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निर्माणाधीन कॉलेज की छत से गिरा मजदूर:गंभीर हालत में झालावाड़ रेफर, चेचट में हुआ हादसा

झालावाड़ के चेचट कस्बे में निर्माणाधीन सरकारी कॉलेज में सोमवार सुबह एक हादसा हो गया। कॉलेज की छत पर सो रहा एक मजदूर कन्हैयालाल (40) संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया। उसे गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल रेफर किया गया है। रावतभाटा निवासी कन्हैयालाल पुत्र कालू भील कॉलेज निर्माण कार्य में लगा हुआ था। वो रात में निर्माणाधीन भवन की छत पर सो रहा था। सुबह नींद के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे जा गिरा। हादसे में कन्हैयालाल के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस की मदद से घायल कन्हैयालाल को चेचट अस्पताल पहुंचाया गया। चेचट अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक इलाज दिया। चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में उसका इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।

एक क्लिक पर लोकेशन पहुंचेगी, कालिका टीम तुरंत मदद करेगी:झुंझुनूं में महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षा ऐप और पैनिक बटन की जानकारी

झुंझुनूं में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस की कालिका टीम स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंच रही है। टीम महिलाओं को RAJCOP Citizen App, महिला गरिमा हेल्पलाइन और पैनिक बटन के इस्तेमाल की जानकारी दे रही है। पुलिस का कहना है कि आपात स्थिति में एक क्लिक या कॉल के साथ कंट्रोल रूम को लोकेशन मिल जाएगी और कालिका टीम व 112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर मदद करेगी। घर-घर और संस्थानों में पहुंच रही टीम महिला पुलिसकर्मी घर-घर जाकर और स्कूल, कॉलेज तथा अन्य संस्थानों में छात्राओं और महिलाओं से बातचीत कर रही हैं। इस दौरान उन्हें कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि किसी घटना या परेशानी की स्थिति में पुलिस से तुरंत मदद कैसे ली जा सकती है। डिजिटल सुरक्षा की भी दी जा रही जानकारी कालिका टीम महिलाओं को डिजिटल सुरक्षा के बारे में भी जानकारी दे रही है। पुलिस की ओर से RAJCOP Citizen App के इस्तेमाल की जानकारी दी जा रही है। पुलिस के अनुसार यह ऐप आपात स्थिति में मदद पहुंचाने में उपयोगी है। इसके अलावा महिला गरिमा हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी आसान भाषा में समझाई जा रही है। महिला उप निरीक्षक संतरा ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर पर कॉल आते ही कंट्रोल रूम को महिला की लोकेशन मिल जाती है। इसके बाद कालिका टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराती है। सार्वजनिक वाहनों में पैनिक बटन की जानकारी पुलिस की ओर से सार्वजनिक और कॉमर्शियल वाहनों में लगाए गए पैनिक बटन के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। छात्राओं और महिलाओं को बताया जा रहा है कि सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर पैनिक बटन को तीन सेकंड तक दबाना है। पुलिस के अनुसार पैनिक बटन दबाते ही कंट्रोल रूम को सूचना पहुंच जाती है। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति की लोकेशन भी मिल जाती है और 112 टीम तथा कालिका टीम मौके के लिए रवाना हो जाती है। महिलाओं में भरोसा बढ़ाना उद्देश्य महिला उप निरीक्षक संतरा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा और विश्वास की भावना बढ़ाना है। पुलिस चाहती है कि महिलाएं किसी भी घटना या परेशानी की स्थिति में बिना डर और झिझक के पुलिस से संपर्क करें। पुलिस की ओर से सार्वजनिक वाहनों में पैनिक बटन की जांच भी की जा रही है। साथ ही अलग-अलग स्थानों पर जागरुकता कार्यक्रम चलाकर महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस अभियान के जरिए महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने और जिले को महिलाओं के लिए और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

सीकर में अगले दो दिन बारिश की संभावना:आज सुबह से छाए बादल, उमस बढ़ी; अभी तक मानसून की औसत बरसात भी नहीं

सीकर में अगले 2 दिन कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। आज सुबह से भी बादल छाए हुए है। पिछले साल के मुकाबले इस साल 13 जुलाई तक आधी से कम बारिश हुई है। सीकर समेत शेखावाटी इलाके में अभी तक मानसून की औसत से भी कम बारिश हुई है। आज सुबह से सीकर में बादल छाए हैं, इस वजह से उमस बढ़ गई है। देखें सीकर का मौसम सीकर में अगले 2 दिन में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार- मानसून के सीकर में एंट्री करने से पहले प्रेशर कम हो गया था। आज सीकर के ऊपर एक कमजोर वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, जिसके बाद बारिश होने का अनुमान है। गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी से उठा मानसून इस बार राजस्थान में एंट्री करने से पहले कमजाेर हो गया, 3-4 जिले को छोड़ दें तो राजस्थान में अभी कहीं भी ज्यादा अच्छी बारिश नहीं हुई है। बात करें, सीकर के तापमान की तो सीकर जिले के फतेहपुर में स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र के मौसम विज्ञान केंद्र पर आज सुबह का न्यूनतम तापमान 27.0 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28.0 डिग्री दर्ज किया गया था। सीकर में बादलों की वजह से धूप की तल्खी नहीं है और उमस बढ़ी हुई है। इस कारण तापमान में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है।

मनीष सोनी को पोकरण का नया थानाधिकारी बनाया:देवकिशन संभालेंगे रामदेवरा थाने की कमान; 55 एएसआई और 40 हेड कांस्टेबल के तबादले

जैसलमेर जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने आदेश जारी कर पुलिस इंस्पेक्टर (सीआई), सब इंस्पेक्टर (एसआई), असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई), हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल और ड्राइवरों के तबादले किए हैं। आदेश जारी होने के बाद जिले के कई थानों, चौकियों और शाखाओं में नई तैनातियां की गई हैं। सभी कर्मचारियों को तुरंत नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। कई थानों के बदले थानाधिकारी एसपी की ओर से जारी आदेश के अनुसार साइबर थाने में तैनात मनीष सोनी को पोकरण का नया थानाधिकारी बनाया गया है। खुहड़ी के थानाधिकारी नरेंद्र पंवार को शाहगढ़ थाने की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस लाइन से सुमेरदान को नाचना थानाधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि महेंद्र कुमार को सदर थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा चुन्नीलाल को सम थाना, देवकिशन को रामदेवरा थाना और खेताराम को महिला थाने का नया प्रभारी बनाया गया है। सब इंस्पेक्टर स्तर पर बगडूराम को लाठी थाना और सज्जनसिंह को म्याजलार थाने का प्रभारी नियुक्त किया गया है। 55 एएसआई के भी हुए तबादले जिले में 55 एएसआई के भी तबादले किए गए हैं। जुगतदान को पुलिस लाइन से गांधी कॉलोनी चौकी भेजा गया है। श्रीमती सरोज को महिला थाने और विमला को कस्बा चौकी में लगाया गया है। वहीं वीरमसिंह को कोतवाली और देदाराम को म्याजलार थाने की जिम्मेदारी दी गई है। 40 हेड कांस्टेबल और 189 कांस्टेबल-ड्राइवर बदले तबादला सूची में 40 हेड कांस्टेबल और करीब 189 कांस्टेबल व ड्राइवरों के नाम भी शामिल हैं। हेड कांस्टेबल मूलचंद को हाईवे मोबाइल, मांगीलाल को म्याजलार थाना और बीरमाराम को फलसूण्ड थाने में लगाया गया है। वहीं कांस्टेबल भींयाराम को रामदेवरा थाना और जितेंद्र को रामदेवरा यातायात शाखा में भेजा गया है। तुरंत कार्यभार संभालने के निर्देश एसपी अभिषेक शिवहरे ने आदेश में कहा है कि सभी तबादले राजहित और सरकारी कामकाज को बेहतर बनाने के लिए किए गए हैं। सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बिना छुट्टी या अतिरिक्त जॉइनिंग समय लिए तुरंत अपने नए तैनाती स्थल पर पहुंचकर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग के अनुसार इस फेरबदल का उद्देश्य जिले में अपराध नियंत्रण को मजबूत करना और थानों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। आदेश की प्रतियां जोधपुर रेंज के महानिरीक्षक सहित जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई हैं।

दौसा में घर से लाखों के जेवर और कैश चोरी:सो रहे परिवार को कुंदी लगाकर कमरे में बंद किया

दौसा जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के धूलकोट गांव में लाखों रुपए की चोरी की वारदात सामने आई है। बीती देर रात अज्ञात चोर एक घर में घुस गए और 1 लाख रुपए नकद तथा करीब 10 लाख रुपए के जेवरात चोरी कर फरार हो गए। वारदात का पता सोमवार सुबह उस समय लगा, जब परिवार के लोगों ने देखा कि कमरों की कुंदी बाहर से बंद है। सूचना मिलने पर मानपुर डिप्टी एसपी धर्मराज चौधरी पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाए। बच्चू सिंह गुर्जर के घर हुई वारदात जानकारी के अनुसार चोरी की वारदात धूलकोट गांव निवासी बच्चू सिंह गुर्जर के घर में हुई। गर्मी के कारण परिवार के कुछ सदस्य घर के बाहर सो रहे थे, जबकि कुछ लोग कमरों में सो रहे थे। देर रात चोरों ने घर में घुसकर अंदर सो रहे लोगों के कमरों के दरवाजों की कुंदी बाहर से लगा दी। इसके बाद चोर एक-एक कर तीन कमरों में पहुंचे और वहां रखी अलमारियों को खंगाला। अलमारी से नकदी और जेवर लेकर फरार हुए चोर चोर अलमारी में रखे 1 लाख रुपए नकद और करीब 10 लाख रुपए के जेवरात चोरी कर मौके से फरार हो गए। परिवार के लोगों को रात में वारदात की भनक तक नहीं लगी। सुबह जब परिवार के सदस्य उठे तो कमरों की कुंदी बाहर से बंद मिली। कुंदी खुलवाने के बाद दूसरे कमरों में जाकर देखा तो चोरी की घटना का पता चला। एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर मानपुर थाना पुलिस और मानपुर डिप्टी एसपी धर्मराज चौधरी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मौका मुआयना किया। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। एक ही रात में दो घटनाओं से लोगों में नाराजगी मानपुर थाना क्षेत्र में एक ही रात में दो घटनाएं सामने आने से लोगों में नाराजगी है। धूलकोट में चोरी और सिकराय में एटीएम लूट के प्रयास की घटना के बाद लोगों ने पुलिस गश्त व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:मेल में लिखा-जनमानस को नुकसान पहुंचाना हमारा इरादा नहीं, केवल बिल्डिंग को नुकसान होगा

राजस्थान हाईकोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली हैं। हाईकोर्ट प्रशासन को रात 12 बजकर 19 मिनट पर आए मेल में कहा गया कि जनमानस को नुकसान पहुंचाना हमारा इरादा नहीं है, लेकिन बिल्डिंग को नुकसान होगा, इसलिए 6 जिलेटिन बम प्लांट किए गए हैं सुबह प्रशासन ने मेल देखा, उसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी गई। हालांकि समय पर सूचना मिलने से कोर्ट समय से पहले ही बम स्कवायड और डॉग स्कवायड ने पूरे परिसर की सघन तलाशी पूरी कर ली। जिससे हाईकोर्ट में सुनवाई बाधित नहीं हुई। तलाशी अभियान में किसी भी प्रकार की कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, जिसके बाद हाईकोर्ट परिसर को करीब 9:30 बजे खोल दिया गया। इससे पहले 13 अप्रेल को हाईकोर्ट की जयपुर बैंच को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। हाईकोर्ट परिसर में तलाशी की PHOTOS
साढ़े 8 महीने में 13वीं बार मिली बम की धमकी
राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बैंच को पिछले साढ़े 8 महीने में 13वीं बार बम से उड़ाने की धमकी मिली है। 31 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट प्रशासन के पास पहली बार धमकी भरा मेल आया था। लेकिन उसके बाद से लगातार कुछ समय के अंतराल में इस तरह के मेल आ रहे हैं। इसके बाद हाईकोर्ट को 5 दिसंबर, 8, 9, 10 और 11 दिसंबर को धमकी मिली। वहीं, साल 2026 में 6, 17,19,20 फरवरी को हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इसके बाद 17 मार्च को और 13 अप्रेल को भी राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिल थी।

एयरफोर्स स्टेशन पर कर्मचारी की मौत:बुजुर्ग महिला को पड़ोसियों ने पीटा, ब्लैकमेल कर युवती से किया रेप; पढ़िए- जोधपुर शहर की क्राइम की खबरें

जोधपुर कमिश्नरेट के पूर्व व पश्चिम जिले में पिछले 24 घंटों में ठगी, रेप, जालसाजी की वारदात सामने आई हैं। एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात कर्मचारी की मौत हो गई। आपसी विवाद में पड़ोसियों ने घर में घुसकर हमला कर तोड़फोड़ की। मार्बल-ग्रेनाइट के नाम पर धोखाधड़ी की गई। वहीं युवती को ब्लैकमेल कर उससे रेप का मामला सामने आया है। 1. एयरफोर्स स्टेशन पर कर्मचारी की मौत एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के अंतर्गत एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात कार्मिक की ड्यूटी के दौरान अचानक से तबियत बिगड़ गई। एंबुलेंस से मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 36 साल के आलोक कुमार सिंह मूल रूप से भदसान, जिला औरैया उत्तर प्रदेश के थे। उन्हें ड्यूटी के दौरान अचानक चक्कर आए थे। उनके पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की। 2. युवती ने ब्लैकमेल का लगाया आरोप क युवती को ब्लैकमेल कर उससे रेप का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसके अश्लील फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रुपए मांगे। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट, आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज करवाया है। 3. आपसी रंजिश में पड़ोसियों पर हमला नागौरी गेट थाना इलाके में पड़ोसियों की गाड़ियों में तोड़फोड़ और हमले के दो मामले सामने आए है। जालौरियों का बास और शिप हाउस सरगरा कॉलोनी में आपसी रंजिश के चलते पड़ोसियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया। बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी कार के कांच फोड़ दिए और बीच-बचाव करने आए परिवार पर हमला कर दिया। वहीं मेहता जी का नोहरा (जालौरियों का बास) निवासी बुजुर्ग हेमराज खत्री (67) ने नागौरी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि आपसी विवाद को लेकर पड़ोस में ही रहने वाले संजय टांक, और बेटे गौरव टांक ने एक राय होकर उनके घर पर हमला बोल दिया। आरोपियों ने घर के बाहर खड़ी उनकी कार के कांच पत्थरों से तोड़ दिए और विरोध करने पर उनके बेटे के साथ बेरहमी से मारपीट की। पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच एएसआई मदनसिंह को सौंपी है। 4. 73 साल की बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर तोड़फोड़ नागौरी गेट इलाके की ही दूसरी घटना शिप हाउस सरगरा कॉलोनी की है। यहां रहने वाली 73 साल की बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाले श्रवण कुमार और अन्य ने एक राय होकर उनके घर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। आरोपियों ने घर का सामान तोड़ दिया और जान से मारने की नीयत से बुजुर्ग महिला और उसके बेटे पर हमला कर दिया। 5. मार्बल-ग्रेनाइट के नाम पर धोखाधड़ी माता का थान इलाके में गुलाब नगर निवासी कैलाशदान चारण से मकान निर्माण के लिए मार्बल व ग्रेनाइट लाने के नाम पर लाखों रुपए हड़प लिए गए। आरोपी ईसा कालबेलिया ने रुपए लेने के बाद न तो माल दिया और न ही पैसे लौटाए। पीड़ित ने 7 लाख रुपए की ठगी को लेकर मामला दर्ज करवाया है। फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है। 6. करवड़ में चेन स्नैचिंग की वारदात कमिश्नरेट के करवड़ थाना क्षेत्र में चैन स्नेचिंग का मामला सामने आया है। नेतड़ा निवासी भानाराम जाट (35) ने रिपोर्ट दी कि आरोपी सुनील मदेरणा ने उसके साथ बीच रास्ते में मारपीट की और गले में पहनी 2 तोले की सोने की चेन झपट कर भाग गया। 7. अवैध शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार बोरानाडा पुलिस ने आशियाना द्वारका के पीछे धीनाला नाडा से सांगरिया निवासी दिनेश गुर्जर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से बिना लाइसेंस के बेची जा रही अवैध देसी शराब के 42 पव्वे बरामद किए गए हैं।

कोटा MBS अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड को सांप ने काटा:लाइट बोर्ड के पीछे छिपा था 2 फीट लंबा वुल स्नेक ,स्नेक कैचर ने रेस्क्यू किया

कोटा शहर के एमबीएस अस्पताल के एक सिक्योरिटी गार्ड को ड्यूटी के दौरान सांप ने काट लिया। घटना अस्पताल की रोकड़ शाखा के पास हुई, जहां लाइट बोर्ड के पीछे छिपे करीब दो फीट लंबे वुल स्नेक ने गार्ड की उंगली पर काट लिया। सांप के काटते ही उंगली से खून निकलने लगा। घबराकर गार्ड महेंद्र सिंह तुरंत अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचा, जहां उसका उपचार किया गया। वुल स्नेक के काटने से जान का खतरा नहीं घटना की सूचना मिलते ही स्नेक कैचर गोविंद शर्मा को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने बताया कि लाइट बोर्ड के पीछे छिपा सांप वुल स्नेक था, जो देखने में जहरीले करैत जैसा लगता है, लेकिन यह जहरीला प्रजाति का सांप है। इसी भ्रम के कारण लोग अक्सर डर जाते हैं। गोविंद शर्मा ने बताया कि वुल स्नेक मुख्य रूप से कीड़े-मकोड़े, छिपकलियां और छोटे जीव खाता है। इसके काटने से जान का खतरा नहीं होता, लेकिन घाव में संक्रमण होने की आशंका रहती है, इसलिए तत्काल चिकित्सकीय उपचार जरूरी होता है। रेस्क्यू के दौरान सांप लाइट बोर्ड के पीछे छिपा मिला, जिसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर अस्पताल परिसर से बाहर निकाला गया। इसके बाद वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया। स्नेक कैचर ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं सांप या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे नुकसान पहुंचाएं। तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि वन्यजीव और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल सिक्योरिटी गार्ड की हालत सामान्य बताई जा रही है।

पेट के मरीज को दे दी किडनी की दवा, मौत:ऑक्सीजन और ICU में देरी; परिजनों ने JLN अस्पताल पर लगाए लापरवाही के आरोप

अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती मरीज के इलाज में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। मरीज के परिजनों का आरोप है कि पेट की बीमारी के चलते बुजुर्ग किसान को भर्ती करवाया गया था, हॉस्पिटल स्टाफ की लापरवाही से जांच रिपोर्ट बदल गई। जिससे डॉक्टरों ने किडनी की बीमारी की दवा दे दी। इससे भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा निवासी 66 वर्षीय किसान की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने उनकी जांच रिपोर्ट किसी अन्य महिला मरीज की रिपोर्ट से बदल दी। गलत रिपोर्ट से इलाज चलता रहा। हालत बिगड़ने के बाद भी समय पर ऑक्सीजन, ट्रॉली और आईसीयू की व्यवस्था नहीं हो सकी। परिजनों ने कोतवाली थाने में शिकायत देकर दोषी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं जेएलएन हॉस्पिटल के अधीक्षक अरविंद खरे ने कहा- मरीज के परिजनों की शिकायत के बाद जांच कमेटी बनाई गई है। जल्द रिपोर्ट देने के लिए कहा है। गैस्ट्रोलॉजी की समस्या पर भीलवाड़ा से किया गया था रेफर मृतक किसान के मित्र धनराज ने बताया-भंवरलाल को पेट संबंधी बीमारी थी। महात्मा गांधी अस्पताल, भीलवाड़ा मे इलाज चल रहा था। 9 जुलाई को जेएलएन अस्पताल रेफर किया गया था। दोपहर करीब तीन बजे उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर इलाज शुरू किया। पहली रात तबीयत सुधरी, अगले दिन अचानक बिगड़ने लगी हालत भंवरलाल के बेटे पप्पू लाल ने बताया- भर्ती होने के बाद रात तक मेरे पिताजी की तबीयत में काफी सुधार था। वे सामान्य बातचीत कर रहे थे और उन्हें दलिया व नारियल पानी भी दिया गया। डॉक्टरों ने उन्हें सामान्य वार्ड में भर्ती रखा। लेकिन 10 जुलाई की सुबह नया इलाज शुरू होने के बाद शाम तक उनकी मानसिक स्थिति बदलने लगी। वे परिजनों को पहचान नहीं पा रहे थे, बहकी-बहकी बातें करने लगे और रात में दर्द से तड़पते हुए बार-बार उठकर भागने की कोशिश कर रहे थे। परिजनों ने ड्यूटी स्टाफ को इसकी जानकारी दी, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। रात दो बजे बेटे खोली फाइल, सामने आई बड़ी चूक पप्पू लाल ने बताया- रविवार रात करीब दो बजे बेड के पास रखी मेडिकल फाइल देखी तो मैं हैरान रह गया। फाइल में मेरे पिताजी की जांच रिपोर्ट के बजाय वार्ड में भर्ती एक युवती कोमल की रिपोर्ट लगी हुई थी। आरोप है कि उसी रिपोर्ट के आधार पर भंवरलाल को दवाइयां और इंजेक्शन दिए जा रहे थे। परिजनों का कहना है कि गलत इलाज के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। डॉक्टर बदलते रहे बीमारी के कारण परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर अलग-अलग बीमारियां बताते रहे। सुबह एक डॉक्टर ने दिमाग में टीबी होने की आशंका जताते हुए रीढ़ की हड्डी से सैंपल लेने की बात कही। बाद में दूसरे डॉक्टर ने पेट का कैंसर होने की संभावना बताई। परिजनों का कहना है कि दोनों डॉक्टर गलत फाइल में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर ही इलाज कर रहे थे। ICU शिफ्ट करने में देरी, खाली निकला ऑक्सीजन सिलेंडर परिजनों के मुताबिक 12 जुलाई की रात भंवरलाल की हालत बेहद गंभीर हो गई। उन्होंने बार-बार स्टाफ से आईसीयू में शिफ्ट करने और बलगम साफ कराने की गुहार लगाई, लेकिन समय पर कोई मदद नहीं मिली। परिजनों को खुद ट्रॉली तलाशनी पड़ी, जिसमें करीब 20 मिनट लग गए। इसके बाद जो ऑक्सीजन सिलेंडर लाया गया, वह भी खाली निकला। दूसरा सिलेंडर लाने और मरीज को इमरजेंसी से आईसीयू तक पहुंचाने में और समय लग गया। वार्ड में पहुंचने से पहले ही भंवरलाल ने दम तोड़ दिया। आईसीयू में ईसीजी करने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने दी शिकायत पप्पू लाल ने कोतवाली थाने में शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल की लापरवाही से चली गई। दोषी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसी घटना न हो। — ये खबर भी पढ़ें… मेडिकल स्टोर पर इलाज के दौरान युवक की मौत:भाई बोला- गलत इंजेक्शन लगाने से जान गई, डॉक्टर फरार बाड़मेर में मेडिकल स्टोर पर इलाज के दौरान एक युवक की ज्यादा तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस दौरान झोलाछाप डॉक्टर वहां से भाग गया। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना बाड़मेर शहर के थार हॉस्पिटल के पास की गली हरियाणा नागल मेडिकल स्टोर पर शाम करीब 8 बजे की है। (पूरी खबर पढ़ें)

राजस्थान में शिक्षा विभाग के 1.20 लाख पद खाली:टोंक में 3588 मंजूर पदों में से 1041 पद रिक्त, पढ़ाई पर पड़ रहा असर

सरकार शिक्षा में सुधार, नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट कम करने के दावे कर रही है, लेकिन स्कूलों में स्टाफ की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। शाला दर्पण पोर्टल के 1 जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में शिक्षा विभाग के मंजूर 4 लाख 13 हजार 910 पदों में से 2 लाख 93 हजार 760 पदों पर ही कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 1 लाख 20 हजार 150 पद खाली पड़े हैं। टोंक जिले में भी 3588 मंजूर पदों में से 2547 पद भरे हुए हैं, जबकि 1041 पद खाली हैं। स्कूलों में शिक्षक, प्रिंसिपल, प्रयोगशाला सहायक, लाइब्रेरियन और सहायक कर्मचारियों की कमी के कारण पढ़ाई की गुणवत्ता, नामांकन और बच्चों के स्कूल में बने रहने पर असर पड़ रहा है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि पर्याप्त स्टाफ के बिना शिक्षा सुधार के लक्ष्य कैसे पूरे होंगे। एक शिक्षक को पढ़ानी पड़ रही कई कक्षाएं राज्य के सरकारी स्कूलों में मानव संसाधनों की भारी कमी शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। कई स्कूलों में शिक्षक कम होने के कारण एक ही शिक्षक को कई कक्षाएं पढ़ानी पड़ रही हैं। वहीं कई जगहों पर विषय विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में स्थिति और ज्यादा गंभीर है। कई स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण पढ़ाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ के बिना शिक्षा सुधार की योजनाएं जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो पाएंगी। भर्ती के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुश्किल शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि जब तक स्कूलों में शिक्षकों के खाली पद नहीं भरे जाएंगे, तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग को जल्द नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। साथ ही बकाया वरिष्ठ अध्यापक और लेक्चरर पदोन्नति, स्टाफिंग पैटर्न, पदोन्नत प्रिंसिपल और उप प्रिंसिपल की काउंसलिंग प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर खाली पद भरने चाहिए। नामांकन और ठहराव पर भी पड़ रहा असर सरकार की ओर से नामांकन बढ़ाने के लिए अलग-अलग अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और गतिविधियां नहीं होने के कारण बच्चों का स्कूल से जुड़ाव कमजोर पड़ जाता है। जहां शिक्षक कम होते हैं वहां पढ़ाई नियमित नहीं हो पाती। गतिविधियां सीमित रह जाती हैं और बच्चों की पढ़ाई में रुचि कम होने लगती है। ऐसी स्थिति में कई बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं या नियमित रूप से स्कूल नहीं आते। राजस्थान में शिक्षा विभाग में पदों की स्थिति टोंक जिले में पदों की स्थिति सहायक कर्मचारियों की कमी भी बनी परेशानी स्कूलों में केवल शिक्षकों की ही नहीं बल्कि प्रशासनिक और सहायक कर्मचारियों की कमी भी कामकाज को प्रभावित कर रही है। कनिष्ठ सहायक, वरिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला परिचारक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के हजारों पद खाली हैं। इसके कारण कई स्कूलों में शिक्षकों को ही कार्यालय और प्रबंधन से जुड़े काम भी संभालने पड़ते हैं। इससे पढ़ाई के लिए मिलने वाला समय कम हो जाता है और शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होती है।