देवगढ़ में मुहर्रम पर नहीं निकला ताजियों का जुलूस:परंपरागत रूट की मांग को लेकर विरोध, प्रशासन बोला- 2025 में तय मार्ग पर दी अनुमति
राजसमंद के देवगढ़ कस्बे में इस साल भी मुहर्रम पर ताजियों का जुलूस नहीं निकाला गया। मुस्लिम समाज ने परंपरागत रूट की मांग को लेकर विरोध जताते हुए ताजिए बाहर नहीं निकालने का निर्णय लिया। समाज का कहना है कि प्रशासन की ओर से तय किए गए नए मार्ग पर सहमति नहीं बनने के कारण यह फैसला लिया गया। परंपरागत मार्ग से जुलूस निकालने की थी मांग मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्षों से ताजियों का जुलूस जिस परंपरागत मार्ग से निकाला जाता रहा है, इस बार भी उसी रूट से जुलूस निकालने की मांग की गई थी। हालांकि प्रशासन की ओर से इसके बजाय नया मार्ग प्रस्तावित किया गया। समाज के लोगों का कहना है कि इस संबंध में प्रशासन से कई बार बातचीत और आग्रह किया गया, लेकिन उनकी मांग पर सहमति नहीं बन सकी। विरोध स्वरूप नहीं निकाले ताजिए मुस्लिम समुदाय ने बताया कि परंपरागत रूट को लेकर समाधान नहीं निकलने के बाद समाज ने इस साल भी ताजियों का जुलूस नहीं निकालने का निर्णय लिया। समाज के लोगों ने भविष्य में इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने की मांग प्रशासन से की है। प्रशासन बोला- 2025 में तय मार्ग पर दी अनुमति देवगढ़ के उपखंड अधिकारी मोखम सिंह ने बताया कि कानून एवं शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2025 में जो मार्ग निर्धारित किया गया था, उसी मार्ग पर ताजियों के जुलूस की अनुमति प्रदान की गई थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से उसी निर्धारित रूट पर जुलूस निकालने की अनुमति दी गई थी।

