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डीडवाना में 11,111 हनुमान चालीसा पाठ किए:श्री दोजराज गणेश मंदिर में 6 साल पूरे होने का मनाया उत्सव

डीडवाना के श्री दोजराज गणेश मंदिर में राष्ट्र एवं धर्म जागृति के उद्देश्य से भव्य हनुमान चालीसा महापाठ का आयोजन किया गया। यह आयोजन मंदिर में हर मंगलवार और शनिवार को होने वाले सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के 6 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में हुआ। इस अवसर पर 11,111 सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किए गए। राजेंद्र प्रसाद पटवारी ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य यजमान नटवरलाल बांगड़ परिवार ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान हनुमान का विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर मंदिर समिति ने नटवरलाल बांगड़ परिवार सहित आयोजन में सहयोग करने वाले सभी सदस्यों का सम्मान किया। 111 दीपों से भव्य महाआरती में उमड़े श्रद्धालु
पंडित उमेश गौड़, गिरिराज जोशी और शरद पुरोहित सहित अन्य विद्वान आचार्यों के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया।
कार्यक्रम का समापन पुजारी रामावतार दाधीच के नेतृत्व में 111 दीपों से भव्य महाआरती के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके बाद सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को नियमित रूप से हनुमान चालीसा पाठ में भाग लेने वाले बालक-बालिकाओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

काशी, मथुरा, संभल में सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता से इनकार:हिंदू-मुस्लिम पक्ष ने कहा- बातचीत से समाधान नहीं, मुकदमा लड़कर फैसला चाहते हैं

यूपी के तीन मंदिर-मस्जिद विवादों को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्ष ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। ये तीनों विवाद वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद, मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह और संभल की शाही जामा मस्जिद से जुड़े हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए ‘समाधान समारोह 2026’ पहल के तहत लेटर भेजकर मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया था और दोनों पक्षों से सहमति मांगी थी। हालांकि, किसी भी पक्ष ने इसके लिए सहमति नहीं दी। हालांकि कोर्ट ने यह लेटर कब भेजा था, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों पक्षों ने कहा है कि वे अदालत में ही मुकदमा लड़कर फैसला चाहते हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट परिसर में 21 से 23 अगस्त तक ‘समाधान समारोह’ के तहत विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य लंबी कानूनी लड़ाई के बजाय बातचीत के जरिए हल निकालना है।

अजमेर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:ईमेल में लिखा-6 ब्लास्ट होंगे, जजों को बाहर निकालो; सुरक्षा बलों ने खंगाला चप्पा-चप्पा

अजमेर कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने का धमकी उड़ाने का ईमेल मिला। धमकी मिलते ही सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे सीओ (नॉर्थ) शिवम जोशी और सिविल लाइंस थाना प्रभारी शंभू सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। कोर्ट परिसर खाली होने के कारण सुरक्षा बलों को सर्च ऑपरेशन चलाने में आसानी हुई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की तत्काल घेराबंदी कर दी। इसके बाद कोर्ट के चैंबर, पार्किंग एरिया, मुख्य कोर्ट भवन और बाहरी हिस्से के चप्पे-चप्पे की बारीकी से तलाशी ली गई। धमकी भरे मेल में लिखा- कोर्ट ऑफिस में जल्द ही 6 जिलेटिन बम ब्लास्ट होंगे। दुर्गा स्टालिन ने शिया मुसलमान की मदद से पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया है। सभी जजों को बाहर निकाल दिया जाए। हमारा मकसद सिर्फ प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना है।
अब देखिए, सर्च ऑपरेशन से जुड़ी PHOTOS… खाली कोर्ट परिसर की घेराबंदी कर चप्पे-चप्पे की ली गई तलाशी सीओ (नॉर्थ) शिवम जोशी ने बताया कि जिला न्यायाधीश की ओर से पुलिस को इस धमकी भरे ईमेल की सूचना दी गई थी, जिसमें कोर्ट परिसर में जिलेटिन की छड़ों से विस्फोट करने का सनसनीखेज दावा किया गया था। सूचना मिलते ही शुरू किए गए इस सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा टीमों ने पूरे परिसर को खंगाल डाला, लेकिन राहत की बात यह रही कि गहन तलाशी के बाद भी वहां किसी भी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। पिछले एक सप्ताह के भीतर अजमेर शहर में बम से उड़ाने की यह दूसरी बड़ी धमकी है। इससे महज चार दिन पहले आरटीओ (RTO) कार्यालय को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिला था, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया था। साइबर सेल खंगाल रही IP एड्रेस, पुलिस बोली- मामले को हल्के में नहीं लेंगे सीओ शिवम जोशी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह ईमेल भी पूर्व में मिले धमकी भरे मेल की तरह ही शरारतपूर्ण या दुर्भावनापूर्ण (होक्स) प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस सुरक्षा के लिहाज से इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं ले रही है। पुलिस और साइबर सेल की टीमें अब दोनों ईमेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रेस करने, मेल भेजने वाले शातिर की पहचान करने और उसके पूरे नेटवर्क व वास्तविक उद्देश्य का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच में जुटी हैं।

ढाबे पर बैठे युवक के सीने में चाकू मारा:गाली-गलौज के बाद किया हमला, घायल का इलाज जारी

भीलवाड़ा के पुर थाना क्षेत्र में काणोली चौराहे स्थित जंबो पंजाब ढाबे पर बैठे एक युवक पर दो बदमाशों ने चाकू से हमला कर दिया। हमले में युवक के सीने और हाथ पर चोट आई है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने घायल युवक को इलाज के लिए भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। गाली-गलौज के बाद किया हमला घायल सत्यनारायण उर्फ सत्तू जाट (22) पुत्र हीरा जाट निवासी राजोला ने बताया कि रविवार शाम करीब 4 बजे वह काणोली चौराहे पर स्थित जंबो पंजाब ढाबे पर बैठा हुआ था। इसी दौरान कमलेश जाट, सांवर जाट और उनके साथ 3 से 4 अन्य लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि आते ही उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और उसके साथ मारपीट करने लगे। सीने पर किया चाकू से वार सत्यनारायण ने बताया कि मारपीट के दौरान कमलेश जाट ने उस पर अचानक चाकू से हमला कर दिया। चाकू उसके सीने पर लगा। बचाव करने के दौरान उसके हाथ पर भी चोट आई। हमले के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। ट्रॉमा वार्ड में चल रहा इलाज घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायल युवक को लहूलुहान हालत में भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल पहुंचाया। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और ट्रॉमा वार्ड में उसका इलाज जारी है। पुर थाना पुलिस हॉस्पिटल पहुंची और घायल युवक के बयान दर्ज किए। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

कोटा में NH-27 पर कार पलटी, 2 की मौत:खाना खाकर लौट रहे थे, अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ी गाड़ी; 2 गंभीर रूप से घायल

कोटा-उदयपुर नेशनल हाईवे (NH-27) पर तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में कार सवार 2 युवकों की मौत हो गई, जबकि 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना रात करीब 2:30 बजे नांता थाना क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि कार सवार चारों युवक बूंदी की तरफ से खाना खाकर वापस कोटा लौट रहे थे, तभी हैंगिंग ब्रिज से पहले कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में अमन चावल (27) निवासी विज्ञान नगर (दिनेश गैस एजेंसी के पीछे) और कुंतेश वर्मा (32) निवासी गणेश तालाब (बसंत विहार, दादाबाड़ी) की मौत हो गई। वहीं, कार में सवार जगदीश जुमरानी (36) निवासी बसंत विहार और दीपेश (36) निवासी कंचनजंगा अपार्टमेंट (बोरखेड़ा) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गाड़ी अचानक डिवाइडर पर चढ़ी
नांता थानाधिकारी (CI) अजीत बागडोलिया ने बताया- चारों युवक नांता टोल प्लाजा क्रॉस करके हैंगिंग ब्रिज से कोटा की तरफ आ रहे थे। इसी दौरान ब्रिज से पहले गाड़ी अचानक डिवाइडर पर चढ़ गई और दूसरी तरफ जाकर लोहे की रेलिंग से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखवाया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

40 लाख की नौकरी छोड़ संत बनेंगे सॉफ्टवेर इंजीनियर:प्रवचन सुनकर वैराग्य जागा, 30 साल के शुभम 4 सितंबर को लेंगे दीक्षा

पाली में 30 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर शुभम श्रीश्रीमाल 40 लाख रुपए सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर दीक्षा लेंगे। उन्होंने संयम मार्ग पर चलने का निर्णय लिया है। शुभम श्रीश्रीमाल (30) 4 सितंबर 2026 को बीकानेर में आचार्य रामलाल म.सा. एवं उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि की निश्रा में दीक्षा ग्रहण करेंगे। पढ़िए…. शुभम के वैराग्य की पूरी कहानी 1. इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में किया बीटेक
पाली शहर के बापू नगर विस्तार स्थित अमरनाथ कॉलोनी निवासी शुभम श्रीश्रीमाल (30) का जन्म 18 सितंबर 1995 को ब्यावर में हुआ था। वे प्रदीप श्रीश्रीमाल और पुष्पा श्रीश्रीमाल के बेटे हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पाली में हुई। साल 2011 में वे आगे की पढ़ाई के लिए कोटा चले गए और 2014 से 2018 तक पटियाला से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक किया। बाद में उन्हें एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी मिली, जहां वे करीब 40 लाख रुपए सालाना पैकेज पर कार्यरत हैं। 2. घर से दूर रहकर की पढ़ाई
शुभम के बड़े भाई अंकित के अनुसार, पिता व्यवसायी हैं और मां गृहिणी। परिवार में दो ही भाई हैं। शुभम पढ़ाई और करियर के कारण अधिकतर समय घर से बाहर ही रहे। कोटा और फिर पटियाला में पढ़ाई के बाद उन्होंने नौकरी शुरू कर दी। 3. जून 2025 में जागा वैराग्य
जून 2025 में शुभम ने मुमुक्षुओं के लिए आयोजित उन्नयन शिविर में भाग लिया। वहां संतों के प्रवचन सुनने के बाद उनके मन में वैराग्य का भाव जागा। उन्होंने सांसारिक जीवन छोड़कर संयम के मार्ग पर चलने का निश्चय कर लिया और अपनी इच्छा परिवार को बताई। 4. परिवार ने समय लेकर दी सहमति
शुरुआत में परिजन हैरान रह गए। उन्होंने शुभम से कहा कि इतनी पढ़ाई और अच्छी नौकरी के बाद वैराग्य का निर्णय क्यों ले रहे हैं। हालांकि, शुभम अपने फैसले पर अडिग रहे। अंकित के अनुसार, गुरुदेव से उन्हें पिछले साल नवंबर में ही परमिशन मिल गई थी, लेकिन परिवार ने कुछ समय उनके साथ बिताने के लिए आज्ञा पत्र देने में देर की। आखिरकार उनकी खुशी को देखते हुए परिवार ने अनुमति दे दी। 5. समाज ने किया सम्मान, सितंबर में लेंगे दीक्षा
पाली के तिलक नगर स्थित समता भवन में श्री साधुमार्गी जैन संघ ने शुभम और उनके परिवार का अभिनंदन किया। समारोह में संघ के संरक्षक मोहनलाल तलेसरा, अध्यक्ष प्रेमचंद ढेढीया, मंत्री जीवराज खिंवसरा, अशोक श्रीश्रीमाल, शांतिलाल सिंघवी, पदमचंद लोढ़ा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे। शुभम 4 सितंबर 2026 को बीकानेर में परम पूज्य आचार्य प्रवर 1008 रामलाल म.सा. की निश्रा में दीक्षा ग्रहण करेंगे।

बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी- मुख्य आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा:पुलिस बोली- ₹500 के नोट, सोने-चांदी के सिक्के मोबाइल के नीचे छिपाकर ले जाता था

बद्रीनाथ में चढ़ावा चोरी के मामले में गिरफ्तार BKTC के निलंबित पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को सोमवार को जोशीमठ की सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एवं प्रभारी न्यायिक मजिस्ट्रेट हिना कौसर की अदालत में पेश किया गया। न्यायालय में विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इससे पहले चमोली पुलिस की SIT ने 12 जुलाई की रात करीब 10 बजे देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित उनके आवास से प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया था। उन्हें चमोली लाकर बद्रीनाथ थाने में उनसे और मंदिर समिति के चार कर्मचारियों से पूछताछ की गई। पुलिस मामले में मनी ट्रेल समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान जब प्रमोद नौटियाल से पूछा गया कि क्या चढ़ावा चोरी के मामले में मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी भी शामिल हैं, तो उन्होंने सिर हिलाकर नहीं में जवाब दिया। चमोली पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई को प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण की शिकायत पर बद्रीनाथ कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। BKTC का जारी किया गया लैपटॉप भी बरामद एसपी सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर गठित SIT ने सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की। जांच में प्रमोद नौटियाल को कई बार मोबाइल के नीचे और जेब में मंदिर की धनराशि व अन्य भेंट सामग्री ले जाते हुए पाया गया। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने ₹500 के नोट, सोना-चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला और केसर का पैकेट भी अवैध रूप से अपने कब्जे में लिया था। SIT को आरोपी के पास से एक शालिग्राम शिला और BKTC का जारी किया गया लैपटॉप भी बरामद हुआ है। हालांकि, पूछताछ के दौरान प्रमोद नौटियाल ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया। उनका कहना है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया। पुलिस के अनुसार, अब तक उनके पास से कोई नकदी बरामद नहीं हुई है और उन्होंने सीसीटीवी फुटेज व अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी स्वीकार नहीं किया है। मामले में नेताओं और SP का बयान… तस्वीरें देखिए- प्रमोद नौटियाल से पूछे जाएंगे 10 सवाल… परिजन बोले- अपहरण किया, देहरदून में दी थी शिकायत प्रमोद नौटियाल को सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मी अपने साथ ले गए थे। काफी देर तक उनके घर नहीं लौटने पर परिजन ने देहरादून के नेहरू कॉलोनी बाईपास चौकी में शिकायत दी। शिकायत में परिजन हेमलता नौटियाल ने कहा कि कुछ लोग पूछताछ के नाम पर उन्हें अपने साथ ले गए थे और काफी देर तक कोई जानकारी नहीं मिली। परिवार ने शुरुआत में अपहरण की आशंका भी जताई थी। परिवारवालों का कहना था कि प्रमोद ने नैनीताल हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर 16 जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित है। इसी आधार पर उन्हें इस तरह साथ ले जाने पर परिवार ने चिंता जताई थी। बाद में चमोली पुलिस ने उनकी हिरासत की पुष्टि कर दी। चमोली के एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच जारी है। जांच टीम संबंधित दस्तावेजों, अभिलेखों और अन्य सबूतों का गहन परीक्षण कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में BKTC के CEO सोहन सिंह रांगण ने कहा कि SIT टीम ने जांच के सिलसिले में उनसे कुछ दस्तावेज और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज मांगे थे, जिन्हें टीम को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच में वे पूरा सहयोग कर रहे हैं। 2 जुलाई की CCTV फुटेज से खुला मामला पूरे विवाद की शुरुआत 2 जुलाई को हुई। इसी दिन BKTC को बद्रीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की थाली भेंट की गणना के दौरान कथित अनियमितता की सूचना मिली। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सुबह करीब 9 से 9:30 बजे के बीच गणना स्थल से नियमों के विपरीत धनराशि हटाई गई। इसी दौरान की CCTV फुटेज में प्रमोद नौटियाल मोबाइल के नीचे नोटों जैसी गड्डी दबाकर ले जाते हुए दिखाई दिए। मामला सोशल मीडिया पर आने के बाद BKTC ने विभागीय जांच शुरू कर दी। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद निलंबन और FIR BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने की बात कही। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर 48 घंटे में जवाब देने का नोटिस दिया गया। इसके साथ ही BKTC के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण की शिकायत पर बद्रीनाथ कोतवाली में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। हाईकोर्ट पहुंचे, 16 जुलाई को सुनवाई FIR दर्ज होने के बाद प्रमोद नौटियाल ने नैनीताल हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की। मामले में 16 जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित है। वहीं, जांच के दौरान पुलिस ने 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई की चढ़ावा गणना से जुड़ी CCTV फुटेज अपने कब्जे में ली है। सूत्रों के मुताबिक, 25 जून की फुटेज में भी प्रमोद नौटियाल नोटों जैसी गड्डी ले जाते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस इस फुटेज को अहम साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। अब मंदिर परिसर में लगे 32 CCTV कैमरों की करीब 40 दिन की रिकॉर्डिंग खंगाली जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पहले भी इस तरह की कोई अनियमितता हुई थी या नहीं। प्रमोद नौटियाल का दावा- मोबाइल के नीचे नोट नहीं, नोटबुक थी प्रमोद नौटियाल ने विभागीय जांच में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि वह हमेशा अपने साथ एक नोटबुक रखते हैं। उनका दावा है कि CCTV में मोबाइल के नीचे जो वस्तु दिखाई दे रही है, वह नोटों की गड्डी नहीं, बल्कि उनकी नोटबुक थी। हालांकि घटना के बाद उनका मोबाइल बंद मिला और उन्होंने ज्योतिर्मठ कार्यालय में भी कार्यभार ग्रहण नहीं किया। कर्मचारियों ने जांच समिति को बताया कि घटना वाले दिन गणना प्रभारी प्रमोद नौटियाल ही थे और उन्होंने गणना शुरू होने या समाप्त होने की जानकारी अन्य कर्मचारियों को नहीं दी। कई कर्मचारियों और साधु-संतों से पूछताछ पुलिस ने BKTC कर्मचारियों के साथ उन साधु-संतों के भी बयान दर्ज किए हैं, जो नियमित रूप से चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में शामिल होते रहे हैं। 2 जुलाई को गणना कक्ष में प्रमोद नौटियाल समेत 12 से अधिक लोग मौजूद थे। अब सभी से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि कथित हेराफेरी में किसी और की भी भूमिका थी या नहीं। चढ़ावा गणना की पूरी व्यवस्था बदली CM ने बनाई हाई लेवल जांच समिति सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है। इसमें एनएचएम के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और स्वास्थ्य विभाग के वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान सदस्य हैं। समिति को 15 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। इस बीच भैरव सेना ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पर प्रमोद नौटियाल के माध्यम से चढ़ावे में कथित हेराफेरी कराने के आरोप लगाए हैं। —————————————————— ये खबर भी पढे़ें… बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद- गिरफ्तारी से बचने को हाईकोर्ट पहुंचा आरोपी:कोर्ट ने मंदिर समिति से मांगा जवाब; CCTV में फोन के नीचे दबाए थे नोट बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों के बीच बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) से निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने अपने निलंबन आदेश और FIR के खिलाफ उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। (पढ़ें पूरी खबर)

जालोर में बोलेरो, ओमनी और बाइक की टक्कर, 6 घायल:दो महिलाओं समेत तीन घायलों को किया गया रेफर

जालोर जिले के सायला क्षेत्र में रविवार देर शाम चौराऊ रोड स्थित तूरा के पास दो वाहनों की आमने-सामने की टक्कर में दो महिलाओं सहित छह लोग घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत सायला हॉस्पिटल पहुंचाया गया। इनमें तीन लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद उच्च हॉस्पिटल के लिए रेफर किया गया। इन लोगों को आई चोटें हादसे में उनड़ी निवासी पकाराम, मंजू देवी और फेंसा देवी, रेवतड़ा निवासी नकलाराम और कुपाराम तथा पुनवास निवासी लूंणदान घायल हो गए। इनमें दो महिलाओं सहित तीन घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने हटवाए क्षतिग्रस्त वाहन घटना की सूचना मिलने पर सायला पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया। अन्य घायलों का सायला हॉस्पिटल में उपचार जारी है। पुलिस की शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और आमने-सामने की टक्कर को हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

दौसा में 6 मिनट तक एटीएम तोड़ने की कोशिश:रेकी करने के बाद रॉड लेकर घुसे बदमाश, सफल नहीं हुए तो भाग छूटे

दौसा में कार से आए तीन नकाबपोश बदमाशों ने पहले इलाके की रैकी की, फिर एटीएम बूथ का ताला तोड़कर लूट का प्रयास किया। बदमाशों ने एटीएम बूथ के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के तार काट दिए। इसके बाद वे बूथ में घुसे और लोहे की रॉड से कैश बॉक्स उखाड़ने की कोशिश की। करीब छह मिनट तक प्रयास करने के बाद भी सफलता नहीं मिली और सड़क पर वाहनों की आवाजाही बढ़ने पर वे फरार हो गए। हालांकि, बूथ के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं और पुलिस बूथ व आसपास के कैमरों की फुटेज के आधार पर बदमाशों व उनकी कार की पहचान में जुटी है। घटना रविवार देर रात करीब 1:30 बजे सिकराय कस्बे में एसबीआई बैंक के बाहर स्थित एटीएम बूथ पर हुई। देर रात एटीएम लूट की कोशिश, वारदात कैमरे में कैद
जानकारी के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे कार से आए तीन बदमाशों ने लोहे की रॉड से शटर का ताला तोड़ा और बूथ में घुस गए। बदमाशों ने एटीएम बूथ के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के तार काट दिए और एटीएम मशीन को उखाड़ने की कोशिश की। हालांकि, सड़क पर वाहनों की आवाजाही देखकर वे वारदात अधूरी छोड़कर भाग निकले। पूरी घटना बूथ के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। रैकी के बाद 6 मिनट में दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने वारदात से पहले सिकराय कस्बे की सड़कों पर घूमकर रैकी की थी। इसके बाद दो नकाबपोश बदमाश लोहे की रॉड लेकर एटीएम बूथ में घुसे और कैश बॉक्स को तोड़ने का प्रयास किया। करीब 6 मिनट तक कोशिश करने के बाद सफलता नहीं मिलने पर वे कार में बैठकर फरार हो गए। एफएसएल ने जुटाए साक्ष्य, पुरानी वारदात भी रही चर्चा में
सूचना पर एएसपी शंकर लाल मीणा, डिप्टी एसपी धर्मराज चौधरी और मानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सोमवार सुबह मेहंदीपुर बालाजी थाना प्रभारी सचिन शर्मा ने टीम के साथ बैंक पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज देखे। एफएसएल टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस बदमाशों और उनकी कार की पहचान में जुटी है। इसी एटीएम बूथ से नवंबर 2022 में करीब 10 लाख रुपए से भरा कैश बॉक्स लूट लिया गया था। उस दौरान गश्त कर रहे एक होमगार्ड जवान को बदमाशों ने वाहन से कुचल दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। फिलहाल पुलिस एटीएम बूथ और आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इनपुट: देवेन्द्र सैंहणा

तीन युद्ध लड़ चुके रिटायर्ड कैप्टन की जमीन पर कब्जा:फर्जी हमशक्ल खड़ा कर 25 लाख में बेची जमीन; उधार के पैसों से कर रहे न्याय की लड़ाई

देश के लिए सीमा पर तीन ऐतिहासिक युद्ध लड़ चुके एक बुजुर्ग सैनिक को अपने जीवन के आखिरी पड़ाव में अपनी ही जमीन बचाने के लिए सरकारी दफ्तरों और थानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मामला राजस्थान के सरहदी जिले जैसलमेर के मोहनगढ़ इलाके का है, जहां 1962 में चीन और 1965 व 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ जंग में शामिल रहे 92 साल के रिटायर्ड कैप्टन चुन्नीलाल की कृषि जमीन को भू-माफियाओं ने फर्जी डाक्यूमेंट्स के जरिए अपने नाम करवा लिया। आरोप है कि असली सैनिक की जगह 75 साल के एक फर्जी बुजुर्ग को खड़ा कर रजिस्ट्री करवाई गई और बाद में जमीन करीब 25 लाख रुपए में बेच दी गई। मामले में पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद कोतवाली थाने में नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना के तहत मिली थी जमीन पीड़ित कैप्टन चुन्नीलाल मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं और पोंग बांध परियोजना के विस्थापित हैं। बांध निर्माण के दौरान उनकी पैतृक जमीन अधिग्रहित की गई थी। इसके बदले सरकार ने उन्हें इंदिरा गांधी नहर परियोजना के तहत जैसलमेर के मोहनगढ़ इलाके में कृषि भूमि का मुरब्बा आवंटित किया था। परिवार का कहना है कि दशकों पहले जिस बंजर मरुस्थल को उन्हें दिया गया था, उसे उन्होंने अपने खून-पसीने की मेहनत से उपजाऊ कृषि भूमि में बदल दिया। 16 जून को हुई रजिस्ट्री, 22 जून को हुआ नामांतरण रिटायर्ड कैप्टन के बेटे मुल्तान सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें 16 जून को हुई रजिस्ट्री और 22 जून को हुए म्यूटेशन यानी नामांतरण की जानकारी मिली। इसके बाद परिवार न्याय के लिए अधिकारियों के पास पहुंचा। उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन का रवैया निराशाजनक रहा। परिवार को क्षेत्राधिकार का हवाला देकर मोहनगढ़ थाने से पीटीएम थाने और फिर कोतवाली थाने भेजा गया। वहीं राजस्व अधिकारियों ने म्यूटेशन निरस्त करवाने के लिए कोर्ट जाने की सलाह देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। भागदौड़ से बिगड़ी 92 साल के कैप्टन की तबीयत परिजनों के अनुसार लगातार मानसिक और शारीरिक भागदौड़ के कारण दिल के मरीज 92 साल के कैप्टन चुन्नीलाल की तबीयत भी बिगड़ गई। परिवार का कहना है कि देश के लिए तीन युद्ध लड़ने वाले सैनिक को अपनी जमीन बचाने के लिए इस तरह भटकना पड़ रहा है। उधार के पैसों से कर रहे न्याय की लड़ाई रिटायर्ड सार्जेंट लालाराम चौधरी, जो इस मामले में परिवार की मदद कर रहे हैं, ने बताया कि देश के लिए तीन-तीन युद्ध लड़ने वाला सैनिक पिछले आठ दिनों से टैक्सी का किराया भी उधार लेकर न्याय की गुहार लगा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री होते ही दलालों और भू-माफियाओं ने 25 लाख रुपए की रकम आपस में बांट ली। उन्होंने हिमाचल प्रदेश और राजस्थान सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। एसपी के निर्देश के बाद दर्ज हुई एफआईआर शहर कोतवाल सुरजाराम जाखड़ ने बताया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत और पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद कोतवाली थाने में भू-माफियाओं के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि 92 साल के रिटायर्ड सैनिक की जगह किसी अन्य व्यक्ति को हमशक्ल बनाकर खड़ा किया गया और फर्जी नाम से जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई। पुलिस के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच शुरू कर दी गई है। फर्जी डाक्यूमेंट्स तैयार करने वालों और इस पूरे गिरोह में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।