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जयपुर में ऑफिस में घुसकर 3 भाइयों को पीटा:बाल उखाड़े, स्कॉर्पियो तोड़ी; होटल में खाना खाने के दौरान हुआ था विवाद

जयपुर में 3 भाइयों को प्रॉपर्टी ऑफिस में घुसकर लोहे की रॉड और लाठियों से बेरहमी से पीटा गया। आरोपियों ने बाहर खड़ी स्कॉर्पियो को भी तोड़ दिया। इतना ही नहीं, बदमाशों ने एक भाई के सिर से बाल तक उखाड़ दिए। शुक्रवार को वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। सीसीटीवी फुटेज में 15 से 20 से ज्यादा बदमाश आते दिख रहे हैं, जिनके हाथ में लोहे के सरिए और लाठियां दिख रही हैं। मामला 13 जुलाई का है। भांकरोटा थाना प्रभारी श्रीनिवास जांगिड़ ने बताया- रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है। केस की जांच एएसआई मुकेश चतुर्वेदी को सौंपी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। होटल में खाना खाने के दौरान हुआ विवाद जयपुर के कृषि विहार, बदरवास के रहने वाले पीड़ित अर्शदीप सिंह ने पुलिस को रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया कि 13 जुलाई की रात मैं अपने भाई कमलजीत सिंह और परिचित राहुल मीणा सहित चार लोगों के साथ भांकरोटा स्थित एवर ग्रीन होटल में खाना खाने गया था। इसी दौरान वहां मौजूद पवन टोडावत ने गाली-गलौज शुरू कर दी। दोनों पक्ष पहले से एक-दूसरे को जानते थे, इसलिए होटल के कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया। जब हम होटल से निकलने लगे तो आरोपी ने बेल्ट निकालकर हमारी स्कॉर्पियो के बोनट पर दे मारी। इसके बाद आरोपियों ने फोन पर कमलजीत सिंह और राहुल मीणा को टोल प्लाजा पर रुकने और देख लेने की धमकी दी। धमकी मिलने के बाद राहुल मीणा ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत से मामला सुलझाने के लिए भांकरोटा स्थित ‘भूरा प्रॉपर्टीज चैंबर’ आने की बात कही। फोन पर तय हुआ था कि जिसकी भी गलती होगी, वह सुबह माफी मांग लेगा।

प्रॉपर्टी ऑफिस में 15-20 बदमाशों का धावा, पगड़ी उतारकर बाल खींचे अर्शदीप सिंह के अनुसार, रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच हम ऑफिस में मौजूद थे, तभी 4 से 5 लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर 15 से 20 बदमाश वहां पहुंचे। बदमाशों ने आते ही बाहर खड़ी स्कॉर्पियो का शीशा तोड़ दिया और कमलजीत सिंह को आवाज लगाने लगे। आरोपी पवन टोडावत ने कमलजीत सिंह पर सरिये से वार किया। बीच-बचाव करने पर मेरे हाथ पर चोट लगी और फिर सिर पर लोहे की रॉड दे मारी। सिर पर पगड़ी बंधी होने के कारण कमलजीत की जान बच गई, लेकिन इसके बाद हमलावरों ने उसकी पगड़ी उतार दी, बाल खींचे और जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। इसी दौरान पीछे से एक आरोपी ने मेरे सिर पर फिर से सरिए से हमला कर दिया।
भीड़ को आता देख गाड़ियों से भागे आरोपी इस हमले में तीनों भाइयों को गंभीर चोटें आई हैं। अर्शदीप सिंह के सिर में 5 से 6 टांके आए हैं और शरीर पर सरियों के कई निशान हैं। सुखवंत सिंह के हाथ में गंभीर चोट आई है, वहीं कमलजीत सिंह के सिर में चोट के साथ गर्दन में फ्रैक्चर बताया जा रहा है। तीनों का अस्पताल में इलाज करवाया गया है। पीड़ितों का कहना है कि देर रात शोर-शराबा सुनकर जब आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए, तो भीड़ को आता देख हमलावर अपनी गाड़ियों में बैठकर मौके से फरार हो गए। अगर लोग समय पर नहीं आते तो उनकी जान भी जा सकती थी। पीड़ितों ने इस हमले का आरोप विष्णु चौधरी, पवन टोडावत, विष्णु पूनिया, वीरू गढ़वाल, मदन टोडावत, अजय टोडावत, लोकेश टोडावत, राजेश टोडावत, यशवंत चौधरी, राकेश टोडावत और हेमराज टोडावत सहित उनके अन्य साथियों पर लगाया है। आरोपी स्कॉर्पियो, मर्सिडीज, किया सेल्टॉस, ब्रेजा और डिजायर जैसी गाड़ियों में सवार होकर आए थे।

PM मोदी की पंजाब रैली के मायने:प्रोजेक्टों से 54 सीटों पर असर, 'डबल इंजन' नैरेटिव, दलित-किसानों पर फोकस; गठबंधन से इनकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में विजय के लिए अपनी प्लानिंग को साफ कर दिया है। मोदी ने अपने भाषण में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस व अकाली दल सभी को जमकर लताड़ा। मोदी ने अपने भाषण से कार्यकर्ताओं और नेताओं को स्पष्ट संकेत दे दिया कि भाजपा सभी 117 सीटों पर अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। मोदी ने पंजाब के जालंधर दौरे पर एक बार फिर से डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास से ट्रेन में मुलाकात की और अपने भाषण में संत रविदास जी महाराज का उल्लेख किया। इसके जरिए मोदी ने पंजाब के दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश की। उधर, हरियाणा में भाजपा सरकार के 24 फसलों पर MSP समेत विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मोदी ने पंजाब में डबल इंजन सरकार का नैरेटिव सेट किया। मोदी ने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार ने सिख संग्रहालय बनाकर सिख परंपराओं को संजोने का काम किया। वहीं मोदी मंच पर हरी पगड़ी पहनकर आए जो कि किसानों का ट्रेडमार्क मानी जाती है। मोदी ने हरे रंग की पगड़ी पहनकर संकेत दिया कि भाजपा किसानों की हितैषी है और भाजपा सरकार आने पर किसानों को उनके हक दिए जाएंगे। मोदी ने हरियाणा सरकार की तरफ से किसानों को दी जा रही एमएसपी (MSP) का उदाहरण भी दिया। विकास कार्यों के जरिए तीनों रीजन की 54 विधानसभा सीटें साधने की कोशिश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब दौरे पर कुल 15 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन व शिलान्यास किया। इसमें मालवा के 7, दोआबा के 5 और माझा के 3 प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स से पंजाब के 12 से अधिक प्रमुख जिलों की अर्थव्यवस्था और परिवहन व्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी। मोदी ने इन प्रोजेक्ट्स के जरिए पंजाब की करीब 54 विधानसभा सीटों को टारगेट किया है, जिसमें मालवा क्षेत्र की 23, दोआबा की 20 और माझा की 11 सीटें शामिल हैं। मालवा क्षेत्र के लुधियाना, एस.ए.एस. नगर (मोहाली), रूपनगर (रोपड़), पटियाला, श्री मुक्तसर साहिब और संगरूर जिलों को इसका सबसे बड़ा फायदा मिलने जा रहा है, क्योंकि साउदर्न लुधियाना बाईपास, दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे और आईटी सिटी-कुराली हाईवे इन क्षेत्रों की रोड कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाएंगे; जबकि मुक्तसर, मोहाली व आनंदपुर साहिब रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और चंडीगढ़ PGI के नए सेंटर्स भी इसी बेल्ट के लोगों को लाभान्वित करेंगे। वहीं दोआबा क्षेत्र के जालंधर, होशियारपुर और कपूरथला जिलों को भारी निवेश मिला है, जिसके तहत जालंधर कैंट व फगवाड़ा (कपूरथला) स्टेशनों का कायाकल्प होगा, राष्ट्रीय राजमार्गों को अपग्रेड किया जाएगा और दौलतपुर चौक-करटोली रेल लाइन व नई ट्रेन से होशियारपुर के कंडी क्षेत्र के लोगों की यात्रा सुगम होगी। इसके साथ ही, माझा क्षेत्र के अमृतसर, पठानकोट और गुरदासपुर जिलों को सीधा लाभ मिलेगा, जहाँ अमृतसर के छेहरटा से वाराणसी के लिए शुरू हुई ‘संत रविदास एक्सप्रेस’ श्रद्धालुओं को सीधे जोड़ेगी, तथा पठानकोट कैंट व बटाला (गुरदासपुर) स्टेशनों के पुनर्विकास से इन सीमावर्ती जिलों का पूरी तरह से कायाकल्प हो जाएगा। दलित वोट बैंक को साधने में जुटे मोदी
पंजाब में दलित वोट बैंक करीब 31 प्रतिशत है। मोदी डेरा सचखंड बल्लां में पहले आ चुके हैं और आदमपुर एयरपोर्ट का नाम सतगुरु रविदास के नाम पर रख चुके हैं। अब पंजाब से सीधे बनारस के लिए शुरू की गई ट्रेन का नाम संत रविदास एक्सप्रेस रखा है। फरवरी 2027 में संत रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व है। उसी दौर में पंजाब में विधानसभा चुनाव भी होना है। ऐसे में पंजाब से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बनारस जाएंगे। पंजाब की राजनीति में डेरों का बेहद गहरा प्रभाव है, प्रधानमंत्री इस बात को भली-भांति जानते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रेन में डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास के साथ मुलाकात की। नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात से एक बार फिर से पंजाब के दलित वर्ग को साधने की कोशिश की। डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख से मोदी की पांच महीने में यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले नरेंद्र मोदी राधा स्वामी डेरा ब्यास के प्रमुख से भी मुलाकात कर चुके हैं। दोआबा के साथ-साथ इन दोनों डेरों का प्रभाव पंजाब के अन्य सभी जिलों और मालवा-माझा क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से फैला हुआ है। स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन विभिन्न डेरों और आध्यात्मिक शक्तियों के माध्यम से ग्रामीण व जमीनी स्तर पर पंजाब में अपनी पैठ मजबूत करने की पुरज़ोर कोशिश में है। मोदी ने इसके जरिए पंजाब के 31 प्रतिशत दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश की, जिसका सीधा असर दोआबा की 23 में से 14-15 सीटों पर दिखेगा। हरियाणा में सिख संग्रहालय कर पंजाब के वोटर्स को साधा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद में सिख संग्रहालय का शिलान्यास करके एक बड़ा चुनावी मास्टरस्ट्रोक खेला है, जिसका सीधा लक्ष्य पंजाब के सिख वोटर्स को साधना है। जींद में इस ऐतिहासिक परियोजना की नींव रखने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री पंजाब पहुंचे, जो उनकी सोची-समझी रणनीति को दर्शाता है। मोदी ने पंजाब में इसका बाकायदा जिक्र भी किया कि हरियाणा की भाजपा सरकार ने सिख संग्रहालय का निर्माण किया। पंजाब की राजनीति में सिखों की धार्मिक अस्मिता हमेशा से सबसे बड़ा मुद्दा रही है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) से अलग होने के बाद, भाजपा पंजाब में स्वतंत्र रूप से अपनी पैठ बनाने के लिए ‘सांस्कृतिक सम्मान’ का कार्ड खेल रही है। पड़ोसी राज्य हरियाणा में सिखों के गौरवशाली इतिहास को सहेजने वाले इस संग्रहालय के जरिए मोदी ने पंजाब के ग्रामीण और पंथिक सिखों को संदेश दिया है कि भाजपा उनकी समृद्ध विरासत का सच्चा सम्मान करती है। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले, यह कदम पार्टी को केवल ‘शहरी हिंदुओं’ के टैग से बाहर निकालकर समूचे सिख समाज में पैठ बनाने में मदद करेगा। हरी पगड़ी पहनकर किसान हितैषी का दिया संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पंजाब दौरे के दौरान विशेष रूप से हरे रंग की पगड़ी धारण की। मंच से इस पारंपरिक रंग की दस्तार में नजर आकर उन्होंने सीधे तौर पर खुद को बड़ा किसान हितैषी दिखाने का मजबूत संदेश दिया। चूंकि हरा रंग पंजाब की खेती, फसलों और देश के अन्नदाता (किसानों) की पहचान का प्रतीक माना जाता है, इसलिए पीएम मोदी का यह रूप पिछले कुछ वर्षों की राजनीतिक तल्खी और कृषि आंदोलनों के गतिरोध को भुलाकर ग्रामीण मतदाताओं से सीधा भावनात्मक जुड़ाव बनाने की एक बड़ी और गंभीर कोशिश है। आप-शिअद व कांग्रेस पर निशाना साधा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए और यह नैरेटिव सेट करने की कोशिश की कि पंजाब में नशा और गैंगस्टरवाद पर सरकार कुछ नहीं कर पाई। यही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां तक कह दिया कि दिल्ली में इनके नेता को आईबी अधिकारी की हत्या का दोषी पाया गया और कोर्ट ने सजा दी, पर इनके नेता कोर्ट पर ही सवाल खड़े करने लगे हैं। ऐसा ही गुजरात में हुआ; इनके एमएलए को फिरौती मांगने के मामले में गिरफ्तार किया गया। इसलिए इनका कैरेक्टर ही ऐसा है। कांग्रेस पर तंज कसा कि वहां कुर्सी के लिए लड़ाई चल रही है, और शिअद को कहा कि उन्हें पंजाब की कोई चिंता नहीं है। मोदी ने पंजाबियों को यह बताने की कोशिश की कि अब विकास और कानून व्यवस्था के लिए भाजपा ही उनके पास विकल्प है। ************* पीएम के दौरे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें: PM मोदी बोले- AAP सरकार की कर्ज पर मौज: कांग्रेस में कुर्सी का रोना-धोना, अकाली अपनी उलझन में; पंजाब में BJP ही बदलाव लाएगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (17 जुलाई) को जालंधर रैली में कहा- पंजाब में कट्‌टर बेईमान पार्टी (AAP) की सरकार है। यहां की सरकार कर्ज पर मौज कर रही है। इस पार्टी ने किसानों और बहन-बेटियों के साथ धोखा किया है। लॉ एंड ऑर्डर के ये हालात हैं कि कब कहां गैंगवार हो जाए, कहां किस दिशा से गोलियां चलने लगें, कोई कह नहीं सकता। व्यापार-कारोबार करना मुश्किल हो चुका है। थानों पर अटैक हो रहे हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
PM के चंडीगढ़ दौरे के मोमेंट्स: मोदी की स्टेज पर कांग्रेस सांसद; उद्घाटन पत्थर पर सीएम मान का नाम; बच्चे की कैप पर ऑटोग्राफ दिया हरियाणा के जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ और पंजाब दौरे पर पहुंचे। चंडीगढ़ में पीएम ने 4700 करोड़ रुपए के 10 प्रोजेक्ट का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसके बाद वह जालंधर पहुंच गए हैं। यहां उन्होंने देश के 75 अमृत भारत स्कीम वाले रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। उद्घाटन पत्थर पर सीएम भगवंत मान का भी नाम लिखा है। (पढ़ें पूरी खबर)

जालोर के रिद्धम ने नीट में हासिल की 1079वीं रैंक:प्रवीण को 1187वीं और लक्षित को 17085वीं रैंक मिली

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया। इसमें जालोर जिले के तीन स्टूडेंट्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। जालोर शहर के रिद्धम मेहता ने ऑल इंडिया 1079वीं रैंक हासिल की, जबकि भूतेल गांव के प्रवीण कुमार खीचड़ को 1187वीं और रेवतड़ा गांव के लक्षित कुमार को 17085वीं रैंक मिली। तीनों स्टूडेंट्स की सफलता से परिवारों और उनके गांवों में खुशी का माहौल है। जालोर के रिद्धम मेहता ने हासिल की 1079वीं रैंक जालोर शहर के 19 साल के रिद्धम मेहता ने NEET-UG 2026 में ऑल इंडिया स्तर पर 1079वीं रैंक हासिल की है। यह जालोर जिले की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। रिद्धम पिछले दो साल से गुजरात के अहमदाबाद में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। उनकी मेहनत का परिणाम अब इस सफलता के रूप में सामने आया है। रेवतड़ा के लक्षित कुमार को मिली 17085वीं रैंक जालोर जिले के रेवतड़ा गांव निवासी लक्षित कुमार ने भी NEET परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 17085वीं रैंक हासिल की है। लक्षित की सफलता के बाद गांव में खुशी का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। दूसरे प्रयास में प्रवीण ने हासिल की सफलता चितलवाना क्षेत्र के भूतेल गांव निवासी किसान जगदीश कुमार के बेटे प्रवीण कुमार खीचड़ ने अपने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया 1187वीं रैंक प्राप्त की है। प्रवीण कोटा में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने मिठाई खिलाकर खुशी जताई। चाय बेचने वाले के बेटे ने नीट में 570वीं रेंक हासिल जालोर के केशवना गांव निवासी पुष्पेंद्र सेन(20) पुत्र महेंद्र सेन (सोलंकी) का नीट में 570वीं रैंक हासिल किया हैं। इसके पिता पुपेन्द्र सेन के पिता केशवना की केशवना में चाय की होटल चलाते हैं। पुष्पेंद्र सेन पिछले तीन साल से तैयारी कर रहे है एक साल से शिखर में रहकर तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन करीब 16-17 घंटे तक पढ़ाई करते थे। जालोर के सांचौर निवासी किसान का बेटा अरविंद चौहान (20)पुत्र मुलाराम चौहान ने नीट परीक्षा में ऑल इंडिया में 5221 वीं रेंक हालिक की है और अरविंद चौहान 2 साल से तैयारी कर रहा था। दूसरे प्रयास में फिर सफलता मिली हैं।

पहले परीक्षा-रद्द, फिर एग्जाम सेंटर में बारिश में भीगी आंसर-शीट:हादसे में घायल मां एग्जाम सेंटर लेकर बेटे को पहुंची थी; पढ़ें नीट में पास स्टूडेंट्स की कहानी

नीट परीक्षा में पास हुए कई स्टूडेंट्स की ऐसी कहानियां भी सामने आई, जिनमें बच्चों और उनके पेरेंट्स ने एक-दूसरे के लिए मोटिवेशन का काम किया। कोटा के आर्यन की नीट में 3164वीं रैंक आई। उन्होंने कहा- पहली नीट परीक्षा में मेरे 648 अंक आए, लेकिन परीक्षा रद्द हो गई। वहीं दोबारा हुई परीक्षा में केंद्र में मेरी सीट खिड़की के पास थी। परीक्षा शुरू होने के एक घंटे बाद तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। खिड़की से आती बारिश की बूंदों से उत्तर पुस्तिका भीग गई थी। कोशिश करते हुए कॉपी को बचाया। वहीं बिहार के पटना के रहने वाले रणवीर की 39वीं रैंक आई है। रणवीर की मां निशि सिंह ने बताया- एग्जाम से दो दिन पहले टेम्पो पलटने से मेरे सिर में चोट लग गई थी। इसके बाद भी बेटे का हौसला बढ़ाने के लिए एग्जाम के दिन उसे सेंटर पर छोड़ने गई थी। बता दें कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी का रिजल्ट एनटीए ने गुरुवार देर रात घोषित कर दिया है। परिणामों में कोटा कोचिंग के स्टूडेंट्स ने सफलता हासिल की है। पढ़ें ऐसे स्टूडेंट्स की कहानी। पहली परीक्षा रद्द होने पर नहीं हारी हिम्मत बूंदी जिले के छोटे से गांव भवानीपुरा के रहने वाले आर्यन की नीट में 3164वीं रैंक आई है। वे सालों से परिवार के साथ कोटा रह रहे हैं। पिता मुरलीधर स्टेशनरी का काम करके किसी तरह परिवार का खर्च चलाते हैं। आर्यन ने कहा- घर इतना छोटा है कि पढ़ाई के लिए अलग कमरा नहीं है। एक कमरे में पूरा परिवार खाना खाता, उठता-बैठता और रात को सोता है। आर्यन ने कहा- उसी कमरे के एक कोने में बैठकर मैंने घंटों पढ़ाई की। उन्होंने कहा- 3 मई को हुई नीट में मेरे 648 अंक आए। इस सफलता से परिवार खुश हुआ। घर में जश्न मनाया गया। सभी को भरोसा था कि अब सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलना तय है, लेकिन परीक्षा रद्द हो गई, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी। मैंने दोबारा तैयारी शुरू की। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा दी। आर्यन ने कहा- परीक्षा से पहले आसमान में बादल छाए हुए थे। परीक्षा केंद्र में मेरी सीट खिड़की के पास थी। टेबल लैब की ढलान वाली थी, जिस पर लिखना मुश्किल था। परीक्षा शुरू होने के करीब एक घंटे बाद तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। खिड़की से आती बारिश की बूंदें उत्तर पुस्तिका तक पहुंचने लगीं। कागज भीगने लगे और लिखना कठिन होता गया, लेकिन मैं रुका नहीं। जितना बचा सकता था, उतना बचाते हुए मैंने पूरी परीक्षा दी। अब रिजल्ट आया तो मेरे 610 नंबर आए। इन अंकों के आधार पर मुझे अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने की संभावना है। मेरे पिता को पैरालाइसिस है। एक्सीडेंट में घायल हुई मां, बेटे को परीक्षा सेंटर पर लेकर गई बिहार के पटना के रहने वाले रणवीर ने कोटा में रहकर नीट की कोचिंग की। उनकी 39वीं रैंक आई है। रणवीर की मां निशि सिंह ने बताया- एग्जाम से दो दिन पहले बच्चे का सेंटर देखने जा रही थी। तब टेम्पो पलटने से मेरे सिर में चोट लग गई थी। इसके बाद भी बेटे का हौसला बढ़ाने के लिए एग्जाम के दिन उसे सेंटर पर छोड़ने गई थी। बेटे ने बहुत मेहनत की है, जिसकी बदौलत मुझे ये सफलता मिली है। सबसे बड़ी बात यह है कि रणवीर, उसकी मां और बहन तीनों कोटा रहे थे, लेकिन रणवीर मां और बहन से अलग रूम लेकर रहता था, ताकि पढ़ाई में कोई दिक्कत न हो। रणवीर ने बताया- सफलता के लिए टीचर्स जो आपको गाइड कर रहे हैं, वह बात जरूर मानो। रिफ्रेश करने के लिए यूट्यूब शॉर्ट देखते थे आयुष ऑल इंडिया रैंक नंबर चार पर रहे आयुष मूल रूप से नवादा (बिहार) के वरीसालीगंज गांव के रहने वाले हैं। आयुष ने कोटा में रहकर नीट की तैयारी की है। पिता सुनील कुमार का बिजनेस है। आयुष के 10वीं में 96.2% और 12वीं में 93.8 प्रतिशत नंबर आए थे। आयुष के परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। आयुष ने बताया- बचपन से मेरा सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करने का था। नियमित पढ़ाई, नीट की तैयारी, लगातार रिवीजन और रेगुलर टेस्ट मेरी सफलता की सबसे बड़ी वजह रहे। खुद को रिलेक्स करने के लिए मोबाइल भी चलाता था। मोबाइल पर यूट्यूब शॉट्‌र्स (वीडियो) देखना पसंद है। आयुष ने बताया- जब नीट रद्द हुई, उस समय स्कोर 695 बन रहा था। इस बार नंबर और बढ़ गए। पेपर रद्द हुआ तो टेंशन नहीं थी, क्योंकि तैयारी पूरी थी। गौरव बोले- जैसा टीचर ने गाइड किया, वैसा ही किया अलवर के रहने वाले गौरव सिंह ने 9वीं रैंक हासिल की है। गौरव के पिता राजेश कुमार आर्मी में हैं। कोटा में रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट गौरव ने बताया- मां सीमा देवी मेरे और बहन के साथ कोटा में रहकर हमारी पढ़ाई का पूरा ध्यान रखती थीं। उन्होंने हर परिस्थिति में हमारा हौसला बढ़ाया। नीट की तैयारी के दौरान मैंने डेली क्लास अटेंड की। एनसीईआरटी की बुक्स को कई बार पढ़ा। कंटीन्यू रिवीजन किया और टेस्ट को पूरी गंभीरता से दिया। स्मार्टफोन यूज करता था, लेकिन उसका मिसयूज नहीं करता था। क्लासरूम के अलावा 7-8 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। टीचर्स ने जो बताया, जो गाइड किया, मैंने वैसे ही किया। पूरी रात पढ़ाई करता था, दोपहर में क्लास लेता था कोटा के रहने वाले कार्तिक ने ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल की है। कार्तिक ने बताया- मैं रात को पढ़ाई को प्राथमिकता देता था। सेल्फ स्टडी के लिए रात 9:30-10 बजे से सुबह चार से पांच बजे पढ़ता था। दोपहर में कोचिंग के बाद शाम को पावर नेप (ब्रेक) लेता और फिर रात को पढ़ाई का वही शेड्यूल रहता। मेरे पिता इंजीनियर हैं। उन्होंने भी कोटा में ही इंजीनियरिंग की तैयारी और पढ़ाई की थी। मैं खुद को रिलेक्स करने के लिए फुटबॉल खेलता था। पेपर रद्द हुआ तो डिमोटीवेट हुई थी कोटपूतली राजस्थान की रहने वाली अनुष्का ने भी कोटा में पढ़ाई की है। अनुष्का की 58वीं रैंक आई है। उन्होंने आठवीं कक्षा से तैयारी शुरू कर दी थी। क्लास टीचर्स जो बताते थे, वह किया। क्लास में जो पढ़ाया, वह अच्छे से तैयार किया और हर टेस्ट दिया। रिलेक्स रहने के लिए घर पर मां से बात कर लिया करती थी। लास्ट पेपर जब रद्द हुआ तो डिमोटीवेट हो गई थी, लेकिन फिर लगा कि अच्छा मौका है। रैंक सुधार सकते है। कृतिक ने हासिल की 18वीं रैंक कृतिक ने बताया- क्लास में जो पढ़ाया जाता था। उन्हें रिवाइज करता था। सिलेबस होने के बाद फिजिक्स और कैमिस्ट्री को दी। कंसेप्ट क्लियर करने में ज्यादा समय दिया है। पढ़ाई का फिक्स शेड्यूल नहीं था बिहार के रहने वाले मोहम्मद फवाज ने 81वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने भी कोटा में रहकर पढ़ाई की है। फवाज ने बताया- पढ़ाई का कोई फिक्स शेड्यूल नहीं था। 6 से आठ घंटे सेल्फ स्टडी कर लिया करते थे। पेपर रद्द हुआ, तब भी ज्यादा टेंशन नहीं थी। लगभग सेम ही मार्क्स आए हैं।

पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर, 10 बड़ी खबरें:PM मोदी बोले- AAP सरकार कर्ज पर मौज कर रही; हाईकोर्ट से भज्जी को झटका; पत्नी ने कनाडा पहुंचते ही तलाक दिया

नमस्कार, पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर पीएम मोदी के दौरे से जुड़ी रही। पहले वे चंडीगढ़ पहुंचे, इसके बाद जालंधर आए। यहां पर पीएम ने कहा कि पंजाब सरकार कर्ज पर मौज कर रही है। कट्‌टर बेईमान पार्टी विज्ञापनों से विश्वासघात छुपा रही है। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. PM मोदी बोले- पंजाब सरकार कर्ज पर मौज कर रही पीएम नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ के बाद जालंधर पहुंचे हैं। यहां उन्होंने 5470 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन किया। उन्होंने सीर गोवर्धनपुर वाराणसी एक्सप्रेस (अमृतसर के छेहर्टा से वाराणसी तक) को हरी झंडी दिखाने से पहले स्कूली बच्चों से बात की। इसके बाद वह ट्रेन में ही डेरा सचखंड बल्लां के संत निरंजन दास से मिले। इसके बाद पीएम किसान नेताओं वाली हरी पगड़ी पहनकर जनसभा की। पीएम ने कहा- पंजाब में विज्ञापनों के दम पर विश्वासघात की तस्वीर छिपाई जा रही है। कानून व्यवस्था बेहाल है। कब कहां गैंगवार हो जाए, किस दिशा से गोलियां चलने लगे, कोई कह नहीं सकता। यहां व्यापार-कारोबार करना मुश्किल हो चुका है। सरेआम फिरौती मांगी जा रही है। पुलिस थाने तक सुरक्षित नहीं हैं। थानों पर अटैक हो रहे हैं। पंजाब का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। नशे के सौदागर खुलेआम घूम रहे हैं। युवाओं को नशे के दलदल में धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार कर्ज पर मौज कर रही। (पढ़ें पूरी खबर) 2. हाईकोर्ट का भज्जी को झटका, सिक्योरिटी बहाल करने से इनकार जालंधर के रहने वाले पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह भज्जी को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने झटका दिया है। कोर्ट ने उनकी पंजाब पुलिस की सुरक्षा बहाली की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि उनकी सुरक्षा अचानक इसलिए वापस ली गई, क्योंकि उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ी थी। हाईकोर्ट ने माना कि सुरक्षा हटाने का निर्णय सुरक्षा समीक्षा समिति द्वारा पहले ही ले लिया गया था। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि केवल घर के बाहर प्रदर्शन होना या गद्दार कहे जाना से अपने आप में जान के लिए खतरा साबित नहीं करता, विशेषकर तब जब प्रदर्शन हिंसक न रहा हो। हाईकोर्ट ने केंद्र से मिली Y+ सुरक्षा और राज्य सरकार द्वारा पंजाब आगमन पर स्थानीय सुरक्षा देने के आश्वासन को ध्यान में रखते हुए, बिना किसी अन्य निर्देश के याचिका का निपटारा कर दिया। भज्जी ने 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़ दिया था, इसके अगले ही दिन 25 अप्रैल को पंजाब पुलिस ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई। (पढ़ें पूरी खबर) 3. घर के आंगन में बंधी गाय खा गया तेंदुआ, दीवार फांदकर घुसा होशियारपुर जिले के दसूहा में एक तेंदुए ने रिहायशी इलाके में घुसकर घर के आंगन में बंधी गाय को अपना शिकार बना लिया। तेंदुआ आते ही गाए के गले को अपने मुंह में डाल लेता है। गाय कुछ देकर मुकाबला करती है लेकिन इसके बाद तेंदुआ उसका गला घोंट देता है और मार देता है। गाय को शिकार बनाते तेंदुए का वीडियो भी सामने आया है। गाय तेंदुए से जान बचाने के लिए काफी देर संघर्ष करती है। इस दौरान गाय आवाज निकालती है, लेकिन मालिक नहीं उठते हैं जिससे तेंदुआ गाय को खा जाता है। सुबह बछड़ी मृत मिलने के बाद परिजनों ने पंचायत और वन्यजीव विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कराया, जबकि दातारपुर वेटरनरी अस्पताल की डॉ. पूनम शर्मा ने बछड़ी का पोस्टमार्टम किया। फॉरेस्ट गार्ड गुरमेल सिंह ने ग्रामीणों को रात के समय सतर्क रहने और घरों के बाहर लाइटें जलाकर रखने की सलाह दी। (पढ़ें पूरी खबर) 4. हरजीत ग्रेवाल राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन बने, BJP के बड़े सिख चेहरा पंजाब BJP के सीनियर नेता हरजीत सिंह ग्रेवाल को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन बना दिया है। उनका कार्यकाल 3 साल का रहेगा। वह पंजाब में भाजपा के बड़े सिख चेहरे के तौर पर एक्टिव रहे हैं। खास तौर पर दिल्ली बॉर्डर पर हुए किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने केंद्र के पक्ष में डटकर बयानबाजी की थी। इससे वह पंजाब से लेकर नेशनल लेवल तक खूब सुर्खियों में रहे। पंजाब चुनाव से पहले उनकी नियुक्ति को सिखों को खुश करने की कोशिश माना जा रहा है। इस मौके पर मीडिया से बातचीत में ग्रेवाल ने कहा कि मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, उसे पूरी तनदेही से निभाऊंगा। मैं इससे पहले भी कई पदों पर काम कर चुका हूं। ग्रेवाल मूल रूप से पटियाला के रहने वाले हैं। बता दें कि ग्रेवाल 3 दशक से अधिक समय से भाजपा और आरएसएस से जुड़े हैं। 2013 से 2017 तक पंजाब खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन रहे। 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में राजपुरा सीट से भाजपा उम्मीदवार रहे, हालांकि चुनाव हार गए। वह भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे। इससे पहले पंजाब भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 5. बॉयफ्रेंड को जिंदा जलाने वाली युवती का VIDEO, पेट्रोल लेकर घर पहुंची अमृतसर में बॉयफ्रेंड को पेट्रोल डालकर जलाने वाली युवती 3 दिन पहले भी उसे जान से मारने की नीयत से उसके घर पहुंची थी। उस समय उसने युवक के परिजन को बताया था कि पेट्रोल गुरुद्वारे में दान करना है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी परिवार ने शेयर किया है। फुटेज में युवती लड़के के घर के पास स्थित फोटोस्टेट की दुकान में दिखाई दे रही है। वीडियो में युवक हाथ जोड़कर युवती से विनती करता नजर आ रहा है। जबकि, युवती काउंटर पर पैर रखकर कुर्सी पर बैठी दिखाई देती है। वह उसे बार-बार उंगलियां दिखाकर धमका रही थी। करीब 10 मिनट के बाद युवती वहां से चली गई। इसके बाद, 15 जुलाई को युवती ने युवक को अपने घर बुलाया। वहां इनमें किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। इसके बाद युवती ने अपने चचेरे भाई की मदद से युवक को बांधा और उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इसके बाद पुलिस को आत्महत्या की सूचना दी। पुलिस ने युवती और उसके चचेरे भाई समेत 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया है। (पढ़ें पूरी खबर) 6. कैबिनेट मंत्री के करीबी के घर ED की रेड पठानकोट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीमों ने 5 ठिकानों पर करीब 16 घंटे तक रेड की। कार्रवाई के दौरान दो बड़े स्टोन क्रशर कारोबारियों के घर, दफ्तर और क्रशर यूनिटों के अलावा तारागढ़ स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर व पूर्व सरपंच के घर पर भी छापेमारी की गई। ईडी ने लेनदेन, आयात-निर्यात (इंपोर्ट-एक्सपोर्ट) और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की। देर रात टीम कैबिनेट मंत्री लाल चंद के गांव कटारूचक्क भी पहुंची, जहां उनके एक करीबी के घर पर करीब एक घंटे तक रिकॉर्ड खंगाले गए। हालांकि, ईडी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह कार्रवाई किस मामले की जांच के तहत की जा रही है। पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय और कड़ी सुरक्षा के बीच की गई। छापेमारी के दौरान संबंधित कारोबारियों और उनके परिवार के सदस्यों को घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही किसी बाहरी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश करने या अंदर मौजूद लोगों को बाहर आने की इजाजत नहीं थी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सभी ठिकानों पर सीआरपीएफ के जवान तैनात रहे, जबकि ईडी अधिकारी लगातार दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच में जुटे रहे। जांच की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ईडी अधिकारियों ने दोपहर और रात का भोजन भी बाहर से मंगवाकर परिसर के भीतर ही किया और जांच जारी रखी। सियाली रोड स्थित जोन होटल के पास एक स्टोन क्रशर कारोबारी के दफ्तर में भी टीम ने रिकॉर्ड खंगाले। (पढ़ें पूरी खबर) 7. NEET-UG टॉपर बोले- दादी की मौत से टूट गया था लुधियाना के रहने वाले आर्यन गुप्ता ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक NEET-UG 2026 में 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-1) पर कब्जा जमाया। उन्होंने कहा कि जब मैं थर्ड क्लास में पढ़ता था, तब मैंने अपनी दादी को कैंसर के कारण दम तोड़ते देखा। हमारे दादके-नानके परिवार में लगभग सभी डॉक्टर्स हैं, माता-पिता भी डॉक्टर हैं, लेकिन फिर भी हम मिलकर भी अपनी दादी को नहीं बचा पाए। दादी से मेरा काफी लगाव था और उनकी मौत से मैं टूट गया था। तभी मैंने मन में ठान लिया था कि बड़ा होकर कैंसर स्पेश्लिस्ट (ऑन्कोलॉजिस्ट) बनूंगा। आज NEET-UG (री-नीट 2026) का रिजल्ट आने के बाद मेरा वह सपना पूरा होने जा रहा है। आर्यन की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनका परिवार और टीचर्स बेहद खुश हैं। आर्यन के पिता डॉ. सचिन गुप्ता एक एनेस्थीसियोलॉजिस्ट (एनेस्थिसिया के डॉक्टर) हैं और माता डॉ. रीनू गुप्ता एक गायनेकोलॉजिस्ट हैं। आर्यन ने अपनी इस सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपनी स्वर्गवासी दादी की प्रेरणा और अपने बड़े भाई के बेहतरीन मार्गदर्शन को दिया है।(पढ़ें पूरी खबर)
8.आसमान में चमकती दिखी तेज रोशनी, लोग बोले- पहले कभी ऐसा नहीं देखा पंजाब के कई जिलों में गुरुवार रात आसमान में अचानक तेज रोशनी चमकती दिखी। ये नजारा देखते ही लोग हैरान रह गए और इसे उल्का पिंड बताने लगे। कुछ ही देर में घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। तरनतारन में प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आसमान में कुछ समय के लिए एक तेज चमक दिखाई दी। यह सामान्य बिजली की चमक जैसी नहीं थी और न ही यह आतिशबाजी थी। अमृतसर, तरनतारन और पठानकोट के साथ कई और जिलों में ये नजारा दिखा। इसी वजह से कई लोगों ने इसे उल्का पिंड या आसमान में दिखाई देने वाली किसी खगोलीय घटना से जोड़ा। हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। कई सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि वीडियो में दिखाई देने वाली चमक उल्का पिंड की हो सकती है। उनका कहना है कि वायुमंडल में प्रवेश करते समय उल्का पिंड इसी तरह तेज रोशनी पैदा करते हैं। हालांकि, इस दावे की अभी तक किसी वैज्ञानिक संस्था या संबंधित विभाग ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। (पढ़ें पूरी खबर) 9. पंजाब कांग्रेस में अभी ऑल इज वेल नहीं, चन्नी-वड़िंग गुट में टकराव बरकरार कांग्रेस हाईकमान ने चन्नी गुट को दिल्ली बुलाकर फटकार लगाई और हाईकमान के निर्देशों पर काम करने को कह दिया। हाईकमान की फटकार के बाद पूर्व सीएम ने ऑल इज वेल तो कह दिया, लेकिन पंजाब कांग्रेस में सब कुछ ठीक होना संभव नहीं है। चन्नी गुट पहले ही राजा वड़िंग को प्रधान मानने के लिए तैयार नहीं है और सार्वजनिक तौर पर इसका ऐलान भी कर चुका है। अब अगर हाईकमान के कहने पर चन्नी चुप भी हो जाते हैं तो दोनों गुटों के नेताओं में टकराव जारी रहेगा। चन्नी ने अपने गुट की एक बैठक भी बुलाई है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट का मानना है कि अगर हाईकमान के कहने पर चन्नी राजा वड़िंग की प्रधानगी को स्वीकार कर भी लेते हैं तो विधानसभा चुनाव में उनका फोकस अपना गुट मजबूत करने और राजा वड़िंग गुट को कमजोर करने पर रहेगा। इसी तरह राजा वड़िंग गुट भी चन्नी गुट को कमजोर करने और खुद को मजबूत करने पर फोकस करेगा, ताकि अपने ज्यादा से ज्यादा लोगों को टिकट दिला सकें और जब सीएम बनने की बारी आएगी तो उनका दावा मजबूत होगा। हालांकि, ये गुटबाजी चुनाव में कांग्रेस के लिए ही आत्मघाती साबित होगी। (पढ़ें पूरी खबर) खबर जरा हटके… 10. ₹30 लाख खर्च कर पत्नी कनाडा भेजी, पहुंचते ही तलाक दिया लुधियाना की जशनवीर कौर और परमिंदर सिंह की शादी साढ़े चार साल पहले सिख रीति रिवाज से हुई। शादी के समय दोनों परिवारों में 30 लाख रुपए में समझौता हुआ कि लड़की कनाडा जाएगी और उसका पूरा खर्च ससुराल पक्ष उठाएगा। जशनकौर जब कनाडा जाएगी तो वो अपने पति परमिंदर सिंह को वहां बुलाएगी और उसकी PR करवाकर देगी। करार के मुताबिक जशनवीर कौर ने अपने पति को कनाडा बुलाया। पति शादी के तीन महीने बाद कनाडा पहुंचा पर पत्नी उसे लेने एयरपोर्ट पर नहीं पहुंची। एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करने के बाद परमिंदर ने कनाडा में रहने वाली अपनी मौसी की बेटी को बुलाया। वो उसे लेकर गई। जशनवीर कौर ने परमिंदर सिंह के साथ कोई संपर्क नहीं किया और न ही उसे पीआर दिलाई। जब उसने पीआर की डिमांड की तो जशनवीर कौर ने तलाक का केस लगा दिया। (पढ़ें पूरी खबर) (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)

दो बच्चों समेत कार लेकर नदी में कूदा टीचर:व्हाट्सऐप स्टेटस पर लिखी थी सुसाइड करने की बात, महाराष्ट्र के नांदेड़ का मामला

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले की एक सरकारी स्कूल के टीचर की कार गोदावरी नदी में गिर गई। हादसे में टीचर और उनके दो बच्चों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। क्योंकि, एक दिन पहले ही टीचर ने व्हाट्सएप स्टेटस पर भी सुसाइड कर लेने पर मजबूर होने की बात लिखी थी। वहीं, टीचर के लैपटॉप से एक नोट मिला है, जिसमें उन्होंने अपने कुछ सीनियर पर मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने लैपटॉप जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। उत्पीड़न के आरोपों की जांच की जा रही नांदेड़ पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सुनील मोरे (42) हिमायतनगर के पोता बुद्रुक जिला परिषद स्कूल में टीचर थे। यहीं उनकी पत्नी भी कार्यरत है। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे सुनीन अपनी बेटी सारी (12) और बेटे सुमित (8) को कार में लेकर अमदुरा-पुणेगांव रोड पहुंचे थे। यहीं से गुजरते वक्त कार गोदावरी नदी पर बने पुल की साइड रेलिंग को तोड़ते हुए नदी में गिर गई। राहगीरों ने पुलिस, और फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। कार नदी में डूब गई थी, जिससे तीनों की मौत हो गई। एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 3 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कार और तीनों शव नदी से निकाले। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सुनील के द्वारा अधिकारियों पर लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच की जा रही है। —————-
ये खबर भी पढ़ें… सामूहिक सुसाइड: बड़े बेटे की बीमारी से परेशान था परिवार:दोस्त से कहा था- फोन मत करना, दरवाजा खटखटाना पाली की पॉश कॉलोनी में मां और दो बेटों ने सुसाइड कर लिया। बड़े बेटे नरपत लाल (34) की बॉडी पंखे से लटकी थी। मां शांति देवी (59) और छोटा बेटा रघुवीर (26) फर्श पर पड़े थे।
सबसे पहले नरपत के मौसेरे भाई लक्ष्मण ने उनके शव को देखा था। पूरी खबर पढ़ें…

PM की सराहना से चंडीगढ़ के ब्रूम वॉरियर भावुक:इंद्रजीत सिद्धू बोले-हम छोटे आदमी हैं; मोदी साहब ने याद किया, यही मेरा सम्मान

चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक मंच से सराहना किए जाने के बाद ब्रूम वॉरियर के नाम से मशहूर रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी और पंजाब पुलिस के पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह सिद्धू भावुक हो गए। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी) में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने उनके 3 दशक लंबे स्वच्छता अभियान की प्रशंसा करते हुए उन्हें जनसेवा की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि मैं मोदी साहब का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे इतना बड़ा सम्मान दिया है। पहले भी वह मुझे दिल्ली में कहते थे कि तूने तो पूरा चंडीगढ़ साफ कर दिया। मैंने उस समय भी उनसे कहा था कि हम छोटे आदमी हैं, थोड़ा-बहुत काम कर सकते हैं, ज्यादा कुछ नहीं किया। आज उन्होंने मुझे फिर याद किया, इसके लिए मैं उनका बहुत-बहुत आभारी हूं। पीएम मोदी ने मंच से की थी सराहना पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्राईसिटी के लिए 4700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान कहा था कि चंडीगढ़ के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी इंद्रजीत सिंह सिद्धू आज ब्रूम वॉरियर के नाम से जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धू के स्वच्छता के प्रति समर्पण को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस वर्ष उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीने का एक तरीका है। सिद्धू के तीन दशक लंबे प्रयासों ने लोगों को यह संदेश दिया है कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक का दायित्व है। 30 वर्षों से चला रहे हैं स्वच्छता अभियान इंद्रजीत सिंह सिद्धू ने वर्ष 1963 में पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर के रूप में सेवा शुरू की थी और वर्ष 1996 में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) के पद से सेवानिवृत्त हुए। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने सार्वजनिक स्थानों की सफाई को अपना मिशन बना लिया। पिछले करीब 30 वर्षों से वह रोज सुबह छह बजे झाड़ू और कूड़ा उठाने वाली रेहड़ी के साथ शहर की सड़कों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सफाई करते हैं। इसी वर्ष मिला पद्मश्री सम्मान स्वच्छता और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2026 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया। 23 जून को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में चंडीगढ़ में चल रहे स्वच्छता अभियान की भी सराहना करते हुए कहा कि शहर के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर इसे जन आंदोलन का रूप दिया है।

राज्य निर्वाचन आयोग बोला-चुनावों में देरी के लिए सरकार जिम्मेदार:हाईकोर्ट में कहा- आयोग दो दिन में निकाय-पंचायत चुनाव की घोषणा को तैयार

प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनाव में देरी के लिए हाईकोर्ट में राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। हाईकोर्ट में आयोग की तरफ से राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने साफ कहा कि निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं में एससी, एसटी और महिला आरक्षण तय किए बिना चुनाव नहीं हो सकते। ​आरक्षण की लॉटरी निकालना पंचायतीराज विभाग और स्वायत्त शासन विभाग का काम है। हमने इसके लिए छह चिट्ठियां लिखी हैं। हाईकोर्ट में अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह गुरुवार को वीसी के जरिए पेश हुए। राजेश्वर सिंह ने आयोग के बचाव में तर्क देते हुए साफ कर दिया कि आयोग तो दो दिन में चुनाव की घोषणा को तैयार है, लेकिन उसे सरकार ने आरक्षण तय करके ही नहीं दिया। सरकार आरक्षण तय करके दें राजेश्वर सिंह ने हाईकोर्ट में कहा- राज्य निर्वाचन आयोग अपनी तरफ से पूरी तरह तैयार है। हमने वोटर लिस्ट तैयार कर ली है, इसके अलावा दूसरे राज्यों से ईवीएम की भी व्यवस्था कर रखी है। जितनी तैयारी चुनाव के लिए हो सकती है, सारी तैयारियां पूरी हैं। सबसे बड़ी बाधा पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों में वार्डों और उनके चेयरपर्सन का रिजर्वेशन है, वो राज्य सरकार की तरफ से पूरा नहीं किया गया है। एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं को आरक्षण देना हमारी कानूनी और संवैधानिक बाध्यता है। पिछली बार हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट के बिना भी चुनाव करवा सकते हैं। एससी-एसटी और महिलाओं का आरक्षण राज्य सरकार को ही तय करना है। इसके लिए इनको हम छह चिट्ठियां लिख चुके हैं। तीन चिट्ठी पंचायती राज और तीन स्वायत्त शासन विभाग को लिख चुके हैं। राजेश्वर सिंह ने हाईकोर्ट में कहा- उसके जवाब में इन्होंने यह अवगत करवाया कि ओबीसी कमीशन 14 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देगा और उसके बाद आरक्षण की लॉटरी निकालेंगे। वार्डों को एएसी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं के लिए आरक्षित करने का काम ये 21 अगस्त तक पूरा करेंगे। राजेश्वर सिंह ने कहा- ऐसी स्थिति में हम लोगों के लिए बड़ा मुश्किल है कि हम कैसे चुनाव की घोषणा करें? यह तय करना मुश्किल होगा। आज हम अगर चुनाव की प्रक्रिया घोषित भी कर देते हैं तो यह पता करना मुश्किल होता है कि किस कैटेगरी का व्यक्ति किस वार्ड से चुनाव लड़ेगा? सरकार रिजर्वेशन तय करके दे दे तो हम 2 दिन में चुनाव की घोषणा करने को तैयार हैं। हम ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट बिना भी चुनाव करवा सकते हैं, लेकिन एससी, एसटी, महिला आरक्षण की रिपोर्ट नहीं मिली। कोर्ट में चुनाव आयोग और सरकार का तर्क राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा- पिछली बार कोर्ट ने अपने आदेशों में कहा था कि ओबीसी कमीशन अपनी रिपोर्ट नहीं देता तो उसके बावजूद भी हम चुनाव करवा सकते हैं। केवल एससी,एसटी और महिलाओं को रिजर्वेशन देते हुए चुनाव करवा सकते हैं। लेकिन एससी, एसटी और महिलाओं का आरक्षण तय करना है, वह भी राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। चुनाव की तारीखों पर कि हमने 90 दिन का शेड्यूल चुनाव के लिए दिया। हम टाइम बढ़ाने की एप्लीकेशन दायर कर रहे राजेश्वर सिंह ने कहा- सरकार ने कहा था टाइम बढ़ाने की एप्लीकेशन दायर करने जा रहे हैं। उसमें उन्होंने बताया कि 14 अगस्त तक ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट आएगी, 21 अगस्त तक लॉटरी निकाल कर दे देंगे। लॉटरी निकलने का काम राज्य सरकार के अफसर करते हैं। चुनावों में देरी के लिए हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार 31 जुलाई तक पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनाव नहीं करवाने पर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग को फटकार लगाते हुए नाराजगी जाहिर की थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि जब हमने 31 जुलाई तक चुनाव करवाने के आदेश दिए थे तो फिर 14 अगस्त तक ओबीसी आयोग की रिपोर्ट की तारीख कहां से ले आए? 20 जुलाई को इस मामले में जब सुनवाई हो तो आरक्षण की लॉटरी की तारीख, चुनाव घोषणा की तारीख और ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट की जुलाई की तारीख चाहिए।यह अगस्त नहीं होनी चाहिए। हम 14 अगस्त तक इंतजार नहीं कर सकते। हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा था- 14 अगस्त भारत के लिए कोई अच्छा दिन नहीं है। यह तारीख कहां से आई, यह भारत के लिए बहुत बुरा दिन था। इसी दिन ब्रिटिशर्स ने भारत के दो टुकड़े किए थे। हाईकोर्ट ने देरी पर यसह भी कहा था कि अगर राज्य निर्वाचन आयोग से नहीं होत तो हम रिटायर्ड जज को नियुक्त कर देते हैं, वो चुनाव करवा देंगे। — ये खबर भी पढ़िए- हाईकोर्ट बोला- 5 दिन में पंचायत-निकाय चुनाव की तारीख बताएं:राज्य चुनाव आयुक्त से कहा- आप क्यों चाहते हैं कि हम अवमानना की कार्रवाई शुरू करें पंचायत-निकाय चुनाव नहीं कराने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी:कहा-इलेक्शन कमीशन सक्षम नहीं तो हम किसी को अपॉइंट कर देते हैं; CEC को तलब किया

नारनौल पुलिस ने 1.18 करोड़ की ठगी का आरोपी पकड़ा:अब तक 17 हो चुके गिरफ्तार; ज्यादा मुनाफे का लालच दे फंसाते थे

हरियाणा के नारनौल साइबर थाना पुलिस ने 1.18 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रतापनगर, जोधपुर निवासी दिव्यांशु के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी टेलीग्राम टास्क फ्रॉड से जुड़े साइबर अपराधियों के लिए कमीशन के आधार पर अपने बैंक खाते का इस्तेमाल करता था। जांच के दौरान पता चला कि ठगी की गई राशि में से एक लाख रुपए सीधे उसके बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। अब तक 16 आरोपी गिरफ्तार इस मामले में पुलिस पहले ही 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक कुल 17 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 20 हजार रुपए नकद, 26 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, 59 एटीएम कार्ड, 22 चेकबुक, आठ कैशबुक, 12 पासबुक, 17 सिम कार्ड सहित अन्य सामान बरामद किया जा चुका है। लिंक के जरिये टेलीग्राम ग्रुप में फंसाया मामले के अनुसार, गांव खैराना निवासी सुनील कुमार ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे टेलीग्राम पर घर बैठे ऑनलाइन काम करने का एक संदेश प्राप्त हुआ। इसके बाद एक वेब लिंक के माध्यम से उसका एक वेबसाइट पर पंजीकरण कराया गया और उसे एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया। ग्रुप में उसे प्रतिदिन कुछ ऑनलाइन टास्क पूरे करने के लिए कहा जाता था। शुरुआती दौर में टास्क पूरा करने पर उसके खाते में कुछ पैसे दिखाए गए, जिसे उसने अपने बैंक खाते में भी ट्रांसफर कर लिया। इससे उसका विश्वास बढ़ गया। ज्यादा मुनाफे का दिया लालच इसके बाद साइबर ठगों ने उसे अधिक मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाने शुरू कर दिए। शिकायतकर्ता ने अपनी जमा पूंजी के अलावा दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लेकर विभिन्न तिथियों में कुल 1,18,47,353 रुपए जमा कर दिए। हालांकि, वेबसाइट पर उसके खाते में 1,52,03,443 रुपए प्रदर्शित हो रहे थे, लेकिन उसे कोई राशि वापस नहीं मिली। उल्टा ठग लगातार उससे और पैसे जमा करवाने का दबाव बनाते रहे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की थी, जो अब भी जारी है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेंगे भारत के 125 खिलाड़ी:पिछली बार से 85 कम, सबसे ज्यादा 32 खिलाड़ी एथलेटिक्स के

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत ने अपने 125 एथलीटों के दल की घोषणा कर दी है। ESPN की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दल में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी कुल 13 खेल विधाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे। एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 32 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा बॉक्सिंग और जूडो में 14-14 और वेटलिफ्टिंग में 12 खिलाड़ी शामिल हैं। 2022 के बर्मिंघम गेम्स में भारत ने 210 एथलीट भेजे थे और 61 पदक जीते थे। इस बार क्रिकेट, बैडमिंटन, हॉकी, स्क्वॉश, टेबल टेनिस और कुश्ती जैसे खेल शामिल नहीं हैं। इसलिए खिलाड़ियों की संख्या कम हुई है। किस खेल में कौन से खिलाड़ी 3×3 बास्केटबॉल रीना रमेशचंद्र गुप्ता, इरेंगबम रितु चानू, जाधव मीनाक्षी हरिचंद्र, रायन्नावर लक्ष्मी रायप्पा (सभी खिलाड़ी विमेंस व्हीलचेयर कैटेगरी की हैं)। आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स मेंस कैटेगरी- तपन मोहंती, तपेश्वरनाथ दास, स्वातिश केपी, सत्यजीत मंडल विमेंस कैटेगरी- प्रणति नायक, निश्का अग्रवाल, ईशिता रेवाले, प्रतिष्ठा सामंता एथलेटिक्स ट्रैक मेंस कैटेगरी- गुरिंदरवीर सिंह (100 मीटर), अनिमेष कुजूर (200 मीटर), विशाल टीके (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), गुलवीर सिंह (5000 मीटर, 10,000 मीटर), तेजस शिर्से (110 मीटर हर्डल), यशस पलाक्ष (400 मीटर हर्डल), संतोष कुमार तमिलरासन (400 मीटर हर्डल) ट्रैक विमेंस कैटेगरी- रशदीप कौर (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), नीरू पाठक (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), अंसा बाबू (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), पारुल चौधरी (3000 मीटर स्टीपलचेज़, 5000 मीटर), प्रियंका गोस्वामी (10,000 मीटर वॉक), रवीना गायकवाड़ (10,000 मीटर वॉक) फील्ड मेंस कैटेगरी- देव मीणा (पोल वॉल्ट), कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), सर्वेश अनिल कुशारे (हाई जंप), आदर्श राम जे (हाई जंप), तेजस्विन शंकर (हाई जंप, डेकाथलॉन), मुरली श्रीशंकर (लॉन्ग जंप), लोकेश सत्यनाथन (लॉन्ग जंप), प्रवीण चित्रावेल (ट्रिपल जंप), सेल्वा प्रभु (ट्रिपल जंप), समरदीप सिंह गिल (शॉट पुट), तजिंदरपाल सिंह तूर (शॉट पुट), नीरज चोपड़ा (जेवलिन थ्रो), रोहित यादव (जेवलिन थ्रो), यश वीर सिंह (जेवलिन) फील्ड विमेंस कैटेगरी- पूजा सिंह (हाई जंप), मनप्रीत कौर (शॉट पुट), सीमा कालिरामना (डिस्कस थ्रो), निधि रानी (डिस्कस थ्रो) पैरा एथलेटिक्स मेंस ट्रैक- राकेशभाई भट्ट (100 मीटर T38), श्रेयांश त्रिवेदी (100 मीटर T38), मोहम्मद बासिल एम (100 मीटर T47), दिलीप महादू गावित (100 मीटर T47), रमेश शनमुगम (1500 मीटर T54) मेंस फील्ड- देवेंद्र कुमार (डिस्कस थ्रो F44), सागर थायत (डिस्कस थ्रो F44), शुभम जुयाल (शॉट पुट F57), सोमन राणा (शॉट पुट F57) विमेंस फील्ड- शर्मिला धनखड़ (शॉट पुट F57), शिल्पा के. शायला (शॉट पुट F57) लॉन बॉल्स मेंस कैटेगरी- पुतुल सोनोवाल (सिंगल्स), नवनीत सिंह (डबल्स), दिनेश कुमार (डबल्स) विमेंस कैटेगरी- नयनमोनी सैकिया (सिंगल्स), रूपा रानी तिर्की (डबल्स), पिंकी सिंह (डबल्स) बॉक्सिंग मेंस कैटेगरी- जादुमणि सिंह (55 kg), सचिन सिवाच (60 kg), आदित्य प्रताप सिंह (मेंस 65 kg), सुमित कुंडू (70 kg), अंकुश (80 kg), कपिल पोखरिया (90 kg), नरेंद्र बेरवाल (90+ kg) विमेंस कैटेगरी- साक्षी चौधरी (51 kg), प्रीति पवार (54 kg), जैस्मीन लांबोरिया (57 kg), प्रिया घंघास (60 kg), परवीन हुड्डा (65 kg), अरुंधति चौधरी (70 kg), लवलीना बोरगोहेन (75 kg) जूडो मेंस कैटेगरी- हर्ष सिंह (60 kg), रोहित बसीर माजगुल (66 kg), अरुण कुमार (73 kg), हर्ष तोकस (81 kg), करणजीत सिंह मान (90 kg), अवतार सिंह (100 kg), यश घंघास (100+ kg) विमेंस कैटेगरीः अस्मिता डे (48 kg), श्रद्धा कदाबुल चोपड़े (52 kg), यामिनी मौर्य (57 kg), उन्नति शर्मा (63 kg), इनुंगनबी ताखेल्लामबम (70 kg), इशरूप नारंग (78 kg), तुलिका मान (78+ kg) पैरा पावरलिफ्टिंग मेंस कैटेगरी- अशोक कुमार मलिक (लाइटवेट), परमजीत कुमार (लाइटवेट), सुधीर (हैवीवेट), झंडू कुमार (हैवीवेट) विमेंस कैटेगरी- सुमन देवी (लाइटवेट), जसप्रीत कौर (लाइटवेट), कस्तूरी राजामणि (हैवीवेट) तैराकी श्रीहरि नटराज (50 मीटर बैकस्ट्रोक, 100 मीटर बैकस्ट्रोक, 100 मीटर फ्रीस्टाइल, 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले), आर्यन नेहरा (400 मीटर फ्रीस्टाइल, 800 मीटर फ्रीस्टाइल, 1500 मीटर फ्रीस्टाइल, 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले), साजन प्रकाश (50 मीटर बटरफ्लाई, 200 मीटर बटरफ्लाई, 200 मीटर फ्रीस्टाइल), अनीश एस. गौड़ा (200 मीटर फ्रीस्टाइल, 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले), धक्षण शशिकुमार ((400 मीटर फ्रीस्टाइल, 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले) पैरा तैराकी रवि वीरा वेंकट बुडिगिना (50 मीटर फ्रीस्टाइल S7), अली इमाम (100 मीटर फ्रीस्टाइल S13), सुयश नारायण जाधव (50 मीटर फ्रीस्टाइल S7), चैतन्य विश्वास कुलकर्णी (200 मीटर फ्रीस्टाइल S14), स्वातिक पाटिल (50 मीटर फ्रीस्टाइल S) नोट: तेजस नंदकुमार (200 मीटर फ्रीस्टाइल S14) को टीम में शामिल किया गया था, लेकिन क्लासिफिकेशन से जुड़ी समस्या के कारण उन्हें बाहर होना पड़ा। ट्रैक साइक्लिंग रोनाल्डो सिंह लैटोंजाम (1000 मीटर टाइम ट्रायल), डेविड बेकहम एलकटोहचूंगो (पुरुष एलीट कीरिन), जेम्स सिंह कीथेल्लाक्रम (एलीट कीरिन), दिनेश कुमार (एंड्योरेंस / पर्स्यूट स्पर्धाएं), रोजित सिंह यांगलेम (पुरुष एंड्योरेंस / पर्स्यूट स्पर्धाएं), सेखों हर्षवीर सिंह (4000 मीटर टीम पर्स्यूट) पैरा ट्रैक साइक्लिंग लिशा दास (महिला पैरा ट्रैक साइक्लिंग) वेटलिफ्टिंग मेंस कैटेगरी- ऋषिकांत सिंह (60 kg), एम. राजा (65 kg), अजया बाबू (79 kg), दिलबाग सिंह (94 kg), लवप्रीत सिंह (110+ kg), विमेंस कैटेगरी- मीराबाई चानू (48 kg), ज्ञानेश्वरी यादव (53 kg), बिंद्यारानी देवी (58 kg), हरजिंदर कौर (69 kg), संजना (77 kg), सेराम निरुपमा देवी (86 kg), मार्टिना देवी (86+ kg)