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जालोर में नदी में पलटी जीप,चित्तौड़गढ़ में 3 की मौत:पाली सहित कई जिलों में 2 इंच से ज्यादा बारिश; राजस्थान में अतिभारी बरसात की चेतावनी

राजस्थान में झमाझम बारिश का दौर जारी है। आज भी 7 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। जैसलमेर को छोड़कर अन्य जिलों में यलो अलर्ट है। कोटा में मंगलवार सुबह तेज बारिश हुई। वहीं, जालोर, पाली में नदी-नाले उफान पर हैं। सोमवार को जोधपुर, पाली, जालोर, बाड़मेर में सोमवार को 3 इंच तक पानी बरसा। जोधपुर में तेज बारिश के बाद हाईवे पर पानी भर गया। चित्तौड़गढ़ में बिजली गिरने से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई। जालोर में नदी में जीप पलट गई। मौसम विभाग ने राज्य में 9 जुलाई तक भारी से अतिभारी बारिश का दौर जारी रहने का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खड़ी में बने डिप्रेशन सिस्टम और मानसून ट्रफ के दक्षिण-पश्चिम से होकर गुजरने के कारण राजस्थान में अच्छी बारिश हो रहा है। राजस्थान के मौसम की PHOTOS… गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स मंदिर के बाहर नदी की तरह पानी, बिजली गिरी: जालोर, चित्तौड़गढ़, पाली सहित कई जिलों में लगातार बारिश से परेशानी बढ़ी रही है। चित्तौड़गढ़ तेज बारिश के बीच बिजली गिरने से एक बच्चे सहित तीन लोगों की मौत हो गई। पाली जिले में बेडा नदी उफान पर है। जालोर के सुंधा माता मंदिर के सामने पानी नदी के वेग में बह रहा है। पाली-जोधपुर में झमाझम बरसात: पिछले 24 घंटे में पाली के देसुरी में 82MM, मारवाड़ जं. में 25, रोहट में 28, रानी में 25 मिमी बारिश हुई। वहीं, जोधपुर के झंवर में 53, लूणी में 44, कुड़ी भगतासनी में 23, शेखला में 18 एमएम पानी बरसा। सीकर, झुंझुनूं, प्रतापगढ़ राजसमंद में भी दो इंच तक बरसात रिकॉर्ड हुई। इनके अलावा दौसा, सिरोही, बांसवाड़ा, उदयपुर, अलवर समेत अन्य कई जिलों में भी हल्की बारिश हुई। कोटा-उदयपुर संभाग में ऑरेंज अलर्ट: मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- पूर्वी भारत में बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन सिस्टम आगे बढ़कर दक्षिण-पूर्वी झारखंड तक आ गया है और लगातार पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके चलते राजस्थान के कोटा, उदयपुर, जोधपुर संभाग के एरिया में 9 जुलाई तक भारी से अतिभारी बारिश देखने को मिल सकती है। दिन में तेज गर्मी-उमस: पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, गंगानगर, चूरू में तेज गर्मी, उमस रही। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, लेकिन यहां शाम होने के बाद मौसम में बदलाव हुआ और हल्की बारिश ने गर्मी से राहत दी।

सरकारी स्कूलों में पर्ची का खेल, कहां गए 503 करोड़?:राजस्थान में बच्चों की जान खतरे में, मरम्मत के नाम पर फर्जीवाड़ा

राजस्थान के 20 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग की मरम्मत के लिए जारी 503 करोड़ के बजट में हुए करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा आपने पार्ट-1 में पढ़ा (लिंक सबसे आखिरी में)। आज पार्ट-2 में पढ़िए- जिम्मेदारों की कौनसी लापरवाहियों के चलते ये हुआ। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि अफसरों ने ज्यादातर स्कूलों का फिजिकल सर्वे ही नहीं किया। बगैर किसी आकलन के सभी स्कूलों में लगभग एक जैसे काम कराने के जनरल शेड्यूल (निर्माण लागात की रेट सूची) बनाए गए। कई स्कूलों के मुखिया को जी-शेड्यूल की कॉपी नहीं दी गई, जिसके चलते ठेकेदारों ने मनमाने तरीके से काम किए। अधिकारियों ने बिना उस काम को मौके पर चेक किए ही NOC जारी कर दी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… ठेकेदारों को पर्चियों पर लिखकर बताए अलग काम दौसा जिले के अतिरिक्त जिला समन्वयक समग्र शिक्षा (ADPC) कार्यालय ने 4 दिसंबर 2025 को 1010 स्कूलों में एक ही टेंडर में प्रति स्कूल 1 लाख 96 हजार रुपए के हिसाब से कुल 19 करोड़ 79 लाख 60 हजार रुपए के स्कूल वाइज टेंडर निकाले थे। कई ठेकेदारों को बल्क में ये काम मिले थे। पड़ताल में सामने आया कि स्कूलों में क्या काम होगा, इसे सार्वजनिक ही नहीं किया गया। समसा के इंजीनियर (JEN) विजय सिंह से जी-शेड्यूल की जानकारी मांगी तो उन्होंने एक पीडीएफ भेजी। उस पीडीएफ में 26 तरह के काम दर्शाए गए। चौंकाने वाली बात ये है कि जर्जर हो चुके ज्यादातर स्कूलों में ऐसे कार्यों की जरूरत तक नहीं थी। बिना स्कूल की जरूरत या उसका सर्वे किए जी-शेड्यूल तय किए गए। पड़ताल में सामने आया कि दौसा जिले में ठेकेदारों को पर्चियों पर काम लिखकर दिए गए। भास्कर के पास इस बदले गए जी शेड्यूल की हेंड रिटन पर्ची हैं, जो ठेकेदारों को भेजी गई थी। एजुकेशन का काम देखने वाले अफसरों को बिल्डिंग सुधारने का जिम्मा डीडवाना-कुचामन जिले में बिल्डिंगों की मरम्मत का जिम्मा ऐसे विभाग और अफसरों को दिया गया, जिनका इनसे संबंध नहीं है। शिक्षा विभाग में बिल्डिंग निर्माण के लिए अलग से विभाग बना हुआ है- समग्र शिक्षा अभियान (समसा)। प्रदेश के कई जिलों में काम इसी एजेंसी को सौंपा गया। कुछ जिलों में पंचायत समितियों को भी नोडल एजेंसी बनाया गया। डीडवाना-कुचामन में दो ब्लॉक कुचामन और मौलासर के लिए टेंडर सीबीईओ स्तर से निकाले गए थे। सीबीईओ का काम शिक्षा और स्कूल संचालनों को देखना होता है। मौलासर सीबीईओ ने 154 स्कूलों में तो कुचामन सीबीईओ ने 229 स्कूलों के लिए प्रत्येक स्कूल में एक लाख 96 हजार रुपए के रिपेयर खर्च के हिसाब से टेंडर किए थे। कलेक्टर ने बनाया था एजेंसी कुचामन सीबीईओ बीएल खोखर ने बताया कि हमें तो तत्कालीन जिला कलेक्टर डॉक्टर महेंद्र खगड़ावत ने ही कार्यकारी एजेंसी बनाया था, इसके आदेश जारी हुए थे। हमने ये टेंडर किए और काम करवाए। 229 स्कूलों में से हमने 225 स्कूलों में काम पूरे करवाए हैं, तीन बिल्डिंग ज्यादा डैमेज थी और एक नई थी तो उनमे काम नहीं करवाया गया। मौलासर सीबीईओ रामचंद्र ने बताया कि 154 में से हमने 225 स्कूलों में काम पूरे करवाए हैं। जिला कलेक्टर को इसके लिए मना भी किया था। अब उन्होंने हमें क्यों कार्यकारी एजेंसी बनाया, ये तो वहीं बता सकते हैं। टेंडर 116 स्कूल का, काम हुआ 39 स्कूलों में अजमेर जिले में समसा एडीपीसी के अतिरिक्त इन सभी ब्लॉक में संबंधित पंचायत समिति कार्यालयों को भी कार्यकारी एजेंसी बनाया गया था। उन्होंने भी पंचायत समिति वार टेंडर किए। लेकिन कई पंचायत समितियों में आधे स्कूलों में काम नहीं हुआ। सरकारी आंकड़ों में दावा है….
सिंगल फर्मों को भी ठेके जारी अजमेर की पीसांगन पंचायत समिति में कई काम ऐसे मिले, जहां टेंडर में सिर्फ एक ही फर्म ने भाग लिया और उसे मामूली रेट पर ठेके दे दिए गए। गोविंदगढ़ और पिचौलिया पंचायतों में करीब 29.14 लाख रुपए के काम एक ही फर्म, मैसर्स एमडीआर कंस्ट्रक्शंस एंड सप्लायर्स को दिए गए। संचालक का कहना है कि कई स्कूलों ने काम कराने से मना कर दिया, इसलिए सभी काम पूरे नहीं हो सके। काम का पेमेंट हो गया है। पीसांगन पंचायत समिति ने मैसर्स भड़ाना कंस्ट्रक्शन को 74.81 लाख रुपए और मैसर्स टीकमचंद कुमावत कॉन्ट्रेक्टर को 28.69 लाख रुपए के कार्य जारी किए। टीकमचंद कुमावत ने बताया कि उन्हें केवल मोजेक टाइल्स लगाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन कई स्कूलों ने काम नहीं कराया। काम का पेमेंट हो गया। 4 लेवल पर बरती एक से एक बड़ी लापरवाही? 1. जल्दबाजी में सभी स्कूलों के एक जैसे जी-शेड्यूल : जिला कलेक्टर ने समसा और पंचायत समितियों को कार्यकारी एजेंसियां बनाया था। ऐसे में इन डिपार्टमेंट के टेक्निकल ऑफिसर्स को सभी स्कूलों का सर्वे कर जी- शेड्यूल एस्टीमेट बनाने थे। यानी स्कूल की बिल्डिंग मजबूत करने के लिए कहां-कहां मरम्मत की जरूरत है। इसके बाद ही टेंडर जारी करने थे। बिना स्कूल की जरूरत जाने और भौतिक सत्यापन किए बगैर ही एक जैसे जी-शेड्यूल बना दिए गए। 2. जल्दबाजी में टेंडर : समसा और पंचायत समितियों को वर्क ऑर्डर जारी करने थे। जल्दबाजी में टेंडर जारी किए। इसके चलते कई जगहों पर सिंगल फर्मों की बिड मिली और उन्हें टेंडर जारी कर दिए गए। 3. मॉनिटरिंग में कमी : फर्म को स्कूल में जी-शेड्यूल अनुसार अपना काम पूरा करना था। स्कूल हेड और स्थानीय सरपंच से उसे वेरिफाई करवाना था। कई स्कूलों में इन लोगों को जी शेड्यूल ही नहीं दिखाए गए। इससे मॉनिटरिंग नहीं हुई। जहां स्कूल हेड ने सवाल जवाब किए उन्हें मौखिक ही काम बता दिए गए। 4. इंस्पेक्शन की कमी : कॉन्ट्रेक्टर फर्मों को लोकल लेवल के तीन अलग-अलग डिपार्टमेंट के टेक्निकल अधिकारियों (एईएन) से काम को वेरिफाई करवाकर बिल पर साइन करवाने थे। इसके बाद संबंधित एसडीएम की तरफ से भी बिल वेरिफाई होना था। अगर ये अधिकारी मौके पर जाते तो अधूरे काम पर कहीं तो आपत्ति दर्ज होती। फर्मों को नोटिस जारी होते। लेकिन जाहिर है अधिकतर जगहों पर ये काम कागजों में ही पूरा कर दिया गया, यही वजह है कि 31 मार्च 2026 से पहले-पहले बिल पास हो गए। जिम्मेदार अफसरों से सवाल-जवाब सवाल : जल्दबाजी में जी-शेड्यूल बनाए गए, कई स्कूलों में जिस काम की जरूरत नहीं थी वो भी जी-शेड्यूल में दिखाए? जवाब : सभी कार्यों का एस्टीमेट बनाने से लेकर, टेंडर करना और कार्य पूरा होने के बाद भुगतान तक की प्रक्रिया पिछले साल 31 मार्च तक पूरी की जानी थी। हमें महज 90 दिन मिल पाए थे, ऐसे में समसा को जितने कार्यों के लिए एजेंसी बनाया गया था, उसमे से अधिकांश कार्य पूरे करवा दिए हैं। समय कम होने से कुछ काम रह भी गए हैं। इसमें प्रत्येक स्कूल वार उस स्कूल की जरुरत के हिसाब से ही जी शेड्यूल तैयार करना था और इन दो लाख रुपए से बिल्डिंग को रिपेयर करना था। सवाल : जी-शेड्यूल में जो तय हुआ था, उसके अनुसार काम नहीं हुए, वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी किसकी थी? जवाब : नहीं, जी शेड्यूल के अनुसार ही काम हुआ होगा, उसी के अनुसार बिल बना होगा। जिसमें कुछ क्वांटिटी में कई बार सेविंग रह जाती है और कुछ क्वांटिटी में एक्सेस भी हो जाता है। तो जो एक्सेस है, उसकी पावर के हिसाब से संबंधित अधिकारी ने अप्रूवल देकर काम करवाया होगा। फिर उसका वेरिफिकेशन इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की एजेंसी ने किया गया होगा। तो ऐसा भी नहीं है कि जी-शेड्यूल के बराबर काम नहीं हुआ। सवाल : डीडवाना-कुचामन जिले में ब्लॉक स्तर के शिक्षा अधिकारियों (सीबीईओ) को ही टेंडर की जिम्मेदारी सौंप दी गई? जवाब : इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं हैं। हालांकि सीबीईओ लेवल को ये टेंडर करने का अधिकार नहीं हैं और न ही पावर है। …. पार्ट-1 की खबर यहां पढ़ें सरकारी स्कूलों में 503 करोड़ के फंड में फर्जीवाड़ा : छतों की दरारों में रंग भरकर छोड़ा, 5 जिलों 20 स्कूलों में पहुंचा रिपोर्टर, सामने आया सच झालावाड़ के पिपलोदी में स्कूल की छत गिरने से 7 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हुई थी। सबक लेते हुए सरकार ने 503 करोड़ का बजट जारी किया। लेकिन जिम्मेदारों की नाक के नीचे ऐसा फर्जीवाड़ा हुआ, जिसने हजारों मासूमों की जिंदगी को फिर से खतरे में डाल दिया है…(CLICK कर पूरा पढ़ें)

बंगाल गैंगरेप मर्डर- मुख्य आरोपी समेत 3 गिरफ्तार:बारूईपुर में जिंदा बच्ची तालाब में फेंकी थी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दावा- फेफड़ों-पेट में पानी मिला

बंगाल पुलिस ने सोमवार को दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 साल की लड़की के रेप और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान आनंद सरदार के तौर पर हुई है। पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाकर उसे शहर के बाजार इलाके से पकड़ा। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या तीन हो गई है। मामले की जांच के लिए 6 लोगों की SIT बनाई गई है। मासूम 4 जुलाई को लापता हुई थी। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि मासूम सहेली के लिए गिफ्ट खरीदने निकली थी। जब बच्ची घर नहीं लौटी तो परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। बाद में रविवार को उसकी लाश सूर्यपुर हाट इलाके के तालाब में मिली थी। उसके सिर पर चोट के निशान थे। पोस्टमॉर्टम में भी इस बात का खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने रेप के बाद उसे जिंदा ही तालाब में फेंका था। उसके फेफड़ो और पेट में पानी मिला। डूबने और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई। रेप-मर्डर केस से जुड़ी 2 तस्वीरें…. एक आरोपी को भीड़ ने पीटकर मार डाला था इससे पहले रविवार को लड़की का शव मिलने के तुरंत बाद, भीड़ ने एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी, जिस पर लड़की के रेप और मर्डर में शामिल होने का शक था। इसकी पहचान इंद्रजीत तांती के रूप में हुई थी। पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज की जांच भी की, जिसमें लड़की को चार लोग ले जाते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस इन चारों की पहचान पुख्ता करने में जुट गई है। पुलिस ने बताया कि शुरुआती पोस्टमॉर्टम में लड़की के प्राइवेट पार्ट्स पर चोट के निशान और शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर खरोंच और काटने के निशान मिले हैं। लड़की के सिर पर या तो किसी भारी चीज से वार किया गया था या उसे किसी सख्त सतह पर पटका गया था। जांच में यह भी पता चला कि सिर की चोट से बहुत ज्यादा खून बहने और डूबने के कारण उसकी मौत हुई। बारुईपुर रेप-मर्डर पर सियासत जारी: ममता के घर पर भारी सुरक्षा तैनात घटना पर राजनीतिक विवाद भी गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने जाने से रोकने के लिए उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसे भाजपा ने रूटीन सुरक्षा बताया है। NCW ने एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने सोमवार को बंगाल के DGP सिद्धार्थ नाथ गुप्ता से एक हफ़्ते के अंदर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) मांगी है। आयोग ने एक बयान में कहा कि ATR में न केवल इस भयानक अपराध की जानकारी होनी चाहिए, बल्कि इसके बाद हुई भीड़ की हिंसा की घटनाओं का भी जिक्र होना चाहिए, जिसमें अपराध में शामिल होने के शक में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, केंद्रीय बलों के जवानों पर हमला किया गया और पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई। भास्कर नॉलेज… ————————- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली में बच्ची से रेप-हत्या, आरोपी को गोली मारी:पुलिस का दावा- भागने की कोशिश कर रहा था; अस्पताल में भर्ती बारुईपुर जैसा ही एक मामला 22 जून को नई दिल्ली में सामने आया था। जहां 11 साल की बच्ची से रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। क्राइम सीन रीक्रिएट करने के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे रोकने के लिए पैर में गोली मारी। पीड़ित बच्ची गुब्बारा बेचती थी। वह फुटपाथ पर सो रही थी। आरोप है कि टैक्सी ड्राइवर बबलू ने उसे अगवा किया। उसका रेप किया और हत्या कर लाश महरौली के जंगल में फेंक दी। पढ़ें पूरी खबर…

4-माह की मासूम से दुष्कर्म,सजा सुनाते जज की आंखें नम:फैसले में कविता लिखी- अरे शर्म करो मर्द, समझो उस लड़की का दर्द

चार माह की मासूम से दुष्कर्म के मामले में जोधपुर जिला विशेष न्यायालय (पॉक्सो) के न्यायाधीश डॉ. दुष्यंत दत्त ने आरोपी को आजीवन जेल की सजा सुनाई है। आरोपी पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सोमवार को सजा सुनाते हुए जज की आंखें नम हो गई। उन्होंने फैसले में क्या यही है मर्द की पहचान….शर्म करो मर्द कविता की पंक्तियां भी लिखीं। कोर्ट ने पीड़ित के पुनर्वास के लिए 15 लाख की प्रतिकर राशि एफडी के रूप में बालिग होने तक जमा कराने तथा उस पर मिलने वाला मासिक ब्याज पीड़ित की माता को देने के आदेश दिए हैं। सबसे पहले जानिए- क्या है मामला 14 मार्च 2025 को पीड़िता के माता-पिता फैक्ट्री में मजदूरी पर गए थे और चार माह की बालिका कमरे में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी कमरे में घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद लोगों ने आरोपी को मौके पर पकड़ लिया। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की। सरकारी एडवोकेट नरपत चौधरी ने सुनवाई में कई सबूत कोर्ट को दिए। कोर्ट ने मूलतः बिहार और वर्तमान में जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र निवासी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। ऐसे अपराधी के लिए ‘पशुवत’ शब्द का प्रयोग भी उचित नहीं- जज न्यायाधीश डॉ. दुष्यंत दत्त ने 66 पेज के जजमेंट में कहा कि यह घटना समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक और अंतर्मन को झकझोर देने वाली है। उन्होंने लिखा कि- जिस देश में कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर पूजा जाता है, वहां इस प्रकार की घटना अत्यंत पीड़ादायक है। न्यायालय ने यह भी कहा कि ऐसे अपराधी के लिए ‘पशुवत’ शब्द का प्रयोग भी उचित नहीं है, क्योंकि पशु भी अपने स्वाभाविक नियमों के विपरीत ऐसा अमानवीय कृत्य नहीं करते। जज ने फैसले में कवियत्री हीना जैन की पंक्तियां लिखीं… महिला जज ने भी सजा सुनाते हुए कविता लिखी थी तीन महीने पहले टोंक में मूक-बधिर युवती से रेप करने वाले को महिला जज ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही 1.25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। स्पेशल जज (अनुसूचित जाति-जनजाति) आरती माहेश्वरी ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कविता भी लिखी थी।

गोल्डन टेंपल में निक्कर पहने विदेशी कपल को रोका,VIDEO:पूछा- कितने का टिकट; सिख बोला- एंट्री फ्री, पहले पूरे कपड़े पहनकर आओ

अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में निक्कर पहन कर माथा टेकने जा रहे विदेशी कपल को सिख ने रोक दिया। महिला और युवक दोनों ने निक्कर पहनी हुई थी। सिख ने उन्हें गेट पर रोका और नियमों के बारे में बताया। सिख ने बताया कि निक्कर पहनकर अंदर जाना मना है। इस दौरान विदेशी महिला ने टिकट के बारे में भी पूछा, जिस पर उसे बताया गया कि यहां एंट्री पूरी तरह फ्री है। दोनों को पूरे कपड़े पहनकर आने की सलाह दी। नियम समझने के बाद विदेशी महिला ने सहमति जताई। ये वीडियो 4 जुलाई का है। जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गुरुघर की मर्यादा से अवगत कराने के लिए सूचना बोर्ड लगाया गया है। इन पर स्पष्ट लिखा है कि कैप, शॉर्ट पैंट (निक्कर), कैप्री, मोजे और मिनी स्कर्ट पहनकर प्रवेश की अनुमति नहीं है। श्रद्धालुओं से सिर ढकने और पूरे कपड़े पहनकर ही गुरुद्वारा साहिब में प्रवेश करने की अपील की गई है। अब पढ़ें वीडियो क्या है…
वीडियो में दिख रहा कि एक विदेशी महिला और उसके साथ मौजूद युवक गोल्डन टेंपल में प्रवेश करने की तैयारी कर रहे थे। तभी एक सिख ने उन्हें बताया कि गुरुद्वारा साहिब के अंदर निक्कर या हाफ पैंट पहनकर जाना मना है। उन्होंने समझाया कि दर्शन करने के लिए पूरे कपड़े या पजामा पहनना जरूरी है। बातचीत के दौरान विदेशी महिला ने पूछा कि क्या अंदर जाने के लिए किसी प्रकार का टिकट लेना पड़ता है। इस पर स्पष्ट किया कि गोल्डन टेंपल में प्रवेश पूरी तरह फ्री है और केवल गुरुघर की मर्यादा के अनुसार कपड़े पहनना जरूरी है। इसके बाद महिला ने अपने साथी की ओर इशारा करते हुए पूछा कि क्या उन पर भी यही नियम लागू होता है। सिख ने बताया कि यह नियम सभी श्रद्धालुओं और टूरिस्टों पर समान रूप से लागू होता है, चाहे वे किसी भी देश या धर्म से संबंध रखते हों। सिख ने दोनों को पास के बाजार से पायजामा या पूरे कपड़े खरीदने की सलाह भी दी। सिख और विदेशी महिला के बीच हुई बातचीत… सिख: “इनसाइड द गुरुद्वारा साहिब, प्लीज वियर द प्रॉपर पायजामा। (गुरुद्वारा साहिब के अंदर, कृपया पूरा पायजामा पहनें)
विदेशी महिला: ओके, वेल (अच्छा, ठीक है) सिख: मार्केट की तरफ इशारा करते हुए यू शुड ट्राय द मार्केट एंड बाय फ्रॉम देयर। देन यू कैन गो इनसाइड द गुरुद्वारा। (आप मार्केट जाकर वहां से खरीद सकती हैं। उसके बाद आप गुरुद्वारा साहिब के अंदर जा सकती हैं।)
विदेशी महिला: आई वॉज गोइंग देयर। व्हेयर आई बाय द टिकट? (मैं वहीं जा रही थी। मुझे टिकट कहां से मिलेगी?) सिख: आह नो, देयर इज नो टिकट। टिकट इज नो टिकट। यू शुड वियर द प्रॉपर क्लोथ्स, देन यू कैन गो। (अरे नहीं, यहां कोई टिकट नहीं है। कोई टिकट नहीं लगती। आपको बस सही कपड़े पहनने होंगे, फिर आप जा सकती हैं।)
विदेशी महिला: अपने साथी की तरफ इशारा करते हुए) ही इज फाइन?(क्या ये ठीक हैं?) सिख: नो, ही इज ऑल्सो… निक्कर इज नॉट अलाउड। दिस इज नॉट अलाउड। (नहीं, ये भी… निक्कर यहां अलाउड नहीं है। यह पहनना मना है।)
विदेशी महिला: ओके। (ठीक है।) सिख: यू वियर प्रॉपर पायजामा, फुल पैंट, देन यू कैन गो। (आप लोग पूरा पायजामा या फुल पैंट पहनें, फिर आप अंदर जा सकते हैं।)
विदेशी महिला: ओके। (ठीक है।) गोल्डन टेंपल में लगाया बोर्ड… ——— ये खबर भी पढ़ें…. गोल्डन टेंपल में भगवंत मान की फोटो वाले आईकार्ड उतरवाए अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में शनिवार को नया विवाद हो गया। यहां मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर वाले पहचान पत्र पहनकर पहुंचे श्रद्धालुओं के गले से ये पहचान पत्र उतरवाए गए। (पढ़ें पूरी खबर)

महाराष्ट्र के नासिक में बादल फटने की चेतावनी:त्र्यंबकेश्वर मंदिर बंद, 24 घंटे में 300mm बारिश का अनुमान; जम्मू में बाढ़, मलबे में गाड़ियां फंसीं

महाराष्ट्र के नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में 300 मिमी तक बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया है। नासिक में बादल फटने की आशंका भी जताई है। नासिक के सभी स्कूल और कॉलेजों में आज छुट्टी घोषित की गई है। वहीं, त्र्यंबकेश्वर मंदिर और साढ़े तीन शक्तिपीठों में शामिल सप्तश्रृंगी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आज बंद रहेंगे। रत्नागिरी जिले के शेलारवाड़ी में बारिश के कारण लैंडस्लाइड हो गया। इसकी चपेट में आने से एक मकान का हिस्सा ढह गया। एक महिला को मलबे से सुरक्षित निकाला गया। वहीं, दो लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। उन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू जारी है। इधर, जम्मू-कश्मीर के डोडा में भारी बारिश के बाद अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ का पानी, पत्थर और मलबा रिहायशी इलाकों में घुस गया। सड़कों पर कई गाड़ियां मलबे में फंस गईं। वहीं, राजस्थान के जोधपुर, पाली, जालोर, बाड़मेर में सोमवार को 3 इंच बारिश हुई। जोधपुर में बारिश के बाद हाईवे पर पानी भर गया। मानसून आज पूरे देश को कवर कर सकता है… देशभर से मौसम की 7 तस्वीरें… देशभर के मौसम से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

पंजाब कांग्रेस में कलह, राहुल गांधी आज विदेश से लौटेंगे:चन्नी वड़िंग के 3 बयानों की रिपोर्ट लेकर दिल्ली पहुंचे; प्रधान का उनके समर्थकों पर एक्शन शुरू

पंजाब कांग्रेस में चुनाव से 8 महीने पहले नेताओं में कलह तेज हो गई है। पूर्व CM व जालंधर सांसद मौजूदा प्रधान राजा वड़िंग की बयानबाजियों का डोजियर लेकर दिल्ली पहुंच गए हैं। वहां वे सांसद सुखजिंदर रंधावा, प्रगट सिंह समेत अन्य नेताओं के साथ कांग्रेस हाईकमान से मिलेंगे। राहुल गांधी आज विदेश से लौट रहे हैं। चन्नी को अब तक एक सांसद और 6 MLA का समर्थन मिल चुका है। वहीं राजा वड़िंग ने भी तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर चन्नी की मीटिंग को वह यूनिटी ऑफ स्ट्रेंथ (एकता की ताकत) बता रहे और उनके समर्थकों पर एक्शन भी शुरू कर दिया है। पंजाब कांग्रेस अनुशासनिक कमेटी के चेयरमैन व जालंधर नॉर्थ से MLA बावा हैनरी ने पूर्व MLA मदनलाल जलालपुर को नोटिस निकालकर 3 दिन में जवाबतलबी कर ली है। वड़िंग को फिलहाल एक सांसद का समर्थन मिला है। MLA कोई खुलकर उनके साथ नहीं आया। वहीं कांग्रेस इंचार्ज व छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल ने भी पंजाब में डेरा डाल लिया है। वह 5 दिन यहां रहेंगे। सोमवार को उन्होंने चंडीगढ़ पहुंचकर पहले कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप बाजवा से मुलाकात की। इसके बाद राजा वड़िंग के साथ मीटिंग करने के लिए पहुंचे। इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ:- गुटबाजी को लेकर किसने क्या कहा:- ******************* ये खबरें भी पढ़ें… पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले बगावत:चन्नी गुट वड़िंग का डोजियर लेकर दिल्ली पहुंचा, इंचार्ज बघेल की मीटिंग का बायकॉट पंजाब कांग्रेस में खुली बगावत हो गई है। पूर्व CM व जालंधर से सांसद चरणजीत चन्नी ने पंजाब कांग्रेस इंचार्ज भूपेश बघेल की मीटिंग का बायकॉट कर दिया है। चन्नी अपने समर्थक सांसदों, विधायकों व पूर्व विधायकों से मीटिंग के बाद प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग का डोजियर लेकर दिल्ली पहुंच गए हैं। यहां वे हाईकमान से मिलेंगे। चन्नी समर्थकों ने बघेल को रिसीव तक नहीं किया (पढ़ें पूरी खबर) पंजाब कांग्रेस की लड़ाई में सिद्धू गुट की एंट्री: पूर्व DGP मुस्तफा बोले- मजबूत नेता को कमान दो पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में टूट के आसार बढ़ गए हैं। पूर्व CM चरणजीत चन्नी और प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग की लड़ाई में नवजोत सिद्धू गुट की भी एंट्री हो गई है। सिद्धू के करीबी और पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना के पति पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा ने राजा वड़िंग के इस्तीफे की मांग की है। (पढ़ें पूरी खबर)

2 करोड़ का प्लॉट बेचने के 2 महीने बाद हत्या:झज्जर में दोस्त संग डेडबॉडी मिली; साथ रहने वाले दो गायब, इन्होंने एक्सीडेंट बताया था

झज्जर में मिली दो लाशों के मामले में खुलासा हुआ है। मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के लिए पहुंचे इरशाद (40) के भाई हकीकत ने सतीश और सिकंदर पर शक जताया है। उनका कहना है कि दोनों इनके साथ ही रहते थे। 6 जुलाई को सतीश ने फोन कर पहले दोनों के एक्सीडेंट की सूचना दी थी। बाद में वह और सिकंदर अस्पताल भी पहुंचे, लेकिन कुछ देर बाद वहां से चले गए। अब दोनों गायब हैं। इनके खिलाफ शिकायत दी है। यह भी सामने आया है कि कामिल (50) ने दो महीने पहले ही मेरठ में 2 करोड़ रुपए में प्लॉट बेचा था। वो 4 जुलाई को इरशाद के साथ ब्लैक स्कॉर्पियो में राजस्थान के नीमराना के लिए निकला था। कामिल प्रॉपर्टी का काम करता था। कामिल उसके साथ मुंशी का काम संभालता था। पहले जानिए, डबल मर्डर का पूरा घटनाक्रम… 6 जुलाई को आया एक्सीडेंट का फोन इरशाद के भाई हकीकत ने बताया कि कामिल के तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। उसके 2 बेटों की शादी हो चुकी है। वहीं इरशाद के परिवार में तीन बेटियां हैं। 20 साल से दोनों साथ ही थे। इस कारण पारिवारिक रिश्ता बन गया था। 6 जुलाई को सतीश ने कामिल के बेटे को फोन कर कहा था कि कामिल और इरशाद का एक्सीडेंट हो गया है। हकीकत ने आगे बताया- सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। सतीश और सिकंदर अस्पताल भी आए थे, लेकिन कुछ देर बाद वहां से चले गए। उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी और कामिल का कारोबार भी अच्छी तरह चल रहा था। इसलिए उन्हें सतीश और सिकंदर पर शक है। पुलिस दोनों से पूछताछ भी कर चुकी है। SHO बोले- गिरफ्तारी के लिए टीमें लगीं सदर थाना SHO परमजीत ने बताया- दोनों मृतकों का आज बोर्ड की तरफ से पोस्टमॉर्टम कराया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हमारी टीमें लगी हुई हैं। जो मौके पर ड्रम मिला है, वह ज्यादा बड़ा नहीं था। शवों को जलाने की कोशिश के एंगल पर भी जांच कर रहे हैं। दोनों के मोबाइल भी गायब हैं। —————- यह खबर भी पढ़ें… झज्जर में डबल मर्डर में बड़ा खुलासा:यूपी के रहने वाले थे दोनों, राजस्थान में PG चलाते थे; नीले ड्रम में शव जलाने की कोशिश झज्जर में गुरुग्राम रोड पर सोमवार सुबह सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के पास मिले अर्धनग्न शवों की पहचान हो गई। दोनों यूपी के मुजफ्फरनगर के रहने वाले थे और राजस्थान के नीमराना में एक PG चलाते थे। (पूरी खबर पढ़ें)

दिलजीत की 'सतलुज' OTT पर लौट सकती है:केंद्र ने रिव्यू कमेटी बनाई; जसवंत खालड़ा की पत्नी ने गवाह नहीं मुकरने दिए तो सजा हुई

केंद्र सरकार ने पंजाबी एक्टर दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर रिव्यू कमेटी का गठन किया है। भाजपा के पंजाब प्रधान केवल ढिल्लो की अपील के बाद यह कमेटी बनाई गई। इसकी पुष्टि भाजपा नेता आरपी सिंह ने की। कमेटी फिल्म की सामग्री, तथ्यों और प्रस्तुत किए गए विषयों का अध्ययन करेगी। दावा है कि फिल्म सेंसर बोर्ड से अप्रूवल नहीं थी। यह फिल्म् पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित थी। खालड़ा ने आतंकवाद के दौर में पंजाब में फेक एनकाउंटर में 25 हजार युवाओं को मारने का दावा किया था। यह फिल्म 3 साल की रोक के बाद 2 दिन पहले ही नाम बदलकर रिलीज की गई थी। पहले इसका नाम ‘पंजाब 95’ था, जिसे ‘सतलुज’ नाम से OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था। लेकिन फिर इसे अचानक हटा दिया गया। जसवंत खालड़ा की पत्नी का संघर्ष भी जानिए पंजाबी एक्टर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज (पंजाब 95) रिलीज के 2 ही दिन बाद OTT प्लेटफॉर्म से हटने के बाद मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा फिर चर्चा में हैं। जसवंत खालड़ा ने श्मशान घाट, नगर निगम समेत अन्य जगहों से रिकॉर्ड इकट्‌ठा कर दावा किया था कि आतंकवाद के दौर में पंजाब में पुलिस के फर्जी एनकाउंटर में 25 हजार युवकों की हत्या की गई। फिर उन्हें लावारिस की तरह फूंक दिया गया। जसवंत खालड़ा को घर के बाहर से किडनैप कर उनकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उनकी पत्नी परमजीत कौर खालड़ा ने 16 साल की लंबी लड़ाई लड़ी। जिसके बाद दोषी पुलिस वालों को सजा हुई। वह पति के इंसाफ के लिए ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ीं। हालांकि उन्हें आज भी इस बात का मलाल है कि उन्होंने दोषियों को तो सजा दिला दी लेकिन उनके पति के साथ क्या हुआ, आज तक पता नहीं चला। घर से किडनैपिंग के बाद उनका कत्ल कैसे किया गया, किसी ने इसके बारे में राज नहीं उगला। पति को इंसाफ दिलाने के लिए बीबी खालड़ा ने क्या किया, गवाह न मुकरें, इसके लिए क्या कोशिश की, आखिर कैसे CBI जांच शुरू हुई, ये सब जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट….
पति को इंसाफ के लिए परमजीत कौर खालड़ा का संघर्ष जानिए:- ***************
ये खबर भी पढ़ें… दिलजीत की 2 दिन पहले रिलीज ‘सतलुज’ OTT से हटाई:फिल्म में दावा- पंजाब में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार मारे; दोसांझ ने पायरेसी की अपील की पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित दिलजीत दोसांझ की फिल्म को अचानक OTT प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। खालड़ा ने आतंकवाद के दौर में पंजाब में फेक एनकाउंटर में 25 हजार युवाओं को मारने का दावा किया था। यह फिल्म 3 साल की रोक के बाद 2 दिन पहले ही नाम बदलकर रिलीज की गई थी। पहले इसका नाम ‘पंजाब 95’ था, जिसे ‘सतलुज’ नाम से OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था (पढ़ें पूरी खबर)

खबर हटके- बाढ़ में फ्रिज के अंदर बैठकर बचाई जान:मॉल के अंदर धान बोने का कॉम्पिटीशन; बछड़े-बछिया की शादी, गीत गाकर विदाई हुई

ब्राजील में बाढ़ में एक युवक ने अपनी प्रेग्नेंट पत्नी की जान फ्रिज में बैठाकर बचाई। वहीं, चीन में मॉल के अंदर धान बोने का कॉम्पटीशन हुआ। इधर, राजस्थान में बछड़ा-बछड़ी की शादी कराई गई और गीत गाकर विदाई भी हुई। उत्तर प्रदेश में एक युवक ने अपने दोस्त के अपॉइंटमेंट लेटर पर RPF की ट्रेनिंग में हिस्सा ले लिया। वहीं, कर्नाटक में एक सरकारी बस की हेडलाइट खराब होने पर मोबाइल टॉर्च का इस्तेमाल किया गया। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…