नशे के खिलाफ कालंद्री में हुंकार, डोडा-अफीम छोड़ने का आह्वान:उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं का सम्मान, नशामुक्त समाज पर जोर
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, सिरोही तथा जिला प्रशासन के निर्देशन में ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान द्वारा संचालित कालंद्री स्थित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में विचार गोष्ठी आयोजित हुई। मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत कालंद्री के प्रशासक महिपाल सिंह देवड़ा रहे, जबकि सिरोही पंचायत समिति के प्रधान हसमुख कुमार मेघवाल ने अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी अशोक बिश्नोई, आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान के प्रदेश सचिव विक्रम सिंह करणोत और डॉ. सी.एम. चौहान मौजूद रहे। संस्थान के अध्यक्ष रामेश्वर लाल बिश्नोई मुख्य वक्ता रहे। डोडा, अफीम और सिंथेटिक नशे से दूर रहने की अपील मुख्य वक्ता रामेश्वर लाल बिश्नोई ने संस्थान की सामाजिक गतिविधियों और नशा मुक्ति केंद्र की सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने डोडा, अफीम, सिंथेटिक सहित अन्य मादक पदार्थों से दूर रहकर स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान किया। परिवार और समाज की जिम्मेदारी पर जोर मुख्य अतिथि महिपाल सिंह देवड़ा ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ परिवार और समाज दोनों स्तर पर जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से भी युवाओं को नशे की बुराइयों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।
नशे की सूचना प्रशासन तक पहुंचाने की अपील जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक बिश्नोई ने विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें नशे की खरीद-फरोख्त से संबंधित कोई सूचना मिले तो वे तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन को जानकारी देकर प्रशासन का सहयोग करें। जनजागरण अभियान मजबूत करने का संकल्प अध्यक्षीय उद्बोधन में पंचायत समिति सिरोही के प्रधान हसमुख कुमार मेघवाल ने नशे के विरुद्ध जनजागरण अभियान को मजबूत करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। केंद्र की स्वयंसेविका सानिया कुंवर ने भी समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वयंसेविकाओं आरती लोहार, शोभा लोहार, पूजा लोहार, मेहर खान, संगीता तथा स्वयंसेवकों कुलदीप सिंह और अंकित सिंह को अतिथियों ने मोमेंटो और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।

