तानों-वर्चस्व की जंग में गई डकैत जगन की जान:गैंग में दबदबा बनाने के लिए रची साजिश; जानिए 15 मिनट में कैसे हुआ मर्डर
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुई डकैत जगन गुर्जर की हत्या महज आवेश में आकर किया गया अपराध नहीं था, बल्कि जेल के भीतर वर्चस्व की लड़ाई और लगातार मिल रहे तानों का नतीजा है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विष्णु जाट अपने गैंग के बीच खुद को बड़ा अपराधी साबित करना चाहता था। दूसरी ओर, 100 से ज्यादा मुकदमों वाला डकैत जगन गुर्जर, विष्णु के अपराधों और उसके परिवार को लेकर लगातार तंज कसता था। गैंग के साथियों के तानों और जगन के कमेंट्स (टिप्पणियों) से आहत होकर विष्णु ने जगन की हत्या का प्लान बनाया, फिर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। पुलिस की पड़ताल में वारदात से लेकर सबूत मिटाने तक की पूरी कहानी अब सिलसिलेवार (मिनट-टू-मिनट) सामने आ गई है। जेल में इस तरह हुई डकैत जगन गुर्जर की हत्या जगन को ‘जग्गू दादा’ कहकर बुलाते थे बंदी पुलिस सूत्रों के अनुसार, विष्णु जाट पहले से हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। उसकी गैंग के कई सदस्य भी उसी जेल में बंद हैं। गैंग के साथी अक्सर उसका मजाक उड़ाते थे कि उसके खिलाफ केवल छोटे-मोटे चोरी के मुकदमे दर्ज हैं और उसने अब तक कोई बड़ा अपराध नहीं किया है। दूसरी तरफ, मार्च 2026 में डकैत जगन गुर्जर को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया था। 100 से ज्यादा मुकदमों वाले जगन का जेल में अलग ही दबदबा था। बंदी उसे ‘जग्गू दादा’ कहकर बुलाते थे। जांच में सामने आया है कि जगन अक्सर विष्णु के अपराधों और उसके परिवार को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणियां करता था। गैंग के साथियों के तानों और जगन के कमेंट्स से परेशान होकर विष्णु ने तय कर लिया कि यदि वह जगन जैसे बड़े अपराधी की हत्या कर देगा, तो जेल में उसका भी वर्चस्व स्थापित हो जाएगा। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कहा- मैंने जगन की हत्या कर उसका ‘उद्धार’ किया है। पहले साथ रहे दोनों भाई, फिर अलग की गई सेल पुलिस सूत्रों के अनुसार, जगन गुर्जर का भाई पप्पू गुर्जर पहले से ही हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। 29 मार्च 2026 को जगन के अजमेर जेल आने के बाद दोनों भाइयों को शुरुआत में एक ही वार्ड में रखा गया था। बाद में दोनों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। इस बीच दोनों के बीच विवाद होने के बाद 16 मई को जगन को अलग ब्लॉक में भेज दिया गया। इसके बाद 27 जून को विष्णु को जगन की सेल में शिफ्ट किया गया। इसके ठीक 2 दिन बाद 29 जून को उसने जगन की हत्या कर दी। ब्लॉक का CCTV चालू, लेकिन सेल का कैमरा खराब जांच में सामने आया कि जिस ब्लॉक में दोनों बंद थे, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में विष्णु का जगन की सेल में जाना, जेल प्रहरी की गश्त, कंपाउंडरों का इंजेक्शन लगाने आना और अन्य गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। हालांकि, जिस सेल में हत्या हुई, उसका कैमरा कई दिनों से खराब पड़ा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विष्णु को इसकी जानकारी नहीं थी। उसने वारदात वाले दिन सुबह करीब 10 बजे सबूत मिटाने की नीयत से कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट लगा दिया था, ताकि कुछ दिखाई न दे। जेल अधीक्षक बोले- टेक्निकल स्टाफ नहीं, कई कैमरे बार-बार खराब होते हैं जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया- जेल में सीसीटीवी की देखरेख के लिए कोई टेक्निकल स्टाफ नहीं है। करीब 20 कैमरे समय-समय पर अचानक खराब हो जाते हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए 7-8 बार DOIT को मेल भी भेजा गया, लेकिन समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई। कई कैमरे अपने आप कुछ समय के लिए चालू हो जाते हैं और फिर बंद (नॉन-लाइव) हो जाते हैं। फिलहाल सिविल लाइंस थाना पुलिस ने आरोपी विष्णु जाट को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पूछताछ की है। शनिवार (आज) को उसे दोबारा कोर्ट में पेश कर आगे की जांच और रिमांड को लेकर कार्रवाई की जाएगी। ——- ये खबरें भी पढ़िए… 1- डकैत जगन गुर्जर की हत्या करने वाला विष्णु जाट गिरफ्तार, बोला- वह मुझसे कपड़े धुलवाता था, कमेंट भी करता था; झगड़े के कारण मार डाला अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी विष्णु सिंह जाट को शुक्रवार सुबह 10.30 बजे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। हथियारबंद जवान जेल से कड़ी सुरक्षा में उसे लेकर सिविल लाइन थाना पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर 2- जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुए कुख्यात डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विष्णु जाट ने हत्या को सुसाइड (आत्महत्या) का रूप देने की पूरी कोशिश की थी। पढ़ें पूरी खबर…

