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कोटा में सिजेरियन के बाद हुई थी किडनी फेल:ट्रांसप्लांट पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोलीं- मरीजों को मूर्ख बनाया जा रहा; कब तक मिलेगा मुआवजा

कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की मौत और किडनी फेल होने के मामले में अभी भी 5 प्रसूताएं अस्पताल में भर्ती हैं। सोमवार को अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के हाल जानने के लिए कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम अस्पताल पहुंचीं हैं। किडनी ट्रांसप्लांट और मुआवजे की मांग को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अस्पताल प्रशासन और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को लगातार मूर्ख किया जा रहा है और अब तक मुआवजे को लेकर भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। अस्पताल में राखी गौतम ने महिला से बात की और उनके परिवार से इलाज को लेकर जानकारी ली। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। 5 महिलाओं में से 2 का चल रहा डायलिसिस, 3 का बाकी राखी गौतम ने बताया कि आज अस्पताल में भर्ती 5 महिलाओं में से 2 का डायलिसिस चल रहा है और 3 का डायलिसिस होना बाकी है। उन्होंने कहा कि डायलिसिस के बाद मरीजों को दो दिनों तक उल्टी, घबराहट और बेहोशी जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। तीसरे दिन जैसे ही मरीज थोड़ा संभलता है, उसे फिर से डायलिसिस पर चढ़ा दिया जाता है। मरीज बेहद परेशान हैं और केवल आश्वसनों से संतुष्ट नहीं हैं। पीड़ितों को कब और कितना दिया जाएगा मुआवजा जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने सरकार से दो मुख्य मांगें रखीं है कि सरकार तुरंत स्पष्ट करे कि पीड़ितों को मुआवजा कब और कितना दिया जाएगा। वहीं किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन तो दिया है, लेकिन सबसे बडा सवाल यह है कि उसके लिए रजिस्ट्रेशन के बाद प्राथमिकता भी जरूरी है। अगर डोनर साल-दो साल या 6 साल तक नहीं मिला, तो क्या मरीज तब तक जिंदा रह पाएंगे। डोनर का इंतजार करने की बात कहकर मरीजों को मूर्ख बनाया जा रहा है। ट्रांसप्लांट ही अब अंतिम विकल्प बचा है, वरना मरीजों का बचना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इसमें अब पहल करते हुए किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर एक तय सीमा मरीजों को बतानी चाहिए और प्रोसेस करना चाहिए। दरअसल, कोटा में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 महिलाओं की मौत हो गई थी और 5 महिलाएं अभी भी कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएसबी ब्लॉक में भर्ती हैं, जबकि दो महिलाओं को छुट्टी मिल चुकी है। ———– मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… लिखित आश्वासन के बाद महिलाएं डायलिसिस के लिए तैयार:किडनी ट्रांसप्लांट की मांग को लेकर किया था मना, 20 दिन की निगरानी के बाद होगा फैसला कोटा में किडनी ट्रांसप्लांट की मांग को लेकर डायलिसिस कराने से इनकार करने वाली महिलाएं अस्पताल प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद उपचार के लिए तैयार हो गईं। अधिकारियों ने उनकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद महिलाएं डायलिसिस के लिए तैयार हो गई। (पूरी खबर पढ़ें…) ‘या तो किडनी ट्रांसप्लांट कराओ, नहीं तो इच्छा मृत्यु दो’:डिलीवरी के बाद किडनी फेल, महिलाओं ने सरकार को दिया अल्टीमेटम कोटा मेडिकल कॉलेज में सीजेरियन (प्रसव) के बाद महिलाओं की किडनी फेल होने के बेहद गंभीर मामले में नया मोड़ आ गया है। अस्पताल के नेफ्रोलॉजी वार्ड में भर्ती 5 पीड़ित महिलाओं में से 4 बुधवार को मीडिया के सामने आईं। (पूरी खबर पढ़ें…) कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में अब एक नवजात की मौत:डिलीवरी के बाद एक और महिला की किडनी में इंफेक्शन, डॉक्टरों ने निजी अस्पताल ले जाने को कहा मां आईसीयू में, रिश्तेदारों की गोद में रोते रहे नवजात:सीजेरियन डिलीवरी के चार घंटे बाद बिगड़ी तबीयत; एक महिला की मौत हो गई कोटा में दो महिलाओं की मौत, डॉक्टर बर्खास्त, 3 सस्पेंड:सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 की तबीयत बिगड़ी थी; 2 और मरीजों की किडनी फेल

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