राष्ट्रीय युवा संसद में महिला सशक्तीकरण:युवाओं का चुनावी सुधार, जातीय जनगणना और डिजिटल मीडिया विनियमन पर मंथन
नगर निगम जयपुर में मंच मिनिस्ट्री एवं युवा साथी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय युवा संसद का शनिवार को समापन हुआ। देश के 25 से अधिक राज्यों से आए 250 से ज्यादा युवाओं ने सांसदों, मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हुए चार प्रमुख मुद्दों पर संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप चर्चा और वाद-विवाद किया। मुख्य आयोजक एवं संस्थापक मोहित शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने किया। युवा संसद में महिला सशक्तीकरण एवं समान प्रतिनिधित्व, निर्वाचन सुधार एवं चुनावी पारदर्शिता, जातीय जनगणना एवं आरक्षण सुधार तथा डिजिटल प्रसारण एवं ऑनलाइन मीडिया विनियमन से जुड़े चार प्रस्तावित विधेयकों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए शोध आधारित तर्क, सुझाव और समाधान प्रस्तुत किए। संवैधानिक जागरूकता
सह आयोजक डॉ. नीकी चतुर्वेदी ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल संसद की कार्यवाही का मंचन करना नहीं, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन, शोध कौशल, सार्वजनिक वक्तृत्व और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना था। सह आयोजक मनु कम्बोज ने कहा कि राष्ट्रीय युवा संसद युवाओं को जागरूक, उत्तरदायी और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने का प्रभावी मंच है।

