तेजाजी व देहलवालजी की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा
नैनसुख की बगिया में लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज व देहलवाल जी की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव बुधवार को श्रद्धापूर्वक, उत्साह के साथ संपन्न हो गया। क्षेत्रवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाते हुए मूर्ति स्थापना व हवन-पूजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत 7 दिन पूर्व भगवान गणेश को विधिवत निमंत्रण देने के साथ हुई। इसके बाद संतोषी माता मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाए। आयोजन की पूर्व संध्या पर भव्य जागरण का आयोजन हुआ, जिसमें भक्त मंडली ने ढोलक-मंजीरे की मधुर धुनों पर भजनों की प्रस्तुति दी। देर रात तक चले इस जागरण में हजारों श्रद्धालुओं ने भक्ति रस में डूबकर नृत्य एवं भजन-कीर्तन का आनंद लिया। आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन संपन्न हुआ। दूध, दही, गौमूत्र, गंगाजल एवं पंचामृत से मूर्तियों का अभिषेक कर विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद सामूहिक महाप्रसादी व भोज का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान धन्नाराज धार, प्रकाश चांदमा, सत्यनारायण सरसवाल, कोतवाल ओमप्रकाश, रामलाल चांदमा, विमल सैनी, महेश तंवर, चांदमल तंवर, भोपा गोविंद खातोला, कमल मंडावरा, मुरारी सैनी आदि उपस्थित रहे।

