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गुरुग्राम की बिजली सप्लाई करेंगे अडानी:ग्रांट ऑफ लाइसेंस के लिए अप्लाई किया; एक अन्य केस में HREC की हियरिंग, HERC ने होल्ड किया फैसला

हरियाणा में पहली बार गुरुग्राम की बिजली वितरण व्यवस्था में निजी क्षेत्र की बड़ी एंट्री का रास्ता खुलता दिखाई दे रहा है। अडानी समूह की बिजली वितरण कंपनी ने गुरुग्राम में बिजली सप्लाई के लिए ग्रांट ऑफ लाइसेंस की औपचारिक याचिका दायर कर दी है। यह आवेदन विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 15 (लाइसेंस पाने की प्रक्रिया) प्रोसीजर फॉर ग्रांट ऑफ लाइसेंस के तहत हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) में दाखिल किया गया है। सुनवाई के बाद आयोग ने अपना फैसला होल्ड कर दिया है। साथ ही एक और कंपनी इलेवन की ओर से बताया गया कि उनकी भी इस प्रोजेक्ट में गुरुग्राम और नूंह में 4,716.73 करोड़ रुपए के निवेश की योजना है। अब अंतिम फैसला आयोग को लेना है। बता दें कि गौतम अदानी की प्रमुख बिजली वितरण और पारेषण कंपनी का नाम अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड है। इसके अलावा, मुंबई में बिजली वितरण का कार्य उनकी सहायक कंपनी अदानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड द्वारा किया जाता है। इस संबंध में हरियाणा के उर्जा मंत्री अनिल विज का पक्ष जानने की कोशिश की गई, उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। SMS का भी जवाब नहीं दिया। अडानी और दूसरी कंपनी की ओर से इस तरह रखा गया पक्ष क्या कहते है लाइसेंस के नियम और क्या पड़ेगा असर, 2 पॉइंट में जानिए… विरोध भी शुरू हुआ, इनेलो नेता ने सरकार को घेरा संपत सिंह ने भी किया दावा हरियाणा सरकार के पूर्व वित्त मंत्री एवं इनेलो नेता संपत सिंह ने बताया कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) की पब्लिक हियरिंग में शामिल हुआ था। मैंने अपने पक्ष आयोग के समक्ष रख दिया है। सरकार हरियाणा के बिजली सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों की एट्रीं करना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि देश के बड़े उद्योगपति गौतम शांतिलाल अडानी की कंपनी ने भी गुरुग्राम में बिजली सप्लाई के लिए अप्लाई किया है। हम इसका विरोध करेंगे। क्या बोले एसोसिएशन पदाधिकारी हरियाणा इंजीनियरिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पुनीत कुमार कुंडू ने बताया कि हमें इसका नोटिस अभी नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि आज आयोग की हियरिंग में हमारी ओर से बिजली सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों की एंट्री का विरोध किया गया है। आगे भी हम इसका विरोध करेंगे।

अजमेर में रेड बुल की 2,293 कैन जब्त:फूड सेफ्टी टीम की दूसरे दिन भी कार्रवाई जारी, जांच के लिए सैंपल लिए

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने एनर्जी ड्रिंक के नाम पर परोसी जा रही कैफिनेटेड बेवरेजेस के खिलाफ दूसरे दिन भी एक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुष्कर रोड़ के गोदाम से नामी ब्रांड रेड बुल की 2,293 कैन जब्त कर सीज करने की कार्रवाई की। इसमें रेड बुल सहित केचप व लीची ज्यूस के सेंपल भी लिए गए है। अजमेर में पिछले दो दिनों के भीतर अब तक कुल 12 हजार से अधिक प्रतिबंधित और भ्रामक ड्रिंक्स जब्त की जा चुकी हैं। मंगलवार को विभाग की विशेष टीम ने पुष्कर रोड स्थित बैकुंठ मंदिर के सामने जोगराज नगर में मैसर्स अंबे ट्रेडिंग के गोदाम पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई की। यहां एनर्जी ड्रिंक के रूप में धड़ल्ले से सप्लाई की जा रही नामी ब्रांड ह्यरेड बुल की 2,293 कैन जब्त की गईं। इसके साथ ही टीम ने मौके से विभिन्न खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेज दिए हैं। कैनों में से 2 सैंपल लिए सीएमएचओ डॉ ज्योत्सना रंगा के अनुसार रेड बुल की विभिन्न क्षमता वाली कैनों में से 2 सैंपल लिए और शेष स्टॉक को तुरंत सीज कर दिया। इसके अलावा संदेह के आधार पर इसी प्रतिष्ठान से बिक रहे टमाटर केचप और रेडी टू सर्व फ्रूट ड्रिंक (लीची फ्लेवर) के भी नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत संग्रहित किए गए। नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आनंद कुमार, दीपक कुमार, अजय मोयल, केसी नंदन शर्मा एवं राजेंद्र शर्मा सम्मिलित रहे। …………. . पढें ये खबर भी… पीएम-सीएम पर अभद्र टिप्पणी, आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने शांति भंग में पकड़ा; जांच के आधार पर जोड़ेंगे अन्य धाराएं सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में कृष्णगंज थाना पुलिस ने एक यू-ट्यूबर नरेश राघानी को शांतिभंग में गिरफ्तार किया है। पूरी खबर पढें

राममंदिर चंदा चोरी- फर्जी रसीद बुक मिली:तीनों आरोपियों को लेकर लवकुश मिश्रा के घर गई पुलिस, परिवार वालों से भी पूछताछ की

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के तीन आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को पुलिस ने 40 घंटे की रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान पुलिस को आरोपियों से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की पुरानी फर्जी रसीद बुक मिली है। यह रसीद हूबहू असली की तरह दिखती है। इस पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का लोगो बना है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि वे फर्जी रसीद काटकर चंदा देने वालों से पैसे भी ऐंठ लेते थे। शुरुआत में टिन्नू यादव, लवकुश, करुणेश, अनुकल्प समेत अन्य आरोपी जब कोई मंदिर में दान देने की इच्छा जताता था, तो उसे रसीद के तौर पर यह फर्जी रसीद दे देते थे, ताकि किसी को शक न हो। अब नई व्यवस्था के तहत रसीद ऑनलाइन मिलती है, इसलिए इन लोगों ने इन रसीदों का इस्तेमाल करना बंद कर दिया था। पुलिस बुधवार को तीनों आरोपियों को लेकर अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के जौरा क्षेत्र पहुंची। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को शक है कि चोरी किए गए नोटों की गिनती और बंटवारा यहीं किया जाता था। शाम को पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर लवकुश मिश्रा के घर पहुंची। वहां घर में छिपाए गए कुछ रुपए भी पुलिस ने बरामद किए। हालांकि, रुपए कितने हैं, ये नहीं बताया गया है। देर रात करीब 11 बजे पुलिस टीम लवकुश मिश्रा के घर से निकली। गोपाल राव ने ट्रस्ट के प्रेस नोट को खारिज किया, बोले- हटाने की बात गलत ट्रस्ट से हटाए गए गोपाल राव ने दावा किया है कि वह अभी भी ट्रस्टी हैं। उन्हें हटाया नहीं गया है। हटाने की खबरें गलत संदेश है। जबकि सोमवार को ट्रस्ट की बैठक के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जारी किए गए प्रेस नोट में लिखा गया है कि विशिष्ट आमंत्रित सदस्य की सूची से हटा दिया गया है। गोपाल राव का वास्तविक नाम गोपाल नगरकोटे हैं, इसी नाम से उन्हें ट्रस्ट में विशिष्ट आमंत्रित सदस्य बनाया गया था। सर्राफा कारोबारी और एक बिल्डिंग मटेरियल कारोबारी के घर भी दबिश पुलिस टीम बुधवार सुबह 7:36 बजे फैजाबाद जेल पहुंची। तीनों आरोपियों को पुलिस लाइन लेकर गई। तब से उनसे पूछताछ जारी है। SIT रिपोर्ट के अनुसार, तीनों आरोपी CCTV फुटेज में नोटों को जेब में रखते हुए नजर आए थे। अयोध्या पुलिस ने मिल्कीपुर क्षेत्र में भी छापेमारी की। पुलिस ने आरोपी अनुकल्प मिश्रा के चाचा के साथ इनायतनगर के एक के यहां भी दबिश दी। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने जो प्रॉपर्टी या सामान खरीदा था, उसका भुगतान ऑनलाइन किया था या नकद। SIT ने ट्रस्ट के बड़े आयोजनों के खर्च की जांच शुरू की SIT ने अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बड़े आयोजनों के खर्च की जांच शुरू कर दी है। SIT 22 जनवरी 2024 के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह और 25 नवंबर 2025 के ध्वजारोहण के बिल और वाउचर खंगाल रही है। रिकॉर्ड के मुताबिक, प्राण-प्रतिष्ठा पर 113 करोड़ रुपए खर्च हुए। इसमें 8 हजार मेहमान आए थे। ध्वजारोहण पर 10.12 करोड़ खर्च हुए। राम मंदिर से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

गेस्ट हाउस में बदलेगा पूर्व CM केजरीवाल का बंगला:दिल्ली सरकार जल्द मंजूरी देगी, मंत्री-अधिकारी ठहरेंगे; भाजपा ने शीश महल नाम दिया था

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास रहे सिविल लाइंस स्थित फ्लैगस्टाफ रोड के बंगले को राज्य सरकार स्टेट गेस्ट हाउस में बदलने की तैयारी कर रही है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर सरकार अंतिम फैसला लेने के करीब है। बंगला नंबर-6 को अन्य राज्य अतिथि गृहों की तरह विकसित किया जाएगा। यहां बाहर से आने वाले मंत्री और सरकारी अधिकारी ठहरेंगे। इसके लिए शुल्क भी लिया जाएगा। प्रस्ताव में पार्किंग, वेटिंग हॉल और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी हायर लेवल से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। फिलहाल खाली है बंगला, देखरेख में 10 कर्मचारी लगे सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री का यह आवास फिलहाल खाली पड़ा है। इसके रखरखाव के लिए करीब 10 कर्मचारी तैनात हैं, जो रोजाना साफ-सफाई के साथ रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर समेत अन्य उपकरणों का रखरखाव करते हैं। केजरीवाल के मुख्यमंत्री रहते इस बंगले के नवीनीकरण को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। भाजपा ने इसके महंगे और आलीशान रेनोवेशन को लेकर इसे ‘शीशमहल’ नाम दिया था। केजरीवाल जिस बंगले में रहते थे, उसकी 8 तस्वीरें… CAG की रिपोर्ट- बंगले में 18.88 करोड़ रुपए का महंगा इंटीरियर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ कि रिनोवेशन पर तय अनुमान से करीब 342% ज्यादा खर्च किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में इस काम की अनुमानित लागत करीब 7.91 करोड़ रुपए थी, लेकिन अंतिम खर्च बढ़कर 33.66 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इसमें से लगभग 18.88 करोड़ रुपए महंगे इंटीरियर, सजावटी और एंटीक सामान पर खर्च किए गए। 2022 से चल रही केजरीवाल के बंगले पर खर्च की जांच 2022 में तत्कालीन उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने बंगले के रेनोवेशन अनियमितताओं और लागत बढ़ने के आरोपों की जांच शुरू की थी। फिलहाल इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। यह जांच तत्कालीन विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें रेनोवेशन में अनियमितताओं का आरोप लगाया था।

गैंगस्टर लॉरेंस को अमेरिका ले जाएगी FBI:गोल्डी बराड़ पर ₹50 हजार डॉलर इनाम; पहली बार दावा- इन्होंने कनाडा में निज्जर की हत्या कराई

अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया को अमेरिका ले जाएगी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, दोनों को वहां ट्रायल के लिए लाने हेतु प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए जल्द भारत सरकार से इनकी मांग की जाएगी। अधिकारियों ने ये बातें अमेरिका, कनाडा और यूरोप में भारत से जुड़े इंटरनेशनल क्राइम नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई के बाद कहीं। जिसमें 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुल 37 लोगों के खिलाफ अमेरिकी फेडरल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। चार्जशीट में लॉरेंस, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा समेत अन्य आरोपियों पर 2023 में कनाडा में हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। पहली बार लॉरेंस का नाम इस हत्याकांड से जोड़ा गया है। चार्जशीट में दावा किया गया है कि लॉरेंस भारत की जेल में रहते हुए भी अपने नेटवर्क का संचालन करता था और उसके सहयोगी अमेरिका, कनाडा तथा यूरोप में ड्रग तस्करी, रंगदारी और टारगेट किलिंग जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। इसके अलावा इसमें पंजाब पुलिस के एक अफसर हुंदलप्रीत सिंह का भी नाम इसमें आया है। उसे भी अमेरिकी अधिकारियों ने प्रत्यर्पित कर ले जाने की बात कही है। वहीं FBI ने गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर का इनाम घोषित किया है। इन पर लगाए आरोप सही साबित हुए तो अलग-अलग आरोपों में इन्हें 10 साल से भी अधिक सजा हो सकती है। FBI के कार्रवाई के बाद 8 खुलासे…. 1. कई साल की जांच के बाद 50 से ज्यादा ठिकानों पर रेड
अमेरिकी फेडरल एजेंसियों ने बताया कि इंडिया बेस्ड ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम नेटवर्क की कई वर्षों से इंटरकॉन्टिनेंटल जांच चल रही थी। इसके तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 50 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। पूरे मामले में 37 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। इनमें 24 आरोपी गिरफ्तार या पहले से हिरासत में हैं, जबकि बाकी की तलाश जारी है। कार्रवाई में करीब एक टन (1000 किलोग्राम) कोकीन, दर्जनों हथियार, नकदी और डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए। 2. तीन गैंग, एक इंटरनेशनल क्राइम नेटवर्क
अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक कार्रवाई सिर्फ एक गैंग के खिलाफ नहीं, बल्कि तीन इंडिया बेस्ड संगठित अपराध नेटवर्क पर हुई। भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस को नेटवर्क का हेड बताया गया है। नॉर्थ अमेरिका में ऑपरेशन गोल्डी बराड़ संभाल रहा था, जबकि यूरोप में रोहित गोदारा सक्रिय था। आरोप पत्र में जग्गू भगवानपुरिया और अमृतपाल बाठ के नेटवर्क का भी जिक्र किया गया है। एजेंसियों का दावा है कि ये गिरोह अलग-अलग देशों में समन्वय के साथ काम करते रहे। 3. भारत समेत 7 देशों तक फैला नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार इस नेटवर्क के तार भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, पुर्तगाल, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक फैले थे। गिरोह ड्रग्स की तस्करी, रंगदारी, टारगेट किलिंग, हथियारों की सप्लाई और अन्य संगठित अपराधों को कई देशों में अंजाम देता था। 4. मैक्सिकन कार्टेल से कोकीन, हवाला-क्रिप्टो से पैसों का खेल
अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) के मुताबिक नेटवर्क मैक्सिकन ड्रग कार्टेल से कोकीन खरीदकर अमेरिका और कनाडा तक पहुंचाता था। कारोबारी और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों से धमकी देकर रंगदारी वसूली जाती थी। इसके बाद रकम हवाला, क्रिप्टोकरेंसी और अन्य वित्तीय नेटवर्क के जरिए अलग-अलग देशों में ट्रांसफर की जाती थी। 5. पंजाब के पुलिस अधिकारी का भी नाम, 4 लाख डॉलर की रंगदारी का आरोप
अमेरिकी चार्जशीट में दावा किया गया है कि नेटवर्क ने भारत में मौजूद कुछ भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों का भी इस्तेमाल किया। इसमें पंजाब पुलिस से जुड़े हुंदलप्रीत सिंह नाम के अधिकारी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया कि कैलिफोर्निया में रहने वाले एक व्यक्ति से 4 लाख अमेरिकी डॉलर की फिरौती मांगने के लिए उसका इस्तेमाल किया गया। पीड़ित को धमकी दी गई थी कि रकम नहीं देने पर पंजाब में रह रहे उसके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। हालांकि यह अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है। इस पर पंजाब पुलिस का अभी कोई रिएक्शन नहीं है। 6. निज्जर हत्याकांड भी चार्जशीट का हिस्सा
अमेरिकी एजेंसियों ने ने आरोप लगाया है कि 2023 में कनाडा में खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश में लॉरेंस और गोल्डी बराड़ की भूमिका थी। यह पहली बार है, जब लॉरेंस का नाम निज्जर हत्याकांड में जोड़ा गया हो। इससे पहले सिख कट्‌टरपंथी संगठन उस पर शक जरूर जताते आए हैं। हालांकि अमेरिकी आरोप पत्र में भारत सरकार की किसी भूमिका का आरोप नहीं लगाया गया है। 7. RICO समेत सख्त कानूनों में केस दर्ज
अमेरिकी एजेंसियों ने आरोपियों पर हत्या, हत्या की साजिश, ड्रग तस्करी, हथियारों की तस्करी, रंगदारी, मनी लॉन्ड्रिंग और संगठित अपराध से जुड़े आरोप लगाए हैं। इनके खिलाफ अमेरिका के सबसे सख्त संगठित अपराध कानून रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशंस एक्ट (RICO) समेत कई धाराओं में कार्रवाई की गई है। 8. FBI, DEA, RCMP समेत कई एजेंसियों का संयुक्त ऑपरेशन
इस कार्रवाई में सिर्फ FBI ही नहीं, बल्कि अमेरिका की ड्रग्स और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने वाली फेडरल एजेंसी (DEA), होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की आपराधिक जांच एजेंसी (HSI), हथियार, विस्फोटक और संबंधित संगठित अपराधों की जांच करने वाली फेडरल एजेंसी (ATF), मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स फ्रॉड और वित्तीय अपराधों की जांच करने वाली कर विभाग (IRS) की आपराधिक जांच शाखा (IRS-CI) समेत कई फेडरल एजेंसियां शामिल थीं। इनके अलावा देशभर में संघीय स्तर के अपराधों की जांच कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) भी शामिल रहीं। कनाडा ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ नाम दिया। अधिकारियों के मुताबिक, हाल के वर्षों में इंडिया बेस्ड संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ यह सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियानों में से एक है। अब नजर इस बात पर है कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद भारत सरकार और भारतीय जांच एजेंसियां आगे क्या कदम उठाती हैं। लॉरेंस को अमेरिका ले जाने में आगे क्या होगा? क्या कभी किसी को भारत से प्रत्यर्पित किया गया?
इसका जवाब है हां, गणेश शेनॉय नाम के व्यक्ति को साल 2025 में लगभग 20 साल पुराने सड़क हादसे में मौत के मामले में भारत ने उसे अमेरिका प्रत्यर्पित किया। लंबे कानूनी संघर्ष के बाद भारतीय अदालतों और सरकार ने प्रत्यर्पण मंजूर किया। गणेश शेनॉय 2005 में अमेरिका में सड़क हादसे के बाद भारत भाग आया था। वह करीब 20 साल तक भारत में रहा और अमेरिकी प्रत्यर्पण अनुरोध के खिलाफ भारतीय अदालतों में कानूनी लड़ाई लड़ता रहा। सभी कानूनी विकल्प खत्म होने के बाद भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दी। इसके बाद सितंबर 2025 में उसे भारत से अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया, जहां उस पर मुकदमा चला। जिन गैंगस्टरों का नाम, उनके बारे में जानिए

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के लिए नए नियम लागू:ट्रैक्टर और निजी दोपहिया वाहनों की आरसी रिन्यू पर 30 सितंबर तक कम लगेगा लेट शुल्क

राज्य सरकार ने कृषि ट्रैक्टर और निजी इस्तेमाल वाले दोपहिया वाहनों की आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) रिन्यू कराने में देरी पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क में छूट दी है। यह व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। इसके साथ ही माल ढुलाई और दूसरे व्यावसायिक कामों में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के लिए अलग रजिस्ट्रेशन और अन्य नियम भी लागू कर दिए गए हैं। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, कृषि ट्रैक्टर की आरसी रिन्यू कराने में एक साल तक की देरी होने पर 500 रुपए प्रति माह के हिसाब से अतिरिक्त शुल्क लगेगा। इसकी अधिकतम सीमा 2,500 रुपए होगी। यदि देरी एक साल से ज्यादा है तो भी अधिकतम 5,000 रुपए अतिरिक्त शुल्क ही देना होगा। निजी दोपहिया वाहनों पर भी छूट निजी इस्तेमाल वाले दोपहिया वाहनों की आरसी रिन्यू कराने में देरी होने पर 300 रुपए प्रति माह के हिसाब से अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। इसकी अधिकतम सीमा 1,000 रुपए तय की गई है। वाहन मालिक 30 सितंबर 2026 तक इस व्यवस्था का लाभ ले सकेंगे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के लिए नए नियम ईंट, बजरी, रेत, पत्थर, खनिज और अन्य सामान की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का अब व्यावसायिक पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। खेती के काम में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर यह नियम लागू नहीं होगा। व्यावसायिक ट्रॉली का अलग पंजीकरण किया जाएगा और उसके लिए अलग रजिस्ट्रेशन नंबर, फिटनेस सर्टिफिकेट, व्यावसायिक बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र (PUC), वैध ड्राइविंग लाइसेंस और मोटर वाहन टैक्स जरूरी होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। पांच जिलों से होगी शुरुआत नई व्यवस्था को लागू करने के लिए पहले चरण में धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा और बूंदी में संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद इसे पूरे राजस्थान में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। साथ ही वाहन मालिकों को नए नियमों की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

राजस्थान- सबसे बडे़ हॉस्पिटल में जान बचाने वाली दवाएं खत्म:हार्ट-कैंसर बीमारी वाले मरीज भी संकट में; आरोप- नहीं मिलता सही जवाब, कहां जाएं?

चूरू का भरतराज जयपुर में राजस्थान के सबसे बड़े हॉस्पिटल सवाई मानसिंह (SMS) में मुफ्त दवा काउंटर पर लगी कतार में लगा है। करीब 2 घंटे बाद नंबर आया तो जवाब मिला- डॉक्टर की लिखी 5 में से 3 दवाएं उपलब्ध नहीं है…एक काम करो….रूम नंबर-11 पर ट्राई करो। एक काउंटर से दूसरे, फिर तीसरे काउंटर तक चक्कर काटने के बाद भी दवा नहीं मिली। आखिर में उससे कहा गया- पर्चा दे जाओ 3 से 4 दिन बाद आकर ले जाना। यह कहानी सिर्फ भरतराज की नहीं है। हर दिन सैकड़ों मरीज इसी परेशानी से गुजर रहे हैं। पड़ताल में सामने आया कि एसएमएस हॉस्पिटल में सामान्य बुखार से लेकर कैंसर, हार्ट, डायबिटीज, आंखों के रोग और सर्जरी में जान बचाने वाली 206 दवाइयां और इंजेक्शन नहीं मिल रहे। मरीजों को आधी या कुछ दवाइयां लेकर लौटना पड़ रहा है या फिर बाहर से खरीद रहे हैं। पहले डॉक्टर की लंबी कतार और बाद में मुफ्त दवा के लिए काउंटरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जो बाहर से आते हैं, उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है-बार-बार जयपुर आएं या जेब से दवा खरीदें? केस नंबर 1 : 5 घंटे चक्कर कटवाने के बाद बोला- 3-4 दिन बाद आना दूदू कस्बे से जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल आए किशनलाल को बार-बार चक्कर आते थे। कुछ दिन पहले डॉक्टर्स से इलाज लिया। दोबारा दिखाने आए तो कई घंटों में ओपीडी में नंबर आया। डॉक्टर ने 5 दवाएं लिख दी। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के काउंटर पर लाइन में लगे तो काफी देर बाद नंबर आया। लेकिन वहां 2 दवाइयां नहीं मिली। यहां से उन्हें काउंटर नबर 10-11 पर भेजा गया। यहां पर भी दवाएं नहीं मिली तो किशनलाल फिर से डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर ने दवा काउंटर से पर्ची पर नॉट अवेलेबल का ठप्पा लगवाकर लाने को कहा। किशनलाल उस काउंटर पर पहुंचे तो काउंटर संचालक ने दवा नॉट अवेलेबल लिखने से इनकार कर दिया गया। किशनलाल ने भास्कर को बताया कि 3-4 चक्कर काटने के बाद भी दवा नहीं मिली। लास्ट में कहा गया- पर्ची की फोटोकॉपी दे जाओ। लोकल परचेज के बाद 3-4 में दवाएं मिल जाएंगी। केस नंबर-2 : 5 मरीजों में एक को भी नहीं मिली पूरी दवाई जयपुर के रामचरण को स्किन एलर्जी की समस्या है। डॉक्टर ने देखने के बाद पर्ची पर 3 दवाएं लिख दी। लेकिन ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन काउंटर पर 2 दवाएं नहीं मिली तो 10-11 नंबर काउंटर से दवा लेने के लिए भेज दिया गया। लेकिन इस काउंटर पर दवाएं नहीं मिली। अब रामचरण को समझ नहीं आ रहा है कि अब कहां जाना है। इसी तरह चूरू के भरतराज को अर्थराइटिस की 3, पेट दर्द की समस्या लेकर आई जयपुर की राधा को 1 तो वहीं, अलवर से आए पेट-सीने में दर्द का इलाज कराने आए विक्रम को भी कुछ दवाइयां नोट अवेलेबल बताई गई। ज्यादातर मरीजों ने बताया कि सबसे बड़े हॉस्पिटल में कम से कम सभी दवाइयां मिल जाएंगी, अब यहीं सप्लाई नहीं है तो वे कहां जाएं? भास्कर पड़ताल : 200 से ज्यादा दवाएं नॉट अवेलेबल पड़ताल में सामने आया कि एक जुलाई से एसएमएस हॉस्पिटल में 206 दवाएं नॉट अवेलेबल हैं। इनमें हार्ट डिजीज, डायबिटीज, इन्फेक्शन, दर्द-सूजन, नेत्ररोग समेत कई कीमोथेरेपी दवाएं भी शामिल हैं। जयपुर के दूसरे हॉस्पिटलों में भी यही हाल ऐसा नहीं है कि सिर्फ एसएमएस हॉस्पिटल में ही इस प्रकार के हालात है। एसएमएस के अलावा अन्य सरकारी हॉस्पिटलों में भी आए दिन इस प्रकार के हाल होते हैं। राजधानी के शास्त्री नगर स्थित कांवटिया हॉस्पिटल में भी फिलहाल 100 से अधिक दवाएं उपलब्ध नहीं है। स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में भी दवाएं उपलब्ध नहीं होने पर दूसरे विकल्प दिए जा रहे हैं। सभी दवाएं उपलब्ध कराने की होती है कोशिश : हॉस्पिटल प्रशासन एसएमएस हॉस्पिटल में उपाधीक्षक डॉ. जगदीश मोदी ने बताया कि कुछ दवाएं आरएमएससीएल से अनुपलब्ध हैं। लेकिन उन दवाओं के हमारे पास कई विकल्प हैं। डायबिटीज या हाइपरटेंशन या अन्य रोगों की दवाएं ही नहीं, मरीज दवा उपलब्ध नहीं होने पर डॉक्टर्स से संपर्क कर दूसरी दवा लिखवा सकता है। मोदी ने बातचीत में माना कि कई बार लोकल परचेज में सप्लायर द्वारा दवाएं उपलब्ध कराने में थोड़ी देरी हो जाती है, जिसके कारण से मरीजों को कुछ असुविधा हो जाती है। …. ये खबर भी पढ़िए… नर्सिंगकर्मी के सुसाइड के बाद गर्भवती पत्नी ने पीया जहर:पिता बोले- बेटी डिप्रेशन में थी, सरकार ने कोई मदद नहीं की जयपुर में नर्सिंगकर्मी के सुसाइड के 25 दिन बाद दो महीने की गर्भवती पत्नी ने भी जहर खा लिया। महिला को गंभीर हालत में दौसा से सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल लाया गया। पूरी खबर पढ़िए…

ट्रेलर ने कार को मारी टक्कर,ड्राइवर समेत महिला की मौत:शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे, 6 लोग घायल; 1 जयपुर रेफर

कोटपूतली-बहरोड़ जिले में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर एक सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार सवार ड्राइवर सहित एक महिला की मौत हो गई। हादसे में अन्य 6 लोग घायल हैं। घायलों में एक को जयपुर रेफर किया गया है। हादसा मंगलवार रात करीब 10 बजे पनियाला थाना के मौलाहेड़ा गांव के पास हुआ। पहले देखें हादसे से जुड़ी PHOTOS
लेन चेंज करते समय ऊपर चढ़ा ट्रेलर एएसपी सतवीर सिंह ने बताया – ट्रेलर कोटपूतली से दिल्ली की ओर जा रहा था। कार सवार भी उसी तरफ एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। आगे जाम होने के कारण कार सवार लेन चेंज कर रहा था, इस दौरान मौलाहेड़ा पुलिया से आ रहा ट्रेलर बेकाबू होकर कार के ऊपर चढ़ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला और बीच हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार सवार सभी लोग अंदर ही फंस गए। कार में जितेंद्र (50), उनकी पत्नी पूजा (48), बेटी वेदांशी (18) और बेटे भव्य के साथ जा रहे थे। साथ ही उनके छोटे भाई नितेश की पत्नी सीमा (मृतक), बेटी सलोनी (16) और बेटा कुंज भी थे। इसके अलावा सबसे छोटे भाई उमेश का बेटा प्रियांश(10) भी परिवार के साथ था। जितेंद्र, नितेश और उमेश तीनों भाई कोटपूतली में किराना की दुकान चलाते हैं। 2 की मौत,1 जयपुर रेफर सूचना मिलते ही पनियाला थाना पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस की सहायता से राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डाॅक्टरों ने ढाणी मोतीवाली, गोशाला रोड कोटपूतली निवासी अंकित सैनी पुत्र मुकेश सैनी और कार सवार महिला सीमा गुप्ता (42) को मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में पूजा (48), वेदांशी (18), सलोनी (16),जितेंद्र (50) ,भव्य (10), प्रियांश(10) और कुंज घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल प्रियांश को जयपुर रेफर किया गया है।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाकर हाईवे पर यातायात सुचारू कराया। मृतकों के शव अस्पताल की माॅर्च्युरी में रखवाए गए हैं। पनियाला थाना पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है। फरवरी में होनी थी शादी मृतक ड्राइवर अंकित के परिजनों ने बताया – घर में सबसे बड़ा बेटा एकमात्र कमाऊ बेटा था। पिता बीमार रहते हैं और मां मजदूरी करती है। अंकित की अगले साल फरवरी में शादी तय थी।
ये खबर भी पढ़ें जयपुर में परिवार पर चढ़ा ट्रेलर, 4 की मौत:बच्चों के शव टुकड़ों में नाले में गिरे, मां के पैर टूटे; ट्रेलर के 5 चालान पेंडिंग
जयपुर में तेज रफ्तार ट्रेलर ने फुटपाथ पर बैठे एक परिवार के 5 लोगों को कुचल दिया। हादसे में तीन बच्चों और पिता की मौत हो गई। मां के दोनों पैर टूट गए। हादसा इतना भीषण था कि बच्चों के शवों के चिथड़े उड़ गए। एक बच्चे के शव के दो टुकड़े हो गए। सभी लोग नाले में गिर गए। (यहां पढ़ें पूरी खबर)

मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन पहुंचे:बोले- हमेशा शिव से जुड़ने का सौभाग्य मिला; 1000 साल पुराना मंदिर, दीवारों पर रामायण कथा उकेरी गई

पीएम मोदी बुधवार को अपने इंडोनेशिया दौरे के तीसरे और आखिरी दिन वहां के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन पहुंचे। यह मंदिर एक हजार साल पुराना है। पीएम ने मंदिर के जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया। इसके बाद आरती की और पुजारियों से आशीर्वाद लिया। पीएम के साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी मंदिर गए। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ तस्वीर शेयर की। उन्होंने प्लेन के अंदर से अपना एक वीडियो भी शेयर किया और आसमान से मंदिर का नजारा दिखाया। इंडोनेशिया से पीएम आज शाम ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न रवाना होंगे। उनका ऑस्ट्रेलिया दौरा 8 से 10 जुलाई तक है। प्रम्बानन मंदिर में पीएम, 4 तस्वीरें… प्रम्बानन मंदिर के अंदर 240 मंदिर, सबसे ऊंचा शिव मंदिर PM के इंडोनेशिया-ऑस्ट्रेलिया दौरे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

सरपंच मैडम चप्पल लेकर झपटीं, पंचायत मीटिंग में अफरा-तफरी:बिना तार जुड़े बिजली मीटर ने चलाई रीडिंग, डेढ़ फीट पानी पार कर जाते हैं स्कूल

नमस्कार जयपुर के बस्सी में सरपंच मैडम ने चप्पल से समाधान निकालने की कोशिश की। कोटा में आत्मनिर्भर बिजली मीटर बदल दिया गया और टोंक में बच्चे पानी भरे रास्ते से स्कूल जा रहे हैं। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. पंचायत में चप्पल से समाधान आपने पंचायत सीरीज देखी होगी। मारपीट करने वाले दो पक्षों को पकड़ने के बाद थाने में दो पुलिस अधिकारी आपस में बात करते हैं। एक कहता है- तोड़-फोड़, मार-पिटाई, चिल्लम-चिल्ली, लगता है पंचायत चुनाव आने वाले हैं। राजस्थान में पंचायत चुनाव अभी डिक्लेयर नहीं हुए हैं, लेकिन किसी भी वक्त हो सकते हैं। ऐसे में जयपुर के बस्सी की सांभरिया पंचायत में माहौल गर्म है। पंचायत समिति में विकास के मुद्दों को लेकर मीटिंग चल रही थी। विरोधी वार्ड मेंबरान ने सरपंच साहिबा पर फाइल गायब करने का आरोप लगा दिया। मैडम आरोप झेल नहीं पाईं। वे आपे से बाहर हो गईं। कुर्सी से उछलकर खड़ी हुईं और चप्पल निकाल कर हाथ में ले ली। बड़ी मुश्किल से उन्हें वहां मौजूद साहब-साहिबान ने काबू किया। यह अदावत नई नहीं। सुनने में आया है कि सरपंच मैडम और उप सरपंच साहब के बीच छत्तीस का आंकड़ा है। जो बढ़ते-बढ़ते छत्तीसगढ़ हो गया है। सरपंच की ओर से उप-सरपंच पर तोहमतें लगाई जाती रही हैं और उप-सरपंच की ओर से सरपंच पर। एक बार तो उप-सरपंच साहब ने लंबा-चौड़ा लेटर लिखकर मैडम की शिकायत कर दी जिसे खारिज कर दिया गया। फिर उप-सरपंच पर फाइलें घर ले जाने के आरोप लगे। नाराज होकर उप-सरपंच टंकी पर चढ़ गए थे, जिन्हें उतारने के लिए तहसीलदार-बीडीओ को हाथा-जोड़ी करनी पड़ी। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने हथियार पैने करके बैठे हैं। अब तो बस चुनाव हो ही जाए। 2. आत्मनिर्भर मीटर चेंज आत्मनिर्भर भारत की राह में नए-नए इनोवेशन हो रहे हैं। इस बीच कोटा में आत्मनिर्भर बिजली मीटर भी सामने आया। आरकेपुरम सेक्टर-बी में रहने वाले निरंजन सिंह के मकान का काम चल रहा था। मकान खाली था। इस बीच बिजली कनेक्शन हुआ। कोटा डिस्कॉम लिमिटेड वाले एक बिजली मीटर लगा गए। मीटर का तार भी नहीं जुड़ा था कि रीडिंग की बत्ती चालू। इस मीटर ने उन शूरवीरों की याद दिला दी जो युद्ध में सिर कटने के बाद भी दोनों हाथों से तलवार चलाते रहते थे। मीटर जांबाज निकला। निरंजन हैरान। एमसीबी चेक की। लाइट चेक की। लाइन चेक की। लेकिन जब तार ही हटा हुआ है तो मीटर कैसे चल सकता है? शिकायत की गई। बिजली वाले आए और आत्मनिर्भर मीटर को उतार ले गए। नया मीटर लगा गए। अब चमत्कारी मीटर की जांच लैब में की जाएगी। अब निरंजन को अगले बिजली बिल का इंतजार है। वह सोच रहे हैं कि ‘चमत्कार’ का कितना भुगतान करना पड़ेगा। 3. चलते-चलते.. भक्त शिरोमणि मीराबाई ने लिखा था- ऊंची नीची राह रपटीली, पांव नहीं ठहराय। सोच-सोच पग धरूं जतन से, बार-बार डिग जाय। मीराबाई ने प्रेम और भक्ति की राह को रपटीली कहा था। लेकिन चौमासे में ज्यादातर गांवों के सरकारी स्कूलों की राह भी प्रेममय-भक्तिमय नजर आ रही है। यानी रपटीली। टोंक की निवाई तहसील का छोटा सा गांव है दहलोद। यहां 30 बच्चे रोजाना स्कूल जाने के लिए एक किलोमीटर तक एक से डेढ़ फीट का दरिया पार करते हैं। जूतों से चलने का सवाल ही नहीं। कभी-कभी चप्पल दुहरा जाती है या बद्दी उखड़ जाती है। बच्चे सोच-सोच कर जतन से पग धरते हैं लेकिन डिग जाते हैं। बच्चों को मीराबाई का चैप्टर पढ़ाया जाए तो वे समझ नहीं पाएंगे कि वे भक्ति की राह पर चलती थीं या फिर स्कूल की राह पर। सरकारी स्कूलों के बरामदों में अक्सर लिखा होता है- असतो मा सदगमय..तमसो मा ज्योतिर्गमय। चौमासे-चौमासे यह भी लिख देना चाहिए- कीचड़ मा स्कूल गमय। धौलपुर के सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अलग तरह की समाजसेवा कर रहे हैं। वे पानी-गड्‌ढे-कीचड़ वाली खराब सड़कों पर जाते हैं और फिल्मी गीतों पर डांस कर प्रशासन का ध्यान खींचते हैं। खास बात ये मखौल उड़ाए जाने के बाद प्रशासन एक्टिव होता है और सड़क की मरम्मत कर दी जाती है। टोंक के बच्चों को इस वक्त सर से ज्यादा ऐसे ही किसी इन्फ्लूएंसर की जररूत है। इनपुट सहयोग- महावीर बैरवा (टोंक)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।