बाजारों में फ्लैग मार्च, पुलिस ने दिखाई सख्ती:अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी, कानून व्यवस्था का लिया जायजा
डीग में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने तथा आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम करने के उद्देश्य से रविवार शाम पुलिस ने शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला। जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ कांबले के निर्देश पर विशेष सायंकालीन गश्त अभियान के तहत आयोजित इस मार्च के दौरान पुलिस ने कानून व्यवस्था का जायजा लिया। गश्त के दौरान लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की, अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी। अपराधियों व असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश दिया कि जिले में कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रमुख मार्गों पर निकला फ्लैग मार्च फ्लैग मार्च का नेतृत्व कोतवाली थाना प्रभारी रामनरेश मीणा ने किया। पुलिस बल के साथ निकला यह मार्च शहर के मुख्य बाजार, घंटाघर, लोहा मंडी, नई सड़क, पुराना बस स्टैंड, गणेश मंदिर, पुरानी अनाज मंडी और लक्ष्मण मंदिर सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। पूरे रास्ते पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और लोगों से शांति एवं भाईचारा बनाए रखने की अपील की। मार्च का समापन डीग कोतवाली थाना परिसर में हुआ। अतिक्रमण हटाने की दी चेतावनी फ्लैग मार्च के दौरान थाना प्रभारी रामनरेश मीणा ने मुख्य बाजार और सड़कों पर अस्थायी अतिक्रमण कर रहे दुकानदारों एवं अन्य लोगों को मौके पर ही समझाइश दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर अतिक्रमण से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अतिक्रमण करने वालों से स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने और नियमों का पालन करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं करने पर पुलिस और प्रशासन नियमानुसार सख्त कार्रवाई करेगा। असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश पुलिस ने स्पष्ट किया कि फ्लैग मार्च केवल गश्त तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य अपराधियों और असामाजिक तत्वों को यह संदेश देना भी था कि डीग पुलिस पूरी तरह सतर्क है। जिले में कानून व्यवस्था बिगाड़ने या शांति भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। शहरवासियों ने किया स्वागत फ्लैग मार्च के दौरान कोतवाली थाना पुलिस के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। शहरवासियों ने भी पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।

