पाक आतंकी भट्टी का बॉर्डर सिंडिकेट:ऑनलाइन गेम, पैसा और ग्लैमर से युवाओं को बना रहा जासूस
भारत-पाकिस्तान सीमा पर अब घुसपैठ सिर्फ तारों के नीचे से नहीं, बल्कि स्मार्टफोन के जरिए डिजिटल हो गई है। राजस्थान एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड द्वारा प्रदेश के 20 से ज्यादा शहरों में की गई छापेमारी और बाड़मेर से 20 साल के बशीर की गिरफ्तारी ने एक बेहद खतरनाक नेटवर्क का खुलासा किया है। पाकिस्तानी आतंकी और गैंगस्टर शहजाद भट्टी अब बॉर्डर के युवाओं को स्लीपर सेल की तरह इस्तेमाल करने की साजिश रच रहा है। युवक ने गुजरात से लौटकर गांव को बनाया केंद्र एटीएस के इनपुट पर रामसर पुलिस द्वारा गागरिया गांव से गिरफ्तार किया गया बशीर (20) पुत्र आमदन खान इस नेटवर्क का अहम मोहरा था। इन्वेस्टिगेशन में सामने आया है कि बशीर पहले गुजरात में मजदूरी करता था। कुछ महीने पहले ही वह गांव लौटा था और काम-काज छोड़कर लगातार मोबाइल पर सक्रिय रहता था। गागरिया गांव रणनीतिक और भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में आता है। एजेंसियां अब यह जांच कर रही है कि गुजरात में रहने के दौरान वह किसके संपर्क में आया और अब तक उसने कौन-सी खुफिया जानकारियां पाकिस्तान भेजी हैं। गागरिया निवासी बशीर के खिलाफ रामसर थाने में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है। प्रारंभिक जांच में उसका संबंध पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी से सामने आया है। एटीएस और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से गहन पूछताछ कर रही हैं, जल्द ही नेटवर्क से जुड़े अन्य खुलासे होंगे। -चूनाराम जाट, एसपी, बाड़मेर।

