सद्गुरु आश्रम में महंत प्रताप पुरी का स्वागत, सनातन संस्कृति पर मंथन
टोंक | सद्गुरु आश्रम में बुधवार को महंत प्रताप पुरी के आगमन पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। आश्रम परिवार ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस दौरान महंत प्रताप पुरी और गुरुदेव पंडित राजकुमार शर्मा के बीच सनातन धर्म के संरक्षण, भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण और सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा हुई। बातचीत में सामाजिक समरसता, संस्कारयुक्त शिक्षा, परिवार व्यवस्था के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में संत समाज की भूमिका जैसे मुद्दे शामिल रहे। महंत प्रताप पुरी ने कहा कि सनातन धर्म जीवन-दर्शन है, जो सत्य, करुणा, सेवा, त्याग, सहिष्णुता और राष्ट्रभक्ति का मार्ग दिखाता है। उन्होंने भारत की आध्यात्मिक परंपरा को शांति और मानव कल्याण का संदेश देने वाली बताया। पंडित राजकुमार शर्मा ने कहा कि सनातन संस्कृति राष्ट्र जीवन का आधार है। उन्होंने नैतिकता, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रप्रेम को मजबूत करने के लिए आध्यात्मिक चेतना और संस्कारयुक्त जीवनशैली को समाज तक पहुंचाने की जरूरत बताई। दोनों ने कहा कि वैचारिक भ्रम, सांस्कृतिक दबाव और पारिवारिक विघटन जैसी समस्याओं का समाधान भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों में है। उन्होंने गौसंवर्धन, पर्यावरण संरक्षण, नारी सम्मान, सामाजिक समरसता और जनसेवा को प्राथमिकता देने की बात कही। कार्यक्रम में मनीष बंसल और आनंद बम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

