ब्रेकिंग न्यूज़
7 सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षक संघ आज देगे ज्ञापन

राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष शेरसिंह चौहान के आह्वान पर तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण सहित 7 सूत्रीय मांगों को लेकर सवाई माधोपुर जिले के सभी उपखंड मुख्यालयों पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारियों को ज्ञापन दिया जाएगा। प्रदेश प्रवक्ता राहुल सिंह गुर्जर ने बताया कि सवाई माधोपुर में ब्लॉक अध्यक्ष विजेंद्र फागना, चौथ का बरवाड़ा में प्रदीप भारद्वाज, खंडार में मदरूप सिंह गुर्जर, बौंली में जहीर अली, बामनवास में सियाराम गुर्जर तथा गंगापुर सिटी में समय सिंह गुर्जर के नेतृत्व में ज्ञापन दिया जाएगा। ज्ञापन में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लंबित स्थानांतरण, पदोन्नति (डीपीसी), वेतन संरक्षण (पे प्रोटेक्शन) आदि सहित सात प्रमुख मांगें शामिल है।

5 मौतों के बाद जागा प्रशासन:डेढ़ किमी में न स्पीड लिमिट, ना ही ट्रैफिक मर्ज के संकेत; बसों के अवैध स्टॉपेज से हादसों का खतरा

जयपुर-अजमेर एक्सप्रेस-वे पर दो दिन में 5 मौतों के बाद प्रशासन सड़क सुरक्षा की खामियां तलाशने में जुटा है। कलेक्टर ने पांच विभागों की संयुक्त टीम बनाकर हादसों के कारणों और सुधार के सुझावों पर पांच दिन में रिपोर्ट मांगी है। इस बीच भास्कर ने गुरुवार को पीडब्ल्यूडी के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर और रोड इंजीनियरिंग एक्सपर्ट सीताराम शर्मा के साथ 200 फीट चौराहे से कमला नेहरू पुलिया तक करीब डेढ़ किमी हिस्से का पैरेलल निरीक्षण किया। पड़ताल में सामने आया कि जिस हिस्से पर रोज हजारों वाहन गुजरते हैं, वहां बुनियादी सड़क सुरक्षा इंतजाम तक अधूरे हैं। न स्पीड लिमिट के बोर्ड हैं, न ट्रैफिक मर्ज के संकेत। कई जगह सर्विस रोड और मुख्य सड़क के बीच गैप इतना चौड़ा है कि वाहन अचानक हाई-स्पीड ट्रैफिक के सामने आ जाते हैं। बस संचालकों ने सड़क किनारे अवैध स्टॉपेज बना लिया है, जहां सवारियां उतारी-बैठाई जा रही हैं। भास्कर ने रोड इंजीनियरिंग एक्सपर्ट के साथ किया घटनास्थल का निरीक्षण, 200 फीट चौराहे से कमला नेहरू पुलिया तक मिली ये 5 बड़ी तकनीकी खामियां 1. जंक्शन पर अचानक सामने आ रहे वाहन 200 फीट चौराहे और एक्सप्रेस-वे के जंक्शन पर दोनों सड़कों का ट्रैफिक मिल रहा है। यहां ट्रैफिक मर्ज का साइन बोर्ड और ब्लिंकर नहीं। वाहनों के लिए सड़क का मार्जिन काफी चौड़ा है। 2. डेढ़ किमी क्षेत्र में वाहन स्पीड के साइन बोर्ड ही नहीं डेढ़ किमी लंबे पूरे हिस्से में कहीं भी वाहनों की स्पीड लिमिट का बोर्ड नहीं है, जबकि यह घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां एक्सप्रेस-वे से उतरने के बाद वाहनों की गति कम कराना आवश्यक है। 3. होटल अमारा के सामने गैप ज्यादा, हादसे हो रहे होटल अमारा पैलेस और हाईवे किंग के सामने सर्विस रोड और मुख्य सड़क के बीच अत्यधिक चौड़ा गैप भी हादसों की वजह बन रहा है। 4. बीच रास्ते में ही बसें रुक रही, सवा​री बैठा रहे क्षेत्र में दुर्घटना संभावित क्षेत्र, नो-पार्किंग और नो-स्टॉपेज चेतावनी बोर्ड नहीं हैं। बस संचालकों ने अवैध स्टॉपेज बना लिया है। सड़क किनारे सवारियां बैठाई और उतारी जा रही हैं। 5. कट नहीं, फिर भी साइन बोर्ड, यूटर्न निषेध एक्सप्रेस-वे पुलिया से उतरते ही कट का साइन बोर्ड लगा है, जबकि पुलिया से कमला नेहरू पुलिया तक कोई कट नहीं है। ऐसे में बोर्ड वाहन चालकों को भ्रमित करता है। यहीं यू-टर्न निषेध का बोर्ड भी है, लेकिन हर मिनट वाहन टर्न ले रहे। }

छबड़ा में 59 व बारां में 20 एमएम बारिश, तापमान गिरने से लोगों को गर्मी से मिली राहत

भास्कर न्यूज| बारां जिले में बुधवार देररात को बारां और छबड़ा समेत कई जगहों पर बारिश हुई। इसके कारण तापमान में गिरावट के साथ ही उमस से भी लोगों को राहत मिली। बारां शहर में देररात करीब 12 बजे बारिश का दौर शुरू हुआ। करीब डेढ़ घंटे तक तेज व मध्यम बारिश का दौर जारी रहा। इसके कारण कई जगहों पर जलभराव हो गया। इसके बाद गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहे और कुछ देर बूंदाबांदी हुई। इससे दिनभर उमस का असर बढ़ा रहा। हालांकि दोपहर में अंता, छीपाबड़ौद समेत आदि जगहों पर बारिश दर्ज की गई। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार गुरुवार सुबह 8 बजे तक छबड़ा में 59, अंता व छीपाबड़ौद में 23-23, बारां व अटरू में 20, किशनगंज में 15 व शाहाबाद में 2 एमएम बारिश दर्ज की गई। साथ ही गुरुवार शाम 4 बजे तक अंता में 28, छबड़ा में 6, बारां व छीपाबड़ौद में 5-5, अटरू में 4, किशनगंज में 3 व शाहाबाद में 2 एमएम बारिश दर्ज की गई। डॉ. राधेश्याम शर्मा, मौसम केंद्र निदेशक मौसम केंद्र जयपुर निदेशक ने बताया कि प्रदेश में गुरुवार को दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश के ऊपर बना वेल मार्क लो प्रेशर उत्तर पश्चिम मध्यप्रदेश व आसपास के उत्तरप्रदेश क्षेत्र के ऊपर अवस्थित है। इसके आगामी 24 घंटों में उ.प.उ. दिशा में आगे बढ़ने व वेल मार्क लो प्रेशर बने रहने की संभावना है। इसके कारण राज्य के कुछ भागों में मानसून सक्रिय रहने व 11 जुलाई से आगामी एक सप्ताह राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियों में गिरावट होने की प्रबल संभावना है। शुक्रवार को बारां समेत कोटा संभाग के कुछ भागों में मध्यम से भारी व कहीं-कहीं अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। शेष अधिकांश भागों में भी मध्यम से कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।

बारिश और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर निकाली घास भैरुजी की सवारी

छीपाबड़ौद| तहसील क्षेत्र के गोरधनपुरा गांव में अच्छी बारिश, खुशहाली और समृद्धि की कामना को लेकर गुरुवार को घास भैरुजी की सवारी निकाली गई। जिसमें गांव के बुजुर्ग, युवा, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। सुबह विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद घास भैरुजी का फूल-मालाओं और सिंदूर से शृंगार किया गया। इसके बाद उन्हें लकड़ी के आसन पर विराजमान कर रस्सियों की सहायता से ढोल-नगाड़ों के साथ पूरे गांव में भ्रमण कराया गया। सवारी के दौरान महिलाओं ने भजन-कीर्तन किए, जबकि बच्चों और युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। सवारी गांव की चारों दिशाओं से होकर निकली। अंत में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अच्छी बारिश, अच्छी फसल और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

अनुपयोगी व नकारा सामानों की हुई खुली नीलामी

बारां | अतिरिक्त कलेक्टर भंवरलाल जनागल की अध्यक्षता व लेखाधिकारी, कलेक्ट्रेट, कोषाधिकारी व नाजिर की सदस्यता में गुरुवार दोपहर 3 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्ट्रेट के अनुपयोगी एवं नकारा सामानों की खुली नीलामी बोली लगाई गई। जिसकी बोली 2 लाख 38 हजार 500 रुपए से शुरू हुई। 7वें राउंड की नीलामी बोली राशि 2लाख 43 हजार 500 रुपए पर समाप्त हुई। खुली नीलामी बोली में 46 जीएसटी फर्मों ने भाग लिया।

जिले में एक साथ पौधरोपण कल हर वृक्ष कुंज में लगाए जाएंगे पौधे

भास्कर न्यूज | बारां हरियालो राजस्थान अभियान के तहत जिलेभर में 11 जुलाई को सुबह 9.30 बजे एक साथ व्यापक पौधरोपण किया जाएगा। वृक्ष कुंज अभियान के तहत पहले से तैयार किए गए गड्ढों में पौधे लगाए जाएंगे। जिला प्रशासन ने अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और पौधरोपण के साथ पौधों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया है। कलेक्टर बालमुकुन्द असावा ने बताया कि जिले के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में एक साथ पौधरोपण किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन और विभागों के बीच समन्वय के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक को ओवरऑल प्रभारी बनाया गया है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लगाए जाने वाले प्रत्येक पौधे की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड और आवश्यक तारबंदी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पौधों को नियमित पानी उपलब्ध कराने और उनकी देखभाल की प्रभावी मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि पौधरोपण केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए। कलेक्टर ने कहा कि हरियालो राजस्थान अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित पर्यावरण देना है। उन्होंने जिलेवासियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी जिम्मेदारी लेने की अपील की।

पावडेरा मार्ग पर शुरू हुआ सीसी रोड का निर्माण कार्य

चौथ का बरवाड़ा | पुलिस थाने से पावडेरा रेलवे फाटक तक अधूरे सीसी रोड का कार्य पीडब्ल्यूडी ने शुरू कर दिया है। यहां करीब 4 महीने पहले सार्वजनिक निर्माण विभाग के ठेकेदारों ने पुरानी डाबर सड़क खोदकर गिट्टी बिछा दी थी। साथ ही मात्र 10 मीटर सीसी रोड बनाकर कार्य अधूरा छोड़ दिया था। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस मामले में दो दिन पहले भास्कर में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग के ठेकेदारों ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। चौथ का बरवाड़ा में पुलिस थाने से रेलवे फाटक तक करीब 1 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग काफी लंबे समय से क्षतिग्रस्त था। विधायक जितेंद्र गोठवाल की अभिशंसा पर सीसी सड़क का कार्य स्वीकृत हुआ। विभाग के ठेकेदारों की लापरवाही से सड़क निर्माण कार्य करीब 4 महीने से अधूरा था। लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। पुरानी सड़क खोदकर थोड़ी सी सीसी सड़क बनाने से रेलवे फाटक पर आए दिन जाम की स्थिति बन रही थी। ऐसे में इस मामले को लेकर भास्कर में समाचार प्रकाशित होने के बाद विभाग ने कार्रवाई की। ठेकेदारों को फिर से कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद गुरुवार से सीसी सड़क का कार्य शुरू हुआ। लोगों ने राहत की सांस ली है।

बारां के व्यापारियों को अब रेलवे से कम लागत में अपने माल को सुरक्षित भेजने की सुविधा मिलेगी

बारां | शहर के रेलवे स्टेशन के पास स्थित गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (बीजीपीएस) ने अपने टर्मिनल से गुरुवार को पहली डोमेस्टिक कंटेनर रैक का शुभारंभ किया। यह टर्मिनल रेलवे के गति शक्ति जीसीटी पॉलिसी के तहत स्केलर ग्रुप के स्वामित्व में है और पूरे दक्षिण-पूर्व राजस्थान का पहला मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स टर्मिनल है, जो दो रेल लाइनों, वेयरहाउस और साइलों की सेवा प्रदान कर रहा है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि टर्मिनल से पहली कंटेनर रेक दक्षिण भारत में बैंगलोर के लिए रवाना की गई। कंपनी अपने इस टर्मिनल से आने वाले समय में लगातार कंटेनर ट्रेनों का परिचालन करने जा रही है, जो इस क्षेत्र के व्यापारियों और माल को देश के विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ेगी। इस सुविधा से व्यापारियों को कम लागत और अपने माल को सुरक्षित तरीके से अंतिम गंतव्य पर भेजने की सुविधा मिलेगी। पहली कंटेनर ट्रेन का शुभारंभ पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल (सीनियर डीसीएम) के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने किया। इस अवसर पर स्केलर ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भाग्यमनी सिंह, टर्मिनल प्रोजेक्ट प्रबंधक राकेश कुमार, सेंट्रल वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन, आईटीसी कंपनी और ट्रेड के कई लोग उपस्थित थे।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दिया धरना, मानदेय पेंशन व कर्मचारी जैसी सुविधाओं की मांग उठाई

25 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय, पेंशन और सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाओं सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न ब्लॉकों से बड़ी संख्या में पहुंचीं महिलाओं ने धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं वर्षों से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और पोषण योजनाओं के प्रभावी संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय पर काम करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है, जबकि जिम्मेदारियां लगातार बढ़ाई जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया जाए। इसके साथ ही सहायिकाओं के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन योजना लागू करने, सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाएं देने, एचआर भत्ते में बढ़ोतरी तथा अन्य लंबित मांगों का जल्द समाधान किया जाए। धरना समाप्त होने के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

111 डॉक्टरों का फर्जी सर्टिफिकेट पर आरएमसी में रजिस्ट्रेशन:बिना FMGE पास कजाकिस्तान से एमबीबीएस 88 डॉक्टर गिरफ्तार होंगे, कई सरकारी अस्पताल में तैनात

कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर यहां प्रैक्टिस कर रहे 88 डॉक्टर और गिरफ्तार होंगे। ये डॉक्टर राजस्थान में सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में प्रैक्टिस कर रहे हैं। एसओजी की जांच में इन डॉक्टरों के प्रैक्टिस के लिए जरूरी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (एफएमजीई) सर्टिफिकेट फर्जी निकले हैं। अब तक 27 डॉक्टर गिरफ्तार हो चुके हैं। अधिकतर डॉक्टर कस्बों में प्रैक्टिस कर रहे हैं। विदेश से एमबीबीएस करने वाले लोगों को भारत में पंजीयन से पहले निर्धारित क्वालिफाइंग एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा पास करनी होती है। मगर करीब डेढ़ सौ डॉक्टरों ने फर्जी सर्टिफिकेट से राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवा लिया और सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में प्रैक्टिस करने लगे। अब एसओजी एफएमजी डेटा व आरएमसी डेटा की जांच कर मिलान कर रही है, जिसमें कई फर्जी सर्टिफिकेट सामने आए हैं। पढ़ाई से लेकर रजिस्ट्रेशन तक का पूरा सौदा अब तक गिरफ्तार 27 डॉक्टरों ने एसओजी पूछताछ में खुलासा किया है कि नीट क्वालिफाई नहीं करने पर कुछ दलालों ने संपर्क किया था। उन्होंने कजाकिस्तान से एमबीबीएस करने और बिना एफएमजीई के राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन का ठेका 25-30 लाख में लिया था। एक युवक को कजाकिस्तान भेजने के बाद उसके चैनल से कई लोगों को विदेश से एमबीबीएस करवाया और 25 करोड़ रुपए फर्जी तरीके से खर्च किए। गिरोह के मास्टरमाइंड भानाराम माली ने रिश्तेदारों को एमबीबीएस करवाया। इसके बाद रिश्तेदारों के संपर्क में रहे युवकों को भेजा। फिर फर्जी दस्तावेजों पर रजिस्ट्रेशन करवा लिया। इधर, एसओजी एडीजी विशाल बंसल का कहना है कि विदेश से एमबीबीएस कर भारत आए सौ से ज्यादा डॉक्टरों के एफएमजी रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा सामने आया है। विदेश से एमबीबीएस कराने व फर्जी रजिस्ट्रेशन करवाने में एक बड़ा गिरोह सक्रिय था, जिसका खुलासा कर दिया है। एफएमजी डेटा व आरएमसी डेटा की जांच कर रहे हैं। जल्द ही कई गिरफ्तारियां होंगी।