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NEET में दिवाकर पुरोहित की ऑल इंडिया 868वीं रैंक:क्षिरिन और पार्थ का भी चयन, पहली बार में मिलेगा सरकारी मेडिकल कॉलेज

NEET UG का रिजल्ट जारी हो गया है। बीकानेर के दिवाकर पुरोहित ने ऑल इंडिया में 868वीं रैंक हासिल की है। पहली ही बार में गृह जिले का मेडिकल कॉलेज मिल सकता है। दिवाकर के बड़े भाई डॉ. सौरभ पुरोहित शिशु रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि भाभी डॉ. प्रिया पुरोहित आंखों की डॉक्टर है। घर में तीसरे बच्चे के डॉक्टर बनने की राह बनने पर परिजनों में खुशी का माहौल है। मेहनत और लगन से हासिल की रैंक वहीं, बीकानेर की क्षिरिन गोदारा ने भी शानदार सफलता हासिल की है। ​क्षिरिन ने ऑल इंडिया 1950वीं रैंक हासिल की है। इस रैंक के आधार पर उसे बीकानेर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट मिलने की संभावना है। मूल रूप से रासीसर गांव की रहने वाली क्षिरिन ने बीकानेर शहर में रहकर पढ़ाई की। शुरू से ही मेधावी रही क्षिरिन ने अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। क्षिरिन के पिता श्रीकृष्ण गोदारा ने बताया- उनकी बेटी नियमित रूप से पूरे दिन पढ़ाई करती थी। कठिन परिश्रम, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के कारण ही उसे यह सफलता मिली है। 12वीं में 97.50% हासिल किए क्षिरिन की शैक्षणिक उपलब्धियां भी लगातार उत्कृष्ट रही हैं। उसने 12वीं कक्षा में 97.50 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। अब NEET में शानदार रैंक मिलने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है और परिजन ने बधाइयां दे रहे हैं। परिवार को उम्मीद है कि इस रैंक के आधार पर क्षिरिन को सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर में प्रवेश मिल जाएगा और वह डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा करेगी। केमेस्ट्री लेक्चरर संजय आचार्य के बेटे पार्थ का चयन बीकानेर में केमेस्ट्री लेक्चरर के रूप में विख्यात संजय आचार्य के बेटे पार्थ आचार्य का भी चयन नीट में हो गया है। पार्थ अपनी मेरिट के आधार पर सरकारी मेडिकल कॉलेज में चयनित होगा। इससे पहले पार्थ की बहनें महिमा और श्रृष्टि आचार्य भी डॉक्टर है। श्रृष्टि इन दिनों एमबीबीएस फाइनल में है, जबकि एक अन्य बहन प्रियल आचार्य लॉ में ग्रेजुएशन कर रही है। पार्थ की मां कुसुम आचार्य निजी स्कूल संचालित करते हैं। नोखा की माधुरी पारीक पुत्री महावीर पारीक का चयन नीट परीक्षा 2026 में हुआ। उसकी 14 हजार 7 मेरिट है। इसी आधार पर माधुरी को सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल जाएगा।
माधुरी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया जिनका सपना था कि उनकी बेटी डॉक्टर बने और समाज सेवा के क्षेत्र में जाए। नौरंगदेसर की तीन बेटियों का चयन, दो सगी बहनें बीकानेर के नौरंगदेसर की तीन बेटियों का चयन हुआ है। इसमें वंदना कूकणा, रेणुका कूकणा और अंकिता कूकणा का चयन हुआ है। रेणुका की मेरिट 3235 और अंकिता की 10094 मेरिट है। रेणुका और अंकिता दोनों सगी बहने हैं और पिता जेठाराम कूकणा की बेटियां है। जेठाराम स्वयं खेतीबाड़ी करते हैं। वंदना की मेरिट 8912 है। उसके पिता दशरथ कूकणा कांट्रेक्टर हैं। दशरथ बताते हैं कि उनकी बड़ी बेटी तमन्ना चौधरी भी डॉक्टर बन रही है। वो नागपुर के पास चंद्रपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में है। बीकानेर संभाग के चूरू में रहने वाले गजानंद चोटिया का भी चयन हो गया है। उसकी मेरिट 594 है और उसकी ऑल इंडिया मेरिट 12 हजार 138 मेरिट है। बीकानेर की विष्णु पूनिया का चयन भी नीट में हो गया है। विष्णु ऑल इंडिया रेंक 2463 है। विष्णु ने 638 अंक हासिल किए हैं। बीकानेर की प्रीति बिश्नोई का भी नीट में चयन हो गया है। प्रीति की ऑल इंडिया रेंक 13 हजार 141 है। उसे बीकानेर के ही मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिलने की उम्मीद है। प्रीति के पिता हनुमानाराम बिश्नोई उसकी सफलता से प्रफुल्लित हैं। बीकानेर के सीनियर डॉक्टर जगदीश कूकणा के परिवार से दो युवाओं का चयन हो गया है। नीट में मुरलीधर और महावीर कूकणा का चयन हुआ है। दोनों बच्चों की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। दो भाई, दोनों का मेडिकल में चयन बीकानेर विजय कुमार शर्मा के बेटे केशव शर्मा का चयन नीट में हुआ है। केशव की ऑल इंडिया रैंक 1468 है। इससे पहले केशव के बड़े भाई कान्हा शर्मा का भी सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में ही चयन हो चुका है। दोनों भाई एक ही मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करेंगे। मोहम्मद वासिल का भी चयन बीकानेर के मोहम्मद उमर के बेटे मोहम्मद वासिल का चयन भी नीट में हुआ है। वासिल ने 607 अंक हासिल किए हैं। उसकी ऑल इंडिया मेरिट 8067 है। ऐसे में बीकानेर का सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज भी मिल सकता है। श्रीडूंगरगढ़ के लोडेरा गांव के वासुदेव गोदारा का चयन नीट में हो गया है। वासुदेव की ऑल इंडिया रैंक 2175 है। वासुदेव ने बारहवीं में भी 96 परसेंट मार्क्स लिए थे। बिना ट्यूशन और कोचिंग के सफलता हिम्मटसर गांव में रहने वाले राजदीप गोयल पुत्र बाबूलाल गोयल का भी NEET UG के माध्यम से MBBS में चयन हुआ है। यह उपलब्धि उनकी बिना कोचिंग, फ्री की यूट्यूब पर पढ़ाई करके सफल हुए। ऑल इंडिया रैंक 9689 है। इस नंबर पर डिटेल भेजें अगर बीकानेर के किसी भी स्टूडेंट का नीट में चयन हुआ है तो हमें 9829286895 नंबर पर डिटेल भेजें, जिसमें स्टूडेंट का नाम, मेरिट नंबर और फोटो दें।

बांसवाड़ा में डिलीवरी के बाद महिला की मौत:परिजन बोले- हॉस्पिटल में दर्द से तड़पती रही, स्टाफ सोता रहा, बुलाने पर भी नहीं उठे

बांसवाड़ा में डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने पर एक प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों ने समय पर इलाज नहीं किया, बुलाने पर भी स्टाफ नहीं उठा। हालत गंभीर होने के बाद रेफर कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। परिजन प्रसूता को एम्बुलेंस से बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतका की पहली संतान की डिलीवरी हुई थी और उसकी शादी करीब एक साल पहले हुई थी। मामला आनंदपुरी थाना क्षेत्र स्थित गांगड़तलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का है। घटना गुरुवार रात डिलीवरी के बाद हुई। पढ़िए… सिलसिलेवार घटनाक्रम डिलीवरी के बाद बिगड़ने लगी हालत जानकारी के अनुसार, आनंदपुरी थाना क्षेत्र के तेजपुरा में रहने वाली सरला (23) पत्नी रमेश की एक साल पहले शादी थी। लेबर होने के बाद गुरुवार शाम करीब 6 बजे प्रसव के लिए गांगड़तलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कराया गया था। रात करीब 12 बजे उसकी पहली डिलीवरी हुई, लेकिन कुछ घंटों बाद ही उसका ब्लड प्रेशर तेजी से गिरने लगा और तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप- बुलाने पर भी नहीं उठा ड्यूटी स्टाफ देवर विनेश कुमार मईड़ा के अनुसार, रात में जब सरला की हालत खराब हुई तो वे वार्ड में ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ को बुलाने गए, लेकिन स्टाफ गहरी नींद में सो रहा था। उनका कहना है कि कई बार आवाज लगाने और जगाने की कोशिश के बावजूद कोई समय पर नहीं उठा। आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण प्रसूता पूरी रात दर्द से तड़पती रही और समय पर इलाज नहीं मिल सका। सुबह हालत नाजुक हुई तो जिला अस्पताल किया रेफर परिजनों के मुताबिक, सुबह करीब 6 बजे सरला की हालत ब्लड प्रेशर लगातार कम होने से बेहद गंभीर हो गई। इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने उसे तत्काल बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते इलाज किया जाता या पहले रेफर कर दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। रास्ते में हुई मौत, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित रेफर होने के बाद परिजन सरला को एम्बुलेंस से बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। एमजी अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप मृतका के ससुर प्रभु और देवर दिनेश कुमार मईड़ा ने स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ड्यूटी स्टाफ समय पर उठकर इलाज करता या समय रहते रेफर करता, तो सरला की जान बचाई जा सकती थी। — प्रसूता की मौत से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें … चार प्रसूताओं की मौत, मंत्री बोले-2 पहले से थीं क्रिटिकल:एनीमिया-हाई बीपी बन रही वजह; रिपोर्ट में लिखा-महिलाओं की हार्ट-किडनी फेल हुई बांसवाड़ा जिला हॉस्पिटल में पहुंचे चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने माना कि चार में दो महिलाओं की मौत प्रसव के दौरान हुई है। पूरी खबर पढ़िए

सोना आज ₹415 सस्ता हुआ, इस हफ्ते ₹2,104 गिरा:चांदी ₹797 गिरी, सात दिन में ₹3,753 की गिरावट; जानें अपने शहर के दाम

सोने-चांदी की कीमतों में 17 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 415 रुपए गिरकर 1,41,264 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 16 जुलाई को यह 1,41,679 लाख पर था। वहीं, एक किलो चांदी 797 रुपए घटकर 2,16,637 रुपए पर आ गई है, जो गुरुवार को 2,17,434 लाख रुपए पर थी। सोना के दाम इस हफ्ते 2,104 रुपए और चांदी के दाम 3,753 रुपए गिरे हैं। 10 जुलाई को सोना ₹1,43,368 10 ग्राम और चांदी ₹2,20,390 किलो थी। ऑल टाइम हाई से 1.69 लाख रुपए गिरी चांदी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 34,857 रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 169 दिन में चांदी 1,69,296 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें…

डीपसीक के सीईओ बने सबसे अमीर एआई स्टार्टअप फाउंडर:8वीं में कॉलेज मैथ्स सुलझाने वाले लियांग अब 3.47 लाख करोड़ के मालिक हैं

चीन की एआई कंपनी डीपसीक के संस्थापक और सीईओ लियांग वेनफेंग (41) दुनिया के सबसे अमीर एआई स्टार्टअप फाउंडर बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, कंपनी के नए फंडिंग राउंड के बाद उनकी नेटवर्थ करीब 3.47 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई है, जो पहले 1.61 लाख करोड़ रुपए थी। इस बढ़ोतरी के साथ वे ओपनएआई के को-फाउंडर ग्रैग ब्रोकमैन और एंथ्रोपिक के फाउंडर व सीईओ डारियो अमोदेई से आगे निकल गए हैं। पढ़िए लियांग के जीवन से जुड़े किस्से… लगन- एआई मॉडल में इतना डूबे कि अधूरे घर में टेंट लगाकर रहने लगे थे लियांग हर मशीन को समझने की जिद लियांग बचपन से जिज्ञासु थे। स्कूल में जो भी कंप्यूटर या इलेक्ट्रॉनिक मशीन हाथ लगती, उसे खोलकर ठीक करने लगते। कई बार पुर्जे निकालने और उसे ठीक करने के चक्कर में घरवालों और शिक्षकों की डांट भी खाई, लेकिन आदत नहीं बदली। यही जिद आगे एआई चिप बनाने में उनके काम आई। स्कूल में बन गए मैथ जीनियस वे आठवीं में ही कॉलेज स्तर का गणित पढ़ने लगे। एक बार शिक्षक ने कॉलेज लेवल का सवाल देकर परखा, लेकिन लियांग ने कुछ मिनटों में उसका हल निकाल दिया। इसके बाद उन्हें स्कूल में ‘मैथ जीनियस’ कहा जाने लगा। इसमें माता-पिता का काफी रोल है। पेशे से शिक्षक लियांग के माता-पिता ने कभी बेटे के रिजल्ट या रैंक पर ज्यादा जोर नहीं दिया। वे बस यही पूछते ‘आज क्या नया सीखा?’ या ‘कौन-सी नई समस्या हल की?’ वे जवाब याद करने से ज्यादा सवालों के हल खोजते थे। चिप्स पर लगाया दांव 2019 में जब कंपनियां एआई को गंभीरता से नहीं ले रही थीं, तब लियांग ने एआई मॉडल बनाने के लिए 10 हजार चिप खरीदी। लोगों ने इसे मूर्ख व फिजूलखर्ची बताया। लियांग ने कहा, ‘एआई के दौर में चिप्स नहीं मिलेंगी।’ बाद में लोगों को यह बात समझ आई। एआई मॉडल में इतना डूबे कि अधूरे घर में टेंट लगाकर रहते थे इंजीनियरिंग में मास्टर्स लियांग काम को लेकर इतने जुनूनी थे कि नया घर खरीदने के बाद भी उसे पूरा नहीं कराया। उनका पूरा ध्यान कोड और एआई मॉडल बनाने पर था। रहने के लिए उन्होंने अधूरे मकान के अंदर ही एक टेंट लगा लिया और वहीं रातें बिताने लगे। कुछ साल बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। 2025 में डीपसीक की सफलता के बाद चीनी नववर्ष पर उनके गांव मिलिलिंग में स्वागत के पोस्टर लग गए। तब लियांग नहीं मिले तो लोग उनके दादा के साथ ही फोटो खिंचवाकर लौट जाते।

मुंडावर विधायक बोले-दलालों की SDM से 100 प्रतिशत सेटिंग:काम के लिए अधिकारियों का पैसा तय; बैठक में कुर्सी बांधकर और चक्की लेकर पहुंचे पार्षद

अलवर जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में आज मुंडावर विधायक ललित यादव ने अधिकारियों और एसडीएम सृष्टि जैन पर जमकर आरोप लगाए। विधायक ने कहा- एसडीएम के ऑफिस जाओगे तो वहां खुलेआम दलाल बैठे हैं। दलाल दलाली का काम करते हैं। पैसा देते हैं तो काम होता है। इन दलालों की एसडीएम से 100 प्रतिशत सेटिंग है। ऊपर से नीचे तक पूरी सेटिंग है। वहीं कांग्रेस के जिला पार्षद जगदीश जाटव बाइक के पीछे रस्सी से अपनी कुर्सी बांधकर बैठक में पहुंचे। निर्दलीय पार्षद और कांग्रेस समर्थित संदीप फौलादपुरिया पत्थर की बनी चक्की लेकर पहुंचे। दोनों पार्षदों ने इस तरह सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बताया। एसडीएम ऑफिस में खुलेआम चल रहा दलाली का खेल मुंडावर विधायक ललित यादव भी जिला परिषद की बैठक में पहुंचे। बैठक खत्म होने के बाद विधायक ने अधिकारियों पर जमकर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा- बहुत सारे अधिकारियों ने यह तय कर रखा है कि इस काम का इतना पैसा लेंगे। जो अधिकारी पैसा नहीं लेते और ईमानदारी से काम करते हैं, उन्हें हटाने का काम किया जाता है। मेरे यहां से भी तहसीलदार समेत कई अधिकारियों को हटा दिया गया। मुंडावर एसडीएम सृष्टि जैन पर आरोप लगाते हुए विधायक ने कहा- एसडीएम के ऑफिस जाओगे तो वहां खुलेआम दलाल बैठे हैं। दलाल दलाली का काम करते हैं। पैसा देते हैं तो काम होता है। इन दलालों की एसडीएम से 100 प्रतिशत सेटिंग है। ऊपर से नीचे तक पूरी सेटिंग है। मुंडावर विधायक ने कहा- वहां एक प्रधान पति भी हैं, जो कह देते हैं, वही काम करती हैं और वे धड़ल्ले से काम कर रहे हैं। मेरी एक बात समझ नहीं आई कि एसडीएम पर कितना दबाव है कि वह एक वाया चैनल हैं। पूर्व विधायक का संपर्क प्रधान से है, प्रधान का संपर्क एसडीएम से है और एसडीएम का संपर्क जनता से है। वह जनता की गाढ़ी कमाई लूटने का काम करती हैं। वह प्रधान पति को माल देती हैं और वह ऊपर पहुंचाने का काम करता है। इस तरह यह पूरा भ्रष्टाचार का चक्र चल रहा है। जाटव बोले- कांग्रेस की सरकार में टीकाराम जूली होंगे मुख्यमंत्री बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के करीबी माने जाने वाले जिला पार्षद जगदीश जाटव कुर्सी लेकर बैठक में पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में हुई जिला प्रशासन की बैठक में जिला प्रमुख के लिए कुर्सी तक नहीं लगाई गई थी। उस दौरान कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने कहा था कि जिनके नाम की नेम प्लेट के सामने कुर्सी नहीं है, वे बाहर जा सकते हैं। जबकि भाजपा जिला अध्यक्षों के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। जाटव ने कहा- जब जिले के प्रथम नागरिक के लिए वहां कुर्सी नहीं लगाई गई, तो उन्हें आशंका थी कि जिला परिषद की बैठक में भी उनके लिए कुर्सी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार नहीं, बल्कि “सर्कस” चल रहा है। सरकार जनप्रतिनिधियों को दबाव में रखना चाहती है। जाटव ने टेबल बजाते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं। दो साल बाद कांग्रेस की सरकार बनेगी और टीकाराम जूली मुख्यमंत्री होंगे। जो अधिकारी सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं, उनका भी इलाज किया जाएगा। मंत्री उद्घाटन के बजाय लोगों की सुविधाओं पर दें ध्यान जिला पार्षद संदीप फौलादपुरिया पत्थर की चक्की लेकर बैठक में पहुंचे। उन्होंने कहा- कुछ दिन पहले शाहजहांपुर में चक्की का उद्घाटन किया गया था, लेकिन इससे लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मंत्री को उद्घाटन के बजाय क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए था। शाहजहांपुर हॉस्पिटल में आज भी लैब, ट्रॉमा सेंटर और जनरेटर जैसी सुविधाएं नहीं हैं। कस्बे में नगरपालिका, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी, यूआईटी और वन विभाग के कार्यालय भी नहीं हैं। किसान आंदोलन के दौरान टूटी सड़कें पिछले पांच सालों से नहीं बन सकी हैं। वहीं सीमावर्ती गांव पलावा, बीजवाड़ और दाधिया में पुलिस चौकी की भी मांग लंबे समय से लंबित है।

वर्कशॉप में करंट से कर्मचारी की मौत, परिजनों का प्रदर्शन:मुआवजे की मांग पर अड़े, 20 घंटे बाद बनी सहमति

दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे स्थित मारुति नेक्सा वर्कशॉप में करंट लगने से हुई कर्मचारी की मौत के मामले में आखिरकार 20 घंटे के लंबे गतिरोध के बाद सहमति बन गई है। इस दुखद हादसे के बाद मृतक के परिजनों और कंपनी प्रबंधन के बीच चले आ रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया है। मामला कोटपूतली के मारुति नेक्सा वर्कशॉप पर गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे का है। काम करते समय कर्मचारी मोहर सिंह मीणा (32) की मौत हो गई थी। लिखित आश्वासन के बाद बनी सहमति
घटना के बाद से ही आक्रोशित परिजन और ग्रामीण वर्कशॉप के बाहर धरने पर बैठ गए थे। परिजनों की मांग थी कि कंपनी मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दे और उनके भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाए। करीब 20 घंटे तक चले संघर्ष के बाद कंपनी के उच्च अधिकारियों ने परिजनों की सभी मांगों पर सहमति जताते हुए उचित मुआवजा देने और परिवार के भरण-पोषण के लिए लिखित में आश्वासन दिया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
सहमति बनने के बाद पुलिस ने मृतक के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। इसके पश्चात परिजनों ने मृतक का अंतिम संस्कार किया। गौरतलब है कि वर्कशॉप में कार्यरत युवक की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना से गुस्साए परिजन और ग्रामीण न्याय की मांग को लेकर पिछले 20 घंटों से वर्कशॉप के बाहर धरने पर बैठे थे। इस दौरान वे भूखे-प्यासे रहकर अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। प्रशासन और पुलिस की समझाइश और कंपनी प्रबंधन के लिखित आश्वासन के बाद ही वे शव लेने को तैयार हुए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में शांति है और पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। कंपनी में गाड़ियों की सफाई करता था
मोहर सिंह कोटपूतली में NEXA कंपनी में कंपनी में गाड़ियों की सफाई करने का काम करता था। गुरुवार दोपहर तीन बजे कंपनी में काम करते समय मोहर सिंह मीणा (32) करंट की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल जिला राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर्स ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्टार्टर में आ रहा था करंट
मोहर सिंह के साथ काम करने वाले अजय कुमार मीणा ने बताया- काफी दिनों से पानी की मोटर के स्टार्टर में करंट आ रहा था बार-बार मैनेजर संतोष कुमार को अवगत कराने के बाद भी उसको सही नहीं करवाया। इस घटना के बाद मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और मुआवजे की मांग को लेकर परिजन राजकीय बीडीएम अस्पताल में प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। तीन बार हुई वार्ता विफल रही
मामले को सुलझाने के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन द्वारा परिजनों के साथ अब तक दो से तीन बार वार्ता की जा चुकी है, लेकिन सभी प्रयास विफल रहे हैं। मृतक के परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस और कंपनी के कर्मचारियों ने परिजनों को समझाने और शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया। पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना भी मौके पर पहुंचे और कंपनी कर्मचारियों से उचित मुआवजे की मांग की, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी समझौता नहीं हो पाया था। मोहर सिंह मीणा कोटपूतली के वार्ड 32 बूचाहेड़ा मोहल्ले में रहता था और परिवार में इकलौता कमाने वाला था। मोहर के दो बेटियां और एक बेटा है।

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान पहली बार मिस वर्ल्ड में हिस्सा लेगा; 24 वर्षीय अनीका जमाल इकबाल रिप्रेजेंट करेंगी

पाकिस्तान पहली बार मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में आधिकारिक तौर पर हिस्सा लेने जा रहा है। 24 साल की अनीका जमाल इकबाल को मिस वर्ल्ड पाकिस्तान 2026 का ताज पहनाया गया है। वह मिस वर्ल्ड के 73 साल के इतिहास में पाकिस्तान का पहला आधिकारिक प्रतिनिधित्व करेंगी। अनीका फिलहाल अकाउंटिंग और ऑडिटिंग में मास्टर्स कर रही हैं। वह इससे पहले मिस अर्थ, मिस ग्लोबल, मिस कॉस्मो, मिस इको इंटरनेशनल और मिस ऑरा इंटरनेशनल जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी पेजेंट में पाकिस्तान को रिप्रेजेंट कर चुकी हैं। मिस पाकिस्तान वर्ल्ड संगठन की अध्यक्ष सोनिया अहमद ने इसे पाकिस्तान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। 2002 में बना यह संगठन पिछले दो दशक से अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी प्रतियोगिताओं के लिए पाकिस्तानी प्रतिभागियों को तैयार कर रहा है। हालांकि मिस वर्ल्ड में यह पाकिस्तान की पहली आधिकारिक एंट्री होगी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… एंडी बर्नहम बने लेबर पार्टी के नए नेता, सोमवार को PM पद की शपथ लेंगे एंडी बर्नहम को शुक्रवार को ब्रिटेन की सत्ताधारी लेबर पार्टी का नया नेता चुन लिया गया है। 56 वर्षीय बर्नहम अगले हफ्ते 10 डाउनिंग स्ट्रीट में प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे। बर्नहम पिछले महीने कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद नेतृत्व की दौड़ में एकमात्र उम्मीदवार थे। सोमवार को किंग चार्ल्स तृतीय उन्हें नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे, जिसके बाद स्टार्मर औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंपेंगे। बर्नहम ब्रिटेन के एक दशक में सातवें प्रधानमंत्री होंगे। अपने पहले भाषण में बर्नहम ने कहा कि यह लेबर पार्टी के लिए बदलाव लाने का आखिरी मौका है। उन्होंने कहा, “मैं नेतृत्व के लिए तैयार हूं।” उन्होंने स्टार्मर के काम की सराहना करते हुए कहा कि वह एक ऐसी नई राह पर चलेंगे, जिसमें राजनीतिक माहौल कम जहरीला होगा और वेस्टमिंस्टर की केंद्रीय शक्ति कम होगी। चीन के चोंगकिंग में भूस्खलन से कई मकान ढहे; कई लोगों के मलबे में दबने की आशंका दक्षिण-पश्चिम चीन के चोंगकिंग शहर के पेंगशुई काउंटी में शुक्रवार सुबह हुए भूस्खलन से कई रिहायशी मकान ढह गए। हादसा उस समय हुआ, जब प्रशासन पहाड़ी से पत्थर गिरने की चेतावनी के बाद 60 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का अभियान चला रहा था। इसी दौरान सुबह 9:08 बजे बड़ा भूस्खलन हुआ और कई लोग मलबे में दब गए। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, अब तक 9 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। हालांकि, मलबे में फंसे लोगों की संख्या का सत्यापन अभी जारी है। सरकारी प्रसारक CCTV के मुताबिक, सुबह करीब 8 बजे एक सामुदायिक कर्मचारी ने पहाड़ी से पत्थर गिरते देख प्रशासन को सूचना दी थी। चेतावनी जारी होने के बाद निकासी अभियान शुरू किया गया, लेकिन उसके करीब एक घंटे बाद ही भूस्खलन हो गया। जापान के पूर्व मंत्री बोले- भारत के रवैये से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट लेट हुआ; वादे नहीं निभाए, बार-बार फैसला बदला भारत-जापान के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व मंत्री हिदेकी माकिहारा ने भारतीय पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। X पर की गई पोस्ट में उन्होंने लिखा कि प्रोजेक्ट के लेट होने की सबसे बड़ी वजह भारत का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वे खुद इस प्रोजेक्ट से जुड़े रहे हैं। उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए वादे पूरे नहीं किए। समझौते किए, फिर उनसे पीछे हट गया। आखिरी समय तक अपने हिसाब से शर्तें बदलता रहा। उन्होंने यह भी लिखा कि इसी वजह से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। माकिहारा के मुताबिक, जापानी टीम ने पूरी मेहनत से काम किया, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। पूर्व मंत्री ने अपनी पोस्ट में टॉयो केइजाई ऑनलाइन की एक रिपोर्ट भी शेयर की। इसमें दावा किया गया है कि बुलेट ट्रेन के सबसे अहम सेफ्टी सिस्टम (सिग्नलिंग सिस्टम) में जापान को शामिल नहीं किया गया। हालांकि, ये आरोप हिदेकी माकिहारा की X पोस्ट और उनके साझा किए गए लेख पर आधारित हैं। भारत सरकार या मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पूरी खबर पढ़ें चीन ने ब्रेन-चिप तकनीक में मारी बाजी: पहली कॉमर्शियल चिप का सफल प्रत्यारोपण चीन ने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) तकनीक में अहम उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार व्यावसायिक रूप से स्वीकृत ब्रेन चिप का सफल प्रत्यारोपण किया है। शंघाई में सोमवार को हुई सर्जरी में NEO नाम की चिप एक ऐसे मरीज के मस्तिष्क की सतह पर लगाई गई, जिसकी 10 वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में स्पाइनल कॉर्ड को गंभीर चोट लगी थी और लंबे इलाज के बावजूद उसके हाथों की कार्यक्षमता पूरी तरह वापस नहीं आ सकी थी। सर्जरी के दौरान सिक्के के आकार की NEO चिप को मस्तिष्क की सतह पर स्थापित किया गया। यह चिप मस्तिष्क के संकेतों को पढ़कर कंप्यूटर तक भेजती है। कंप्यूटर इन संकेतों को कमांड में बदलकर रोबोटिक ग्लव संचालित करता है, जिससे मरीज हाथों की गतिविधियां करने में सक्षम हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन सफल रहा और मरीज की हालत स्थिर है। चिप ने स्थिर और उच्च गुणवत्ता वाले ब्रेन सिग्नल रिकॉर्ड किए हैं। NEO चिप को चीन की मेडिकल रेगुलेटरी अथॉरिटी ने मार्च में मंजूरी दी थी। इसके साथ ही यह क्लिनिकल ट्रायल से आगे बढ़कर अस्पतालों में व्यावसायिक उपयोग के लिए उपलब्ध हो गई है। इस उपलब्धि के साथ चीन की स्टार्टअप Neuracle को ब्रेन-चिप के व्यावसायीकरण की दौड़ में इलॉन मस्क की न्यूरालिंक से आगे माना जा रहा है, क्योंकि न्यूरालिंक को अभी अमेरिका में पूर्ण व्यावसायिक मंजूरी नहीं मिली है। रूस का दावा- यूक्रेन के ड्रोन केंद्रों और ब्लैक सी बंदरगाहों पर किए सटीक हमले रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी सेना ने बुधवार रात यूक्रेन के ड्रोन निर्माण एवं भंडारण केंद्रों, ओडेसा और युज़नी बंदरगाहों की सैन्य अवसंरचना तथा ईंधन भंडार पर सटीक हमले किए। मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक ढांचे और सैन्य आपूर्ति श्रृंखला को नुकसान पहुंचाना था। रूसी मंत्रालय के मुताबिक, कीव में उन परिसरों को निशाना बनाया गया जहां मध्यम और लंबी दूरी के ड्रोन तथा उनके पुर्जों का निर्माण और भंडारण किया जाता था। रूस ने कहा कि ओडेसा और युज़नी बंदरगाहों पर स्थित सैन्य कार्गो और ईंधन भंडारण सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया। इसके अलावा यूक्रेनी सेना के लिए उपयोग किए जाने वाले पांच ईंधन भंडारण टैंक नष्ट करने का भी दावा किया गया है। युगांडा में स्कूल बस हादसा, 20 बच्चों समेत 21 की मौत; एजुकेशनल टूर से लौट रहे थे छात्र पूर्वी अफ्रीकी देश युगांडा में एक स्कूल बस हादसे में 20 बच्चों समेत एक शख्स की मौत हो गई। AP के मुताबिक, यह हादसा गुरुवार रात पूर्वी युगांडा के कपचोरवा जिले में हुआ। पुलिस के मुताबिक, सभी छात्र एजुकेशनल टूर के तहत सिपी फॉल्स घूमकर लौट रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद बस सड़क से उतरकर एक चट्टान से टकराई और पलट गई। हादसे में कई बच्चों समेत 3 लोग घायल भी हुए हैं। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने फिलहाल घायलों की सटीक संख्या नहीं बताई है। फ्रांस में असिस्टेड डाइंग बिल को संसद की मंजूरी: लाइलाज बीमारी से जूझ रहे वयस्कों को सख्त शर्तों पर मिलेगी अनुमति फ्रांस की नेशनल असेंबली ने असिस्टेड डाइंग (चिकित्सकीय सहायता से जीवन समाप्त करने) संबंधी विधेयक को 291-241 वोटों से अंतिम मंजूरी दे दी है। कानून लागू होने पर असाध्य और जानलेवा बीमारी से पीड़ित पात्र वयस्क मरीज डॉक्टर की निगरानी में सख्त शर्तों के तहत घातक दवा लेकर अपना जीवन समाप्त कर सकेंगे। हालांकि, कानून लागू होने से पहले इसे संवैधानिक परिषद की मंजूरी मिलना जरूरी होगा। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि उन्होंने 2022 में फ्रांसीसी जनता से किया गया वादा पूरा किया है। विधेयक के तहत केवल 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के फ्रांसीसी नागरिक या कानूनी निवासी, जो लाइलाज और जानलेवा बीमारी के अंतिम चरण में हों तथा असहनीय पीड़ा झेल रहे हों, आवेदन कर सकेंगे। मरीज का आवेदन पहले चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम जांचेगी। समीक्षा के लिए 15 दिन का समय होगा और कम से कम दो दिन की विचार-अवधि के बाद मरीज को दोबारा अपनी सहमति देनी होगी। मंजूरी मिलने पर वह घर या स्वास्थ्य केंद्र सहित अपनी पसंद की जगह पर दवा ले सकेगा। कानून में केवल मानसिक पीड़ा को पात्रता का आधार नहीं माना गया है। गंभीर मानसिक रोगों या अल्जाइमर जैसी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों से पीड़ित लोग इसके दायरे में नहीं आएंगे। पूरी प्रक्रिया का खर्च फ्रांस की राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा प्रणाली वहन करेगी।

कोटक बोले- कोहली-गंभीर दिन में 10 बार बात करते हैं:मतभेद की खबरें खारिज की, बातचीत बंद होने के दावे हुए थे

टीम इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने विराट कोहली और हेड कोच गौतम गंभीर के बीच मतभेद की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। कोटक ने कहा कि दोनों दिन में कम से कम 10 बार आपस में बातचीत करते हैं। उनके बीच बातचीत बंद होने की बात महज अफवाह है। कार्डिफ में दूसरे वनडे से पहले नेट्स के दौरान कोहली और गंभीर के बीच बातचीत नहीं दिखने के बाद दोनों के रिश्तों को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। यहां तक कि ऐसी खबरें भी सामने आईं कि दोनों में बातचीत शुरू कराने के लिए BCCI की लीडरशिप को आगे आना पड़ सकता है। कोहली ने दूसरे वनडे में फिफ्टी कोहली-गंभीर को किसी संदेशवाहक की जरूरत नहीं बैटिंग कोच कोटक ने एक सवाल पर कहा- ‘मुझे नहीं लगता कि विराट को मुख्य कोच से बात करने के लिए किसी ब्रिज की जरूरत है।’ कोटक ने आगे कहा, ‘मुझे नहीं पता ये बातें कहां से आती हैं। ये सिर्फ अफवाहें हैं।’ टाइम्स नॉउ न्यूज की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कोहली और गंभीर के बीच बातचीत नहीं हो रही है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि नेट्स के बाद कोटक ने गंभीर का मैसेज कोहली तक पहुंचाया। इसमें यह भी कहा गया था कि कोहली ने प्रैक्टिस के बाद गंभीर को नजरअंदाज किया। विराट को बिना मांगे सलाह नहीं देता कोटक ने कहा कि विराट जैसे सीनियर बैटर को बिना जरूरत सलाह देना ठीक नहीं है। उन्होंने पूर्व कोच अभिषेक नायर की बात दोहराते हुए कहा- जब तक विराट खुद कोई सुझाव नहीं मांगते या कोई बड़ी तकनीकी समस्या नजर नहीं आती, तब तक उन्हें सलाह देने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा, ‘जब विराट बल्लेबाजी करने जाते हैं तो अगर वह खुद इनपुट नहीं मांगते या कोई बड़ी तकनीकी बात नहीं होती, तो उन्हें बिना मांगी सलाह देना सही नहीं है।’ तकनीकी पर होती है चर्चा कोटक ने बताया कि जब विराट किसी खास पहलू पर चर्चा करना चाहते हैं तो वह अपनी राय जरूर देते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारी बातचीत ज्यादातर फुटवर्क और बल्लेबाजी से जुड़ी तकनीकी चीजों पर होती है। कार्डिफ में नेट्स से पहले भी उन्होंने कुछ बातें साझा की थीं और अभ्यास के बाद भी हम उसी पर चर्चा कर रहे थे।’ ——————————————– विराट कोहली से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… क्या कोहली और गंभीर के बीच बातचीत बंद है, दावा- ट्रेनिंग में दूर-दूर दिखे इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से ठीक पहले विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच अनबन की अटकलें हैं। इन अटकलों को टाइम्स नॉउ न्यूज की रिपोर्ट ने हवा दी है, जिसमें दावा किया गया है कि कोहली और गंभीर के बीच बातचीत नहीं हो रही है। भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे आज बर्मिंघम में है। पढ़ें पूरी खबर

अमेरिका को टक्कर देने आया चीन का AI मॉडल:किमी K3 में इंसानों जैसी आंखें और दिमाग; कोडिंग और रिसर्च मिनटों में करेगा

चीनी कंपनी मूनशॉट AI ने अपना नया AI मॉडल किमी K3 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स वाला दुनिया का पहला ओपन मॉडल है। इसमें 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो दी गई है। पिछले मॉडल किमी K2 की तुलना में इसकी स्केलिंग दक्षता करीब 2.5 गुना बेहतर है। इसे एक सरल उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए एआई मॉडल एक इंसानी दिमाग की तरह है, जिसे एक बहुत बड़ी परीक्षा की तैयारी करनी है। 1. पैरामीटर्स क्या हैं? पैरामीटर्स को आप एआई का ‘अनुभव’ मान सकते हैं। एक बच्चा जब बड़ा होता है, तो वह जितनी ज्यादा बातें सीखता है, उसका दिमाग उतना ही तेज चलता है। एआई की दुनिया में जिस मॉडल के पास जितने ज्यादा पैरामीटर्स होते हैं, वह उतना ही समझदार माना जाता है। 28 लाख करोड़ पैरामीटर्स होने का मतलब है कि इस मॉडल का दिमाग बेहद विशाल है और यह बहुत ही पेचीदा और मुश्किल सवालों को इंसानों की तरह समझकर हल कर सकता है। 2. 3T क्लास क्या है? यहां ‘T’ का मतलब है ट्रिलियन। चूंकि इस मॉडल में 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स हैं, जो कि 3 ट्रिलियन (3.0T) के बेहद करीब है, इसलिए इसे ‘3T क्लास’ का मॉडल कहा गया है। एआई की दुनिया में 3T क्लास में पहुंचना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इतने बड़े मॉडल अब तक सिर्फ अमेरिका की ओपन एआई जैसी चुनिंदा कंपनियों के पास ही थे। 3. 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो क्या है? कॉन्टेक्स्ट विंडो का मतलब है एआई की ‘याददाश्त’ या एक बार में पढ़ने की क्षमता। जब आप एआई से चैट करते हैं, तो वह एक बार में कितना लंबा पैराग्राफ या दस्तावेज याद रख सकता है, यही उसकी कॉन्टेक्स्ट विंडो है। उदाहरण: एक आम एआई मॉडल को अगर आप 5-10 पन्ने देंगे, तो वह उसे पढ़ लेगा, लेकिन पूरी किताब देने पर उसके हाथ-पैर फूल जाएंगे। किमी K3 की 10 लाख टोकन की क्षमता का मतलब है कि आप इसे पूरी की पूरी मोटी किताब, हजारों लाइनों का कंप्यूटर कोड या साल भर की बैंक स्टेटमेंट एक साथ दे दीजिए; यह एक सेकंड में उस पूरी जानकारी को दिमाग में रखकर आपको उसका सटीक विश्लेषण करके दे देगा। 4. स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर होने का क्या मतलब है? ‘स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर’ होने का मतलब है कि मूनशॉट कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर को इतना कुशल बना दिया है कि यह अपने पिछले मॉडल के मुकाबले ढाई गुना कम कंप्यूटर पावर और खर्चे में, उससे कहीं ज्यादा तेजी से और बड़ा काम कर सकता है। 5. ‘ओपन मॉडल’ होने का क्या फायदा है? अब तक अमेरिका की कंपनियां अपने इतने बड़े मॉडल्स को छुपाकर रखती हैं। इसे क्लोज्ड मॉडल कहते हैं। वे सिर्फ आपको इस्तेमाल करने देती हैं, लेकिन यह नहीं बतातीं कि इसे अंदर से कैसे बनाया गया है। चीन की कंपनी ने इसे ‘ओपन मॉडल’ रखा है। इसका मतलब है कि वह इस शक्तिशाली दिमाग की ‘ब्लूप्रिंट’ दुनिया भर के सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और वैज्ञानिकों के लिए मुफ्त या खुले तौर पर जारी कर देगी। इससे दुनिया का कोई भी आम इंजीनियर इस एआई को लेकर अपने हिसाब से बदल सकता है, नया ऐप बना सकता है या अपने काम में इस्तेमाल कर सकता है। मूनशॉट 27 जुलाई को ओपन करेगा अपना सीक्रेट फॉर्मूला मूनशॉट AI ने ब्लॉग में बताया कि Kimi K3 को ‘किमी डेल्टा अटेंशन’ और ‘अटेंशन रेजिड्यूल्स’ पर बनाया गया है। इसमें नेटिव विजन क्षमताएं भी हैं। यह मॉडल कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग जैसे जटिल कामों के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, इसके फुल मॉडल वेट्स 27 जुलाई तक जारी कर दिए जाएंगे। 1. ‘किमी डेल्टा अटेंशन’ और ‘अटेंशन रेजिड्यूल्स’ क्या है? उदाहरण से समझिए: जब आप कोई बहुत मोटी किताब पढ़ते हैं, तो क्या आप हर एक शब्द पर बराबर ध्यान देते हैं? नहीं। आपका दिमाग केवल मुख्य शब्दों और जरूरी लाइनों पर ‘अटेंशन’ देता है और फालतू शब्दों को छोड़ देता है। फायदा: मूनशॉट AI ने ‘किमी डेल्टा अटेंशन’ और ‘अटेंशन रेजिड्यूल्स’ नाम का जो नया फॉर्मूला बनाया है, वह इस एआई को यही सुपर पावर देता है। जब आप इसे बहुत बड़ा काम या लाखों शब्दों की फाइल देते हैं, तो यह तकनीक एआई के दिमाग को भटकने नहीं देती। यह केवल सबसे जरूरी पॉइंट पर फोकस करती है और पुरानी पढ़ी हुई बातों का ‘असर’ (रेजिड्यूल्स) दिमाग में बनाए रखती है। इससे एआई बिना थके और बिना गलती किए बहुत तेजी से काम कर लेता है। 2. ‘नेटिव विजन क्षमताएं’ क्या हैं? उदाहरण से समझिए: पहले के एआई सिर्फ टेक्स्ट समझ सकते थे। अगर आप उन्हें फोटो दिखाते, तो उन्हें पहले उस फोटो को शब्दों में बदलना पड़ता था, तब वो समझ पाते थे। लेकिन ‘नेटिव विजन’ का मतलब है कि Kimi K3 के पास देखने की क्षमता है। फायदा: आप इसे कोई फोटो, कोई पेचीदा ग्राफ, मेडिकल स्कैन (जैसे एक्स-रे या एमआरआई) या कोई वीडियो दिखाएंगे, तो यह उसे इंसानी आंखों की तरह देखकर तुरंत समझ जाएगा और उस पर आपके सवालों के जवाब दे देगा। 3. कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग का क्या मतलब है? कंपनी का कहना है कि यह मॉडल तीन बड़े काम करेगा: लॉन्ग-होराइजन कोडिंग : इसका मतलब सिर्फ छोटा-मोटा कोड लिखना नहीं है। यह सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की तरह एक साथ हजारों लाइनों का पूरा का पूरा बड़ा कंप्यूटर प्रोग्राम या ऐप खुद लिख सकता है और उसमें कमियां ढूंढकर ठीक कर सकता है। नॉलेज वर्क: यह रिसर्चर्स, वैज्ञानिकों और बड़े वकीलों की तरह काम कर सकता है। सालों पुरानी फाइलों को खंगालना, बड़े कानूनी मामलों का विश्लेषण करना या किसी विषय पर पूरी रिसर्च रिपोर्ट तैयार करना इसके लिए चुटकियों का काम है। रीजनिंग: इसका मतलब है ‘सोचने-समझने और तर्क करने की क्षमता’। यह सिर्फ रटी-रटाई बातें नहीं बताएगा, बल्कि इंसानों की तरह गणित के मुश्किल सवालों या बिजनेस की उलझनों में ‘अगर-मगर’ लगाकर सही फैसला लेने में मदद करेगा। अमेरिका के लेटेस्ट AI मॉडल्स से पीछे है Kimi K3 कंपनी ने माना कि Kimi K3 का प्रदर्शन अमेरिका के क्लॉड फेबल 5 और GPT 5.6 Sol जैसे मॉडल्स से पीछे है। हालांकि, कई बेंचमार्क टेस्ट में इसने अमेरिका के पुराने मॉडल्स को पीछे छोड़ दिया है। मूनशॉट AI को चीनी कंपनी अलीबाबा और टेनसेंट का समर्थन हासिल है। चीनी फर्मों ने 24 हजार फर्जी अकाउंट बनाकर चुराया डेटा इसी बीच, अमेरिकी कंपनियों ने चीनी फर्मों के सस्ते में मॉडल जारी करने पर चिंता जताई है। एंथ्रोपिक ने आरोप लगाया है कि डीपसीक, मूनशॉट और मिनीमैक्स ने उनके मॉडल की क्षमताओं को अवैध रूप से निकालने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाए। एंथ्रोपिक के मुताबिक, करीब 24,000 फर्जी खातों से 1.6 करोड़ बार क्लॉड का इस्तेमाल किया गया।

बैटिंग कोच बोले-लॉर्ड्स में बड़ी पारी खेल सकते हैं रोहित:सितांशु कोटक ने कहा- स्ट्रगल नहीं कर रहे; दावा था- रिटायरमेंट लेंगे

रोहित शर्मा के रिटायरमेंट की अटकलों के बीच भारतीय कोच सितांशु कोटक ने कहा- रोहित न तो दबाव में हैं और न ही स्ट्रगल कर रहे हैं। वे लॉर्ड्स में बड़ी पारी खेल सकते हैं। एक दिन पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि लॉर्ड्स वनडे रोहित शर्मा के करियर का आखिरी वनडे होगा। उसके बाद उनके रिटायरमेंट की अटकलें भी शुरू हो गईं। कोटक ने मैच के बाद कहा, ‘आज भी ऐसा लग रहा था कि रोहित बड़ी पारी खेलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। पिच पर गेंद पर असमान्य उछाल था। रोहित जिन शॉट्स को आमतौर पर आसानी से खेलते हैं, उनमें उन्हें सहज महसूस नहीं हुआ। ऐसा कई बैटर्स के साथ होता है। आप लॉर्ड्स में रोहित शर्मा की बिल्कुल अलग पारी देख सकते हैं।’ इस मसले में पूर्व क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने कहा- ‘मुझे उम्मीद है कि पूर्व कप्तान जबरदस्त वापसी करेंगे और एक शानदार शतक लगाकर आलोचकों का मुंह बंद कर देंगे। ‘स्ट्रगल’ शब्द इस्तेमाल नहीं करूंगा यशस्वी जायसवाल या ईशान किशन को वनडे टीम में मौका मिलने की संभावना पर पूछे गए सवाल पर कोटक ने कहा कि वे रोहित के लिए ‘संघर्ष’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करेंगे। कोटक ने शुभमन गिल और विराट कोहली का उदाहरण देते हुए कहा- पहले वनडे में गिल और दूसरे वनडे में कोहली को अच्छी शुरुआत मिली, जिससे वे बड़ी पारी खेल सके। लेकिन, रोहित को वैसी शुरुआत नहीं मिल सकी। इस मैच में रोहित शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। इसलिए मैं नहीं कहूंगा कि वह संघर्ष कर रहे हैं।’ कार्डिफ की पिच दूसरी पारी में आसान हुई कोटक के अनुसार कार्डिफ की पिच पहली पारी में दो गति वाली थी, जिससे बल्लेबाजी मुश्किल रही। दूसरी पारी में विकेट बेहतर हो गया और इसका फायदा जो रूट ने नाबाद 99 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर उठाया। उन्होंने कहा, ‘पहली पारी में बैक ऑफ लेंथ गेंदें रुककर आ रही थीं और ज्यादा उछाल ले रही थीं। दूसरी पारी में ऐसा नहीं था।’ —————————————————- रोहित शर्मा से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… दावा- लॉर्ड्स वनडे रोहित का आखिरी मैच हो सकता है, 2027 वर्ल्डकप प्लानिंग का हिस्सा नहीं लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच रविवार को होने वाला तीसरा वनडे मुकाबला रोहित शर्मा के इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच साबित हो सकता है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक BCCI की सिलेक्शन कमेटी ने रोहित शर्मा को साफ कर दिया है कि वे 2027 वनडे वर्ल्ड कप की प्लानिंग का हिस्सा नहीं हैं। पढ़ें पूरी खबर