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ट्रम्प की धमकी के बाद ईरान पर अमेरिका की एयरस्ट्राइक:कई शहरों में धमाके; सीजफायर खत्म; होर्मुज में जहाजों पर ईरानी हमले के बाद एक्शन

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म हो चुका है। ईरान के कोनारक और चाबहार समेत कई शहरों में अमेरिकी सेना की एयरस्ट्राइक जारी है। इससे पहले अमेरिका ने मंगलवार को भी ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक यह कार्रवाई होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को NATO समिट के दौरान कहा था कि अमेरिका आज रात ईरान पर फिर से बड़े हमले कर सकता है। ट्रम्प ने कहा, “हमने कल रात उन पर बहुत जोरदार हमला किया था और संभव है कि आज रात फिर से हमला करें। ईरान मिडिल ईस्ट में दबाव बनाता रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं रहेगा।
दरअसल, ईरान ने मंगलवार को होर्मुज में तीन जहाजों को निशाना बनाया था। ईरान ने बताया कि यह हमले इसलिए किए गए क्योंकि होर्मुज से कमर्शियल जहाज उनके बताए रास्तों से नहीं गुजर रहे थे। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

चीन का नया 'मिसाइल मैसेज':परमाणु पनडुब्बी से बैलिस्टिक मिसाइल दागी, हिंद-प्रशांत में बढ़ा तनाव, भारत के लिए क्या मायने

चीन ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी से लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का प्रशांत महासागर में परीक्षण कर अपनी रणनीतिक सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ प्रशांत क्षेत्र का मामला नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता का संकेत है, जिसका सीधा असर भारत की सुरक्षा रणनीति पर भी पड़ सकता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार परीक्षण में संभवतः चीन की नई पीढ़ी की JL-3 पनडुब्बी आधारित बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मानी जाती है और इसकी मारक क्षमता इतनी है कि चीन के समुद्री क्षेत्र से भी हजारों किलोमीटर दूर लक्ष्य साधे जा सकते हैं। चीन इसे नियमित सैन्य अभ्यास बता रहा है, लेकिन क्षेत्रीय देशों का कहना है कि इससे हिंद-प्रशांत में सैन्य प्रतिस्पर्धा और तेज होगी। भारत के लिए चिंता भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता चीन की बढ़ती समुद्री मौजूदगी है। बीते कुछ वर्षों में चीनी नौसेना की पनडुब्बियां हिंद महासागर में कई बार देखी गई हैं। जिबूती में सैन्य अड्डा, पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह और श्रीलंका के हम्बनटोटा पोर्ट पर चीन की सक्रियता पहले से नई दिल्ली के लिए रणनीतिक चुनौती है। यदि चीन अधिक आधुनिक और कम शोर वाली परमाणु पनडुब्बियों को तैनात करता है, तो हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी सैन्य पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं। हिंद महासागर में चीन की मौजूदगी लगातार बढ़ रही अब तक चीन का फोकस दक्षिण चीन सागर और ताइवान तक माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसकी परमाणु पनडुब्बियां हिंद महासागर में भी नियमित रूप से देखी गई हैं। चीन का जिबूती में सैन्य अड्डा, पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट तक पहुंच और श्रीलंका के हम्बनटोटा बंदरगाह पर प्रभाव भारत के लिए पहले से रणनीतिक चुनौती हैं। यदि चीन की नई पनडुब्बियां स्टेल्थ और लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस हो जाती हैं, तो वे हिंद महासागर से भी भारत के अधिकांश हिस्सों को निशाना बना सकती हैं। भारत के परमाणु प्रतिरोधक संतुलन पर असर भारत की परमाणु नीति क्रेडिबल मिनिमम डेटेरेंस और नो फर्स्ट यूज पर आधारित है। चीन यदि समुद्र आधारित परमाणु क्षमता तेजी से बढ़ाता है तो भारत को भी अधिक परमाणु पनडुब्बियां, लंबी दूरी की K-4 और K-5 मिसाइलें और समुद्री निगरानी नेटवर्क तेजी से मजबूत करना होगा। दो मोर्चों पर चुनौती भारत पहले से उत्तरी सीमा पर चीन और पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान का सामना कर रहा है। यदि चीन समुद्री मोर्चे पर भी अपनी क्षमता बढ़ाता है तो भारत को भूमि, वायु और समुद्र—तीनों मोर्चों पर सैन्य संसाधन बढ़ाने पड़ सकते हैं। अंडमान-निकोबार की रणनीतिक अहमियत बढ़ेगी भारत का अंडमान एवं निकोबार कमांड मलक्का स्ट्रेट की निगरानी करता है। चीन की पनडुब्बी गतिविधियां बढ़ने पर भारत को समुद्री निगरानी बढ़ाने के अलावा पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare), ड्रोन एवं P-8I निगरानी विमान की क्षमताओं को और मजबूत करना पड़ेगा। QUAD और इंडो-पैसिफिक साझेदारी मजबूत होगी चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों से भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच QUAD सहयोग और मजबूत हो सकता है। समुद्री सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त नौसैनिक अभ्यासों की आवृत्ति बढ़ सकती है। चीन लगातार क्यों बढ़ा रहा है सैन्य ताकत? विशेषज्ञों के अनुसार चीन ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है, अमेरिका को प्रशांत क्षेत्र में चुनौती देना चाहता है, अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता मजबूत कर रहा है और हिंद-प्रशांत में सैन्य प्रभाव बढ़ाना चाहता है। इसके साथ ही चीन भविष्य में समुद्र आधारित परमाणु शक्ति के जरिए वैश्विक रणनीतिक संतुलन बदलना चाहता है। भारत क्या कर रहा है? भारत पहले से अपनी समुद्री शक्ति बढ़ाने पर काम कर रहा है। इस दिशा में भारत जो कदम उठा रहा है उनमें INS अरिहंत और अरिघात जैसी परमाणु पनडुब्बियों का विकास, K-15 और K-4 बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, P-8I समुद्री निगरानी विमान, अंडमान-निकोबार कमांड का विस्तार और QUAD के तहत अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास (मालाबार) शामिल हैं।

सीरिया में फ्रांसीसी राष्ट्रपति के दौरे के बीच धमाके:जिस होटल में ठहरे थे, उससे 125 मीटर दूर दो ब्लास्ट, मैक्रों बोले- दौरा जारी रहेगा

सीरिया की राजधानी दमिश्क में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दौरे के बीच मंगलवार को धमाके हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मैक्रों जिस फोर सीजंस होटल में रुके थे, उससे 125 मीटर दूर दो ब्लास्ट हुए हैं। मैक्रों सोमवार को दमिश्क पहुंचे थे। सीरियाई मीडिया के मुताबिक, धमाकों में 18 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 4 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में घटनास्थल से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और सड़कों को बंद कर दिया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय एलिसी पैलेस ने बताया कि मैक्रों पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के बाद मैक्रों ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘सीरिया के लोग एक पूरी तरह आजाद, सुरक्षित, एकजुट और सभी समुदायों को साथ लेकर चलने वाला देश चाहते हैं। उनके इस सपने को कोई नहीं रोक सकता। मेरा दौरा जारी रहेगा।’ धमाके से जुड़ी 4 फुटेज… तख्तापलट के बाद सीरिया पहुंचने वाले मैक्रों पहले यूरोपीय नेता मैक्रों बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद वह सीरिया का दौरा करने वाले पहले बड़े यूरोपीय नेता बन गए हैं। सोमवार को दमिश्क एयरपोर्ट पर सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने उनका स्वागत किया। मैक्रों ने आज राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक उमय्यद मस्जिद का भी दौरा किया। मैक्रों के दौरे में सीरिया के पुनर्निर्माण, विदेशी निवेश, सुरक्षा सहयोग और आतंकवाद विरोधी अभियान प्रमुख एजेंडा हैं। दोनों देशों के बीच बुनियादी ढांचे, वित्त और ऊर्जा क्षेत्र में कई समझौतों पर भी चर्चा हो रही है। कुछ दिन पहले भी हुआ था धमाका 3 जुलाई को भी दमिश्क के पैलेस ऑफ जस्टिस के पास एक कैफे में बम धमाका हुआ था। इस हमले में 5 लोगों की मौत हुई थी और 20 लोग घायल हुए थे। दमिश्क के गवर्नर माहेर मरवान इदलिबी ने बताया था कि कैफे में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) लगाया गया था। मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा था कि कुछ तत्व देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, हालांकि इस हमले को किसी आतंकी संगठन से नहीं जोड़ा गया है।

कनाडा में डूबने से 2 पंजाबी युवकों की मौत:एक का पैर फिसला, बचाने कूदा दूसरा भी डूबा; बरनाला-अमृतसर के रहने वाले थे

कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर की लाशीन नहर में डूबने से दो पंजाबी युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में बरनाला जिले के तपा मंडी निवासी लवप्रीत सिंह (26 साल) और अमृतसर के गांव बुटाला (नौरंगपुर) निवासी एक अन्य युवक शामिल हैं। लवप्रीत सिंह के माता-पिता ने केंद्र सरकार, पंजाब सरकार, विदेशों में रह रहे समाजसेवियों और एनआरआई समुदाय से मदद की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि उनके इकलौते बेटे के पार्थिव शरीर को कनाडा से पंजाब लाने के लिए प्रशासनिक और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे उसका अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कर सकें। गहरे पानी के कारण दोनों की डूबने से मौत यह हादसा उस समय हुआ, जब दोनों दोस्त मॉन्ट्रियल की लाशीन नहर के किनारे मौजूद थे। बताया जा रहा है कि अचानक अमृतसर निवासी युवक का पैर फिसल गया और वह नहर में गिर गया। उसे बचाने के प्रयास में लवप्रीत सिंह भी पानी में कूद गया, लेकिन तेज बहाव और गहरे पानी के कारण दोनों की डूबने से मौत हो गई। कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही मॉन्ट्रियल फायर डिपार्टमेंट व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों युवकों को पानी से बाहर निकाला गया। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ढाई साल पहले वर्क परमिट पर गया था इस घटना से तपा मंडी निवासी पूर्व सैनिक बलवीर सिंह का परिवार गहरे सदमे में है। मृतक लवप्रीत सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह करीब ढाई साल पहले वर्क परमिट पर कनाडा गया था और वहां एक कंपनी में ट्राला चालक के रूप में काम कर रहा था। बेटे को विदेश भेजने के लिए बेची जमीन 12वीं कक्षा पास करने के बाद बेटे के बेहतर भविष्य के लिए सीआरपीएफ के पूर्व जवान बलवीर सिंह ने अपनी दो एकड़ जमीन बेचकर उसे कनाडा भेजा था। परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि जिस बेटे को उज्ज्वल भविष्य के लिए विदेश भेजा है, उसकी पार्थिव देह वापस आएगी। लवप्रीत ने करीब 10 दिन पहले ही परिवार से फोन पर बातचीत की थी।

भारतवंशी बिजनेसमैन ने इंडोनेशियाई राष्ट्रपति से 425 करोड़ ठगे:CIA एजेंट बताकर प्रेसिडेंट का भरोसा जीता, बोला- 36 फाइटर प्लेन, मिलिट्री सिस्टम दिला दूंगा

अमेरिका में धोखाधड़ी के मामलों का सामना कर रहे भारतवंशी कारोबारी गौरव श्रीवास्तव पर अब इंडोनेशिया में भी बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। OCCRP और इंडोनेशियाई मैगजीन टेम्पो की रिपोर्ट के मुताबिक, गौरव ने खुद को CIA एजेंट बताकर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (तब रक्षा मंत्री) का भरोसा जीता और रक्षा सौदों के नाम पर 425 करोड़ रुपए का फर्जी कर्ज मंजूर करा लिया। रिपोर्ट के अनुसार, गौरव ने 36 F-15 लड़ाकू विमान, ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर और मिलिट्री कमांड सिस्टम दिलाने का दावा किया। जांच में पता चला कि जिन चार कंपनियों के जरिए उसने पांच रक्षा सौदे हासिल किए, वे सभी शेल कंपनियां थीं। बाद में टैक्स नहीं चुकाने पर इन्हें बंद कर दिया गया। सिर्फ 36 F-15 लड़ाकू विमानों की संभावित डील ही करीब 1.32 लाख करोड़ रुपए की थी। बताया गया है कि यह कथित फर्जीवाड़ा 2020 से 2022 के बीच हुआ। आरोप है कि इसी रकम से गौरव ने लॉस एंजिलिस में करीब 208 करोड़ रुपए का आलीशान बंगला खरीदा। अमेरिका में उसके खिलाफ 2024 से धोखाधड़ी समेत कई मामले दर्ज हैं। प्रबोवो गौरव को ‘मिस्टर G’ बुलाते कहते थे रिपोर्ट के मुताबिक गौरव ने प्रबोवो का इतना भरोसा जीत लिया था कि वे उसे ‘मिस्टर G’ कहकर बुलाते थे। उसने राष्ट्रपति के निजी जीवन से जुड़ी ऐसी जानकारियों का भी इस्तेमाल किया, जो केवल उनके करीबी लोगों को पता थीं। इनमें यह बात भी शामिल थी कि प्रबोवो अपने घर के मकड़ी के जालों को प्रकृति का हिस्सा मानते हैं और उन्हें साफ नहीं कराते। गौरव ने यह भी दावा किया कि उसने 2002 के बाली बम धमाकों के आतंकियों को पकड़वाने और प्रबोवो का नाम अमेरिकी इमिग्रेशन की ब्लैकलिस्ट से हटवाने में मदद की थी। इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रिको सिराइत ने कहा कि जिन रक्षा सौदों पर बातचीत हुई थी, वे आखिरी समझौते तक नहीं पहुंचे थे। इसलिए सरकार को कोई सीधा आर्थिक नुकसान नहीं हुआ। खुद को बाइडेन का करीबी बताता था गौरव अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स और अदालत में दायर मुकदमे के मुताबिक गौरव श्रीवास्तव खुद को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलीवन, सीनेटर चक शूमर और कई सैन्य अधिकारियों का करीबी बताता था। वह इन नेताओं और अधिकारियों के साथ अपनी तस्वीरें दिखाकर लोगों को यकीन दिलाता था कि उसकी पहुंच अमेरिकी सत्ता और सुरक्षा तंत्र के टॉप तक है। हालांकि, बाद में आईं रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इन नेताओं तक उसकी पहुंच किसी सरकारी भूमिका की वजह से नहीं, बल्कि राजनीतिक चंदे, सार्वजनिक कार्यक्रमों और आयोजनों के जरिए बनी थी। मुकदमे में आरोप है कि गौरव ने इसी छवि का इस्तेमाल कर कई कारोबारियों और विदेशी अधिकारियों का भरोसा जीता। CIA एजेंट बताकर सुनाता था जेम्स बॉन्ड जैसी कहानियां अमेरिका में दायर केस के मुताबिक गौरव श्रीवास्तव खुद को अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का ‘नॉन-ऑफिशियल कवर (NOC)’ एजेंट बताता था। लोगों का भरोसा जीतने के लिए वह जासूसी मिशनों से जुड़ी कई कहानियां सुनाता था। गौरव दावा करता था कि उसने CIA के ट्रेनिंग सेंटर ‘द फार्म’ में विशेष प्रशिक्षण लिया है। वह अपने शरीर पर मौजूद निशानों को गुप्त ऑपरेशन के दौरान लगी चोट बताता था। इसके अलावा वह कहता था कि 2008 में कांगो में एक मिशन के दौरान ISIS ने उसे बंधक बना लिया था, जहां से वह किसी तरह बच निकला। हालांकि, मुकदमे में कहा गया कि ये सभी दावे झूठे थे। जांच में सामने आया कि उसके शरीर पर मौजूद निशान किसी गुप्त मिशन के नहीं, बल्कि बचपन में हुई किडनी की सर्जरी के थे।

वर्ल्ड अपडेट्स:बलूचिस्तान में पुलिस चौकी पर हमले में 9 ढेर, जवाबी कार्रवाई में 15 आतंकियों के मारे जाने का दावा

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के जियारत जिले में सोमवार देर रात आतंकियों ने एक पुलिस चौकी पर बड़ा हमला कर दिया। इस हमले में दो स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) समेत कम से कम 9 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, हमलावर आठ पुलिसकर्मियों को अगवा कर ले गए थे, जिन्हें बाद में सुरक्षा बलों ने सुरक्षित छुड़ा लिया। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि हमले के बाद खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने व्यापक अभियान चलाया। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में 15 आतंकियों को मार गिराया गया। हालांकि, अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन अधिकारियों को संदेह है कि इसके पीछे प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का हाथ हो सकता है। हाल ही में इसी संगठन ने बलूचिस्तान के जिवानी इलाके में एक सुरक्षा चौकी पर आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली थी। बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी हिंसा और आतंकी गतिविधियों से प्रभावित रहा है। हाल के महीनों में सुरक्षा बलों पर हमलों में तेजी आई है, जिसके बाद पाकिस्तान ने आतंकियों के खिलाफ अभियान और तेज करने की बात कही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… चीन में भूस्खलन से 33 लोग दबे: 17 को बचाया गया, 16 की तलाश जारी चीन के पश्चिमी गांसू प्रांत के पहाड़ी इलाके में मंगलवार को हुए भूस्खलन में 33 लोग मलबे में दब गए। सरकारी मीडिया के मुताबिक, अब तक 17 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि 16 लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव अभियान जारी है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सभी प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। इस बीच, सेंट्रल चीन के हुबेई प्रांत में सोमवार रात आए तेज तूफान और आंधी-बारिश से कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 275 लोग घायल हुए हैं। एक व्यक्ति अब भी लापता है। मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में 149 किमी/घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलीं। अगले 24 घंटे में 260 मिमी तक बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बना हुआ है। चीन के मौसम विभाग ने सुपर टाइफून ‘बावी’ को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। यह तूफान 290 किमी/घंटा तक की रफ्तार वाली हवाओं के साथ प्रशांत महासागर से ताइवान की ओर बढ़ रहा है। अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। यूक्रेन को पेट्रिएट मिसाइल भेजने की पुष्टि: जानकारी लीक करने वालों की जांच कर रहा पोलैंड
पोलैंड ने स्वीकार किया है कि उसने मार्च में अपने सैन्य भंडार से पीएसी-3 पेट्रिएट मिसाइल इंटरसेप्टर यूक्रेन को भेजे थे। इस जानकारी के सार्वजनिक होने के बाद सरकार ने सैन्य खुफिया एजेंसी को लीक करने वालों की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इस फैसले से पोलैंड की अपनी वायु रक्षा क्षमता कमजोर हुई है। शनिवार को सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि पोलैंड ने संसद और जनता को बताए बिना यूक्रेन को पेट्रिएट इंटरसेप्टर भेजे। विवाद बढ़ने के बाद रक्षा मंत्री व्लादिस्लाव कोसिनियाक-कामिश ने सोमवार को पुष्टि की कि NATO महासचिव मार्क रुटे के अनुरोध पर यह आपूर्ति की गई थी। उन्होंने कहा कि भेजी गई मिसाइलों की संख्या सीमित थी और इससे पोलैंड की सुरक्षा पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। रक्षा मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क से चर्चा के बाद 2022 से 2026 तक यूक्रेन को दी गई सभी सैन्य सहायता का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाएगा। साथ ही पोलिश मिलिट्री काउंटरइंटेलिजेंस सर्विस को यह जांच सौंपी गई है कि गोपनीय जानकारी किसने लीक की। इस बीच पेट्रिएट मिसाइलों की उपलब्धता को लेकर NATO देशों पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी थिंक टैंक FPRI के अनुसार, इंटरसेप्टर की मांग और उत्पादन के बीच बड़ा अंतर है, जिससे इनकी आपूर्ति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ट्रम्प का मेलोनी पर नया तंज: बोले- इनके खिलाफ ‘रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर’ लेना पड़ेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए तंज कसा है। ट्रम्प ने रविवार को Truth Social पर मेलोनी की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उन्हें उनके खिलाफ “रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर” लेना पड़ सकता है। पिछले महीने G7 सम्मेलन के बाद ट्रम्प ने दावा किया था कि मेलोनी उनसे तस्वीर खिंचवाने के लिए उत्सुक थीं। हालांकि मेलोनी ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि ट्रम्प के बेहद करीब दिखना किसी भी नेता की लोकप्रियता के लिए नुकसानदेह हो सकता है। दोनों नेताओं के संबंध तब और तनावपूर्ण हो गए जब इटली ने अमेरिका-इजराइल के ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का खुला समर्थन नहीं किया। मेलोनी ने पोप लियो XIV को लेकर ट्रम्प की टिप्पणियों की भी आलोचना की थी। इस सप्ताह तुर्किये की राजधानी अंकारा में होने वाले NATO नेताओं के शिखर सम्मेलन में ट्रम्प और मेलोनी की मुलाकात प्रस्तावित है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों नेता हालिया विवादों को पीछे छोड़कर संबंधों में आई तल्खी कम कर पाते हैं या नहीं।

खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच होर्मुज में ईरानी हमले:3 टैंकरों पर मिसाइल दागी; कहा- जहाजों ने तय रूट छोड़ा, ऐसे में सुरक्षा की गारंटी नहीं

पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच ईरान ने मंगलवार को होर्मुज में फिर हमले शुरू कर दिए हैं। सरकारी मीडिया IRIB ने दावा किया कि होर्मुज में कतर के तेल टैंकर अल-रकायत को निशाना बनाया गया। साथ ही यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक ओमान तट के पास दो और जहाजों पर हमले हुए हैं। ईरान ने कहा कि होर्मुज से कमर्शियल जहाज हमारे बताए रास्तों से नहीं गुजर रहे हैं। इसके बिना हम सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकते हैं। ईरान ने कहा कि अभी होर्मुज में हालात वैसे नहीं हुए हैं, जैसे अमेरिकी हमलों से पहले थे। इधर, अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा मंगलवार को शियाओं के धार्मिक शहर कोम पहुंची। जनाजे में लाखों लोगों ने लाल कपड़ा चढ़ाया। यह इस्लामिक परंपरा में बदले या खून की मांग का प्रतीक माना जाता है। लाखों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। खामेनेई ने शुरुआती इस्लामी शिक्षा यहीं हासिल की थी। खामेनेई के ताबूत पर उनकी काली पगड़ी रखी गई है। इस्लामी परंपरा में ऐसी पगड़ी सिर्फ बड़े धार्मिक विद्वान पहनते हैं। ताबूत पर ईरान का राष्ट्रीय झंडा भी ओढ़ाया गया है, क्योंकि वे देश के सर्वोच्च नेता थे। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स 1. तेहरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा में जनसैलाब: तेहरान में निकली अंतिम यात्रा में लाखों लोग जुटे। भारी भीड़ के कारण ताबूत लेकर चल रहा वाहन कई जगह धीमा पड़ा और आजादी स्ट्रीट पर कुछ देर के लिए रुकना भी पड़ा। 2. खामेनेई का पार्थिव शरीर कोम पहुंचा: तेहरान में अंतिम यात्रा के बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक रस्मों के लिए कोम ले जाया गया। गुरुवार को उनके गृह नगर मशहद में दफन किया जाएगा। 3. ईरान में खामेनेई के बदले की मांग तेज: अंतिम यात्रा में लाल झंडे और ‘या लथारत अल-खामेनेई’ के नारे गूंजे। समर्थकों ने खामेनेई की हत्या का बदला लेने की मांग दोहराई। 4. ईरानी नेताओं की दो टूक चेतावनी: राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अंतिम यात्रा को खामेनेई के रास्ते पर चलने का संकल्प बताया। सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कहा कि हत्या करने वालों का पीछा नहीं छोड़ा जाएगा। 5. इजराइल-ईरान के बीच बयानबाजी तेज: नेतन्याहू ने कहा कि अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ पूरे ईरान की आवाज नहीं है। वहीं इराक के शिया नेता अम्मार अल-हकीम ने लोगों से अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। खामेनेई की अंतिम यात्रा मंगलवार को कोम पहुंची, 3 तस्वीरें मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा 91 वर्ष के हुए:धर्मशाला-लद्दाख में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, पीएम मोदी का बधाई संदेश- विश्व शांति के लिए उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय

विश्व प्रसिद्ध बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा सोमवार को 91 वर्ष के हो गए हैं। इस विशेष अवसर पर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित उनके अस्थायी निवास स्थान के मुख्य तिब्बती मंदिर ‘त्सुगलाखंग प्रांगण’ में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) और स्थानीय तिब्बती समुदाय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए सैकड़ों बौद्ध अनुयायियों, पर्यटकों और स्थानीय भारतीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। दलाई लामा के बारे में जानें- नोबेल शांति पुरस्कार मिल चुका है जन्म: 6 जुलाई 1935 को पूर्वोत्तर तिब्बत के ताकत्सेर गांव में हुआ। भारत आगमन: वर्ष 1959 में तिब्बत पर चीनी आक्रमण के बाद वे भारत आए और तब से धर्मशाला को अपना निवास स्थान बनाकर विश्व को शांति का संदेश दे रहे हैं। वैश्विक सम्मान: विश्व शांति और अहिंसा के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1989 में प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी दीर्घायु की शुभकामनाएं दलाई लामा के जन्मदिन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पोस्ट कर उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने लिखा कि दलाई लामा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। शांति और सद्भाव का उनका संदेश दुनिया भर के लोगों के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति रहा है। उनकी नैतिक और आध्यात्मिक शक्ति तथा वैश्विक कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय है। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।” राष्ट्रगान और विशेष प्रार्थना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत धर्मशाला में आयोजित इस समारोह में कांगड़ा के उपायुक्त (डीसी) हेमराज बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत भारत और तिब्बत के राष्ट्रगान के साथ की गई। इसके बाद दलाई लामा की लंबी उम्र और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया और केक काटा गया। मुख्य अतिथि का संबोधन: दलाई लामा शांति और करुणा के जीवंत प्रतीक मुख्य अतिथि डीसी हेमराज बैरवा ने राज्य सरकार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दलाई लामा केवल एक वैश्विक आध्यात्मिक गुरु नहीं, बल्कि संघर्ष और विभाजन से त्रस्त इस आधुनिक विश्व में शांति, करुणा और सार्वभौमिक उत्तरदायित्व के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि असली सुख भौतिकता में नहीं, बल्कि दयालु हृदय और क्षमा में है। इसके साथ ही डीसी ने क्षेत्र के पर्यटन और अर्थव्यवस्था में तिब्बती समुदाय के योगदान की सराहना की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आधिकारिक संदेशों का वाचन समारोह के दौरान तिब्बती स्कूलों और ‘तिब्बती प्रदर्शन कला संस्थान’ के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। इस मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद के उपाध्यक्ष खेनपो सोनम टेनफेल और कार्यवाहक सिक्योंग त्सेग्याल चुक्या द्रानी ने क्रमशः संसद और काशाग (कैबिनेट) का आधिकारिक संदेश पढ़ा। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सीटीए के कई सिविल सेवकों को भी सम्मानित किया गया।

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के न्यूयॉर्क में सीप्लेन की हार्ड लैंडिंग, 8 लोग सवार थे; 2 घायल

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक सीप्लेन ने ईस्ट रिवर में हार्ड लैंडिंग की। विमान में 8 लोग सवार थे। हादसे में 2 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। न्यूयॉर्क फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब 12 बजे सीप्लेन ने पानी में जोरदार लैंडिंग की। इसके बाद विमान को सुरक्षित तरीके से किनारे तक खींचकर लाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में विमान एक तरफ झुका हुआ नजर आया, जबकि उसका एक पंख पानी में डूबा हुआ था। घटना के बाद पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… फ्रांस के लालिक म्यूजियम में 40 करोड़ रुपए की चोरी, नकाबपोश बदमाश 20 क्रिस्टल ज्वेलरी लेकर फरार फ्रांस के लालिक म्यूजियम से रविवार तड़के करीब 40 लाख यूरो (करीब 40 करोड़ रुपए) के आभूषण चोरी हो गए। घटना जर्मनी सीमा से सटे विंगन-सुर-मोडेर कस्बे की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह करीब 5:30 बजे कई नकाबपोश बदमाश संग्रहालय का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। उन्होंने छह डिस्प्ले केस तोड़े और करीब 20 क्रिस्टल आभूषण लेकर फरार हो गए। चोरी हुए आभूषण क्रिस्टल के बने थे और उनमें कीमती रत्न नहीं जड़े थे। इसलिए एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन्हें पिघलाकर या दोबारा बेच पाना आसान नहीं होगा। लालिक म्यूजियम की शुरुआत 2011 में हुई थी। यह प्रसिद्ध फ्रांसीसी ज्वेलर और ग्लास कलाकार रेने लालिक तथा उनके उत्तराधिकारियों की कला को समर्पित है। संग्रहालय में 650 से अधिक आर्ट नोवो, आर्ट डेको और आधुनिक क्रिस्टल कला की कलाकृतियां प्रदर्शित हैं। चोरी के बाद संग्रहालय को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में पेरिस के लूव्र म्यूजियम से फ्रांस के क्राउन ज्वेल्स के आठ दुर्लभ आभूषण चोरी हुए थे। उनकी कीमत करीब 8.8 करोड़ यूरो आंकी गई थी। इसी दौरान डेनिस डिडेरो हाउस ऑफ एनलाइटनमेंट से करीब 2,000 दुर्लभ सिक्के और नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री से 15 लाख यूरो कीमत के छह दुर्लभ सोने के नगेट भी चोरी हुए थे। श्रीलंका के नेगोम्बो जेल में बलवा: 25 की मौत, 100 से ज्यादा घायल श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के बाहरी इलाके नेगोम्बो स्थित एक जेल में हुई हिंसक झड़प में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मृतकों में चार जेलकर्मी और 15 कैदी शामिल हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नेगोम्बो अस्पताल की निदेशक पुष्पा गमलाथ ने समाचार एजेंसी AFP को बताया कि अस्पताल में चार जेलकर्मियों और 15 कैदियों के शव लाए गए हैं। पुलिस और स्थानीय मीडिया के मुताबिक, राजधानी कोलंबो से करीब 35 किलोमीटर उत्तर में स्थित नेगोम्बो जेल में रविवार को हिंसा शुरू हुई, जो सोमवार तक जारी रही। रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों और घायलों में कैदी और जेल अधिकारी दोनों शामिल हैं। श्रीलंका पुलिस के प्रवक्ता चंदना हेराथ ने जेल के अंदर झड़प और लोगों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने घटना के कारण या अन्य विवरण साझा नहीं किए। ब्रिटेन में विदेशी फंडिंग पर शिकंजा:चुनावी उम्मीदवारों को हर बड़े चंदे का स्रोत बताना होगा ब्रिटेन ने सोमवार को विदेशी राजनीतिक चंदे पर नियम और सख्त कर दिए। सरकार का कहना है कि इसका मकसद विदेशी पैसे के जरिए चुनावों को प्रभावित होने से रोकना और राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता बढ़ाना है। यह जानकारी ब्रिटिश सरकार के बयान में दी गई है। नए नियमों के तहत अब चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को उम्मीदवार घोषित होने से पहले मिले 2,230 पाउंड से अधिक के सभी चंदों की जानकारी देनी होगी। साथ ही यह भी साबित करना होगा कि यह रकम वैध स्रोतों से आई है। हाउसिंग मंत्री स्टीव रीड ने कहा कि विदेशी दानदाताओं के लिए कड़े मानक लागू कर और उम्मीदवारों से फंडिंग का स्रोत साबित कराने की व्यवस्था कर सरकार चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा कर रही है। नियमों के मुताबिक विदेश से आकर ब्रिटेन में बसे लोग अब तभी एक लाख पाउंड या उससे अधिक का राजनीतिक चंदा दे सकेंगे, जब वे कम से कम एक साल तक स्थायी रूप से ब्रिटेन में रह चुके हों। इसके अलावा कंपनियों से मिलने वाले राजनीतिक चंदे का आकलन अब उनके राजस्व के बजाय कर चुकाने के बाद हुए वास्तविक मुनाफे के आधार पर किया जाएगा। ये नए नियम मार्च में घोषित प्रावधानों के बाद लागू किए गए हैं। तब सरकार ने विदेश में रहने वाले ब्रिटिश नागरिकों के राजनीतिक चंदे की सीमा एक लाख पाउंड प्रति वर्ष तय की थी। लोगो विवाद में मॉली टी पर भारी पड़ा लुई वितों: चीनी अदालत ने $15 लाख हर्जाना और माफी का आदेश दिया चीन की लोकप्रिय बबल टी चेन मॉली टी को फ्रांसीसी लग्जरी ब्रांड लुई वितों (Louis Vuitton) के ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में 1.03 करोड़ युआन (करीब 11 लाख पाउंड या 15 लाख डॉलर) हर्जाना भरने का आदेश दिया गया है। अदालत ने माना कि कंपनी का लोगो लुई वितों के मशहूर चार-पंखुड़ी वाले मोनोग्राम ट्रेडमार्क की नकल करता है। इस फैसले के बाद चीन में कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा अधिकारों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। चाइना डेली के अनुसार, शंघाई के पूर्व में स्थित सूझोउ की अदालत ने गुरुवार को मॉली टी को विवादित लोगो का इस्तेमाल तुरंत बंद करने, सार्वजनिक माफी मांगने और लुई वितों को 1.03 करोड़ युआन का हर्जाना देने का आदेश दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मॉली टी और उससे जुड़ी कंपनियों ने कई ट्रेडमार्क पंजीकरण के लिए आवेदन किए थे, लेकिन चीन के राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रशासन ने अधिकांश आवेदन खारिज कर दिए। केवल “मॉली टी” नाम वाले चीनी अक्षरों का ट्रेडमार्क ही पंजीकृत हो सका। इस मामले से जुड़ा एक हैशटैग चीनी सोशल मीडिया पर 40 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इस पर हजारों टिप्पणियां आई हैं। कई यूजर्स ने मॉली टी का समर्थन करते हुए कहा कि पश्चिमी लग्जरी ब्रांडों के कई डिजाइन भी चीनी कलाकृतियों से प्रेरित रहे हैं। वीबो पर एक यूजर ने लिखा कि वह समर्थन जताने के लिए रोज मॉली टी पिएगा। वहीं कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अदालत के फैसले को सही ठहराया। उनका कहना था कि लुई वितों ने संबंधित ट्रेडमार्क पहले ही पंजीकृत करा रखा है, इसलिए कानून के मुताबिक उसकी सुरक्षा का अधिकार उसी के पास है। ‌‌BBC ने इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए मॉली टी और लुई वितों दोनों से संपर्क किया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी की ओर से कोई बयान नहीं आया। NATO सम्मेलन से पहले रूस का बड़ा हमला:कीव में 9 की मौत यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने एक सप्ताह में दूसरी बार बड़ा मिसाइल हमला किया है। सोमवार तड़के हुए हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 46 लोग घायल हुए हैं। घायलों में कम से कम पांच बच्चे शामिल हैं। यह हमला तुर्किये में होने वाले NATO शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुआ है। सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात होने की उम्मीद है। रविवार को हमले से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि खुफिया जानकारी के अनुसार रूस कीव पर एक और बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस ने जानबूझकर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। वहीं रूस का कहना है कि उसने हाल में रूसी क्षेत्र के बिजलीघरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर यूक्रेनी हमलों के जवाब में सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया। NATO बैठक से पहले जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलों की आपूर्ति में देरी नहीं करने की अपील की। चीन ने प्रशांत महासागर में पनडुब्बी से बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया चीन ने सोमवार को प्रशांत महासागर में पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) का दुर्लभ परीक्षण किया। इस कदम पर न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने चिंता जताते हुए कहा कि इससे दक्षिण प्रशांत क्षेत्र की शांति और स्थिरता प्रभावित हो सकती है। चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) नौसेना के प्रवक्ता सीनियर कैप्टन वांग शुएमेंग ने बताया कि नौसेना की एक पनडुब्बी से डमी वॉरहेड वाली रणनीतिक मिसाइल दागी गई, जो प्रशांत महासागर के निर्धारित क्षेत्र में सटीकता से गिरी। चीन ने यह नहीं बताया कि किस प्रकार की मिसाइल का परीक्षण किया गया। PLA नौसेना के पास फिलहाल JL-2 और JL-3 नाम की दो प्रकार की पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार JL-3 की मारक क्षमता इतनी है कि वह चीन के तट या दक्षिण चीन सागर से छोड़े जाने पर भी अमेरिका की मुख्य भूमि तक पहुंच सकती है। चीन के पास जिन क्लास (टाइप-094) परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों के छह पोत हैं, जिन्हें उसकी मुख्य रणनीतिक पनडुब्बी माना जाता है। न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने कहा कि यह मिसाइल दक्षिण प्रशांत परमाणु-मुक्त क्षेत्र के समुद्री हिस्से में दागी गई। यह क्षेत्र 1986 की रारोटोंगा संधि के तहत बनाया गया था, जिसके प्रोटोकॉल पर चीन ने भी 1987 में हस्ताक्षर किए थे। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने इस परीक्षण को क्षेत्र के लिए अस्थिर करने वाला कदम बताया। चीन के बड़े अंडरग्राउंड चर्च के संस्थापक रिहा:अमेरिका पहुंचकर परिवार से मिले चीन के सबसे प्रमुख अंडरग्राउंड (गैर-पंजीकृत) चर्चों में से एक जियोन चर्च के संस्थापक पादरी एज्रा जिन को जेल से रिहा कर दिया गया है। रिहाई के बाद वे अमेरिका पहुंच गए, जहां उनका परिवार से पुनर्मिलन हुआ। उनकी बेटी ग्रेस जिन ड्रेक्सल ने इसकी पुष्टि की है। एज्रा जिन उन दर्जनों चर्च सदस्यों में शामिल थे, जिन्हें पिछले साल चीन में गैर-पंजीकृत चर्चों के खिलाफ चलाए गए व्यापक अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया था। ग्रेस जिन ड्रेक्सल के अनुसार, मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बीजिंग यात्रा के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने एज्रा जिन का मामला उठाया था। इसके बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी। परिवार की ओर से जारी बयान में ड्रेक्सल ने कहा, “हम बेहद खुश हैं और इसे ईश्वर का चमत्कार मानते हैं। हम राष्ट्रपति ट्रम्प और उनके प्रशासन का भी धन्यवाद करते हैं। शी जिनपिंग के सीधे हस्तक्षेप के बिना यह संभव नहीं हो पाता।” एज्रा जिन ने 2007 में बीजिंग में जियोन चर्च की स्थापना की थी। 2018 में चीन ने गैर-पंजीकृत चर्चों के खिलाफ कार्रवाई तेज की, जिसके बाद वे अपने परिवार के साथ अमेरिका चले गए। हालांकि, चर्च के सदस्यों पर कार्रवाई जारी रहने के कारण वे बाद में चीन लौट आए। इसके बाद चीनी अधिकारियों ने उन्हें देश छोड़ने से रोक दिया। पिछले साल अक्टूबर में परिवार का उनसे संपर्क टूट गया था। उनकी बेटी, जो अमेरिकी सीनेट में स्टाफ सदस्य हैं, ने ट्रम्प प्रशासन से अपने पिता की रिहाई सुनिश्चित करने की अपील की थी।

खामेनेई की अंतिम यात्रा- 10km लंबे रूट पर लाखों लोग:10 घंटे तक चलेगा जुलूस, हेलिकॉप्टर से शहर के ऊपर घुमाया जाएगा ताबूत

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा सोमवार को तेहरान में आगे बढ़ रही है। 10 किलोमीटर लंबे रूट पर लाखों लोग अंतिम दर्शन के लिए जुटे हैं। सरकारी मीडिया ने इसे देश के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा जनसमूह बताया है। भीड़ इतनी ज्यादा है कि कई जगह ताबूत ले जा रहा वाहन धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। आजादी स्ट्रीट समेत कई इलाकों में लोगों की इतनी भीड़ है कि कुछ समय के लिए वाहन को रुकना भी पड़ा। प्रशासन ने लोगों से अंतिम यात्रा मार्ग पर बने रहने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, आखिर में खामेनेई के पार्थिव शरीर को हेलिकॉप्टर से अंतिम यात्रा मार्ग के ऊपर ले जाया जाएगा, ताकि दूर खड़े लोग भी अंतिम दर्शन कर सकें। अंतिम यात्रा के बाद खामेनेई के पार्थिव शरीर को धार्मिक रस्मों के लिए कोम ले जाया जाएगा। इसके बाद उन्हें उनके गृह शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ी 5 तस्वीरें… पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडे्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…