ग्रामीण सेवा शिविर में घंटों में सुलझा जमीन विवाद:दो भाइयों का हुआ खाता विभाजन, सालों बाद मिली राहत
राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविरों में आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। बूंदी के हिंडोली उपखंड की ग्राम पंचायत छाबड़ियों का नयागांव में आयोजित शिविर में दो किसान भाइयों के बीच सालों से चला आ रहा संयुक्त कृषि भूमि का विवाद महज कुछ घंटों में सुलझ गया। राजस्व अधिकारियों ने मौके पर कार्रवाई करते हुए भूमि विभाजन की प्रक्रिया पूरी की और खाता विभाजन के आदेश जारी कर दिए, जिससे दोनों भाइयों को बड़ी राहत मिली। सालों से संयुक्त खाते को लेकर था विवाद राजस्व ग्राम रघुनाथपुरा निवासी कालूलाल और रमेश की कृषि भूमि का खाता कई सालों से संयुक्त था। इसी वजह से दोनों भाइयों के बीच अक्सर मनमुटाव और विवाद की स्थिति बनी रहती थी। दोनों इस समस्या का स्थायी समाधान चाहते थे। शिविर में दिया प्रार्थना पत्र, तुरंत शुरू हुई कार्रवाई ग्रामीण सेवा शिविर की जानकारी मिलने पर दोनों भाई छाबड़ियों का नयागांव पहुंचे और संयुक्त भूमि के विभाजन के लिए शिविर प्रभारी को प्रार्थना पत्र सौंपा। मामले का संज्ञान लेते हुए शिविर प्रभारी ने पटवारी हल्का (छाबड़ियों का नयागांव) और आईएलआर दबलाना को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मौका निरीक्षण के बाद जारी हुए विभाजन के आदेश राजस्व अधिकारियों ने दोनों किसानों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए और तत्काल मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 53(1) के तहत भूमि विभाजन का प्रस्ताव तैयार कर शिविर प्रभारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव पर तुरंत निर्णय लेते हुए शिविर प्रभारी ने खाता विभाजन के आदेश जारी कर दिए। विवाद खत्म होने पर किसानों ने जताया आभार खाता विभाजन के बाद सालों से चला आ रहा विवाद समाप्त हो गया। दोनों भाइयों ने बताया कि संयुक्त खाते के कारण लंबे समय से उनके बीच विवाद बना हुआ था, लेकिन शिविर में त्वरित कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान हो गया। उन्होंने इस पहल के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

