बीकानेर में 300 प्राइवेट स्कूल बंद, शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन:बोले-हर महीने निरीक्षण बंद हो; पुलिस ने रोकने के लिए गेट पर लगाया ताला
प्राइवेट स्कूलों में हर महीने निरीक्षण के शिक्षा विभाग के आदेश के विरोध में सोमवार को बीकानेर के करीब 300 निजी स्कूल बंद रहे। प्राइवेट स्कूल संचालकों, शिक्षकों और स्टाफ ने कलेक्ट्रेट से शिक्षा निदेशालय तक पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। बाद में अतिरिक्त निदेशक शैलेंद्र देवड़ा के साथ वार्ता हुई, जिसमें एक-एक बिन्दू पर चर्चा हुई। इस दौरान शिक्षा मंत्री और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के चलते शिक्षा निदेशालय का मुख्य गेट भी बंद कर दिया गया, जिससे अपने काम से पहुंचे अभ्यर्थियों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट से निकाला पैदल मार्च हर महीने प्राइवेट स्कूलों के निरीक्षण के आदेश के विरोध में सोमवार सुबह करीब 11 बजे दो हजार से अधिक स्कूल संचालक, शिक्षक और स्टाफ कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए। यहां से सभी रैली के रूप में शिक्षा निदेशालय पहुंचे और मुख्य द्वार के बाहर धरना देकर सरकार के आदेशों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बीच निदेशालय का गेट बंद, कई लोग नहीं जा सके अंदर प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सदर थाना पुलिस ने शिक्षा निदेशालय के मुख्य गेट पर ताला लगवा दिया। इसके बाद निजी सुरक्षा गार्डों ने किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। इससे अपने काम से पहुंचे लोगों को भी परेशानी हुई। भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा एक अभ्यर्थी हाईकोर्ट का आदेश लेकर निदेशालय पहुंचा था, लेकिन उसे भी अंदर नहीं जाने दिया गया। वहीं, आरटीई के तहत प्रवेश नहीं मिलने की शिकायत लेकर आई एक महिला अभ्यर्थी भी मुख्य द्वार बंद होने के कारण अधिकारियों से नहीं मिल सकी। आदेश वापस नहीं हुआ तो प्रदेशभर में हड़ताल की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान प्राइवेट स्कूल संगठन सेवा के प्रदेशाध्यक्ष कोडाराम भादू ने कहा – यदि हर महीने स्कूलों के निरीक्षण का आदेश वापस नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के निजी स्कूल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने बताया कि संगठन की मांगों में निरीक्षण का आदेश वापस लेना, आरटीई की बकाया राशि का भुगतान, बिना फीस ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) देने का आदेश रद्द करना, नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का भुगतान करना तथा कोचिंग संस्थानों पर प्रभावी नियंत्रण या पाबंदी लगाना शामिल है।

