800 रुपए में पार्सल डिलीवरी, चाहे विस्फोटक हो या ड्रग्स:कैमरे पर रोडवेज ड्राइवर-कंडक्टर का अवैध सिस्टम, चेक तक नहीं करते कार्टन के अंदर क्या है?
राजस्थान रोडवेज की बसों में 900 से 1 हजार रुपए लेकर धड़ल्ले से अवैध पार्सल भेजे जा रहे हैं। ड्राइवर-कंडक्टर पार्सल तक चेक नहीं करते कि इसमें ड्रग्स या हथियार तो नहीं? पटाखे या अन्य विस्फोटक तो नहीं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए संकट बन जाए। बड़े-बड़े बोरे और कार्टन तक यात्रियों के सामान के बीच या ड्राइवर के केबिन में रखकर भेजे जा रहे हैं। ये खतरनाक इसलिए है, क्योंकि कई बार इन्हीं पार्सलों के कारण यात्रियों को हादसे के वक्त बस से निकलने की जगह नहीं मिलती। इस खेल का खुलासा करने के लिए भास्कर रिपोर्टर ग्राहक (कस्टमर) बनकर ड्राइवर से मिला। एक पार्सल में ईंट रखकर टनकपुर (उत्तराखंड) भेजने के लिए कहा। ड्राइवर ने पार्सल भेजने के 800 रुपए लिए। चेक तक नहीं किया कि पार्सल में कोई विस्फोटक सामग्री तो नहीं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… भास्कर रिपोर्टर जयपुर-टनकपुर रूट की बस के ड्राइवर लोकेश यादव से मिला। ड्राइवर ने कहा- किराया सामान देखकर तय होगा। 900 से 1000 रुपए लगेंगे। ड्राइवर के दावे की सच्चाई जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने खाली कार्टन लिया। उसमें केवल एक ईंट रखी और पैक कर दिया। ऊपर टनकपुर का पता लिख दिया गया, ताकि वह असली पार्सल जैसा लगे। इसके बाद टीम उसी रोडवेज बस के पास पहुंच गई। (रिपोर्टर ने ड्राइवर को 800 रुपए दे दिए।) चीफ मैनेजर को बुलाया तो ड्राइवर मौके से भाग गया रिपोर्टर ने सिंधी कैंप बस स्टैंड के चीफ मैनेजर राकेश राय को मौके पर बुलाया। चीफ मैनेजर के पहुंचते ही ड्राइवर वहां से निकल गया। बाद में उसे बुलाया गया। बस की जांच हुई तो वही कार्टन ड्राइवर के केबिन में रखा मिला। चीफ मैनेजर ने पूछा तो ड्राइवर ने माना कि पार्सल उसी ने रखा था। अपना बचाव करने के लिए ये भी बोला कि बाद में वह बिल लेकर आ जाता। चीफ मैनेजर राकेश राय ने कहा- पहले बिल होना चाहिए था। बिना बिल सामान नहीं ले जाया जा सकता। सामान ड्राइवर के केबिन में रखा गया था, जबकि वहां सामान रखने की अनुमति नहीं है। मामले की रिपोर्ट संबंधित आगार (सेक्शन) को भेज दी गई है। राजस्थान रोडवेज में लघु (छोटे) पार्सल सेवा के ये हैं नियम ——– ये खबरें भी पढ़िए… 1- राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर में भिड़ंत के बाद आग लग गई। हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। पढ़ें पूरी खबर… 2- जयपुर में बिना जांच बसों में रखे जा रहे पार्सल:यात्रियों की जान से खिलवाड़; दौसा अग्निकांड के बाद ग्राउंड पर भास्कर का रियलिटी चेक दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 30 जून की देर रात हुए बस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। भीषण हादसे के बाद यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों की अनदेखी पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

