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बंबोरी शिविर में राजस्व विभाग ने रास्तों से जुड़े प्रकरण निपटाए

सकतपुर| कस्बे के समीपवर्ती बंबोरी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर गुरुवार को ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किया गया। जिसमें ग्राम पंचायत क्षेत्र से बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने समस्याओं का निस्तारण कराया तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लिया। शिविर प्रभारी तहसीलदार महेंद्र चतुर्वेदी, एबीडीओ प्रेमप्रकाश गुप्ता, बीडीओ राहुल कुमार बैरवा, एईएन मुकुट नागर ने बताया कि शिविर में कई विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सेवाएं दी। लाभार्थियों को आवासीय पट्टे दिए गए। जॉब कार्ड बनाए गए। टीबी बीमारी से पीड़ित मरीजों को पोषण किट बांटे गए। राजस्व विभाग ने रास्तों से जुड़े प्रकरण निपटाए। नामांतरण किया। नाम शुद्धिकरण के काम हुए। किसानों के लिए फार्मर आईडी रजिस्ट्रेशन की सुविधा रही। पशुपालन विभाग ने पशु बीमा पॉलिसी से जुड़े काम किए। बीमा क्लेम के मामलों का निस्तारण किया। ग्रामीणों ने चरागाह भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत रखी। खेतों के रास्तों पर अतिक्रमण की बात कही। किसानों ने खेतों तक आने-जाने के रास्ते अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। शिविर में पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि राजेंद्र नागर, ग्राम विकास अधिकारी देवेंद्र नागर आदि ने ग्रामीणों को पट्टे भी वितरित किए।

कर्ज और धमकियों से आहत कलाकार ने खाया जहर, मौत

बारां| शहर की लंका कॉलोनी निवासी एक युवक ने विषाक्त पदार्थ खा लिया, जिसकी कोटा में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। युवक स्थानीय गायक कलाकार था, जो भजन संध्या सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में प्रस्तुतियां देता था। युवक ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें कर्ज और धमकियों से परेशान होकर आत्महत्या का कदम उठाने की बात लिखी है। कोतवाली पुलिस के अनुसार मांगरोल रोड हाल बारां के लंका कॉलोनी निवासी कुलदीप (25) पुत्र छीतरलाल बुधवार सुबह अपने दोस्त के घर पहुंचा था। वहां तबीयत बिगड़ने पर उसने अस्पताल ले चलने को कहा। जिला अस्पताल में डॉक्टरों को उसने सेल्फॉस खाने की बात बताई। प्राथमिक उपचार के बाद उसे कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। कोतवाली थाना एएसआई जमनालाल ने बताया कि परिजनों की ओर से दी गई रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की जाएगी। सुसाइड नोट मिला है।्र, जिसकी भी जांच की जाएगी। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे पुलिस ने जांच में शामिल किया है। इसमें लिखा है कि वह आत्महत्या नहीं करना चाहता था, लेकिन पैसों के लेनदेन को लेकर कुछ लोगों ने उसे इतना परेशान किया कि उसे यह कदम उठाना पड़ा। उससे गाने-बजाने का सामान छीन लिया जिसे वापस नहीं किया जा रहा। साथ ही जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। नोट में उसने तीन लोगों के नाम लिखे हैं। साथ ही उसकी मां और भाई को परेशान नहीं करने की अपील की।

हाउसिंग बोर्ड सेक्टर एक में पेयजल संकट, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

सवाई माधोपुर| जिला मुख्यालय स्थित हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर-एक स्थित पांच-छह घरों में गत कई माह से पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। ऐसे में लोगों को पीने के पानी की व्यवस्था के लिए रोजाना इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। लोगों को अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए दूर-दराज के हैंडपंपों और बोरिंगों से पानी लाना पड़ रहा है। समस्या समाधान को लेकर कॉलोनी के लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक ओर जिला कलेक्टर प्रत्येक सोमवार साप्ताहिक समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश देते हैं, वहीं दूसरी ओर जलदाय विभाग के अधिकारी इन निर्देशों को गंभीरता से लेने के बजाए लगातार अनदेखी कर रहे हैं। कॉलोनी निवासी प्रिया ने बताया कि पिछले चार-पांच माह से सेक्टर-एक के पांच-छह घरों में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति पूरी ठप है। इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार मौखिक और फोन के माध्यम से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। आज तक समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। जलदाय विभाग प्रतिदिन टैंकर भेजने का दावा करता है, लेकिन जिन घरों में वास्तव में पानी की समस्या है, वहां टैंकर पहुंचने के बजाय अन्य स्थानों पर पानी सप्लाई कर वापस चला जाता है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कॉलोनी के लोगों ने ज्ञापन में जिला प्रशासन और जलदाय विभाग से मांग की है कि हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-एक में पेयजल आपूर्ति की तत्काल व्यवस्था कराई जाए, अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा प्रभावित परिवारों को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

मध्यप्रदेश की बरसात से परवन में उफान, शेरगढ़ बांध पर चली चादर

सकतपुर| मध्यप्रदेश में हो रही झमाझम बारिश से परवन नदी में पानी की जोरदार आवक हो गई। जिससे शेरगढ़ स्थित परवन पिकअप वियर पर चादर चलनी शुरू हो गई। मायथा और तुलसा एनीकटों में पानी भरने के बाद कुंजेड़ से बपावर को जोड़ने वाली भैरुजी की 17 फीट ऊंची परवन की पुलिया पर भी पानी का भराव शुरू हो गया। डडवाड़ा गांव के समीप से निकल रही भूपसी नदी में भी पानी की आवक हुई है।

छीपाबड़ौद लहसुन मंडी भाव

छीपाबड़ौद| कस्बे की विशिष्ट लहसुन मंडी में गुरुवार को लहसुन के भाव इस प्रकार रहे। बेस्ट क्वालिटी और फुल गोला माल 16405 से 25000-26005, ऐवरेज माल 12010 से 15505-16000, छोटे माल 9200 से 11215-11600, देशी लहसुन 6500 से 15600-16400 रुपए प्रति क्विंटल। कुल आवक 5416 कट्टी 2166 क्विंटल की हुई।

24 घंटे में कार्रवाई करने की मांग, सीएम के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

वैर| गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम कार्यवाहक उपखंड अधिकारी एवं प्रशिक्षु आईएएस आलोक सिंह को ज्ञापन सौंपकर सोशल मीडिया पर समाज के विरुद्ध कथित अभद्र टिप्पणियां, गाली-गलौज तथा समाज की महिलाओं और बेटियों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर कानूनी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कुछ मीणा समाज के असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से गुर्जर समाज के नेताओं तथा समाज की बहन-बेटियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। ज्ञापन में जिन लोगों के नामों का उल्लेख किया गया, उनमें अजयराज मीना (पीलोदा), हंसराज मीना (पदमपुरा), अर्जुन महर (टोडाभीम), मनोज मीना (महवा) और मदन मोहन राजौर शामिल हैं। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उक्त लोग फेसबुक लाइव के माध्यम से एक विशेष समाज को निशाना बनाकर टिप्पणी कर रहे हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने और प्रदेश में शांति भंग होने की आशंका है। ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई ​​है।

प्रभारी सचिव ने सेवा शिविरों का किया औचक निरीक्षण बोले- हर व्यक्ति को मौके पर मिले योजनाओं का लाभ

जिले के प्रभारी सचिव हरिमोहन मीणा ने गुरुवार को अंता में आयोजित शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया, आमजन से सीधे संवाद कर फीडबैक लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का प्राथमिकता से समाधान किया जाए तथा अधिकतम प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित हो। निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने पट्टा वितरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, स्वास्थ्य जांच, आयुष्मान कार्ड, जन आधार, राजस्व प्रकरणों के निस्तारण, कृषि एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं सहित विभिन्न जनकल्याणकारी सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, इसलिए सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ काम करें। मीणा ने अधिकारियों से कहा कि शिविरों में आने वाले लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और तय समय-सीमा में उनका समाधान किया जाए। साथ ही अधिक से अधिक पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद लाभ से वंचित न रहे। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लोग पहुंचे और विभिन्न योजनाओं का लाभ लिया। इस दौरान उपखंड अधिकारी हवाई सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रभारी सचिव को शिविर की व्यवस्थाओं और अब तक किए गए कार्यों की प्रगति से भी अवगत कराया।

क्षतिग्रस्त स्कूल भवन में शिक्षण गतिविधियां न करें, छतों की सफाई करवाएं, नामांकन बढ़ाएं : कलेक्टर

कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निष्पादन समिति व मिड डे मील की समीक्षा बैठक में शिक्षा अधिकारियों से शिक्षण गतिविधियों को लेकर चर्चा की तथा समुचित निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सभी शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र के स्कूल भवनों की छतों की सफाई करवाएं तथा देखें कि क्षतिग्रस्त भवन आदि में शिक्षण गतिविधियां संचालित नहीं हों। इसी के साथ शिक्षण गतिविधियों पर फोकस करें व स्कूलों में नामांकन बढ़ाएं। कलेक्टर ने कहा कि गत सत्र के परीक्षा परिणाम का एनालिसिस करें तथा कमजोर परीक्षा परिणाम के कारणों का अध्ययन कर बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए प्रभावी रणनीति पर काम करें। जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूल में स्वीकृत सीटों पर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित हो। पीएमश्री स्कूलों की रैंकिंग का ब्लॉक स्तर से नियमित रिव्यू किया जाए तथा अपेक्षित प्रगति लाएं। विद्यार्थी उपस्थिति को बढ़ाएं व स्कूल स्तर पर किए जाने वाले असेसमेंट में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करें। सभी सीबीईओ स्कूलों में करवाए गए सिविल कार्य का निरीक्षण करें तथा ब्लॉक निष्पादन की बैठक का समयबद्ध आयोजन करें। जिन स्कूलों में अटल टिंकरिंक लैब हैं, उनमें एटीएल वेबसाइट का समुचित उपयोग किया जाए। कलेक्टर सुराणा ने मिड-डे-मील व पन्नाधाय बाल गोपाल योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषाहार दिया जाए। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता की समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षणों के माध्यम से जांच की जाए। बैठक में सीडीईओ संतोष महर्षि ने जिले की शिक्षण व्यवस्थाओं, जिला रैंकिंग, प्रबंधन व विभागीय गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान डीईओ माध्यमिक किशनलाल गहनोलिया, डीईओ प्रारंभिक ओमप्रकाश प्रजापत, साक्षरता अधिकारी राजेन्द्र गहलोत आदि उपस्थित थे।

10 और 13 जुलाई को जिले के विभिन्न वार्डो/ग्राम पंचायतों में लगेंगे शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविर

सवाई माधोपुर| सवाईमाधोपुर जिले के शहरी नागरिकों एवं ग्रामीणों को राज्य सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से 10 व 13 जुलाई को जिले के विभिन्न वार्डों में शहरी एवं ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर कानाराम ने बताया कि 10 जुलाई को नगर परिषद सवाई माधोपुर में वार्ड 49 से 54, नगर परिषद गंगापुर सिटी में वार्ड 55 से 60, नगर पालिका वजीरपुर में वार्ड 19 एवं 20, नगर पालिका बामनवास में वार्ड 17 तथा नगर पालिका खण्डार में वार्ड 1 से 25 के नागरिकों के लिए शहरी सेवा शिविरों का आयोजन होगा। 13 जुलाई को नगर परिषद सवाई माधोपुर एवं गंगापुर सिटी में वार्ड 55 से 60, नगर पालिका वजीरपुर में वार्ड 21 एवं 22, नगर पालिका बामनवास में वार्ड 18 तथा नगर पालिका खण्डार में वार्ड 1 से 25 के नागरिकों के लिए शहरी सेवा शिविरों का आयोजन होगा। इसी प्रकार 10 जुलाई को पंचायत समिति सवाई माधोपुर की ग्राम पंचायत कुण्डेरा, पांचोलास, चितारा तथा पंचायत समिति गंगापुर सिटी की ग्राम पंचायत उमरी के भारत निर्माण सेवा केन्द्र में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन होगा। 13 जुलाई को पंचायत समिति सवाई माधोपुर की ग्राम पंचायत ओलवाड़ा, खिजूरी, टोडरा एवं पंचायत समिति गंगापुर सिटी की ग्राम पंचायत जाट बड़ौदा के भारत निर्माण सेवा केन्द्र में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन होगा।

3 साल में सिर्फ 36 बुजुर्गों तक पहुंची कृषक सम्मान पेंशन, वजह- जानकारी और सत्यापन की अड़चन

लघु एवं सीमांत बुजुर्ग किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए संचालित वृद्धजन कृषक सम्मान पेंशन योजना का लाभ ब्यावर जिले में अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन साल में जिले के केवल 36 किसानों को ही योजना का लाभ मिल सका, जबकि पूरे राजस्थान में इसी अवधि में 1 लाख 81 हजार 672 किसानों को पेंशन स्वीकृत हुई। विभागीय जानकारी के अनुसार योजना के तहत निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले लघु एवं सीमांत कृषक बुजुर्गों को प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। इसके बावजूद जिले में जानकारी के अभाव, दस्तावेजों की कमी और ऑनलाइन सत्यापन की लंबी प्रक्रिया के कारण कई पात्र बुजुर्ग योजना से वंचित रह रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्गों को आवेदन के लिए ई-मित्र केंद्रों पर जाना पड़ता है। आवेदन के दौरान किसी भी दस्तावेज में त्रुटि मिलने पर उन्हें बार-बार ई-मित्र और संबंधित विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बुजुर्गों के लिए यह प्रक्रिया आसान नहीं होने से आवेदन बीच में ही अटक जाते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी तथा लघु या सीमांत किसान होना अनिवार्य है। इसके अलावा बैंक खाते का आधार से लिंक होना जरूरी है। भूमि धारण प्रमाण-पत्र का ऑनलाइन सत्यापन तहसीलदार या नायब तहसीलदार स्तर से किया जाता है। कई मामलों में यह प्रक्रिया 30 दिन से अधिक समय तक लंबित रहने से भी पेंशन स्वीकृत होने में देरी हो जाती है। अन्य योजना के लाभ में पात्रता नहीं- विभाग : विभागीय अधिकारियों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति पहले से किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ ले रहा है तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होता। वहीं ऑनलाइन आवेदन में गलत दस्तावेज अपलोड करने या पात्रता संबंधी शर्तें पूरी नहीं होने पर आवेदन निरस्त हो जाता है।