सियासी हलचल तेज:अमित शाह दिल्ली बुलाकर मंत्रियों से ले रहे फीडबैक, परफॉर्मेंस भी पूछ रहे
प्रदेश की सियासत में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने हलचल बढ़ा दी है। एक-एक कर राजस्थान के मंत्रियों को दिल्ली बुलाए जाने से अटकलें तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बातचीत चल रही है। ऐसे में मंत्रियों को अपनी परफॉर्मेंस भी बतानी है और उनके खिलाफ यदि शिकायतें हैं, तो उसकी वजह भी बतानी है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि मंत्रियों को दिल्ली बुलाकर राजस्थान में कामकाज को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है। पिछले दो-तीन दिनों में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर जैसे मंत्रियों को दिल्ली बुलाया गया है। बीते करीब एक साल से इस बात को लेकर बीच-बीच में चर्चा उठती रही है कि मंत्रिमंडल विस्तार जल्द होने जा रहा है। हालांकि अभी केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर चर्चा जरूर है, लेकिन भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश के नेताओं, मंत्रियों को इसी तरह बुलाकर अपने फीडबैक मैकेनिज्म को मजबूत करता रहा है। सियासी सूत्र बता रहे हैं कि दिल्ली की इसके पीछे की कहानी कुछ इसी तरह की है। हालांकि स्थानीय आलोचक यह जरूर चर्चा छेड़ रहे हैं कि जिन-जिन मंत्रियों की शिकायतें ज्यादा हैं, पहले दौर में उन्हें ही बुलाया जा रहा है। चर्चाओं पर विराम की कोशिश कृषि मंत्री मीणा व शिक्षा मंत्री दिलावर ने हालांकि अपने अपने कार्यक्रम जारी कर अधिकृत रूप से भी दिल्ली दौरे की जानकारी दी है, वे अपने-अपने मंत्रालयों के अधिकृत कार्यक्रमों में भी शामिल हुए हैं। दिलावर ने एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल होने का जिक्र किया है। वहीं, किरोड़ी ने शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति वाले विकसित भारत ग्राम योजना कार्यक्रम का जिक्र किया। चिकित्सा मंत्री खींवसर भी दो दिन पहले अमित शाह से मिले। अब शुक्रवार को किरोड़ीलाल मीणा शाह से मिले। परफॉर्मेंस के साथ फीडबैक लिया गया। केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार को लेकर भी चर्चा असल में पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार को लेकर चर्चा तेज है। बताया जा रहा है कि राज्य के चार में एक मंत्री को ड्रॉप कर एक नए की एंट्री संभव है। इनमें सबसे ज्यादा नाम पिछले दिनों राज्यसभा सदस्य बने डॉ. सतीश पूनियां को लेकर चल रहा है। पार्टी के केंद्रीय सूत्रों के अनुसार उन्हें किसी मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया जा सकता है। यही कारण है कि मौजूदा एकमात्र राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे भागीरथ चौधरी से रिप्लेस किए जाने की सबसे ज्यादा चर्चा है।

