चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा में भारी बारिश, सड़कें जाम, गाड़ियां फंसीं:डूंगरपुर में बिजली गिरने से बच्चे की मौत, बीसलपुर बांध में 2CM बढ़ा पानी

लेट आया मानसून राजस्थान में जमकर बरस रहा। राजधानी जयपुर में गुरुवार रात तेज बारिश हुई। चित्तौड़गढ़ जिले 12 घंटे में ढाई इंच तक पानी बरसा है। जिले के निंबाहेड़ा और कपासन में भारी बारिश से हालत बिगड़ गए हैं। बांसवाड़ा शहर में शुक्रवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया है। टोंक में भी बारिश हुई। यहां चांदसेन रेन गेज सेंटर पर 24 घंटे में 64 MM बारिश दर्ज की गई। बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया में बारिश से बांध में 24 घंटे में 2 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। सुबह 6 बजे तक बांध का जलस्तर 313.57 आरएल मीटर पहुंच गया। मौसम विभाग ने कोटा, बारां और झालावाड़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, जैसलमेर को छोड़कर पूरे राजस्थान में यलो अलर्ट है। राज्य में अगले दो सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण दिन के तापमान में 4 डिग्री तक की गिरावट हुई है। इससे पहले गुरुवार को 16 से ज्यादा जिलों में 2 इंच तक बरसात हुई। तेज बारिश के बीच डूंगरपुर में बिजली गिरने से दो नाबालिग भाई झुलस गए। इनमें एक भाई की इलाज के दौरान मौत हो गई। बारिश से जुड़े बड़े अपडेट्स शहरी इलाकों में पानी भरा, रास्ते जाम, बिजली गिरी: तेज बारिश के कारण चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसमंद के शहर इलाकों में सड़कों पर पानी जमा हो गया है। इन जिलों के कई गांव भी पानी जमा होने से लोगों को परेशानी हो रही है। चित्तौड़गढ़ की कपासन और निंबाहेड़ा तहसील में रातभर हुई बारिश के कारण कई रास्ते जाम हो गए हैं। गाड़ियां फंसने से लोग परेशान हो रहे हैं। वहीं, डूंगरपुर में गुरुवार शाम को बिजली गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई। पहले ही दिन 2 इंच से ज्यादा बरसात: गुरुवार को एंट्री करने के बाद मानसून का असर जोरदार रहा। पहले दिन ही अलवर, झुंझुनूं, सीकर, उदयपुर, भरतपुर, करौली, अजमेर के कई इलाकों में दो इंच से ज्यादा बरसात हुई है। झालावाड़, बारां में तेज बारिश हुई। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है तथा अगले चार दिन में यह पूरे राजस्थान को कवर कर लेगा। लगातार बारिश से तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट हुई है। मानसून की एंट्री तेज बारिश के साथ: दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, कोटा, बारां समेत 13 जिलों के कुछ हिस्सों तक पहुंचा है। पिछले 13 वर्षों में यह तीसरी बार है, जब मानसून ने जुलाई में प्रदेश में प्रवेश किया है। इससे पहले वर्ष 2014 और 2019 में भी मानसून ने जुलाई में प्रदेश में प्रवेश किया था। हालांकि, जुलाई में एंट्री के बावजूद वर्ष 2014 में 518.6 मिमी और वर्ष 2019 में 747.24 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। अब देखिए- राजस्थान में बारिश की PHOTOS… मानसून की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

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