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कोटा में सिजेरियन के बाद हुई थी किडनी फेल:ट्रांसप्लांट पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोलीं- मरीजों को मूर्ख बनाया जा रहा; कब तक मिलेगा मुआवजा

कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की मौत और किडनी फेल होने के मामले में अभी भी 5 प्रसूताएं अस्पताल में भर्ती हैं। सोमवार को अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के हाल जानने के लिए कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम अस्पताल पहुंचीं हैं। किडनी ट्रांसप्लांट और मुआवजे की मांग को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अस्पताल प्रशासन और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को लगातार मूर्ख किया जा रहा है और अब तक मुआवजे को लेकर भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। अस्पताल में राखी गौतम ने महिला से बात की और उनके परिवार से इलाज को लेकर जानकारी ली। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। 5 महिलाओं में से 2 का चल रहा डायलिसिस, 3 का बाकी राखी गौतम ने बताया कि आज अस्पताल में भर्ती 5 महिलाओं में से 2 का डायलिसिस चल रहा है और 3 का डायलिसिस होना बाकी है। उन्होंने कहा कि डायलिसिस के बाद मरीजों को दो दिनों तक उल्टी, घबराहट और बेहोशी जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। तीसरे दिन जैसे ही मरीज थोड़ा संभलता है, उसे फिर से डायलिसिस पर चढ़ा दिया जाता है। मरीज बेहद परेशान हैं और केवल आश्वसनों से संतुष्ट नहीं हैं। पीड़ितों को कब और कितना दिया जाएगा मुआवजा जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने सरकार से दो मुख्य मांगें रखीं है कि सरकार तुरंत स्पष्ट करे कि पीड़ितों को मुआवजा कब और कितना दिया जाएगा। वहीं किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन तो दिया है, लेकिन सबसे बडा सवाल यह है कि उसके लिए रजिस्ट्रेशन के बाद प्राथमिकता भी जरूरी है। अगर डोनर साल-दो साल या 6 साल तक नहीं मिला, तो क्या मरीज तब तक जिंदा रह पाएंगे। डोनर का इंतजार करने की बात कहकर मरीजों को मूर्ख बनाया जा रहा है। ट्रांसप्लांट ही अब अंतिम विकल्प बचा है, वरना मरीजों का बचना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इसमें अब पहल करते हुए किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर एक तय सीमा मरीजों को बतानी चाहिए और प्रोसेस करना चाहिए। दरअसल, कोटा में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 महिलाओं की मौत हो गई थी और 5 महिलाएं अभी भी कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएसबी ब्लॉक में भर्ती हैं, जबकि दो महिलाओं को छुट्टी मिल चुकी है। ———– मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… लिखित आश्वासन के बाद महिलाएं डायलिसिस के लिए तैयार:किडनी ट्रांसप्लांट की मांग को लेकर किया था मना, 20 दिन की निगरानी के बाद होगा फैसला कोटा में किडनी ट्रांसप्लांट की मांग को लेकर डायलिसिस कराने से इनकार करने वाली महिलाएं अस्पताल प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद उपचार के लिए तैयार हो गईं। अधिकारियों ने उनकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद महिलाएं डायलिसिस के लिए तैयार हो गई। (पूरी खबर पढ़ें…) ‘या तो किडनी ट्रांसप्लांट कराओ, नहीं तो इच्छा मृत्यु दो’:डिलीवरी के बाद किडनी फेल, महिलाओं ने सरकार को दिया अल्टीमेटम कोटा मेडिकल कॉलेज में सीजेरियन (प्रसव) के बाद महिलाओं की किडनी फेल होने के बेहद गंभीर मामले में नया मोड़ आ गया है। अस्पताल के नेफ्रोलॉजी वार्ड में भर्ती 5 पीड़ित महिलाओं में से 4 बुधवार को मीडिया के सामने आईं। (पूरी खबर पढ़ें…) कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में अब एक नवजात की मौत:डिलीवरी के बाद एक और महिला की किडनी में इंफेक्शन, डॉक्टरों ने निजी अस्पताल ले जाने को कहा मां आईसीयू में, रिश्तेदारों की गोद में रोते रहे नवजात:सीजेरियन डिलीवरी के चार घंटे बाद बिगड़ी तबीयत; एक महिला की मौत हो गई कोटा में दो महिलाओं की मौत, डॉक्टर बर्खास्त, 3 सस्पेंड:सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 की तबीयत बिगड़ी थी; 2 और मरीजों की किडनी फेल

अर्चना गुप्ता दिल्ली भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष बनीं:क्षेत्रवासिायों ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया

किशनगढ़बास के ग्राम बोलनी निवासी अर्चना गुप्ता को दिल्ली भाजपा महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। क्षेत्रवासियों ने इस नियुक्ति को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। अर्चना गुप्ता ग्राम बोलनी के प्रतिष्ठित गुप्ता परिवार की पुत्रवधू हैं। उनके ससुर स्वर्गीय गणेशी लाल गुप्ता ने लगभग तीन दशक तक गांव के सरपंच के रूप में कार्य किया था। प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की सूचना मिलते ही ग्राम बोलनी, किशनगढ़ बास क्षेत्र और वैश्य समाज में हर्ष का माहौल है। लोगों ने इसे गांव और क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताते हुए अर्चना गुप्ता को बधाई दी। किशनगढ़ बास पंचायत समिति के पूर्व उपप्रधान और समाजसेवी सीए श्रीकिशन गुप्ता ने अर्चना गुप्ता को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि केवल गुप्ता परिवार की नहीं, बल्कि पूरे ग्राम बोलनी और क्षेत्रवासियों के लिए गर्व का विषय है।”

जालोर में संत बोले- आरोपी नहीं पकड़े तो लेंगे समाधि:मंदिर में तोड़फोड़ करने वालों पर कार्रवाई की मांग, सौंपा ज्ञापन

जालोर में दुर्ग तक जाने वाले रास्ते पर स्थित गोगाजी मंदिर में मूर्ति तोड़ने का मामला सामने आया है। नाराज हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से 7 दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पवनपुरी महाराज ने 7 दिन में समाधान नहीं होने पर कलेक्ट्रेट के सामने समाधि लेने की चेतावनी दी है। दरअसल, जालोर दुर्ग जाने वाले मार्ग पर ध्रुव पोल के पास स्थित प्राचीन गोगाजी मंदिर में स्थापित प्रतिमा को खंडित करने और मंदिर को क्षतिग्रस्त करने के मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। लेकिन इसके बाद भी काफी दिनों के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सनातन धर्म सेवा एवं संवर्धन संस्थान और विश्व हिंदू परिषद, जालोर के नेतृत्व में एएसपी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में असामाजिक तत्वों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। हिंदू संगठनों ने प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय में आरोपी गिरफ्तार नहीं किए गए तो हिंदू समाज आक्रोशित होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस अवसर पर जालोर भैरूनाथ अखाड़े के शेरनाथ, स्वर्णभारती महाराज (मलकेश्वर मठ), पवनपुरी महाराज, मांगीलाल कच्छवाह, मंगनाराम गहलोत, गमनाराम सुन्देशा, सुनील शर्मा, लालजी घांची, पुखराज सुन्देशा, मोहन लोहार, विक्रम भारती, नंदलाल खटीक, संदीप मेघवाल, दिलीप सुन्देशा, हेमेंद्र सेन, तेजाराम, दलपत सिंह आर्य, बंसीलाल सोनी और विश्व हिंदू परिषद के प्रवीण सिंह नाथावत, महेंद्र कुमार और धीरेन सुन्देशा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

डूंगरपुर में बदला मौसम का मिजाज:हल्की बारिश के बाद उमस बढ़ी, लोगों को अच्छी बरसात का इंतजार

डूंगरपुर में सोमवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। हालांकि दिन में कुछ समय धूप निकली और गर्मी का असर बढ़ गया। लेकिन दोपहर के समय 10 मिनट के लिए हल्की बरसात हुई। इससे तापमान में मामूली गिरावट आई, लेकिन उमस का असर बढ़ गया। मौसम विभाग ने जिले में सोमवार को बारिश का येलो अलर्ट जारी किया। सुबह दिन खुलने के साथ ही आसमान में बादल छाए रहे। लेकिन 10 बजे बाद कुछ देर के लिए आसमान में धूप निकली। गर्मी का असर बढ़ गया। दोपहर डेढ़ बजे तक आसमान में फिर से काले बादल मंडराने लगे। दोपहर 2 बजे बाद पहले बूंदाबांदी और फिर हल्की बरसात का दौर शुरू हो गया। बरसात की वजह से सड़के गीली हो गई। तापमान में मामूली गिरावट आई, लेकिन उमस बढ़ गई। वही बारिश के अलर्ट के चलते जिले में किसानों ओर लोगों को अच्छी बरसात की उम्मीद है।

प्रतापगढ़ में छात्राओं को सेल्फ डिफेंस सिखाया:साइबर सुरक्षा की जानकारी दी, महिला सुरक्षा संकल्प अभियान चलाया

प्रतापगढ़ में राज्य सरकार के “महिला सुरक्षा संकल्प” अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक विशाल जांगिड़ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयदेव के निर्देशन में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने श्री राम हाईटेक कंसल्टेंसी कोचिंग सेंटर में यह कार्यक्रम संपन्न कराया। छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और महिलाओं को आत्मरक्षा के तरीके सिखाए गए। इसके अतिरिक्त, उन्हें राजकॉप सिटीजन ऐप, महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, महिला अधिकारों, सड़क सुरक्षा और घरेलू हिंसा से संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति या साइबर अपराध की घटना होने पर वे तुरंत संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। उन्हें जागरूक, आत्मनिर्भर और सतर्क रहने का संदेश देते हुए सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए।

टाटा मोटर्स फाइनेंस और उसके 8 अधिकारियों पर FIR दर्ज:स्क्रैप कारोबारी से 46.66 लाख की धोखाधड़ी का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

अलवर में पुराने वाहनों के स्क्रैप कारोबारी ने टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड और उसके आठ अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। कोर्ट के आदेश पर अरावली विहार थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संजय कॉलोनी निवासी और ‘गणपति स्क्रैप’ के संचालक अशोक कुमार ने शिकायत में बताया कि वह टाटा मोटर्स फाइनेंस के अधिकृत ऑनलाइन खरीदार हैं। वर्ष 2023 और 2024 के दौरान उन्होंने कंपनी की ऑनलाइन नीलामी में पांच वाहनों की खरीद के लिए 46 लाख 66 हजार 500 रुपए जमा कराए थे। रकम जमा कराने के बाद भी नहीं ट्रांसफर किए वाहन शिकायत के अनुसार कंपनी ने भरोसा दिलाया था कि जब्त वाहनों को कोर्ट या संबंधित अधिकारी से रिलीज कराकर आवश्यक दस्तावेज (फॉर्म-35 और 36) पूरे करने के बाद वाहन उनके नाम ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। लेकिन न तो वाहन उन्हें सौंपे गए और न ही दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। अशोक कुमार का आरोप है कि जिन वाहनों के लिए उन्होंने भुगतान किया, उनमें से कुछ को उनके मूल मालिक पहले ही छुड़ा चुके थे, जबकि कुछ वाहन राज्य सरकार द्वारा राजसात कर नीलाम किए जा चुके थे। इसके बावजूद कंपनी ने उनसे पूरी रकम वसूल ली। परिवादी ने बताया कि उन्होंने कई बार कंपनी से वाहन उपलब्ध कराने या जमा राशि लौटाने की मांग की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। आरोप है कि 17 जून 2026 को कंपनी अधिकारियों ने वाहन देने और रकम वापस करने से भी इनकार कर दिया। पुलिस ने इन 8 अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की FIR कोर्ट के आदेश की पालना में अरावली विहार थाना पुलिस ने टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड और उसके विभिन्न अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जिन अधिकारियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है उनमें नीरज धवन – मैनेजिंग डायरेक्टर,संदीप वर्मा – रीजनल मैनेजर, गौरव – जनरल कलेक्शन अधिकारी,विजय दीक्षित – रीजनल कलेक्शन हेड, मनीष रोशन – रीजनल कलेक्शन हेड, राजेश अग्रवाल – ब्रांच हेड ऑल राजस्थान,अनिल झालाना – आरबीएम को-ऑर्डिनेटर, ऑल इंडिया और ब्रांच मैनेजर शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सीकर में 2 पड़ोसी नाबालिग लड़कियां लापता:शाम के समय घर से निकली, परिवार ने एक युवती पर शक जताया

सीकर जिले में 2 पड़ोसी नाबालिग लड़कियों के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। दोनों 17 जुलाई की शाम करीब 5:30 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गईं। परिजनों ने एक अन्य युवती पर अपहरण का शक जताते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस मामला दर्ज कर दोनों नाबालिगों की तलाश में जुट गई है। एक नाबालिग लड़की की मां ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया- मेरी बेटी पड़ोस में रहने वाली अपनी सहेली (जो खुद भी नाबालिग है) के साथ 17 जुलाई की शाम को घर से निकली थी, जिसके बाद वे वापस नहीं लौटीं। दोनों परिवारों को एक अन्य युवती पर शक है, जिसका मोबाइल नंबर भी पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों नाबालिग लड़कियों के परिवार मूल रूप से दूसरे राज्य के रहने वाले हैं। वे वर्तमान में काम के सिलसिले में सीकर आए हुए हैं और यहां किराए के मकान में रह रहे हैं। 18 साल की युवती भी लापता सीकर में ही एक अन्य घटना में 18 वर्षीय युवती के लापता होने का मामला भी सामने आया है। वह 18 जुलाई की दोपहर को घर से बिना बताए कहीं चली गई। लापता होने के बाद से युवती का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है। पुलिस इस मामले में भी गुमशुदगी दर्ज कर युवती की तलाश कर रही है।

गवर्नमेंट कॉलेज में एनसीसी भर्ती आयोजित:80 सीटों के लिए 158 अभ्यर्थी आए, शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा का आयोजन

करौली के गवर्नमेंट कॉलेज में सोमवार को एनसीसी की 80 सीटों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई। इसमें कुल 158 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जिनमें 135 छात्र और 23 छात्राएं शामिल थीं। चयन के लिए शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया। कॉलेज के एनसीसी प्रभारी महेंद्र मीणा ने बताया कि यह भर्ती प्रक्रिया 14 राज बटालियन, कोटा के निर्देशन में संपन्न हुई। सूबेदार जय सिंह, हवलदार मोहम्मद नासिर और प्रदीप सिंह ने चयन प्रक्रिया का संचालन किया। अभ्यर्थियों की शारीरिक क्षमता का आकलन करने के लिए दौड़, पुश-अप और सिट-अप सहित विभिन्न फिटनेस परीक्षण किए गए। इसके उपरांत लिखित परीक्षा भी आयोजित की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी चरणों में प्रदर्शन के आधार पर योग्य अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।

डूंगरपुर कलेक्ट्रेट पर पुलिस और स्टूडेंट्स में हुई धक्का-मुक्की:एसबीपी कॉलेज से निकाली आक्रोश रैली, जमकर की नारेबाजी

देश में हाल ही में हुए नीट, यूजीसी और सीबीएसई पेपर लीक मामलों को लेकर छात्रों का विरोध जारी है। इसी कड़ी में सोमवार को डूंगरपुर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ शहर में आक्रोश रैली निकाली। छात्रों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। एसएफआई के झंडे और “मोदी सरकार चुप्पी तोड़ो, छात्रों को जवाब दो” लिखे नारों की तख्तियां थामे छात्र सड़क पर उतरे। एसएफआई ने एसबीपी कॉलेज से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। इस दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रवेश का प्रयास किया, जिस पर पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की भी हुई। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर जताया रोष
आक्रोश रैली का नेतृत्व कर रहे एसएफआई के राजस्थान राज्य उपाध्यक्ष फाल्गुन बरंडा ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर वामपंथी संगठनों और छात्रों द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से दिए जा रहे धरने को दिल्ली पुलिस ने बलपूर्वक हटा दिया, जो निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक लोकतांत्रिक देश में इस प्रकार से आवाज को दबाया जाना तानाशाही है। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद एसएफआई ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने, विवादों में घिरी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को तत्काल प्रभाव से रद्द करने और भविष्य में परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा व्यवस्था और सिस्टम में बड़े बदलाव किए जाने की मांग की गई है।

बीकानेर में 300 प्राइवेट स्कूल बंद, शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन:बोले-हर महीने निरीक्षण बंद हो; पुलिस ने रोकने के लिए गेट पर लगाया ताला

प्राइवेट स्कूलों में हर महीने निरीक्षण के शिक्षा विभाग के आदेश के विरोध में सोमवार को बीकानेर के करीब 300 निजी स्कूल बंद रहे। प्राइवेट स्कूल संचालकों, शिक्षकों और स्टाफ ने कलेक्ट्रेट से शिक्षा निदेशालय तक पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। बाद में अतिरिक्त निदेशक शैलेंद्र देवड़ा के साथ वार्ता हुई, जिसमें एक-एक बिन्दू पर चर्चा हुई। इस दौरान शिक्षा मंत्री और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के चलते शिक्षा निदेशालय का मुख्य गेट भी बंद कर दिया गया, जिससे अपने काम से पहुंचे अभ्यर्थियों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट से निकाला पैदल मार्च हर महीने प्राइवेट स्कूलों के निरीक्षण के आदेश के विरोध में सोमवार सुबह करीब 11 बजे दो हजार से अधिक स्कूल संचालक, शिक्षक और स्टाफ कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए। यहां से सभी रैली के रूप में शिक्षा निदेशालय पहुंचे और मुख्य द्वार के बाहर धरना देकर सरकार के आदेशों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बीच निदेशालय का गेट बंद, कई लोग नहीं जा सके अंदर प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सदर थाना पुलिस ने शिक्षा निदेशालय के मुख्य गेट पर ताला लगवा दिया। इसके बाद निजी सुरक्षा गार्डों ने किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। इससे अपने काम से पहुंचे लोगों को भी परेशानी हुई। भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा एक अभ्यर्थी हाईकोर्ट का आदेश लेकर निदेशालय पहुंचा था, लेकिन उसे भी अंदर नहीं जाने दिया गया। वहीं, आरटीई के तहत प्रवेश नहीं मिलने की शिकायत लेकर आई एक महिला अभ्यर्थी भी मुख्य द्वार बंद होने के कारण अधिकारियों से नहीं मिल सकी। आदेश वापस नहीं हुआ तो प्रदेशभर में हड़ताल की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान प्राइवेट स्कूल संगठन सेवा के प्रदेशाध्यक्ष कोडाराम भादू ने कहा – यदि हर महीने स्कूलों के निरीक्षण का आदेश वापस नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के निजी स्कूल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने बताया कि संगठन की मांगों में निरीक्षण का आदेश वापस लेना, आरटीई की बकाया राशि का भुगतान, बिना फीस ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) देने का आदेश रद्द करना, नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का भुगतान करना तथा कोचिंग संस्थानों पर प्रभावी नियंत्रण या पाबंदी लगाना शामिल है।