उदयपुर में आबकारी विभाग की प्रदेश स्तरीय बैठक सोमवार को हुई। बैठक में आबकारी कमिश्नर ने होटल-रिसोर्ट, लग्जरी विला में अवैध शराब की नियमित जांच करने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि लक्ष्य पूरे नहीं किए गए तो कार्रवाई की जाएगी। उदयपुर के जिला परिषद सभागार में आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने चेतावनी दी कि जिन जिलों में राजस्व वृद्धि और विभागीय लक्ष्यों को पूरा नहीं किया जाएगा, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को टीमवर्क, नियमित समीक्षा और ठोस कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश देते हुए अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाने पर जोर दिया। अवैध शराब पर अभियान तेज करने के निर्देश आयुक्त नमित मेहता ने कहा- राजस्व विभाग की प्राथमिकता है। सर्कलवार और दुकानवार नियमित समीक्षा कर राजस्व वसूली, बकाया राशि की वसूली और निरोधात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया जाए। कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों की माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग की जाएगी। अतिरिक्त आबकारी आयुक्तों को सर्कलवार और जिला आबकारी अधिकारियों को दुकानवार समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त मेहता ने कहा- जिन जिलों में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई संतोषजनक नहीं है, वहां गिरफ्तारी और जब्ती की कार्रवाई बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा- दूसरे राज्यों से होने वाली अवैध शराब की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाकर राजस्व लीकेज को कम किया जा सकता है। उन्होंने होटल, रिसोर्ट और लग्जरी विला में नियमित जांच अभियान चलाने तथा अवैध शराब के संबंध में लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। जिन क्षेत्रों से अवैध शराब की शिकायतें मिल रही हैं, वहां तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। पुराने मामलों की निपटाने के निर्देश आयुक्त ने मुखबिर योजना के लंबित मामलों का जल्द निस्तारण, 12 महीने से पुराने चालान और प्रकरणों का निपटारा, जब्त वाहनों की 15 अगस्त तक नीलामी, राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लंबित शिकायतों का समयबद्ध समाधान और लंबित अवमानना मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए। बैठक में विभाग में ई-ग्रास के स्थान पर रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम (आरएमएस) लागू करने की जानकारी भी दी गई। बैठक में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त (नीति) प्रदीप सिंह सांगावत ने पीपीटी से जिलावार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान वित्तीय सलाहकार सुनीता विजय सहित प्रदेशभर के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी और निरोधक दल के अधिकारी उपस्थित रहे।