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NEET रिजल्ट: किसान के बेटे की आई 11वीं रैंक:अभिलाष बाेले- कॉन्फिडेंस कभी नहीं खोना चाहिए, 18वीं रैंक अचीवर कृतिक बोले-सोशल मीडिया ऐप कभी इंस्टॉल नहीं किए

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET-2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। सीकर में कोचिंग करने वाले स्टूडेंट अभिलाष ने NEET 2026 में ऑल इंडिया लेवल पर 11वीं रैंक हासिल की है। अभिलाष के पिता जयप्रकाश एक किसान हैं। अभिलाष ने 720 में से 705 नंबर हासिल किए हैं। सीकर जिले के ग्रामीण इलाकों के बच्चों ने भी NEET रिजल्ट में बेहतरीन अंक हासिल किए हैं। 11वीं रैंक अचीवर अभिलाष का स्कोर 705, कहा- कभी भी कॉन्फिडेंस कम नहीं करना चाहिए NEET परीक्षा परिणाम में सीकर के स्टूडेंट अभिलाष ने ऑल इंडिया लेवल पर 11वीं रैंक हासिल की है। 3 मई को जो परीक्षा हुई थी उसमें अभिलाष ने 705 नंबर हासिल किए थे और इस बार भी अभिलाष ने उतना ही स्कोर किया है। अभिलाष का कहना है कि रेगुलर स्टडी और रेगुलर डाउट क्लियर होने से कोई भी प्रॉब्लम नहीं हुई। अभिलाष ने बताया कि 11वीं क्लास से सीकर में रहकर पढ़ाई शुरू कर दी थी। पिता खेती करते हैं और घर में कोई कैरियर के लिए गाइड करने वाला नहीं था। टीचर ताऊ ने कहा कि डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया। 12वीं कक्षा के साथ परीक्षा देनी थी लेकिन तब उम्र कम थी। इस बार पहले अटेम्प्ट में 3 मई को परीक्षा दी वो कैंसिल हो गई। फिर निराश हुआ तो परिवार और टीचर्स ने मोटिवेट किया। अभिलाष ने कहा कि कॉन्फिडेंस बिल्कुल भी नहीं खोया। कई बार ऐसा होता है कि स्टूडेंट को पेपर काफी हद तक इजी लगता है लेकिन कुछ क्वेश्चंस देखकर कॉन्फिडेंस खो देते हैं। ऐसे में चाहे तैयारी कैसी भी हो लेकिन कॉन्फिडेंस कम नहीं करना चाहिए।
18वीं रैंक होल्डर कृतिक बोले- सोशल मीडिया कभी नहीं चलाया सीकर में कोचिंग करने वाले और ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल करने वाले कृतिक जैन ने बताया- मैं रेगुलर 5 से 6 घंटे पढ़ाई करता था। 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा रद्द होने के बाद एक बार तो मुझे दुख हुआ, क्योंकि मैं 705 नंबर हासिल करने वाला था। लेकिन जैसे ही परीक्षा की दूसरी डेट डिक्लेअर हुई, मैंने फिर से लगातार तैयारी करना शुरू कर दिया। मैंने सोशल मीडिया से काफी दूर रहता हूं। मैंने अपने मोबाइल में स्नैपचैट या इंस्टाग्राम कभी इंस्टॉल ही नहीं किया। NCERT बुक्स को बताया सफलता की कुंजी NEET परीक्षा में सवाईमाधोपुर के रहने वाले सौरभ अग्रवाल ने ऑल इंडिया लेवल पर 87वीं रैंक हासिल की है। सौरभ के पिता संजय अग्रवाल सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। सौरभ अग्रवाल का कहा- नीट परीक्षा में इस बड़ी उपलब्धि को हासिल करने में सबसे बड़ा योगदान NCERT बेस्ड स्टडी मैटेरियल का रहा। इसके अलावा रेगुलर क्लासेज और रोजाना डाउट सॉल्यूशन से पढ़ाई और ज्यादा आसान हो गई। 11वीं क्लास से ही सीकर में रहकर अपनी तैयारी कर रहे हैं। NEET-2026 के रिजल्ट की कट-ऑफ क्वालीफाई करने वाले स्टूडेंट्स के फोटो दैनिक भास्कर ऐप पर पब्लिश किए जाएंगे। इसके लिए नाम, रैंक, पिता का नाम, मार्कशीट की फोटो और पता इस नंबर 8058948066 पर भेज सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट बोला-SIR से नाम कटने पर नागरिकता नहीं जाती:बंगाल सरकार-EC को नोटिस; योजनाओं का लाभ न रोकने वाली याचिका पर मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को वोटर लिस्ट से बाहर किए गए लोगों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि वोटर लिस्ट में से नाम हटने से किसी की नागरिकता नहीं जाती है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें मांग की गई है कि बंगाल में जिन लोगों के नाम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के कारण कट गए हैं उनको सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना बंद नहीं होना चाहिए। साथ ही नागरिकता पर अंतिम फैसला होने तक सभी सुविधाएं मिलती रहनी चाहिए। इस मामले में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने चुनाव आयोग (EC) और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग बंगाल सरकार ने योजनाओं का लाभ देने से मना किया दरअसल बंगाल सरकार ने पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत अन्नपूर्णा योजना जैसी योजनाओं का लाभ उन लोगों को देने से मना करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किए हैं जिनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। दावा किया गया कि उन लोगों को जाति सर्टिफिकेट भी नहीं दिए जा रहे हैं। बंगाल में वोटर लिस्ट से 58 लाख से ज्यादा नाम कटे पश्चिम बंगाल में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 58.20 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 7.66 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 7.08 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया। काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 58.20 लाख वोटर्स में से 24.17 लाख मृत पाए गए, 1.38 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, 32.65 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे। SIR से जुड़ा अपडेट… चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को तीन चरणों में लागू किया है। पहला फेज: सबसे पहले SIR बिहार में लागू हुआ। फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था। दूसरा फेज: उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप में दूसरे चरण का SIR हुआ।
तीसरा फेज: आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में SIR शुरू किया है। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ शामिल हैं। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… नए वोटर को देना होगा माता-पिता के SIR का ब्योरा, अभी केवल पुराने वोटर्स पर लागू था चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले नए आवेदकों के लिए भी नया नियम लागू किया है। अब फॉर्म-6 भरकर वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने वाले हर नए वोटर को अपने माता-पिता के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का ब्योरा भी देना होगा। पूरी खबर पढ़ें…

जोधपुर की नेशनल प्लेयर ने क्रेक किया नीट:नीट रद्द का सुन पढ़ाई छूट गई थी; पिता बेचते हैं दूध बेटी बनेंगी डॉक्टर

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया। 11.21 लाख स्टूडेंट मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। इसमें जोधपुर के मोहित अग्रवाल ने 335 वीं रैंक के साथ सिटी ऑप किया है। मोहित के ऑल इंडिया रैंक 335 और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में 19वीं रैंक आई है। मोहित के 720 में 677 नंबर आए हैं। मोहित के पिता का निधन 2008 में मेहरानगढ़ किले के चामूंडा माता मंदिर में हुई भगदड़ में हो गया था। पिता की मौत के 14 दिन बाद मोहित का जन्म हुआ। उनकी परवरिश उनकी माता तरुणा अग्रवाल ने की। वे सरकारी नौकरी में हैं। वहीं जोधपुर की ​डिंपल खींची ने नीट एग्जाम क्रेक कर 5 हजार 609वीं रैंक हासिल की है। इसके साथ ही हिमांशी सिंह की ऑल इंडिया रैकिंग 512 है। हिमांशी ने बताया कि उन्होंने अपनी स्टडी को कंटीन्यू रखा और लगातार रिवीजन करती रहीं। बोले-परिवार का सपना था वे डॉक्टर बने मोहित ने बताया कि जब री-नीट एग्जाम के बारे में सुना तो वे डिप्रेशन में आ गए थे। लेकिन, उन्होंने दोबारा तैयारी शुरू की और ये रैंक हासलि की। मोहित ने बताया- मेरे परिवार का भी सपना था कि मैं डॉक्टर बनें। इस रिजल्ट से उनका और परिवार का सपना पूरा हुआ है। मैं रोजाना 7-8 घंटे पढ़ाई करता था। एग्जाम के करीब आने पर रोजाना 10 से 12 घंटे तैयारी की। री नीट की जब खबर आई को उन्हें डिप्रेसिंग लगा। लेकिन फिर उन्होंने तैयारी शुरू कर दी और अच्छे मार्क्स हासिल किए। मोहित ने 12वीं के साथ पहले प्रयास में यह सफलता हासिल की है। पढ़ाई के दौरान रिलेक्स होने के लिए यूट्यूब देखते थे और परिवार के साथ समय बिताते थे। NEET 2026 के रिजल्ट की कट ऑफ क्वालीफाई करने वाले स्टूडेंट्स के फोटो दैनिक भास्कर ऐप पर पब्लिश किए जाएंगे। इस नंबर 9799081721 पर जानकारी भेज सकते हैं।

दावा- BLA ने पाकिस्तान के 45 सैनिकों को मारा:बलूचिस्तान में बस को बम से उड़ाया, बचाव में पहुंची टुकड़ी पर भी हमला

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने मस्तंग जिले में पाकिस्तान सेना के एक काफिले पर हमला किया है। इस हमले में 45 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है, जबकि दर्जनों जवान घायल हुए हैं। यह घटना गुरुवार को क्वेटा-कराची हाइवे पर खदकुचा के पास हुई। पाकिस्तान सेना ने बस काफिले पर हमले की पुष्टि की है, लेकिन हताहत हुए जवानों की संख्या पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। BLA प्रवक्ता जियांद बलूच ने बयान जारी कर बताया कि इस हमले में काफिले, सुरक्षा टीम और बाद में पहुंची सेना की टुकड़ियों को निशाना बनाया गया। BLA ने इस हमले को ‘फतह स्क्वाड’ द्वारा अंजाम दिया गया एक सुनियोजित और जबरदस्त हमला बताया है। बचाव के लिए पहुंचे सैनिकों पर भी हमला BLA का दावा है कि हमले में सैनिकों को ले जा रही बसों के काफिले को निशाना बनाया गया। इसके अलावा काफिले की सुरक्षा में तैनात सैनिकों और बाद में मौके पर पहुंची अतिरिक्त सैन्य टुकड़ी पर भी हमला किया गया। संगठन के मुताबिक, इसके बाद इलाके में काफी देर तक मुठभेड़ चली। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह हाल के वर्षों में बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर हुए सबसे घातक हमलों में से एक माना जाएगा। सीमित रास्तों का उठाता है BLA फायदा बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा, लेकिन सबसे कम आबादी वाला प्रांत है। यहां रेगिस्तान और पहाड़ों के बीच सेना की आवाजाही के लिए गिनी-चुनी मुख्य सड़कें ही हैं। ऐसे में सैनिकों के काफिलों को बार-बार उन्हीं रास्तों से गुजरना पड़ता है। इसका फायदा उठाकर उग्रवादी पहले से उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हैं और ऐसे स्थान चुनते हैं, जहां घात लगाकर हमला करना आसान हो और सेना के लिए जवाबी कार्रवाई करना मुश्किल हो। बिना बख्तरबंद बसों में सफर बना कमजोरी BLA का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना कई बार सक्रिय संघर्ष वाले इलाकों में भी सैनिकों को सामान्य यात्री बसों में ले जाती है। इन बसों में बारूदी सुरंगों या भारी गोलीबारी से बचाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा नहीं होती। यदि काफिले पर अचानक हमला हो जाए या सड़क किनारे लगाए गए विस्फोटक में धमाका हो जाए, तो ऐसे वाहनों में बैठे सैनिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यही वजह है कि शुरुआती हमले में बड़ी संख्या में हताहत होने की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय खुफिया जानकारी की कमी भी बड़ी चुनौती पाकिस्तानी सेना को बलूचिस्तान में स्थानीय स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई वर्षों से चल रहे सैन्य अभियानों और स्थानीय लोगों की नाराजगी के कारण सेना को इलाके से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल पाता। दूसरी ओर, उग्रवादी संगठनों को स्थानीय स्तर पर जानकारी मिलने का फायदा मिलता है। इससे उन्हें सेना की आवाजाही, गश्त और अभियान की पहले से जानकारी मिल जाती है। 44% भूभाग, 6% आबादी; कमाई केंद्र और चीन के पास जाने से गुस्सा बलूचिस्तान पाक का 44% भूभाग है। देश की आबादी में हिस्सेदारी 6% है। तांबा, सोना, कोयला, प्राकृतिक गैस व संसाधनों के यहां बड़े भंडार हैं। इसके बावजूद आरोप है कि इससे कमाई का बड़ा हिस्सा केंद्र, सेना व चीनी कंपनियों को मिलता है। बलूच राष्ट्रवादी संगठनों का आरोप है कि इन संसाधनों का लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा। उनका कहना है कि केंद्र सरकार क्षेत्र के संसाधनों का दोहन करती है, जबकि स्थानीय आबादी आज भी पीने के पानी, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रही है। इसी असंतोष को बलूच विद्रोह की एक बड़ी वजह माना जाता है। 2025 में हुए 254 विद्रोही हमलों में एक हजार की मौत बलूचिस्तान में विद्रोह अब छिटपुट नहीं, बल्कि सुरक्षा संकट बन गई है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज के मुताबिक 2025 में प्रांत में 254 हमले हुए। यह 2024 की तुलना में 26% अधिक थे। इन घटनाओं में 1,026 लोग मारे गए। ​ हालांकि, BLA ने अपनी रिपोर्ट में 2025 में 521 हमलों में 1,060 सुरक्षाकर्मियों के मारने का दावा किया है। हमलों के तरीके भी बदले हैं। विद्रोही अब पुलिस चौकियों, ट्रेनों, हाईवे व सैन्य काफिलों पर बड़े और संघटित हमले कर रहे हैं। वहीं, डर हमलों के चलते आधे से ज्यादा भूभाग पर पुलिस का नियंत्रण भी नहीं रहा है। यह खबर भी पढ़ें… BLA का दावा- हमले में 30 पाकिस्तानी जवान मारे:कैंप में विस्फोटकों से भरी गाड़ी से ब्लास्ट किया बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर जिले के जिवानी इलाके में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स के कैंप पर हमला किया है। BLA के मुताबिक, 3 जुलाई की शाम करीब 6:32 बजे उसके मजीद ब्रिगेड के एक हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को कैंप में घुसाकर विस्फोट कर दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

अजमेर के छोटे गांव-रसलपुरा की दो बहनें नीट में पास:श्रेया ने पहली बार में NEET की क्लियर, डेढ़ साल घर में रहकर पढ़ीं, AI की ली मदद

अजमेर के रामगंज क्षेत्र की रहने वाली श्रेया सेन ने पहली बार में NEET-UG 2026 परीक्षा पास करते हुए ऑल इंडिया 4916वीं रैंक हासिल की। श्रेया के पिता मुकेश सेन और माता सविता सेन दोनों सरकारी स्कूलों में लेक्चरर हैं। वहीं अजमेर की दो बहनों ने भी एक साथ नीट पास करते हुए सफलता हासिल की है। रसलपुरा गांव की सना फिरदौस और सादिया ने एक साथ एग्जाम पास किया। सना फिरदौस ने ऑल इंडिया 8015वीं रैंक, जबकि सादिया ने 14412वीं रैंक हासिल की। बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया था। देशभर में 11.21 लाख अभ्यर्थी मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए क्वालिफाई हुए हैं। वहीं करीब 10 लाख अभ्यर्थी 213 अंकों के कटऑफ तक भी नहीं पहुंच सके। इस बार कटऑफ में पिछले साल के मुकाबले 69 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। इसमें अजमेर के विद्यार्थियों ने भी इस बार NEET-UG में शानदार प्रदर्शन किया है। रसलपुरा की दो बहनों ने पहली बार में किया कमाल अजमेर के रसलपुरा गांव के रहने वाले किसान युसूफ खान की दोनों बेटियों सना फिरदौस और सादिया ने भी पहली ही कोशिश में NEET-UG परीक्षा पास की। दोनों बहनों ने बताया- तैयारी के दौरान हमने मोबाइल से दूरी बनाई और अधिकतर समय ऑफलाइन पढ़ाई पर ध्यान दिया। नियमित स्टडी और निरंतर अभ्यास मेरी सफलता का सबसे बड़ा मंत्र रहा। भास्कर पर प्रकाशित होंगे अजमेर के NEET टॉपर्स दैनिक भास्कर अजमेर जिले के NEET-UG 2026 के सफल छात्र-छात्राओं की उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रकाशित करेगा। जिले के सभी टॉपर्स अपनी फोटो, नाम, रैंक, स्कोर और संक्षिप्त जानकारी 9166112143 नंबर पर भेज सकते हैं। चयनित विद्यार्थियों की फोटो और सफलता की कहानी भास्कर एप पर प्रकाशित की जाएगी।

टोंक की 14 पीएम श्रीस्कूलों में शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा:559 स्कूलों में बच्चों को 15 सेक्टर और जॉब रोल्स में मिलेगी ट्रेनिंग

राजस्थान सरकार ने शिक्षा और रोजगार को जोड़ने की दिशा में नई पहल शुरू की है। सत्र 2026-27 में टोंक की 14 समेत प्रदेश की 559 पीएम श्री स्कूलों में स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ रोजगारपरक शिक्षा भी दी जाएगी। कक्षा 9 से 12 तक 15 से ज्यादा सेक्टर्स और जॉब रोल्स में ट्रेनिंग मिलेगी, जबकि कक्षा 6 से 8 के स्टूडेंट्स के लिए कौशल बोध कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने करोडों रुपए का बजट मंजूर किया है और स्कूलों से लेकर अधिकारियों तक की जिम्मेदारी तय की गई है। 15 से ज्यादा सेक्टर्स और जॉब रोल्स में मिलेगी ट्रेनिंग प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग और राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने पीएमश्री (व्यावसायिक शिक्षा) योजना के तहत सत्र 2026-27 में यह व्यवस्था शुरू की है। इसका उद्देश्य स्टूडेंट्स को स्कूल स्तर से ही रोजगार के लिए तैयार करना है। कक्षा 9 से 12 तक के स्टूडेंट्स को 15 से ज्यादा सेक्टर्स और जॉब रोल्स में ट्रेनिंग दी जाएगी। इनमें एग्रीकल्चर सेक्टर में डेयरी वर्कर और डेयरी फार्मर, ऑटोमोटिव सेक्टर में फोर व्हीलर सर्विस असिस्टेंट और टेक्नीशियन, आईटी और आईटीईएस सेक्टर में डेटा एंट्री ऑपरेटर और सीआरएम वॉयस, ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर में ब्यूटी थेरेपिस्ट तथा अन्य सेक्टर्स में फूड प्रोसेसिंग जैसे कोर्स शामिल किए गए हैं। कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए कौशल बोध कार्यक्रम इस बार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि व्यावसायिक शिक्षा केवल बड़ी कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी। कक्षा 6 से 8 तक के स्टूडेंट्स के लिए कौशल बोध कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके लिए विशेष गतिविधि पुस्तिका तैयार की गई है। इसके तहत बच्चे दैनिक जीवन से जुड़े काम, मिट्टी के बर्तन बनाना, कृषि गतिविधियां, सिलाई और स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी जानकारी सीखेंगे। कौशल भारत-कुशल भारत लक्ष्य को मिलेगा बल इस योजना का मुख्य उद्देश्य कौशल भारत-कुशल भारत के लक्ष्य को जमीन पर उतारना और शिक्षा तथा रोजगार के बीच की दूरी को कम करना है। सरकार का मानना है कि सरकारी स्कूलों से निकलने वाले स्टूडेंट्स केवल डिग्री लेकर नहीं निकलें, बल्कि उनके पास ऐसा हुनर भी हो जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। गौरतलब है कि प्रदेश में पहले से 549 पीएम श्री स्कूल संचालित हैं। इनमें टोंक जिले की 14 स्कूलें भी शामिल हैं। 2026 तक 50 प्रतिशत स्टूडेंट्स को व्यावसायिक शिक्षा देने का लक्ष्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत इस योजना का ढांचा तैयार किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2026 तक स्कूल और उच्च शिक्षा प्रणाली के माध्यम से कम से कम 50 प्रतिशत स्टूडेंट्स को व्यावसायिक शिक्षा का अनुभव दिया जाए। इसके साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सभी वर्गों के स्टूडेंट्स में ड्रॉपआउट दर कम करने और स्कूलों में उनका ठहराव बढ़ाने पर भी फोकस रहेगा। टोंक की इन 14 स्कूलों को किया गया शामिल टोंक जिले में राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल मालपुरा, राजकीय कोठीनातमाम सीनियर सेकेंडरी स्कूल टोंक, राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल टोडारायसिंह, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल दूनी, राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल अलीगढ़, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल टोरडी, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल निवाई, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल देवली, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल राहोली, राजकीय महात्मा गांधी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल गुलजार बाग टोंक, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बरवास, राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल उनियारा, महात्मा गांधी राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल अरनिया और राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल रानोली को योजना में शामिल किया गया है। सरकार ने करोडों रुपए का बजट किया मंजूर इस प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए सरकार ने बड़ा बजट मंजूर किया है। पहले से संचालित 549 पीएम श्री स्कूलों के लिए 6515.79 लाख रुपए यानी करीब 65 करोड रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं इस सत्र में शामिल की जा रही नई 10 पीएम श्री स्कूलों के लिए 110.03 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इस राशि से स्कूलों में हाईटेक लैब बनाई जाएंगी, रॉ मटेरियल खरीदा जाएगा और एक्सपर्ट्स को मानदेय दिया जाएगा। अधिकारियों और संस्था प्रधानों की जिम्मेदारी तय योजना को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए राज्य परियोजना निदेशक डॉ. रश्मि शर्मा की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। हर 30 स्कूलों पर एक स्किल नॉलेज फैसिलिटेटर तैनात किया जाएगा, जो हर तीन महीने में प्रत्येक स्कूल का कम से कम दो बार औचक निरीक्षण करेगा। यदि कोई ट्रेनर बिना सूचना अनुपस्थित रहता है या कोई स्कूल इंडस्ट्रियल विजिट नहीं करवाता है तो उसके खिलाफ पेनल्टी का प्रावधान रखा गया है। हर शनिवार स्टूडेंट्स बिना बस्ते के स्कूल आएंगे। इस दौरान उन्हें स्थानीय कारीगरों, प्रगतिशील किसानों, बैंक अधिकारियों और डॉक्टरों से मिलवाया जाएगा, ताकि वे वास्तविक जीवन के अनुभवों को समझ सकें। कक्षा 9 से 12 तक के लिए तय किया गया प्रशिक्षण समय व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा की पढ़ाई के साथ जोड़ा गया है। कक्षा 9 और 10 के स्टूडेंट्स के लिए 200 घंटे तथा कक्षा 11 और 12 के स्टूडेंट्स के लिए 300 घंटे का प्रशिक्षण समय तय किया गया है। इसके लिए स्कूल समय से पहले या बाद में तथा नो बैग डे के दौरान अतिरिक्त क्लास लगाई जाएंगी। इस विषय में कुल 100 अंक होंगे। इनमें 20 अंक स्कूल स्तर पर सतत मूल्यांकन जैसे उपस्थिति, पोर्टफोलियो और क्लास परफॉर्मेंस के आधार पर दिए जाएंगे। इसके अलावा 30 अंक की थ्योरी परीक्षा होगी और 50 अंक प्रैक्टिकल कार्य के लिए निर्धारित किए गए हैं। बोर्ड और एनएसडीसी मिलकर देंगे सर्टिफिकेट कक्षा 10वीं और 12वीं पास करने वाले स्टूडेंट्स को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएसडीसी) या सेक्टर स्किल काउंसिल की ओर से संयुक्त रूप से मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। शिक्षक संघ ने बताया फायदेमंद कदम शिक्षक संघ रेसटा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण पहल है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार इस योजना से स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ रोजगार से जुड़ा कौशल भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य साल 2026 तक कम से कम 50 प्रतिशत स्टूडेंट्स को व्यावसायिक शिक्षा का अनुभव देना है। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सभी वर्गों के स्टूडेंट्स में ड्रॉपआउट दर कम करने और स्कूलों में उनका ठहराव बढ़ाने में भी यह योजना मददगार साबित होगी।

PM के चंडीगढ़ दौरे के मोमेंट्स:मोदी की स्टेज पर कांग्रेस सांसद; उद्घाटन पत्थर पर सीएम मान का नाम; बच्चे की कैप पर ऑटोग्राफ दिया

हरियाणा के जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ और पंजाब दौरे पर पहुंचे। चंडीगढ़ में पीएम ने 4700 करोड़ रुपए के 10 प्रोजेक्ट का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसके बाद वह जालंधर पहुंच गए हैं। यहां उन्होंने देश के 75 अमृत भारत स्कीम वाले रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। उद्घाटन पत्थर पर सीएम भगवंत मान का भी नाम लिखा है। हालांकि सीएम मान रैली में नहीं आए। इस दौरान पीएम ट्रेन में प्रमुख डेरों के संतों और बच्चों से मिले। जहां एक बच्चे ने ऑटोग्राफ मांगा, तो पीएम ने बच्चे की कैप पर ऑटोग्राफ दिया। इससे पहले चंडीगढ़ पहुंचे पीएम मोदी के साथ कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी एक ही स्टेज पर दिखे। वहीं, उद्घाटन के नींव पत्थर पर AAP के सांसद का भी नाम लिखा दिखा। पीएम के आते ही राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने तस्वीर भेंट कर उनका स्वागत किया। जालंधर-चंडीगढ़ पहुंचे PM मोदी की PHOTOS… किसान नेताओं वाली हरी पगड़ी पहनकर पहुंचे मोदी रेल मंत्री के उठते ही बिट्टू PM मोदी के बगल में बैठे ट्रेन का उद्घाटन करने से पहले PM ने बच्चों से बात की बच्चे की कैप पर PM ने ऑटोग्राफ दिया ट्रेन में PM ने संत निरंजन दास से बात की संत निरंजन दास ने PM का स्वागत किया उद्घाटन पत्थर पर सीएम भगवंत मान का नाम भांगड़ा टीम ने पीएम का स्वागत किया पीएम मोदी के मंच पर सांसद भज्जी मोदी के मंच पर कांग्रेस सांसद नींव पत्थर पर AAP सांसद का भी नाम कांग्रेस सांसद का नाम नींव पत्थर पर PM को स्कूली बच्चों की बनाई पेंटिंग गिफ्ट ——————— पीएम के दौरे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें- PM बोले- चंडीगढ़ में जल्द नया मेडिकल कॉलेज बनेगा:₹4700 करोड़ के प्रोजेक्टों का उद्घाटन किया, कांग्रेस MP भी मंच पर रहे; मोदी पंजाब रवाना पीएम नरेंद्र मोदी हरियाणा के जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद चंडीगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने 10 प्रोजेक्ट का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसके बाद कहा कि चंडीगढ़ के विकास से पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब और हिमाचल का फायदा भी होता है। पूरी खबर पढ़ें… PM मोदी की पंजाब रैली के मायने: प्रोजेक्टों से 54 सीटों पर असर, ‘डबल इंजन’ नैरेटिव, दलित-किसानों पर फोकस; गठबंधन से इनकार पीएम नरेंद्र मोदी ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में विजय के लिए अपनी प्लानिंग को साफ कर दिया है। मोदी ने अपने भाषण में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस व अकाली दल सभी को जमकर लताड़ा। मोदी ने अपने भाषण से कार्यकर्ताओं और नेताओं को स्पष्ट संकेत दे दिया कि भाजपा सभी 117 सीटों पर अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। (पढ़ें पूरी खबर)

बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी- BKTC के पूर्व टेंपल अधिकारी गिरफ्तार:SIT ने चार घंटे तक की पूछताछ, CCTV में नोट-ज्वेलरी जेब में रखते दिखे

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने दूसरी गिरफ्तारी कर ली है। शुक्रवार को बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व टेंपल अधिकारी एवं तत्कालीन थाली भेंट गणना प्रभारी राजेंद्र सिंह चौहान को ज्योतिर्मठ से गिरफ्तार किया गया। चौहान 30 जून को ही अपने पद से सेवानिवृत्त हुए थे। गिरफ्तारी से पहले उनसे करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई। इससे पहले BKTC के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान मिले CCTV फुटेज, गवाहों के बयान, दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों में राजेंद्र चौहान की भूमिका सामने आई है। SIT के मुताबिक, उन्होंने प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर थाली भेंट की गणना के दौरान प्राप्त नकदी और अन्य दान सामग्री का कुछ हिस्सा अपने कब्जे में लिया। मामले में अब तक कुल तीन लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। प्रमोद नौटियाल और राजेंद्र सिंह चौहान की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दान गणना के खजांची संदेश मेहता को पद से हटाया जा चुका है। वहीं, BKTC की चार सदस्यीय जांच समिति अपनी 18 पेज की रिपोर्ट समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को सौंप चुकी है। रिपोर्ट में चढ़ावा गणना और सुरक्षा व्यवस्था में कई बड़े बदलाव सुझाए गए हैं। रिटायरमेंट के 17 दिन बाद गिरफ्तारी राजेंद्र सिंह चौहान 30 जून को BKTC में टेंपल अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। चढ़ावा मामले की जांच शुरू होने के बाद से ही वह SIT के रडार पर थे। जांच टीम ने उनसे कई दौर की पूछताछ की और शुक्रवार को एक बार फिर बद्रीनाथ थाने बुलाया। करीब चार घंटे तक चली पूछताछ के दौरान उनके बयानों का मिलान CCTV फुटेज, चढ़ावा गणना से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य कर्मचारियों के बयानों से किया गया। CCTV में नोटों की गड्डियां और आभूषण जेब में रखने का दावा पुलिस के अनुसार, मंदिर के पास ही बने थाली भेंट गणना कक्ष की CCTV फुटेज को बारीकी से देखा गया। जांच में 22 जून, 25 जून और 29 जून 2026 की फुटेज में राजेंद्र चौहान कई बार 500 रुपए के नोटों की गड्डियां, दान सामग्री और आभूषण अपनी जेब में रखते दिखाई दिए। SIT का दावा है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर उनकी भूमिका स्पष्ट हुई। इसके बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2)(क) भी जोड़ी गई और उन्हें सह-अभियुक्त बनाया गया। प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर हेराफेरी का आरोप पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि राजेंद्र चौहान और प्रमोद नौटियाल ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत थाली भेंट की गणना के दौरान प्राप्त धनराशि और अन्य दान सामग्री का कुछ हिस्सा अपने कब्जे में लिया। प्रमोद नौटियाल को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। सूत्रों के अनुसार, SIT दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर आमने-सामने पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित हेराफेरी में और कौन-कौन शामिल था। तीन और संदिग्धों से पूछताछ, बाहरी व्यक्ति भी जांच के दायरे में राजेंद्र सिंह चौहान की गिरफ्तारी के साथ ही SIT ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। टीम तीन अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ कर रही है। इनमें कुछ ऐसे लोग शामिल हैं, जो चढ़ावा गणना के दौरान किसी न किसी रूप में मौजूद थे। जांच एजेंसी उनके बयानों का मिलान उपलब्ध दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जेपी कंपनी से जुड़ा एक व्यक्ति भी SIT की जांच के दायरे में है। वह बद्रीनाथ धाम में अलकनंदा नदी का जलस्तर मापने का काम करता था और यात्रा अवधि के दौरान सेवा कार्यों में भी शामिल रहा। बताया जा रहा है कि वह 22 जून, 25 जून, 28 जून और 2 जुलाई को चढ़ावा गणना के दौरान मौजूद था। CCTV फुटेज में उसके सिक्कों की छंटाई करते हुए दिखाई देने का दावा किया गया है। अब SIT यह पता लगा रही है कि उसे चढ़ावा कक्ष में प्रवेश किस आधार पर मिला और उसकी भूमिका क्या थी। 18 पेज की रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर इस बीच, BKTC की चार सदस्यीय आंतरिक जांच समिति ने अपनी 18 पेज की रिपोर्ट समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को सौंप दी है। रिपोर्ट में चढ़ावा कक्ष की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की ड्यूटी व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, CCTV निगरानी और चढ़ावे के रखरखाव की समीक्षा की गई है। समिति ने कर्मचारियों के लिए एक समान ड्रेस कोड, अनिवार्य पहचान पत्र, चढ़ावा कक्ष में नियंत्रित प्रवेश, CCTV निगरानी मजबूत करने, ड्यूटी के स्पष्ट मानक तय करने और चढ़ावे की गणना व रखरखाव की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की सिफारिश की है। समिति का मानना है कि इन सुझावों को लागू करने से भविष्य में इस तरह की घटनाओं की आशंका कम होगी। 2 जुलाई को सामने आया था मामला 2 जुलाई को बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा गणना के दौरान कथित हेराफेरी का मामला सामने आया था। सबसे पहले भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री ने इसकी शिकायत की थी। इसके बाद BKTC ने आंतरिक जांच शुरू की, प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। बाद में पुलिस ने SIT गठित की और शासन ने भी गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई। अब तक इस मामले में कई स्तरों पर जांच जारी है और जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं।

पूर्व NSG कमांडो के घर से 1.06 करोड़ कैश मिला:जोधपुर में 6 करोड़ का मकान बना रखा; छापे में 8 किलो अफीम का दूध भी बरामद

जोधपुर पुलिस ने NSG में कमांडो रहे रतनसिंह को ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया है। बनाड़ थाना पुलिस टीम ने गुरुवार देर रात पूर्व NSG कमांडो के घर पर छापा मारा। पुलिस को देख रतनसिंह ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से 1 करोड़ 60 लाख 50 हजार रुपए की नकदी और 8 किलो अफीम का दूध भी बरामद हुआ है। पुलिस ने यह कार्रवाई जोधपुर के पॉश इलाके एकता नगर, रमजान का हत्था स्थित आरोपी के घर पर की है। आरोपी के घर की कीमत करीब 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने नकद रुपए, अफीम के दूध के साथ ही एक क्रेटा कार भी जब्त की है। फिलहाल पुलिस आरोपी से इतनी बड़ी रकम और नशे की खेप के सोर्स को लेकर पूछताछ कर रही है। 500-500 के नोटों की गड्डियां गिनने में पुलिस को हो गई सुबह
DCP ईस्ट मनीष चौधरी ने बताया- पुलिस ने नशा तस्करी के मामले में कार्रवाई करते हुए रतनसिंह पुत्र हनुमानराम सिंवर जाट को गिरफ्तार किया है। आरोपी रतनसिंह पूर्व में असम राइफल्स में जवान रह चुका है और देश के प्रतिष्ठित सुरक्षा बल NSG में कमांडो के तौर पर भी सेवाएं दे चुका है। मनीष चौधरी ने बताया- देर रात शुरू हुई पुलिस की यह कार्रवाई शुक्रवार सुबह तक जारी रही। तलाशी के दौरान आरोपी के घर से 1 करोड़ 6 लाख 50 हजार रुपए से ज्यादा नकद रुपए बरामद हुए। आरोपी के ठिकाने पर 500-500 रुपए के नोटों की इतनी गड्डियां मिली कि उन्हें गिनते-गिनते सुबह हो गई। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है कि अफीम के दूध की यह बड़ी खेप कहां से लाई गई थी। करोड़ों रुपए के इस कैश का मुख्य जरिया क्या है। — ये खबर भी पढ़िए… NSG कमांडो और दोस्तों ने 2 लोगों के हाथ-पैर काटे:शराब कारोबारी की मौत; भतीजे को लहूलुहान हालत में देखा तो चाचा बेहोश हो गए शराब कारोबारी और दो साथियों को रास्ते में घेरकर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) कमांडो और उसके दोस्तों ने हमला बोल दिया। घटना में शराब कारोबारी की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। (पूरी खबर पढ़ें)

रचित ने NEET में ऑल इंडिया 171वीं रैंक हासिल की:गुंजन को 818वीं, प्रेमशंकर को 2385वीं और आयुष को 5379वीं

धौलपुर जिले के मरैना गांव की बेटी गुंजन कुमारी ने ष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में 661 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंकिंग में 818वां स्थान प्राप्त किया है। कोडपुरा सैंपऊ गांव के किसान जगदीश बघेल के बेटे प्रेमशंकर बघेल ने 639 अंक प्राप्त कर 2385वीं रैंक हासिल की है। आयुष सिंघल ने 619 अंक प्राप्त कर 5379वीं रैंक हासिल की है।
आरएसी जवान के बेटे शिवम शर्मा ने पहले ही प्रयास में 607 अंक हासिल कर 8024वीं रैंक हासिल की है। इन सभी के परिवारों में खुशी का माहौल है। इस उपलब्धि पर परिजनों, शुभचिंतकों और शिक्षकों की बधाइयां मिल रही है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
आयुष के पिता सोहनलाल धौलपुर में निजी व्यवसाय करते हैं। आयुष ने कक्षा 12वीं कक्षा की परीक्षा में भी 93.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। आयुष ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवारजनों और गुरुजनों के मार्गदर्शन के साथ-साथ अपनी निरंतर मेहनत को दिया। उन्होंने बताया कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के कारण ही यह सफलता संभव हो पाई। शिवम शर्मा को मिली 8024वीं रैंक
धौलपुर आरएसी के जवान हरिमोहन शर्मा के पुत्र शिवम शर्मा ने अपने पहले ही प्रयास में NEET परीक्षा में 607 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 8024वीं रैंक हासिल की है। गुंजन कुमारी को 818वीं रैंक मिली
धौलपुर जिले के मरैना गांव के किसान देवी सिंह की बेटी गुंजन कुमारी ने 3 बार के प्रयास में घर से ही पढ़ाई करके 661 अंक हासिल किए। गुंजन कुमारी ने ऑल इंडिया रैंकिंग में 818वां स्थान हासिल किया है। प्रेमशंकर बघेल को 2385वीं रैंक
धौलपुर जिले के कोडपुरा सैंपऊ गांव के किसान जगदीश बघेल के बेटे प्रेमशंकर बघेल ने 1 बार के प्रयास में घर से ही पढ़ाई करके 639 अंक हासिल किए। ने ऑल इंडिया रैंकिंग में 2385वां स्थान हासिल किया है। कृष्णा लोधी को 25229वीं रैंक
धौलपुर जिले के दुल्हारा गांव के कप्तान सिंह लोधी के बेटे कृष्णा लोधी ने पहले प्रयास में कोचिंग से पढ़ाई करके 567 अंक हासिल किए। कृष्णा लोधी ने आल इंडिया रैंक में 25229वां स्थान और केटेगरी रैंक में 12107वां स्थान हासिल किया है। धर्मेंद्र लोधी ने 4295वीं रैंक हासिल की जिले के सिंगोरा का पुरा गांव के किसान विनोद कुमार के पुत्र धर्मेंद्र लोधी राजपूत ने चौथे प्रयास में कड़ी मेहनत करके 601 अंक प्राप्त किए हैं। धर्मेंद्र ने ऑल इंडिया में रैंक 9674 और ओबीसी कैटेगरी नॉन क्रीमी लेयर में 4295 रैंक प्राप्त की है, जिससे लोधी समाज में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है सभी लोग इस सफलता पर बधाइयां देने लगे हैं। युवल रचित गर्ग ने ऑल इंडिया 171वीं रैंक हासिल की धौलपुर के होनहार छात्र युवल रचित गर्ग ने NEET-2026 में ऑल इंडिया 171वीं रैंक प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया है। इस शानदार उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे धौलपुर में खुशी का माहौल है। युवल रचित गर्ग, डॉ. जे.पी. गर्ग के पौत्र एवं गौरव पथ, घंटाघर रोड, धौलपुर निवासी हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासित दिनचर्या और निरंतर अध्ययन के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। उनकी इस उपलब्धि को जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। परिजनों ने बताया कि युवल शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहे हैं और मेडिकल क्षेत्र में सेवा देने का सपना देखते रहे हैं। उनकी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास को जाता है। युवल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर शहर के गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि युवल भविष्य में एक कुशल चिकित्सक बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा करेंगे। धौलपुर परिवार की ओर से युवल रचित गर्ग एवं उनके परिवार को इस गौरवपूर्ण सफलता पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं दी। धौलपुर जिले में नीट परीक्षा में सफल हुए अन्य छात्र अपनी फोटो और जानकारी 7014901751 पर भेज सकते हैं, ताकि उन्हें भी प्रकाशित किया जा सके।