीपूर्वक पुनर्निर्माण (Reconstruction) किया गया। सर्जरी के दौरान थीं कई बड़ी चुनौतियां डॉ. आनंद मोहन के अनुसार, ट्यूमर के विशाल आकार के कारण यह सर्जरी करना तलवार की धार पर चलने जैसा था। ट्यूमर ने शरीर की मुख्य रक्त वाहिकाओं को इस कदर दबा रखा था कि पेट के अंदरूनी अंगों की सामान्य बनावट ही बदल गई थी। ऐसे में ऑपरेशन के दौरान किसी भी नस या अंग को मामूली सी क्षति पहुंचने पर मरीज की जान को खतरा हो सकता था। लेकिन मेडिकल टीम ने सटीक योजना, उन्नत तकनीक और निरंतर मॉनिटरिंग के बल पर इस बेहद जोखिम भरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन के 8वें दिन मरीज को मिली अस्पताल से छुट्टी
सफल सर्जरी के बाद मरीज को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया। अलग-अलग विशेषज्ञों की टीम द्वारा की गई सतत देखभाल से मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। ऑपरेशन के आठवें दिन मरीज को पूरी तरह से स्वस्थ और स्थिर अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। फिलहाल मरीज पूरी तरह स्वस्थ है, सामान्य जीवन जी रहा है और अपने इस नए जीवन के लिए डॉक्टरों का आभार जता रहा है। क्या है रेट्रोपेरिटोनियल सार्कोमा? यह एक प्रकार का अत्यंत दुर्लभ ‘सॉफ्ट टिश्यू कैंसर’ (Soft Tissue Cancer) है, जो पेट के पिछले हिस्से (रेट्रोपेरिटोनियल क्षेत्र) में विकसित होता है। चूंकि यह पेट के गहरे हिस्से में होता है, इसलिए यह धीरे-धीरे बढ़कर अन्य अंगों और मुख्य रक्त वाहिकाओं को अपनी चपेट में ले लेता है। इसके सफल उपचार के लिए बेहद उच्च स्तरीय और जटिल सर्जरी की आवश्यकता होती है।

मंत्री मदन दिलावर कल आएंगे जोधपुर:मारुति सुजुकी 18 प्रशिक्षार्थियों को दिए लेटर ऑफ इंटेंट, पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से मोटर मैकेनिक व्हीकल (MMV) एवं मैकेनिक डीजल ट्रेड के 18 प्रशिक्षार्थियों का चयन कर उन्हें लेटर ऑफ इंटेंट (Letter of Intent) जारी किए। बैंक ऑफ बड़ौदा के 119वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से एम्स जोधपुर के सहयोग से पाल लिंक रोड स्थित क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 51 कर्मचारियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। वहीं जिला प्रभारी मंत्री मदन दिलावर और जोगाराम कल जिले में विभिन्न इलाकों के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें लाइव ब्लॉग में..