सरकार बोली- वांगचुक की किडनी खराब हो सकती थी:उन्हें इलाज की जरूरत थी; दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई जारी, प्राइवेट हॉस्पिटल भेजने की मांग
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की पत्नी की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। सरकार की तरफ से पेश ASG चेतन शर्मा ने कहा कि, वांगचुक की तबियत लगातार खराब हो रही थी। उनकी किडनी भी खराब हो सकती थी। इसलिए इलाज जरूरी था। इस पर वांगचुक की पत्नी की तरफ से पेश एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि हमें यह भी नहीं पता कि उन्हें कौन-सी दवाएं या इलाज दिया जा रहा है। हम चाहते हैं कि उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जाए। हमने उन्हें वेदांता अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था भी कर ली है। दिल्ली पुलिस शनिवार सुबह वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। अस्पताल में भी वांगचुक की भूख हड़ताल जारी है। रविवार को उनकी भूख हड़ताल का 22वां दिन है। उन्होंने ड्रिप, ओआरएस और दवा लेने से इनकार कर दिया है। CJP और वांगचुक 28 जून से NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में आमरण अनशन पर हैं। वांगचुक को उठाने के लिए देर रात 1:30 बजे आदेश मिला था दिल्ली पुलिस के आयुक्त अनुराग कुमार के पद संभालने के 24 घंटे में वांगचुक को धरना स्थल से उठवाकर अस्पताल पहुंचा दिया गया। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार रात 1:30 बजे इसके निर्देश मिले। फिर नई दिल्ली जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंदिर मार्ग थाने में रणनीति बनाई। एक मिनट में बिना टकराव के वांगचुक को कैसे एम्बुलेंस तक ले जाएं, इसकी रिहर्सल की। जैमर लगाने पर भी चर्चा हुई, ताकि कार्रवाई के वीडियो न फैलें। सुबह 5 बजे अधिकारी जंतर-मंतर पहुंचें। वहां अंतिम ब्रीफिंग दी। फिर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी सफेद चादरें लेकर मंच पर चढ़ गए। कार्रवाई की वीडियोग्राफी से बचने के लिए चादरों का इस्तेमाल किया गया। जंतर-मंतर से विरोध प्रदर्शन की 3 तस्वीरें… वांगचुक की हड़ताल का आज 22वां दिन खबर से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

