दुष्कर्म-आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच की मांग:परिजनों ने सीएम के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई नहीं होने से नाराज
करौली के मंडरायल थाना क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले की सीबीआई या सीआईडी से जांच कराने, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह मामला गत माह हुई एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से जुड़ा है। मृतका के परिजनों ने पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतका के पति ने बताया कि 26 मई की रात उनकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी। उस समय वह केरल में मजदूरी कर रहा था। 27 मई को पत्नी की मौत की सूचना मिलने पर वह गांव पहुंचा था। पति का आरोप है कि घटना वाली रात लांगरा थाना क्षेत्र निवासी एक युवक उनकी पत्नी को जबरन घर से ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद जब वह घर लौट रही थी, तब रास्ते में मंडरायल थाना क्षेत्र निवासी कुछ लोगों ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। परिजनों का आरोप है कि इस घटना के बाद महिला को गंभीर हालत में छोड़ दिया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई और उसने आत्महत्या कर ली। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद मंडरायल थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची थी। उन्होंने पुलिस से दुष्कर्म के संबंध में मेडिकल जांच कराने की मांग की, लेकिन पुलिस ने केवल आत्महत्या के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर मर्ग दर्ज कर लिया और उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं की। मृतका के पति के अनुसार बाद में तथ्यों की जानकारी जुटाने के बाद उन्होंने 18 जून को जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद चार नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण एवं दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में परिजनों का आरोप है कि पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद जांच की गति धीमी है, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने पुलिस पर मामले में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। साथ ही आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है।
मृतका के पति सहित दर्जनों लोग एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम प्रीति मीणा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मामले की सीआईडी या सीबीआई से जांच कराने, आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो उन्हें धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

