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जयपुर की घटना, 10 हजार चांदी के सिक्के भी चोरी:हवेली की नींव से 45 किलो चांदी, सोने से भरे 15 कलश निकले; ठेकेदार-मजदूरों ने गायब किए

परकोटे की एक पुश्तैनी हवेली की तोड़ाई के दौरान खजाना मिलने का दावा सामने आया है। हवेली मालिक का आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने करीब 40-45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14-15 स्वर्ण कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के मालिक को बताए बिना आपस में बांट लिए। परिवादी का दावा है कि उसके पास दो वीडियो हैं, जिनमें आरोपी कथित तौर पर मिली संपत्ति का जिक्र करते दिखाई दे रहे हैं। इन्हें पेन ड्राइव में रखकर पुलिस को सौंपा गया है। मामला त्रिपोलिया बाजार के विद्याधर का रास्ता स्थित पुश्तैनी हवेली का है। परिवार ने पुरानी हवेली तोड़कर नया निर्माण कराने के लिए डिवाइन-1 एलएलपी के माध्यम से ठेका दिया था। तोड़ाई का काम महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को सौंपा गया था। परिवादी बापू नगर निवासी राहुल सेठी का कहना है कि ठेकेदार को पहले ही साफ कह दिया था कि दीवारों, नींव या मलबे से कोई कीमती वस्तु मिले तो परिवार को सौंपना होगा। परिवादी के अनुसार, करीब छह माह पहले तोड़ाई के दौरान यह संपत्ति मिली। हाल में इसकी जानकारी मिलने पर 15 जुलाई को माणकचौक थाने में मामला दर्ज कराया गया। मजदूर ने मालिक को बताया तो खुला राज रिपोर्ट में आरोप है कि ठेकेदार ने अपने सहयोगियों अनुज, जगदीश, रजनी, रेहान, सुल्तान और पप्पू अजमेरा के साथ मिलकर संपत्ति खुर्दबुर्द कर दी। परिवादी ने पुलिस को दो वीडियो सौंपे हैं। इनमें एक अनुज का और दूसरा महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू व उसके सहयोगी जगदीश का है। दावा है कि वीडियो में मिली संपत्ति का जिक्र किया गया है। हवेली को तोड़ने वाले मजदूरों में से ही एक ने मालिक को सारा राज बताया।

धारदार हथियार से वृद्धा पर जानलेवा हमला किया

सादुलपुर | ढाणी हमीरवास बड़ा में 15 जुलाई को वृद्धा पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने को लेकर हमीरवास थाने में एक व्यक्ति पर मामला दर्ज हुआ। पुलिस के अनुसार महेंद्र सिंह पुत्र केशूराम पूनिया निवासी ढाणी हमीरवास बड़ा ने रिपोर्ट दी कि 15 जुलाई को दोपहर 2.30 बजे उसकी पत्नी राजबाला पर गांव के विनोद कुमार ने धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया और भाग गया। घायल पत्नी को राजगढ़ के राजकीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उसके भाई अमर सिंह के घर पर हुई हुई वारदात के दौरान भाभी सहित अन्य रिश्तेदारों ने बीच-बचाव कर पत्नी को छुड़वाया।

सघन स्क्रीनिंग अभियान से सुरक्षित मातृत्व को मिला संबल, समय पर जांच से गर्भवतियों को मिला उपचार

विशेष गर्भवती महिला सघन स्क्रीनिंग अभियान जिले में सुरक्षित मातृत्व की दिशा में प्रभावी साबित हो रहा है। अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की समय पर स्वास्थ्य जांच, आवश्यक उपचार, दवा और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे जटिलताओं की समय रहते पहचान हो रही है। सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है। सीएमएचओ डॉ. शैलेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि अभियान के जरिए जिले की गर्भवती महिलाओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान जरूरत के अनुसार दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। संतुलित आहार, नियमित दवा सेवन, प्रसवपूर्व देखभाल और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के संबंध में विस्तृत परामर्श भी दिया जा रहा है। अभियान के तहत लोहरवाड़ा (पीपलू) निवासी कोमल सैनी, टोंक निवासी फरहद जहां, अनिता चौधरी, गांधी पार्क निवासी सुनीता खटीक, देवपुरा निवासी सायरा, छावनी निवासी ईशा फरहत, निवाई निवासी गोरा बाई व बूंदी निवासी मनीषा सहित कई गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसवपूर्व (एएनसी) जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया। आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं। सुरक्षित गर्भावस्था के लिए जरूरी चिकित्सकीय सलाह दी। सीएचओ राहुल बड़गुर्जर, एएनएम सुनीता मीणा, आशा सहयोगिनी अनिता वर्मा और हेमलता मीणा लगातार लाभार्थियों का फॉलोअप कर रही हैं। नियमित निगरानी और मार्गदर्शन से महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर बना हुआ है। उन्हें आवश्यक मातृ स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हो रही हैं। लाभार्थी कोमल सैनी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें समय पर स्वास्थ्य जांच, दवाइयां और उचित परामर्श मिला। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगातार मार्गदर्शन किया। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। वे अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हुईं। उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए राज्य सरकार और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया। सीएमएचओ डॉ. चौधरी ने कहा कि जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान और एमसीएचएन दिवस के माध्यम से सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित एएनसी जांच सुनिश्चित की जा रही है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान की जा रही है। गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व प्रत्येक गर्भवती महिला का अधिकार है। इसे सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

40 दिन से नर्सिंग कर्मियों का धरना

बाड़मेर | बाड़मेर में नर्सिंग कर्मचारी सेवा बहाली और नई भर्ती प्रक्रिया में मेरिट व बोनस अंक को आधार बनाने की मांग को लेकर 40 दिनों से धरने पर हैं। कर्मचारियों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल, बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष अनंतराम विश्नोई से मुलाकात की। ज्ञापन सौंपा। संयोजक जसवंत सिंह योद्धा ने कहा कि प्रदेशभर में निविदा और प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए हटाए गए नर्सिंग कर्मचारियों की तुरंत सेवा बहाली हो। कोविड काल में लंबे समय तक अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारियों को रोजगार से बाहर किया गया।