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डीडवाना-कुचामन में 'मिशन बुनियाद' का शुभारंभ:प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को मिलेगा नया आधार

डीडवाना-कुचामन जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग और रॉकेट लर्निंग के संयुक्त तत्वावधान में ‘मिशन बुनियाद’ का शुभारंभ किया गया। इस पहल के साथ, डीडवाना-कुचामन राजस्थान का 41वां जिला बन गया है, जहां प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (ECE) और प्री-प्राइमरी शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। कार्यक्रम में जिला उपनिदेशक गौरव चौधरी, जिले के सभी सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) और पर्यवेक्षक मौजूद रहे। इस दौरान मिशन बुनियाद के उद्देश्यों, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के विभिन्न घटकों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। कार्यक्रम के दौरान जिले के सभी सेक्टरों के लिए व्हाट्सएप समूह बनाए गए हैं। इनके माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा से संबंधित गतिविधियां नियमित रूप से साझा की जाएंगी। पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण मॉड्यूल और कार्यक्रम के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। रॉकेट लर्निंग की ओर से वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक धीरज जांगिड़, कार्यक्रम प्रबंधक अक्षय शर्मा, हनुमानगढ़ जिला समन्वयक मीनाक्षी स्वामी और नागौर जिला समन्वयक आशीष सिन्हा ने कार्यक्रम के संचालन और सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिला एवं बाल विकास विभाग और रॉकेट लर्निंग का यह संयुक्त प्रयास जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और बच्चों के समग्र विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अयोध्या में 225 उद्यमियों की भजन संध्या:स्वाती मिश्रा के भजनों पर झूमे श्रद्धालु, वैष्णवी शर्मा की काव्य प्रस्तुति ने बांधा समा

अयोध्या में रामनगरी की पावन फिजाओं में शुक्रवार शाम भक्ति, संगीत और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। राजस्थान के विजयबाड़ा से आए 225 से अधिक उद्यमियों ने विजयबाड़ा इलेक्ट्रिकल डीलर्स एसोसिएशन (वेडा) के ‘डिवाइन वाराणसी-अयोध्या टूर’ के तहत शहर के एक होटल में आयोजित भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया। देर रात तक चले इस आयोजन में श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते रहे और पूरा माहौल ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंजता रहा। कार्यक्रम की शुरुआत कवयित्री वैष्णवी शर्मा की काव्य प्रस्तुति से हुई। उन्होंने राग भैरवी में भगवान श्रीराम के आदर्श, त्याग और मर्यादा पर आधारित रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इसके बाद प्रसिद्ध भजन गायिका स्वाती मिश्रा ने श्रीराम भक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी। उनके भजनों पर श्रद्धालु देर तक तालियां बजाते और भक्ति में सराबोर होकर झूमते नजर आए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हनुमानगढ़ी के संत एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत संजय दास ने कहा कि सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखने और नई पीढ़ी तक उसके संस्कार पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन बेहद जरूरी हैं। उन्होंने वेडा के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल दर्शन तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बनती हैं। इस अवसर पर निर्माणी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत मुरलीदास भी मौजूद रहे। वेडा के अध्यक्ष रमेश जैन ने बताया कि 225 सदस्यीय दल ने सबसे पहले काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और गंगा आरती में शामिल हुआ। इसके बाद अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने कहा कि रामनगरी की आध्यात्मिक ऊर्जा और यहां का आत्मीय वातावरण सभी श्रद्धालुओं के लिए जीवनभर की अविस्मरणीय स्मृति बन गया। कार्यक्रम में वेडा के उपाध्यक्ष अशोक जैन, सचिव तमन्ना, ओमप्रकाश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

भाई को पढ़ाने के लिए होटलों में काम किया:सेना में जाने का सपना छोड़ा; मां ने मजदूरी कर पढ़ाया; पढ़िए री-नीट की सफलता की कहानियां

बाड़मेर में अपने भाई को डॉक्टर बनाने का सपना देखने वाले भाइयों ने मजदूरी की तो किसी ने सेना में जाने का सपना छोड़ कर पत्थर उठाए। किसी के पिता की मौत हुई तो मां ने मजदूरी कर बेटे को नीट की तैयारी करवाई। किसी ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी और टीचर के कहने पर फिर से शुरुआत की। आज री-नीट के सफल स्टूडेंट्स की लिस्ट में इनका नाम है। बाड़मेर की फिफ्टी विलेजर्स सेवा संस्थान में पढ़ने वाले 4 स्टूडेंट्स ने नीट परीक्षा पास की है। ये संस्थान गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा देता है। हालही में नीट रिजल्ट जारी हुआ है। इसमें मगाराम ने नीट में ऑल इंडिया 27279वीं रैंक हासिल की है। वहीं, पोलाराम की 1041वीं रैंक आई है। इसके साथ ही लाखाराम ने ऑल इंडिया 15283 रैंक प्राप्त की है। सवाईसिंह ने नीट में ऑल इंडिया में 15039वीं रैंक हासिल की है। सभी ने पहली बार में ही सफलता हालिस कर संस्था और परिवार का नाम रोशन किया है। पढ़िए बाड़मेर से री-नीट में सफल होने वाले स्टूडेंट्स की कहानियां… मुझे पढ़ाने के लिए भाई ने अपनी पढ़ाई छोड़ी मगाराम ने नीट में ऑल इंडिया 27279वीं रैंक हासिल की है। 564 नंबर आए है। मगाराम ने 10वीं सरकारी स्कूल पचपदरा से की। मगाराम ने बताया- मैं जब 3 दिन का था मेरे पिताजी की रोड एक्सीडेंट में डेथ हो गई थी। उसके बाद घर की सारी जिम्मेदारी मेरे मां पर आ गई थी। मां ने दिहाड़ी मजदूरी करने के साथ नरेगा में काम करके हम दोनों भाइयों को पढ़ाया। 10वीं करने के बाद बड़े भाई ने मुझे पढ़ाने के लिए अपनी पढ़ाई तक छोड़ दी। गुजरात जाकर बोरियां डालने का काम करने लगा। मगाराम ने आगे बताया- भाई को 15-20 हजार रुपए के आसपास मजदूरी मिलती थी। हम दो भाई और दो बहने है। बहनें ससुराल रहती है। डॉक्टर बनने के बाद जब भी मैं आऊंगा तो गांव में ही ड्यूटी लूंगा। गांव के लोगों की सेवा करूंगा। हमारे गांव में हेल्थ की सुविधा नहीं थी। उसको देखकर मैंने मन में ठान लिया कि मुझे डॉक्टर बनना है। मेरा सपना है कि मैं न्यूरोलॉजिस्ट बनने का सपना है। पिता बीमार रहते, मां का निधन हुआ नीट में 1041 रैंक हासिल करने वाले पोलाराम ने बताया- 10वीं मैंने गांव की सरकारी स्कूल से की थी। तब मुझे चूनाराम सर ने फिफ्टी विलेजर्स संस्थान के बारे में बताया। मैंने वहां पर फॉर्म भरा। फिर हमारे घर और आर्थिक स्थिति का वेरिफिकेशन किया गया। इसके बाद मेरा सलेक्शन हुआ। यहां पर फ्री में रहना, पढ़ना और रहना हो गया। दो साल में 11 और 12वीं की। फिर नीट की तैयारी की इस बार मेरा सलेक्शन हो गया। यहां पर तीन साल तैयारी की। दसवी 85 प्रतिशत नंबर आए थे। पोलाराम का कहना है कि मेरे पिता जी की उम्र 65 साल है। वो मजदूरी पर जा नहीं पा रहे। मां का देहांत साल 2021 में हो गया था। साल 2023 में मेरे भाई ने 12वीं की और कमाने वाला कोई नहीं था। भाई ने होटल पर मजदूरी करना शुरू की और मैं यहां पर पढ़ने के लिए यहां पर आ गया। मेरी चार बहने है तीन ससुराल जाती है और सबसे छोटी बहन घर का काम करती है। बड़े भाई ने कहा कि मैं मजदूरी पर चला जाता हूं, तूं पढ़ाई कर लें। हम दोनों ही पढ़ाई में होशियार थे। उसका सेना में जाने का सपना था और तैयारी कर रहा था। अग्निवीर दौड़ में रह गया था। फिर उसने तैयार की नहीं और घर की स्थिति खराब थी। कोचिंग जाकर हम पढ़ नहीं सकते है वहां पर लाखों रुपए लगते है। इतनी हमारी इनकम नहीं है। मैं यह नहीं सोचा कि मैं टॉप एक हजार के पास पहुंच जाऊंगा। मेरी रैक ऑल इंडिया में 1041 आई है। कैटगरी रैक 341 आई है। मेरा सपना डॉक्टर बनने के साथ अच्छा इंसान बनने का सपना था। पोलाराम ने कहा- मां की डेथ के बाद बड़ा दुख हुआ। कमाने वाला कोई नहीं था, लगा कि पढ़ाई छूट जाएगी। घर की स्थिति खराब थी। मजदूरी करने वाला बनेगा डॉक्टर लाखाराम ने नीट में ऑल इंडिया 15283 रैंक हासिल की है। ओबीसी रैंक 7120 रही। लाखाराम ने बताया- मेरी बहन के ससुराल में मैंने 5वीं तक पढ़ाई की। उसके बाद मेरे घर से 7 किलोमीटर दूर सरकारी स्कूल बोथिया जागीर स्कूल से 10वीं तक पढ़ाई की। टीचर महेश कुमार गुर्जर ने मेरा बहुत सपोर्ट किया। उन्होंने मुझे फिफ्टी विलेजर्स संस्थान के बारे में बताया। साल 2023 से अब तक 11वीं, 12वी पास की है। नीट रिजल्ट को क्रेक किया। लाखाराम ने मेरे पिता तुलसाराम जी किसान है पहले गुजरात में बोरियां डालने का काम करते थे। इसके बाद भाग्यम वेलपेड पर काम करते थे। वहां 11-12 हजार सैलेरी थी। 9 भाई बहन है। बहने ससुराल जाती है। तीन भाइयों ने घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई छोड़ दी थी। मजदूर करते है। लाखाराम ने कहां- गर्मी की छुटिट्यों में डेढ़ माह तक कमठा मजदूरी की। उस समय मुझे 350 रुपए मिलते थे। मेरा सलेक्शन बीकानेर फिफ्टी विलेजर्स में हुआ था। एक साल रहने के बाद मेरी तबीयत बिगड़ने के बाद मुझे बाड़मेर विफ्टी विलेजर्स में आ गया। यहां पर पढ़ाई 10-12 घंटे पढ़ाई हो जाती है। मुझे जितनी उम्मीद थी उससे मेरे कम नंबर आए है। लाखाराम के 10वीं 84 प्रतिशत और 12वीं 87.80 प्रतिशत नंबर प्राप्त किए है। नीट में 586 नंबर आए है। 10वीं के बाद पढ़ाई छुटी सवाईसिंह ने नीट में ऑल इंडिया में 15039वीं रैंक हासिल की है। EWS में 1709वीं रैंक आई है। 587 नंबर आए है। मेरे परिवार में 6 भाई बहनें है। इसमें चार बहनों की शादी हो रखी है। वहीं एक छोटी बहन है। मेरे पिता का देहांत 24 जून 2023 को गया था। इससे पहले पिता पैर से विकलांग थे। 10वीं के बाद मेरी पढ़ाई छूट गई। मैंने मजदूरी भी की, लेकिन मेरे टीचरों ने मुझे संस्थान के बारे में बताया। वहां पर मेरा एडमिशन हो गया।

बर्थडे-पार्टी से लौट रहे दोस्तों की कार पलटी, 1 मौत:हाईवे पर बेकाबू हुई थी गाड़ी, एक ने मौके पर दम तोड़ा; 3 घायल

जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे चार युवकों की कार राठौड़ फार्म हाउस के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का कुचामन के राजकीय चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। घटना डीडवाना-कुचामन जिले के नावा उपखंड क्षेत्र में शुक्रवार रात 11 बजे की है। जन्मदिन समारोह से लौटते समय हुआ हादसा नावां थानाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि सभी युवक नावा में एक जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बाद कार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान राठौर फार्म हाउस के पास उनकी कार अचानक बेकाबू होकर पलट गई। हादसा इतना तेज था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया गया। हादसे में लीचाणा निवासी मुरली पाराशर (26) पुत्र गिरधारीलाल की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। वहीं कार में सवार अन्य चार युवक घायल हैं, जिनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। लीचाणा निवासी युवक की मौत परिजनों के अनुसार मुरली भावता कस्बे में मोबाइल की दुकान चलाता था, जबकि उसके पिता गिरधारीलाल खेती करते हैं। युवक की मौत की खबर से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। कार में सवार तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनका कुचामन के राजकीय चिकित्सालय में उपचार जारी है। डॉक्टर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कार के अनियंत्रित होकर पलटने से हादसा होना सामने आया है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। इनपुट सहयोग : कमलेश पारीक।

बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर के पति की कंपनी में प्रदर्शन,VIDEO:फरीदाबाद में कर्मचारियों ने काम छोड़ा, 20% बोनस की मांग; 6 हजार वर्करों की स्ट्रेंथ

हरियाणा के फरीदाबाद में बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर के पति आनंद आहूजा की कंपनी में सैकड़ों कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मी काम छोड़कर कंपनी के बाहर एक पार्क में इकट्ठा हो गए। महिला कर्मचारी कंपनी के गेट के पास ही बैठ गईx। प्रदर्शनकारियों का कहना है- कंपनी पहले सैलरी के साथ 20 परसेंट बोनस देती थी। जिसे अब घटाकर 8 परसेंट कर दिया है। कंपनी अपने फायदे के लिए लगातार कटौती कर रही है। कंपनी प्रशासन ने हंगामा बढ़ता देख पुलिस बुला ली। पुलिस ने भी कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, मगर उन्होंने बोनस न बढ़ने तक काम पर लौटने से इनकार कर दिया। सेक्टर-28 स्थित आनंद आहूजा की कंपनी शाही एक्सपोर्ट लेडी क्लोथिंग एक्सपोर्ट का काम करती है। पुरुषों के साथ कंपनी में बड़ी संख्या में महिलाएं भी काम करती हैं। कंपनी में करीब 6 हजार कर्मचारी काम करते हैं। दैनिक भास्कर ने कंपनी का पक्ष जानने की कोशिश की। वहां मौजूद, रिसेप्शनिस्ट ने आज छुट्टी है कंपनी मैनेंजमेंट से बात नही हो सकती। इतना जरूर कहा कि कंपनी में काम सुचारू चल रहा है। कुछ ही कर्मी बाहर हैं। अब पढ़िए, कर्मचारी क्यों प्रदर्शन कर रहे… कर्मचारी बोले- अधिकारियों की सैलरी बढ़ रही प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी लगातार बढ़ रही है। उनकी सुविधाओं में भी बढ़ोतरी हो रही है। जबकि छोटे कर्मचारियों का बोनस तक काटा जा रहा है। कंपनी ने कोरोना पीरियड के बाद भी बोनस घटाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे तब ही कर्मचारियों ने रिजेक्ट कर दिया था। उस टाइम भी कंपनी में विरोध-प्रदर्शन हुआ था। अब दोबारा कंपनी फिर बोनस घटा रही है। पुलिस बोली- अभी स्थिति कंट्रोल में कंपनी के गेट पर कर्मचारियों के प्रदर्शन करने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, मगर कर्मचारी बोनस देने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस प्रवक्ता यशपाल का कहना है- कर्मचारियों ने अपनी मांग को लेकर काम बंद किया है। कुछ कर्मचारी कंपनी में काम नहीं कर रहे हैं। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। अभी स्थिति कंट्रोल में है। ग्राफिक्स में आनंद आहूजा और सोनम कपूर को जानिए:-

वांगचुक का 9.5Kg वजन गिरा, चल नहीं पा रहे थे:चादरें लेकर पहुंचे पुलिसकर्मी, उठाकर ले गए; 21 दिन की भूख हड़ताल की 21 PHOTOS

सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस शनिवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले गई। पुलिस सफेद चादरें लेकर जंतर-मंतर पहुंची और वांगचुक को ले जाते हुए चादरों से घेर लिया। 21 दिनों में उनका वजन 9.5 किलो घटा। इस दौरान कई विपक्षी नेता और फिल्म एक्टर उनसे मिलने पहुंचे। देखिए भूख हड़ताल की 21 PHOTOS…. 18 जुलाई 17 जुलाई 16 जुलाई 15 जुलाई 14 जुलाई 13 जुलाई 12 जुलाई 11 जुलाई 10 जुलाई 9 जुलाई 8 जुलाई 7 जुलाई 6 जुलाई 5 जुलाई 4 जुलाई 3 जुलाई 2 जुलाई 1 जुलाई 30 जून 29 जून 28 जून ——————————————— ये खबर भी पढ़ें… वांगचुक को अनशन के 21वें दिन पुलिस ने उठाया:सिविल ड्रेस में जंतर-मंतर पहुंची, एंबुलेंस से अस्पताल भेजा; कॉकरोच पार्टी फाउंडर दीपके भूख हड़ताल पर बैठे दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल ले गई। पुलिस सिविल ड्रेस में पहुंची थी और वांगचुक को सफेद चादर में उठाकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। पूरी खबर पढ़ें…

अलवर जिले में पति-पत्नी को सरियों से पीटा:महिला के हाथ में फ्रैक्चर हो गया, गांव में अवैध शराब बेचने पर टोका था

अलवर के बगड़ तिराहा थाना क्षेत्र के बहाला गांव में कच्ची शराब बेचने का विरोध करने पर एक दंपति पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने दंपति को सरियों से पीटा, जिससे महिला का हाथ टूट गया और उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को लहूलुहान हालत में अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बिजली ठीक करने गया था पीड़ित, वहीं बिक रही थी शराब जानकारी के अनुसार, बहाला निवासी प्रवीण जाटव शुक्रवार रात करीब 11 बजे गांव में बिजली गुल होने पर पड़ोस के पोल पर लाइट ठीक करने गया था। उसी दौरान वहां पड़ोसी बिट्टू अवैध रूप से कच्ची शराब बेच रहा था। प्रवीण ने सार्वजनिक स्थान पर शराब बेचने का विरोध किया। शोर सुनकर बचाने आई पत्नी को भी नहीं छोड़ा मना करने पर आरोपी बिट्टू तैश में आ गया। उसने तुरंत अपने बेटे चीकू और अन्य परिजनों को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि सभी ने लाठी और लोहे के सरियों से प्रवीण पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। प्रवीण की चीख-पुकार सुनकर उसकी पत्नी मानबाई बीच-बचाव करने दौड़ी, तो आरोपियों ने उसे भी नहीं बख्शा। सरिए के वार से मानबाई का हाथ फ्रैक्चर हो गया। आरोपी अवैध रूप से बेचते हैं शराब अस्पताल में भर्ती पीड़ित प्रवीण ने बताया कि आरोपी लंबे समय से गांव में अवैध रूप से कच्ची शराब का धंधा कर रहे हैं। इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। पुलिस को पहले भी कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और घायलों के बयान दर्ज किए। बगड़ तिराहा थाना पुलिस के अनुसार, पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।

क्रिकेटर्स ने सर गैरी सोबर्स को श्रद्धांजलि दी:कोहली ने लिखा- विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करेगी, तेंदुलकर ने कहा- हमेशा याद रखेंगे

दिग्गज क्रिकेट सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली सहित कई दिग्गज क्रिकेटर्स ने वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स को श्रद्धांजलि दी है। एक दिन पहले वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को सर गैरी सोबर्स के निधन की जानकारी दी थी। 17 जुलाई को सोबर्स का 89 साल की आयु में निधन हो गया था। सोबर्स क्रिकेट के सबसे महान ऑलराउंडर्स में से एक थे। उन्होंने 1954 से 1974 तक वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 57.78 की औसत से 8,032 रन बनाए और 235 विकेट लिए। सोबर्स ने सबसे पहले एक ओवर की सभी 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने का पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने फर्स्ट क्लास मैच में यह कारनामा किया था। गैरी सोबर्स के लिए किसने क्या कहा? 1. कपिल देव- मेरे जैसे कई प्लेयर्स को प्रेरित किया भारत को 1983 में पहला वर्ल्ड कप जिताने वाले पूर्व कप्तान कपिल देव ने सर गैरी सोबर्स को क्रिकेट इतिहास का सबसे बेहतरीन खिलाड़ी बताया। कपिल ने कहा- ‘क्रिकेट को समझने वाला हर व्यक्ति सोबर्स का मुरीद है। वे इस खेल के इतिहास में पैदा हुए सबसे शानदार क्रिकेटर्स में से एक थे।’ कपिल ने कहा- ‘वे जिस अंदाज में वे क्रिकेट खेलते थे, उसने मेरे जैसे कई खिलाड़ियों को प्रेरित किया और आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया। उनके रिकॉर्ड्स आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। सोबर्स का जाना खेल जगत के लिए एक ऐसा खालीपन है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा।’ 2. गावस्कर- क्रिकेट के लिए सबसे दुखद दिनों में एक पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने क्रिकेट के लिए यह सबसे दुखद दिनों में से एक है। सोबर्स वह खिलाड़ी थे, जैसा बनने का सपना हर बच्चा पहली बार बल्ला या गेंद हाथ में लेते समय देखता है। सोबर्स की यादें हमेशा उनके दिल में जिंदा रहेंगी। 3. सचिन तेंदुलकर- वन एंड ओनली को हमेशा याद रखेंगे पूर्व भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने सोबर्स के साथ बिताए यादगार पलों को याद करते हुए कहा कि क्रिकेट ने अपने ‘वन एंड ओनली’ महानायक को खो दिया है। सचिन ने X पर लिखा कि सर गारफील्ड सोबर्स के निधन की खबर को स्वीकार करना बेहद मुश्किल है। वर्षों में उनके साथ बिताए कई पल आज बार-बार याद आ रहे हैं। सोबर्स वास्तव में ‘वन एंड ओनली’ थे। उनकी बहुत कमी खलेगी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। उनकी बहुत कमी खलेगी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।’ उन्होंने लिखा, ‘वे हमेशा बेहद विनम्र और स्नेहिल रहे।’ 4. विराट कोहली- विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी कोहली ने सोशल प्लेटफॉर्म X पर लिखा- ‘क्रिकेट ने अपने सबसे महान खिलाड़ियों में से एक को खो दिया है।’ विराट ने लिखा- ‘सर गारफील्ड सोबर्स, आपको श्रद्धांजलि। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।’ 5. फारुख इंजीनियर ने कहा- सोबर्स जैसे खिलाड़ी दोबारा पैदा होना मुश्किल भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज फारुख इंजीनियर ने कहा- सोबर्स जैसे खिलाड़ी दोबारा पैदा होना बेहद मुश्किल है और उनके निधन से पूरा क्रिकेट जगत शोक में है। लंदन से PTI को दिए एक इंटरव्यू में फारुख इंजीनियर ने कहा कि सर गारफील्ड सोबर्स केवल महान क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि शानदार इंसान भी थे। उन्होंने कहा, ‘वह अब तक के सबसे संपूर्ण क्रिकेटर थे। पूरा क्रिकेट जगत इस महान खिलाड़ी को हमेशा याद रखेगा। मैंने कुछ देर पहले वेस हॉल और श्रीमती सोबर्स से बात की। पूरे बारबाडोस में शोक का माहौल है।’ श्रीलंका प्रीमियर लीग में आज के मैचों से पहले मौन रखाए जाएगा श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने सर गैरी सोबर्स के निधन पर एक बयान जारी कर कहा है कि उनके सम्मान में आज कोलंबो के एसएससी ग्राउंड पर खेले जाने वाले लंका प्रीमियर लीग (LPL) 2026 के सभी मैचों की शुरुआत से पहले एक मिनट का मौन रखा जाएगा। इसके अलावा, आज के सभी मैचों में भाग लेने वाली टीमों के खिलाड़ी श्रद्धांजलि स्वरूप काली पट्टी बांधकर मैदान में उतरेंगे। ————————————————— सर गैरी सोबर्स के निधन की खबर पढ़िए… सर गैरी सोबर्स का 89 साल की उम्र में निधन, फर्स्ट-क्लास में पहली बार 6 गेंद पर 6 छक्के लगाए वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स का 89 साल की आयु में निधन हो गया है। एक ओवर की सभी 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने का पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड उन्होंने बनाया था। उन्होंने यह कारनामा फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में किया था। पढ़ें पूरी खबर

मौलाना ने श्रीकृष्ण को नमाजी बताया, धीरेंद्र शास्त्री बोले-घरवापसी करो:दोबारा ऐसा कहा तो तुम्हारे दरवाजे पर गीता पाठ करेंगे; हमारी पूजा पद्धति से छेड़छाड़ न करें

भगवान श्रीकृष्ण को लेकर यूपी के मौलाना जर्जिस अंसारी के आपत्तिजनक बयान पर बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी नाराजगी जताई है। पं. धीरेंद्र ने हैदराबाद के शमशाबाद में चल रही हनुमत कथा के दौरान 17 जुलाई को अंसारी को ‘घरवापसी’ की सलाह दी। कहा- दोबारा ऐसा बयान दिया तो उनके दरवाजे पर भगवद्गीता का पाठ करेंगे। पं. धीरेंद्र ने कहा कि हर धर्म को अपनी आस्था तक सीमित रहना चाहिए। दूसरे धर्म की मान्यताओं पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। सबसे पहले पढ़िए जर्जिस का वो बयान जिस पर विवाद है यूपी में इटावा के रहने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी ने कहा था- भगवान श्रीकृष्ण धर्म से मुस्लिम थे और दिन में 5 बार नमाज पढ़ा करते थे। यकीन ना आए तो श्रीमद्भागवत गीता का छठा अध्याय का दसवां मंत्र देख लीजिए… योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः। एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः॥ मौलाना ने दावा किया- ‘श्लोक में कृष्ण जी अर्जुन से कह रहे हैं कि हे अर्जुन! ईश्वर की जब पूजा करो तो पूरे शरीर का योग करो। योगी, यूपी वाला नहीं। योगी युञ्जीत सततमात्मानं, पूरे शरीर का योग करो। यानी पूजा सिर्फ खड़े होकर नहीं, पूरे शरीर के साथ होनी चाहिए और पूरे शरीर का योग होना चाहिए। आज हिंदू धर्म में चले जाइए, सिर्फ ऐसे हाथ उठाएंगे, ‘ओम नमः शिवाय’, बस हो गई पूजा। ये हिंदू-मुस्लिम अगर ये अपनी किताबें पढ़ लें, योगी जी बड़े भक्त बनते हैं राम के… अगर हमारी किताबें पढ़ लें, तो यकीन मानिए इस्लाम से मोहब्बत करने लगेंगे। क्योंकि इस्लाम सिर्फ मुसलमानों का धर्म नहीं, ये उनका भी धर्म है। इसी दीन और इसी धर्म को रामचंद्र जी ने भी पेश किया है, कृष्ण जी ने भी पेश किया है। ये सिर्फ मुसलमानों का नहीं है। अब पढ़िए इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने मौलाना को क्या कहा? धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मौलाना जर्जिस अंसारी बयान से से उन्हें दुख पहुंचा है। भारत में जन्म लेने वाले सभी लोगों की सांस्कृतिक जड़ें एक हैं। उन्होंने फिल्म ‘अमर अकबर एंथनी’ का उदाहरण देते हुए भी अपनी बात रखी और कहा कि अलग-अलग आस्था रखने के बावजूद लोगों की सांस्कृतिक विरासत एक है। भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी को लेकर इंदौर में विरोध भय्यू महाराज की पत्नी ने मौलाना पर FIR की मांग की इंदौर के दिवंगत संत भय्यू महाराज की पत्नी डॉ. आयुषी देशमुख ने भगवान श्रीकृष्ण पर की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए एक आवेदन भी दिया है। ‘अपमानजनक टिप्पणी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो’ डॉ. आयुषी ने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति हिंदू धर्म या भगवान के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करेगा तो उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा- सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए, जिसमें किसी भी धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।

पुष्कर मेले में पहली बार होगी 60KM की घुड़सवारी:घोड़ों की हार्ट बीट और फिटनेस की जांच की जाएगी; महिलाएं दौड़ाएंगी बैलगाड़ी

पुष्कर पशु मेले में पहली बार अरावली की तलहटी में एंड्योरेंस राइडिंग (एक लंबी दूरी की घुड़सवारी) होगी। इसमें घोड़े और राइडर 60 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे, जिसमें 20-20 किलोमीटर के तीन लूप होंगे। हर 20 किलोमीटर पर घोड़ों की हार्ट बीट, डिहाइड्रेशन और फिटनेस की जांच की जाएगी। राइडर का भी स्टेमिना देखा जाएगा। मेडिकल अनफिट होने पर घोड़े को राइडिंग से बाहर कर दिया जाएगा। इसके अलावा रेवाल चाल (घोड़ों की एक विशेष चाल) और महिला किसानों की बैलगाड़ी परेड भी पर्यटकों व टूरिस्ट को आकर्षित करेगी। पशुपालन विभाग की ओर से गाय और ऊंटों को लेकर हर साल की तरह इस साल भी कई प्रतियोगिताएं होंगी। एडिशनल डायरेक्टर डॉ. नवीन परिहार ने बताया- पहली बार पुष्कर मेले में एंड्योरेंस राइडिंग होगी। इसमें घोड़े की सहनशक्ति और राइडर के तालमेल व हेल्थ की परीक्षा देखने को मिलेगी। ये एक लंबी दूरी की घुड़सवारी प्रतियोगिता है, जिसमें घुड़सवार और उनका घोड़ा 60 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। इस 60 किलोमीटर की दूरी में 20-20 किलोमीटर के तीन लूप होंगे। हर 20 किलोमीटर पर तय दूरी के बाद, घोड़ों की हार्ट बीट, डिहाइड्रेशन और फिटनेस की जांच की जाएगी। इस राइडिंग के निर्णायक कमेटी में मेंबर रह चुके लोगों को बुलाकर ट्रैक फाइनल कर दिया गया है। राइडिंग के 20-20 किलोमीटर के तीन पड़ाव होंगे राइडिंग मोतीसर रोड पर पुराने हेलीपैड से शुरू होगी और अरावली की तलहटी के कच्चे रास्तों को ट्रैक का रूप देने की तैयारी की जाएगी। सबसे बड़ा लूप पिचोलिया की गोचर भूमि पर बनाया जाएगा। राइडिंग के 20-20 किलोमीटर के तीन पड़ाव होंगे और समापन मोतीसर रोड पर ही होगा। महिला किसानों की बैलगाड़ी परेड डॉ. परिहार ने बताया- साल 2026 को संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से महिला किसान वर्ष घोषित किया गया है। इसी थीम पर पुष्कर मेले में बैलगाड़ी चलाने वाली महिला किसानों को बुलाया जाएगा। इस दौरान महिला किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए समापन के दिन बैलगाड़ियों की परेड निकाली जाएगी। रेवाल चाल व ट्रिक राइडिंग होगी खास डॉ. परिहार ने बताया-रेवाल चाल भी पहली बार होगी। इसमें मारवाड़ी घोड़े की रफ्तार और सहनशीलता देख सकेंगे। ये एक किलोमीटर की होगी। इसमें शर्त यह होती है कि इसमें राइडर व हॉर्स को थकान नहीं होनी चाहिए नहीं तो बाहर कर दिया जाएगा। इसके अलावा ट्रिक राइडिंग भी होंगी। इसमें राइडर एक या एक से ज्यादा भी हो सकेंगे। इसके अलावा घोडे़ की ओर से कई प्रकार के करतब भी दिखाए जाएंगे। गाय-भैंस की संख्या बढ़ाने की कोशिश डॉ. परिहार ने बताया कि पुष्कर पशु मेले में भैंस और गोवंश की संख्या काफी कम रहती है। इस बार इनकी संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए राजस्थान के अन्य जिलों व आसपास के राज्यों में भी पशुपालकों से संपर्क किया जा रहा है ताकि वे अपने पशु लेकर मेले में आएं।
हजारों पशु एवं लाखों श्रद्धालु आते हैं मेले में पुष्कर पशु मेले में हजारों ऊंट, घोड़े समेत अलग-अलग प्रजाति के पशु आते हैं। वहीं पशुपालकों के बीच करोड़ों रुपयों का लेन-देन होता है। लाखों श्रद्धालु सरोवर में स्नान और मंदिरों के दर्शन करते हैं। अनेक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, जिसमें राजस्थानी लोक कलाकारों के साथ-साथ कई अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाता है। मेले के दौरान देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। पशुओं की भी कई रोमांचक प्रतियोगिता होती है, इनमें ऊंट दौड़, ऊंट का नृत्य, नाचने वाली घोड़ियों की प्रतियोगिता और सर्वश्रेष्ठ नस्ल के घोड़ों व दुधारू गायों का प्रदर्शन शामिल है। इसके अलावा पशुओं के स्वास्थ्य और सौंदर्य की भी प्रतियोगिताएं होती हैं।