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डीएलएसए सचिव ने सम्प्रेक्षण, विशेष और बाल गृह की व्यवस्थाएं जांची

भास्कर न्यूज | टोंक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव (एडीजे) दिनेश कुमार जलुथरिया ने बुधवार को सम्प्रेक्षण गृह, विशेष गृह व बाल गृह का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के समय कुल 21 किशोरों में से 20 उपस्थित मिले। सचिव ने किशोरों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनकर, उन्हें उनके विधिक अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी दी। किशोरों ने बताया कि सम्प्रेक्षण गृह में टेलीविजन संचालित नहीं हो रहा है। इस पर उपस्थित परिवीक्षा अधिकारी भवानी सिंह को जरुरी सुधार के निर्देश दिए गए। सचिव जलुथरिया ने गृह की भौतिक संरचना, स्टाफ की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य जांच, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, रसोईघर एवं भोजन की गुणवत्ता, पर्याप्त रोशनी, मनोरंजन, कौशल विकास प्रशिक्षण, डाइट स्केल तथा दैनिक दिनचर्या सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान न्यायमित्र राजेश सिसोदिया, पीएलवी हरिराम गुर्जर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्मिक भी उपस्थित रहे।

आज जिले की 12 ग्राम पंचायतों में लगाए जाएंगे फॉलोअप सेवा शिविर

राज्य सरकार के निर्देश पर जिले में फॉलोअप ग्रामीण व शहरी सेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविर ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर सुबह 9.30 बजे से शाम 6 बजे तक होंगे। मकसद यह है कि अलग-अलग विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन को एक ही जगह मिले। एडीएम कमल सिंह यादव ने बताया कि 23 जुलाई को ग्राम पंचायत बरखेड़ाकला, रूण्डलाव, मण्डावर, पंचायत गैलानी, सांगरिया, आंवलीकला, क्यासरा, हरनावदा, आसलपुर, मनोहरथाना की ग्राम पंचायत ठीकरिया में शिविर होगा। खानपुर की ग्राम पंचायत गोलाना, कंवल्दा में शिविर होंगे। नगर परिषद झालावाड़ से जुड़ा शहरी सेवा शिविर अम्बेडकर भवन में होगा। अन्य नगर पालिकाओं के शहरी सेवा शिविर संबंधित नगर पालिका कार्यालयों में होंगे। यादव ने बताया कि शिविरों में योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। पात्रता के अनुसार लाभ मिलेगा। आवेदन लिए जाएंगे। शिकायतों का निस्तारण होगा।

शक्ति नगर बालाजी मंदिर में शिव परिवार की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम

भास्कर न्यूज | टोंक नेशनल हाईवे स्थित पन्नाधाय रोड के समीप शक्ति नगर बालाजी मंदिर में बुधवार को भगवान शिव परिवार की मूर्तियों की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा व स्थापना समारोह साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत शिव परिवार की मूर्तियों की झांकी के साथ हुई। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और मंगल गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा निकालते हुए कॉलोनी का भ्रमण किया। राजेश महावर ने बताया कि वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय, नंदी महाराज की मूर्तियों का पंचामृत व पूजन-अर्चना के साथ विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा संस्कार संपन्न कराया गया। विद्वान पंडितों के सानिध्य में हवन-यज्ञ आयोजित हुआ, इसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। धार्मिक अनुष्ठानों के समापन पर महाप्रसादी व सामूहिक भोजन का आयोजन किया। इसमें संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान चुन्नीलाल महावर, सत्यनारायण चावला, चिरंजीलाल चंदेल, लालाराम गुर्जर, गोलू गुर्जर, पायल गुर्जर, सुनील, सुरेश, मोहनलाल, छोटू, फूलचंद, राधा कुमारी, सीता, निर्मला, गायत्री चंदेल, हनुमान शर्मा आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।

शूटिंग चैंपियनशिप में हसनैन अव्वल रहे

खानपुर| नगर के छात्र मोहम्मद हसनैन ने देहरादून में नेशनल राइफल एसोसिएशन की जसपाल राणा नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में 366 अंक हासिल किए। उन्होंने प्रथम रैंक प्राप्त की और दो स्वर्ण पदक जीते। हसनैन इससे पहले जोनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। राजस्थान राइफल एसोसिएशन की स्टेट चैंपियनशिप में उन्हें रजत पदक मिला था। उन्होंने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। हाल ही में इंदौर में पैरा ओलंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के टीम ट्रायल्स में भी उन्होंने हिस्सा लिया। हसनैन आगामी नेशनल चैंपियनशिप और पैरा ओलंपिक के तीसरे व चौथे ट्रायल्स में भाग लेंगे। वे जयपुर की गुरुकुल शूटिंग एकेडमी में कोच सचिन शेखावत से प्रशिक्षण ले रहे हैं।

एसीबी ने छात्रों को भ्रष्टाचार के खिलाफ किया जागरूक

टोंक| एसीबी टोंक इकाई ने सोहेला स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भ्रष्टाचार निरोधक जन जागरूकता संवाद व पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, ग्राम पंचायत के सरपंच तथा स्थानीय लोगो ने भाग लिया। एएसपी (एसीबी) ऋषिकेश मीणा ने कहा कि राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार मुक्त राजस्थान का निर्माण तभी संभव है, जब आमजन निर्भीक होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं। लोगों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाते हुए आश्वस्त किया कि एसीबी हर परिवादी को न्याय दिलाने और वैध कार्यों को बिना रिश्वत पूरा कराने में हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) राजस्थान मुख्यालय, जयपुर के निर्देशानुसार एसीबी का जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही प्रकृति को हरा-भरा करने के लिए सामूुहिक जिम्मेदारी के तहत पौधारोपण किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को भ्रष्टाचार की रोकथाम, रिश्वतखोरी के दुष्परिणाम व शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई।

मुख्य पाइपलाइन फूटी, आज झालावाड़ और पाटन समेत 236 गांवों में नहीं होगी जलापूर्ति

भास्कर न्यूज | झालावाड़ छापी झालावाड़-झालरापाटन पेयजल परियोजना की मुख्य पाइपलाइन बुधवार को गेहूंखेड़ी स्थित अस्पताल के पास क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फूटने के बाद जलदाय विभाग ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया, लेकिन इसकी वजह से परियोजना से जुड़े झालावाड़-झालरापाटन सहित 236 गांवों की पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विभाग के अनुसार मरम्मत कार्य पूरा होने तक गुरुवार को शहर की सुबह और शाम दोनों समय की जलापूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। वहीं शुक्रवार सुबह की सप्लाई भी प्रभावित रहने की संभावना है। पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होने के बाद ही जलापूर्ति सामान्य हो सकेगी। {झालावाड़ शहर में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सांईनाथपुरम, अमन होम्स, ड्रीम सिटी, जवाहर कॉलोनी, पुरानी जेल रोड, बस स्टैंड, गोदाम की तलाई, भगत सिंह कॉलोनी, रूपनगर, केजीएन क्षेत्र, अनमोल टाउनशिप, जनकपुरी, श्री विला, गायत्री कॉलोनी, गुड़ा गांवड़ी, मदारी खां तालाब, खंडिया कॉलोनी, मामा-भांजा क्षेत्र, आनंद विहार कॉलोनी, कोठी रोड सहित अन्य कॉलोनियों में गुरुवार सुबह और शाम की जलापूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। {झालरापाटन शहर में आंशिक रूप से जलापूर्ति प्रभावित होगी। वहीं कस्बा असनावर और बकानी में भी पेयजल आपूर्ति आंशिक रूप से बाधित रहने की सूचना है। जलदाय विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से पानी का आवश्यक भंडारण कर संयमित उपयोग करने की अपील की है।

5 घंटे रेंगते रहे 3 लाख वाहन:घेराव की जिद में घिरा ट्रैफिक; दोपहर में भाजपा, शाम को कांग्रेस का प्रदर्शन

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पर मंगलवार को राहुल गांधी की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई। कांग्रेसियों ने छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध प्रदर्शन किया तो भाजपा ने राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने पर विरोध जताया। दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ता एक दूसरे के कार्यालयों पर प्रदर्शन की जिद करते रहे। पुलिस ने इन्हें रोकने के लिए सी-स्कीम में जगह-जगह बैरिकेड्स लगाकर रास्ते बंद कर दिए। इससे आधे से ज्यादा शहर की कनेक्टिविटी प्रभावित हो गई। एमआई रोड, टोंक रोड, सहकार मार्ग, भवानी सिंह मार्ग, स्टेशन रोड, संसार चंद्र रोड, अजमेर रोड सहित आस-पास के मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव इतना बढ़ गया कि दोपहर 2 से शाम 7 बजे तक 3 लाख वाहन रेंगते रहे। शाम को बैरिकेड्स हटाने के करीब दो घंटे बाद शहर का यातायात सामान्य हो पाया। सरदार पटेल मार्ग बंद किया, भीड़ पर वाटर कैनन चलाई

34 अफसरों का हैंडसेट अलाउंस घोटाला:एक बार का भत्ता बार-बार लिया, अब 6.63 लाख की रिकवरी होगी

डिप्टी डायरेक्टर जनरल लाइसेंसिंग सर्विस ऑथोरिटी ऑफ राजस्थान (एलएसए) में नियमों को ताक पर रखकर हैंडसेट अलाउंस उठाने का मामला सामने आया है। विभाग के 34 अफसरों ने वित्तीय नियमों को ताक पर रख कर करीब 6.63 लाख का हैंडसेट एलाउंस उठा लिया। सालाना ऑडिट (लेखा परीक्षा) में यह प्रकरण सामने आया। ऑडिट ऑब्जेक्शन के बाद अधिकारियों से अलाउंस की रिकवरी की तैयार हो रही है। फाइनेंस डिपार्टमेंट (एक्सपेंडिचर) के साफ निर्देश हैं कि कोई भी अधिकारी पूरी सर्विस के दौरान सिर्फ एक बार ही मोबाइल हैंडसेट एलाउंस ले सकता है। साल 2018 में रिवाइज्ड ऑर्डर जारी कर इस नियम को और सख्त किया गया था, लेकिन अफसरों ने नजरअंदाज कर दिया। 2012 से 2026 तक उठाते रहे एलाउंस ऑडिट में खुलासा हुआ है कि साल 2012 से 2026 तक, यह अधिकारी हर 3 साल में लगातार नया अलाउंस उठाते रहे। जिन अफसरों को लिस्टेड किया गया है, वे हर तीन महीने में 22,500 रुपए का अलाउंस क्लेम कर रहे थे। इससे सरकार के खजाने को सीधे तौर पर करीब 6.63 लाख रुपए का फटका लगा है। ऑडिट टीम ने इसे डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर (डीओआई) के आदेशों की खुली अवहेलना और गंभीर वित्तीय लापरवाही माना है। दिलचस्प पहलू यह है कि इनमें से एक अधिकारी तो रिटायर भी हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी पे-मैट्रिक्स लेवल-12 से लेकर लेवल-15 तक के हैं, जिनकी मासिक सैलरी 2 से 3 लाख रुपए के बीच है। हैडक्वार्टर नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी इस पर जब एलएसए का पक्ष लिया गया तो नाम न छापने की शर्त पर शीर्ष अधिकारी ने बताया कि हैडक्वार्टर के नियमों के अनुसार ही कार्यवाही होगी। इधर, आडिट टीम का मानना है कि डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडीचर के आदेशों की अवहेलना करना भी अनियमितता है।

प्रन्यास समिति ने गणेश जी को दिया निमंत्रण

टोंक | श्रीमनसापूर्ण गणेश जी बालाजी मंदिर प्रन्यास समिति की ओर से आगामी 13 व 14 सितंबर को दो दिवसीय गणेश महोत्सव मनाया जाएगा। तैयारियां के तहत बुधवार को महंत कैलाशपुरी के सानिध्य में भगवान श्रीगणेश की विधिवत् पूजा-अर्चना कर जन्मोत्सव कार्यक्रमों में पधारने का निमंत्रण अर्पित किया गया। प्रन्यास समिति के संरक्षक महंत कैलाशपुरी ने बताया कि 13 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर अन्नपूर्णा गणेश मंदिर परिसर में भव्य रात्रि जागरण तथा 14 सितंबर को छप्पन भोग की झांकी एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। महंत कैलाशपुरी ने भगवान श्रीगणेश के जन्मोत्सव कार्यक्रमों में सहभागी बनने का आग्रह किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार बैरवा, कमलेश वैष्णव, अनिल चतुर्वेदी, सुभाष मिश्रा, रामस्वरूप शर्मा, एडवोकेट ओमप्रकाश राजोरा, मुकेश यादव, प्रसाद प्रभारी कमलेश गुर्जर मौज्ूद रहे।

सीपीसीबी के नए नियम लागू:प्रदूषण क्षमता के आधार पर होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट, ढाबे और बैंक्वेट हॉल को 4 कैटेगरी में बांटा, छोटे प्रतिष्ठानों को राहत

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने देशभर के होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट, ढाबे और बैंक्वेट हॉल के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के सदस्य सचिव भारत कुमार शर्मा ने 20 जुलाई को यह आदेश जारी किया। इसके तहत इन प्रतिष्ठानों को प्रदूषण क्षमता के आधार पर रेड, ऑरेंज, ग्रीन और व्हाइट कैटेगरी में बांटा गया है। नए नियमों का असर उदयपुर के करीब 800 होटल और 1000 रेस्टोरेंट-ढाबों पर भी सीधा पड़ेगा। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इन्हें तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने ‘व्हाइट कैटेगरी’ को स्थापना (सीटीई) और संचालन (सीटीओ) की अनुमति लेने से पहले ही छूट दी हुई है। नए नियमों के बाद व्हाइट कैटेगरी में आने वाले छोटे होटल, ढाबे, क्लाउड किचन और 1000 वर्गमीटर तक के बैंक्वेट हॉल संचालकों को प्रदूषण नियंत्रण विभाग की कागजी औपचारिकताओं से बड़ी राहत मिलेगी। 1. होटल और रिसॉर्ट (कमरों और ईंधन के आधार पर) 2. रेस्टोरेंट और ढाबे (बैठने की क्षमता के आधार पर) 3. बैंक्वेट और मैरिज हॉल (क्षेत्रफल के आधार पर) सभी के लिए ये नियम रहेंगे अनिवार्य कैटेगरी बदलन से व्यवसायियों को सहूलियत मिली केद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने व्हाइट श्रेणी बनाकर छोटे उद्योगों को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें अन्य विभागों के ज्यादा चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अलावा ऑरेंज कैटेगरी के कई उद्योगों को ग्रीन कैटेगरी में बदलने से भी व्यवसायियों को सहूलियत मिली है।
-राकेश चौधरी, सचिव, होटल संस्थान दक्षिणी राजस्थान