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जयपुर में युवक की पीट-पीटकर हत्या:भाई बोला- 8-10 बदमाशों ने घर से ले जाकर खेत-फार्म हाउस पर लाठियों-सरियों से मारा

जयपुर में एक युवक को बदमाशों ने बेरहमी से लाठियों-सरियों से मारा। परिजनों ने गंभीर घायल युवक को आमेर के सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान मंगलवार देर रात युवक ने दम तोड़ दिया। यह वारदात आमेर थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे हुई। 10-15 बदमाश वसीम खान (30) पुत्र अशरफ निवासी आमेर के काजीवाड़ा को उसके घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। परिजनों का आरोप है कि बदमाशों ने घर के बाहर अबूजार मस्जिद के पास वसीम के साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद वसीम को पास के एक खेत में ले जाकर मारा। बाद में अपने फार्म हाउस पर ले गए। देर शाम 7 बजे वसीम को घर के बाहर पटक गए। वसीम के सिर सहित हाथ-पैर पर गंभीर चोटें आई थी। इससे वसीम की मौत हो गई। वसीम नगीनों का काम करता था। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया- आमेर थाना इलाके में काजीवाड़ा अबूजार मस्जिद के पास घर से बुलाकर युवक वसीम से मारपीट की गई। बाद में इलाल के दौरान वसीम की मौत हो गई। मामले में पुलिस टीम गठित कर कार्रवाई की जा रही है। परिवार ने अखलाक, माहिर, बबलू, अज्जू, ईशान, सुका, सोहल पर आरोप लगाए हैं। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संबंधित इलाकों में दबीश दे रही है। वहीं वसीम की मौत के बाद इलाके में बुधवार को तनाव का माहौल है। वसीम का बुधवार को पोस्टमॉर्टम जयपुर के एसएमएस अस्पताल की मॉर्च्युरी में किया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि होगी। पिता का आरोप- 3 दिन पहले भी की थी मारपीट वसीम के पिता अशरफ ने कहा- दो-तीन दिन पहले भी इन्हीं बदमाशों ने इलाके के अन्य लोगों के साथ बेटे के साथ मारपीट की थी। अशरफ का आरोप है कि कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने बताया- वसीम को 10 से 12 बदमाशों ने पहले घर से नीचे ले जाकर पीटा। इसके बाद इसे घसीटकर सड़क पर ले गए। बाद में खेत में ले जाकर मारा। अशरफ ने आपसी रंजिश से इनकार किया है। भाई बोला- दर्द के मारे दम तोड़ा मृतक वसीम के भाई मोहम्मद रईस ने बताया- कुछ काम होने की बात कहकर 10 से 15 लोग भाई को लेकर गए थे। बाद में उसे बेरहमी से मारा। आरोपियों ने वसीम को इतना मारा कि उसने दर्द के मारे दम तोड़ दिया। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे देखे पुलिस अधिकारियों ने कहा- मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, परिजनों के आरोप और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही आमेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मौका मुआयना किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का दौरा:अलवर के पिनान रुका काफिला, एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसों को लेकर NHAI अफसरों से की चर्चा

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी आज दोपहर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के औचक निरीक्षण पर है। दिल्ली से आते हुए अलवर जिले के पिनान से पहले बने रेस्ट एरिया में केंद्रीय मंत्री का काफिला रुका। एक्सप्रेस-वे पर पहुंचने पर डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने गडकरी का स्वागत किया। इस मौके पर अलवर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी केंद्रीय मंत्री से मिलने और अपनी मांगें रखने पहुंचे। नितिन गडकरी के साथ दिल्ली से आया एनएचएआई (NHAI) और मंत्रालय के उच्चाधिकारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहें। यहां गडकरी ने NHAI के अफसरों से एक्सप्रेसवे पर हो रहे हादसों को लेकर चर्चा की। दौसा बस हादसे की जगह का कर सकते हैं ‘स्पॉट असेसमेंट’ केंद्रीय मंत्री गडकरी एक्सप्रेसवे पर आगे बढ़ते हुए दौसा के पास उस दर्दनाक हादसे वाली जगह का मौका मुआयना (स्पॉट असेसमेंट) कर सकते हैं, जहां हाल ही में एक बस में आग लगने से 8 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। गडकरी इस संवेदनशील मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं और दुर्घटना के कारणों को समझने के लिए खुद ग्राउंड जीरो पर स्थिति देख सकते हैं। एक्सप्रेस-वे पर बढ़ते हादसों को लेकर NHAI अफसरों से चर्चा की दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर केंद्रीय मंत्री खासे गंभीर नजर आ रहे हैं। सफर के दौरान ही वे एनएचएआई के आला अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग करेंगे। इन मुद्दों पर हो चर्चा कोटा में सीएम और लोकसभा स्पीकर संग साझा करेंगे मंच अलवर और दौसा का दौरा पूरा करने के बाद नितिन गडकरी सीधे कोटा के लिए रवाना होंगे। कोटा में आयोजित एक भव्य सरकारी कार्यक्रम में वे शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में उनके साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री और लोकसभा स्पीकर भी मंच साझा करेंगे। कोटा में गडकरी कई नई विकास परियोजनाओं की सौगात दे सकते हैं।

लग्जरी तिजोरियों में धन छिपा रहे धनकुबेर; बंकर जैसी सुरक्षा:बायोमेट्रिक से एंट्री, 500 टन सोना और 10 हजार टन चांदी रखने की क्षमता

ऐसी आलीशान जगह, जहां चारों ओर अत्याधुनिक सुरक्षा का अभेद्य घेरा है। आपके बगल में करोड़ों रुपए के हीरे, सोने की सिल्लियां और बेशकीमती पेंटिंग्स रखी हैं। सामने रूफटॉप गार्डन है और आप दुनिया के सबसे महंगे शेफ के हाथों तैयार भोजन का आनंद ले रहे हैं। यह फिल्मी दृश्य नहीं, बल्कि 2026 की हकीकत है। दुनिया के अल्ट्रा-रिच लोगों के लिए बैंक के पुराने, अंधेरे व साधारण लॉकर अब बीती बात हो चुके हैं। उनकी जगह ले ली है अत्याधुनिक ‘प्राइवेट वॉल्ट्स’ ने। ये सिर्फ कीमती संपत्ति की सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आलीशान सुविधाओं से लैस ऐसे निजी म्यूजियम बन चुके हैं, जो रईसों की जीवनशैली का प्रतीक हैं। इस बदलाव की सबसे रोचक मिसाल सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट के पास स्थित ‘द रिजर्व’ है। 18 लाख वर्गफुट में फैली इस अभेद्य तिजोरी में रईसों के लिए 40 सीटों वाला शानदार ‘ऑनिक्स रूम’ बनाया गया है। इसके साथ खूबसूरत रूफटॉप गार्डन भी है। सिल्वर बुलियन ग्रुप’ के सीईओ ग्रेगर ग्रेगरसन के अनुसार, इस वॉल्ट को सुरक्षा के साथ प्रीमियम अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। मेहमान पांचवीं मंजिल के व्यूइंग प्लेटफॉर्म से तिजोरी में अपना सोना-चांदी देखते हुए खाना खाते हैं। यहां 500 टन सोना और 10 हजार टन चांदी रखने की क्षमता है। लंदन के मेफेयर और पार्क लेन इलाके भी पीछे नहीं हैं। ‘आईबीवी इंटरनेशनल वॉल्ट्स’ वीआईपी ग्राहकों को अनोखा अनुभव देता है। कीमती सामान रखने आने वालों के लिए निजी चालक वाली लग्जरी कार सेवा और मशहूर डोरचेस्टर होटल में खास ‘आफ्टरनून टी’ जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। सुरक्षा के मामले में यह जगह बंकर से कम नहीं। आईबीवी गोल्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर सीन होए के अनुसार, यहां लगे खास शीशे एके-47 की गोलियों तक का सामना कर सकते हैं। दुनियाभर में नए ठिकाने उभर रहे ट्रेंड फोरकास्टिंग फर्म ‘फ्यूचर लैबोरेटरी’ के कोफाउंडर क्रिस्टोफर सैंडरसन कहते हैं, लंदन अकेला इस उद्योग का पारंपरिक केंद्र नहीं है। जिनेवा के फ्रीपोर्ट में करीब 9.5 लाख करोड़ की कलाकृतियां सुरक्षित रखी गई हैं, जबकि दुबई तेजी से बंकर-ग्रेड तिजोरियों का नेटवर्क खड़ा कर रहा है। हांगकांग व मिलान भी लग्जरी जीवनशैली और मजबूत वित्तीय ढांचे के कारण धनकुबेरों को आकर्षित कर रहे हैं। पर्यटक शॉर्ट टर्म के लिए किराए पर ले रहे हैं निजी वॉल्ट्स यूरोप की इंटरनेशनल टैक्स ऑब्जर्वेटरी के अनुसार, 15 वर्ष पहले दुनिया के अरबपतियों की कुल संपत्ति 427 लाख करोड़ रुपए थी, जो अब बढ़कर करीब 1889 लाख करोड़ रुपए हो गई है। इस विशाल संपत्ति के साथ सुरक्षित स्टोरेज की मांग भी तेजी से बढ़ी है। लंदन की चर्चित ‘हैटन गार्डन’ डकैती और कई पारंपरिक बैंकों द्वारा लॉकर सेवाएं बंद किए जाने के बाद अमीर लोग निजी वॉल्ट्स की ओर रुख कर रहे हैं। उधर, लंदन और यूरोप के अन्य बड़े शहरों में लग्जरी घड़ियों की लूटपाट बढ़ी है। अपराधी इन्हें ‘अंडरवर्ल्ड करेंसी’ की तरह इस्तेमाल करते हैं, इसलिए पर्यटक और स्थानीय धनाढ्य वर्ग अल्पकालिक लॉकर (शॉर्ट टर्म के लिए) किराए पर लेने लगे हैं।

हैदलपुर में सड़क पर जलभराव, लोगों में आक्रोश:स्कूली बच्चे और ग्रामीण कीचड़ से निकलने को मजबूर

धौलपुर जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर कोलुआ ग्राम पंचायत के हैदलपुर गांव में मुख्य सड़क की बदहाली ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए गंभीर समस्या बन गई है।
सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण हालात इतने खराब हैं कि गांव से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी सरकारी विद्यालय जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ रही है। स्कूल का रास्ता इसी सड़क से होकर गुजरता है, जहां जगह-जगह पानी भरा रहने के कारण बच्चों को रोज कीचड़ में होकर स्कूल जाना पड़ता है। फिसलकर गिरने से कई बच्चों को चोटें भी लग रही हैं और उनकी स्कूल यूनिफॉर्म खराब हो जाती है। लगातार बारिश के कारण कई बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
ग्रामीण अजय सिंह ने बताया कि गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में गांव की मूलभूत समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीण भारत सिंह का कहना है कि विद्यालय जाने का यही मुख्य मार्ग है और बच्चे प्रतिदिन कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं। उन्होंने जोर दिया कि बंद पड़े नालों की सफाई और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था के बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। महिलाओं, बुजुर्गों को भी भारी परेशानी
वहीं, दिनेश कुशवाहा ने बताया कि विद्यालय के सामने सबसे अधिक कीचड़ और जलभराव रहता है, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इससे ग्रामीणों को राहत मिलेगी और स्कूली बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित नहीं होगी।

नासिक में गोदावरी खतरे के निशान के पार, पुल-सड़कें बहीं:गुजरात के सूरत में बाढ़, राजस्थान में सड़कें नदियां बनीं, एमपी में इमारत गिरी; 16 PHOTOS

देश के कई राज्यों में भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। महाराष्ट्र के नासिक, मुंबई और पुूणे में भी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। नासिक में त्र्यंबकेश्वर के दो गांवों को जोड़ने वाला पुल और सड़कें बह गई हैं। यह मंदिर का परिक्रमा मार्ग भी था। श्रद्धालुओं की एंट्री दो दिन के लिए रोक दी गई है। नासिक में गोदावरी नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। वहीं गुजरात के सूरत और नवसारी में बाढ़ के हालात बन गए हैं। राजस्थान के जोधपुर समेत कई शहरों में सड़कों पर नदियों की तरह पानी बह रहा है। मध्य प्रदेश के जबलपुर में पांच मंजिला इमारत गिर गई। देखिए तबाही की 16 तस्वीरें… महाराष्ट्र: पुणे, नासिक, मुंबई में बाढ़ के हालात दिल्ली-NCR: सड़कों पर पानी भरा, गाड़ियों पर पेड़ गिरे मध्य प्रदेश: बारिश से बिल्डिंग गिरी, सड़कें जलमग्न गुजरात: सूरत शहर डूबा, नवसारी में कार बही जम्मू-कश्मीर: डोडा में बाढ़ के साथ पत्थरों का सैलाब राजस्थान: सड़कों पर नदी जैसी पानी की धार ————————– बारिश से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सूरत में बारिश का 85 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा: 36 घंटे में 19 इंच बारिश; जबलपुर में 5 मंजिला बिल्डिंग गिरी, दिल्ली-जयपुर हाईवे धंसा गुजरात के सूरत में 36 घंटे में 19 इंच बारिश हुई। इसके साथ ही जुलाई 1941 में दर्ज हुई 18 इंच बारिश का 85 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। शहर में बाढ़ आ गई, शॉपिंग मॉल की एक मंजिल पानी में डूब गई और कारें सड़कों पर बहती नजर आईं। शहर का कोई इलाका नहीं बचा, जहां पानी न भरा हो। सूरत में करंट लगने, पेड़ और बिजली गिरने से 9 लोगों की जान चली गई। बाढ़ में फंसे 3400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सूरत और नजदीकी इलाके नवसारी में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी बंद हैं। लोगों से कहा गया है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। पूरी खबर पढ़ें…

हनुमानगढ़ में भीषण गर्मी, उमस से लोग बेहाल:बारानी क्षेत्र में फसलें झुलसीं, बारिश का इंतजार जारी

हनुमानगढ़ जिले में मानसून की सक्रियता का इंतजार लगातार बढ़ रहा है। पिछले कई दिनों से आसमान में बादल छाए हुए हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से भीषण गर्मी और उमस ने जनजीवन को प्रभावित किया है। सुबह से ही बादलों के बीच धूप और दोपहर में उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। मौसम में नमी बढ़ने के बावजूद वर्षा नहीं होने से किसानों की चिंता गहरी हो गई है। सबसे अधिक परेशानी बारानी (वर्षा आधारित) क्षेत्र के किसानों को हो रही है। इन इलाकों में खरीफ फसलों की बुवाई बारिश के भरोसे होती है। फसलों को हो रहा नुकसान
पर्याप्त बरसात नहीं होने और लगातार बढ़ते तापमान के कारण खेतों में अंकुरित फसलें झुलसने लगी हैं। खासतौर पर मूंगफली की फसल पर संकट मंडरा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है और कई स्थानों पर फसलें पूरी तरह झुलस सकती हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में भी गर्मी से तत्काल राहत मिलने के आसार कम हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने गुरुवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री, शुक्रवार को 41 डिग्री और शनिवार तक 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई है। किसानों को मानसून की बारिश का इंतजार
इस दौरान बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और आर्द्रता 69 से 78 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है, जिससे उमस और अधिक महसूस हो सकती है। उमस के चलते बिजली की मांग में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे अघोषित कटौती और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या बढ़ी है। किसानों और आमजन की निगाहें अब मानसून की बारिश पर टिकी हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बादल बने रहने से स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव की संभावना रहती है, हालांकि प्रभावी वर्षा के लिए मानसूनी तंत्र के और अधिक सक्रिय होने की आवश्यकता है। फिलहाल जिले में गर्मी, उमस के बीच बारिश का इंतजार जारी है।

कचरा प्लांट के विरोध में स्कूलों पर ताले जड़े:बोले- शहर की गंदगी गांव में नहीं आने देंगे, स्टाफ को बाहर ही रुकना पड़ा

श्रीगंगानगर के नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित ठोस कचरा प्लांट लगाए जाने के विरोध में बुधवार को ग्रामीणों ने मांझूवास व नरसिंहपुरा के 4 सरकारी स्कूलों पर ताले लगा दिए। इसके बाद स्कूल परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। स्कूल बंद होने पर स्कूल का स्टाफ बाहर ही खड़ा रहा और ग्रामीणों ने अंदर नहीं जाने दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि शहर की गंदगी गांव में नहीं आने दी जाएगी। कचरा प्लांट का विरोध सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। तहसीलदार जितेंद्र कुमार, सीआई सतवीर मीणा और नायब तहसीलदार अंकित कुमार ने ग्रामीणों के साथ वार्ता की। वार्ता के बाद ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। धरना सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चला। वहीं, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक नरसिंहपुरा से कचरा प्लांट नहीं हटेगा, उनका विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। नगर परिषद पहले श्रीगंगानगर शहर का कचरा गांव 6 जेड में डाल रही थी। हाईकोर्ट के आदेश और 2016 के टेंडर के अनुसार इसे नेतेवाला के पास 17 बीघा सरकारी भूमि पर शिफ्ट करना था। लेकिन तीनों जगहों पर विरोध के चलते आनन-फानन में 13 बीघा भूमि नरसिंहपुरा बारानी में खरीदकर नगर परिषद को सौंपी और प्लांट यहां लगवाने की कवायद शुरू कर दी।

युवक ने घर में फंदा लगाकर किया सुसाइड:एक दिन पहले मुंबई से लौटा था, रात को परिजनों के साथ खाना खाकर सोया था

डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र के जेठाना गांव में एक युवक ने अपने घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। युवक मंगलवार सुबह ही मुंबई से अपने घर लौटा था और बुधवार सुबह उसका शव फंदे पर लटका मिला। आत्महत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। सागवाड़ा थाना पुलिस के अनुसार, जेठाना निवासी वासु कटारा ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा सुनील कटारा (22) मुंबई में एक चाय की दुकान पर काम करता था। सुनील 7 जुलाई 2026 की सुबह ही अपने घर जेठाना लौटा था। मंगलवार शाम को सुनील ने परिवार के साथ खाना खाया और रात करीब 8 बजे अपने कमरे में सोने चला गया। बुधवार सुबह जब परिजनों ने उसे आवाज दी और कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। अंदर सुनील का शव पंखे से फंदे पर लटका हुआ मिला। परिजनों ने तत्काल सुनील को फंदे से उतारा और सागवाड़ा के जनरल हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को सागवाड़ा अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल, युवक की आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। सागवाड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

खेजड़ी की छगाई कर-रहे किसान पर मधुमक्खियों का हमला, मौत:पेड़ से नीचे गिरे, बांगड़ हॉस्पिटल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम

खेत में काम कर रहे किसान की बर्र (घोड़ा) मक्खियों के हमले से मौत हो गई। मामला डीडवाना- कुचामन जिले के केराप गांव का है। दरअसल, किसान सुभाष चंद्र (39) खेत में खेजड़ी की छगाई कर रहे थे। इसी दौरान उन पर मक्खियों ने हमला कर दिया। जिससे वह खेजड़ी के पेड़ से नीचे गिर गए। ज्यादा डंक मारने से सुभाष चंद्र गंभीर घायल हो गए। गंभीर हालात में उन्हें केराप पीएचसी हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद बांगड़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना बुधवार सुबह 9 बजे की है। मक्खियों के हमले से अचेत होकर गिर गए थे मृतक के भतीजे सोहन ने बताया- परिजनों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन सुभाष चंद्र पर भारी संख्या में मक्खियों ने एक साथ हमला कर दिया। जिससे वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े। घटना के बाद परिजन उन्हें तुरंत केराप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बांगड़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मृतक के परिवार में पत्नी सहित एक लड़का और एक लड़की है। सूचना पर डीडवाना पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों की रिपोर्ट के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की गई।

कलेक्टर के निर्देश के बाद सीमाज्ञान प्रकरण में विवाद:किसान ने लगाए आरोप, राजस्व विभाग ने रखी अपनी स्थिति

धौलपुर के बसेड़ी उपखंड के हरजूपुरा निवासी किसान भीकम सिंह ने आरोप लगाया है कि जिला कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद उनकी कृषि भूमि का सीमाज्ञान नहीं कराया गया तथा कथित अतिक्रमण के संबंध में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। किसान ने राजस्व अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक तरीके से सीमाज्ञान कराने तथा भूमि का कब्जा दिलाने की मांग की है। किसान का दावा : आदेशों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
किसान भीकम सिंह के अनुसार उन्होंने 2 जुलाई 2026 को जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर खाता संख्या 240 एवं खसरा संख्या 3289 से 3295 तक स्थित अपनी कृषि भूमि का सीमाज्ञान कराने तथा कथित अतिक्रमण हटवाने की मांग की थी। उनका आरोप है कि जिला कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। किसान का कहना है कि 6 जुलाई को राजस्व टीम मौके पर पहुंचे, लेकिन सीमाज्ञान किए बिना ही लौट गए। किसान के अनुसार उन्हें बताया गया कि यह माप स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है तथा जिला स्तर पर आधुनिक तकनीक से सर्वेक्षण कराया जाएगा। किसान का आरोप है कि राजस्व अधिकारियों ने जानबूझकर कार्रवाई नहीं की और इस संबंध में उन्होंने मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं।
किसान का पक्ष
किसान का कहना है कि उनकी भूमि की सीमाएं राजस्व रिकॉर्ड एवं मसावी नक्शे में स्पष्ट अंकित हैं। उनका दावा है कि मौके पर कुएं, पुराने वृक्ष तथा अन्य स्थायी चिन्ह मौजूद हैं, जिनके आधार पर सीमाज्ञान संभव है। उन्होंने प्रशासन से आधुनिक तकनीक के माध्यम से निष्पक्ष सीमाज्ञान कराकर कथित अतिक्रमण हटाने और कब्जा दिलाने की मांग की है। राजस्व विभाग का पक्ष : मौके की वास्तविक स्थिति में सीमाज्ञान संभव नहीं
राजस्व विभाग के अनुसार जिला कलेक्टर के निर्देशों की पालना में 6 जुलाई 2026 को संबंधित राजस्व अभिलेख, जमाबंदी, शजरा/मसावी नक्शा तथा उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मौके का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रार्थी, संबंधित पक्षकार एवं ग्रामीण उपस्थित थे तथा मौके पर मौका पर्चा भी तैयार किया गया। विभाग के अनुसार निरीक्षण में पाया गया कि विवादित भूमि पटवार हल्का धौर्र एवं कांकोर की राजस्व सीमा के निकट स्थित है। उपलब्ध मसावी नक्शे एवं धरातलीय स्थिति के मिलान में दोनों राजस्व ग्रामों की सीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित नहीं हो सकी तथा सीमा क्षेत्र में बाउंड्री ओवरलैप (Boundary Overlap) की स्थिति पाई गई। ऐसे में संबंधित खसरों का निर्विवाद सीमाज्ञान मौके पर करना संभव नहीं था। राजस्व विभाग का कहना है कि निरीक्षण के समय विवादित भूमि पर प्रार्थी का वास्तविक भौतिक कब्जा नहीं पाया गया। मौके पर अन्य व्यक्तियों का दीर्घकालीन कब्जा, कृषि कार्य, निर्माण, चारदीवारी, मेड़ एवं वृक्षारोपण पाया गया, जिनके संबंध में संबंधित राजस्व अभिलेख भी उपलब्ध हैं।
विधिक स्थिति
राजस्व अधिकारियों के अनुसार राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 128 के अंतर्गत सीमाज्ञान का उद्देश्य केवल भूमि की सीमा का प्रशासनिक निर्धारण करना है। इस प्रक्रिया में स्वामित्व, खातेदारी अथवा कब्जे से जुड़े विवादों का अंतिम निर्णय नहीं किया जा सकता। विभाग का कहना है कि जब दो राजस्व ग्रामों की सीमा अस्पष्ट हो, सीमा ओवरलैप की स्थिति हो अथवा कब्जे एवं खातेदारी को लेकर विवाद हो, तब ऐसे मामलों का अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा ही किया जा सकता है। वर्तमान परिस्थितियों में उपलब्ध रिकॉर्ड एवं मौके की स्थिति के आधार पर वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत सीमाज्ञान करना संभव नहीं पाया गया।
मौका पर्चे में भी दर्ज है यही स्थिति
राजस्व विभाग के अनुसार मौके पर तैयार किए गए मौका पर्चे में भी उल्लेख किया गया है कि दोनों राजस्व ग्रामों की सीमा स्पष्ट न होने तथा सीमा क्षेत्र में ओवरलैप की स्थिति के कारण तत्काल सीमाज्ञान करना संभव नहीं है। विभाग का कहना है कि यदि भविष्य में सक्षम प्राधिकारी द्वारा दोनों राजस्व ग्रामों की सीमा स्पष्ट कर दी जाती है अथवा न्यायालय से आवश्यक आदेश प्राप्त होते हैं, तो नियमानुसार आगे की सीमाज्ञान एवं राजस्व कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की ओर से
फिलहाल किसान द्वारा लगाए गए मिलीभगत एवं लापरवाही के आरोप उनके व्यक्तिगत आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, राजस्व विभाग का कहना है कि कलेक्टर के निर्देशों की पालना में मौका निरीक्षण किया गया तथा उपलब्ध राजस्व अभिलेखों, मौके की वास्तविक स्थिति और विधिक प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही की गई। प्रकरण वर्तमान में राजस्व एवं विधिक प्रक्रिया के अधीन है।