उदयपुर में विला में छिपे कुख्यात डकैत को पकड़ा:साबरमती जेल से 2 महीने पहले बाहर आया था, जज के नाम पर स्कूटर ठगने वाला गिरफ्तार

उदयपुर की सुखेर थाना पुलिस ने 2 बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया है। पुलिस ने जहां एक तरफ जिला जज (डिस्ट्रिक्ट जज) के नाम का झांसा देकर शोरूम से इलेक्ट्रिक स्कूटर (EV) ठगने वाले शातिर बदमाश को दबोचा है, वहीं दूसरी तरफ एक नामी विला में दबिश देकर लूट और डकैती के कुख्यात इनामी बदमाश को अवैध पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। सुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया- न्यू भूपालपुरा 80 फीट रोड पर दिनेश काबरा का ‘केपी इलेक्ट्रो व्हील’ नाम से इलेक्ट्रिक स्कूटर का शोरूम है। बीती 24 जून को शोरूम पर चित्रकूट नगर (भुवाणा) निवासी दीपक उर्फ गोलू आया। उसने शोरूम संचालक को जिला जज के नाम का झांसा दिया और कहा कि ‘साहब’ को स्कूटर पसंद करवाना है, इसलिए इसे दिखाने ले जा रहा हूं। आरोपी ने आधे घंटे में वापस लौटने की बात कही थी, लेकिन वह करीब 60 हजार रुपए कीमत का काले रंग का स्कूटर लेकर फरार हो गया। काफी तकाजा करने के बाद भी जब उसने स्कूटर नहीं लौटाया, तो पीड़ित ने सुखेर थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धरदबोचा। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी सहयोग से महज 24 घंटे के भीतर आरोपी दीपक उर्फ गोलू (28) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से स्कूटर बरामद कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर है। वह लोगों को नौकरी लगवाने और कोर्ट में फैसला अपने पक्ष में कराने का झांसा देकर पहले भी ठगी कर चुका है। आरोपी के खिलाफ अंबामाता और हिरणमगरी थानों में भी मामले दर्ज हैं। उसने 30 जून को भूपालपुरा के शक्तिनगर स्थित एक शोरूम से मोबाइल भी ठगा था।” पिस्टल और कारतूस के साथ कुख्यात डकैत दबोचा सुखेर थाना पुलिस को दूसरी बड़ी सफलता अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान मिली। थानाधिकारी भरत योगी की टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि भीलों का बेदला स्थित ‘विराज विला’ में एक संदिग्ध बदमाश अवैध हथियार के साथ छिपा हुआ है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत विला पर दबिश दी और वहां मौजूद प्रताप सिंह (27), निवासी बोरी (कुराबड़, उदयपुर) को घेराबंदी कर दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध पिस्टल, मैगजीन और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। साबरमती जेल से बाहर आकर फिर हुआ सक्रिय पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी प्रताप सिंह कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं, बल्कि लूट और डकैती का कुख्यात व आदतन अपराधी है। वह अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह चलाता है और बड़ी वारदातों को अंजाम देता है। वह हाल ही में साबरमती जेल से बाहर आया था। हवाला कारोबारियों और ज्वेलर्स के कर्मचारियों को बनाता था निशाना आरोपी का वारदात करने का तरीका बेहद खौफनाक है। वह मुख्य रूप से हवाला (आंगड़िया) का काम करने वाले लोगों की रेकी करता था और फिर पिस्टल की नोक पर उनसे नकदी लूट लेता था। इसके अलावा, टैक्स बचाने के चक्कर में बिना बिल का सोना ले जाने वाले ज्वेलर्स के कर्मचारियों को भी यह गिरोह अपना निशाना बनाता था।” दो महीने पहले ही साबरमती जेल से आया था बाहर आरोपी प्रताप सिंह महज दो महीने पहले ही गुजरात की साबरमती जेल (अहमदाबाद) से जमानत पर रिहा होकर बाहर आया था। उसके खिलाफ उदयपुर के प्रतापनगर थाने में देबारी पेट्रोल पंप पर लूट, सलुंबर में अवैध पिस्टल रखने और जालौर के जसवंतपुरा थाने में चोरी व लूट जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। जेल से छूटने के बाद वह फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था। उदयपुर में बड़ी वारदात की फिराक में था आरोपी राजस्थान के अलावा गुजरात के नरोडा (अहमदाबाद), प्रांतीज (हिम्मतनगर), पालनपुर, पाटन और मेहसाणा सहित कई थानों में उसके खिलाफ हवाला कारोबारियों और सोने के व्यापारियों से लूट व डकैती के दर्जनों मामले दर्ज हैं। सुखेर थाना पुलिस अब आरोपी से गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह उदयपुर में अवैध हथियार लेकर किस बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था।

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