ब्रेकिंग न्यूज़
स्पेन के जंगल में आग, 12 की मौत, VIDEO:4 लोग कार में जिंदा जले, 19 अब भी लापता; इलेक्ट्रिक वायर से आग की आशंका

स्पेन के दक्षिणी हिस्से में एंडालूसिया के लॉस गैलार्डोस में शुक्रवार को जंगल की भीषण आग में 12 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 19 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों के मुताबिक आठ लोग घायल हुए हैं, जिनमें चार की हालत गंभीर बताई गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, एक गाड़ी में चार लोग जिंदा जल गए। उनकी कार का स्टीयरिंग व्हील दाईं ओर था, जिससे वे ब्रिटिश लग रहे थे। वहीं, अपनी कारें छोड़ भागने की कोशिश कर रहे 7 लोग भी मृत पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि वे निर्धारित निकासी मार्ग की बजाय दूसरे रास्ते से निकलने की कोशिश कर रहे थे और वहीं उनकी मौत हो गई। एंडालूसिया की इमरजेंसी सर्विस ने शुरुआती कॉल के आधार पर बताया कि बिजली की गिरी हुई वायर से आग लगी, जो तेजी से जंगल में फैल गई। दूसरी तरफ बिजली कंपनी एंडेसा के प्रवक्ता ने इस दावे से इनकार करते हुए कहा कि जांच में जिस केबल की बात हो रही है, उसमें बिजली का प्रवाह ही नहीं था। इसलिए आग की असली वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। भीषण आग की 4 तस्वीरें 2005 के बाद सबसे घातक जंगल की आग 12 मौतों के साथ यह 2005 के बाद स्पेन की सबसे घातक जंगल की आग मानी जा रही है। 2005 में ग्वाडालाहारा प्रांत में बारबेक्यू से लगी आग में 11 फायरफाइटरों की मौत हुई थी। उस हादसे के बाद स्पेन ने जंगल की आग की रोकथाम और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम में बड़े बदलाव किए थे। शुक्रवार को इस भीषण आग को काबू पाने के लिए करीब 150 फायरफाइटर जुटे हैं, जबकि सेना की इमरजेंसी यूनिट भी राहत और बचाव अभियान में शामिल हो गई है। एंडालूसिया के आपातकाल प्रमुख एंटोनियो सान्ज के मुताबिक, मरने वालों में एक स्पेनिश नागरिक और बाकी ज्यादातर विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार कई लोगों ने अधिकारियों के घर में ही सुरक्षित रहने के निर्देशों का पालन नहीं किया और कारों से भागने की कोशिश की। इसी दौरान वे आग की चपेट में आ गए। मेयर बोले- ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा लॉस गालार्डोस के मेयर फ्रांसिस्को मिगुएल रेयेस ने स्थानीय रेडियो से कहा, “यह पहली बार है जब हमने इतनी भयावह आग देखी है। पूरा इलाका ऐसा लग रहा है, जैसे यहां बम गिरा हो।” राहत अभियान के बीच कई परिवार सोशल मीडिया पर अपने लापता परिजनों की जानकारी साझा कर रहे हैं। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि यह घटना उन्हें गहरे दुख और तबाही का एहसास करा रही है। यूरोपियन फॉरेस्ट फायर इंफॉर्मेशन सिस्टम के मुताबिक इस साल अब तक स्पेन में करीब 57 हजार हेक्टेयर क्षेत्र जल चुका है। यह पिछले दो दशकों के औसत वार्षिक क्षेत्रफल का लगभग आधा है और यूरोपीय संघ में इस साल जले कुल क्षेत्र का करीब 40% हिस्सा है। यूरोप में हीटवेव से जंगल की आग का खतरा बढ़ा इस साल यूरोप में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव ने जंगल की आग का खतरा काफी बढ़ा दिया है। फ्रांस की सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी के प्रमुख जूलियन मेरियन ने कहा कि 2026 का वाइल्डफायर सीजन असामान्य रूप से तेज शुरुआत के साथ आया है। उनके मुताबिक सर्दियों और वसंत में हुई अच्छी बारिश से उगी घनी वेजिटेशन अब लगातार पड़ रही गर्मी में सूख चुकी है और आग के लिए ईंधन का काम कर रही है। फ्रांस में इस साल अब तक 8,000 से ज्यादा आग की घटनाओं में लगभग 100 वर्ग मील क्षेत्र जल चुका है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुना है। वहीं वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनिया भर में हीटवेव पहले से ज्यादा गर्म, लंबी और बार-बार आने लगी हैं। यूरोप दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन चुका है। जर्मनी में जून के आखिर में पड़ी रिकॉर्ड गर्मी के कारण करीब 5,100 लोगों की मौत होने का अनुमान है।

शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी:कहा- कोर्ट में सरेंडर करूंगी, हत्या हो जाए तो भी मंजूर, देश की धरती पर मरना चाहती हूं

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह दिसंबर में भारत से बांग्लादेश देश लौटेंगी और कोर्ट में सरेंडर करेंगी। उन्होंने कहा कि उनके साथ अवामी लीग के कई सीनियर नेता भी आत्मसमर्पण करेंगे। रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा- अवामी लीग के लगभग सभी बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं और कई लोग छिपकर रहने को मजबूर हैं। हालांकि, हसीना ने वापसी की तारीख नहीं बताई। हसीना 2024 में सरकार विरोधी आंदोलन के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। इसके बाद उन्हें छात्र आंदोलन पर कार्रवाई से जुड़े मामले में मौत की सजा सुनाई गई। वह इन आरोपों से इनकार करती रही हैं। हसीना बोलीं- सरकार से वापसी पर कोई बातचीत नहीं शेख हसीना ने कहा कि उन्होंने बांग्लादेश लौटने को लेकर सरकार से कोई बातचीत नहीं की है। उनका कहना है कि लोकतंत्र, चुनाव, अवामी लीग के राजनीतिक अधिकार और न्याय जैसे मुद्दों पर पर्दे के पीछे बातचीत नहीं हो सकती। हसीना ने दावा किया कि बांग्लादेश सरकार उन्हें वापस भेजने के लिए भारत को लगातार पत्र लिख रही है। उन्होंने कहा, “मुझे वापस लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, मैं खुद ही लौटूंगी।” हालांकि, हसीना के इस दावे पर बांग्लादेश सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं भारत ने भी फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की। इससे पहले अप्रैल में भारत ने कहा था कि वह बांग्लादेश के प्रत्यर्पण अनुरोध पर विचार कर रहा है और नई सरकार के साथ संबंध मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। हसीना बोलीं- अगर गलती की है तो फैसला जनता करे शेख हसीना ने कहा कि उन्हें जेल जाने का डर नहीं है, क्योंकि वह पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में लंबे समय तक रहने वाली किसी भी सरकार से गलतियां हो सकती हैं, लेकिन उसका फैसला अदालत नहीं, जनता को करना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर हमारी सरकार से गलतियां हुई हैं, तो जनता फैसला करेगी।” रॉयटर्स के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में 2024 के छात्र आंदोलन पर कार्रवाई में करीब 1,400 लोगों की मौत होने की बात कही गई है। इसी मामले में शेख हसीना को अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गई थी। हसीना ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि अदालत की सुनवाई शुरू होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। चार दिन पहले हसीना विरोधी रैली में धमाका राजधानी ढाका के पास सावर में चार दिन पहले सोमवार को शेख हसीना विरोधी रैली के दौरान बम धमाका हुआ था। इस हमले में 3 लोग घायल हुए, जबकि मंच पर छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल नाहिद इस्लाम समेत नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। धमाका सोमवार रात करीब 9:45 बजे उस समय हुआ, जब पार्टी की एक नेता सभा को संबोधित कर रही थीं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह रैली जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन की दूसरी बरसी के मौके पर निकाली गई थी। इसी आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। फिलहाल धमाके की वजह साफ नहीं हो सकी है और मामले की जांच जारी है।
बांग्लादेश सरकार बोली- शेख हसीना को वापस लाने की कोशिश जारी बांग्लादेश सरकार के मुताबिक हसीना को वापस लाने की कोशिश की जा रही है। विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने मंगलवार को बताया था कि हसीना को अदालत के सामने पेश करने के लिए सरकार राजनयिक स्तर पर लगातार प्रयास कर रही है और इस प्रक्रिया में कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि हसीना को वापस लाने की प्रक्रिया अंतरिम सरकार के समय शुरू हुई थी और मौजूदा सरकार भी इसे आगे बढ़ा रही है। उनके मुताबिक, प्रत्यर्पण अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होता है, इसलिए इसमें समय लगना स्वाभाविक है। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत इस मामले में सहयोग कर रहा है, तो उन्होंने सीधे जवाब नहीं दिया।

वर्ल्ड अपडेट्स:चीन ने रॉकेट बूस्टर को समुद्र में सुरक्षित उतारा, पहली बार सफल टेस्ट

चीन ने अंतरिक्ष तकनीक में बड़ी सफलता हासिल की है। उसने पहली बार रॉकेट के बूस्टर को समुद्र में सुरक्षित उतारने का सफल परीक्षण किया है। चीन ने शुक्रवार को लॉन्ग मार्च-10B रॉकेट को दक्षिणी प्रांत हैनान से लॉन्च किया। उड़ान भरने के करीब 6 मिनट बाद बूस्टर मुख्य रॉकेट से अलग हुआ और नियंत्रित तरीके से समुद्र में बने एक प्लेटफॉर्म पर उतर गया। वहां लगे विशेष जाल (नेट) ने उसे सुरक्षित पकड़ लिया। चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक, किसी रॉकेट बूस्टर को इस तरह नियंत्रित तरीके से वापस लाने का यह देश का पहला सफल परीक्षण है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर रॉकेट के बूस्टर को हर लॉन्च के बाद दोबारा इस्तेमाल किया जा सके, तो अंतरिक्ष मिशनों की लागत काफी कम होगी और लॉन्च की रफ्तार भी बढ़ेगी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… LGBTQ थीम वाले क्रूज़ को मिस्र में भी नहीं मिली एंट्री: तुर्किये के बाद अलेक्जेंड्रिया पोर्ट ने भी रोका LGBTQ थीम पर आयोजित एक क्रूज़ जहाज को तुर्किये के बाद अब मिस्र ने भी अपने बंदरगाह पर प्रवेश की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। वर्जिन वॉयेजेज के स्कार्लेट लेडी क्रूज़ को पहले तुर्किये के इस्तांबुल और कुसादासी बंदरगाहों पर रुकना था। वहां अनुमति नहीं मिलने के बाद यात्रा कार्यक्रम में मिस्र के अलेक्जेंड्रिया बंदरगाह को शामिल किया गया, लेकिन अंतिम समय में वहां की अनुमति भी वापस ले ली गई। अमेरिका की LGBTQ ट्रैवल कंपनी एटलांटिस इवेंट्स द्वारा आयोजित यह 10 दिन का ‘एथेंस टु वेनिस’ क्रूज़ 5 जुलाई को रवाना हुआ था। जहाज पर करीब 2,000 यात्री सवार हैं। इससे पहले तुर्किये के अधिकारियों ने कुसादासी बंदरगाह पर जहाज को प्रवेश देने से इनकार करते हुए कहा था कि चार्टर समूह की गतिविधियां “समाज की संरचना और नैतिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं।” आयोजकों के अनुसार, तुर्किये में रोक के बाद अलेक्जेंड्रिया को यात्रा कार्यक्रम में शामिल किया गया था, जहां से काहिरा और मिस्र संग्रहालय के भ्रमण भी तय थे। लेकिन मिस्र के अधिकारियों ने अंतिम समय में डॉकिंग की अनुमति वापस ले ली। इसके बाद जहाज का मार्ग दूसरी बार बदला गया और उसे ग्रीस के क्रीट द्वीप स्थित चानिया बंदरगाह भेजा गया है। यूक्रेन पर शांति वार्ता को लेकर पश्चिम पर अब भरोसा नहीं: लावरोव रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि मॉस्को को अब पश्चिमी देशों के इस दावे पर भरोसा नहीं रहा कि वे यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए ईमानदारी से शांति वार्ता चाहते हैं। मोजाम्बीक की राजधानी मापुतो में विदेश मंत्री मारिया मैनुएला लुकास के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में लावरोव ने आरोप लगाया कि पश्चिम बातचीत की इच्छा का केवल दिखावा कर रहा है, जबकि रूस के सामने लगातार शर्तें रखी जा रही हैं। लावरोव ने कहा कि पिछले एक दशक में पश्चिम ने यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण समाधान की हर कोशिश को कमजोर किया। उनके मुताबिक, 2022 में रूस और यूक्रेन के बीच इस्तांबुल में बातचीत के दौरान समझौते की रूपरेखा तैयार हो गई थी, लेकिन पश्चिमी हस्तक्षेप के कारण वह आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने कहा कि अब रूस की सद्भावना और पश्चिम पर भरोसा पूरी तरह समाप्त हो चुका है। लावरोव ने कहा कि रूस आज भी बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वार्ता का उद्देश्य संघर्ष के “मूल कारणों” का समाधान होना चाहिए। इनमें यूक्रेन की NATO सदस्यता की योजना और रूस की सुरक्षा संबंधी चिंताएं शामिल हैं। स्पेन में जंगल की आग से 12 की मौत; 1000 लोग सुरक्षित निकाले गए, 6 घायल स्पेन के दक्षिण-पूर्वी अल्मेरिया प्रांत के लॉस गाल्यार्दोस इलाके में जंगल की भीषण आग में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है, छह लोग घायल हुए हैं और करीब 1000 निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। आग के कारण कई सड़कें भी बंद करनी पड़ी हैं। करीब 150 दमकलकर्मी और स्पेन की मिलिट्री इमरजेंसी यूनिट (UME) को भी राहत और बचाव अभियान में शामिल किया गया है। दक्षिणी यूरोप इस समय भीषण हीटवेव की चपेट में है। स्पेन, फ्रांस और पुर्तगाल में कई स्थानों पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया जा रहा है। इसी वजह से कई इलाकों में जंगल की आग तेजी से फैल रही है। यूरोपीय वनाग्नि सूचना प्रणाली (EFFIS) के अनुसार, पिछले वर्ष स्पेन में लगभग 3.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जंगल की आग से प्रभावित हुआ था, जो पिछले वर्षों के औसत से कई गुना अधिक है। पूरी खबर पढ़ें… चीन की जूता फैक्ट्री में आग: 28 की मौत, 200 से ज्यादा बचाए गए; ओनर हिरासत में चीन के फ़ुजियान प्रांत के क्वानझोउ शहर के जिनजियांग इलाके में स्थित एक जूता फैक्ट्री में गुरुवार को भीषण आग लगने से कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई। सरकारी मीडिया के अनुसार 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग बुझाने के लिए 500 से ज्यादा दमकलकर्मी और 35 फायर इंजन मौके पर तैनात किए गए। कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के बेहतर इलाज और राहत कार्य में कोई कमी नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को भी कहा है। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक समेत कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। हालांकि, आग लगने की वजह का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। ग्रीक वायुसेना के F-16 की इमरजेंसी लैंडिंग: रनवे पर लगी आग, पायलट सुरक्षित ग्रीक वायुसेना का एक F-16 लड़ाकू विमान गुरुवार को प्रशिक्षण उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने के बाद जाकिंथोस एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान रनवे पर फिसलने के बाद उसमें आग लग गई। हालांकि पायलट सुरक्षित है। हादसे के बाद एयरपोर्ट का रनवे बंद कर दिया गया, जिससे कई उड़ानों में देरी हुई। ग्रीक वायुसेना के अनुसार, विमान में तकनीकी खराबी आने के बाद दोपहर करीब 1:45 बजे स्थानीय समय पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान को लैंडिंग से पहले ऑनबोर्ड आग की चेतावनी मिली थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विमान बिना लैंडिंग गियर खोले रनवे पर उतरा और कई मीटर तक फिसलने के बाद उसमें आग लग गई।

ट्रम्प बोले- ईरान ने बातचीत जारी रखने की मांग की:दो दिन बाद ईरान-अमेरिका ने हमले रोके; इजराइल ने लेबनान पर ड्रोन अटैक किए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि ईरान ने बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई है और अमेरिका इसके लिए तैयार हो गया है। हालांकि, ट्रम्प ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है। ईरान और अमेरिका के बीच दो दिनों तक चली सैन्य कार्रवाई के बाद फिलहाल गोलीबारी थम गई है। अल जजीरा के मुताबिक, अब मध्यस्थता कर रहे देश दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक बातचीत फिर शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि तनाव और न बढ़े। वहीं, लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) के मुताबिक, इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह प्रांत में दो और ड्रोन हमले किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एक हमला कफर रेमान और दूसरा नबातियेह अल-फौका कस्बे में हुआ। फिलहाल किसी के हताहत होने की भी खबर नहीं है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स मिडिल ईस्ट हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

अमेरिका में H-1B वीजा के नियम सख्त हो सकते हैं:विश्वविद्यालयों की छूट सीमित हो सकती है; ग्रीन कार्ड से जुड़े नए नियम आना संभव

अमेरिका का ट्रम्प प्रशासन नए इमिग्रेशन नियमों की तैयारी कर रहा है, जिससे एच-1बी वीजा, रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड और छात्र वीसा की प्रक्रिया पहले से अधिक सख्त हो सकती है। प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर भारतीय पेशेवरों, छात्रों और अमेरिकी कंपनियों के लिए नियमों का पालन करना अधिक कठिन और महंगा हो सकता है। ये प्रस्ताव अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग, श्रम विभाग और विदेश विभाग के एकीकृत रेगुलेटरी एजेंडा में शामिल हैं। इसके लिए अगस्त में बदलाव का प्रस्ताव आ सकता है। अगस्त में आ सकता है प्रस्ताव एच-1बी: विश्वविद्यालयों और कुछ शोध संस्थानों को मिलने वाली एच-1बी कैप छूट सीमित की जा सकती है। कई ऐसे प्रस्ताव हैं जिनसे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। ग्रीन कार्ड: एच-1बी व ग्रीन कार्ड के लिए लागू न्यूनतम वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव है। साथ ही भर्ती नियमों, अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी से जुड़े प्रावधानों और भेदभाव-रोधी उपायों में बदलाव प्रस्तावित हैं। छात्र वीसा: प्रस्ताव के तहत विदेशी छात्रों के लिए मौजूदा ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ व्यवस्था खत्म कर निश्चित अवधि का प्रवास तय किया जा सकता है। जयशंकर ने भी उठाया था मुद्दा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसी साल मई में यह मामला अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के सामने उठाया था। रूबियो ने माना था कि नए इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव के दौरान कुछ दिक्कतें और तनाव हो सकते हैं। हालांकि, रूबियो ने कहा था कि अमेरिका इमिग्रेशन सिस्टम को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश कर रहा है और लंबे समय में इसका फायदा सभी पक्षों को मिलेगा। रूबियो ने यह भी कहा था कि यह कदम खासतौर पर भारत को निशाना बनाकर नहीं उठाया गया। उनके मुताबिक अमेरिका पिछले कुछ सालों में बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासियों की समस्या से जूझ रहा है। 2 करोड़ से ज्यादा लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में दाखिल हुए और उसी चुनौती से निपटने के लिए यह बदलाव किए जा रहे हैं। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर वसूलने का आदेश रद्द:कोर्ट बोला- ट्रम्प फीस के नाम पर टैक्स नहीं ले सकते; भारतीयों को सबसे ज्यादा राहत अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने 9 जून को ट्रम्प के H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर (करीब 95 लाख रुपए) फीस वसूलने वाली नीति को रद्द कर दिया था। बॉस्टन कोर्ट ने कहा कि यह फीस नहीं बल्कि एक टैक्स है और इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति नहीं, बल्कि संसद की मंजूरी जरूरी थी। पूरी खबर पढ़ें…

वर्ल्ड अपडेट्स:वेनेजुएला भूकंप: मृतकों की संख्या 3,811 पहुंची; पुनर्निर्माण के लिए विदेशों में फंसे फंड जारी करने की मांग

वेनेजुएला में 24 जून को आए दो शक्तिशाली भूकंपों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 3,811 हो गई है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने बुधवार को यह जानकारी दी। उनके अनुसार, इस आपदा में 16,740 लोग घायल हुए हैं, जबकि 17,907 लोग बेघर हो चुके हैं। अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने की अपील दोहराई है। उनका कहना है कि विदेशों में वेनेजुएला की बड़ी मात्रा में संपत्तियां और धनराशि फंसी हुई है। यदि इन्हें जारी कर दिया जाए तो भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के साथ रोजगार और शिक्षा कार्यक्रमों के लिए भी पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं। डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि उन्होंने ब्रिटेन के राजा चार्ल्स को पत्र लिखकर बैंक ऑफ इंग्लैंड में जमा वेनेजुएला का सोना जारी करने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के प्रमुख से बातचीत की गई है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के पास वेनेजुएला का करीब 31 टन सोना जमा है, जिसकी रिहाई को लेकर लंबे समय से ब्रिटेन की अदालतों में कानूनी विवाद चल रहा है। वेनेजुएला पर पिछले दो दशकों में अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों ने विभिन्न प्रतिबंध लगाए हैं। हालांकि, भूकंप के बाद अमेरिका ने राहत कार्यों से जुड़े कुछ वित्तीय लेनदेन के लिए चार महीने की सीमित छूट दी है, ताकि मानवीय सहायता और पुनर्वास कार्य प्रभावित न हों। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… जन्म से नागरिकता पर सुप्रीम कोर्ट से फिर गुहार लगाएंगे ट्रम्प: जून में कोर्ट ने खारिज किया था आदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि वह जन्म से नागरिकता (Birthright Citizenship) पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। जून में सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से उनके उस कार्यकारी आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें कुछ श्रेणी के लोगों के अमेरिका में जन्मे बच्चों को स्वत: नागरिकता देने पर रोक लगाने की कोशिश की गई थी। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिकी नागरिकता “बिक्री के लिए नहीं है” और सुप्रीम कोर्ट का फैसला गलत है। उन्होंने कहा कि वह तत्काल इस मामले में दोबारा सुनवाई की मांग करेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद 20 जनवरी 2025 को ट्रम्प ने एक कार्यकारी आदेश जारी किया था। इसमें ऐसे बच्चों को स्वत: अमेरिकी नागरिकता से वंचित करने का प्रस्ताव था, जिनके माता-पिता अस्थायी कानूनी दर्जे पर अमेरिका में रह रहे हों या बिना दस्तावेज वहां मौजूद हों। सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को असंवैधानिक मानते हुए खारिज कर दिया था। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट अपने फैसलों पर पुनर्विचार की अनुमति बहुत कम मामलों में देता है। ऐसे में ट्रम्प की नई याचिका स्वीकार होने की संभावना सीमित मानी जा रही है। ऑस्ट्रेलिया-फिजी रक्षा संधि: न्यूजीलैंड ने सदस्य बनने के संकेत दिए
न्यूजीलैंड की सरकार ऑस्ट्रेलिया और फिजी के बीच बने नए रक्षा गठबंधन में शामिल होने पर विचार करेगी। प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। सरकार इस मुद्दे पर ऑस्ट्रेलिया और फिजी से बातचीत करेगी। अंतिम फैसला न्यूजीलैंड की कैबिनेट लेगी। यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब ऑस्ट्रेलिया और फिजी ने सोमवार को ओशन ऑफ पीस अलायंस नाम से रक्षा संधि पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत यदि दोनों में से किसी एक देश पर हमला होता है, तो दूसरा उसकी मदद करेगा। एजेंसी के मुताबिक, यह कदम प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच उठाया गया है। यह संधि फिजी का अब तक का पहला औपचारिक रक्षा गठबंधन है। इसके साथ ही फिजी, अमेरिका, न्यूजीलैंड और पापुआ न्यू गिनी के बाद ऑस्ट्रेलिया का चौथा औपचारिक सहयोगी बन गया है। न्यूजीलैंड का फिलहाल केवल एक औपचारिक रक्षा सहयोगी ऑस्ट्रेलिया है। हालांकि, वह फाइव आईस खुफिया समूह का सदस्य है और NATO का प्रमुख साझेदार भी है।

अयातुल्ला खामेनेई के तबाह घर का VIDEO:ईरान ने अंतिम संस्कार के ठीक पहले जारी किया, अमेरिका-इजराइल ने एक साथ 35 मिसाइलें गिराई थीं

ईरान सरकार ने बुधवार देर रात पहली बार दिवंगत सर्वोच्च नेता सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के आवासीय परिसर पर हुए हमले और उससे हुई तबाही का आधिकारिक वीडियो जारी किया। वीडियो 35 सेकेंड का है। यह ऐसे समय आया है, जब राजधानी तेहरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा है। आज उन्हें मशहद में दफनाया जाएगा। खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले के पहले दिन मारे गए थे। हमले में उनके परिवार के कई सदस्यों और 40 अफसरों की जान भी गई थी। इसमें खामेनेई की 14 महीने की पोती भी शामिल थी। अमेरिका-इजराइल ने एक साथ 35 मिसाइलें गिराई थीं। अयातुल्ला अली खामेनेई के आवास की फोटो खामेनेई के आवास का नाम ‘बैत-ए-रहबरी’ था, सामान्य सा दिखता था खामेनेई के आवास का नाम ‘बैत-ए-रहबरी’ था। यह अत्यधिक सुरक्षित सरकारी परिसर था, जो तेहरान के मध्य में स्थित था। यही उनका आधिकारिक आवास, कार्यालय और सत्ता का प्रमुख केंद्र था। आवास की खासियत… आवास की 5 फोटोज… खामेनेई ईरान के राष्ट्रपति भी रहे 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद से अयातुल्ला खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर काबिज थे। ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान जब शाह मोहम्मद रजा पहलवी को हटाया गया तो खामेनेई ने क्रांति में बड़ी भूमिका निभाई थी। इस्लामिक क्रांति के बाद खामेनेई को 1981 में राष्ट्रपति बनाया गया। वह 8 साल तक इस पद पर रहे। 1989 में ईरान के सुप्रीम लीडर खुमैनी की मौत के बाद उन्हें उत्तराधिकारी बनाया गया था। अमेरिका के लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमला किया अमेरिका ने गुरुवार तड़के लगातार ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि उसने करीब 90 सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। CENTCOM के मुताबिक, हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी ठिकाने, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट, नौसैनिक ठिकाने और सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया। 9 जुलाई को अमेरिकी हमले के फुटेज… इससे पहले भी अमेरिका ने एक दिन पहले ईरान में 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमला करने का दावा किया था। लगातार दूसरे दिन हुई कार्रवाई से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। 8 जुलाई को अमेरिकी हमले के फुटेज… ======= खामेनई के घर पर हमले के वक्त की ये खबर भी पढ़ें इजराइल ने ट्रैफिक कैमरे हैक कर खामेनेई पर हमला किया, सालों तक नजर रखी ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका- इजराइल के हवाई हमले में मौत हो गई। यह हमला तेहरान की पास्चर स्ट्रीट के पास उनके ऑफिस पर हुआ, जहां वे कई बड़े ईरानी नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे। इस हमले में इजराइल ने ऑफिस पर 35 मिसाइलें गिराई थीं, जिसमें खामेनेई के साथ 40 अफसर भी मारे गए थे। पूरी खबर पढ़ें

ईरान बोला- होर्मुज में दखल दिया तो करारा जवाब देंगे:अमेरिका ने चीन-रूस से जुड़े पुल पर मिसाइल दागी, 2 दिन में 170 ठिकानों पर हमला

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में दखल दिया तो करारा जवाब दिया जाएगा। ईरानी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, IRGC ने कहा कि अमेरिका ने हमला जारी रखा तो होर्मुज सामान्य नहीं हो पाएगा और कई देशों को आर्थिक नुकसान होगा। दूसरी ओर, ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि अमेरिका ने उत्तरी ईरान में चीन और रूस से जुड़े एक रणनीतिक रेलवे पुल पर क्रूज मिसाइल से हमला किया। अमेरिका ने पिछले 2 दिनों में ईरान के 170 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और मिसाइल भंडार, सैन्य स्पीड बोट और होर्मुज स्ट्रेट के पास तटीय इलाकों में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

पाकिस्तानी कार्गो प्लेन का मलबा बलूचिस्तान तट के पास मिला:कराची के पास रडार से गायब हुआ था, 5 क्रू मेंबर्स की तलाश जारी

पाकिस्तान का एक कार्गो विमान मंगलवार रात कराची पहुंचने से पहले लापता हो गया था। विमान शारजाह से कराची आ रहा था और उसमें 5 क्रू मेंबर सवार थे। पाकिस्तानी खोजी दलों ने बलूचिस्तान के तट के पास अरब सागर में ओर्मारा से 53 समुद्री मील (लगभग 98 किलोमीटर) दूर विमान का मलबा बरामद कर लिया है। पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) के मुताबिक, रात 9:18 बजे पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को नेविगेशन सिस्टम में खराबी की जानकारी दी था। कंट्रोल रूम ने विमान को गाइड करने की कोशिश की, लेकिन करीब तीन मिनट बाद उसका संपर्क टूट गया। आखिरी बार विमान कराची से 155 नॉटिकल मील (287 किमी) पश्चिम में ट्रैक किया गया। विमान के लापता होने के बाद अरब सागर में बड़े स्तर पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया था। पाकिस्तान नेवी, एयर फोर्स और अन्य एजेंसियां खोज अभियान में जुटी रही। विमान के गायब होने की लोकेशन… हादसे की वजह फिलहाल साफ नहीं PAA ने कहा है कि विमान हादसा होने की वजह का अभी पता नहीं चल सका है। विमान और उसमें सवार 5 क्रू मेंबरों की स्थिति को लेकर भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। फ्लाइट रडार 24 के शुरुआती डेटा के मुताबिक, आखिरी समय में विमान ने पहले ऊंचाई खोई, फिर कुछ ऊपर गया और इसके बाद अचानक तेजी से नीचे आया। एविएशन एक्सपर्ट इमरान असलम ने ARY न्यूज से कहा कि इंजन फेल होने की स्थिति में भी विमान आमतौर पर कुछ दूरी तक ग्लाइड करता है। उनके मुताबिक, विमान का इतनी तेजी से नीचे आना सामान्य नहीं है और इसकी वजह जांच के बाद ही साफ होगी। 2018 में शुरू हुई थी K2 एयरवेज K2 एयरवेज कराची स्थित निजी कार्गो एयरलाइन है, जिसकी शुरुआत मई 2018 में हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे का शिकार हुआ 27 साल पुराना Boeing 737 2024 में एयरलाइन के बेड़े में शामिल किया गया था। यह कंपनी का इकलौता विमान था और इसकी पिछली उड़ान 28 जून को हुई थी। वहीं, K2 Airways ने कहा है कि वह पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ जांच और सर्च ऑपरेशन में पूरा सहयोग कर रही है। नेविगेशन सिस्टम क्या होता है? नेविगेशन सिस्टम विमान को तय रूट पर उड़ाने में पायलट की मदद करता है। यह विमान की लोकेशन, दिशा, ऊंचाई और उड़ान मार्ग की जानकारी देता है। इसके लिए GPS, इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS), रेडियो बीकन और दूसरे सेंसर का इस्तेमाल होता है। नेविगेशन सिस्टम में खराबी आने पर क्या होता है? 2020 में PIA का यात्री विमान क्रैश हुआ था इससे पहले मई 2020 में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) का यात्री विमान कराची में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में 97 लोगों की मौत हुई थी। बाद की जांच में पायलट, सह-पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की मानवीय गलती को दुर्घटना का कारण माना गया था।

वर्ल्ड अपडेट्स:बांग्लादेश में लैंडस्लाइड से 8 बच्चों की मौत, 5 घायल; लगातार बारिश के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ा

बांग्लादेश के कॉक्स बाजार जिले के उखिया स्थित रोहिंग्या शरणार्थी कैंप में बुधवार को लैंडस्लाइड में 8 बच्चों की मौत हो गई और 5 घायल हैं। BBC के मुताबिक, सभी बच्चों की उम्र 7 से 12 साल के बीच थी। बांग्लादेश मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। लगातार हो रही भारी बारिश और भारत से आने वाले ऊपरी इलाकों के पानी की वजह से देश के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। रिफ्यूजी रिलीफ एंड रिपैट्रिएशन कमिश्नर (RRRC) के बयान के अनुसार, घटनास्थल से 13 बच्चों को बाहर निकाला गया। इनमें से चार बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार ने अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बाकी पांच बच्चों का अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज चल रहा है। इसी बीच, अंधेरा होने के बाद फायर सर्विस ने बचाव अभियान रोक दिया। अधिकारियों के मुताबिक, आगे की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… मरीन ले पेन को राहत: अपील कोर्ट ने चुनावी प्रतिबंध घटाया; 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकेंगी फ्रांस की अपीलीय अदालत ने दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन को यूरोपीय संसद फंड के दुरुपयोग मामले में दोषी तो माना, लेकिन उन पर सार्वजनिक पद संभालने की पाबंदी कम कर दी। इसके बाद ले पेन ने घोषणा की है कि वह 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगी। पेरिस कोर्ट ऑफ अपील ने ले पेन पर लगाए गए पांच साल के चुनावी प्रतिबंध को घटाकर 45 महीने कर दिया, जिनमें से 30 महीने निलंबित रहेंगे। अदालत ने यह भी माना कि 31 मार्च 2025 से वह पहले ही प्रतिबंध की अवधि पूरी कर रही हैं। इस वजह से वह 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए पात्र हो गई हैं। अदालत ने उन्हें तीन साल की जेल की सजा भी सुनाई है। इसमें दो साल की सजा निलंबित है, जबकि एक साल इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के साथ नजरबंदी में बिताना होगा। साथ ही उन पर एक लाख यूरो का जुर्माना लगाया गया है। यह मामला यूरोपीय संसद के उन फंड से जुड़ा था, जो संसदीय सहायकों के वेतन के लिए दिए जाते हैं। अदालत के अनुसार इन पैसों का इस्तेमाल फ्रांस में नेशनल रैली पार्टी के कर्मचारियों के वेतन भुगतान में किया गया, जिससे यूरोपीय संसद को 28 लाख यूरो का नुकसान हुआ। इसी मामले में नेशनल रैली पार्टी पर भी 20 लाख यूरो का जुर्माना लगाया गया, जिसमें आधी राशि निलंबित है। 2017 और 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में रनऑफ तक पहुंच चुकी मरीन ले पेन को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है। चीन में टाइफून मेसाक का कहर: बाढ़ और टॉरनेडो से 21 की मौत चीन में टाइफून मेसाक ने दक्षिण और मध्य हिस्सों में भारी तबाही मचा दी है। गुआंग्शी प्रांत में अचानक आई बाढ़ और हुबेई प्रांत में आए दुर्लभ टॉरनेडो के कारण अब तक कम से कम 21 लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग अब भी घरों की छतों और ऊंचे स्थानों पर फंसे हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं। गुआंग्शी में रविवार से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के बाद कुछ ही घंटों में बाढ़ का पानी घरों की पहली मंजिल तक पहुंच गया। नदियां उफान पर आ गईं और कुछ बांधों की दीवारें भी टूट गईं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 60 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि लगभग 90 हजार लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। कई गांवों में बिजली, इंटरनेट और संचार सेवाएं बंद हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राहत दल और नावें पर्याप्त नहीं हैं, जिससे बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है। उधर, हुबेई प्रांत में टाइफून के प्रभाव से बने दो टॉरनेडो ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं से इमारतों के शीशे टूट गए, कई लोग उड़ते मलबे और कांच से घायल हो गए। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सप्ताह के अंत तक सुपर टाइफून ‘बावी’ चीन के पूर्वी तट से टकरा सकता है। ऑस्ट्रेलिया में टेल्सट्रा का नेटवर्क ठप: 12 घंटे तक मोबाइल सेवाएं बाधित, ट्रेनें रुकीं
ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी टेल्सट्रा के नेटवर्क में बुधवार तड़के आई तकनीकी खराबी से देशभर में मोबाइल कॉल और डेटा सेवाएं करीब 12 घंटे तक प्रभावित रहीं। इसका असर ट्रेन सेवाओं, डिजिटल पेमेंट सिस्टम और इमरजेंसी कॉल पर भी पड़ा। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह साइबर अटैक नहीं बल्कि सिडनी और मेलबर्न के डेटा सेंटर में टाइम-कीपिंग सर्वर से जुड़े सॉफ्टवेयर डिफेक्ट के कारण हुआ। करीब 12 घंटे बाद नेटवर्क पूरी तरह बहाल हो पाया। आउटेज के दौरान कुछ इमरजेंसी कॉल कनेक्ट नहीं हो सकीं। कंपनी ने ऐसे सभी मामलों की समीक्षा की और प्रभावित लोगों का वेलफेयर चेक कराया। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस घटना को “बेहद चिंताजनक” बताया। संचार मंत्री अनिका वेल्स ने कहा कि ऑस्ट्रेलियन कम्युनिकेशंस एंड मीडिया अथॉरिटी पूरे मामले की जांच करेगी। नेटवर्क बाधित होने से विक्टोरिया में सभी क्षेत्रीय ट्रेन सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जबकि न्यू साउथ वेल्स में भी कई ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। फ्रेट सर्विसेस भी प्रभवित रहीं।