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महिलाओं-छात्राओं पर फब्तियां कस रहे 9 संदिग्ध गिरफ्तार:सागर जलाशय और मूसी महारानी की छतरी के पास नशा कर करते थे हरकत

अलवर जिले में नशा करने और महिलाओं-छात्राओं पर फब्तियां कसने के आरोप में पुलिस ने 9 संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अखैपुरा थाना पुलिस ने यह कार्रवाई सागर अपर जलाशय क्षेत्र में की। पुलिस एसपी ने बताया- जिले में नशाखोरी और महिलाओं से अभद्र व्यवहार करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान पुलिस को सागर अपर जलाशय क्षेत्र में कुछ युवकों द्वारा नशा करने और नशे की हालत में महिलाओं व छात्राओं पर अश्लील टिप्पणियां करने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर अखैपुरा थाना पुलिस ने मौके पर दबिश दी और वहां मौजूद 9 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अजय कुमार (स्कीम नंबर-10), आदित्य (बानसूर), अंकित (सांतलपुर), रोहित (शाहाबाद), ललित (स्कीम-10बी), हितेश, देवेन्द्र (दोनों दिल्ली दरवाजा बाहर), नरेन्द्र (पटेल नगर) और रजत धानका (अखैपुरा) शामिल हैं।

श्रीसांवलियाजी के भंडार से अब तक निकले 16.60 करोड़ रुपए:नोटों और सोने-चांदी की गिनती बाकी, कल भी होगी काउंटिंग

मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर के भंडार से निकली दान राशि लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार को चतुर्दशी पर खोले गए भंडार की गणना का दूसरा राउंड बुधवार को पूरा हुआ। दो राउंड की गिनती के बाद अब तक 16 करोड़ 60 लाख 83 हजार रुपए की दान राशि सामने आ चुकी है। हालांकि यह अंतिम आंकड़ा नहीं है। मंदिर प्रशासन के अनुसार अभी बड़ी मात्रा में नोटों और सिक्कों की गिनती बाकी है, जबकि सोने-चांदी के आइटम्स का वजन भी होना है। ऐसे में इस बार की कुल दान राशि में अच्छी बढ़ोतरी होना तय माना जा रहा है। दो दिन में 16 करोड़ से ज्यादा की गणना मंदिर मंडल के सदस्य पवन तिवारी ने बताया कि पहले राउंड में 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए की गिनती पूरी हुई थी। बुधवार को दूसरे राउंड में 6 करोड़ 49 लाख रुपए और गिने गए। इस तरह अब तक कुल 16 करोड़ 60 लाख 83 हजार रुपए की गणना पूरी हो चुकी है। गिनी गई राशि को उसी दिन बैंक में जमा करा दिया गया। भंडार में अभी भी बड़ी संख्या में नोट, सिक्के और श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषण मौजूद हैं। इनकी गिनती और वजन पूरा होने के बाद ही इस बार के भंडार का अंतिम आंकड़ा सामने आएगा। राजभोग आरती के बाद शुरू हुई गणना बुधवार सुबह मंदिर में राजभोग आरती के बाद भंडार की गणना शुरू की गई। मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव की मौजूदगी में शाम तक लगातार नोटों की गिनती होती रही। पूरी प्रक्रिया मंदिर प्रशासन और बैंक अधिकारियों की निगरानी में की गई, ताकि हर चरण पारदर्शी तरीके से पूरा हो। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी प्रथम शिवशंकर पारीक, प्रशासनिक अधिकारी द्वितीय राजेंद्र सिंह, मंदिर एवं संपदा प्रभारी भेरू गिरी गोस्वामी, सुरक्षा प्रभारी गुलाब सिंह, बालभोग प्रभारी भेरूलाल गुर्जर, वरिष्ठ सहायक कालूलाल तेली, गौशाला प्रभारी गंगाराम गुर्जर, सहायक सुरक्षा प्रभारी बिहारी गुर्जर सहित मंदिर मंडल और विभिन्न बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। पूजा-अर्चना और दर्शन भी चलते रहे भंडार की गणना के बीच मंदिर की नियमित धार्मिक गतिविधियां भी पहले की तरह जारी रहीं। सुबह ओसरा पुजारी ने भगवान श्री सांवलियाजी का गंगाजल से अभिषेक कराया और आकर्षक श्रृंगार किया। इसके बाद राजभोग आरती हुई। दिनभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंचते रहे। एक ओर भंडार में दान राशि की गिनती चल रही थी तो दूसरी ओर मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना का क्रम भी बिना किसी रुकावट के चलता रहा। मंदिर प्रशासन की ओर से अगले राउंड की गणना गुरुवार को की जाएगी।

जयपुर में ट्रैफिक-जाम में चौराहों पर मिलेगी वैकल्पिक-रूट की जानकारी:लाइव अनाउंसमेंट से मिलेगी रियल टाइम जानकारी; शहर में 8 जगह हुई शुरुआत

राजधानी जयपुर में अब ट्रैफिक जाम में फंसे लोगों को वैकल्पिक रूट की जानकारी मिलेगी। जाम में फंसे लोगों को शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे स्पीकरों के जरिए रियल टाइम अनाउंसमेंट से ट्रैफिक, रूट डायवर्जन, दुर्घटना और आपातकालीन स्थितियों की जानकारी दी जाएगी। लोगों को अब सोशल मीडिया या ट्रैफिक पुलिस के अपडेट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने शहर में आईपी (IP) आधारित पब्लिक एड्रेस सिस्टम की शुरुआत की है। पहले चरण में 8 स्थानों पर यह व्यवस्था शुरू हो गई है। वहीं जल्द ही इसे 24 प्रमुख स्थानों तक बढ़ाया जाएगा। पहले देखें नए सिस्टम की PHOTOS पूरे सिस्टम का संचालन अभय कमांड सेंटर से जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया- पूरे सिस्टम का संचालन अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से किया जाएगा। इससे शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगे सभी पब्लिक एड्रेस सिस्टम एक ही कंट्रोल सेंटर से संचालित होंगे। ऐसे में किसी भी स्थान पर ट्रैफिक जाम, रूट परिवर्तन, दुर्घटना, वीआईपी मूवमेंट, बारिश, जलभराव या अन्य आपातकालीन स्थिति बनने पर तुरंत संबंधित क्षेत्र में ऑडियो मैसेज दिया जा सकेगा। आपदा अलर्ट पर भी मिलेगी सूचना सिद्धार्थ महाजन ने बताया- यह सिस्टम केवल ट्रैफिक अपडेट तक सीमित नहीं रहेगा। इसके माध्यम से सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेश, आपदा प्रबंधन संबंधी अलर्ट, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न जन-जागरूकता अभियानों का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति में यह व्यवस्था लोगों तक तत्काल सूचना पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। सिद्धार्थ महाजन ने कहा- आधुनिक तकनीक के माध्यम से आमजन तक सही समय पर सटीक और विश्वसनीय सूचना पहुंचाना जेडीए की प्राथमिकता है। यह प्रणाली भविष्य में जयपुर की स्मार्ट ट्रैफिक और डिजिटल सिटी व्यवस्था का अहम हिस्सा बनेगी। जनता को बेहतर, सुरक्षित और अधिक प्रभावी शहरी सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

राजस्थान के 6 RPS बने IPS:राजेन्द्र सिंह सिसोदिया, नरपत सिंह, राम स्वरूप शर्मा, राजेन्द्र प्रसाद खोथ प्रमोट हुए

राज्य पुलिस सेवा (आरपीएस) के 6 अधिकारी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नत हो गए हैं। संघ लोक सेवा आयोग के चयन समिति की बैठक में तय चयन सूची को अनुमोदित करने के बाद आज गृह मंत्रालय ने इन 6 पुलिस अधिकारियों के नामों की अधिसूचना जारी कर दी। अधिसूचना के अनुसार 1997 बैच के आरपीएस राजेन्द्र सिंह सिसोदिया, नरपत सिंह, राम स्वरूप शर्मा, राजेन्द्र प्रसाद खोथ, धनपत राज और रेवन्त दान आईपीएस में प्रमोट हो गए हैं। 1 जनवरी 2016 तक राजस्थान में आईपीएस अधिकारियों के 8 पद खाली थे। इन्हीं रिक्तियों में से 6 पदों पर राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को प्रमोट किया गया हैं। जनवरी 2026 के आकड़ों के अनुसार राजस्थान में 214 आईपीएस कार्यरत हैं। इनमें 25 अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर हैं। दो को छोड़ सभी जयपुर में पोस्टेड आईपीएस बनने वाले अधिकारियों में से केवल 2 अधिकारी जयपुर से बाहर पोस्टेड हैं। शेष सभी अधिकारी जयपुर में ही अलग-अलग पदों पर पदस्थापित हैं। राजेन्द्र सिंह सिसोदिया, एसडीआरएफ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रामस्वरूप शर्मा, जयपुर मैट्रो में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, राजेन्द्र प्रसाद खोथ, एटीएस जयपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, धनपतराज, आरपीए में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हैं। वहीं नरपत सिंह जैतावत, सीआईडी जोधपुर और रेवंतदान, जैसलमेर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थापित हैं।

खाटूश्याम बाबा के दर्शन 19 घंटे रहेंगे बंद:रात 10 बजे से शाम 5 बजे तक नहीं खुलेंगे पट; विशेष पूजा-सेवा और तिलक-श्रृंगार होगा

खाटूश्याम बाबा का 20 जुलाई को विशेष तिलक श्रृंगार किया जाएगा। सीकर जिले में खाटूश्यामजी मंदिर में 20 जुलाई (सोमवार) को खाटूश्याम बाबा की विशेष सेवा-पूजा और तिलक-श्रृंगार के कारण मंदिर में 19 घंटे दर्शन बंद रहेंगे। 19 जुलाई को रात 10 बजे से 20 जुलाई की शाम 5 बजे तक बाबा श्याम मंदिर में पट बंद रहेंगे। श्रीश्याम मंदिर कमेटी की ओर से सार्वजनिक सूचना जारी कर इसकी जानकारी दी गई है। श्रीश्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि विशेष अनुष्ठानों के साथ बाबा श्याम की सेवा-पूजा और तिलक कार्यक्रम भव्य रूप से किया जाएगा। इस समय अवधि में भक्तों को बाबा श्याम के दर्शन नहीं होंगे। खाटूश्याम बाबा के मंदिर के पट 19 घंटे के लिए बंद रहेंगे। कमेटी ने भक्तों से अपील की है कि वे दर्शन के लिए निर्धारित समय का पालन करें, ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। बाबा श्याम के दर्शन 20 जुलाई को शाम 5 बजे के बाद दोबारा शुरू हो जाएंगे।

पीड़ित प्रतिकर योजना: 6 मामलों में 15.50 लाख मंजूर:जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लिया फैसला, 8 को मिलेगी सहायता

करौली जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की बैठक में राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत छह पीड़ितों को कुल 15.50 लाख रुपए की प्रतिकर राशि स्वीकृत की गई। वहीं, नि:शुल्क विधिक सहायता के आठ आवेदनों को मंजूरी देते हुए पात्र आवेदकों के लिए पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी ने भी लंबित मामलों और आवश्यक प्रक्रियाओं की समीक्षा की। छह मामलों पर हुआ निर्णय बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश अरुणकुमार बेरीवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना से जुड़े छह प्रकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रताप सिंह मीणा ने बताया कि समिति ने सभी मामलों का परीक्षण करने के बाद पीड़ितों के लिए कुल 15 लाख 50 हजार रुपए की प्रतिकर राशि स्वीकृत की। आठ आवेदकों को मिलेगी नि:शुल्क विधिक सहायता बैठक में नि:शुल्क विधिक सहायता के लिए प्राप्त आठ आवेदनों पर भी चर्चा हुई। सभी पात्र आवेदनों को स्वीकार करते हुए संबंधित मामलों में पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति का निर्णय लिया गया, ताकि जरूरतमंदों को न्यायिक प्रक्रिया में कानूनी सहायता मिल सके। पैनल अधिवक्ताओं की दूसरी किश्त भी स्वीकृत समिति ने ऐसे तीन मामलों की भी समीक्षा की, जिनमें पूर्व में नि:शुल्क विधिक सहायता के तहत अधिवक्ता नियुक्त किए गए थे और संबंधित प्रकरणों का निस्तारण हो चुका था। इन मामलों में पैनल अधिवक्ताओं को द्वितीय किश्त का भुगतान स्वीकृत करने का अनुमोदन किया गया। अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी की भी हुई बैठक प्राधिकरण की बैठक के बाद जिले के लिए गठित अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी की बैठक आयोजित हुई, जिसमें लंबित मामलों और आवश्यक प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई। ये रहे मौजूद बैठक में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश अश्विनी कुमार यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता भारद्वाज, जिला कारागार के उपाधीक्षक रामकिशन मीणा, बार संघ अध्यक्ष जयेन्द्र सिंह, राजकीय अधिवक्ता रितेश सारस्वत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

उदयपुर में पहली-बार जगन्नाथ रथयात्रा में निकलेगा 375 साल पुराना-रथ:शहर में निकाली जाती है देश की तीसरी बड़ी रथयात्रा; इस बार पूर्व राजपरिवार की शाही पोशाक धारण कराएंगे

उदयपुर शहर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा देश की तीसरी सबसे बड़ी और राजस्थान की सबसे बड़ी निकाली जाती है। वहीं मंदिर स्थापना के बाद इतिहास में पहली बार 375 साल पुराने ऐतिहासिक लकड़ी के रथ को भी इस यात्रा में शामिल किया जाएगा। इस पुराने लकड़ी के रथ में भगवान जुगल जोड़ी सरकार विराजमान होंगे। रजत और लकड़ी के दोनों रथों की पूजा के बाद दोपहर 3 बजे भगवान नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इससे वॉलसिटी में इस बार ऐतिहासिक जगदीश मंदिर से निकलने वाली रथयात्रा खास होगी। आषाढ़ी बीज (द्वितीया) के मौके पर गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भक्ति का अनूठा रंग देखने को मिलेगा। साथ ही एक और बड़ी परंपरा 70 साल बाद फिर से शुरू होगी। मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार की ओर से भगवान जगन्नाथ को खास शाही पोशाक धारण करवाई जाएगी। सिटी पैलेस से पारंपरिक ठाट-बाठ के साथ यह पोशाक गुरुवार शाम को मंदिर लाई गई। पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ छेरा पहरा यानी बुहारने की रस्म निभाकर रथयात्रा में महाआरती करेंगे। तीन बड़ी रथयात्राएं निकाली जाएंगी जगदीश मंदिर से घंटाघर, बड़ा बाजार, भडभुजा घाटी, भोपलवाड़ी तीज का चौक, मंडी की नाल, अस्थल मंदिर, झीणीरेत, आरएमवी चौक, कालाजी गौराजी, रंगनिवास, भट्यानी चौहट्टा से होकर जगदीश चौक पहुंचेगी। शहर के अलग-अलग हिस्सों से तीन बड़ी रथयात्राएं निकाली जाएंगी। पांच रंगों की विशेष ध्वजा होगी तैयार उपनगरीय क्षेत्र सेक्टर-7 स्थित जगन्नाथ धाम से भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। साल 2007 से शुरू हुई यात्रा में जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर पांच रंगों की विशेष ध्वजा तैयार की जाती है। रथयात्रा शुरू होने से पहले भक्त ठाकुरजी को झूला झूलाते हुए रथ तक लेकर आते हैं। इस मंदिर की अनूठी परंपरा पूरे संभाग में प्रसिद्ध है। इसी तरह आयड़ के गंगू कुंड के पास स्थित इस्कॉन मंदिर से भी भव्य संकीर्तन यात्रा निकाली जाएगी। साल 2017 से शुरू हुई इस रथयात्रा के मार्ग को अलौकिक रूप देने के लिए इस बार पुणे से विशेष श्रद्धालु आए हैं, जो पूरे रास्ते पर भव्य रंगोलियां बनाएंगे। फूलों और मोतियों से सजे रथ को खींचने के लिए आम भक्त ही वीआईपी की तरह सारी रस्में निभाते हैं। यात्रा के दौरान वृंदावन और श्रीमाधोपुर के संत मार्ग में हरिनाम संकीर्तन करेंगे। इस यात्रा में विदेशी भक्तों का उल्लास, ढोल-नगाड़ों की थाप और पहली बार शामिल हो रही धार्मिक डिजिटल झांकियां मुख्य आकर्षण होंगी। लकड़ी के रथ को पहली बार निकाला जाएगा जगदीश मंदिर से निकलने वाली रथयात्रा में इस बार इतिहास दोहराया जा रहा है। मंदिर स्थापना के बाद इतिहास में पहली बार 375 साल पुराने ऐतिहासिक लकड़ी के रथ को नगर भ्रमण के लिए यात्रा में शामिल किया जा रहा है। इस पर भगवान जुगल जोड़ी सरकार विराजमान होंगे। ठाट बाट के साथ लाई जाएगी शाही पोशाक वहीं रथयात्रा में एक और बड़ी परंपरा 70 साल बाद फिर शुरू होगी। इसके तहत भगवान जगन्नाथ के लिए खास शाही पोशाक को सिटी पैलेस से पारंपरिक ठाट-बाठ और लाव-लश्कर पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ ने जगदीश मंदिर में अर्पित की। इसी पोशाक को धारण कर ठाकुरजी नगर भ्रमण पर निकलेंगे। पुणे से आए श्रद्धालु रास्ते में बनाएंगे रंगोलियां इस्कॉन और जगन्नाथ धाम की रथयात्राओं में इस बार कई नए रंग देखने को मिलेंगे। गंगू कुंड इस्कॉन मंदिर की रथयात्रा के पूरे मार्ग को अलौकिक लुक देने के लिए पुणे से विशेष श्रद्धालु उदयपुर आए हैं। यह श्रद्धालु पूरे रास्ते पर भव्य और खूबसूरत रंगोलियां उकेरेंगे। इस यात्रा में पहली बार आधुनिक तकनीक वाली धार्मिक डिजिटल झांकियां भी शामिल की जाएंगी, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। वहीं, सेक्टर-7 के जगन्नाथ धाम में रथयात्रा के ठीक 7 दिन बाद भगवान को रसगुल्ले का विशेष महाभोग लगाया जाएगा, जो पूरी यात्रा को संभाग में सबसे अनूठी पहचान दे रहा है। रथयात्रा मार्ग पर हटाया अतिक्रमण, दो ट्रैक्टर सामान जब्त
वही रथयात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर पुलिस प्रशासन के सहयोग से देहलीगेट, घांचीवाड़ा, तीज का चौक और धानमंडी क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई। इस दौरान देहलीगेट पर राजलक्ष्मी मिष्ठान भंडार के बाहर सार्वजनिक जगह पर रखी दो गैस भट्टियों और लोहे की बेंचों को तुरंत जब्त किया। धानमंडी थाना पुलिस की मौजूदगी में व्यापारियों को सख्त चेतावनी दी गई कि दोबारा सड़क पर सामान रखने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

पेंशन कार्ड बनाने का झांसा देकर 11.50 लाख ठगे:कॉल करके लिंक भेजा और अकाउंट डिटेल्स मांगी, भाई-बहन के खाते से रुपए निकाले

सीकर में पेंशन कार्ड बनाने का झांसा देकर 11.50 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने बुजुर्ग को कॉल करके झांसे में लिया। इसके बाद बुजुर्ग और उनकी बहन के अकाउंट से करीब 11.50 लाख रुपए निकाल लिए। बुजुर्ग के बेटे ने साइबर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सीकर निवासी शशांक (34) ने शिकायत दी कि उनके पिता बुजुर्ग है, जिनके पास अनजान नंबरों से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने कहा- आपका पेंशन कार्ड बना देते हैं। इससे आपको हर महीने पेंशन मिलती रहेगी। ऐसे में बुजुर्ग ने सोचा कि हर महीने पेंशन आना ठीक होगा। इसके बाद कॉल करने वाले लोगों ने उनके मोबाइल पर एक लिंक भेजा और बैंक अकाउंट की डिटेल मांगी। बहन का खाता भी लिंक था, उसके भी रुपए निकले बुजुर्ग ने डिटेल बता दी। इसके बाद कॉल करने वाले ने कहा- आपको एक ओटीपी शेयर कर रहे हैं, वह किसी को मत बताना। इसके बाद पता चला कि अकाउंट से दो बार में कुल 5 लाख रुपए निकाल लिए गए। बुजुर्ग के मोबाइल नंबर से उनकी बहन का अकाउंट भी लिंक था। इसमें से भी आरोपियों ने करीब 6.50 लाख रूपए निकाल लिए। साइबर ठगों ने रुपए ट्रांसफर कर निकाले पीड़ित ने इसकी शिकायत साइबर पोर्टल पर दर्ज करवाई। इसके बाद साइबर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। जानकारी के अनुसार जो राशि अकाउंट से निकाली गई, वह साइबर ठगों ने दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करके एटीएम कार्ड से निकाल भी ली। फिलहाल अब साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। साइबर पुलिस थाना DYSP जीवणलाल खत्री का कहना है कि फिलहाल रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है।

प्रतापगढ़ में 4.171 किलो अफीम जब्त, तस्कर गिरफ्तार:बाइक की सीट और एयर फिल्टर में छिपाकर ले जा रहा था आरोपी

प्रतापगढ़ जिले में ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 किलो 171 ग्राम अवैध अफीम जब्त की है। इस मामले में पीपलखूंट थाना पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। जब्त अफीम की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में की गई। एएसपी गजेंद्र सिंह जोधा और डीएसपी वृत्त पीपलखूंट दिनेश कुमार के मार्गदर्शन में, थानाधिकारी छबीलाल के नेतृत्व वाली टीम ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है। पुलिस को देखकर भागने लगा आरोपी पुलिस ने पीपलखूंट के सामने नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान प्रतापगढ़ की ओर से आ रहे एक मोटरसाइकिल चालक ने पुलिस को देखकर अचानक वाहन मोड़कर भागने का प्रयास किया। संदेह होने पर पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की। आरोपी ने अपना नाम पप्पू उर्फ यशवंत पुत्र शांतिलाल पाटीदार, निवासी गरोड़ा, दलौदा (मध्यप्रदेश) बताया। तलाशी लेने पर पुलिस को मोटरसाइकिल की सीट के अंदर विशेष रूप से बनाई गई एक छिपी हुई जगह में प्लास्टिक की पारदर्शी थैलियों में अफीम मिली। इसके अतिरिक्त, एयर फिल्टर के भीतर भी अलग-अलग थैलियों में अफीम छिपाकर रखी गई थी। कुल 41 थैलियों का वजन करने पर 4 किलो 171 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी पप्पू उर्फ यशवंत को गिरफ्तार कर लिया है और अवैध अफीम तथा मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। आरोपी के खिलाफ पीपलखूंट थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह अफीम कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

यूएन में सांसद रोत ने उठाई आदिवासियों की आवाज:705 अनुसूचित जनजातियों को इंडिजिनस पीपुल्स के रूप में मान्यता देने की मांग

बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजकुमार रोत ने स्विट्जरलैंड में अनुसूचित जनजातियों को भारत का मूल निवासी (इंडिजिनस पीपुल्स) स्वीकार करने की मांग उठाई। उन्होंने भारत सरकार के उस रुख से असहमति जताई, जिसमें कहा जाता है कि भारत में कोई अलग इंडिजिनस समुदाय नहीं है। जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के आदिवासी अधिकारों पर विशेषज्ञ तंत्र (ईएमआरआईपी) के 19वें सत्र में भारत के आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने अपनी बात कही। भारत की 705 अनुसूचित जनजातियों का किया उल्लेख अपने संबोधन में सांसद रोत ने कहा कि भारत में प्रोटो-ऑस्ट्रालॉइड, नीग्रिटो, द्रविड़ और मंगोलॉयड जैसे विभिन्न आदिवासी समुदाय निवास करते हैं। भारतीय संविधान ने इन्हें अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता दी है। देश में 705 अनुसूचित जनजातियां हैं, जिनकी आबादी लगभग 14 करोड़ है। उन्होंने कहा कि इन्हीं अनुसूचित जनजातियों को भारत के इंडिजिनस पीपुल्स के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का भी दिया हवाला रोत ने अपने संबोधन में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू की कैलाश बनाम महाराष्ट्र राज्य (2011) मामले में की गई टिप्पणी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस टिप्पणी में अनुसूचित जनजातियों को भारत के मूल निवासियों का वंशज बताया गया था। ‘करोड़ों आदिवासियों की आवाज पहुंचाई’ सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर भील आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि यह केवल उनका व्यक्तिगत प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि देश के करोड़ों आदिवासी भाई-बहनों की आवाज है, जिसे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पूरी मजबूती से रखा।