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संसद का मानसून सत्र आज से:पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर हंगामे के आसार; राज्यसभा में अमित शाह वंदेमातरम से जुड़ा बिल पेश करेंगे

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत हंगामेदार होने के आसार हैं। विपक्ष वांगचुक अनशन, NEET-UG पेपर लीक, SIR, महंगाई, राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर चुका है। सरकार इस सत्र में 7 बिल ला रही है। शुरुआत लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाले ‘सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक’ से करेगी। वहीं, राज्यसभा में अमित शाह संविधान और राष्ट्रगान के अपमान से जुड़ा संशोधन विधेयक रखेंगे। इस सत्र में TMC के बागियों से बनी ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ का भी संसदीय डेब्यू होगा। TMC से भाजपा में आए नए सांसदों का राज्यसभा में शपथ ग्रहण होगा। सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी संसद भवन के हंसद्वार पर मीडिया को संबोधित करेंगे। 18वीं लोकसभा का 9वां संसदीय सत्र यानी मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। 25 दिन के सेशन के दौरान लोकसभा-राज्यसभा में कुल 19 बैठकें होंगी। पहले जानते हैं उन 7 बिलों के बारे में, सरकार जिन्हें पेश करेगी चर्चा के लिए समय तय, सबसे ज्यादा वक्त MSME बिल को आज पेश होंगे 2 अहम बिल… राज्यसभा: वंदेमातरम का अपमान अपराध होगा, कानून बना तो सजा और जुर्माना भी मोदी सरकार राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2026 पहले राज्यसभा में पेश करने वाली है। 1971 के अधिनियम के तहत मुख्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान, संविधान का अपमान करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत राष्ट्रीय सम्मान का अपमान करने पर 3 साल तक की जेल की सजा और जुर्माना हो सकता है। सरकार ने इसी अधिनियम की धारा 3 में संशोधन किया है। वह राष्ट्रगीत वंदेमातरम को राष्ट्रगान के बराबर का दर्जा दिलाना चाहती है। यानी बिल का मकसद राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की तरह ही कानूनी सुरक्षा देना है। बिल के प्रावधानों के अनुसार अब वंदेमातरम् गाने में रुकावट डालने, किसी भी तरह से उसका अपमान करने वाले काम को दंडनीय बनाया जाएगा। लोकसभा: सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल ऑर्डिनेंस की जगह लेगा लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक पेश, 2026 पेश किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 (मुख्य न्यायाधीश सहित) की जाएगी। यह बिल मई में जारी ऑर्डिनेंस की जगह लेगा। ऑर्डिनेंस लागू होने के बाद बढ़ी हुई स्वीकृत संख्या के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में 5 नए जज नियुक्त किए जा चुके हैं। इस संशोधन के लिए संविधान में बदलाव की जरूरत नहीं है। इसे पारित करने के लिए संसद में साधारण बहुमत चाहिए। भास्कर नॉलेज: ऑर्डिनेंस क्या होता है
जब संसद का सत्र नहीं चल रहा होता, तब सरकार तत्काल कानून बनाने के लिए ऑर्डिनेंस या अध्यादेश जारी कर सकती है। लेकिन संसद का सत्र शुरू होने के बाद उसे 6 सप्ताह (42 दिन) के भीतर दोनों सदनों से पारित कराना जरूरी होता है, अन्यथा ऑर्डिनेंस अपने आप ही समाप्त माना जाता है। TMC के 20 बागी सांसदों को लोकसभा में अलग सीटें मिलीं लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को नई सीटें अलॉट की हैं ताकि वे अलग बैठ सकें। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, कुल 39 सांसदों को नई सीटें दी गई हैं। उन्हें अलग बैठाने के लिए बाकी सदस्यों को नई सीटें देनी पड़ी हैं। TMC के नेता अभिषेक बनर्जी की सीट भी बदल दी गई है। इसके अलावा, YSR कांग्रेस के पीवी मिथुन रेड्डी, शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल की सीटें भी बदली गई हैं। लोकसभा में एनडीए के 2 साल में 19 सांसद बढ़े राज्यसभा में एनडीए के 40 सांसद बढ़े सरकार परिसीमन बिल ला सकती है, लेकिन कुछ बिल अटके सरकार ने संसद के मानसून सत्र का एजेंडा बता दिया। कुल 7 विधेयकों की सूची में 2 पुराने और 5 नए विधेयक हैं। इनमें 30 दिन जेल में रहे तो PM-CM को हटाने वाला बिल, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, एक देश-एक चुनाव बिल, परिसीमन और महिला आरक्षण बिल से जुड़े संविधान संशोधन बिल का जिक्र नहीं है। 1. 30 दिन जेल में रहे तो PM-CM को हटाने वाला बिल: मानसून सत्र में आना मुश्किल। वजह- यह अभी संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी के पास विचाराधीन है। JPC ने 17 जुलाई को बैठक में अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट टाल दी। JPC ने पांच सिफारिशें दी हैं। समिति की अध्यक्ष बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी का कहना है कि इस पर और चर्चा की जरूरत है। 2. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक: इस बिल के भी मानसून सत्र में पेश होने की संभावना कम है। वजह- जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी इस पर विचार कर रही है। समिति ने 17 जुलाई को मीटिंग बिल से जुड़े तीन अहम कानूनों पर अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट को मंजूरी देने का फैसला टाल दिया। समिति का कहना है कि संबंधित पक्षों यानी स्टेकहोल्डर्स के साथ और बातचीत की जरूरत है। 3. एक देश-एक चुनाव बिल: इस बिल को भी संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया है। अभी कई पक्षों से बातचीत करना बाकी है। इसलिए मानसून सत्र में इसे भी पेश किए जाने की संभावना कम है। 4. परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल: ये बिल सरकार कभी भी ला सकती है। सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत, लेकिन फिलहाल उसके पास बहुमत नहीं है। परिसीमन से जुड़ा बिल लाने सरकार नंबर जुटाने में लगी, समझें कैसे करेगी कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार DMK और शरद पवार की पार्टी को साथ लाने की कोशिश कर रही है। DMK के साथ परिसीमन से जुड़े आश्वासनों को संविधान संशोधन विधेयक में लिखित रूप से शामिल करने पर सहमति बनाई है। बिलों को पास करवाने के लिए सदन की मौजूदा संख्या के आधार पर सरकार को दोनों सदनों में दो-तिहाई सासंदों यानी लोकसभा में 360 और राज्यसभा में 161 सांसदों का समर्थन चाहिए। विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल और परिसीमन संशोधन संविधान 2026 बिल लोकसभा में रखा गया था। जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण ये बिल पारित नहीं हो सके थे। बिल पास कराने के लिए सरकार का गुणा-भाग लोकसभा में 2 विकल्प राज्यसभा में 2 विकल्प

कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च आज:दिल्ली पुलिस बोली- न आवेदन मिला, न परमिशन दी; सोनम वांगचुक अस्पताल में, पत्नी मार्च में शामिल होंगी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सोमवार को संसद भवन तक ‘चलो संसद’ मार्च निकालेगी। हालांकि, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक के इसमें शामिल होने पर संशय बना हुआ है। उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा कि वह मार्च में सोनम का प्रतिनिधित्व करेंगी। वांगचुक के भूख हड़ताल का आज 23वां दिन है। उधर, मार्च से पहले रविवार सुबह से ही जंतर-मंतर पर समर्थकों का जुटना जारी है। देर रात तक बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों से पूरी रात जंतर-मंतर पर डटे रहने की अपील की है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि रविवार शाम तक जंतर-मंतर और आसपास करीब 20 हजार लोग मौजूद थे। CJP के मुताबिक, संसद मार्च सोमवार सुबह 9 बजे शुरू होगा। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि मार्च के लिए न तो कोई आवेदन मिला है और न ही अनुमति दी गई है। पूरे जिले में धारा 163 लागू है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की फोटोज… पुलिस ने कहा- मार्च में शामिल होने से बचें दिल्ली पुलिस ने कहा है कि 5 या ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, विरोध मार्च और प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। लोग किसी भी गैर-कानूनी जमावड़े, मार्च में शामिल होने से बचें। आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वांगचुक की पत्नी बोलीं- शर्तें मानी गईं तो अनशन खत्म होगा रविवार को जंतर-मंतर से जुड़े 5 बड़े अपडेट्स जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप जीता:फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया, फेरन टोरेस ने एक्स्ट्रा टाइम में गोल दागा

स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। उसने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए फेरन टोरेस ने एक्स्ट्रा टाइम में गोल किया। स्पेन दूसरी बार फीफा वर्ल्ड चैंपियन बना है। उसने पहली बार 2010 में नीदरलैंड को हराकर यह ट्रॉफी जीती थी। मार्टिनेज ने 105 मिनट तक अकेले लड़ाई लड़ी अगर यह मुकाबला 105 मिनट तक बराबरी पर रहा तो इसकी सबसे बड़ी वजह अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज थे। स्पेन पूरे मैच में लगातार अटैक करता रहा। कभी लामिन यमाल ने बॉक्स के बाहर से शॉट लगाया, कभी ओयारजबाल ने मौका बनाया तो कभी पेड्री और निको विलियम्स गोल के करीब पहुंचे। हर बार मार्टिनेज ने खुद को गेंद और गोलपोस्ट के बीच खड़ा कर दिया। लगभग अकेले लड़ रहे मार्टिनेज की दीवार आखिरकार 106ठे मिनट में ढह गई। निको विलियम्स का हेडर फेरन टोरेस तक पहुंचा, जिन्होंने बॉल गोलपोस्ट में डाल दिया। इस तरह स्पेन 1-0 से आगे हो गया। एंजो का रेड कार्ड… और यहीं पलट गया फाइनल अर्जेंटीना 90 मिनट तक किसी तरह मुकाबले में बनी रही। ऐसा लगा कि टीम मैच को पेनल्टी शूटआउट तक ले जाना चाहती थी, लेकिन इंजरी टाइम में एंजो फर्नांडिज ने ऐसी गलती कर दी, जिसने पूरी बाजी पलट दी। पाउ क्यूबार्सी पर टैकल के बाद रेफरी ने एंजो को दूसरा यलो कार्ड दिखाया। यह उनका मैच का दूसरा यलो कार्ड था। इस तरह उनके दो यलो कार्ड, रेड कार्ड में कन्वर्ट हो गए। उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा और अर्जेंटीना 10 खिलाड़ियों के साथ रह गई। इसके बाद स्पेन ने गेंद पर और ज्यादा कब्जा जमा लिया। मेरिनो चूके… टोरेस ने इतिहास लिख दिया 103वें मिनट में निको विलियम्स ने ऐसा क्रॉस डाला, जिसे देखकर स्पेनिश फैंस जश्न मनाने को तैयार हो गए थे। मिकेल मेरिनो को लगभग खाली गोल मिला, लेकिन उनका हेडर बाहर चला गया। तीन मिनट बाद वही निको विलियम्स फिर बाएं फ्लैंक से पहुंचे। इस बार उन्होंने बैक पोस्ट पर हेडर से गेंद फेरन टोरेस के सामने गिराई। फेरन टोरेस ने बिना एक पल गंवाए दाएं पैर से ऐसा शॉट लगाया कि गेंद सीधे नेट में जा समाई। यमाल ने मेसी की चमक फीकी कर दी यह फाइनल एक तरह से दो पीढ़ियों का मुकाबला भी था। एक तरफ 39 साल के लियोनेल मेसी थे, दूसरी ओर 20 साल के लामिन यमाल। मेसी से उम्मीद थी कि वे एक बार फिर बड़े मैच में कमाल कर दिखाएंगे, लेकिन स्पेन की मिडफील्ड और डिफेंस ने उन्हें कभी खुलकर खेलने का मौका ही नहीं दिया। दूसरी ओर यमाल लगातार अर्जेंटीना के डिफेंस पर हमला करते रहे। स्पेन की पहचान फिर बनी बॉल पजेशन स्पेन की पहचान हमेशा से गेंद पर नियंत्रण रखने वाली टीम की रही है। इस फाइनल में भी वही अंदाज दिखा। रोड्री ने मिडफील्ड में पूरे मैच की रफ्तार तय की। अर्जेंटीना को काउंटर अटैक का मौका ही नहीं मिला। स्पेन ने करीब 65% समय गेंद अपने पास रखी। आखिरी सीटी के बाद जश्न… और फिर लड़ाई रेफरी की अंतिम सीटी बजते ही स्पेनिश खिलाड़ी मैदान पर दौड़ पड़े। कोई घुटनों के बल बैठ गया, कोई आसमान की ओर देखने लगा, तो कोई अपने साथी खिलाड़ियों से लिपट गया। 16 साल का इंतजार खत्म हो चुका था। दूसरी ओर अर्जेंटीना के खिलाड़ियों की निराशा साफ दिखाई दे रही थी। कुछ देर बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच नोकझोंक भी हुई, लेकिन मामला जल्द शांत हो गया। इसके बाद ट्रॉफी स्पेन के कप्तान के हाथों में पहुंची और पूरा स्टेडियम ‘वीवा एस्पाना’ (स्पेन जिंदाबाद) के नारों से गूंज उठा। एम्बाप्पे ने जीता गोल्डन बूट, मेसी दूसरे नंबर पर रहे फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा गोल फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने किए। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 10 गोल और 4 असिस्ट के साथ गोल्डन बूट अपने नाम किया। अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी 8 गोल और 4 असिस्ट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। ड्रॉ से शुरुआत, जीत के साथ खत्म हुआ स्पेन का सफर स्पेन ने वर्ल्ड कप की शुरुआत केप वर्डे के खिलाफ ड्रॉ से की थी, लेकिन इसके बाद टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। ग्रुप स्टेज में सऊदी अरब को 4-0 और उरुग्वे को 1-0 से हराकर नॉकआउट में जगह बनाई। इसके बाद स्पेन ने लगातार ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, बेल्जियम और फ्रांस जैसी मजबूत टीमों को हराया। एम्बाप्पे के नाम सबसे ज्यादा वर्ल्ड कप गोल फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 ने सबसे बड़ा रिकॉर्ड गोल स्कोरिंग लिस्ट में देखा। फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने 10 गोल के साथ अपना कुल वर्ल्ड कप गोल आंकड़ा 22 तक पहुंचाया और जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजे (16) का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए इतिहास के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी भी 21 गोल के साथ क्लोजे से आगे निकलकर दूसरे स्थान पर पहुंच गए। फुटबॉल वर्ल्ड कप के सभी चैंपियन दोनों टीमों की स्टार्टिंग-11 स्पेन: उनाई सिमोन (गोलकीपर), पेड्रो पोरो, एमेरिक लापोर्टे, पाउ क्यूबार्सी, मार्क कुकुरेला, फेबियन रुइज, एलेक्स बाएना, रोड्री (कप्तान), दानी ओल्मो, लामिन यामाल, मिकेल ओयारजाबाल। अर्जेंटीना: एमिलियानो मार्टिनेज (गोलकीपर), निकोलस टैग्लियाफिको, गोंजालो मोंटिएल, लिसांद्रो मार्टिनेज, क्रिस्टियन रोमेरो, रोड्रिगो डी पॉल, निको गोंजालेज, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, एंजो फर्नांडेज, जूलियन अल्वारेज, लियोनेल मेसी (कप्तान)। भास्कर नॉलेजः स्पेन का फुटबॉल मॉडल बना जीत की फैक्ट्री 1. जीत की शुरुआत बचपन से: स्पेन में 6–7 साल की उम्र से बच्चों को क्लब अकादमियों में ट्रेनिंग मिलनी शुरू हो जाती है। देशभर में हजारों कोच एक तय तकनीकी मॉडल पर खिलाड़ियों को तैयार करते हैं।
हर उम्र वर्ग (U-12, U-15, U-17, U-19, U-21) की राष्ट्रीय टीम एक जैसी खेलने की शैली अपनाती है, इसलिए सीनियर टीम में पहुंचने पर खिलाड़ियों को अलग ढंग से ढलना नहीं पड़ता। 2. अकादमियां, जो सुपरस्टार बनाती हैं: बार्सिलोना की ला मासिया और रियल मैड्रिड की ला फाब्रिका दुनिया की सबसे सफल फुटबॉल अकादमियों में गिनी जाती हैं। इन्हीं अकादमियों से जावी, इनिएस्ता, बुस्केट्स, कार्लेस पुयोल, इकर कैसियास, राउल जैसे दिग्गज निकले। यही मॉडल स्पेन की राष्ट्रीय टीम की रीढ़ माना जाता है। 3. दुनिया की सबसे मजबूत लीग में शामिल: ला लीगा दुनिया की सबसे लोकप्रिय फुटबॉल लीग में गिनी जाती है। रियल मैड्रिड और बार्सिलोना जैसे क्लबों ने मिलकर दर्जनों यूरोपीय खिताब जीते हैं। लियोनेल मेसी ने अपने क्लब करियर का अधिकांश हिस्सा बार्सिलोना के साथ इसी लीग में खेला और 474 गोल कर लीग के सर्वकालिक शीर्ष स्कोरर बने। स्पेन की पहचान: टिकी-टका फुटबॉल स्पेन की पहचान टिकी-टका शैली से है। इसमें छोटे-छोटे पास, गेंद पर लंबे समय तक कब्जा और अटैक करना शामिल है। इसी शैली की बदौलत स्पेन ने 2008 यूरो, 2010 फीफा वर्ल्ड कप और 2012 यूरो लगातार जीते।
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स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप जीता:फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया, फेरन टोरेस ने एक्स्ट्रा टाइम में गोल दागा

स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। टीम ने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए एक्स्ट्रा टाइम में फेरन टोरेस ने गोल किया। इसी के साथ स्पेन ने 2010 के बाद दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की। तब टीम ने नीदरलैंड को 1-0 से हराया था। मुकाबले के निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं। पहले हाफ में स्पेन के लामिन यमाल और अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी को गोल करने के मौके मिले, लेकिन दोनों उन्हें भुना नहीं सके। पूरे मैच में स्पेन ने लगातार अटैकिंग खेल दिखाया, जबकि अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने कई शानदार बचाव कर टीम को मुकाबले में बनाए रखा। अर्जेंटीना को 90+2वें मिनट में बड़ा झटका लगा। मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज ने स्पेन के डिफेंडर पाउ क्यूबार्सी पर टैकल किया, जिसके बाद रेफरी ने उन्हें सीधे रेड कार्ड दिखा दिया। इसके बाद अर्जेंटीना को पूरे एक्स्ट्रा टाइम में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। स्पेन के युवा प्लेयर लामिन यमाल ने पूरे मुकाबले में अर्जेंटीना की डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा। वहीं मेसी ने भी कई बार स्पेन के बॉक्स में घुसने की कोशिश की, लेकिन वे गोल नहीं कर सके। 41वें मिनट में अर्जेंटीना के लिसांद्रो मार्टिनेज और दूसरे हाफ के 52वें मिनट में लिएंड्रो पारेदेस को भी येलो कार्ड दिखाया गया। गोल करने के बाद फेरन टोरेस के सेलिब्रेशन की तस्वीर… क्लोजिंग सेरेमनी की 7 फोटोज… यहां से मैच की रिपोर्ट पढ़िए… पहले हाफ में स्पेन का दबदबा मैच की शुरुआत से ही स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा। पहले हाफ में उसके पास 64% बॉल पजेशन रहा। टीम ने कई हमले किए। दूसरी ओर अर्जेंटीना पहले हाफ में एक भी शॉट नहीं लगा सकी। हालांकि स्पेन को कोई गोल नहीं मिला। 90 मिनट तक नहीं निकला नतीजा दूसरे हाफ में भी स्पेन ने लगातार दबाव बनाया। अर्जेंटीना ने डिफेंस मजबूत रखा और गोल होने से रोका। इसका सबसे बड़ा क्रेडिट अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने लगातार बचाव किया। इस हाफ में भी गोल नहीं हुआ और मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंच गया। मेरिनो ने गंवाया आसान मौका एक्स्ट्रा टाइम के पहले हाफ में भी स्पेन ने अटैक जारी रखा। 103वें मिनट में निको विलियम्स के शानदार क्रॉस पर मिकेल मेरिनो को आसान हेडर मिला। हालांकि उन्होंने गेंद गोलपोस्ट के बाहर मार दी। यह स्पेन के लिए बढ़त बनाने का बेहतरीन मौका था। टोरेस ने गोल कर स्पेन को जिताया इसके 3 मिनट बाद ही स्पेन के लिए पहला गोल आया। निको विलियम्स ने बैक पोस्ट पर पहुंचकर हेडर से गेंद नीचे गिराई। फेरान टोरेस ने बिना गलती किए दाएं पैर से शॉट लगाया और गेंद गोल में भेज दी। यह गोल स्पेन को दूसरा खिताब जीता गया। अर्जेंटीना अटैक की कोशिश की गोल खाने के बाद अर्जेंटीना ने पूरी ताकत झोंकी। 120वें मिनट में लियोनेल मेसी के क्रॉस पर स्पेनिश डिफेंडर ने गोल लाइन के सामने शानदार ब्लॉक किया। इंजरी टाइम में मेसी के कॉर्नर पर जियोवानी सिमियोने का शॉट भी गोलपोस्ट के ऊपर निकल गया। आखिरी फ्री-किक भी नहीं बचा सकी 120+5वें मिनट में अर्जेंटीना को आखिरी फ्री-किक मिली। गेंद बॉक्स में पहुंचाई गई, लेकिन स्पेनिश गोलकीपर उनाई सिमोन ने आसानी से उसे पकड़ लिया। इसके तुरंत बाद रेफरी ने अंतिम सीटी बजा दी और स्पेन दूसरी बार विश्व चैंपियन बन गया। मैच के बाद हल्की नोकझोंक अंतिम सीटी के बाद स्पेनिश खिलाड़ी जश्न में डूब गए। इसी दौरान मैदान के बीच दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच कुछ देर बहस हुई। लिएंड्रो परेडेस के रिएक्शन के बाद थोड़ी बहस हुई। हालांकि दूसरे खिलाड़ियों ने मामले को शांत कराया। दोनों टीमों की स्टार्टिंग-11 स्पेन: उनाई सिमोन (गोलकीपर), पेड्रो पोरो, एमेरिक लापोर्टे, पाउ क्यूबार्सी, मार्क कुकुरेला, फाबियान रुइज, एलेक्स बाएना, रोड्री (कप्तान), दानी ओल्मो, लामिन यामाल, मिकेल ओयारजाबाल। अर्जेंटीना: एमिलियानो मार्टिनेज (गोलकीपर), निकोलस टैग्लियाफिको, गोंजालो मोंटिएल, लिसांद्रो मार्टिनेज, क्रिस्टियन रोमेरो, रोड्रिगो डी पॉल, निको गोंजालेज, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, एंजो फर्नांडेज, जूलियन अल्वारेज, लियोनेल मेसी (कप्तान)।

मॉडिफाइड साइलेंसर/हॉर्न वाली बाइक्स होगी सीज:ऑटो का रजिस्ट्रेशन चेक होगा,शहर में पार्किंग व्यवस्था में भी हो सकता है बदलाव

सीकर में अब बाइक्स पर मोडिफाइड साइलेंसर या हॉर्न लगाने पर बाइक सीज होगी। पुलिस इसके लिए अभियान चलाएगी। इतना ही नहीं शहर में चलने वाले ऑटो का रजिस्ट्रेशन भी चेक होगा। इसके साथ ही शहर में कई जगह पार्किंग व्यवस्था में बदलाव हो सकता है। यह बात सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने कही। जो आज शाम को सीकर के कोतवाली थाने में सीएलजी सदस्यों की मीटिंग लेने के लिए पहुंचे थे। मीटिंग के दौरान लोगों ने सुझाव दिया कि शहर में मोडिफाइड साइलेंसर और होने लगाने वाले लोगों पर कार्रवाई हो। इसके साथ ही शहर में कई जगह सड़क के बीच जो टू व्हीलर पार्किंग की जगह बनाई गई है। उसे भी हटाकर बीच में बैरिकेड लगा दिया जाए। इसके अलावा ऑटो स्टैंड भी फिक्स हो। इसके बाद एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने कहा कि आज की मीटिंग में सामने आया कि शहर में ट्रैफिक का बड़ा इशू है। इसको लेकर जल्द ही शहर में चलने वाले ऑटो का रजिस्ट्रेशन चेक किया जाएगा और उनकी पार्किंग का पॉइंट भी डिसाइड किया जाएगा। इसके अलावा शहर में जो हाथ ठेले लगे हुए हैं उन पर भी प्लान बनाया जाएगा। एसपी ने कहा कि जो लोग शहर में अपनी बाइक्स पर मोडिफाइड साइलेंसर या हॉर्न लगाकर घूमते हैं। उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाकर बाइक्स को सीज किया जाएगा। एसपी ने कहा की बावड़ी गेट सहित तबेला बाजार के सामने सड़क के बीच जो बाइक की पार्किंग बनाई गई है लोगों ने सुझाव दिया कि उसे हटाकर बेरिकेड्स लगा दिए जाए। इस पर भी विचार करके सॉल्यूशन निकालेंगे।

जोधपुर में कल चार घंटे तक नहीं आएगी बिजली:मेंटेनेंस के चलते सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक कई इलाकों में रहेगा शटडाउन

जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते कई कॉलोनी में सोमवार को बिजली बंद रहेगी। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सहित कई बडे़ इलाकों में 4 घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक यहां बंद रहेगी बिजली
सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक यहां रहेगा पावरकट गुटखा फैक्ट्री के पास, चुन्नीलाल जी की प्याऊ, देवलिया गांव, बावरला गांव, सारण नगर (बावरला), प्रताप नगर (बावरला), शगुन रिसॉर्ट, राज इंजीनियरिंग कॉलेज, एसएलबीएस कॉलेज और 16 मील के आसपास के सभी क्षेत्र। सुबह 8 बजे से 11 बजे तक यहां बंद रहेगी बिजली बंद शिव विहार, जम्भेश्वर कॉलोनी, माउंट कार्मेल स्कूलएवं आस-पास का संपूर्ण क्षेत्र 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक यहां बंद रहेगी बिजली गुटखा फैक्ट्री के पास, चुन्नीलाल जी की प्याऊ, देवलिया गांव, बावरला गांव, सारण नगर (बावरला), प्रताप नगर (बावरला), शगुन रिसॉर्ट, राज इंजीनियरिंग कॉलेज, एसएलबीएस कॉलेज तथा 16 मील के आसपास के सभी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। शाम 4 बजे से 7 बजे तक राजेंद्र नगर, प्रेम नगर, विष्णु नगर, बालाजी नगर एवं आस-पास का संपूर्ण क्षेत्र

मुंबई जाने वाली फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी:एसी नहीं चलने पर यात्रियों का हंगामा; स्टाफ पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप

जोधपुर से मुंबई जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-6259 में तकनीकी खराबी के बाद यात्रियों और एयरलाइन स्टाफ के बीच नोक-झोंक हो गई। इसका वीडियो भी सामने आया है। फ्लाइट बाद में करीब तय समय से एक घंटा देरी से रवाना हुई। इस फ्लाइट में यात्रा कर रहे यात्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी परेशानी जाहिर की। इसमें आरोप लगाया कि विमान के एयर कंडीशनिंग (AC) और केबिन प्रेशराइजेशन सिस्टम में खराबी आने के बाद जब कुछ यात्रियों ने सुरक्षा कारणों से उड़ान में यात्रा करने से इनकार किया, तब उन्हें विमान से उतरने पर 5 हजार का शुल्क देने के लिए कहा गया। 5 हजार शुल्क की चेतावनी यात्री अजय ने एक्स पर पोस्ट किया- बोर्डिंग के बाद फ्लाइट में एसी नहीं चल रहा था, जबकि बाहर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस था। केबिन में यात्री पसीने से बेहाल हो गए। पहले क्रू ने कहा- इंजन स्टार्ट होने के बाद एसी चालू होगा, लेकिन बाद में पायलट ने घोषणा की कि विमान के एसी और एयर प्रेशराइजेशन सिस्टम में तकनीकी समस्या है। अजय ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद यात्रियों को पहले से इसकी जानकारी नहीं दी गई और विमान के दरवाजे बंद कर दिए गए। जब कुछ यात्रियों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए विमान से उतरने की इच्छा जताई, तब उन्हें 5 हजार का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई। यात्रियों ने एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए अजय ने आरोप लगाया- केबिन क्रू ने यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और समस्या स्वीकार करने के बजाय यात्रियों को ही दोषी ठहराया। वहीं फ्लाइट में मौजूद यात्री अनंता ने दावा किया- विमान में लंबे समय तक एसी बंद रहा और तकनीकी खराबी की जानकारी बाद में दी गई। उन्होंने यात्रियों की परेशानी और विमान के वापस टर्मिनल लाए जाने का उल्लेख करते हुए एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। एक घंटे बाद हुई फ्लाइट रवाना जानकारी के अनुसार- फ्लाइट को दोपहर 2:20 बजे तय समय पर उड़ान भरनी थी, लेकिन यह दोपहर सवा तीन बजे रवाना हुई। वहीं, एयरपोर्ट टर्मिनल मैनेजर शुभम ने बताया- हमारे पास इसे लेकर कोई आधिकारिक शिकायत नहीं आई है। इसके बारे में संबंधित एयरलाइन कंपनी ही बता सकती है। फ्लाइट एक घंटा देरी से रवाना हुई थी। देरी को लेकर कंपनी की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई।

उदयपुर में कॉन्स्टेबल ने किया सुसाइड:साथी पुलिसकर्मी कमरे पर पहुंचे तो शव फंदे से लटका था, 2 महीने पहले हुई थी शादी

उदयपुर जिले में कॉन्स्टेबल ने सुसाइड कर लिया। कॉन्स्टेबल ने तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए छुट्‌टी मांगी थी। इसके बाद रविवार को दिनभर थाने के जवानों ने कॉन्स्टेबल कॉल किया। कॉल रिसीव नहीं हुई तो थाने से जाब्ता कॉन्स्टेबल के कमरे पर पहुंचा। कमरा अंदर से बंद था। पुलिसकर्मियों ने खिड़की से झांककर देखा तो कॉन्स्टेबल मनोज का शव फंदे से लटक हुआ था। मामला जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर ओगणा थाना क्षेत्र का है। नयागांव क्षेत्र के सरेरा गांव निवासी कॉन्स्टेबल मनोज कुमार मीणा (28) ने ओगणा के मुख्य बाजार में किराए से रूम ले रखा था। कॉन्स्टेबल मनोज ओगणा थाने में 5 साल से तैनात थे। करीब 2 महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी। मनोज की पत्नी गांव में रहती है। वे कमरे पर अकेले रहते थे। सुसाइड के कारणों का पता नहीं लगा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। तबीयत ठीक नहीं होने का कहकर मांगा था रेस्ट एएसआई नारायण लाल ने बताया- कॉन्स्टेबल मनोज ने शनिवार को कहा था कि तबीयत ठीक नहीं है। थाने से उन्हें नाइट में रेस्ट दिया गया था। इसके बाद रविवार सुबह 7 बजे हमारे एक जवान ने तबीयत पूछने के लिए कॉल किया था। साथ ही ड्यूटी लगाने के लिए पूछा था। तब भी कॉन्स्टेबल मनोज ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। थाने के जवानों ने देखा तो फंदे से लटके मिले थाने के स्टाफ ने दोपहर में मनोज को कई बार कॉल लगाए, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। फिर दो जवान उनके घर गए तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। दो जवान वापस थाने आ गए। इसके बाद फिर शाम 6 बजे सीआई सहित पूरा जाब्ता कॉन्स्टेबल मनोज के कमरे पर पहुंचे। खिड़की से झांककर देखा तो मनोज का शव फंदे पर लटका हुआ था। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया और शव को उतरवाकर झाड़ोल हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में शिफ्ट कराया। मनोज कुमार की ड्यूटी करीब एक सप्ताह से उदयपुर शहर में लगी थी। वे दो दिन पहले ही वापस थाने पर लौटे थे। यहां उनकी ड्यूटी टीचर भर्ती एग्जाम और रथयात्रा में लगी थी।

नरसिंहपुर में हाईवा ने 6 दोस्तों को कुचला, 4 मौत:हाथीनाला वॉटरफॉल पिकनिक मनाने आए थे; जबलपुर-भोपाल NH किनारे सेल्फी ले रहे थे

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में रविवार शाम जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर तेज रफ्तार हाईवा ने 6 दोस्तों को कुचल दिया। हादसे में 4 दोस्तों की मौत हो गई, जबकि 2 की हालत गंभीर है। सभी दोस्त नरसिंहपुर-जबलपुर सीमा पर स्थित हाथीनाला वॉटरफॉल घूमने आए थे। लौटते समय इंदिरा नगर के पास हादसा हुआ। पुलिस के मुताबिक, मृतकों में जबलपुर के पावला निवासी राजेंद्र पटेल, वीरेंद्र लोधी (20), रामपाल सिंह लोधी (21) और बरबटी निवासी जयपाल सिंह लोधी (30) शामिल हैं। वहीं आकाश सिंह लोधी (24) और नीरज सिंह लोधी (25) गंभीर रूप से घायल हैं। हाईवे किनारे खड़े थे सभी दोस्त स्थानीय लोगों के मुताबिक, सभी दोस्त हाथीनाला वॉटरफॉल में पिकनिक मनाकर लौट रहे थे। शाम करीब 5 से 6 बजे इंदिरा नगर के पास हाईवे किनारे रुककर सेल्फी लेने लगे। तभी तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में 6 युवक उसकी चपेट में आ गए। राजेंद्र पटेल की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जबलपुर रेफर किया गया। इनमें से तीन युवकों ने रास्ते में दम तोड़ दिया। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए… कुछ ही सेकेंड में टक्कर मारकर भागा हाईवा प्रत्यक्षदर्शी अरविंद पटेल ने बताया कि घटना के वक्त वह दुकान के अंदर थे। तेज रफ्तार वाहन कुछ ही सेकेंड में सड़क किनारे खड़े युवकों को टक्कर मारकर निकल गया। हादसे के समय काफी भीड़ थी। युवक स्कॉर्पियो से आए थे। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई, तब पता चला। सड़क किनारे फोटो खिंचवा रहे थे सभी दोस्त स्थानीय दुकानदार दीपक पटेल ने बताया कि हादसे के 10-15 मिनट बाद वह मौके पर पहुंचे। युवक हाथीनाला वॉटरफॉल पर पिकनिक मनाकर लौटे थे। उनकी स्कॉर्पियो दुकान के पास खड़ी थी। वे सड़क से करीब दो फीट की दूरी पर खड़े थे। सड़क किनारे फोटो खिंचवा रहे थे, लेकिन हाईवा ने रौंद दिया। टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार ASP संदीप भूरिया ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार हो गया। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वाहन कौन-सा था। सुआतला थाना पुलिस घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है। अन्य साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर वाहन और चालक की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है। जल्द ही आरोपी वाहन का पता लगाया जाएगा। ………………………………… यह खबर भी पढ़ें कार से परिवार को कुचला, पति-पत्नी और बेटे की मौत मध्य प्रदेश के गुना में नेशनल हाईवे-46 पर तेज रफ्तार अर्टिगा कार ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार पति, पत्नी और उनके बेटे सड़क पर गिर गए। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा भदौरा में हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…

डोटासरा बोले- ढाई साल पहले 16 लाख फॉलोअर्स,आज भी उतने:कहा- मुझे ढाई साल पहले ही ब्लॉक कर दिया था; आगे जेल में भी डालेंगे

सीकर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- ढाई साल पहले मेरे 16 लाख फॉलोअर्स थे और आज भी उतने ही है। एक भी नहीं बढ़ा, ऐसा नहीं हो सकता। पांच कम हो सकते हैं या ज्यादा हो सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मुझे ढाई साल पहले ही ब्लॉक कर दिया था। सीकर में रविवार को कांग्रेस पार्टी ने “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान डोटासरा ने यह कहा। डोटासरा ने कहा- ऐसा देश के हर उस नौजवान, मीडिया के साथ होगा, जो इनके खिलाफ लिखेगा। अभी केवल रीच कम कर रहे हैं, आगे जेलों में भी डालेंगे और मुकदमे भी लगाएंगे। इसी को अघोषित आपातकाल कहते हैं। इसी को लोकतंत्र खत्म करने की बात कहते हैं। सीकर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और NTA भंग करने की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया गया। मशाल जुलूस तमन्ना परिसर से शुरू होकर उद्योग नगर पुलिस थाने के सामने पहुंचा। इस कार्यक्रम में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित बड़ी संख्या में युवा और पार्टी के लोग मौजूद रहे। लोकतंत्र और संविधान बचाने के हित में आंदोलन गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- कांग्रेस पार्टी हर उस आंदोलन का हिस्सा है, जो स्टूडेंट के हित में है और देश हित में है। लोकतंत्र और संविधान को बचाने के हित में है। विपक्ष का मतलब यही होता है कि सरकार की गलत नीतियों का विरोध करे। डोटासरा ने कहा- जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक धरना दे रहे थे तो कहां दिक्कत आ रही थी। दिल्ली के पुराने कमिश्नर ने सोनम वांगचुक को धरने से हटाने के लिए सरकार को मना कर दिया था। उन्होंने कहा कि यह असंवैधानिक काम मैं नहीं करूंगा। ऐसे में उन्हें रात को हटाया गया और उनकी जगह दूसरा कमिश्नर आया। इसके बाद सोनम वांगचुक को धरने से हटकर हॉस्पिटल में एडमिट करवा दिया गया। डोटासरा बोले- क्या सरकार वांगचुक से बातचीत नहीं कर सकती थी। जब हमारी सरकार थी तो पांच-पांच मंत्री आंदोलनकारी से मिलने के लिए जाते थे। तब जवाबदेही भी होती थी, लेकिन यहां पर वह भी नहीं है। लगातार पेपरलीक हुए, यूनिवर्सिटी में पेपर के साथ आंसरशीट दी जा रही है। सरकार केवल यही चाहती है कि लोगों को दबाकर सत्ता पर काबिज हो। राहुल गांधी के कार्यक्रम को नहीं दी परमिशन विनोद जाखड़ ने कहा- राजस्थान में धांधली से भर्ती परीक्षा होती हैं और फिर वह कोर्ट में अटक जाती हैं। देश में जहां भी भाजपा सरकार है, वहां स्टूडेंट्स सड़कों पर हैं। विनोद जाखड़ ने कहा- जब देहरादून में राहुल गांधी स्टूडेंट्स से बात करने के लिए जाने वाले थे, तब उनके कार्यक्रम को रोकने के लिए बड़े ग्राउंड की परमिशन नहीं दी। उन्हें पता था कि 6 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन दो दिन में हो चुके हैं। जिस दिन राहुल गांधी का प्रोग्राम था, उसी दिन वहां एक सेलिब्रिटी को बुलाकर सरकारी खर्च पर नाच-गाना करवाया गया।