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आदेश 3 माह का, आवंटन एक माह का, राशन दुकानों पर रोज बढ़ रही तकरार

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत जुलाई में ही अगस्त और सितंबर का गेहूं भी वितरित करने के मुख्यालय के आदेश ने जिले की राशन व्यवस्था को असमंजस में डाल दिया है। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के 58,463 राशन कार्डों से जुड़े 2 लाख 34 हजार 288 लाभार्थी इस स्थिति से प्रभावित हो रहे हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 2 जुलाई को आदेश जारी कर अगस्त और सितंबर के लिए आवंटित गेहूं का वितरण जुलाई के वितरण के साथ-साथ करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पोस मशीन और ऑनलाइन पोर्टल पर भी आवश्यक व्यवस्था करने को कहा गया है। हालांकि, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। जिले की अधिकांश उचित मूल्य दुकानों को अभी तक केवल जुलाई का ही गेहूं आवंटित हुआ है। दूसरी ओर पोस मशीन में अगस्त व सितंबर का वितरण करने का विकल्प भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में लाभार्थी तीन माह का राशन लेने दुकानों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन दुकानदारों के पास अतिरिक्त स्टॉक नहीं होने से उन्हें सिर्फ जुलाई का गेहूं ही दिया जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि रोजाना राशन दुकानों पर उपभोक्ताओं और डीलरों के बीच बहस और नोकझोंक हो रही है। विभाग ने 2 जुलाई को जारी आदेश में पहले जारी किए गए 11 जून के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि अगस्त और सितंबर के लिए आवंटित गेहूं का वितरण जुलाई के साथ ही किया जाए, ताकि समय पर उठाव और वितरण पूरा हो सके। आदेश में सभी जिलों को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने और पोस मशीन में आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए थे। मशीन में विकल्प, लेकिन गोदाम खाली : राशन डीलरों का कहना है कि विभाग ने तकनीकी व्यवस्था तो पहले ही कर दी। पोस मशीन में अगस्त और सितंबर का विकल्प खुल गया है, लेकिन गोदाम से केवल जुलाई का गेहूं ही मिला है। ऐसे में मशीन में विकल्प दिखाई देने के बावजूद वितरण संभव नहीं है। डीलरों के अनुसार, जैसे ही उपभोक्ता अंगूठा लगाते हैं, मशीन में तीनों माह का विकल्प दिखाई देता है। इससे लाभार्थियों को लगता है कि तीन माह का राशन उपलब्ध है। जब दुकानदार उन्हें बताते हैं कि अतिरिक्त स्टॉक नहीं आया है तो कई लोग इसे बहाना समझते हैं और विवाद की स्थिति बन जाती है। उचित मूल्य दुकान संचालकों का कहना है कि विभाग के आदेश का पालन करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बिना आवंटन के तीन माह का वितरण कैसे किया जाए। उनका कहना है कि यदि गोदाम से जुलाई, अगस्त और सितंबर तीनों माह का स्टॉक एक साथ मिलता तो उसी दिन से तीन माह का गेहूं वितरित कर दिया जाता। फिलहाल उनके पास केवल जुलाई का स्टॉक है। डीलरों का कहना है कि अतिरिक्त आवंटन कब मिलेगा, इसे लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। लाभार्थी रोज सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन दुकानदारों के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं है। शहरी क्षेत्र में 20,708 राशन कार्ड व 88,333 लाभार्थी। ग्रामीण क्षेत्र 37 हजार 755 राशन कार्ड, 1 लाख 45 हजार 955 लाभार्थी। कुल राशन कार्ड 58 हजार 463, कुल लाभार्थी 2 लाख 34 हजार 288 है। वहीं जुलाई माह गेहूं आवंटन शहरी क्षेत्र के लिए 4 लाख 39 हजार 950 किलोग्राम व ग्रामीण क्षेत्र के लिए 7 लाख 34 हजार 550 किलोग्राम सहित कुल आवंटन 11,74,500 किलोग्राम (11.74 लाख किलो) हुआ है।

पुलिस का वन-टू का फोर:बदमाशों को खोजने निकली पुलिस नंबर बढ़ाने की होड़ में अपार्टमेंट से स्टूडेंट्स, बुजुर्ग व युवतियों को उठा लाई

संदिग्धों की निगरानी और चेकिंग के लिए चलाया गया एरिया डोमिनेशन अभियान बुधवार को खोह नागोरियान इलाके में पुलिस के डिटेंशन में बदल गया। बदमाशों और ड्रग्स माफिया से कनेक्शन खंगालने के लिए शुरू हुए अभियान में पुलिस एक ही अपार्टमेंट पर टूट पड़ी। यहां से 100 से ज्यादा लोगों को सुबह-सुबह फ्लैटों से उठाकर बसों में भरकर थाने ले आई। इनमें मेडिकल स्टूडेंट्स, बुजुर्ग और 3 युवतियां भी शामिल थीं। थाने पहुंचने के बाद अप्रोच का सिलसिला शुरू हुआ। कुछ लोगों को परिचितों और जानकारों के पहुंचने पर छोड़ दिया गया। बचे 94 लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। शाम होते-होते सभी की जमानत हो गई, लेकिन कई छात्र और किराएदार 12 घंटे तक थाने में भूखे-प्यासे बैठे रहे। जमानत के लिए वकीलों की फीस भी देनी पड़ी। स्टूडेंट बोला- दोस्त के यहां रुका था, उठा ले गए खोह नागोरियान में संचालित मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले एक छात्र ने बताया उसका क्लासमेट गिरनार अपार्टमेंट में किराए के फ्लैट में रहता है। मंगलवार शाम मिलने बुलाया था। रात को खाना खाने के बाद वहीं रुक गया। फ्लैट में 4 दोस्त सो रहे थे। बुधवार सुबह 6 बजे पुलिसकर्मियों ने सभी के नाम पूछे और उसी हालत में नीचे ले जाकर बस में बैठा दिया। सभी को थाने ले गए। कारण पूछने पर पुलिसकर्मियों ने धमकाया। सभी से कागजों पर साइन कराए गए और अंगूठे के निशान भी लिए गए। सवाल : सूची संदिग्धों की थी, रेड पूरे अपार्टमेंट पर क्यों? एजीटीएफ ने पुलिस से कुछ संदिग्धों की सूची साझा की थी। कुछ नाम कमिश्नरेट स्तर पर तैयार किए गए थे। सवाल यह है कि पुलिस के पास सूची थी तो बुजुर्गों, युवतियों और छात्रों को क्यों उठाया? पुलिस; गिग वर्कर्स पर हमले और बिना वेरिफिकेशन किराएदारों की जांच की पुलिस का कहना है कि इलाके में गिग वर्कर्स पर हमलों की घटनाएं सामने आ रही थीं। बिना वेरिफिकेशन रह रहे लोगों की जांच के लिए एरिया डोमिनेशन किया गया। संदिग्ध गतिविधियों और शांति भंग की आशंका के आधार पर कार्रवाई की गई। आरोप; वेरिफिकेशन के नाम पर दहशत फैलाई पुलिस ने जांच के नाम पर सामान्य किराएदारों को भी संदिग्धों जैसा व्यवहार झेलने पर मजबूर किया। कई लोगों के किराएनामे होने के बावजूद उन्हें थाने ले जाया गया। उनका कहना है कि पुलिस को दस्तावेज मांगने थे तो सोसायटी या मकान मालिकों से रिकॉर्ड लिया जा सकता था, लेकिन सुबह-सुबह पूरे अपार्टमेंट में दहशत फैला दी गई।

क्षतिग्रस्त पुलिया ने बढ़ाई वाहन चालकों की मुश्किलें

राजपुर| कस्बे के समीप तेलनी गांव से हाड़ौता गांव की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर स्थित नाले की पुलिया लंबे समय से क्षतिग्रस्त हो रही है। इस कारण ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार हर साल बारिश में पुलिया पर बड़ा गड्ढा हो जाता है। फिलहाल लोग पुलिया की एक साइड से तो निकल जाते हैं, लेकिन भारी वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही मुश्किल हो जाती है। जिम्मेदार अधिकारी पुलिया की मरम्मत को लेकर गंभीर नहीं हैं। क्षेत्र के भगवान सिंह मेहता, गजानंद मेहता और कन्हैयालाल सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि क्षतिग्रस्त पुलिया के कारण हादसा होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की है।

हजारों पेड़ों की उम्मीद हैं ये क्यारियां…:दई माता के पास भास्कर महाभियान में रोपे 4 हजार पौधे

दैनिक भास्कर के अभियान ‘एक पेड़ एक जिंदगी’ में गुरुवार को शहर से सटे दई माता के पास समर वनखंड की किटोड़ा साइट पर वन विभाग के सहयोग से 4 हजार पौधे लगाए गए। इसके लिए 45 महिलाओं की 2 टीमें बनाई गई। एक टीम ने पौधों को साइट पर लाकर रखा, जबकि दूसरी ने पौधारोपण किया। देशभर में रोपेंगे 75 लाख पौधे : भास्कर द्वारा हर साल मानसून के दौरान यह अभियान चलाया जाता है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण है। इस वर्ष देशभर में 75 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। वहीं उदयपुर में सामाजिक संस्थाओं, क्लब व समाज के सहयोग से 1 जुलाई से अब तक 6000 पौधे लगाए जा चुके हैं। इसमें गुरुवार को लगाए गए 4 हजार पौधे भी शामिल हैं। शहर में स्कूल-कॉलेज परिसर सहित कई जगह पौधारोपण किया गया है। ये रहे मौजूद: इस मौके पर डीएफओ मुकेश सैनी, दैनिक भास्कर के संपादक नवल सक्सेना, डिप्टी न्यूज एडिटर वीरेंद्र कुमार राय, फोटो जर्नलिस्ट ताराचंद गवारिया, रिपोर्टर कुणाल सिंह सोलंकी, रवि धाकड़, रेंजर रवींद्र सिंह राणावत, नाका इंचार्ज सज्जन सिंह, वन सुरक्षा एवं प्रबंध समिति अध्यक्ष लक्ष्मी बाई, वनरक्षक कमल व जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।

आज से 23 जुलाई तक चुनावी सर्वे:क्या आपके परिवार से कोई राजनीति में है? आधी आबादी वाले ओबीसी परिवारों से पूछे जाएंगे ऐसे 19 सवाल

राजस्थान ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग पंचायत-निकाय चुनावों के लिए करेगा सर्वे, 51 हजार कर्मचारी लगेंगे प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनावों के लिए राजस्थान ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग 10 से 23 जुलाई तक आधी आबादी वाले ओबीसी परिवारों का ऑनलाइन सर्वे कराने जा रहा है। सर्वे में 19 सवाल पूछे जाएंगे। परिवार के मुखिया और सदस्यों का नाम, उम्र, जेंडर, शैक्षणिक योग्यताएं, परिवार की आजीविका के साधन, परिवार का जनआधार, बीपीएल श्रेणी, खाद्य सुरक्षा लाभार्थी के अलावा परिवार में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े प्रश्न पूछेंगे। इसमें भी कैटेगरी बनाई गई है, जिसमें पंचायत से लेकर विधायक, सांसद और राज्यसभा की श्रेणी शामिल है। इस सर्वे में 51 हजार से अधिक कर्मचारी जुटेंगे। माना जा रहा है कि प्रत्येक कर्मचारी पर 250 से 300 घरों के सर्वे का जिम्मा रहेगा। इसके लिए 14 दिन का समय मिला है। फॉर्म एक; पंचायत और निकाय के लिए अलग-अलग कैटेगरी सर्वे फॉर्म का प्रारूप तो एक है, लेकिन निकाय और पंचायत चुनाव के लिए अलग-अलग फॉर्म हैं। पंचायत कैटेगरी में ग्राम पंचायत का नाम, पंचायत समिति का नाम, जिला परिषद का नाम है। इसी तरह दूसरे फॉर्म में नगर परिषद, नगर पालिका, नगर निगम और जिले का नाम शामिल है। एसआईआर-जनगणना ने अटकाया था सर्वे ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग का गठन 9 मई, 2025 को हुआ था। इसके बाद तीन बार आयोग का कार्यकाल बढ़ा, यानी आयोग को सवा साल हो चुका है। सर्वे में देरी पर आयोग का तर्क रहा है कि पहले एसआईआर का दौर चल रहा था। इसके बाद जनगणना का दौर चला। इस वजह से सर्वे का काम प्रभावित रहा था। बताया जा रहा है कि आयोग 14 अगस्त को सरकार को रिपोर्ट दे सकता है क्योंकि आयोग ने काम में तेजी दिखाई है। हालांकि आयोग का कार्यकाल 30 सितंबर तक बढ़ाया गया था। आयोग का कार्यकाल विस्तार नोट: चार माह पूर्व आयोग ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर बताया था कि कई ग्राम पंचायतों के जनसंख्या और ओबीसी आंकड़ों में गंभीर त्रुटियां (जैसे कुछ पंचायतों में ओबीसी आबादी शून्य दिखाना) हैं, जिसके कारण सटीक आरक्षण तय करने में समय लग रहा है। वोटरों की संख्या व सर्वाधिक ओबीसी आबादी वाले क्षेत्र काम पूरा होने तक कार्यमुक्त नहीं होंगे कर्मचारी ओबीसी परिवारों का सर्वे करने के लिए 10 जुलाई से कर्मचारी घर-घर जाएंगे। इस मामले में आयोग ने सरकार को बताया है कि सर्वे में शामिल कर्मचारियों के तबादलों से आयोग के कामकाज पर असर पड़ेगा। सर्वे में तबादलों की वजह से देरी की आशंका जताई गई है। आयोग ने मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी में कहा है कि सरकार ने 10 जुलाई तक कर्मचारियों के तबादलों से बैन हटाया है। इस दौरान कई विभागों में तबादले हो रहे हैं, इनमें सर्वे के काम में शामिल अफसर, कर्मचारी भी शामिल हैं। लिहाजा सर्वे का काम पूरा होने तक रिलीव नहीं किया जाए।

3 विभागों के समन्वय से फाइनल होगी नीति:53 हजार गांवों को हर दिन एक घंटा पानी देने की बनेगी नीति

राजस्थान के 41 जिलों के 53 हजार गांवों को रोज एक घंटा पानी सुनिश्चित करने, सप्लाई को निर्बाध चलाने को लेकर नई संशोधित नीति लाई जा रही है। इसके तहत ग्रामीण इलाकों की सारी पेयजल योजनाओं को इस नीति के तहत ही संचालित किया जाएगा। हर घर को बाहर से पानी लाने की बजाय सीधे नल से पानी सुनिश्चित करने को नीति बनाने पर काम हो रहा है। इसके तहत उपलब्ध जल का घर घर तक संधारण, प्रसारण रोजाना कैसे हो, इस पर फोकस है। इसके तहत करीब 95 लाख से अधिक ग्रामीण घरों को शुद्ध नल का जल सप्लाई सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है। सीएस ने पेयजल योजनाओं के संचालन एवं संधारण की व्यापक नीति को शीघ्र अंतिम रूप देने के लिए अफसरों को कहा है। इधर, प्रदेश के 95 लाख घरों तक नल का जल पहुंचाने के लिए नई नीति को 3 विभाग अंतिम रूप देंगे। इनमें पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, जलदाय विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को मिलकर फाइनल करना है। तीनों के समन्वय से संशोधित नीति को आगे बढ़ाने पर सीएस का फोकस है। 25 लाख आदिवासी परिवारों को पानी का अलग प्लान प्रदेश के करीब 25 आदिवासी परिवारों को घर घर पानी को लेकर सीएस अलग प्लान बनवा रहे हैं। उन्होंने जनजाति विकास मंत्रालय से लेकर जलदाय विभाग को मिलकर अलग प्लान बनाने को कहा है। ग्रामीण परिवार होने के बावजूद आदिवासी बेल्ट की भौगोलिक परिस्थितियां अलग होने और नल कनेक्शन में आ रही परेशानियों को दूर करने का प्लान बन रहा है। 100 करोड़ से बड़ी योजना को खुद सीएस देखेंगे राजस्थान में 970 करोड़ रुपए का जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाला होने के बाद अब राजस्थान की जेजेएम की 100 करोड़ रुपए या इससे अधिक लागत की योजनाओं पर मुख्य सचिव वी श्रीनिवास सीधे नजर रखेंगे। सीएस ने अफसरों से 100 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की नियमित मानिटरिंग करने को कहा। सीएस ने जेजेएम अफसरों से हर घर जल कनेक्शन के प्रमाणित डेटा मांगे। कितने घरों के कनेक्शन जांच के बाद प्रमाणित हुए कि पानी पहुंच रहा है, इसकी रिपोर्ट मांगी है।

बरसों बाद जमाबंदी में नाई से बना मीणा शुद्धिकरण होते ही खुशी से खिल उठा चेहरा

भास्कर न्यूज | चकेरी भारत निर्माण सेवा केंद्र चकेरी पर ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता कार्यवाहक प्रशासक रामपति देवी ने की। शिविर प्रभारी ब्रज लाल मीणा ने शिविर में आए सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज की। नायब तहसीलदार पुष्पेंद्र शर्मा ने उपस्थित लोगों से तकासमा, खेत का रास्ता, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण नहीं करने की बात कही। शिविर में फसल बुआई का समय होने के बावजूद लोगों की भीड़ रही। ग्रामीण सेवा शिविर चकेरी में 5 नामांतरण, 1 तकासमा, 38 नाम-शुद्धि के प्रकरण आए। बरसों से रामसहाय को जमाबंदी में मीणा की जगह नाई जाति दर्ज कर रखा था। शिविर में शुद्धिकरण कर मूल मीणा दर्ज किया गया। पीड़ित पुखराज ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद नामांतरण नहीं खुल रहा था। चिकित्सा विभाग की डॉ. शिवानी गुर्जर ने बताया कि 52 टीबी मरीजों की जांच हुई। बीपी-शुगर के 21 मरीजों की जांच हुई। पीएमजेवाई के 14 कार्ड वितरित किए गए। खाद्य विभाग में 10 केवाईसी हुए। 2 खाद्य सुरक्षा आवेदन आए। 15 उपभोक्ताओं की आधार सीडिंग की गई। रसद विभाग ने संचालित योजनाओं की जानकारी दी। पंचायत राज में 7 पट्टे वितरित किए गए। 2 पट्टों के आवेदन आए। कुल 20 परिवाद प्राप्त हुए। लोगों ने गंभीर नदी की पुलिया निर्माण की मांग की। बरसात में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सीमेंट के पाइप, मोरम डालने की मांग की। शिविर में आए विकास अधिकारी जगदीश मीणा, पंचायत समिति सवाईमाधोपुर, ने पट्टा वितरण ज्यादा से ज्यादा करने पर जोर दिया। बरसात से पहले जिन रास्तों पर निर्माण स्वीकृत किए गए हैं, उन्हें तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। शिविर में सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। भूरी पहाड़ी में भी ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। पांचना बांध प्रकरण के कारण नेटवर्क नहीं आने से लोगों के कार्य नहीं हो सके। एक भी आवेदन ऑनलाइन नहीं हो सका। नेट नहीं आने के कारण विभाग के अधिकारियों ने असमर्थता व्यक्त की। लोगों ने पुनः शिविर आयोजित करने की मांग की है। सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग में 6 पालनहार के आवेदन तैयार किए गए, एक व्यक्ति का वार्षिक सत्यापन कराया गया। बिजली निगम द्वारा 7 आवेदन आए, दो लूज पोल सही किए गए, एलटी केबल रिपेयर की गई। प्रमाण पत्र नहीं बनाने की शिविर प्रभारी से शिकायत राजस्व विभाग द्वारा किसानों के नोशनल शेयर प्रमाण पत्र नहीं बनाने की शिविर प्रभारी से शिकायत की। दो लोगों को पोष्टिक कीट का वितरण किया गया। जलदाय विभाग के 4 परिवाद प्राप्त हुए। महिला बाल विकास विभाग के बेटी-बचाओ 330 लोगों को जागरूक किया,कालीबाई भील योजना में 320, पन्नाधाय सुरक्षा योजना में 330 लोगों को जानकारी दी गई। सार्वजनिक निर्माण विभाग में 4 परिवाद आये जिसमें ग्रामीणों ने सड़क निर्माण पर जोर दिया। पशुपालन विभाग में 68 रोगी पशुओं की जांच की गई,540 पशुओं का टीकाकरण किया।650 पशुपालकों को लाभान्वित किया गया। सहकारिता विभाग के चरत लाल मीणा ने 20 किसानों का सत्यापन किया गया। कृषि विभाग द्वारा 386 किसानों को मिट्टी जांच, उर्वरक मात्रा,फसल गुड़ाई के बारे में बताया।

सर्राफा संस्थान का स्नेह मिलन 16 को

बारां | सर्राफा संस्थान का स्नेह मिलन समारोह और पूल पार्टी 16 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक पुलिस लाइन रोड पर स्थित निजी फार्म हाउस में होगा। मीडिया प्रवक्ता आशीष सोनी ने बताया कि अध्यक्ष कपिल पोरवाल की अध्यक्षता में आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों के हितों पर चर्चा करना, बाजार से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर बात करना तथा व्यापारियों की सलाह से संस्थान को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर महामंत्री गिरीश मूंदड़ा, पीयूष गर्ग, कोषाध्यक्ष जितेंद्र सोनी, रविंद्र जैन, देवेंद्र नागर, विवेक सोनी, आशीष शर्मा, कपिल सोनी जस्टाना, कमलेश नागर, गोविंद सुमन, राजकुमार सोनी, हरीश सोनी, नकुल सोनी, प्रवीण मराठा आदि जुटे हुए हैं।

आमजन को सर्पदंश से जागरूक और सतर्क रहने की अपील

बारां | जिले में मानसून की शुरूआत के साथ सर्पदंश के मामले सामने आने की संभावना को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने आमजन से जागरूक व सतर्क रहने की अपील की है। ताकि समय रहते सर्पदंश वाले व्यक्ति की जान बचाई जा सके। क्योंकि बारिश के मौसम में बहता हुआ पानी बिलों और निचले इलाकों में पहुंचता है। इससे सर्प व अन्य जीव बाहर आ जाते हैं। इस दौरान मनुष्य के संपर्क में आने पर सर्पदंश की घटनाएं होती हैं। सीएमएचओ डॉ. जगदीश कुशवाह ने बताया कि सर्पदंश के बाद समय पर उपचार नहीं मिलने से पीड़ित की मौत हो सकती है। सर्पदंश की स्थिति में 30 मिनट से एक घंटे का समय महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान पीड़ित अस्पताल पहुंच जाए और उचित चिकित्सा मिल जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। सर्पदंश के पीड़ित को तुरंत नजदीकी पीएचसी, सीएचसी या अस्पताल लेकर पहुंचे। झाड़-फूंक, टोटका या अन्य अंधविश्वासों में नहीं पड़ना चाहिए। सर्पदंश के मामलों में उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप जिला अस्पताल, जिला अस्पताल में विष रोधी इंजेक्शन (एंटी स्नैक वेनम) पर्याप्त मात्रा उपलब्ध करवा दिए गए हैं। इनसे पूरी तरह से उपचार संभव है। सर्पदंश की परिस्थिति में सबसे पहले नजदीकी चिकित्सा केंद्र पर पहुंच कर चिकित्सक से परामर्श लें। जिससे सही समय पर उपचार किया जा सके।

पंजाब कांग्रेस में टूट का खतरा बढ़ा:सांसद गुट-कांग्रेस प्रभारी की मीटिंग टली, 2 शर्तों से बिगड़ी बात; राहुल से मिलकर बड़ा फैसला लेंगे चन्नी

पंजाब कांग्रेस में चुनाव से करीब 8 महीने पहले टूट का खतरा बढ़ गया है। बगावती तेवर दिखा रहे पूर्व CM व जालंधर सांसद चरणजीत चन्नी के गुट की प्रभारी भूपेश बघेल से मीटिंग टल गई है। चन्नी गुट की शर्तों के बाद यह मीटिंग कैंसिल कर दी गई। अब ये मीटिंग कल हो सकती है। मीटिंग को लेकर चन्नी गुट की 2 शर्तें थीं, जिनमें कांग्रेस भवन में न मिलने और उसमें प्रधान राजा वड़िंग के मौजूद न होने की बात कही गई थी। माना जा रहा है कि इन पर सहमति नहीं बनी। चन्नी के करीबी सोर्सेज का कहना है कि वह दिल्ली में ही राहुल गांधी से मिलना चाहते हैं ताकि अगर उन्हें चुनाव में बड़ी भूमिका मिलती है तो उस पर बघेल नहीं बल्कि सीधे राहुल गांधी की मुहर हो। इसके बाद ही वह आगे कोई बड़ा फैसला लेंगे। वहीं कांग्रेस हाईकमान के किनारा करने के बावजूद पूर्व CM व जालंधर सांसद चरणजीत चन्नी ने AICC के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के आगे सरेंडर से इनकार कर दिया है। बघेल 4 दिन से चंडीगढ़ में डटे हैं लेकिन चन्नी उनसे मिलने के लिए नहीं गए। आज (10 जुलाई) को खत्म होने वाला बघेल का 5 दिन का दौरा 3 दिन के लिए बढ़ सकता है। हालांकि इतना जरूर है कि चन्नी हाईकमान पर प्रेशर बनाने में कामयाब नहीं हो सके। उनके बातचीत के लिए राजी होने से 3 दिन से हाईकमान पर बना प्रेशर रिलीज हो गया। वहीं राजा वड़िंग पावरफुल बनकर निकले हैं। वह लगातार अपनी ताकत दिखा रहे हैं। बघेल भी हाईकमान के फैसले को सही ठहराने के लिए पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्‌ठल जैसे नॉन एक्टिव नेताओं से तक मुलाकात करने के लिए उनके घर जा रहे हैं। खबर आगे पढ़ने से पहले महत्वपूर्ण पोल पर अपनी राय जरूर दें… जानिए, कांग्रेस के मौजूदा हालात में 2 एक्सपर्ट क्या कहते हैं? ******************
ये खबर भी पढ़ें… कांग्रेस हाईकमान के आगे झुका चन्नी गुट: 2 नेता चंडीगढ़ में AICC प्रभारी बघेल से मिलेंगे; सांसद रंधावा, MLA राणा-परगट के भी बोल बदले पंजाब कांग्रेस में बगावती तेवर दिखा रहे पूर्व CM व जालंधर सांसद चरणजीत चन्नी हाईकमान के किनारा करने के बाद झुक गए हैं। गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर रंधावा, कपूरथला से MLA राणा गुरजीत और जालंधर कैंट से MLA परगट सिंह के बोल बदल गए हैं। चन्नी गुट के 2 नेता AICC के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे। इनमें सांसद रंधावा भी शामिल हैं। इन नेताओं का कहना है कि हमारी किसी से कोई नाराजगी नहीं है (पढ़ें पूरी खबर)