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मुंबई एयरपोर्ट में रनवे पर आमने-सामने आए प्लेन:एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के बाद खड़ा था, एअर इंडिया प्लेन ने टेक-ऑफ रन शुरू कर दिया

मुंबई एयरपोर्ट पर मंगलवार रात को हादसा टल गया। एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के दो विमान एक ही रनवे पर आमने-सामने आ गए। घटना रात 10 बजे की बताई गई है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, एअर इंडिया के विमान ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के निर्देश पर टेक-ऑफ रन रोक दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के बाद रनवे से हटा नहीं था, तभी दिल्ली जाने वाला एयर इंडिया का विमान उसी रनवे से उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था। एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि सिलिगुड़ी से आई एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट रनवे खाली कर ही रही थी। जबकि दिल्ली जाने वाली फ्लाइट AI816 के क्रू ने ATC के निर्देश मिलते ही टेकऑफ रन तुरंत रोक दिया और विमान को वापस पार्किंग एरिया में ले जाया गया। एयरलाइन के मुताबिक, विमान की स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर के तहत जांच की जाएगी। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। आम तौर पर, टेक-ऑफ रन का मतलब है टेक-ऑफ की रफ्तार पकड़ने से पहले विमान का जमीन पर दौड़ना। यात्रियों की संख्या का खुलासा नहीं फिलहाल दोनों विमानों में कितने यात्री सवार थे, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। एयरलाइन ने कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक जांच पूरी होने के बाद ही विमान को दोबारा परिचालन में लाया जाएगा। मुंबई देश का दूसरा सबसे बिजी एयरपोर्ट, यहं एयर ट्रैफिक संभालना चुनौती मुंबई एयरपोर्ट का पूरा छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। यह दिल्ली के बाद देश का दूसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। साथ ही दुनिया के सबसे व्यस्त सिंगल-रनवे ऑपरेशन वाले एयरपोर्ट्स में शामिल है। सामान्य दिनों में यहां 950 से ज्यादा टेक-ऑफ और लैंडिंग होती हैं। व्यस्त दिनों में यह संख्या 1,000 से भी अधिक पहुंच जाती है। 21 नवंबर 2025 को मुंबई एयरपोर्ट ने 24 घंटे में 1,036 विमान गतिविधियों का रिकॉर्ड बनाया था। एयरपोर्ट पर दो रनवे (09/27 और 14/32) हैं, लेकिन वे एक-दूसरे को काटते हैं। इसलिए दोनों रनवे पर एक साथ सामान्य संचालन नहीं किया जा सकता। प्रैक्टिकली एयरपोर्ट एक समय में एक ही रनवे की तरह काम करता है। मुंबई एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) कैसे काम करता है…. हर विमान की टेक-ऑफ और लैंडिंग का समय सेकंडों के अंतर से तय किया जाता है। ATC रनवे, टैक्सीवे और हवा की दिशा पर लगातार नजर रखता है। किसी भी खतरे की स्थिति में टेक-ऑफ रोकने या विमान को दोबारा चक्कर यानी गो-अराउंड का निर्देश दिया जा सकता है। पिछले महीने अहमदाबाद में हुई थी ऐसी ही घटना इससे पहले जून में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी ऐसी ही घटना हुई थी, जब एअर इंडिया और इंडिगो के दो विमान एक ही टैक्सीवे (रनवे का एक हिस्सा) पर आमने-सामने आ गए थे हालांकि दोनों विमानों को समय रहते रोक लिया गया था। दोनों विमानों के बीच करीब 200 मीटर की दूरी रह गई थी। बाद में एअर इंडिया विमान को टो करके सही पार्किंग बे तक ले जाया गया। इसके बाद इंडिगो विमान रनवे पर पहुंचा। पढ़ें पूरी खबर…

एंड्रॉएड यूजर्स का फ्री स्टोरेज जल्दी फुल होगा:कॉल हिस्ट्री और SMS बैकअप 15GB में जुड़ेगा, एक्स्ट्रा स्टोरेज के लिए प्लान ₹59 से शुरू

अगर आप एंड्रॉएड स्मार्टफोन यूजर हैं और अपने फोन का बैकअप गूगल अकाउंट पर रखते हैं, तो अब अकाउंट का फ्री 15GB स्टोरेज जल्दी फुल हो सकता है। क्योंकि, गूगल ने अपनी स्टोरेज पॉलिसी बदल दी है। गूगल की अपडेटेड पॉलिसी के मुताबिक, आपके फोन के फोटो-वीडियो ही नहीं, बल्कि अब SMS, कॉल हिस्ट्री और एप डेटा का बैकअप भी आपकी इसी फ्री लिमिट में सेव होगा। यह नियम सबसे पहले नए एंड्रॉयड यूजर्स पर लागू होगा। अभी गूगल फोटोज पर अपलोड इमेज, वीडियो सेव होता है वहीं, मौजूदा यूजर्स के अकाउंट्स में आने वाले कुछ महीनों में इसे धीरे-धीरे रोलआउट किया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अब बाय डिफॉल्ट आपके गूगल अकाउंट की ज्यादा स्टोरेज खर्च होगी। अभी तक गूगल आपकी फ्री 15GB क्लाउड स्टोरेज में सिर्फ गूगल फोटोज पर अपलोड की गई इमेज, वीडियो और MMS डेटा में शामिल फोटो-वीडियो को ही काउंट करता था। एक्स्ट्रा स्पेस के लिए भारत में ₹59 से शुरू हैं प्लान गूगल अपनी स्टोरेज पॉलिसी में लगतार बदलाव कर रहा है। इससे पहले मई में कंपनी ने कुछ नए अकाउंट्स के लिए फोन नंबर लिंक न करने की स्थिति में डिफॉल्ट फ्री स्टोरेज लिमिट को 15GB से घटाकर 5GB करने की टेस्टिंग शुरू की थी। यदि आप अपने अकाउंट के लिए अतिरिक्त स्टोरेज खरीदना चाहते हैं, तो भारत में गूगल वन के प्लान ₹59 प्रति माह से शुरू होते हैं, जिसमें 30GB स्टोरेज मिलती है। इसके अलावा गूगल AI प्लान्स के साथ भी फ्री स्टोरेज दी जा रही है। आप चाहें तो ज्यादा लिमिट वाले पेड गूगल वन या गूगल AI प्लान भी चुन सकते हैं। स्पेस मैनेज करने के लिए नए ऑन-ऑफ टॉगल मिलेंगे इस बदलाव के साथ ही गूगल यूजर्स को बैकअप पर ज्यादा कंट्रोल देने के लिए नए फीचर्स भी जोड़ रहा है। अब तक मिलने वाले प्रति-एप कंट्रोल्स के साथ ही यूजर्स को SMS, MMS, कॉल हिस्ट्री और डिवाइस सेटिंग्स के लिए ऑन-ऑफ टॉगल मिलेंगे। इसकी मदद से आप खुद चुन सकेंगे कि किस डेटा का बैकअप लेना है और किसका नहीं। इसे सेट करने के लिए आप अपने डिवाइस की सेटिंग्स में ‘गूगल बैकअप’ पेज पर जा सकते हैं। गूगल का दावा- औसत सिर्फ 40MB डेटा बढ़ेगा हालांकि, इस बदलाव से यूजर्स की फ्री स्टोरेज लिमिट जल्दी खत्म होने का डर है, लेकिन कंपनी का कहना है कि इसका असर बेहद मामूली होगा। एक गूगल प्रवक्ता ने कहा, “हमने अपनी पॉलिसी को अपडेट किया है, ताकि अब सभी एंड्रॉयड बैकअप डेटा गूगल अकाउंट स्टोरेज में काउंट हों। हमें उम्मीद है कि इससे औसतन केवल 40MB डेटा ही बढ़ेगा। हम यूजर्स को ज्यादा पारदर्शिता और नए कंट्रोल्स भी दे रहे हैं, जिससे वे खुद चुन सकें कि किस डेटा और ऐप का बैकअप लेना है।” नॉलेज पार्ट: क्लाउड स्टोरेज और बैकअप डेटा क्या होता है?

एआई तकनीक से पता चलेगा आग के बाद इमारत कितनी-सुरक्षित:आईआईटी जोधपुर ने की नई रिसर्च; फायर सेफ्टी सिस्टम किया विकसित

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के शोधकर्ता ने अत्याधुनिक अग्नि सुरक्षा तकनीक बनाई है। संस्थान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जो लिमिटेड सेंसर डेटा के आधार पर आग लगने के दौरान और आग बुझाने के बाद भी इमारत की बढ़ोतरी का आकलन कर सकता है। देशभर में अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों, व्यावसायिक परिसरों, ऊंची आवासीय इमारतों और औद्योगिक इकाइयों में लगातार भीषण आग लगने की घटनाओं के बीच यह प्रयास किया गया है। संस्थान के शोधकर्ताओं ने अग्नि प्रतिरोधक क्षमता, निर्माण गुणवत्ता प्रबंधन, स्थायित्व मूल्यांकन (Sustainability Assessment), भवनों और आधारभूत संरचनाओं (Buildings Infrastructure) के बुद्धिमान जीवनचक्र प्रबंधन (Intelligent Lifecycle Management) के लिए उन्नत संगणकीय तकनीकों और ओपन स्रोत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (Computational Technologies and Open-Source Digital Platforms) का डवलप किया है। शोध में सामने आया कि कई इमारतों को सबसे ज्यादा संरचनात्मक नुकसान कूलिंग फेज के दौरान होता है। इस तकनीक को अर्ली वार्निंग सिस्टम से जोड़ा गया है। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन और डिजास्टर मैनेजमेंट ज्यादा प्रभावी बन सकेंगे। आग लगने के बाद बिल्डिंग की संरचनात्मक स्थिति का वैज्ञानिक मूल्यांकन आईआईटी जोधपुर के सिविल एवं आधारभूत संरचना अभियांत्रिकी विभाग (Department of Civil and Infrastructure Engineering) के सहायक प्रोफेसर डॉ. पी. रवि प्रकाश के नेतृत्व में चल रहे इस शोध का उद्देश्य भवनों को आग से अधिक सुरक्षित बनाना और आग लगने के बाद उनकी संरचनात्मक स्थिति का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना है। यह रिसर्च पारंपरिक अग्नि सुरक्षा मानकों से आगे बढ़कर यह विश्लेषण करता है कि भीषण आग के दौरान पूरी इमारत किस प्रकार व्यवहार करती है। शोधकर्ताओं के अनुसार- पारंपरिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली मुख्य रूप से आग का पता लगाने और उसे नियंत्रित करने तक सीमित हैं, जबकि वास्तविक खतरा आग के कारण भवन की संरचना को होने वाली क्षति से पैदा होता है। कई मामलों में आग बुझने के बाद भी इमारत के ढहने का जोखिम बना रहता है। एआई आधारित तकनीक देगी समय रहते चेतावनी आईआईटी जोधपुर की टीम ने ऐसे मॉडल विकसित किए हैं, जो भवन के भीतर आग फैलने की प्रक्रिया का अनुकरण (Simulation) करते हैं, विभिन्न अग्नि परिस्थितियों में संरचनात्मक हिस्सों के व्यवहार का विश्लेषण करते हैं तथा आग के बाद भवन को हुई वास्तविक क्षति का वैज्ञानिक आकलन करने में सक्षम हैं। शोधकर्ताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित समाधान भी विकसित किए हैं, जो सीमित सेंसर आंकड़ों के आधार पर भवन की फायर रिपॉन्स का पूर्वानुमान लगा सकते हैं। इन्हें प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के साथ जोड़ा गया है, जिससे अग्निशमन एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। यह तकनीक आपदा प्रबंधन एजेंसियों, संरचनात्मक अभियंताओं, बीमा कंपनियों, शहरी योजनाकारों और आपातकालीन राहत दलों के लिए उपयोगी साबित होगी। डिजिटल तकनीकों से होगा भवनों का स्मार्ट प्रबंधन अग्नि अभियांत्रिकी के अलावा आईआईटी जोधपुर के शोधकर्ता भवन सूचना मॉडलिंग, डिजिटल प्रतिरूप, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (स्मार्ट उपकरणों का नेटवर्क) तथा भौगोलिक सूचना प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए भवनों के स्मार्ट डिजाइन और प्रबंधन पर भी काम कर रहे हैं। इन तकनीकों की मदद से भवन निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी, स्थायित्व मूल्यांकन, जीवनचक्र प्रदर्शन का विश्लेषण, पूर्वानुमान आधारित रखरखाव तथा आपदा तैयारी को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने ऐसे स्वचालित डिजिटल प्लेफॉर्म भी विकसित किए हैं, जो संरचनात्मक डिजाइन (Structural Engineers ), स्थायित्व मूल्यांकन, निर्माण गुणवत्ता प्रबंधन को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करते हैं। आग प्रितिरोधक डिजाइन बनेगी अहम हिस्सा डॉ. पी. रवि प्रकाश ने कहा- हर बड़ी आग की घटना यह याद दिलाती है कि केवल आग बुझा देना पर्याप्त नहीं है। मानव जीवन की सुरक्षा के लिए यह समझना आवश्यक है कि आग लगने से पहले, आग के दौरान और आग बुझने के बाद भवन किस प्रकार व्यवहार करता है। यह शोध अभियंताओं, नीति-निर्माताओं और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को ऐसे उन्नत वैज्ञानिक उपकरण उपलब्ध कराने का प्रयास है, जिनकी सहायता से संरचनात्मक विफलताओं का पूर्वानुमान लगाया जा सके, आग से प्रभावित भवनों का तेजी से वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा सके तथा भवन निर्माण के शुरुआती चरण से ही अग्नि प्रतिरोधक क्षमता को डिजाइन का अभिन्न हिस्सा बनाया जा सके।

खैरथल में 4400 लीटर अवैध पेट्रोलियम जब्त:दो तस्कर गिरफ्तार, तीन गाड़ियां भी जब्त की; किशनगढ़बास पुलिस की कार्रवाई

खैरथल-तिजारा जिले में अवैध पेट्रोलियम पदार्थ की तस्करी के खिलाफ किशनगढ़बास पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को पुलिस ने दो पिकअप और एक बोलेरो वाहन से कुल 4400 लीटर अवैध पेट्रोलियम पदार्थ बरामद किया। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन गाड़ियों को जब्त कर लिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, एएसपी जयासिंह और किशनगढ़बास डीएसपी लालसिंह यादव के मार्गदर्शन में की गई। किशनगढ़बास थाना प्रभारी बनवारी लाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर यह अभियान चलाया। पुलिस को सूचना मिली थी कि दो पिकअप में अवैध पेट्रोलियम पदार्थ ले जाया जा रहा है, जबकि एक बोलेरो वाहन आगे चलकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों गाड़ियों को रोका और थाने ले आई। इसके बाद रसद विभाग की टीम को मौके पर बुलाकर जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जब्त किए गए पेट्रोलियम पदार्थ को 22 नीले ड्रमों में भरा गया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सरजीत गुर्जर (23), निवासी गुर्जरी बास, तहसील कोटकासिम, और राहुल गुर्जर (27), निवासी काकरा, तहसील किशनगढ़बास के रूप में हुई है। दोनों से अवैध पेट्रोलियम पदार्थ के स्रोत और तस्करी नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बनवारी लाल मीणा के साथ एएसआई शिवदयाल, हेड कॉन्स्टेबल रामसिंह, कॉन्स्टेबल नेमी और ड्राइवर कॉन्स्टेबल घनश्याम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

प्रतापगढ़ के पेट्रोल पंप पर आग लगने की मॉक ड्रिल:फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य टीमें मौके पर पहुंची; तैयारियों का किया परीक्षण

प्रतापगढ़ में बांसवाड़ा रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर आग लगने की मॉक ड्रिल की गई। इससे क्षेत्र में तैयारियों का आकलन किया गया। आग लगने की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आए। फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। कलेक्टर शुभम चौधरी के निर्देश पर यह मॉक ड्रिल बांसवाड़ा रोड स्थित साईं पेट्रोल पंप पर आयोजित की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य आपदा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्थाओं की तैयारियों को परखना था। कंट्रोल रूम से पेट्रोल पंप पर आग लगने की सूचना मिलते ही विभिन्न विभागों की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। सूचना मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर फायर ब्रिगेड, 108 एंबुलेंस, पुलिस, बिजली निगम, चिकित्सा विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। इस दौरान कलेक्टर शुभम चौधरी और एसपी बी. आदित्य पहले से ही मौके पर मौजूद थे और उन्होंने पूरे बचाव एवं राहत अभियान का जायजा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न विभागों की प्रतिक्रिया गति, घटनास्थल पर पहुंचने में लगे समय, आपसी समन्वय और आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता का गहन परीक्षण किया। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। प्रशासन का लक्ष्य यह जांचना था कि किसी वास्तविक आपदा या अग्निकांड की स्थिति में सभी विभाग कितनी तेजी और तालमेल के साथ राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर सकते हैं। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से संभावित कमियों की भी पहचान की गई, ताकि भविष्य में उन्हें दूर किया जा सके और आपातकालीन प्रतिक्रिया को और बेहतर बनाया जा सके।

ग्रामीणों ने पथराव किया तो पुलिस ने बरसाए डंडे:सड़क चौड़ी करने के लिए धार्मिक स्थल की दीवार हटाने का विरोध; 2 युवक डिटेन

भीलवाड़ा के जहाजपुर में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर पालिका की टीम ने एक धार्मिक स्थल की दीवार हटा दी। इसके विरोध में ग्रामीणों ने नगर पालिका की टीम और पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठी-डंडे बरसा कर ग्रामीणों को खदेड़ा और हालात काबू में किए। घटना जहाजपुर से गुजर रहे नेशनल हाईवे-52 स्थित धौड़ गांव में मंगलवार दोपहर 3 बजे हुई। मामले में 2 युवकों को डिटेन किया गया है। पहले देखिए, घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया डीएसपी रेवड़मल मौर्य ने बताया- जहाजपुर में नेशनल हाईवे-52 (चूरू से झालावाड़) स्थित देवा का खेड़ा से धौड़ होते हुए नेशनल हाईवे-148डी तक करीब 22 किलोमीटर लंबाई में मेजर डिस्ट्रिक्टर रोड (MDR)-419 के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इस रोड प्रोजेक्ट के लिए सड़क सीमा में आ रहे सभी अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को नगर पालिका की टीम ने धौड़ गांव में एक धार्मिक स्थल से जुड़ी धर्मशाला की दीवार को हटाने की कार्रवाई की। इसे देखकर ग्रामीण नाराज हो गए। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और अफसरों से बहस की। समझाइश का प्रयास विफल होने पर कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक टीम पर पथराव शुरू कर दिया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बेकाबू भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान तहसीलदार रवि कुमार मीणा, SI देवराज सहित भारी पुलिस बल और प्रशासनिक टीमें मौजूद थीं। पथराव और लाठीचार्ज की सूचना मिलते ही अतिरिक्त जाब्ते के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। पुलिस ने 2 युवकों को डिटेन किया है। पथराव करने वालों की कर रहे पहचान पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर पथराव करने वाले अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद हालात काबू में हैं।

बालेसर की स्कूलों में छात्रों के नशे के दुष्प्रभाव बताए:'नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां' थीम पर दी जानकारी

बालेसर के विभिन्न स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर लगे। यह पहल “ट्रांसफोरमेटिव ट्यूजडे” के तहत “नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां” थीम पर केंद्रित थी, जिसका उद्देश्य छात्रों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करना था। मंगलवार को तालुका विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं एडीजे बालेसर प्रिया टावरी ने आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक स्कूल में एक शिविर को संबोधित किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को युवाओं में बढ़ती नशे की लत के प्रति आगाह किया और बताया कि विद्यार्थी जीवन व्यक्तित्व निर्माण की महत्वपूर्ण अवस्था है। उन्होंने जोर दिया कि आज की आदतें ही भविष्य का निर्माण करेंगी, इसलिए सही और गलत में अंतर समझना आवश्यक है। न्यायिक अधिकारी के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हुए, टावरी ने बताया कि उन्होंने ऐसे कई मामले देखे हैं जहां नशे ने न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार के जीवन को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि नशा अनेक सामाजिक और कानूनी समस्याओं की जड़ बन गया है, और ये केवल मादक पदार्थों का सेवन नहीं, बल्कि व्यक्ति की स्वतंत्र सोच, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी प्रभावित करता है। इसी क्रम में, एसीजेएम बालेसर रवि प्रकाश बाकोलिया ने राजकीय बालिका उमावि बालेसर में और जेएम बालेसर आशुतोष जागिड़ ने राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बालेसर में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए। इन अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को नशे की लत, व्यक्ति एवं समाज पर इसके दुष्प्रभावों, नशा पीड़ितों के पुनर्वास तथा नशे की रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तृत विधिक जानकारी प्रदान की। इन शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने बालकों के अधिकारों व कर्तव्यों, विभिन्न सामाजिक विधिक मुद्दों और विधिक सेवा प्राधिकरण की निःशुल्क सेवाओं पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर आदर्श उमावि के प्राचार्य विजयसिंह परिहार, भूरसिंह देवड़ा, अधिवक्ता विशनाराम सिद्धप, न्यायालय रीडर गोपालसिंह, कर्मचारी हिमांशु सांखला, राहुल शर्मा, लीलाधर सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।

बड़ोदिया में ग्रामीण सेवा शिविर, कई प्रकरण निपटे:पेयजल आपूर्ति सुधारने पर हुई चर्चा, रोडवेज विभाग ने वरिष्ठ नागरिकों के पास जारी किए

रावतभाटा की ग्राम पंचायत बड़ोदिया मुख्यालय पर ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का संचालन शिविर संयोजक कुशाल बारेशा तथा कुंडाल मंडल अध्यक्ष प्रहलाद मेघवाल के निर्देशन में हुआ। शिविर प्रभारी तहसीलदार विवेक गरासिया ने बताया- शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। ग्रामीणों की ओर से प्राप्त समस्याओं, परिवादों एवं विभिन्न प्रकरणों का संबंधित विभागों द्वारा मौके पर ही निस्तारण किया गया। शिविर में राजस्व विभाग ने नामांतरण, बंटवारा, अतिक्रमण और रास्तों से जुड़े कई मामलों का आपसी समझाइश एवं प्रशासन की मौजूदगी में समाधान कराया। शिविर के दौरान ब्लॉक संयोजक एवं पूर्व सरपंच कुशाल बारेशा ने विभागवार टेबल पर जाकर योजनाओं की प्रगति और प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिक से अधिक मामलों का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए तथा प्रत्येक विभाग की कार्यप्रणाली की जानकारी भी ली। कुंडाल मंडल अध्यक्ष प्रहलाद मेघवाल ने क्षेत्र में पेयजल की समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए अधिकारियों से कम जलापूर्ति वाले क्षेत्रों में शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया। वहीं, रोडवेज विभाग ने वरिष्ठ नागरिकों के रोडवेज पास जारी किए, जबकि सांख्यिकी विभाग ने प्राप्त जनआधार का सत्यापन कार्य पूरा किया। शिविर में प्रशासक इंद्रा चिता, किसान मोर्चा अध्यक्ष शैतान धाकड़, सहकारी समिति अध्यक्ष मोड़ सिंह, मंडल महामंत्री कल्याण सिंह, कन्हैयालाल राठौर, रामनिवास धाकड़, राहुल चौधरी, मनीष, प्रहलाद चौधरी, नवल चिता, बजरंग धाकड़, त्रिलोकचंद राठौर, रामस्वरूप, प्रफुल्ल जैन, भंवरलाल मेघवाल, मोहनलाल मेघवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

रोटरी क्लब ने विद्यार्थियों को दिए स्कूल बैग:सोड़ावास के संस्कृत विद्यालय में किया पौधारोपण, बच्चों की पढ़ाई और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

सोमेसर के पास स्थित सोड़ावास के राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय, सुभाष नगर में मंगलवार को पाली रोटरी क्लब की ओर से विद्यार्थियों को स्कूल बैग वितरित किए गए। इस दौरान क्लब के पदाधिकारियों ने विद्यालय परिसर में पौधे भी लगाए और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। बच्चों को मिले स्कूल बैग, ड्रेस भी मिलेगी रोटरी क्लब के अध्यक्ष प्रवीण शाह कोठारी और अन्य पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को स्कूल बैग वितरित किए। इस मौके पर क्लब की ओर से जल्द ही जरूरतमंद बच्चों को स्कूल ड्रेस उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई। बच्चों ने बैग मिलने पर खुशी जताई। विद्यालय परिवार ने जताया आभार विद्यालय के संस्था प्रधान बुन्दू खां ने रोटरी क्लब के इस सहयोग के लिए सभी पदाधिकारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सामाजिक प्रयास बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके बेहतर भविष्य के लिए भी प्रेरणादायक हैं। कार्यक्रम में शिक्षक और ग्रामीण भी रहे मौजूद इस अवसर पर कार्यवाहक प्रधानाध्यापक बुन्दू खां, अध्यापक जयंती प्रसाद शर्मा, कालुसिंह, मूलसिंह, मोहनलाल मीणा, हिमताराम, नरेश राठौड़, भीकाराम, रामपाल शर्मा, तुलसाराम, कालुराम, मुकेश कुमार, देवाराम, जगदीश कुमार, लक्ष्मण, मंजूदेवी, गंगादेवी, रेखा कंवर सहित विद्यालय स्टाफ और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

बड़ी सादड़ी के सूर्य सागर तालाब का जीर्णोद्धार होगा:सफाई के लिए दो टीमें बनाई गईं, जेसीबी से होगी सफाई

बड़ी सादड़ी के प्रमुख जल स्रोत सूर्य सागर तालाब की सफाई और सौंदर्यीकरण को लेकर नागरिकों ने नगर पालिका से जल्द कार्रवाई की मांग की है। मंगलवार शाम पूर्व व्याख्याता श्याम प्रकाश मेहता और अन्य जागरूक नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी मदनलाल सालवी से मुलाकात कर तालाब से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तालाब के पेटे में जमा कचरा और गंदगी हटाने की मांग की गई। इसके साथ ही आम घाट की टूटी हुई छह सीढ़ियों का दोबारा निर्माण, घाटों के आसपास फैले मलबे की सफाई, तालाब की पाल की सफाई और तालाब के पीछे सड़क किनारे पड़े कचरे को हटाने की भी मांग रखी गई। दो टीमें बनाई गईं, जेसीबी से होगी सफाई समस्याओं के समाधान के लिए दो अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। पहली टीम में देवेन्द्र मेहता को तालाब और पाल क्षेत्र का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। नगर पालिका ने बुधवार को जेसीबी मशीन लगाकर एनीकट क्षेत्र में उगे खजूर के पेड़ों और अन्य रुकावटों को हटाने का फैसला किया है, ताकि पानी का बहाव बेहतर हो और पूरे क्षेत्र की अच्छी तरह सफाई हो सके। एनीकट का भी किया निरीक्षण दूसरी टीम ने चौथ माता सबलपुरा क्षेत्र के एनीकट का निरीक्षण किया। यहां भूर सिंह रावत ने बताया कि इस समय क्षेत्र का अधिकांश पानी लिकोड़ा तालाब की ओर जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एनीकट की पाल का निर्माण उन्होंने ही करवाया था। नागरिकों ने प्रशासन की पहल का किया स्वागत प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जनहित के मुद्दों को प्रशासन के सामने सकारात्मक तरीके से रखने पर उनका समाधान तेजी से हो सकता है। उन्होंने नगरवासियों से भी शहर के तालाबों और सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई में सहयोग करने की अपील की। साथ ही अच्छी बारिश होने और सूर्य सागर सहित आसपास के तालाबों के भरने तथा बड़ीसादड़ी क्षेत्र में फिर से हरियाली लौटने की कामना की।