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केंचुली बदलने बैंक में घुसा 5 फीट लंबा कोबरा:फुटेज में दिखा सांप, स्नेक कैचर ने एक घंटे की मशक्कत के बाद किया रेस्क्यू

जैसलमेर जिले के बडोड़ा गांव स्थित मरुधरा ग्रामीण बैंक में उस समय हड़कंप मच गया, जब बैंक के अंदर करीब 5 फीट लंबा जहरीला कोबरा घुस आया। सुबह कर्मचारी काम पर पहुंचे और बैंक का दरवाजा खोला तो फर्श पर सांप की केंचुली पड़ी मिली। अनहोनी की आशंका पर कर्मचारियों ने तुरंत सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में साफ दिखा कि कोबरा शटर के नीचे से अंदर घुसा और वॉशबेसिन की नाली की ओर चला गया। नाली में हलचल होने पर ध्यान से देखा गया तो वहां कोबरा बैठा मिला। जैसलमेर से बुलाया गया स्नेक कैचर
सूचना मिलते ही जैसलमेर से स्नेक कैचर प्रेम चौधरी को मौके पर बुलाया गया। जांच के दौरान वॉशबेसिन के पास नाली में कोबरा का केवल सिर दिखाई दे रहा था। इसी बीच किसी ने नाली में पानी डाल दिया, जिससे घबराकर सांप पाइप के और अंदर चला गया। एक घंटे की मशक्कत के बाद हुआ रेस्क्यू
प्रेम चौधरी ने सूझबूझ से काम लेते हुए करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद बैंक कर्मचारियों और वहां मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।

नेवी के जवान का शव देख पत्नी बेसुध:बोलीं-बेटी बुला रही है लौट आओ; 3 KM तक तिरंगा यात्रा निकाली गई, आज ही था जन्मदिन

झुंझुनू जिले के नेवी के जवान की मुंबई में हादसे में मौत हो गई। सूरजगढ़ के घरडू गांव निवासी जवान कुलदीप दिवाच (27) का शव शुक्रवार सुबह 10:30 बजे उनके घर लाया गया। शव देखते ही मां, पत्नी और भाई फूट-फूट कर रोने लगे। 18 माह की बच्ची को पिता के अंतिम दर्शनों के लिए लाया गया तो पत्नी ने कहा- बेटी बुला रही है लौट आओ। इसके बाद पत्नी रोते-रोते बेसुध हो गई। यह देख वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। कुलदीप का आज जन्मदिन था। 10 जुलाई को ही वह नेवी में भर्ती हुए थे। गुरुवार को लेफ्टिनेंट कमांडर रजत तोमर के नेतृत्व में दिल्ली और मुंबई से भारतीय नौसेना के जवानों की एक टुकड़ी विशेष वाहन से दिल्ली से पार्थिव देह लेकर सूरजगढ़ पहुंची थी। शुक्रवार सुबह 9:30 बजे सूरजगढ़ थाने से जवान कुलदीप के पैतृक गांव तक 3 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। रास्ते भर में जवान के अंतिम दर्शनों के लिए सामाजिक संगठनों के लोगों, स्कूली बच्चे और आमजन पहुंचे। कुलदीप दिवाच की पोस्टिंग मुंबई में थी। 6 जुलाई की सुबह 8 बजे वह स्कूटी से ड्यूटी जा रहे थे। इस दौरान तेज अंधड़ से एक पेड़ टूटकर उन पर गिर गया। हादसे में कुलदीप गंभीर रूप से घायल हो गए। 9 जुलाई को इलाज के दौरान मुंबई में उनका निधन हो गया। गांव से श्मशान घाट तक नेवी बैंड के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। श्मशान घाट पर जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोपहर करीब 1 बजे भाई प्रदीप ने मुखाग्नि दी। सूरजगढ़ विधायक श्रवण सिंह ने बताया – आज, 10 जुलाई को ही कुलदीप का जन्मदिन है। 10 जुलाई को ही उनका नेवी में सिलेक्शन हुआ था और आज अन्तिम संस्कार भी 10 जुलाई को ही हुआ है। हमें कुलदीप पर गर्व है। 2018 में हुए थे नेवी में भर्ती जवान कुलदीप दिवाच का 10 जुलाई 1999 को जन्म हुआ था। उन्होंने 2018 में भारतीय नौसेना में अपनी सेवा शुरू की थी। कुलदीप भारतीय नौसेना में लीडिंग एयर ऑर्डनेंस मैकेनिक (LAOM) के पद पर कार्यरत थे। वे हवाई जत्था 330/ भारतीय नौसेना पोत शिकरा पर तैनात थे।
यह भारतीय नौसेना की एविएशन (विमानन) शाखा में एक नॉन-कमीशन ऑफिसर (नाविक/सेलर) का पद या रैंक है, जो विमानों के हथियारों और गोला-बारूद के रखरखाव से जुड़ा होता है। कुलदीप दिवाच अपने पीछे मां सुभीता देवी, पत्नी, 18 माह की बेटी और बड़े भाई प्रदीप को छोड़ गए हैं। उनकी मां और पत्नी गृहिणी हैं, जबकि बड़े भाई प्रदीप भारतीय वायुसेना में कार्यरत हैं। देखें तिरंगा यात्रा से जुड़ी PHOTOS

दतिया उपचुनाव से पहले राजेंद्र भारती की याचिका खारिज:दिल्ली हाईकोर्ट ने सजा पर रोक से किया इनकार; FD घोटाला केस में गई विधायकी

दिल्ली हाईकोर्ट ने दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले शुक्रवार को बैंक FD घोटाला मामले में कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की याचिका खारिज कर दी। इससे उनकी 3 साल की सजा बरकरार रहेगी। उन्होंने सजा पर रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, सजा के बाद ट्रायल कोर्ट से उन्हें जमानत मिल चुकी है। राजेंद्र भारती ने दिल्ली हाईकोर्ट में सजा और दतिया विधानसभा उपचुनाव की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिका में उन्होंने कहा था कि अगर दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगी, तो उनका चुनाव लड़ने का अधिकार प्रभावित होगा। कोर्ट ने 2 अप्रैल को सुनाई थी 3 साल की सजा बैंक FD घोटाला मामले में दिल्ली की MP-MLA कोर्ट ने 2 अप्रैल को राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी थी। इसी आदेश और सजा पर रोक की मांग को लेकर उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने भारती की ओर से दलील दी कि मामला आपराधिक नहीं, बल्कि सिविल प्रकृति का है। उन्होंने कहा कि बैंक पहले इस विवाद को सिविल मामला मानते हुए सुप्रीम कोर्ट गया था, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था। समझौते की राशि अब तक नहीं मिली है। संबंधित FD बैंक में सुरक्षित है। जानिए दतिया सीट पर उपचुनाव की नौबत क्यों आई? दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती को दो वर्ष से अधिक की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सीट खाली घोषित कर दी। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस बनाम भारत संघ फैसले, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 और संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) के तहत की गई। बैंक एफडी से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला 1998 में दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में एक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। आरोप था कि बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर कर एफडी की अवधि 3 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई। इसके आधार पर 1999 से 2011 के बीच ब्याज की राशि निकाली जाती रही। उस समय राजेन्द्र भारती बैंक के अध्यक्ष और संबंधित संस्था के ट्रस्टी भी थे। बाद में मामले की जांच हुई और आरोप पत्र दायर किया गया। विधानसभा ने तुरंत सीट रिक्त क्यों घोषित की? जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के अनुसार किसी विधायक को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होने पर वह अयोग्य हो जाता है। 2013 में सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस फैसले के बाद ऐसी स्थिति में सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाती है। केवल अपील दायर करने से सदस्यता बहाल नहीं होती। इसके लिए उच्च अदालत को दोषसिद्धि या अयोग्यता पर रोक लगानी होती है। …………………………………

यह खबर भी पढ़ें…. दतिया में कांग्रेस कैंडिडेट को लेकर बदले समीकरण मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 30 जुलाई को मतदान होना है, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई है। इसके बावजूद अब तक न तो भाजपा और न ही कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा की है। इसी बीच कांग्रेस में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर…

बालोतरा में लाठियों से दो चिंकारा की हत्या:ग्रामीणों ने 2KM किया पीछा, घर के आगे फेंककर भागे; तीन युवक डिटेन, धरने पर बैठे लोग

बालोतरा में फॉक्स लाइट और लाठियों से दो चिंकारों (हिरणों) की हत्या कर दी गई। वन्यजीव प्रेमियों को भनक लगने पर शिकारी मौके से भाग निकले। करीब 2 किलोमीटर तक पीछा करने पर आरोपी अपने घर के सामने चारपाई के पास मृत हिरण और अन्य सामान पटककर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाकर तीन आरोपियों को डिटेन कर लिया। घटना धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के भलीसर तेजे की ढाणी गांव में गुरुवार रात करीब 12 बजे की है। आरोपियों के घर के सामने वन्यजीव प्रेमी रात से धरने पर बैठे हैं और पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने की मांग कर रहे हैं। वन्यजीव प्रेमी सतीश विश्नोई का कहना है कि भलीसर गांव में पहले हजारों की संख्या में हिरण थे, लेकिन अब उनकी संख्या आधे से भी कम रह गई है। शिकार की भनक लगते ही पहुंचे वन्यजीव प्रेमी
वन्यजीव प्रेमियों ने बताया – भलीसर तेजे की ढाणी के पास दो-तीन युवक फॉक्स लाइट और झुनझुने की मदद से हिरणों का शिकार कर रहे थे। शिकारियों ने दो हिरणों को मार दिया था। हिरणों की चीख और फॉक्स लाइट की रोशनी देखकर वे मौके पर पहुंचे तो आरोपी बाइक पर मृत हिरणों को लेकर भागने लगे। दो किलोमीटर तक किया पीछा
वन्यजीव प्रेमियों के अनुसार, उन्होंने बाइक और अन्य साधनों से शिकारियों का पीछा किया। करीब दो किलोमीटर दूर आरोपी अपने घर के आगे मृत हिरण, लाठी, टॉर्च, झुनझुना और बाइक छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। वन विभाग ने सामान जब्त कर तीन युवकों को डिटेन किया
सूचना मिलने पर वन विभाग के रेंजर श्रीराम और रामजीवन गोदरा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। टीम ने मृत हिरणों, शिकार में इस्तेमाल किए गए सामान और खून से सनी लाठी को जब्त कर लिया। इसके बाद रातभर भलीसर गांव में सर्च ऑपरेशन चलाकर तीन युवकों को डिटेन किया गया। धरने पर बैठे वन्यजीव प्रेमी, बड़ी गैंग होने का जताया अंदेशा
विश्नोई यूथ टीम के सतीश सियाग ने बताया – पुलिस ने तीन युवकों को डिटेन किया है, लेकिन उन्हें आशंका है कि इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है, जो शिकार के बाद हिरणों के अवशेष ले जाता है। उन्होंने कहा कि पूरी गैंग का पर्दाफाश होने तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। रेंजर श्रीराम ने बताया – डिटेन युवकों से पूछताछ की जा रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वन्यजीव प्रेमियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास भी किया जा रहा है। इनपुट : दिनेश ढाका — शिकार की ये खबर भी पढ़ें … हिरण का शिकार करते पकड़े गए, मांस बरामद:गांव वालों को देखते ही भागने लगे, बोलेरो से 10 किमी पीछा कर दबोचा ग्रामीणों और वन्यजीव प्रेमियों की मुस्तैदी से हिरण का शिकार करने वाले तीन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया है। पूरी खबर पढ़िए

बीकानेर में कमजोर पड़ा मानसून, बारिश के इंतजार में किसान:अगले कुछ दिन मौसम शुष्क रहने के आसार, तापमान फिर 40 डिग्री तक पहुंच सकता है

मानसून की दस्तक के बाद भी बीकानेर जिले का बड़ा हिस्सा इस बार अच्छी बारिश से वंचित रह गया है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में लोग अब भी झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बीकानेर समेत पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहेंगी और शुक्रवार को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 15 जुलाई तक बारिश की संभावना कम
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 10 जुलाई को पूरे पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 11 से 15 जुलाई के बीच बीकानेर और जोधपुर संभाग में केवल कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, जो खेतों की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। विभाग का अनुमान है कि 15 जुलाई के बाद नया सिस्टम बनने पर ही बीकानेर संभाग में अच्छी बारिश के आसार बनेंगे। शुक्रवार को हनुमानगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि भरतपुर समेत कुछ अन्य जिलों में भी बारिश की संभावना है। कम बारिश से किसान चिंतित
बारिश की कमी से किसानों के चेहरे उतरे हुए हैं। जिले में खरीफ की बड़ी खेती गैर-सिंचित क्षेत्रों में होती है, इसलिए बुवाई पर असर पड़ रहा है। बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार, तिल, कपास समेत अन्य फसलों की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। महाजन, लूणकरनसर और अरजनसर के कुछ गांवों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन कोलायत और बज्जू क्षेत्र में पानी कम गिरा है। नोखा और श्रीडूंगरगढ़ में खेती मुख्य रूप से कृषि कुओं पर निर्भर है, इसलिए वहां फसल की स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद है। फिर बढ़ेगी गर्मी
पिछले कुछ दिनों में तापमान में हल्की गिरावट आई थी, लेकिन अब गर्मी फिर बढ़ने के आसार हैं। 7 जुलाई को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 8 और 9 जुलाई को बादलों और हल्की बारिश के कारण इसमें कमी आई, लेकिन 10 जुलाई को पारा फिर 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है।

बस की टक्कर से बाइक सवार 2 युवकों की मौत:टायर चढ़ने से फट गए सिर, चाचा के दाह संस्कार में शामिल होने जा रहे थे

डूंगरपुर में शहर के शास्त्री कॉलोनी रोड पर शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे एक सड़क हादसे में 2 युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। बस की टक्कर के बाद बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर गिर ​गए। इसके बाद बस का टायर उनके ऊपर से निकल गया। इससे दोनों के सिर फट गए और मौके पर दोनों की मौत हो गई।
दोनों युवक एक के चाचा के दाह संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। हादसे के बाद मौके पर जाम की स्थिति हो गई। पुलिस ने दोनों शवों डूंगरपुर अस्पताल की मॉर्च्युरी में पहुंचाया। मौके पर खून की खून फैला
कोतवाली थाना एसआई भरत मीणा ने बताया कि एक बाइक पर 2 युवक सवार होकर जा रहे थे। बस स्टैंड से तहसील चौराहा रोड पर मेवाड़ फर्नीचर के सामने यह हादसा हुआ। हादसा स्थल पर खून की खून हो गया। चाचा के दाह संस्कार में शामिल होने आए थे
मृतकों में नरेश (29) पुत्र मणिलाल खटीक निवासी खेरवाड़ा और उसके मामा का लड़का गोपाल खटीक (30) पुत्र रामचंद्र खटीक निवासी सलूंबर शामिल है।
ये दोनों ही इन्द्रखेत में नरेश के चाचा लक्ष्मण पुत्र लालजी खटीक की मौत पर दाह संस्कार में शामिल होने आए थे। वे शव को पहनाने कुर्ते पर प्रेस करवाने के लिए दोनों ही बाइक लेकर डूंगरपुर आए थे। दोनों वापस बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान हादसा हुआ। ड्राइवर बस लेकर हुआ फरार
एसआई मीणा ने बताया कि हादसे के बाद ड्राइवर बस लेकर फरार हो गया। जबकि मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। हादसे की वजह से बस स्टैंड से तहसील चौराहा लेन पर जाम लग गया। दूसरी लेन में ट्रैफिक को डायवर्ट किया। घटना की सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एम्बुलेस से दोनों शवों को डूंगरपुर अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों शव डूंगरपुर अस्पताल के मॉर्च्युरी में रखवाए गए। नरेश बीएससी करने के बाद पिता के साथ फल-फ्रूट के ठेले पर ही काम करता था। नरेश का 1 बड़ा भाई और 4 बहनें है।

80 साल के व्यापारी का घर में घुसकर मर्डर:बेटे को बेड पर मिली बॉडी, मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था, हाथ-पैर बंधे थे

अलवर शहर में बदमाशों ने घर में घुसकर व्यापारी की हत्या कर दी। उनके हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। उसके बाद घर से करीब डेढ़-दो लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम करीब 7 बजे खदाना मोहल्ले की है। खदाना मोहल्ला निवासी व्यापारी दिनेश चंद अग्रवाल (80) घर में अकेले रहते थे। उनका बेटा विकास अग्रवाल मेडिकल रिप्रजेंटेटिव (MR) है। वह परिवार के साथ स्कीम-4 में रहता है। दिनेश अलवर नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल के मामा और पूर्व CMHO डॉ. सुबोध अग्रवाल के चचेरे भाई थे। अजय अग्रवाल साल 2023 में कांग्रेस के टिकट पर अलवर शहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। अब वे कांग्रेस में नहीं हैं। एएसपी दीपक कुमार ने बताया- सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। बुजुर्ग का शव बेड (चारपाई) पर पड़ा था। FSL की टीम ने सबूत जुटाए हैं। घर के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगालकर मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी। बेटे के घर नहीं पहुंचे तो किया फोन बेटे विकास की पत्नी रीमा अग्रवाल ने बताया- मेरे ससुर दिनेश चंद अग्रवाल खदाना मोहल्ले वाले मकान में अकेले रहते थे। वे स्वाभिमानी थे और बुढ़ापे में भी अपना सारा काम खुद ही करते थे। वे रोजाना रात का खाना खाने के लिए खदाना मोहल्ले से एक किलोमीटर दूर स्कीम नंबर 4 में हमारे घर आते थे। जब गुरुवार शाम वे खाना खाने नहीं पहुंचे तो करीब 7:30 बजे मेरे पति विकास ने उन्हें फोन किया। उनका लैंडलाइन नंबर बंद आया। इसके बाद मेरे पति खदाना मोहल्ले वाले घर पहुंचे तो पिता कमरे में चारपाई पर मृत पड़े मिले। बदमाशों ने उनके हाथ, पैर और मुंह को कपड़ों से कसकर बांध रखा था, ताकि वे चिल्ला नहीं सकें। घर की अलमारियां टूटी हुई थीं और सारा सामान बिखरा पड़ा था। हमेशा अपने पास एक से दो लाख कैश रखते थे घटना की सूचना मिलते ही नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन और दिनेश के भांजे अजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत अलवर एसपी को मामले की जानकारी दी। अजय अग्रवाल ने बताया- मेरे मामा बेहद स्वाभिमानी व्यक्ति थे। बुढ़ापे में भी वे बैंक से नए नोट लाकर जरूरतमंदों को देने का छोटा-मोटा काम करते थे। उनके पास हमेशा लाख-दो लाख रुपए कैश रहता था। ऐसा लगता है कि किसी नजदीकी या बदमाश को इस कैश की भनक लग गई थी। इसी वजह से बदमाश रेकी कर घर में घुसे और उनकी हत्या कर दी। घर से डेढ़ लाख रुपए गायब बेटे विकास अग्रवाल ने बताया कि बुधवार रात 10 बजे मैं पिता को राजी-खुशी घर छोड़कर गया था। पिता दोपहर का खाना खदाना मोहल्ले के मकान में खुद ही बनाकर खा लेते थे। रात का खाना स्कीम-4 में मेरे घर आकर ही खाते थे। गुरुवार को नहीं आए तब उनको फोन किया। उनके फोन नंबर पर रिंग नहीं गई। इसके बाद खदाना मोहल्ले में आकर देखा तो मकान में अंदर से लॉक लगा हुआ था। जो मेन गेट है, उसमें एक छेद भी है। मैंने दूसरी चाबी से छेद में हाथ डालकर गेट खोला था। घर से करीब डेढ़-दो लाख रुपए गायब हैं। विकास ने बताया- पिता अपना खर्च निकालने के लिए नए नोटों की फ्रेश गड्डियां और खुले रुपए देने का काम करते थे।

गंडासी से भतीजे ने ताऊ की हत्या की:गाडरवाड़ा गांव में पारिवारिक विवाद में मर्डर, पुलिस जांच में जुटी

झालावाड़ जिले के सारोला थाना क्षेत्र के गाडरवाड़ा गांव में एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। यहां 65 वर्षीय जगन्नाथ पुत्र कन्हैयालाल पर उनके छोटे भाई के बेटे ने गंडासी से हमला कर दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल जगन्नाथ को परिजन तुरंत अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना अस्पताल चौकी से कंट्रोल रूम को दी गई, जिसके बाद सारोला थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया और आगे की कार्रवाई शुरू की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हमला पारिवारिक विवाद के चलते हुआ बताया जा रहा है। हालांकि, झगड़े की वास्तविक वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

मां की हत्या-कराने वाली बोली-नहीं चाहती थी भाई चोटिल हो:राइट साइड में चलती कार ने लेफ्ट में जाकर टक्कर मारी, इसी से हुआ शक

जयपुर के प्रताप नगर में प्रॉपर्टी और सरकारी नौकरी के लिए बेटी ने मां की हत्या करवा दी। आरोपी बेटी आयुषी शर्मा (23) ने पुलिस पूछताछ में बताया कि मां नीरज शर्मा (45) और उसका विवाद एक साल पहले पिता विजय कुमार शर्मा की मौत होने के बाद से शुरू हो गया था। वह चाहती थी कि उसे पिता की जगह कोर्ट में अनुकंपा नौकरी मिल जाए। लेकिन मां मानसिक बीमार बेटे के लिए खुद सरकारी नौकरी लग गई। इसे लेकर दोनों के बीच कई दिनों तक बहुत झगड़ा हुआ था। इसके बाद आयुषी टोंक रोड स्थित दूसरे घर में ताऊ के बेटे बलराम के साथ रहने लगी। वहीं दोनों ने मिलकर नीरज शर्मा की हत्या का प्लान बनाया। ऐसे हुआ शक : राइट साइड में चलती कार ने लेफ्ट साइड में जाकर टक्कर मारी एसीपी हरिशंकर शर्मा ने बताया कि पुलिस ने जब मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का एनालिसिस किया तो कार 120 किमी प्रति घंटा की स्पीड से चलती हुई दिखी। स्थानीय लोगों के बयान लिए तो उन्होंने भी बताया कि कार बहुत तेज चल रही थी। इसके बाद क्राइम सीन का मौका नक्शा बनाया गया तो यह दुर्घटना नहीं लग रही थी। राइट साइड में कार चलाने के लिए पूरी जगह थी। सामने से कोई व्हीकल भी नहीं आ रहा था। ऐसे में कार लेफ्ट साइड में जाकर महिला को कुचल कर फिर राइट साइड में आकर निकल जाती है, ये बात खटकी। जब आसपास के सीसीटीवी फुटेज चेक किए तो कार में बैठे हुए युवक और सड़क पर खड़े कुछ युवक लगातार फोन पर बात कर रहे थे। नीरज के बेटे को ट्यूशन छोड़ कर आने के बाद आरोपियों को सूचना दी गई। इसके बाद आरोपी आए और नीरज की हत्या कर फरार हो गए। हमारी टीम ने घटना के बाद एक-एक पहलू पर काम किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी बलराम अभी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। आयुषी बोली- नहीं चाहती थी भाई को कुछ हो पुलिस पूछताछ में आयुषी ने बताया कि मां और उसके बीच कई बार हाथापाई भी हुई। वह अपनी मां से नफरत करने लगी थी। घर छोड़कर टोंक रोड पर कल्याण नगर में अपने दूसरे घर में जाकर रहने लगी। इसी दौरान उसके ताऊ मोहन शर्मा का बेटा बलराम भी उसके साथ रहने लगा। वहां दोनों रोज इसी टॉपिक पर बात करते। दोनों ने मिलकर मां (नीरज शर्मा) की हत्या का प्लान बनाया। आयुषी अपनी मां को दर्दनाक मौत देना चाहती थी। बलराम ने कहा था कि हत्या के लिए बदमाशों का इंतजाम करना होगा। आयुषी राजी हो गई, लेकिन उसने बलराम से कहा था कि मां छोटे भाई के बिना घर से नहीं निकलती है। हत्या के दौरान भी भाई अगर साथ में होगा तो उसे चोट नहीं लगनी चाहिए। बदमाशों ने रेकी कर वह समय चुना, जब नीरज शर्मा बेटे को ट्यूशन छोड़ कर घर लौटती थी। LLB फाइनल ईयर की स्टूडेंट होने के कारण आयुषी ने बनाया प्लान बलराम ने आयुषी को बताया कि वह हत्या करवा देगा, लेकिन उसे इसके बदले में भरतपुर में हाईवे वाली जमीन चाहिए। नौकरी और जयपुर की जमीन उसी के पास रहेगी। बलराम ने अपने पिता मोहन को भी इस बारे में बताया। मोहन भी हाईवे की जमीन हथियाने के लिए बेटे बलराम के साथ हो गया। बलराम ने गांव में रहने वाले खुद के दोस्त हेमंत से 7 लाख रुपए में मर्डर की डील कर ली। हेमंत ने खुद के रिश्तेदार आकाश के साथ मिलकर हत्या करने की सुपारी ली। पुलिस पूछताछ में आयुषी ने बताया कि वह निजी कॉलेज से एलएलबी कर रही है। उसका यह फाइनल ईयर है। हत्याकांड से पहले उसने बलराम के साथ मिलकर पूरी प्लानिंग की। मां की हत्या करने वाली कार भरतपुर से रेंट पर ली जाएगी। कार को जयपुर के लड़के की आईडी से उठाया जाए। हत्या के बाद कार को कहां पार्क करेंगे… ये सब पहले से तय था। पुलिस एक्सीडेंट के एंगल पर काम करेगी। इस दौरान जयपुर का युवक पकड़ा जाएगा तो उसकी जमानत कैसे होगी…इसकी भी प्लानिंग की थी। नीरज शर्मा को हो गई थी हत्या की आशंका पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने करीब तीन माह पहले भी नीरज की हत्या करने का प्रयास किया था। उस दौरान आकाश और अरविंद ने भरतपुर से थार किराए पर भी ली थी, लेकिन वह विफल हो गए थे। इसके बाद नीरज शर्मा ने परिवार के सामने खुद की हत्या की आशंका भी जताई थी। हालांकि परिवार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और उसे सतर्क रहने के लिए कहा। 3 जुलाई को प्रताप नगर में हुई इस सुपारी किलिंग में पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। … इस मर्डर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सरकारी नौकरी-प्रॉपर्टी के लिए बेटी ने करवाई मां की हत्या,VIDEO:ताऊ और चचेरे भाई के साथ प्लानिंग की, तेज रफ्तार गाड़ी से कुचलवा दिया; 7 गिरफ्तार जयपुर- बेटी ने पहले टोना-टोटका करवाया, फिर मां का मर्डर,VIDEO:घर में काली गुड़िया में आग लगाई, तंत्र-मंत्र कर नारियल रखा, फिर जलाया

200 साल पुराने जोधपुरी मोजरी को जीआई टैग:अभी सालाना 100 करोड़ का कारोबार; दो साल में दोगुना होने की उम्मीद

जोधपुर की पारंपरिक मोजरी (जूती) को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिल गया है। इससे मोजरी को दुनियाभर में पहचान मिलेगी। केंद्र सरकार की जियोग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री ने जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन और ग्राम विकास सेवा संस्थान को जीआई प्रमाण पत्र सौंपा है। दोनों संस्थान ने साल 2021 में केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय और विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) के सहयोग से जीआई टैग के लिए आवेदन किया था। जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट उद्योग के लिए इसे बड़ी उपलिब्ध माना जा रहा है। करीब 200 साल पुराने जोधपुरी मोजरी उद्योग का घेरलू बाजार वर्तामान में लगभग 100 करोड़ का है। जबकि 10 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट हो रहा है। इस इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट का अनुमान है कि जीआई टैग मिलने के बाद निर्यात बढ़ेगा और दो सालों में कारोबार दोगुना सकता है। जोधपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों परिवार मोजरी निर्माण से जुड़े है। 6 और जीआई टैग लाइन में इससे पहले जोधपुर बंधेज क्राफ्ट को जीआई टैग मिल चुका है। इससे उसके कारोबार में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गइ। अब जोधपुरी साफा, मथानिया की लाल मिर्च, वुडन एंड आयरन क्राफ्ट, मारवाड़ का जीरा, जोधपुरी पत्थर की छतरियां और लहरिया के जीआई टैग की प्रक्रिया जारी है। ब्रांडिंग, ई-कॉर्मस और निर्याल के लिए चलेगा अभियान जेएचईए के अध्यक्ष डॉ. भरत दिनेश ने बताया कि अब मोजरी उद्योग के विकास के लिए अभियान चलाएंगे। कारीगरों के कौशाल विकास, आधुनिक डिजाइन, गुणवत्ता सुधार, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शिनियों में भागीदारी, निर्यात संवर्धन व विपणन सहायता जैसे कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। क्या है जीआई टैग किसी विशेष क्षेत्र की पहचान बन चुके ऐसे प्रोडक्ट, जिनकी क्वालिटी और स्पेशलिटी उस जगह से जुड़ी हो उन्हें जीआई टैग दिया जाता है। इससे नेशनल और इंटरनेशल स्तर पर पहचान मिलने के साथ ही नकली-फर्जी प्रोडक्ट पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों को बेहतर कीमत मिलेगी। पारंपरिक कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण मिलेगा और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।