ऊंट पर निकली बछड़े की बंदोली:गाजे-बाजे के साथ निकली बारात, शुभ मुर्हूत में हुए फेरे, अनूठे विवाह में शामिल हुआ पूरा गांव
आपने शादिया तो बहुत देखी होगी लेकिन पाली जिले के बारसा गांव में शनिवार को अनौखी शादी हुई। जो जिले भर में चर्चा का विषय रही। बछड़ा का बछड़ी से विधि-विधान से शादी करवाई गई। ऊंट पर बछड़े को बिठाकर बैंडबाजे पर बंदौली निकाली गई। नाचते-गाते हुए बारात निकली और शुभ मुर्हूत में बछड़ा का विवाह बिछड़ी के साथ सम्पन्न हुआ। इसके साथ ही पीपल की शादी बरगद के पेड़ के साथ की गई। गांव में पहली बार बछड़ा-बछड़ी की अनौखी शादी होना बताया जा रहा है। पूरे ग्रामीण में बारसा सहित आस-पास के कई गांवों के लोग शामिल हुए। यह अनौखा आयोजन पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन उपखंड क बारसा गांव में हुआ। जिसमें बछड़े की शादी बछड़ी से और पीपल की शादी बरगद के पेड़ से करवाई गई। बकाया 26 जून को लग्न लिखा गया। उसके बाद 4 जुलाई की की सुबह बारसा गांव में गाजे-बाजे के साथ बंदौली निकाली गई। जिसमें ट्रेक्टर ट्रॉली में पीपल और बरगद के पौधे को लेकर श्रद्धालु बैठे। वही बछड़ा-बछड़ी को दो श्रद्धालु ऊंट लेकर बैठे। जगमोहन मंदिर से बारात रवाना हुई जो हनुमान मंदिर पहुंच सम्पन्न हुई। जहां शुभ मुर्हूत में बछड़े का बछड़ी के साथ और पीपल का बरगद के पौधें के साथ विवाह सम्पन्न करवाया गा।
वाटिका में रखा 800-1000 लोगों का खाना
इस अनौखी शादी को लेकर बारसा गांव के श्रीराम वाटिका में 3-4 जुलाई को खाना बनाया गया। 4 जुलाई को 800 से ज्यादा लोग भोजन में पहुंचे। भोजन में लापसी, खड्डी, पुड़ी, चिप्स, मोठ बनाया गया।

