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चांदी ₹1,668 गिरकर ₹2.19 लाख किलो पर आई:एक महीने में ₹24 हजार कीमत कम हुई, सोना आज ₹1,180 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में 13 जुलाई को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 1,668 रुपए घटकर 2.19 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,180 रुपए घटकर 1.42 लाख रुपए आ गया है। बीते 1 महीने में चांदी की कीमत 24 हजार और सोने की कीमत 6 हजार रुपए कम हो चुकी है। 14 जून को चांदी 2.43 लाख और 1.48 लाख रुपए पर था। चांदी ऑल टाइम हाई से 1.67 लाख रुपए गिरी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 34 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 165 दिन में चांदी 1.67 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और इशांत शर्मा बने बिजनेस पार्टनर:एनर्जी ड्रिंक लॉन्च किया; गुरुग्राम में विराट कोहली के रेस्टोरेंट में हुआ प्रोग्राम

हरियाणवी क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और दिल्ली के फास्ट बॉलर इशांत शर्मा अब बिजनेस पार्टनर बन गए हैं। दोनों भारतीय क्रिकेटरों ने मिलकर एनर्जी ड्रिंक ब्रांड ‘एक्वॉन’ को लॉन्च किया है। लॉन्चिंग कार्यक्रम गुरुग्राम के सेक्टर-43 में गोल्फ कोर्स रोड पर स्थित क्रिकेटर विराह कोहली के रेस्टोरेंट ‘वन8 कोम्यून’ हुआ। मैदान में युजी के नाम से फेमस चहल जींद जिले के रहने वाले हैं। दोनों इंडियम क्रिकेट टीम और आईपीएल में लंबे समय तक साथ खेले है। इस साल चहल पंजाब किंग्स इलेवन और इशांत दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा रहे। अब दोनों ने मिलकर यह ब्रांड लॉन्च किया। लॉन्चिंग इवेंट में बड़ी संख्या में लोग और खेल प्रेमी शामिल हुए। इस दौरान युजवेंद्र चहल ने ‘एक्वॉन’ की खासियत के बारे में विस्तार से चर्चा की। कहा कि इस एनर्जी ड्रिंक को किसी खास वर्ग या उम्र तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे समाज के हर वर्ग और हर उम्र के लोग बेझिझक पी सकते हैं। लॉन्चिंग इवेंट में क्रिकेटर यजुवेंद्र और इशांत ने बताईं ये बातें… विराट लांच कर चुके रेस्टोरेंट और शूज ब्रांड इससे पहले विराट कोहली ने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कदम रखते हुए ‘One8 Commune’ नाम से एक बेहद लोकप्रिय रेस्टोरेंट चेन लॉन्च की थी। इसके आधुनिक और वाइब्रेंट आउटलेट्स दिल्ली, मुंबई, पुणे, कोलकाता और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों में युवाओं की पहली पसंद बन चुके हैं। इसके अलावा लाइफस्टाइल और फैशन की दुनिया में उन्होंने ग्लोबल स्पोर्ट्स कंपनी प्यूमा के साथ विशेष ‘One8’ स्पोर्ट्स शूज, स्नीकर्स और एथलीजर कपड़ों की रेंज बाजार में उतारी है। यजुवेंद्र चहल का क्रिकेट…ग्लैमर…बिजनेस तक का सफर कोविड के दौर में धनश्री से मुलाकात…फिर तलाक यूट्यूबर, डेंटिस्ट और कोरियोग्राफर धनश्री वर्मा और स्पिनर युजवेंद्र चहल की मुलाकात कोरोना महामारी के दौरान हुई थी। दिसंबर 2020 में दोनों ने शादी की। हालांकि, शादी के बाद दोनों के बीच मतभेद बढ़ते गए और 2022 से अलग रहने लगे। फरवरी 2025 में कपल ने आपसी सहमति से तलाक के लिए याचिका दायर की और मार्च में उनका रिश्ता आधिकारिक रूप से खत्म हो गया। धनश्री ने कहा था-निगेटिव पीआर कराई युजवेंद्र चहल से अलगाव के बाद एक्स वाइफ धनश्री वर्मा ने रियलटी शो राइज एंड फॉल में चहल के साथ अपने रिश्ते पर बात की। धनश्री ने कहा कि उन्हें नीचा दिखाने के लिए युजवेंद्र ने निगेटिव पीआर कराया था। क्योंकि उन्हें डर था कि मैं कहीं मुंह ना खोल दूं। एक एपिसोड में जब अरबाज पटेल ने धनश्री वर्मा से पूछा कि सुनने में आया था कि आपने युजवेंद्र चहल को धोखा दिया था? इस सवाल पर धनश्री कहती हैं- उन्हें डर था कि कहीं मेरे मुंह से कुछ न निकल जाए, इसलिए मेरे खिलाफ निगेटिव पीआर किया गया। यह केवल अफवाहें और फालतू बातें हैं। आरजे से डेटिंग की खबरें उड़ीं
चहल की आरजे महवश से डेटिंग की खबरें भी सुर्खियों में रहीं। हालांकि क्रिकेटर ने इन पर लंबे समय बाद साफ देते हुए कहा था-मैं सिंगल हूं और आरजे महवश मेरी दोस्त हैं। धनश्री वर्मा पर कहा था- ‘वो मेरी जिंदगी का एक चैप्टर था, जो अब खत्म हो चुका है। मैं उस चीज से निकल चुका हूं। मैं उस बारे में बात कर उस जगह में फंसा नहीं रहना चाहता। हम अपनी-अपनी लाइफ में खुश हैं। खुश रहो, किसी को दुखी कर क्या मिलता है जिंदगी में।’ ——————————— ये खबर भी पढ़ें…. विराट कोहली ने औजला के सॉन्ग पर डांस किया,VIDEO:गुरुग्राम में स्टेज पर बैठकर गाने भी सुने; क्रिकेटर ने अपना ब्रांड लॉन्च किया गुरुग्राम में क्रिकेटर विराट कोहली ने अपना ब्रांड ‘One8’ लॉन्च किया। इसके लिए रविवार रात द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (यशोभूमि) में इवेंट रखा गया। इसमें मशहूर पंजाबी सिंगर करन औजला भी पहुंचे। (पूरी खबर पढ़ें)

शुरुआती गिरावट के बाद संभला बाजार:सेंसेक्स 47 अंक बढ़कर 77616 पर बंद, IT और मीडिया शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही

शेयर बाजार में आज यानी 13 जुलाई को शुरुआती गिरावट के बाद फ्लैट कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स 47 अंक बढ़कर 77,616 पर बंद हुआ। निफ्टी में 4 अंक बढ़त रही, ये 24,211 पर बंद हुआ। इससे पहले सेंसेक्स 606 अंक गिरकर 76,963 पर ओपन हुआ था। निफ्टी में भी 167 अंक की गिरावट थी। IT, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही। FMCG और मेटल शेयर्स ज्यादा बिकवाली रही। कच्चा तेल 4% चढ़कर 79 डॉलर पर पहुंचा कच्चे तेल की कीमतें भी 4% चढ़कर दोबारा 79 डॉलर के करीब पहुंच गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि ईरान के साथ हुआ समझौता अब खत्म हो चुका है। इसके बाद से पेट्रोल डीजल के दाम में तेजी है। एशियाई बाजारों में भी आज मिला-जुला कारोबार रहा 10 जुलाई को अमेरिकी बाजार में बढ़त रही थी बीते 7 दिनों में विदेशी निवेशकों ने 4,427 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। शुक्रवार को बाजार में रही थी तेजी इससे पहले बीते हफ्ते यानी शुक्रवार, 10 जुलाई को बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 828 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.02%) की तेजी रही, ये 24,206 पर पहुंच गया था।

टॉप-10-कंपनियों में से 4 की वैल्यू ₹93 हजार करोड़ बढ़ी:HDFC बैंक टॉप गेनर, वैल्यू ₹35,808 करोड़ बढ़ी; रिलायंस-एयरटेल का मार्केट कैप भी बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते उतार-चढ़ाव के बीच देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से चार के मार्केट कैपिटलाइजेशन यानी मार्केट कैप में कुल 92,995.48 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तेजी में प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज HDFC बैंक और टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल सबसे आगे रहे। दूसरी ओर, बाकी छह कंपनियों को बाजार की सुस्ती के कारण नुकसान उठाना पड़ा और उनकी वैल्यूएशन में सामूहिक रूप से 49,294.13 करोड़ रुपए की गिरावट आई। चार हफ्तों की तेजी पर लगा ब्रेक पिछले कारोबारी हफ्ते में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे पिछले चार हफ्तों से चली आ रही लगातार तेजी का सिलसिला टूट गया। पूरे हफ्ते के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 194.52 अंक या 0.25% गिरकर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 63.95 अंक या 0.26% की कमजोरी के साथ लाल निशान में बंद हुआ। HDFC बैंक और भारती एयरटेल सहित 4 कंपनियों को फायदा टॉप-10 कंपनियों की लिस्ट में जिन चार कंपनियों ने अपने निवेशकों को फायदा पहुंचाया, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, भारती एयरटेल और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) शामिल हैं। वैल्यूएशन के मामले में HDFC बैंक को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। बैंक का मार्केट कैप 35,808.09 करोड़ रुपए बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। शुक्रवार को मार्केट में रही थी तेजी शुक्रवार यानी 10 जुलाई को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 828 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.02%) की तेजी रही, ये 24,206 पर पहुंच गया था।

जेरोधा के फाउंडर ने साझा किया उम्मीद का फॉर्मूला:परिणाम चाहे जो भी हो, आप कभी अगला कदम उठाना बंद न करें

मेरे लिए उम्मीद का मतलब सिर्फ यह सोच लेना नहीं है कि सब ठीक हो जाएगा। उम्मीद तब ताकत बनती है, जब उसके साथ किसी समस्या को हल करने का स्पष्ट उद्देश्य जुड़ा हो। अगर आप उस उद्देश्य पर टिके रहते हैं और जल्दी हार नहीं मानते, तो सही समय आने पर किस्मत भी आपका साथ देती है। अगर कोई उद्यमी कहता है कि उसे कभी डर नहीं लगा, तो या तो उसने बहुत कठिन काम नहीं किया या फिर वह सच नहीं बोल रहा। जेरोधा के शुरुआती वर्षों में हमारे पास न ज्यादा पैसा था, न कोई बड़ा नाम। हर दिन अनिश्चितता थी। मैंने एक बात सीखी कि जिंदगी और बिजनेस में कई बार सबसे बड़ा फायदा उसी को मिलता है, जो सबसे लंबे समय तक टिके रहने की क्षमता रखता है। सही समय और सही जगह पर होना जरूरी है, लेकिन उसके लिए पहले आपको खेल में बने रहना पड़ता है। इसलिए मैंने हमेशा कोशिश की कि खर्च कम रहे, अपनी पहचान न खोऊं और दूसरों की दौड़ देखकर अपनी दिशा न बदलूं। मेरे लिए उम्मीद का मतलब यह नहीं है कि सब कुछ अपने आप ठीक हो जाएगा। उम्मीद का मतलब है कि परिणाम चाहे जो भी हो, आप कभी भी अगला कदम उठाना बंद न करें। यही आपको सफल बनाएगा। भारत के भविष्य से मुझे उम्मीद है मुझे सबसे ज्यादा उम्मीद उन संस्थापकों से मिलती है, जिनसे मैं रैनमैटर के जरिए मिलता हूं। वे जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, बचत, निवेश और डीप-टेक जैसी वास्तविक समस्याओं पर काम कर रहे हैं। लेकिन मेरी बड़ी चिंता भारत का रोजगार है। हमारे पास सबसे बड़ी युवा आबादी है। अगर उनके लिए पर्याप्त और सार्थक रोजगार नहीं बना पाए, तो अवसर चुनौती बन सकता है। उद्यमिता सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह छोटे शहरों और गांवों तक पहुंचनी चाहिए। मैं युवाओं से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि अपनी तुलना किसी और की टाइमलाइन से मत कीजिए। एआई को लेकर चिंता वास्तविक है, लेकिन सोशल मीडिया इस डर को कई गुना बढ़ा देता है। एआई नौकरियों का स्वरूप बदलेगा, लेकिन भारत की सबसे बड़ी चुनौती आज भी पर्याप्त रोजगार पैदा करना है। इसलिए मैं अपनी ऊर्जा चिंता करने में नहीं, बल्कि रोज कुछ नया सीखने में लगाऊंगा। लगातार अपस्किलिंग, जिज्ञासा और सीखते रहने की आदत ही भविष्य में सबसे ज्यादा काम आएगी। उम्मीद के पोर्टफोलियो में ये 5 चीजें जरूरी हैं… मैं सलाह देने से हमेशा बचता हूं, क्योंकि बिजनेस में मेरी सफलता में किस्मत की भी भूमिका रही है, लेकिन उम्मीद के पोर्टफोलियो में ये पांच चीजें जरूर होनी चाहिए। 1. भरोसा। भारत पर भरोसा, क्योंकि मुझे लगता है कि अगले कुछ दशकों में दुनिया के सबसे बड़े अवसर यहीं बनने वाले हैं।
2. स्किल। जिससे आप हर दिन एक फीसदी बेहतर बन सकें।
3. स्वास्थ्य। अगर स्वास्थ्य अच्छा नहीं है, तो उपलब्धियों का महत्व बहुत कम रह जाता है।
4. रिश्ते। जो लोग दिल से आपकी सफलता चाहते हैं, वे आपकी सबसे मूल्यवान लेकिन अक्सर अनदेखी संपत्ति हैं। रिश्तों को संभालकर रखना जरूरी है।
5. धैर्य। बाजार हो, बिजनेस हो या जिंदगी, सबसे ज्यादा इनाम आखिरकार धैर्य रखने वालों को मिलता है। स्ट्रोक जिंदगी का सबसे बड़ा सबक था 2024 में स्ट्रोक आने के बाद मैंने बहुत करीब से समझा कि जिंदगी में वास्तव में क्या मायने रखता है। बिजनेस चलता रहता है। टीम अपना काम संभाल लेती है। आखिर में आपके पास आपका स्वास्थ्य, आपका परिवार और आपका अपना जीवन ही बचता है। अच्छी कंपनियां भरोसे, धैर्य और समस्याओं को हल करने से बनती हैं हमने रैनमैटर फाउंडेशन शुरू ​किया है। इसके जरिए नए स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं। जब मैं रैनमैटर के जरिए स्टार्टअप्स में निवेश करता हूं तो सबसे पहले यह नहीं देखता कि कंपनी कितनी तेजी से बढ़ सकती है या उसकी वैल्यूएशन क्या होगी। मैं यह देखता हूं कि संस्थापक जिस समस्या पर काम कर रहा है, क्या वह सच में उसके प्रति जुनूनी है या नहीं। मेरे अनुभव में वही संस्थापक लंबे समय तक टिकते हैं जो स्टार्टअप बनाने के लिए नहीं, बल्कि किसी असली समस्या का समाधान खोजने के लिए काम करते हैं। आगे वही बढ़ता है जिसे अपने काम से प्यार हो। मैंने यह भी देखा है कि सबसे मजबूत कंपनियां अक्सर सबसे शांत संस्थापकों ने बनाई हैं। वे कम बोलते हैं और ज्यादा काम करते हैं। रैनमैटर में हमने पिछले कुछ वर्षों में जलवायु, स्वास्थ्य, निवेश और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों में 160 से ज्यादा स्टार्टअप्स का साथ दिया है। हमारे सीटीओ और सह-संस्थापक कैलाश लंबे समय से जलवायु परिवर्तन पर काम कर रहे हैं। उनके साथ काम करते हुए मुझे महसूस हुआ कि खेती, पानी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सही लोगों को धैर्य के साथ पूंजी मिले तो वे बड़ा बदलाव ला सकते हैं। विदेशी बाजार जादुई समाधान नहीं है जेरोधा के जरिए हमने गिफ्ट सिटी के माध्यम से भारतीय निवेशकों के लिए अमेरिकी शेयरों में निवेश का रास्ता खोला है। आने वाले समय में युवा अलग-अलग देशों और अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश के बारे में सोचेंगे। हालांकि विदेशी बाजार कोई जादुई समाधान नहीं है। वहां भी जोखिम हैं। करेंसी का उतार-चढ़ाव, टैक्स और बाजार की वैल्यूएशन जैसी बातें समझना जरूरी है। एआई निवेश को भी बदलने वाला है हमारे साथी कैलाश का भी मानना है कि भविष्य में निवेशक अपनी पसंद के किसी भी एआई इंटरफेस से ऑर्डर दे सकेंगे और ब्रोकर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मजबूत बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना होगी। एआई आपके लिए डेटा का विश्लेषण कर सकता है, लेकिन यह तय नहीं कर सकता कि आपकी जोखिम उठाने की क्षमता क्या है, आपके जीवन के लक्ष्य क्या हैं और आपको कितना निवेश करना चाहिए। यह फैसला हमेशा इंसान को ही लेना होगा। आखिरकार, मैंने हमेशा यही सीखा है कि अच्छी कंपनियां सिर्फ टेक्नोलॉजी से नहीं बनतीं। वे भरोसे, धैर्य और लगातार सही समस्याओं को हल करने की कोशिश से बनती हैं। वही सिद्धांत स्टार्टअप पर भी लागू होता है और निवेश पर भी।

इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे 5 फैक्टर्स:रिलायंस-HDFC बैंक के Q1 नतीजे, अमेरिका-ईरान तनाव पर भी रहेगी निवेशकों की नजर

भारतीय शेयर बाजार के लिए कल 13 जुलाई से शुरू होने वाला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। इस हफ्ते बाजार की दिशा रिलायंस और HDFC बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के जून तिमाही के नतीजों, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों जैसे 5 बड़े फैक्टर्स से तय होगी। चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 24,125 | 23,935 | 23,872 | 23,812 | 23,783 | 23,466 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,382 | 24,450 | 24,480 | 24,535 | 24,646 | 24,685 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। 5 फैक्टर्स जो तय करेंगे बाजार की दिशा… 1. रिलायंस और HDFC बैंक समेत 143 कंपनियों के Q1 नतीजे इस हफ्ते देश की कुल 143 कंपनियां अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगी। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, विप्रो और HCL टेक जैसी कंपनियां शामिल हैं। बाजार के जानकार इन कंपनियों के नतीजों के साथ-साथ आगे के मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर रखेंगे। 2. कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका-ईरान में बढ़ा तनाव मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर फोकस में आ गई हैं। बीते हफ्ते ब्रेंट क्रूड में 5% और WTI क्रूड में 4% से ज्यादा की तेजी आई है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका का ईरान पर किए गए हमले और ईरान की तरफ से पलटवार की चेतावनी है। 3. FII और DII की एक्टिविटी विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) ने पिछले हफ्ते ₹4,670 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सपोर्ट दिया और ₹8,280 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। इस हफ्ते भी निवेशकों की नजर FII और DII एक्टिविटी पर होगी। 4. ग्लोबल मार्केट की चाल ग्लोबल मार्केट के संकेतों का असर भी भारतीय बाजारों पर देखने को मिल सकता है। अमेरिकी बाजार का नैस्डैक 0.29% और डाउ जोन्स 0.29% शुक्रवार को मजबूत होकर बंद हुआ था। वहीं एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% और जापान का निक्केई 1.4% चढ़ा। 5. टेक्निकल चार्ट: निफ्टी के लिए 24,550 का स्तर अहम रेजिस्टेंस SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी फिलहाल अपने मूविंग एवरेज के आसपास घूम रहा है। आने वाले दिनों में निफ्टी के लिए 24,500-24,550 का जोन एक बड़ा रेजिस्टेंस है, जबकि नीचे की तरफ 23,950-23,900 का जोन मजबूत सपोर्ट का काम करेगा। शुक्रवार को सेंसेक्स 828 अंक चढ़कर बंद हुआ था शुक्रवार, 10 जुलाई को सेंसेक्स 828 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.02%) की तेजी रही, ये 24,206 पर पहुंच गया। बैंक और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी रही। डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।

नीता अंबानी देश की सबसे पावरफुल महिला:फॉर्च्यून इंडिया की लिस्ट में नंबर 1 पर; टॉप-10 में ईशा अंबानी भी शामिल

रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी फॉर्च्यून इंडिया की सबसे पावरफुल टॉप-100 महिलाओं की लिस्ट में पहला स्थान हासिल किया हैं। यह सम्मान उन्हें लीडरशिप और समाज सेवा के लिए मिला है। उनकी लीडरशिप में फाउंडेशन ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में काम करते हुए 2.9 करोड़ बच्चों समेत देश के 10 करोड़ से ज्यादा लोगों की जिंदगी बदली है। नीता अंबानी ने कहा- सच्चा पावर दूसरों को सशक्त बनाना इवेंट में नीता अंबानी ने कहा, ‘लीडरशिप को करुणा, समावेश और सशक्तिकरण से परिभाषित किया जाना चाहिए। मेरे लिए सच्ची पावर दूसरों को सशक्त बनाना है। भारत को दया, सहानुभूति और सभी जीवों के प्रति सम्मान पर आधारित ‘सॉफ्ट पावर’ की ज्यादा जरूरत है।’ नीता अंबानी ने इस बात पर भी जोर दिया कि लड़कियों को सशक्त बनाने से अंततः देश मजबूत होगा। हाल ही में अमेरिका में मिला था ‘AAPI ह्यूमैनिटेरियन अवार्ड’ फॉर्च्यून इंडिया की इस रैंकिंग से पहले, इसी महीने 3 जुलाई को नीता अंबानी को अमेरिका के फ्लोरिडा के ताम्पा शहर में ‘AAPI ह्यूमैनिटेरियन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया था। अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ओरिजिन (AAPI) ने यह पुरस्कार उन्हें स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, खेल, संस्कृति और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया था। ईशा अंबानी भारत की सातवीं सबसे पावरफुल वुमन फॉर्च्यून इंडिया की लिस्ट में नीता अंबानी के बाद रोशनी नाडार मल्होत्रा दूसरे नंबर पर रहीं, जबकि रेड्डी सिस्टर्स- शोभना कामिनेनी, संगीता रेड्डी, प्रीथा रेड्डी और सुनीता रेड्डी संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं। टॉप 15 की लिस्ट में सावित्री जिंदल, प्रीति अडानी, किरण मजूमदार-शॉ, ईशा अंबानी, प्रिया नायर, बेला बजरिया और लीना नायर शामिल रहीं। खास बात ये है कि इस लिस्ट में उनकी बेटी ईशा अंबानी 7वें नंबर पर रहीं। स्मृति ईरानी बोलीं- AI में महिलाओं का प्रतिनिधित्व जरूरी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी मोस्ट पावरफुल वुमन्स की लिस्ट में 18वें नंबर पर रहीं। उन्होंने महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए अधिक इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट की मांग की और कहा, ‘भारत के विकास का अगला चरण इस बात पर निर्भर करता है कि महिलाएं जॉब क्रिएटर बनें।’ उन्होंने महिलाओं से कहा, “आप अपने आप में पर्याप्त हैं।” इसके साथ ही उन्होंने सचेत किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तब तक पूरी तरह समानता नहीं ला सकता, जब तक कि AI ट्रेनिंग डेटासेट्स में महिलाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व न हो। कृति सेनन ने कहा- प्रोडक्ट क्वालिटी ही असली स्टार बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप पर हुए पैनल डिस्कशन में एक्ट्रेस और एंटरप्रेन्योर कृति सेनन ने अपने स्किनकेयर ब्रांड ‘हाइफन’ के ग्लोबल एक्सपेंशन प्लान के बारे में बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लॉन्ग-टर्म कंज्यूमर ब्रांड्स सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट के बजाय प्रोडक्ट की क्वालिटी पर बनते हैं। उन्होंने कहा, “आपका प्रोडक्ट ही असली स्टार होता है।” उन्होंने जानकारी दी कि हाइफन के आधे से ज्यादा ग्राहक उनकी सेलिब्रिटी स्टेटस के कारण नहीं, बल्कि प्रोडक्ट के अच्छे परफॉर्मेंस के कारण दोबारा आते हैं। वे मोस्ट पावरफुल वुमन्स की लिस्ट पर 75वें नंबर पर रहीं।

दुनिया घूमने की आजादी काफी महंगी:सबसे ताकतवर पासपोर्ट वाले देशों के नागरिक चुका रहे सबसे ज्यादा 57% तक टैक्स

दुनिया में बिना वीसा ज्यादा देशों की यात्रा करने की आजादी भी एक बड़ी कीमत के साथ आती है। ‘ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026’ बताता है कि दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट रखने वाले देशों के नागरिक सबसे ज्यादा टैक्स भी चुकाते हैं। रैंकिंग में पहले स्थान पर रहे स्वीडन के साथ फिनलैंड और डेनमार्क जैसे देशों में प्रभावी टैक्स 56-57% तक पहुंच जाता है। इसी टैक्स से वहां मुफ्त शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाओं का खर्च उठाया जाता है। इंडेक्स में शीर्ष 10 में से 9 स्थान यूरोपीय देशों के पास हैं। स्वीडन पहले, स्विट्जरलैंड दूसरे और फिनलैंड तीसरे स्थान पर हैं। टॉप-10 में शामिल एकमात्र गैर-यूरोपीय देश सिंगापुर है। यानी दुनिया में सबसे ज्यादा यात्रा की आजादी देने वाले पासपोर्ट पर यूरोप का दबदबा है, लेकिन इसके साथ सबसे भारी टैक्स बोझ भी जुड़ा है। हालांकि पूरे यूरोप की तस्वीर एक जैसी नहीं है। स्विट्जरलैंड और नॉर्वे ऐसे अपवाद हैं, जहां बेहतर जीवन स्तर और मजबूत शासन के साथ अपेक्षाकृत कम प्रभावी टैक्स दरें हैं। खासकर स्विट्जरलैंड कम टैक्स के कारण निवेशकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। एशिया की बात करें तो सिंगापुर 10वें स्थान के साथ टॉप-10 में शामिल अकेला देश है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (21वें), जापान (23वें), हॉन्गकॉन्ग और दक्षिण कोरिया का स्थान है। निवेश की आजादी के मामले में सिंगापुर दुनिया में पहले, हॉन्गकॉन्ग दूसरे और यूएई पांचवें स्थान पर है। सिंगापुर की प्रति व्यक्ति आय 92,270 डॉलर है, जबकि यूएई और हॉन्गकॉन्ग भी ऊंची आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। खास बात यह है कि यूएई में टैक्स का बोझ लगभग शून्य है, जबकि सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग भी कम टैक्स के साथ निवेश और संपत्ति निर्माण के लिए अनुकूल माहौल देते हैं। भारत इस इंडेक्स में 197 देशों के बीच 125वें स्थान पर है। भारतीय पासपोर्ट धारकों को सिर्फ 26 देशों में वीसा-मुक्त या वीसा-ऑन-अराइवल यात्रा की सुविधा मिलती है। यानी भारत के नागरिक अपेक्षाकृत कम टैक्स देते हैं, लेकिन वैश्विक यात्रा की आजादी के मामले में अभी भी काफी पीछे हैं। स्विट्जरलैंड, नॉर्वे अपवाद…पासपोर्ट दमदार, प्रभावी टैक्स भी कम यूरोप में कम टैक्स वाले देश आमतौर पर यूरोपीय संघ से बाहर हैं। स्विट्जरलैंड और नॉर्वे इसके अपवाद हैं, जो बेहतरीन शासन और ऊंचे जीवन स्तर के साथ कम प्रभावी टैक्स दरें लगाते हैं। नॉर्वे भी ईयू का सदस्य न होने के बावजूद मजबूत पासपोर्ट में बना हुआ है। स्विट्जरलैंड पूरे यूरोप में सबसे कम टैक्स लेकर निवेशकों को आकर्षित करता है।

IRCTC का नया पोर्टल 15 जुलाई को आएगा:टिकट बुकिंग में कैप्चा और पॉप-अप की झंझट खत्म होगी; जानें 4 बड़े बदलाव

भारतीय रेलवे 15 जुलाई को IRCTC वेबसाइट का नया बीटा वर्जन लॉन्च करने जा रहा है। इस अपडेटेड पोर्टल में ट्रेन टिकट बुकिंग के लिए कैप्चा और पॉप-अप्स का ऑप्शन हटा दिया गया है। इससे ऑनलाइन टिकट बुकिंग पहले आसान हो जाएगी, साथ ही समय भी कम लगेगा। इसके अलावा, एक ही स्क्रीन पर सभी क्लास की सीटों की अवेलेबलिटी भी दिखेगी। MNIT जयपुर के छात्रों को लाइव डेमो दिया लॉन्चिंग से पहले शुक्रवार को IRCTC और सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) के अधिकारियों ने जयपुर में मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) के छात्रों को इस नए बीटा वर्जन का लाइव डेमो दिखाया। रेलवे अधिकारियों ने पब्लिक रिलीज से पहले प्लेटफॉर्म के यूजर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाने के लिए छात्रों से उनका फीडबैक भी मांगा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिया था भरोसा इस पूरे बदलाव का बैकग्राउंड कुछ हफ्ते पुराना है। दरअसल, MNIT जयपुर के छात्रों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलकर उन्हें मौजूदा IRCTC वेबसाइट की कमियों और दिक्कतों के बारे में बताया था। उस समय रेल मंत्री ने छात्रों को 15 जुलाई तक पोर्टल में बदलाव करने की बात कही थी। उसी वादे को पूरा करते हुए रेलवे ने इन छात्रों को लॉन्च से पहले रिव्यू के लिए खास तौर पर बुलाया था। फास्ट चेकआउट और सेव्ड पैसेंजर डिटेल्स नए पोर्टल पर टिकट बुकिंग के स्टेप्स को कम किया गया है, जिससे चेकआउट प्रोसेस पहले से काफी फास्ट हो जाएगा। इसके अलावा, एक और नया फीचर प्लान किया गया है, जिसमें पहले से सेव की गई पैसेंजर डिटेल्स के जरिए दोबारा बुकिंग करना आसान हो जाएगा। तत्काल बुकिंग में बॉट्स पर लगाम अधिकारियों के अनुसार, तत्काल बुकिंग के दौरान ऑटोमैटिक बॉट्स के इस्तेमाल को रोकने के लिए कई उपाय किए गए हैं। हालांकि, अधिकारियों ने माना कि “यह एक निरंतर चलने वाली लड़ाई है। पहले के मुकाबले कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन हमें अभी और प्रयास करने की जरूरत है। हम अपनी कोशिशें लगातार जारी रखेंगे।” 40 साल पुराना पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम भी बदलेगा
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रीडिजाइन की गई IRCTC वेबसाइट को फिलहाल भारतीय रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) के साथ इंटीग्रेट किया जा रहा है। सूत्रों ने कहा कि, “हम 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को बदल रहे हैं। हम बहुत जल्द इसे लॉन्च करेंगे।” वर्तमान रिजर्वेशन सिस्टम साल 1986 में शुरू हुआ था। पिछले 40 सालों में इसमें कई छोटे बदलाव किए गए, लेकिन अब इसे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की मदद से पूरी तरह नया किया जा रहा है। ——————— ये खबर भी पढ़ें… वेटिंग टिकट कन्फर्म होगा या नहीं, AI बताएगा: रेलवे 40 साल पुराना रिजर्वेशन सिस्टम बदल रहा, अगस्त से हाईटेक मॉड्यूल पर शिफ्ट होंगी ट्रेनें भारतीय रेलवे अपने 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को पूरी तरह बदलने जा रहा है। नया सिस्टम AI की मदद से बताएगा कि वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक की और अगस्त से ट्रेनों को नए अपग्रेड सिस्टम पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। पूरी खबर पढ़ें…

अनिल अंबानी ग्रुप की ₹1,021 करोड़ की संपत्ति जब्त:मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई, अब तक ₹20,367 करोड़ की प्रॉपर्टी सीज हो चुकी

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED) ने आज यानी 11 जुलाई को रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच में कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने ग्रुप की 1,021 करोड़ रुपए की संपत्ति को प्रोविजनल तौर पर जब्त करने का नया आदेश जारी किया है। ED के मुताबिक, इस कार्रवाई के तहत रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के पास मौजूद रिलायंस पावर के इक्विटी शेयर और सासन पावर व रिलायंस पावर से मिलने वाली कुछ लोन रकम को अटैच किया गया है। इस नए आदेश के बाद मामले में अब तक जब्त की गई कुल संपत्ति का आंकड़ा 20,367 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। CBI की FIR के बाद शुरू हुई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच ED की यह कार्रवाई रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI द्वारा दर्ज की गई FIR पर आधारित है। CBI की इसी शिकायत को आधार बनाकर ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामले की जांच शुरू की थी। शेल कंपनियों के जरिए ₹15,548 करोड़ का फंड डायवर्ट किया जांच एजेंसी ने अपने बयान में बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया है कि RHFL और RCFL द्वारा जुटाए गए 15,548 करोड़ रुपए के पब्लिक फंड को सिस्टमैटिक तरीके से डायवर्ट किया गया। इस रकम को अनिल अंबानी ग्रुप द्वारा नियंत्रित और प्रबंधित की जाने वाली कई ‘शेल’ यानी फर्जी या डमी कंपनियों और ग्रुप की अन्य कंपनियों के नेटवर्क के जरिए इधर से उधर ट्रांसफर किया गया था। अनिल अंबानी ग्रुप पर कई मामलों की जांच अब तक 8 लोग गिरफ्तार, 4 चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं इस पूरे मामले में केंद्रीय एजेंसी अब तक कुल 4 चार्जशीट (अभियोजन शिकायतें) कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। जांच के दौरान इस घोटाले में शामिल 8 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। ईडी ने यह भी जानकारी दी है कि मनी लॉन्ड्रिंग के अलावा फेमा (FEMA) के तहत भी ग्रुप की 77.86 करोड़ रुपए की संपत्तियों को पहले ही जब्त किया जा चुका है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट क्या है? प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी PMLA के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट का मतलब होता है कि आरोपी अब इस संपत्ति (जैसे शेयर या लोन अमाउंट) को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकता। जब ईडी को लगता है कि कोई संपत्ति अपराध की कमाई से बनाई गई है, तो वह उसे अस्थायी रूप से 180 दिनों के लिए जब्त कर लेती है। इसे बाद में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी से मंजूरी मिलने पर स्थायी जब्त किया जा सकता है।