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राममंदिर चढ़ावा चोरी-पुलिस आरोपियों को घर ले गई, तलाशी ली:30 रिश्तेदारों के अकाउंट फ्रीज, कबूला-शेयर में पैसा लगाते थे

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में आरोपी अनुकल्प मिश्रा को पुलिस सुबह 9 बजे उसके घर लेकर गई। वहां करीब 20 मिनट तक तलाशी ली। घरवालों से भी पूछताछ की। तलाशी में क्या मिला, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। पुलिस पूछताछ में अनुकल्प ने बताया कि मैं और अविनाश शुक्ला चोरी के पैसों को शेयर मार्केट में लगाते थे। लोगों को ब्याज पर भी पैसे देते थे। पैसों को सफेद करने के लिए उन्हें करीबियों और रिश्तेदारों के बैंक खातों में भेजते थे। फिर उनसे अपने खातों में पैसे ट्रांसफर करवाते थे। इससे पहले बुधवार देर शाम पुलिस लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय को भी उनके घरों पर लेकर गई थी। इनके भी घरों की तलाशी ली थी। पुलिस ने आरोपियों के रिश्तेदारों के 30 बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। इन खातों में आय की तुलना में अधिक लेनदेन मिलने की बात सामने आई है। बुधवार सुबह 7 बजे पुलिस ने तीनों को 40 घंटे की रिमांड पर लिया था। इनके पास से फर्जी चंदा रसीदें मिली हैं। इधर, सपा प्रमुख अखिलेश ने कहा- हमारे धर्म में चढ़ावे की चोरी महापाप है। इन्होंने महापाप किया है। भाजपा में भगदड़ शुरू भी हो गई है। बहुत सारे लोग मुझसे अभी से संपर्क करने लगे हैं। SIT सिर्फ लीपापोती कर रही है। सुनने में तो आया है कि SIT पर भी सवाल खड़े हो गए हैं, एक सदस्य पर 420 का मुकदमा है। राम मंदिर से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

स्कूटी पर जा रहे युवक को लाठी-डंडो से पीटा, VIDEO:हॉस्पिटल में सफाई कर्मचारी के साथ मारपीट के बाद किया हमला

पुरानी रंजिश के चलते शाम को एक पक्ष ने हॉस्पिटल स्वीपर के साथ मारपीट कर दी। इससे गुस्साए इसके साथियों ने कुछ देर बाद रात करीब 9 बजे अहिसा सर्किल पर सरेआम नगर परिषद के कर्मचारी को लाठी-डंडो से हमला कर दिया। वहीं उसकी स्कूटी के साथ तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान वहां पर किसी ने वीडियो बना दिया। घटना बाड़मेर शहर पुलिस थाना कोतवाली के अहिसा सर्किल लवली होटल के पास करीब 9 बजे की है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। वहीं पुलिस ने दोनों पक्षों क्रॉस में मामला दर्ज कर लिया है। पहले तस्वीरों में देखे हमला … पुलिस के अनुसार बापू कॉलोनी निवासी चंद्र प्रकाश बाड़मेर जिला हॉस्पिटल में स्वीपर का काम करता है। बुधवार शाम हॉस्पिटल की नई बिल्डिंग में काम कर रहा था। इस दौरान रोहित पुत्र कमल प्रकाश, अर्जुन पुत्र किशनलाल, अवि पुत्र सूरज, विकास पुत्र ईश्वरदास सभी निवासी बापू कॉलोनी बाड़मेर ने उस पर लाठियों से हमला कर दिया। उसके सिर पर चोट लग गई। वहीं खुन से लथपथ हो गया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस के एएसआई मय पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। पीड़ित के बयान दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू की। घायल का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। 9 बजे पीड़ित के साथियों ने सरेआम एक युवक पर किया हमला कुछ घंटों बाद घायल चंद्र प्रकाश के साथियों ने अहिंसा सर्किल पर स्कूटी पर जा रहे कमल प्रकाश को रोका। चार-पांच बदमाशों ने उसको घेरकर ताबड़तोड़ लाठी-डंडो से मारपीट शुरू कर दी। लाठियों से स्कूटी में तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान वहां पर खड़े युवक ने वीडियो बना दिया। मैन मार्केट होने के कारण कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर उसको छुड़वाया। बदमाश मौके से भाग गए। क्रॉस में मामले दर्ज कोतवाली के एसआई गोविंदराम ने बताया- पुरानी रंजिश के चलते एक पक्ष ने पहले हमला किया। फिर उसके साथियों ने दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति पर हमला किया है। फिलहाल दोनों की रिपोर्ट पर क्रॉस मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल बदमाशों की तलाश की जा रही है।

जयपुर- बेटी ने पहले टोना-टोटका करवाया, फिर मां का मर्डर,VIDEO:घर में काली गुड़िया में आग लगाई, तंत्र-मंत्र कर नारियल रखा, फिर जलाया

जयपुर में सरकारी नौकरी के लिए मां की हत्या करवाने वाली बेटी टोना-टोटका भी करवा रही थी। पुलिस ने घर के सीसीटीवी फुटेज जब्त किए हैं। ये नीरज शर्मा (45) की हत्या के करीब 5 दिन पहले के हैं। दावा किया जा रहा है कि आरोपी बेटी आयुषी (23) ने अपने साथियों के साथ मिलकर घर की सीढ़ियों पर तंत्र-मंत्र वाला एक नारियल और एक काली गुड़िया रखी थी। फिर उनमें आग लगा दी थी। 3 जुलाई को प्रताप नगर में हुई इस सुपारी किलिंग में पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सबसे पहले देखिए- पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में क्या मिला? पुलिस को किसी तांत्रिक के मिले होने की भी आशंका पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तंत्र-मंत्र के लिए आरोपी किससे मिले थे? उसको लेकर भी जांच की जा रही है। आशंका है कि 27 जून से पहले भी उन्होंने ऐसा कुछ करवाया हो। आरोपियों के बैकग्राउंड को लेकर भी भरतपुर और जयपुर में उनसे जुड़े लोगों से पूछताछ की गई है। अब 4 पॉइंट में जानिए- क्या है नीरज शर्मा हत्याकांड 1. पति की जगह लगी थी नीरज की नौकरी: नीरज के भाई राकेश शर्मा ने बताया कि प्रताप नगर के रविन्द्र नगर में रहने वाली नीरज शर्मा (45) के पति का एक साल पहले निधन हो गया था। वे कोर्ट में एलडीसी थे। 8 महीने पहले पति की जगह नीरज की LDC की पोस्ट पर नौकरी लगी थी। नीरज 16 साल के बेटे के साथ रहती थी। 2. पहले मां के साथ ही रहती थी आयुषी: नीरज के भाई राकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि आयुषी पहले अपनी मां के साथ रहती थी, लेकिन पिता विजय वशिष्ठ की मौत के बाद उसका व्यवहार बदल गया और वह अपने ताऊ के साथ रहने लगी। उन्होंने दावा किया कि आयुषी पहले भी अपनी मां से मारपीट कर चुकी थी। 3. मां के साथ लंबे समय से चल रहा था विवाद: पुलिस का दावा है कि आयुषी पिता की जगह नौकरी लगना चाहती थी, लेकिन मां ने नौकरी जॉइन कर ली। ऐसे में बेटी का मां की हत्या कर नौकरी पाने का प्लान था। आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप (56) निवासी सेवर (भरतपुर) के साथ मिलकर मर्डर की प्लानिंग की थी। इसमें नीरज के ससुराल वाले भी शामिल थे। 4. भरतपुर के सुपारी किलर से कॉन्टैक्ट: आयुषी, मोहन और उसके बेटे बलराम उर्फ रवि ने सुपारी किलर हेमंत शर्मा (20) निवासी बयाना (भरतपुर) ने मर्डर के लिए कॉन्टैक्ट किया। उसे कहा- नीरज शर्मा की हत्या करनी है, 7 लाख रुपए देंगे। हेमंत ने बलराम की मदद से रेकी की। भरतपुर से एक थार रेंट पर ली। पैसा लेने के बाद भी काम नहीं हो सका, जिसके बाद एक महीने तक दोबारा रेकी कर 3 जुलाई को स्कॉर्पियो से वारदात को अंजाम दिया। जीजा की मौत की भी जांच की मांग नीरज के भाई राकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके जीजा विजय वशिष्ठ की ब्रेन हेमरेज के दौरान अस्पताल से समय से पहले घर ले जाकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उन्होंने इस मामले में भी अलग से एफआईआर दर्ज कराने की बात कही। साथ ही उन्होंने ताऊ मोहन और उसके परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर कार्रवाई की मांग की है। अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार इस हाईप्रोफाइल केस में अब तक कुल 7 गिरफ्तारियां हुई हैं। इनमें आयुषी शर्मा (23), मोहन स्वरूप (56), हेमंत शर्मा (20), आकाश शर्मा (23), मोहित शर्मा (21), अरविंद शर्मा (21),रोहित जाटव (22), गहनोली मोड़ शामिल हैं। मुख्य आरोपी बलराम उर्फ रवि अभी फरार है। …. ये खबरें भी पढ़िए… सरकारी नौकरी-प्रॉपर्टी के लिए बेटी ने करवाई मां की हत्या,VIDEO:ताऊ और चचेरे भाई के साथ प्लानिंग की, तेज रफ्तार गाड़ी से कुचलवा दिया; 7 गिरफ्तार जयपुर में प्रॉपर्टी और सरकारी नौकरी के लिए बेटी ने मां की हत्या करवा दी। बेटी ने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर मर्डर प्लान किया था। (पूरी खबर पढ़ें) ये खबर भी पढ़ें बेटे ने पिता को डंडों से पीटकर मार डाला:साले और ससुर के साथ घर में घुसा था, जमीन के रुपयों को लेकर विवाद था बाड़मेर में बेटे ने अपने ससुर और साले के साथ मिलकर पिता की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पिता ने अपने हिस्से की जमीन बेची थी। बेटा वो रुपए मांग रहा था। (पूरी खबर पढ़ें)

नागौर के खींवसर में आज 5 घंटे बिजली कटौती:सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक सप्लाई रहेगी बंद, पोल शिफ्टिंग का काम होगा

नागौर जिले के खींवसर में सीसी सड़क निर्माण कार्य के चलते बीच में आ रहे बिजली पोलों को हटाने और नए स्थान पर शिफ्ट करने के लिए गुरुवार को करीब 5 घंटे बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इस दौरान सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक शहर के कई इलाकों में विद्युत सप्लाई बाधित रहेगी। एवीवीएनएल के सहायक अभियंता जयदीप सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए बिजली पोल बदले जाएंगे। सुरक्षा की दृष्टि से कार्य के दौरान संबंधित फीडर की बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी। बिजली कटौती के कारण उपखंड कार्यालय, तहसील कार्यालय, पंचायत समिति कार्यालय, जिला अस्पताल सहित आसपास के कई आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। यदि तकनीकी कार्य समय से पहले पूरा हो जाता है तो बिजली आपूर्ति निर्धारित समय से पहले भी बहाल की जा सकती है।

राजेंद्र राठौड़ ने शेविंग कराते हुए की सुनवाई:मंत्री झाबर सिंह के स्वागत में 'समस्या वाला पोस्टर'; स्कूल की छत पर चढ़े DEO साहब

नमस्कार बारां में नगरीय विकास मंत्रीजी के स्वागत में अनोखे पोस्टर लग गए। भाजपा के ऐसे सीनियर नेता, जिनके पास पद तो कोई नहीं, लेकिन फुरसत चैन से दाढ़ी बनवाने की नहीं। जयपुर में सरकारी स्कूलों की छतें चेक हो रही हैं। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. टूटी सड़कों पर मंत्रीजी का ‘स्वागत’ बरसात में सड़कें टूटती ही हैं। इसमें शिकायत क्या करना? लेकिन लोगों को लगता है कि शिकायत करना हमारा अधिकार है। बारां में सड़कें टूटी हैं। सड़कों में गड्‌ढे हैं। गड्‌ढों में पानी भर जाता है। दुपहिया वाले गिर पड़ते हैं। पानी उछलने से कपड़े गंदे हो जाते हैं। टूटी सड़कें रोजगार को बढ़ावा देती हैं। सड़क टूटेगी तो बेकार बैठे ठेकेदार को काम मिलेगा। मजदूरों को काम मिलेगा। गाड़ी खराब होगी तो टायर बिकेंगे, मैकेनिकों को काम मिलेगा। मोटर पाट्‌र्स बनाने वाली कंपनियों में मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ेगी। कपड़े खराब होंगे तो साबुन-डिटर्जेंट बनाने वाली कंपनियों को काम मिलेगा। जूते-चप्पल बनाने वाले फैक्ट्रियों के मजदूरों को काम मिलेगा। रोजगार के इतने अवसरों के बाद भी बारां में कुछ लोगों ने नगरीय विकास मंत्री जी के आने पर चौराहे पर पोस्टर टांग दिया। पोस्टर पर लिखा था- मंत्रीजी का बारां की सड़कों पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। सड़कें बदहाल हैं। जनता बेहाल है। बदहाल सड़कों से कब मिलेगी निजात? पूछता है बारां। हालांकि यह इबारत लिखने में हिंदी की वर्तनी उतनी ही अशुद्ध थी, जितनी सुजानगढ़ वाले SDM साहब की। मंत्रीजी को बुरा तो लगा होगा। उन्होंने अपने गांव में लोगों के स्वागत के लिए कालीन बिछा दी थी। लोग हैं कि पोस्टर बिछा रहे हैं। खैर, नगरीय विकास का काम जीवन-मृत्यु के चक्र जैसा है। सड़क बनेगी तो टूटेगी, टूटेगी तो बनेगी। यही चक्र चलता रहेगा। बारां वाले छोटे-मोटे गड्‌ढों पर रो रहे हैं। यहां राजधानी की सड़कों में से सुरंगें निकल रही हैं। लेकिन कोई चूं तक नहीं करता। सड़क का तो पता नहीं लेकिन दिल को तसल्ली देने के लिए मंत्रीजी ने अपने सोशल मीडिया पर जोरदार रील डाल रखी है। स्लोमोशन वीडियो के साथ जानी-पहचानी आवाज आती है- सफर में धूप तो होगी। जो चल सको तो चलो। इसी में आगे जोड़ा जा सकता है- सड़क में गड्‌ढे तो होंगे, जो संभल सको तो चलो। 2. शेविंग के साथ जनसुनवाई राजेंद्र राठौड़ साहब ने एक मामले में इंपीरियल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के डॉ. वीरू सहस्रबुद्धे को भी पछाड़ दिया। हम उन सहस्रबुद्धे की बात कर रहे हैं जो ‘थ्री इडियट’ फिल्म में प्रोफेसर थे। समय का सदुपयोग करने के लिए सहस्रबुद्धे अपने चेंबर में संगीत सुनते हुए दो घड़ी आराम करते हैं और इसी दौरान हजामत बनवाते हैं। दोनों हाथों से लिखने में दक्ष सहस्रबुद्धे तक शेविंग कराते वक्त सोफे पर पसर जाया करते थे और सभी एक्टिविटीज बंद कर दिया करते थे। लेकिन राठौड़ साहब रेस में आगे निकल गए। उनके पास तो पार्टी-संगठन में कोई विशिष्ठ पद या कार्यभार भी नहीं। इसके बावजूद उन्हें इतनी फुरसत भी नहीं कि दो-चार मिनट का वक्त निकालकर दाढ़ी बनवा लें। उनका एक वीडियो सामने आया जिसमें वे कुर्सी पर बैठे जनसुनवाई कर रहे हैं। साथ ही शेविंग भी हो रही है। समस्या सुनाई जा रही है और उसी अवस्था में सुनी भी जा रही है। राजू भैया से बाबोसा तक के सफर के पीछे राठौड़ साहब की यही मेहनत और लगन नजर आती है। बिना पद इतना सब कुछ कर रहे हैं। पद मिलने के बाद तो… 3. चलते-चलते.. क्या समय आ गया है? घोर कलयुग। जो अफसर AC दफ्तरों में बैठने के आदी रहे, उन्हें नसैनी लगाकर छतों पर चढ़ाया जा रहा है। DEO का काम क्या अब सरकारी स्कूल की छतों पर चढ़कर ये देखने का है कि मोरा (नाला) जाम तो नहीं है। ये कैसा सेफ्टी ऑडिट? दरअसल सरकारी आदेश था कि हर सरकारी स्कूल का सेफ्टी ऑटिड किया जाए। स्कूल की हालत क्या है? जर्जर तो नहीं, गिरने की हालत में तो नहीं? आदेश में साफ लिखा था कि शिक्षा अधिकारी खुद जाकर स्कूलों की हालत देखें। छतों पर पानी तो नहीं भरा है। दीवारों में तरेड़ें तो नहीं पड़ी हैं। करंट तो नहीं दौड़ रहा? पलस्तर गिरने की अवस्था में तो नहीं है? 7 जुलाई तक ऑडिट करना था। ऐसे में जयपुर में जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अपनी टीम लेकर लेकर निकले और सरकारी स्कूलों की छतें नाप ली। अधिकारी भी धन्यवाद के पात्र हैं, जो अपनी जगह किसी और को नहीं चढ़ाया। खुद चढ़े और हालात अपनी आंखों से देखे। तभी लापरवाही बरतने वाले दो स्कूलों को नोटिस दे पाए। बात नौनिहालों के जीवन की है। अधिकारी अपने फर्ज की सीढ़ी चढ़ेंगे तो बच्चे भी सुरक्षित माहौल में पढ़ेंगे। इनपुट सहयोग- शुभम निमोदिया (बारां), नरेश भाटी (चूरू)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

ईरान बोला- होर्मुज में दखल दिया तो करारा जवाब देंगे:अमेरिका ने चीन-रूस से जुड़े पुल पर मिसाइल दागी, 2 दिन में 170 ठिकानों पर हमला

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में दखल दिया तो करारा जवाब दिया जाएगा। ईरानी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, IRGC ने कहा कि अमेरिका ने हमला जारी रखा तो होर्मुज सामान्य नहीं हो पाएगा और कई देशों को आर्थिक नुकसान होगा। दूसरी ओर, ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि अमेरिका ने उत्तरी ईरान में चीन और रूस से जुड़े एक रणनीतिक रेलवे पुल पर क्रूज मिसाइल से हमला किया। अमेरिका ने पिछले 2 दिनों में ईरान के 170 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और मिसाइल भंडार, सैन्य स्पीड बोट और होर्मुज स्ट्रेट के पास तटीय इलाकों में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

CCTV फुटेज से पकड़ी LDC भर्ती परीक्षा की नकल:रिलीवर ने महिला अभ्यर्थी से लिया था पेपर, पढ़िए- 7 मिनट की रिकॉर्डिंग से कैसे खुला राज

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) की लिपिक ग्रेड द्वितीय (LDC) भर्ती परीक्षा में नकल के मामले में सीसीटीवी फुटेज से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर हुई धांधली एग्जाम रूम में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। जांच में सामने आया कि एक रिलीवर ने महिला अभ्यर्थी का पेपर करीब 6 से 7 मिनट तक अपने पास रखा। इसी फुटेज के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार बिस्सा ने कोतवाली थाना पुलिस को लिखित रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद केंद्र अधीक्षक, दो वीक्षक, एक रिलीवर और एक अभ्यर्थी सहित कुल 5 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद पुलिस ने सरकारी स्कूल के हेडमास्टर उम्मेदसिंह, टीचर जालम सिंह, एग्जामिनर (वीक्षक), भीमसिंह, रिलीवर पदमसिंह और अभ्यर्थी मनु कंवर को हिरासत में लिया है। अब 2 पॉइंट्स में पढ़िए… 5 जुलाई का घटनाक्रम CCTV में कैद हुई 7 मिनट की पूरी कहानी
जांच समिति ने जब रूम नंबर-10 की CCTV फुटेज देखी तो कथित नकल का पूरा घटनाक्रम सामने आ गया। फुटेज में रिलीवर पदम सिंह महिला अभ्यर्थी मनु कंवर के पास जाकर उसका प्रश्नपत्र लेता दिखाई देता है। आरोप है कि प्रश्नपत्र करीब 6 से 7 मिनट तक उसके पास रहा और बाद में वापस अभ्यर्थी को सौंप दिया गया। जांच अधिकारियों का मानना है कि इसी दौरान परीक्षा की गोपनीयता भंग हुई और अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। जिला अधिकारी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज
जिला शिक्षा अधिकारी(DEO) महेश कुमार बिस्सा ने कोतवाली पुलिस थाने में रिपोर्ट दी है, जिसमें पुलिस ने राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022 की धारा 3/10 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और सबूत जुटाए। सांसद बोले- एसआईटी करें जांच
घटना सामने आने के बाद सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर मामले की जांच के लिए सीएम से स्पेशल टास्क फोर्स के गठन की मांग की है। उन्होंने कहा भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। ये खबर भी पढ़िए… एलडीसी परीक्षा में खिड़की से पेपर बाहर भेजने का आरोप:प्रशासन ने रिपोर्ट कर्मचारी चयन बोर्ड भेजी, निर्देश अनुसार कार्रवाई होगी जैसलमेर में रविवार को एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा के दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर लगे नकल के आरोपों के मामले में सोमवार को प्रशासन ने रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी। पूरी खबर पढ़िए LDC एग्जाम में महिला अभ्यर्थी को कराई नकल:कमरे से बाहर भेज दिया था पेपर; हेडमास्टर, टीचर समेत 5 को पकड़ा जैसलमेर में 5 जुलाई को हुई LDC (ग्रेड सेकेंड) भर्ती परीक्षा में नकल कराने का मामला सामने आया है। बुधवार को शहर कोतवाली थाने में मामला दर्ज हुआ है। पूरी खबर पढ़िए

आज भी राजस्थान में तेज बारिश का यलो-ऑरेंज अलर्ट:उदयपुर, अलवर में भारी बरसात, कई जिलों मं 3 इंच पानी बरसा; कल से बदलेगा मौसम

राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में तेज बारिश हुई। भरतपुर और उदयपुर संभाग के कई हिस्सों में तीन इंच तक पानी बरसा। अलवर, करौली, चित्तौड़गढ़, भरतपुर समेत कई जिलों में सड़कों पर पानी भर गया। उदयपुर और सिरोही में भी देर शाम कई जगह भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश में 10 जुलाई तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी जारी की है। गुरुवार को भरतपुर, धौलपुर, बारां, झालावाड़ में ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और जालोर को छोड़कर पूरे राजस्थान में यलो अलर्ट है। 11 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मानसून के कमजोर होने की संभावना है। । राजस्थान के मौसम की PHOTOS… ये शहर सबसे ज्यादा गर्म मानूसन सीजन के बड़े अपडेट्स कई जिलों में 3 इंच से ज्यादा बारिश: पिछले 24 घंटों में भरतपुर के बयाना और करौली के मंडलरायल में 84 मिमी (3 इंच से ज्यादा) से ज्यादा पानी बरसा। वहीं, चित्तौड़गढ़ के भदेसर और निंबाहेड़ा में करीब 3 इंच तक बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा दौसा, धौलपुर, करौली, अलवर, कोटा के चेचट में भी भारी बारिश हुई। पारा गिरा, गर्मी-उमस से राहत: राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण अब लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है। जयपुर, अलवर, टोंक, चित्तौड़गढ़, सिरोही, दौसा, प्रतापगढ़, झुंझुनू, अजमेर और भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान जैसलमेर में 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगे कैसा रहेगा मौसम…
राजस्थान के बड़े शहरों का मौसम जयपुर: राजधानी में बुधवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और धूप कमजोर रही। हल्की हवा चलने से लोगों को गर्मी के साथ उमस से भी थोड़ी राहत मिली। जयपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जोधपुर: जिले में 9 जुलाई तक आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां बुधवार को अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सीकर: जिले में बुधवार को पूरे दिन मौसम साफ रहा। हल्की हवा चली, लेकिन दिनभर उमस बनी रही। शाम को कई इलाकों में बादल छा गए। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उदयपुर: लेकसिटी के ग्रामीण इलाकों में बुधवार को हल्की बारिश हुई। उदयपुर जिले में पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया है। दिन का तापमान करीब 35 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। कोटा: जिले में बुधवार को दिनभर उमस और गर्मी रही। यहां अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून सीजन में अब तक कुल 97.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। अजमेर: जिले में बुधवार सुबह मौसम में ठंडक रही और बादल छाए रहे, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद धूप खिल गई जो शाम तक रही। यहां अधिकतम तापमान 31.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार रात से सुबह 8 बजे तक शहर में 42.2 मिमी बरसात दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार कल भी बरसात के आसार हैं। आनासागर झील का जलस्तर 11 फीट 1 इंच तक पहुंच गया है और पानी की निकासी जारी है। अलवर: जिले में बुधवार दोपहर को करीब डेढ़ घंटे तक हुई तेज बारिश से जिला हॉस्पिटल में पानी घुस गया। कई रिहायशी इलाकों में तीन-चार फीट तक पानी जमा हो गया। जिले का अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अलवर के तिजारा में 25 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

नकली नोट में गांधीजी का वाटरमार्क, सिल्वर लाइन भी:एक पेपर पर छपते 500 के 5 नोट, इंडस्ट्री की तरह गैंग में प्रोडक्शन

दैनिक भास्कर एप की स्पेशल सीरीज के पहले पार्ट में आपने ऑन कैमरा नकली नोट माफिया के चेहरे देखे। भास्कर रिपोर्टर ने ग्राहक बनकर पूरे नेटवर्क को एक्सपोज किया। भास्कर की पड़ताल में नकली नोट बनाने वाले एक और गैंग का सच सामने आया। ये गैंग किसी इंडस्ट्री की तरह ही नेटवर्क चला रहा था। प्रोडक्शन, मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का जिम्मा गैंग के अलग-अलग सदस्यों के पास। इनके बनाए नकली नोट में गांधीजी का वाटरमार्क भी होता था। सिल्वर लाइन के लिए खाना पैक करने वाला सिल्वर फॉयल यूज करते थे। 40 लाख से ज्यादा के नकली नोट मार्केट में चला चुके थे। पढ़िए नकली नोट गिरोह और उसके तीन अहम किरदारों की कहानी… विशाल : बिजनेस ठप हुआ तो आया नकली नोट का आइडिया नकली नोट बनाने का मास्टरमाइंड। झारखंड का रहने वाला है। वर्तमान में नोएडा में रह रहा था। पिता का बिजनेस था। पिता की मौत के बाद बिजनेस ठप हो गया। विशाल ने कई काम किए, लेकिन सब में घाटा हुआ। फिर कमीशन पर युवकों को नौकरी लगाने का काम करने लगा। इसी दौरान उसे नकली नोट छापने का आइडिया आया। कंप्यूटर का अच्छा डिजाइनर है। 6 महीने तक खुद ही डमी बनाने पर काम करता रहा। फिर अपने साथ गुलशन बैरवा और संतोष वाल्मीकि को जोड़ लिया। गुलशन बैरवा : दिल्ली में कई जगह नकली नोट चलाए गुलशन बैरवा रोहिणी का रहने वाला है। विशाल के साथ मिलकर 3 साल से रोज देर रात तक असली जैसे नोट छापने की प्रैक्टिस कर रहा था। कई बार डिजाइन बनाए और सैंपल चेक करने बाजार जाता था। नोट की फाइनल डमी तैयार होने के बाद मार्केटिंग का काम संभाला। दिल्ली में कई जगह नकली नोट चलाए। जांच में पता लगा कि अब तक 40 लाख के नकली नोट चला चुके हैं। संतोष वाल्मीकि : घर पर नोट छापने का पूरा सेटअप संतोष वाल्मीकि फरीदाबाद के बसंतपुर में रहता था। वैसे यूपी के अलीगढ़ का है। पहले ओला बाइक चलाता था। कम्प्यूटर का अच्छा जानकार है। नकली नोट की फाइनल डमी तैयार करने में विशाल की मदद की थी। संतोष के घर पर ही नोट छापने का पूरा सेटअप लगा रखा था। विशाल और संतोष दोनों पिछले 8 साल से अच्छे दोस्त थे। यहां से 23 लाख 37 हजार रुपए के नोट बरामद हुए थे। 11 प्रिंटर व 3 लैपटॉप से बनाते थे नकली नोट, हर नोट का सीरियल नंबर अलग विशाल और संतोष मिलकर नोट की डमी तैयार करते थे। गुलशन मार्केटिंग का काम करता था। एक पेपर पर 500 रुपए के तीन नोट बनाते थे। हर नोट का सीरियल नंबर भी अलग रखते थे। पहले कुछ ही प्रिंटर थे। काम बढ़ने लगा तो 11 कलर प्रिंटर नए ले आए। 10 डाई भी बना रखी थी। नोट प्रिंट करने के लिए नोएडा से पेपर खरीदते थे। लैपटॉप में ही नोट के सीरियल नंबर अलग-अलग रखते थे। आरोपी काफी समय से दिल्ली व नोएडा के बाजार में नोट खपा रहे थे। यूपी में भी नेटवर्क बना लिया था। डाई बनाकर वाटरमार्क बनाते थे, सिल्वर लाइन भी लगाते दौसा सदर थानाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि नकली नोट को असली दिखाने के लिए एक डाई बनाई थी। इससे नोट के बीच में महात्मा गांधी का वाटर मार्क और 500 रुपए का वाटर मार्क भी बनाते थे।
नोट के बीच में एक सिल्वर की लाइन भी बनाते थे। इसे खाना पैक करने वाले सिल्वर फॉइल से बनाते थे। इसे कैंची से काट कर नोट के साइड में चिपका कर गर्म करके लगाते थे। इसे लगाने के बाद नोट बिल्कुल असली की तरह दिखता था। असली नोट की तरह से डाई बनाकर काटते थे। ऐसे हुआ खुलासा : लोकल मार्केट में नकली नोट चलाते हुए पकड़ा दौसा में आयुष नाम का युवक रोजाना 500 रुपए का नकली नोट लेकर मार्केट में जाता था। 500 का नोट देकर 40 से 50 रुपए का सामान लेता था। बाकी पैसे ले आता। तीन महीने से ये सिलसिला चल रहा था और किसी को शक नहीं हुआ। वह एक दुकान से सामान लेने के बाद दोबारा उस दुकान पर नहीं जाता था। बाजार में आराम से नोट चलने लगे तो आयुष भी आश्वस्त हो चुका था कि अब कोई दिक्कत नहीं है। इधर, लंबे समय तक नकली नोट आने की बात दुकानदारों में फैल गई। आपस में चर्चा शुरू हो गई कि रोजाना किसी न किसी दुकान पर नकली नोट आ रहा है। दुकानदारों ने कोतवाली दौसा पुलिस को पूरी कहानी बताई। पुलिस ने सिविल में निगरानी शुरू की। आयुष लगभग एक समय ही बाजार में निकलता था। वह 28 मई को बाजार में नकली नोट लेकर आया तो दुकानदारों ने पहचान लिया। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसे पकड़ कर घर की तलाशी ली गई। उसके पास से 500 रुपए के 80 नोट मिले। सारे नोट अलग-अलग सीरीज के थे। तब उससे पूछताछ शुरू हुई तो पूरी चेन खुल गई। आयुष से पूछताछ में उसके पड़ोसी कुलदीप गुर्जर निवासी लवाण का नाम सामने आया। फिर एक नाबालिग का नाम सामने आया। किशनगढ़- अजमेर में भी इसी गैंग के सदस्य सप्लाई करते थे आयुष से पकड़े जाने पर पड़ोसी कुलदीप फरार हो गया था। फिर आगे की कड़ी में एक नाबालिग का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे पकड़ा तो पता लगा कि 17 हजार रुपए के बदले 40 हजार रुपए लिए जाते हैं। इस दौरान नकली नोट का अजमेर के किशनगढ़ में भी मामला सामने आया। किशनगढ़ और अजमेर में भी इसी गैंग के सदस्य सप्लाई करते थे। पुलिस ने फरार कुलदीप को पकड़ लिया। इन तीनों से पूछताछ में पता लगा कि सारा माल दिल्ली से आता है। इन्होंने नाबालिग को राजस्थान का हेड बना दिया था। कुलदीप गुर्जर को किशनगढ़ और अजमेर हेड की जिम्मेदारी दी थी। आयुष को दौसा में नेटवर्क बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी तरह अलवर और भरतपुर में भी नेटवर्क बनाने की तैयारी कर ली थी। नाबालिग ने कई दोस्तों को नेटवर्क में जोड़ लिया था। जांच में पता लगा कि नाबालिग को दिल्ली भेजा जाता था। वह कभी ओला से माल लाता था तो कभी ट्रेन से। वह धौलाकुआं (दिल्ली) उतर जाता था। वहां से बस स्टैंड जाता था। उसे एक पैकेट बना हुआ मिल जाता था। उसे लेकर वह आ जाता था। दो मिनट लेट पहुंचते तो निकल जाते 24 लाख पुलिस की टीम फरीदाबाद में संतोष के पास पहुंची। तब वहां एक टैक्सी खड़ी हुई थी। पुलिसकर्मी अगर 2 मिनट लेट हो जाते तो 24 लाख रुपए लेकर निकल जाते। वहां 11 प्रिंटर, 3 लैपटॉप, 10 डाई, पेपर, कटिंग मशीन सहित काफी सामान मिला। तीनों ने मिलकर सारा सामान टैक्सी में लोड कर दिया था। उन्हें आयुष व किशोर के पकड़े जाने की सूचना मिल चुकी थी। पहली बार कैमरे पर नकली नोट गिरोह : 1 लाख के बदले 10 लाख के नोट, दावा- एटीएम भी नहीं पकड़ सकता, पार्ट-1 पहली बार कैमरे पर देखिए आपके पर्स तक नकली नोट पहुंचने वाले गैंग के चेहरे। इंस्टाग्राम की एक रील से शुरू हुई इन्वेस्टिगेशन नकली नोटों के उस सिंडीकेट तक ले गई, जो रील्स में काउंटिंग मशीन में डालकर दावा करते हैं- ये नोट न मशीन पकड़ पाएगी न एटीएम। (पढ़ें पूरी खबर)

एथेनॉल के नाम पर 1160 करोड़ का चावल घोटाला:2320 में खरीदकर 2800 में बेच रहे, मुनाफे में सब हिस्सेदार…‘खुलासे’ से डर रही पुलिस

देश में एथेनॉल मिक्स पेट्रोल को पर्यावरण-अनुकूल नीति के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं, मध्य प्रदेश में एथेनॉल प्रोडक्शन के नाम पर सरकारी चावल के घोटाले का मामला सामने आया है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि 5 लाख मीट्रिक टन (50 लाख क्विंटल) सरकारी चावल में से ज्यादातर चावल का इस्तेमाल एथेनॉल बनाने में हुआ ही नहीं। यह चावल दोबारा सरकारी गोदाम पहुंच गया। इसकी कीमत करीब 1160 करोड़ रुपए है। पड़ताल में यह भी सामने आया कि यह सामान्य नहीं, बल्कि फोर्टिफाइड चावल था। इसे कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को एनीमिया व कुपोषण से बचाने के लिए विटामिन और मिनरल्स मिलाकर तैयार किया जाता है। इस घोटाले में एथेनॉल प्लांट संचालक, राइस मिलर्स और सरकारी तंत्र की मिलीभगत की आशंका है। जानिए, ग्रीन एनर्जी के नाम पर कैसे हो रहा है यह घोटाला.. सरकार प्लांट्स को 4 हजार रुपए का चावल 2320 रुपए में दे रही इस घोटाले को समझने के लिए पहले सरकारी चावल की खरीद और उसकी लागत का गणित समझना जरूरी है। सरकार का तर्क है कि गोदामों में अतिरिक्त अनाज लंबे समय तक रखने से उसके खराब होने का जोखिम रहता है। नई फसल के भंडारण के लिए जगह भी चाहिए। सरकार का यह भी कहना है कि एथेनॉल उत्पादन से ऊर्जा जरूरतें पूरी होती हैं और विदेशी मुद्रा की बचत होती है। इसी नीति के तहत, जिस चावल की खरीद, भंडारण और प्रोसेसिंग पर सरकार का खर्च लगभग ₹3,900 से ₹4,000 प्रति क्विंटल आता है, उसे एथेनॉल प्लांट्स को ₹2,320 प्रति क्विंटल की रियायती दर पर उपलब्ध कराया जाता है। कैसे लगी घोटाले की भनक? एथेनॉल प्लांट के बजाय राइस मिल पहुंचे चावल के ट्रक
मामले का खुलासा 2 जून को नवेगांव वेयरहाउस (बालाघाट) से एवीजे एथेनॉल प्लांट (छिंदवाड़ा के बोरगांव) भेजे गए तीन ट्रक चावल की जांच के दौरान हुआ। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार इनका उपयोग एथेनॉल उत्पादन के लिए होना था। हालांकि, 3 जून को इनमें से एक ट्रक बालाघाट की संचेती राइस मिल में मिला, जबकि बाकी दो ट्रक भी छिंदवाड़ा के एथेनॉल प्लांट तक नहीं पहुंचे। घटना सामने आने के बाद पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच शुरू की। अब तक की जांच में ये तथ्य सामने आए हैं सिलसिलेवार जानिए किसकी क्या भूमिका FCI का पक्ष: गोदाम से निकलने के बाद चावल की जिम्मेदारी हमारी नहीं
भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अधिकारियों के अनुसार, मध्य प्रदेश के एथेनॉल प्लांट्स को एक साल में 50 लाख क्विंटल चावल आवंटित किया गया। यदि यह पूरा चावल खुले बाजार में बेचा गया हो, तो अनुमानित हेराफेरी करीब ₹250 करोड़ की हो सकती है। FCI के एक अधिकारी ने नाम पब्लिश न करने की शर्त पर कहा कि गोदाम से चावल जारी होने के बाद उसकी जिम्मेदारी FCI की नहीं रहती। एसोसिएशन का तर्क- सभी को दोषी ठहराना ठीक नहीं
एथेनॉल प्लांट एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने भी नाम न बताने की शर्त पर स्वीकार किया कि सरकारी चावल कुछ मामलों में प्लांट्स के बजाय राइस मिलर्स तक पहुंच रहा है। उनका कहना है कि यदि ऐसा हुआ है तो संबंधित प्लांट संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सभी प्लांट्स को एक साथ दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। एक महीने की जांच के बाद भी पुलिस खामोश एक महीने की पुलिस जांच में कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए हैं। यही वजह है कि पुलिस इस मामले में बयान देने से बच रही है। दूसरी ओर, एक्सपर्ट का दावा है कि सभी की मिलीभगत के कारण कार्रवाई प्रभावित हो रही है। उनका यह भी दावा है कि बीजेपी-कांग्रेस के नेताओं की भी मिलीभगत है। यही वजह है कि राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे पर पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं दिखी।