ब्रेकिंग न्यूज़
वर्ल्ड अपडेट्स:पोलैंड की नेता ने 'हिटलर' जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंकी

पोलैंड की राजनेता और क्राकोव की मेयर पद की उम्मीदवार मरिआना श्राइबर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंक दी। उन्होंने यूक्रेन पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जुड़े विवादित राष्ट्रवादी संगठनों और नेताओं का महिमामंडन करने का आरोप लगाया। वीडियो में श्राइबर ने जेलेंस्की की एक तस्वीर दिखाई, जिस पर हिटलर जैसी मूंछ बनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने तस्वीर को मोड़कर कूड़ेदान में फेंकते हुए कहा कि “अपराधियों का महिमामंडन करने वालों की जगह इतिहास के कूड़ेदान में है।” उन्होंने कहा कि “बांदेरावादी नायक नहीं हैं, बल्कि मानवता के लिए कलंक हैं।” साथ ही आरोप लगाया कि यूक्रेन ने अब तक पोलिश नागरिकों के नरसंहार के लिए औपचारिक माफी नहीं मांगी है। श्राइबर ने यह टिप्पणी 11 जुलाई 1943 की ‘ब्लडी संडे’ घटना की बरसी पर की। पोलैंड के अनुसार, उस दिन यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) ने वोल्हीनिया क्षेत्र के पोलिश गांवों पर एक साथ हमले किए थे। पोलैंड का दावा है कि 1943-44 के दौरान ऐसे हमलों में लगभग एक लाख पोलिश नागरिक मारे गए थे और वह इन घटनाओं को नरसंहार मानता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… EU माइग्रेशन कानून पर विवाद: स्वीडिश सांसद ने डेनिश सांसद के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
यूरोपीय संसद में हाल ही में पारित सख्त माइग्रेशन कानून को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। स्वीडन की सांसद आबिर अल-सहलानी ने डेनमार्क के सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी को लेकर स्वीडिश पुलिस में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इस मामले की शिकायत यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला से भी की है। यह विवाद पिछले महीने यूरोपीय संसद द्वारा पारित रिटर्न रेगुलेशन के बाद शुरू हुआ। नए कानून के तहत यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को अवैध प्रवासियों के निर्वासन की प्रक्रिया तेज करने के लिए यूरोपीय संघ के बाहर ‘रिटर्न हब’ स्थापित करने की अनुमति दी गई है। कानून पारित होने के बाद संसद में “उन्हें वापस भेजो” जैसे नारे लगे। इराकी मूल की स्वीडिश सांसद आबिर अल-सहलानी ने इन नारों की आलोचना करते हुए कहा कि यह कट्टर दक्षिणपंथी राजनीति का चिंताजनक उदाहरण है और इस घटना के बाद उन्होंने संसद में खुद को असुरक्षित महसूस किया। इसके जवाब में डेनिश सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म ने सोशल मीडिया पर “गो होम” टिप्पणी की। अल-सहलानी ने इसे नस्लीय घृणा फैलाने वाली टिप्पणी बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यूरोपीय संघ में माइग्रेशन का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में प्रवासियों के यूरोप पहुंचने के बाद इस विषय पर सदस्य देशों के बीच मतभेद और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। जर्मनी यूक्रेन को देगा 50 हजार अटैक ड्रोन, 9 करोड़ यूरो की डील की फंडिंग करेगा
जर्मनी यूक्रेन के लिए 50,000 एफपीवी (फर्स्ट-पर्सन व्यू) अटैक ड्रोन खरीदने का वित्तपोषण करेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 9 करोड़ यूरो (10.3 करोड़ डॉलर) है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये श्राइक (Shrike) नामक कम लागत वाले अटैक ड्रोन यूक्रेन की कंपनी स्काईफॉल बनाती है। इनमें अमेरिकी कंपनी ऑटेरियन का सॉफ्टवेयर लगा है, जो उड़ान के अंतिम चरण में चलते हुए लक्ष्य की खुद पहचान कर उस पर हमला करने में सक्षम है। ऑटेरियन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लॉरेंज मेयर के अनुसार, कुछ ड्रोन पहले ही यूक्रेन को भेजे जा चुके हैं और बाकी की आपूर्ति 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी इस वर्ष विभिन्न निर्माताओं के कम से कम एक लाख ड्रोन के लिए सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा रही है, जिनकी फंडिंग कई पश्चिमी सरकारें कर रही हैं। रॉयटर्स के अनुसार, स्काईफॉल ने इस सौदे में जर्मनी की भागीदारी की पुष्टि की है, लेकिन और जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं, जर्मनी और यूक्रेन के रक्षा मंत्रालयों ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। चीन में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई पार्टी से निष्कासित
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई को कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, मा पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप लगे हैं। मा शिंगरुई को अप्रैल में “कानून और पार्टी अनुशासन के गंभीर उल्लंघन” के आरोप में जांच के दायरे में लिया गया था। जांच में पाया गया कि उन्होंने अधिकारियों की नियुक्ति और पदोन्नति में दूसरों को अनुचित लाभ पहुंचाया, अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया तथा रिश्तेदारों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर संपत्ति खरीदने में मदद की। शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, मा ने महंगे उपहार स्वीकार किए और अपने परिवार के सदस्यों को सरकारी प्रभाव का इस्तेमाल कर बड़े आर्थिक लाभ दिलाए। जांच एजेंसियों ने इसे बड़े पैमाने पर “पारिवारिक भ्रष्टाचार” (फैमिली करप्शन) बताया है। मा शिंगरुई पहले चीन के एयरोस्पेस उद्योग में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में वे राजनीति में आए और पोलित ब्यूरो तक पहुंचे। 2025 के बाद किसी मौजूदा पोलित ब्यूरो सदस्य के खिलाफ यह तीसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

वर्ल्ड अपडेट्स:PM मोदी ने स्लोवाकिया के नेता को बिहारी ठेकुआ गिफ्ट किया, खाने का VIDEO शेयर किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले महीने स्लोवाकिया के दौरे पर गए थे। वहां उन्होंने संसद अध्यक्ष रिचर्ड रासी को बिहार का पारंपरिक व्यंजन ठेकुआ गिफ्ट किया था। अब रासी ने ठेकुआ खाते हुए अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जो काफी चर्चा में है। वीडियो में रासी गिफ्ट बॉक्स खोलकर ठेकुआ निकालते हैं और उसका स्वाद चखते हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक औपचारिक उपहार नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और परंपरा की झलक है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी यह ठेकुआ बिहार से लेकर आए थे, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। रासी ने कहा कि ठेकुआ उन्हें स्लोवाकिया की कुछ पारंपरिक मिठाइयों की याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें बिहार का ठेकुआ भेंट किया, जबकि उन्होंने बदले में हिंदी में लिखे विशेष स्लोवाक स्पा वेफर्स उपहार में दिए। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ‘शेख हसीना लौटें, कानून का सामना करें’: बांग्लादेश सरकार बोली- वापसी का स्वागत बांग्लादेश सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित देश वापसी का स्वागत करते हुए कहा है कि उन्हें अदालत का सामना करना होगा। सरकार का कहना है कि उनके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और अदालत का फैसला कानून के अनुसार लागू किया जाएगा। प्रधानमंत्री के सूचना एवं रणनीति सलाहकार जाहेद उर रहमान ने मंगलवार को मीडिया से कहा कि सरकार चाहती है कि शेख हसीना देश लौटें ताकि न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो सके। 78 वर्षीय शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के दौरान सत्ता से बेदखल होने के बाद भारत आ गई थीं और तब से यहीं रह रही हैं। नवंबर 2024 में ढाका के विशेष न्यायाधिकरण ने छात्र आंदोलन पर कथित दमन और ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के मामले में उन्हें अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद से बांग्लादेश सरकार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। वहीं, शेख हसीना अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों, दोषसिद्धि और मौत की सजा को राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बता चुकी हैं। PoK में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर भारत नाराज, पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने की अपील भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ने महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिकों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया, इंटरनेट सेवाएं बंद कीं और आवश्यक राहत सामग्री की आपूर्ति भी रोक दी। नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “पाकिस्तान ने अत्यधिक पुलिस बल का इस्तेमाल किया है। महिलाओं और बच्चों के साथ भी सख्ती बरती गई है। इंटरनेट ब्लैकआउट लागू किया गया है और जरूरी तथा मानवीय सहायता की आपूर्ति रोक दी गई है।” उन्होंने कहा कि भारत अपेक्षा करता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान सरकार को इन कार्रवाइयों के लिए जवाबदेह ठहराए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, PoK में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई गंभीर चिंता का विषय है और वहां के लोगों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। 80 साल बाद अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी की मदद से जापान बनाएगा केंद्रीय खुफिया एजेंसी
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार जापान एक केंद्रीकृत खुफिया एजेंसी बनाने की तैयारी कर रहा है। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की सरकार इसके लिए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसे सहयोगी देशों से तकनीक, साइबर सुरक्षा, स्टाफिंग और खुफिया समन्वय के ढांचे पर सलाह ले रही है। करीब 407 मिलियन डॉलर के बजट वाली नई एजेंसी के दिसंबर तक काम शुरू करने की उम्मीद है। इसमें शुरुआती चरण में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और विदेशी संपर्क अधिकारियों सहित सैकड़ों कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे। यह एजेंसी विभिन्न सरकारी संस्थानों में खुफिया कार्य से जुड़े लगभग 33 हजार अधिकारियों के बीच सूचना साझा करने और विश्लेषण का केंद्रीय केंद्र बनेगी। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका जापान को साइबर सुरक्षा और औद्योगिक जासूसी रोकने के उपायों पर सलाह दे रहा है। ऑस्ट्रेलिया विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय की रणनीति साझा कर रहा है, जबकि जर्मनी की विदेशी खुफिया एजेंसी (BND) भी नई एजेंसी की संरचना और इंटेलिजेंस साझेदारी पर चर्चा कर चुकी है। पोलैंड की नेता ने ‘हिटलर’ जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंकी पोलैंड की राजनेता और क्राकोव की मेयर पद की उम्मीदवार मरिआना श्राइबर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंक दी। उन्होंने यूक्रेन पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जुड़े विवादित राष्ट्रवादी संगठनों और नेताओं का महिमामंडन करने का आरोप लगाया। वीडियो में श्राइबर ने जेलेंस्की की एक तस्वीर दिखाई, जिस पर हिटलर जैसी मूंछ बनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने तस्वीर को मोड़कर कूड़ेदान में फेंकते हुए कहा कि “अपराधियों का महिमामंडन करने वालों की जगह इतिहास के कूड़ेदान में है।” उन्होंने कहा कि “बांदेरावादी नायक नहीं हैं, बल्कि मानवता के लिए कलंक हैं।” साथ ही आरोप लगाया कि यूक्रेन ने अब तक पोलिश नागरिकों के नरसंहार के लिए औपचारिक माफी नहीं मांगी है। श्राइबर ने यह टिप्पणी 11 जुलाई 1943 की ‘ब्लडी संडे’ घटना की बरसी पर की। पोलैंड के अनुसार, उस दिन यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) ने वोल्हीनिया क्षेत्र के पोलिश गांवों पर एक साथ हमले किए थे। पोलैंड का दावा है कि 1943-44 के दौरान ऐसे हमलों में लगभग एक लाख पोलिश नागरिक मारे गए थे और वह इन घटनाओं को नरसंहार मानता है। EU माइग्रेशन कानून पर विवाद: स्वीडिश सांसद ने डेनिश सांसद के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
यूरोपीय संसद में हाल ही में पारित सख्त माइग्रेशन कानून को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। स्वीडन की सांसद आबिर अल-सहलानी ने डेनमार्क के सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी को लेकर स्वीडिश पुलिस में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इस मामले की शिकायत यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला से भी की है। यह विवाद पिछले महीने यूरोपीय संसद द्वारा पारित रिटर्न रेगुलेशन के बाद शुरू हुआ। नए कानून के तहत यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को अवैध प्रवासियों के निर्वासन की प्रक्रिया तेज करने के लिए यूरोपीय संघ के बाहर ‘रिटर्न हब’ स्थापित करने की अनुमति दी गई है। कानून पारित होने के बाद संसद में “उन्हें वापस भेजो” जैसे नारे लगे। इराकी मूल की स्वीडिश सांसद आबिर अल-सहलानी ने इन नारों की आलोचना करते हुए कहा कि यह कट्टर दक्षिणपंथी राजनीति का चिंताजनक उदाहरण है और इस घटना के बाद उन्होंने संसद में खुद को असुरक्षित महसूस किया। इसके जवाब में डेनिश सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म ने सोशल मीडिया पर “गो होम” टिप्पणी की। अल-सहलानी ने इसे नस्लीय घृणा फैलाने वाली टिप्पणी बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यूरोपीय संघ में माइग्रेशन का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में प्रवासियों के यूरोप पहुंचने के बाद इस विषय पर सदस्य देशों के बीच मतभेद और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। जर्मनी यूक्रेन को देगा 50 हजार अटैक ड्रोन, 9 करोड़ यूरो की डील की फंडिंग करेगा
जर्मनी यूक्रेन के लिए 50,000 एफपीवी (फर्स्ट-पर्सन व्यू) अटैक ड्रोन खरीदने का वित्तपोषण करेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 9 करोड़ यूरो (10.3 करोड़ डॉलर) है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये श्राइक (Shrike) नामक कम लागत वाले अटैक ड्रोन यूक्रेन की कंपनी स्काईफॉल बनाती है। इनमें अमेरिकी कंपनी ऑटेरियन का सॉफ्टवेयर लगा है, जो उड़ान के अंतिम चरण में चलते हुए लक्ष्य की खुद पहचान कर उस पर हमला करने में सक्षम है। ऑटेरियन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लॉरेंज मेयर के अनुसार, कुछ ड्रोन पहले ही यूक्रेन को भेजे जा चुके हैं और बाकी की आपूर्ति 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी इस वर्ष विभिन्न निर्माताओं के कम से कम एक लाख ड्रोन के लिए सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा रही है, जिनकी फंडिंग कई पश्चिमी सरकारें कर रही हैं। रॉयटर्स के अनुसार, स्काईफॉल ने इस सौदे में जर्मनी की भागीदारी की पुष्टि की है, लेकिन और जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं, जर्मनी और यूक्रेन के रक्षा मंत्रालयों ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। चीन में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई पार्टी से निष्कासित
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई को कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, मा पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप लगे हैं। मा शिंगरुई को अप्रैल में “कानून और पार्टी अनुशासन के गंभीर उल्लंघन” के आरोप में जांच के दायरे में लिया गया था। जांच में पाया गया कि उन्होंने अधिकारियों की नियुक्ति और पदोन्नति में दूसरों को अनुचित लाभ पहुंचाया, अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया तथा रिश्तेदारों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर संपत्ति खरीदने में मदद की। शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, मा ने महंगे उपहार स्वीकार किए और अपने परिवार के सदस्यों को सरकारी प्रभाव का इस्तेमाल कर बड़े आर्थिक लाभ दिलाए। जांच एजेंसियों ने इसे बड़े पैमाने पर “पारिवारिक भ्रष्टाचार” (फैमिली करप्शन) बताया है। मा शिंगरुई पहले चीन के एयरोस्पेस उद्योग में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में वे राजनीति में आए और पोलित ब्यूरो तक पहुंचे। 2025 के बाद किसी मौजूदा पोलित ब्यूरो सदस्य के खिलाफ यह तीसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों पर रिसर्च करने वाला अमेरिकी वैज्ञानिक चीन की हिरासत में
चीनी मूल के अमेरिकी भूकंप वैज्ञानिक डॉ. यूलिन चेन को चीन ने जासूसी के आरोप में करीब दो साल से हिरासत में रखा है। अमेरिका ने उन्हें “रॉन्गफुली डिटेन्ड” घोषित करते हुए उनकी रिहाई को शीर्ष कूटनीतिक प्राथमिकता बताया है। चेन उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों के भूकंपीय संकेतों का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञ हैं और उनकी रिसर्च अमेरिकी सरकारी एजेंसियों की फंडिंग से हुई थी। परिवार के अनुसार चेन को नवंबर 2024 में बीजिंग एयरपोर्ट से अमेरिका लौटने से पहले गिरफ्तार किया गया था। मई 2025 में उन पर जासूसी का आरोप लगाया गया, लेकिन अब तक उनका ट्रायल शुरू नहीं हुआ है। चेन की पत्नी युफांग रोंग का कहना है कि उनकी रिसर्च पूरी तरह सार्वजनिक आंकड़ों पर आधारित थी और इसे सार्वजनिक प्रकाशन की मंजूरी भी मिली थी। इसके बावजूद चीन की सुरक्षा एजेंसियों ने उनसे 100 से ज्यादा बार पूछताछ की। उनका कहना है कि बंद कमरे में होने वाले ट्रायल में पहले से ही दोषी ठहराए जाने का खतरा है। मानहानि मामले में ब्लूमबर्ग को सिंगापुर के दो मंत्रियों को ₹3 करोड़ से ज्यादा हर्जाना देना होगा
सिंगापुर हाईकोर्ट ने ब्लूमबर्ग और उसके रिपोर्टर लो डे वेई को मानहानि मामले में सिंगापुर के दो मंत्रियों को 4.60 लाख सिंगापुर डॉलर (करीब 3.56 लाख अमेरिकी डॉलर) हर्जाना देने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि 2024 में प्रकाशित रिपोर्ट पढ़ने पर यह संदेश जाता है कि दोनों मंत्रियों ने गैर-पारदर्शी तरीके से संपत्ति के सौदे किए और संभावित जांच से बचने की कोशिश की। यह मामला ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट, जिसमें सिंगापुर के महंगे ‘गुड क्लास बंगले’ के सौदों में अपनाए जाने वाले गोपनीय तरीकों की चर्चा की गई थी, से जुड़ा है। इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वय मंत्री के. शनमुगम और श्रम मंत्री टैन सी लेंग के प्रॉपर्टी सौदों का भी उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद दोनों मंत्रियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उनका कहना था कि रिपोर्ट ने उनके वैध संपत्ति सौदों को शेल कंपनियों, गोपनीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी गतिविधियों के साथ जोड़कर पेश किया, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा। ब्लूमबर्ग ने अदालत में दलील दी कि रिपोर्ट में मंत्रियों पर किसी तरह के गलत आचरण का आरोप नहीं लगाया गया था। उनका जिक्र केवल सिंगापुर में हाई-प्रोफाइल प्रॉपर्टी लेनदेन के उदाहरण के तौर पर किया गया था। कंपनी ने यह भी कहा कि रिपोर्ट व्यापक शोध और तथ्य जांच के बाद प्रकाशित की गई थी। हालांकि हाईकोर्ट की जज ऑड्रे लिम ने माना कि रिपोर्ट का स्वाभाविक अर्थ मंत्रियों की ईमानदारी और पेशेवर प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अदालत ने इसे मानहानिकारक मानते हुए ब्लूमबर्ग और उसके रिपोर्टर को संयुक्त रूप से 4.60 लाख सिंगापुर डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया।

होर्मुज में ईरान का UAE टैंकरों पर मिसाइल हमला:एक भारतीय की मौत, बहरीन-जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर अटैक; US की ईरान पर 5 घंटे बमबारी

होर्मुज स्ट्रेट में ईरान ने UAE के दो तेल टैंकरों पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया है। UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक मोंबासा और अल बहिया नाम के इन टैंकरों पर हमले में एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि 6 भारतीयों समेत 8 लोग घायल हैं। वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन के अल-जुफैर सैन्य अड्डे और अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के ठिकाने पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। साथ ही जॉर्डन के एक एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सैनिकों और अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। उधर, अमेरिका ने भी ईरान पर बड़े पैमाने पर जवाबी सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, करीब पांच घंटे तक चले हमलों में बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनार्क, अबू मूसा और बंदर अब्बास स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। CENTCOM ने ईरान पर ताजा हमलों का फुटेज जारी किया… पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स: ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

ब्रिटेन में मंदिर की जगह मुस्लिमों को बेचने पर विवाद:हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई; नीलामी की प्रक्रिया गलत होने का आरोप

लंदन से 120 किमी दूर पीटरबरो में 40 साल पुराने मंदिर और कम्युनिटी सेंटर की बिक्री को पर विवाद हो गया है। पीटरबरो सिटी काउंसिल ने न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स को नीलामी के बाद एक मुस्लिम संस्था, यूनाइटेड किंगडम इस्लामिक मिशन, को बेचने का फैसला किया है। इसी परिसर में भारत हिंदू समाज का मंदिर चलता है, जो शहर और आसपास रहने वाले हजारों हिंदुओं का प्रमुख पूजा और सांस्कृतिक केंद्र है। फैसले से नाराज भारत हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बिक्री प्रक्रिया को चुनौती दी है। भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया। नीलामी के मूल्यांकन में भी गंभीर खामियां रहीं। बता दें कि फरवरी 2026 में हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाते हुए काउंसिल को बिक्री पूरी करने जैसे किसी भी कदम से रोक दिया था। अब न्यायिक समीक्षा में यह जांच हो रही है कि फैसला लेने की प्रक्रिया कानून के मुताबिक थी या नहीं। मंदिर प्रबंधन ने साफ किया है कि उसका विरोध मुस्लिम संस्था से नहीं, बल्कि काउंसिल के फैसले और प्रक्रिया से है। अब कोर्ट जांच करेगा कि संपत्ति बेचने का फैसला कानून और समानता के नियमों के मुताबिक लिया गया था या नहीं। मंदिर बंद होने से 56 किमी दूर जाने को मजबूर होंगे हिंदू भारत हिंदू समाज का कहना है कि पीटरबरो का यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इलाके के 4,000 हिंदुओं का एकमात्र सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र भी है। यदि यह परिसर बंद होता है, तो हिंदुओं को पूजा-अर्चना व त्योहारों के लिए निकटतम मंदिर (कैंब्रिज-56 किमी) या (लेस्टर-64 किमी) का रुख करना पड़ेगा। घाटे के चलते बेचने पड़ रहे हैं परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व क्लब पीटरबरो का विवाद ब्रिटेन में अकेला नहीं है। यहां की काउंसिलें बढ़ते खर्च व कम सरकारी मदद के कारण सामाजिक परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व कम्युनिटी भवन बेचकर बजट संभाल रही हैं। 2025 के ‘की सिटीज’ सर्वे में 60% काउंसिलों ने संपत्ति बिक्री को घाटा भरने का रास्ता बताया। बर्मिंघम को 24-25 का बजट संतुलित करने के लिए 2,883 करोड़ रु. की संपत्तियां बेचने का लक्ष्य रखना पड़ा। नॉटिंघम का 2025-26 घाटा 267 करोड़ और चार वर्षों का कुल अनुमानित अंतर 689 करोड़ रु. था। नीलामी में खामियां, समीक्षा बिना मंजूरी दी गई भारत हिंदू समाज का आरोप है कि बिक्री के दौरान दोनों पक्षों की बोलियों का ठीक मूल्यांकन नहीं हुआ। अदालत में संगठन ने कहा कि काउंसिल ने जांच और स्कोरिंग में गलतियां कीं। इसके बाद काउंसिल सदस्यों ने उन्हीं सिफारिशों को पड़ताल के बिना स्वीकार कर लिया। संगठन का कहना है कि मामला केवल ऊंची बोली का नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल का भी है।

वर्ल्ड अपडेट्स:यूक्रेन समेत 10 यूरोपीय देशों ने मिसाइल डिफेंस गठबंधन बनाया, रूस के बैलिस्टिक हमलों से यूरोप को बचाने की तैयारी

यूक्रेन और यूरोप के 9 देशों ने रूस के बैलिस्टिक मिसाइल खतरे से निपटने के लिए नया रक्षा गठबंधन बनाया है। इसका मकसद पूरे यूरोप के लिए साझा बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैयार करना है। यह फैसला पेरिस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं की बैठक में लिया गया। इनमें यूक्रेन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, इटली, नीदरलैंड, डेनमार्क, नॉर्वे, स्पेन और स्वीडन शामिल हैं। संयुक्त बयान में कहा गया कि रूस की बैलिस्टिक मिसाइलें यूरोप की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन रही हैं। इसलिए पूरे यूरोप के लिए एक इंटीग्रेटेड मिसाइल डिफेंस सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसमें रूस के खिलाफ चार साल से युद्ध लड़ रहे यूक्रेन के अनुभव का भी इस्तेमाल होगा। जेलेंस्की ने कहा कि यूरोप की पहली प्राथमिकता बैलिस्टिक मिसाइलों से सुरक्षा है। वहीं, गठबंधन ने साफ किया कि भविष्य में दूसरे यूरोपीय देश भी इसमें शामिल हो सकेंगे। उधर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के हालिया हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि रूस हर हमले का कई गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दक्षिण चीन सागर को लेकर 14 देशों के बयान पर भड़का चीन, जापानी राजनयिक को तलब किया दक्षिण चीन सागर पर 2016 के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता फैसले की 10वीं वर्षगांठ पर जापान समेत 14 देशों द्वारा चीन के समुद्री दावों को खारिज किए जाने के बाद बीजिंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन ने रविवार को बीजिंग स्थित जापानी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया और कहा कि दक्षिण चीन सागर पर उसकी संप्रभुता कभी नहीं बदली है। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, फिलीपींस, कनाडा, जर्मनी, इटली, न्यूजीलैंड समेत कुल 14 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर 12 जुलाई 2016 को द हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायाधिकरण (PCA) के फैसले को अंतिम और कानूनी रूप से बाध्यकारी बताया। बयान में कहा गया कि चीन के ‘नाइन-डैश लाइन’ दावों का संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत कोई कानूनी आधार नहीं है। चीन के विदेश मंत्रालय ने जापान पर क्षेत्रीय मामलों में हस्तक्षेप और दक्षिण चीन सागर में शांति व स्थिरता को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि जापान इस विवाद का पक्षकार नहीं है और उसे इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि चीन द्वारा 2016 के फैसले को अस्वीकार करना विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन के विपरीत है। चीन ने इस टिप्पणी को खारिज करते हुए जापान पर ऐतिहासिक विस्तारवाद की मानसिकता का भी आरोप लगाया। इस बीच, 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ ने भी 2016 के फैसले को शांतिपूर्ण विवाद समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया। चीन ने यूरोपीय संघ की टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई। चीन लगातार 2016 के मध्यस्थता फैसले को “अवैध, अमान्य और गैर-बाध्यकारी” बताता रहा है। उसका कहना है कि न्यायाधिकरण को इस मामले में अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं था और दक्षिण चीन सागर पर उसके ऐतिहासिक अधिकार बरकरार हैं। बांग्लादेश में बारिश-बाढ़ से 51 की मौत, 10 लाख से ज्यादा प्रभावित
बांग्लादेश में लगातार हो रही भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, 10 लाख से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं, जबकि हजारों परिवारों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। पिछले एक सप्ताह से जारी बारिश के कारण देश के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। सबसे अधिक नुकसान कॉक्स बाजार जिले में हुआ है, जहां अब तक 28 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। यह इलाका दुनिया के सबसे बड़े रोहिंग्या शरणार्थी शिविर का भी केंद्र है। राजधानी ढाका में भी हालात गंभीर हैं। कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे यातायात बाधित हो गया है। स्थानीय मीडिया ने शहर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। द. कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल को अवैध राजनीतिक फंडिंग मामले में 2 साल की जेल
दक्षिण कोरिया की सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल को अवैध राजनीतिक फंडिंग मामले में दोषी ठहराते हुए दो साल की जेल की सजा सुनाई है। अदालत के अनुसार, यून सुक-योल ने एक राजनीतिक ब्रोकर से लगभग 27 करोड़ वॉन (करीब 1.80 लाख अमेरिकी डॉलर) मूल्य की 14 चरणों की जनमत सर्वेक्षण सेवाएं मुफ्त में प्राप्त की थीं। बाद में उन्होंने कथित तौर पर उस ब्रोकर का एहसान चुकाने के लिए एक पूर्व सांसद के नामांकन को प्रभावित किया। 65 वर्षीय यून सुक-योल इस समय आठ अलग-अलग कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। वह 2024 में मार्शल लॉ लागू करने से जुड़े कथित विद्रोह मामले में फरवरी में सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ भी अपील कर रहे हैं। इसके अलावा, पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया के सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी में बाधा डालने के मामले में सात साल की जेल की सजा को भी अंतिम रूप दे दिया था। जेलेंस्की ने एक साल बाद प्रधानमंत्री स्विरीदेंको को हटाया, पूरी सरकार ने दिया इस्तीफा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीदेंको को महज एक साल के कार्यकाल के बाद बदलने का फैसला किया है। उनकी घोषणा के बाद यूक्रेन के कानून के तहत पूरी सरकार ने इस्तीफा दे दिया। जेलेंस्की ने यह स्पष्ट नहीं किया कि नया प्रधानमंत्री कौन होगा या स्विरीदेंको की नई भूमिका क्या होगी। यूलिया स्विरीदेंको को अमेरिका में यूक्रेन का अगला राजदूत बनाए जाने की भी चर्चा है, हालांकि सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के शीर्ष नेतृत्व में भी बदलाव किए जाएंगे। यूक्रेन के कानून के अनुसार, प्रधानमंत्री का इस्तीफा संसद की मंजूरी के बाद प्रभावी होता है। इसके साथ ही पूरी सरकार स्वतः भंग हो जाती है और नए मंत्रिमंडल के गठन की प्रक्रिया शुरू होती है। यूक्रेनी सांसदों के अनुसार, नए प्रधानमंत्री की दौड़ में पूर्व प्रधानमंत्री एवं मौजूदा ऊर्जा मंत्री डेनिस श्मीहाल, रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव और सरकारी ऊर्जा कंपनी नाफ्टोगाज़ के प्रमुख सेरही कोरेत्स्की के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। पेरिस के सिनेगॉग के बाहर ‘मिलिट्री-ग्रेड’ हथियार मिलने से हड़कंप: 300 लोगों को निकाला
फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक सिनेगॉग के पास संदिग्ध वाहन से असॉल्ट राइफल और पिस्तौल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। पुलिस ने एहतियातन करीब 300 लोगों को आसपास के इलाके से सुरक्षित निकाला और राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी अभियोजन कार्यालय (PNAT) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम एक चोरी का वाहन संदिग्ध अवस्था में मिला। तलाशी के दौरान उसमें से एक असॉल्ट राइफल और एक पिस्तौल बरामद हुई। बम निरोधक दस्ते की जांच में कोई विस्फोटक नहीं मिला। गृह मंत्री लॉरां नुनेज ने बरामद असॉल्ट राइफल को “मिलिट्री-ग्रेड” हथियार बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। सिनेमा, रेस्तरां और अन्य इमारतों से लगभग 300 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है और हमले के संभावित उद्देश्य की जांच जारी है। गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से फ्रांस में यहूदी विरोधी घटनाओं में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। गृह मंत्री के अनुसार, इस वर्ष यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाली तीन साजिशों को पहले ही विफल किया जा चुका है। पिछले वर्ष देश में 1,320 यहूदी विरोधी घटनाएं दर्ज हुई थीं। स्पेन के जंगलों में लगी भीषण आग: झुलसी 93 वर्षीय ब्रिटिश महिला की मौत, मृतकों की संख्या 13 हुई
स्पेन के अल्मेरिया प्रांत में लगी भीषण जंगल की आग में झुलसी 93 वर्षीय ब्रिटिश महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। यह आग गुरुवार को अल्मेरिया प्रांत के लॉस गालार्डोस इलाके में भड़की थी। अब तक 7,000 हेक्टेयर (करीब 17,300 एकड़) से अधिक क्षेत्र जल चुका है। अधिकारियों के मुताबिक यह स्पेन के इतिहास की सबसे घातक जंगल की आग की घटनाओं में से एक है। स्पेन की फोरेंसिक एजेंसी (CID) ने बताया कि दो और लोगों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद लापता लोगों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। एजेंसी फ्रांस, ब्रिटेन और बेल्जियम के अधिकारियों के साथ मिलकर लापता लोगों की पहचान और डीएनए मिलान की प्रक्रिया चला रही है। बेल्जियम सरकार का कहना है कि मृतकों में उसके तीन नागरिक भी हो सकते हैं।

अमेरिका ने ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की:UAE का दावा- होर्मुज में टैंकर पर हमले में एक भारतीय की मौत; US ईरान की नाकेबंदी शुरू करेगा

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा है कि उन्होंने ईरान पर फिर से हमले शुरू कर दिए हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, बंदर अब्बास और कीश पर धमाके हुए हैं। अमेरिकी सेना के मुताबिक, ट्रम्प के आदेश के बाद मंगलवार शाम 8 बजे से ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी फिर से लागू की जाएगी। वहीं, यूएई (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि होर्मुज में ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास उसके दो तेल टैंकरों पर ईरान की दो क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया है। मोंबासा नाम के टैंकर पर हुए इस हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई है, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। इससे पहले ट्रम्प ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका संभालेगा। उन्होंने खुद को ‘गार्डियन ऑफ द होर्मुज स्ट्रेट’ बताते हुए कहा कि इस काम का खर्च उठाने के लिए स्ट्रेट से गुजरने वाले हर कार्गो पर 20% टैक्स लिया जाएगा। ट्रम्प के इस ऐलान पर ईरान ने कड़ा विरोध जताया। ईरानी सेना के खातम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी अमेरिकी दखल को स्वीकार नहीं किया जाएगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स 1. ओमान के पास जहाज पर हमला,1 भारतीय लापता: ‘GFS गैलेक्सी’ जहाज पर हुए हमले में 11 भारतीय सवार थे। 10 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। भारत ने हमले की निंदा करते हुए नागरिक जहाजों पर हमले तुरंत रोकने की अपील की। 2. अमेरिका बोला- ईरान के 300 ठिकानों पर हमला किया: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक अमेरिका ने इस सप्ताह 3 दिनों में ईरान के 300 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। 3. लेबनान पर इजराइल ने फिर हमले किए: इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह जिले के कफर तेबनित कस्बे पर गोलीबारी की। फिलहाल इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। 4. कुवैत के सीमा चौकियों को नुकसान: कुवैत की सेना ने रविवार को बताया कि हाल के हमलों में देश के उत्तरी हिस्से में स्थित तीन सीमा चौकियों को नुकसान पहुंचा है। 5. खुजेस्तान में वाटर प्रोजेक्ट पर हमला: ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के महशहर शहर में एक वाटर प्रोजेक्ट पर प्रोजेक्टाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

बैंकॉक के बार में आग, 27 मौतें:पार्टी कर रहे 60 से ज्यादा लोग घायल; जान बचाने के लिए लोग टॉयलेट में छिपे

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में रविवार देर रात एक बार में आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 63 लोग घायल हो गए। थाई अधिकारियों के मुताबिक आग लगने की वजह बिजली के सिस्टम में खराबी हो सकती है। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। आग लगने की वजह की जांच अभी जारी है। फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट ने कहा कि उन्हें रात 12 बजे आग लगने की सूचना मिली। करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक इमारत का बड़ा हिस्सा जल चुका था। घटनास्थल पर मौजूद एक म्यूजीशियन ने बताया कि बिजली जाने से कुछ देर पहले मंच के पास लगे सर्किट ब्रेकर से धुआं निकलता दिखाई दिया था। इसके बाद एक धमाके की आवाज आई और देखते ही देखते पूरे पब में धुआं भर गया। उन्होंने बताया कि कई लोग जान बचाने के लिए इमारत के पिछले हिस्से में मौजूद टॉयलेट में घुस गए, जहां पर दम घुटने से उनकी मौत हो गई। थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने कहा कि सभी शव बरामद किए गए हैं। बार में आग से जुड़ी 5 तस्वीरें… आग पर आधे घंटे में काबू, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था रिपोर्ट्स के मुताबिक दमकलकर्मियों ने करीब आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था। यह बार बैंकॉक के चातुचक जिले में स्थित है। स्थानीय स्तर पर इसे रोंग बीयर ना लाट फ्राओ नाम से जाना जाता है। यह इलाके का लोकप्रिय रेस्तरां और मनोरंजन स्थल माना जाता है। आग बुझने के बाद की तस्वीरों में बार के बाहर बड़ी संख्या में बॉडी बैग रखे दिखाई दिए। पूरे इलाके को पुलिस ने घेर लिया। अंदर का फर्नीचर, दीवारें और छत पूरी तरह काली पड़ चुकी थीं। छत के कुछ हिस्से भी उखड़ गए। गवर्नर बोले- सजावट से तेजी से फैली आग बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सित्तिपुंत ने कहा कि पब की छत पर लगी ज्वलनशील सजावट की वजह से आग तेजी से फैली हो सकती है। उन्होंने बताया कि इमारत के आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) के पास कुछ लोग बेहोश मिले हैं। इससे आशंका है कि बाहर निकलने का रास्ता किसी तरह बाधित था। हालांकि, उन्होंने कहा कि इन बातों की पुष्टि फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। मोटरसाइकिल चालक सुरिन जाइहार्न ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि उसने जलते हुए पब से करीब पांच लोगों को बाहर निकलने में मदद की। उसने उनके शरीर पर लगी आग कपड़ों की मदद से बुझाई। सुरिन ने कहा, “मैं बहुत दुखी हूं। मैंने कई लोगों को मरते देखा। जिन लोगों की मैंने मदद की, उनका क्या हुआ, मुझे नहीं पता।” फायर ब्रिगेड को सूचना देने वाले एक ड्राइवर ने थाई अखबार डेली न्यूज को बताया कि उसने दो लोगों को बचाने के लिए पब की खिड़कियां तोड़ दी थीं। थाईलैंड में पहले भी ऐसे हादसे हुए ———————————— ये खबर भी पढ़ें… वेनेजुएला में फिर भूकंप के झटके, अब तक 1430 मौतें:करीब 3300 घायल, 51 हजार लापता; लोग खुद मलबा हटाकर अपनों को तलाश रहे दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 25 जून को आए दो भूकंप के बाद स्थानीय समयानुसार शुक्रवार दोपहर को एक और भूकंप आया। देश के उत्तरी तट के पास आए इस भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, राजधानी कराकास और माराके में भी झटके महसूस किए गए। पूरी खबर पढ़ें…

रूस-ईरान ने क्रिप्टो में ₹9.92 लाख करोड़ का व्यापार किया:दुनिया के बैंकिंग सिस्टम से अलग नेटवर्क बनाया; ड्रोन, तेल और हथियार खरीदे

रूस, ईरान और उत्तर कोरिया ने दुनिया की बैंकिंग व्यवस्था से अलग क्रिप्टो के जरिए एक समानांतर भुगतान सिस्टम खड़ा कर लिया है। क्रिप्टो लेनदेन पर नजर रखने वाली संस्था चेनालिसिस के मुताबिक, 2025 में इन्होंने क्रिप्टो के जरिए ₹9.92 लाख करोड़ का लेनदेन किया है। यह 2024 के मुकाबले 8 गुना ज्यादा है। ये देश इस रकम का इस्तेमाल सिर्फ ट्रेड या बचत के लिए नहीं, बल्कि ड्रोन, हथियारों के पुर्जे, सैन्य तकनीक व तेल के भुगतान में कर रहे हैं। रूस ने अपनी क्रिप्टो करेंसी तैयार की रूस ने रूबल से जुड़ा ए75 टोकन तैयार किया। इसमें रूस में रूबल देकर विदेश में क्रिप्टो से बदला जा सकता है। मई तक इसमें 11.4 लाख करोड़ के लेनदेन हो चुके हैं। नेटवर्क में 41 हजार से ज्यादा खाते व 2.5 लाख ट्रांसफर दर्ज हुए। ईरान ने घरेलू एक्सचेंजों को तेल बिक्री और विदेशी भुगतान की वैकल्पिक पाइपलाइन बना लिया। रिवोल्यूशनरी गार्ड क्रिप्टो से तेल का पैसा लेते हैं और उसे डिजिटल वॉलेट में दूसरे देशों में भेजते हैं। विशेषज्ञ क्रिप्टो को रूस-ईरान के लिए प्रतिबंधों के समानांतर चलने वाली स्थायी वित्तीय व्यवस्था बता रहे हैं। उत्तर कोरिया: क्रिप्टो चोरी से ₹20 हजार करोड़ जुटा हथियार खरीदे उत्तर कोरिया ने क्रिप्टो चोरी को कमाई और हथियार कार्यक्रम का जरिया बना लिया है। 2025 में उसके हैकरों ने 20 हजार करोड़ चुराए। सबसे बड़ी वारदात 21 फरवरी को हुई, जब लाजारस समूह ने बायबिट से 14,310 करोड़ उड़ाए। एफबीआई ने इसे ‘ट्रेडरेटर’ नेटवर्क से जोड़ा। 2016 से उ. कोरिया 263 घटनाओं में 6.75 अरब डॉलर की क्रिप्टो चुरा चुका है। इसे वह मिसाइल व सैन्य उपकरण खरीदने में लगा रहा है। ईरान: सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज का सुप्रीम लीडर के घराने से संबंध ईरान का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज नोबाइटेक्स। देश के करीब 70% डिजिटल मुद्रा लेनदेन संभालता है और इसके 1.1 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। चीनी नेटवर्क रोज ₹4,200 करोड़ रुपए सफेद कर रहे चीन से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क अब ‘लॉन्ड्रिंग-एज-ए-सर्विस’ मॉडल पर काम कर रहे हैं। चेनालिसिस के मुताबिक, चीनी नेटवर्क ₹4,200 करोड़ रोजाना ब्लैक मनी को व्हाइट में बदल रहे हैं। 2025 में इन्होंने ₹1.54 लाख करोड़ को व्हाइट में बदला। ये नेटवर्क प्रतिबंधित देशों के भुगतान और आतंकी फंडिंग की रकम को एक साथ प्रोसेस करते हैं। क्रिप्टो कंपनियों में फर्जी नौकरी; ₹26,700 करोड़ जुटाए फर्जी पहचान, एआई से बने दस्तावेज और डीपफेक इंटरव्यू के जरिए चीन, उत्तर कोरिया व ईरान जैसे देशों के ऑपरेटिव्स ने 40 देशों की क्रिप्टो व तकनीकी कंपनियों में रिमोट नौकरियां हासिल कीं। इस नेटवर्क ने दो वर्षों में ₹26,700 करोड़ जुटाए। कई मामलों में स्थानीय मददगारों ने ‘फर्म’ चलाए, ताकि कर्मचारी उसी देश में काम करता दिखाई दे। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… क्रिप्टो मार्केट वैल्यू एक महीने में ₹100 लाख करोड़ घटी:30% कम होकर ₹261 लाख करोड़ पर आई; बिटकॉइन ₹1.10 करोड़ से ₹76 लाख पहुंचा ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट की वैल्यू 3 ट्रिलियन डॉलर से नीचे आ गई है। कॉइनमार्केटकैप के अनुसार अक्टूबर में ये 4.28 ट्रिलियन डॉलर थी, जो अब घटकर 2.95 ट्रिलियन डॉलर पर आ गई है। रुपए में वैल्यू करीब 379 लाख करोड़ से करीब 100 लाख करोड़ घटकर 261 लाख करोड़ हो गई है। यानी, करीब एक महीने में वैल्यू में 30% से ज्यादा की गिरावट आई है। पूरी खबर पढ़ें…

वियतनाम में 15 भारतीयों की मौत के बाद बोट-कैप्टन गिरफ्तार:कंपनी की रिवॉर्ड ट्रिप पर गए थे पर्यटक; परिवारों को टीवी से मिली खबर

वियतनाम में शनिवार को भारतीय पर्यटकों से भरी स्पीडबोट पलटने से 15 भारतीयों की मौत के बाद स्पीडबोट कैप्टन को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर केस दर्ज किया गया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह भारतीय टूरिस्ट ‘लावा मोबाइल’ के चैनल पार्टनर और कर्मचारी थे। सभी कंपनी के टॉप परफॉर्मिंग डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए आयोजित रिवॉर्ड ट्रिप पर वियतनाम गए थे। कई पीड़ित परिवारों ने बताया कि उन्हें हादसे की पहली जानकारी टीवी चैनलों या दोस्तों के फोन से मिली। इसके बाद भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन ने उनसे संपर्क किया। कई परिवार अब भी अपने परिजन के पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। शुरुआती जांच में स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मौसम अचानक खराब होने और ऊंची लहरों की वजह से यह हादसा हुआ। हालांकि, पूरे मामले की जांच जारी है। पलटी बोट के नीचे फंस गए थे पर्यटक भारतीय दूतावास के मुताबिक बोट में कुल 36 लोग सवार थे। इनमें 32 भारतीय पर्यटक और चार वियतनामी क्रू मेंबर थे। बोट माय रुट द्वीप से दूसरे द्वीप की ओर जा रही थी। तभी अचानक मौसम बदला और तेज लहरों के बीच बोट कुछ ही सेकेंड में पलट गई। बचे हुए यात्रियों ने बताया कि हादसा इतना तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। जो लोग बोट के आगे बैठे थे वे समुद्र में कूदकर बाहर निकल गए लेकिन अंदर बैठे कई यात्री उलटी हुई बोट के नीचे फंस गए और बाहर नहीं निकल सके। स्थानीय नाविक हा वान लोक ने बताया कि उन्होंने समुद्र में पलटी हुई बोट देखी, जिस पर कई लोग चिपके हुए थे। कुछ लोग बिना लाइफ जैकेट के समुद्र में बह रहे थे। उनकी टीम ने रस्सी फेंककर लोगों को बाहर निकाला और तुरंत दूसरी रेस्क्यू टीमों को सूचना दी। बाद में जेट स्की की मदद से घायलों को किनारे पहुंचाया गया। सर्वाइवर बोले- समय पर इलाज मिलता तो और जानें बच सकती थीं हादसे में बचे भारतीय पर्यटक निर्मल कुमार ने बताया कि स्थानीय रेस्क्यू टीम जल्दी पहुंच गई थी, लेकिन पास के द्वीप पर पर्याप्त मेडिकल उपकरण और जरूरी दवाइयां नहीं थीं। निर्मल कुमार के मुताबिक उनके साथ मौजूद एक डॉक्टर ने भी कहा कि अगर जरूरी दवाएं और मेडिकल सुविधाएं होतीं तो कुछ और लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने बताया कि करीब दो-तीन घंटे बाद वियतनाम एयर फोर्स पहुंची और घायलों का इलाज शुरू कराया। आंध्र प्रदेश के एक अन्य जीवित बचे यात्री ने PTI को बताया कि बोट द्वीप से केवल 300-400 मीटर ही आगे बढ़ी थी। सभी लोग तस्वीरें ले रहे थे, तभी अचानक बोट पलट गई। उन्होंने कहा, “हम सभी मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में सब कुछ खत्म हो गया।” पार्थिव शरीरों को जल्द भारत लाने की तैयारी तमिलनाडु BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने केंद्र और तमिलनाडु सरकार से अपील की कि तमिलनाडु के 10 मृतकों के शव जल्द राज्य लाए जाएं। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज की भी मांग की। भारतीय दूतावास ने बताया कि सभी 15 मृतकों के पार्थिव शरीर ‘हो ची मिन्ह सिटी’ पहुंच चुके हैं। वहां कांसुलर और स्थानीय प्रशासन जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। औपचारिकताएं पूरी होते ही सभी पार्थिव शरीरों को भारत भेजा जाएगा। दूतावास और भारत के कॉन्सुलेट जनरल लगातार वियतनाम प्रशासन के संपर्क में हैं। अधिकारियों ने शवों को जल्द भारत भेजने और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। वहीं 15 घायल भी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भारत लौटने की तैयारी में हैं, जबकि एक घायल का इलाज अभी फू क्वोक के अस्पताल में चल रहा है। हादसे के बाद पर्यटन सेवाओं पर असर हादसे के बाद कई टूरिज्म कंपनियों ने फू क्वोक और आसपास के द्वीपों के बीच स्पीडबोट सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। माय रुट द्वीप अपनी साफ नीली समुद्री जलराशि, सफेद रेत और डाइविंग के लिए जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक स्पीडबोट से पहुंचते हैं। पिछले साल फू क्वोक में 18 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। हालांकि वियतनाम में खराब मौसम, बाढ़ और नावों के रखरखाव में लापरवाही की वजह से पहले भी कई नौका हादसे हो चुके हैं। —————— ये खबर भी पढ़ें… वियतनाम में टूरिस्ट बोट पलटी, 15 भारतीयों की मौत:इनमें 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् के पर्यटक; 32 भारतीय सवार थे वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को बोट पलट गई। हादसे में 2 महिलाओं समेत 15 भारतीयों की मौत हो गई। मरने वालों में 10 टूरिस्ट तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् से थे। बोट पर कुल 4 क्रू मेंबर्स समेत 36 लोग सवार थे, जिसमें 32 भारतीय थे। 21 लोगों को बचा लिया गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक हादसा सुबह 10:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे की वजह समुद्र की ऊंची लहरें हो सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें…

संडे प्रोफाइल : मरीन ली पेन:फ्रांस में बढ़ते दक्षिणपंथ की सबसे बड़ी आवाज हैं ली पेन

फ्रांस की प्रमुख विपक्षी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन अदालत के फैसले के बाद फिर राजनीतिक वापसी की उम्मीदों को लेकर चर्चा में हैं। देश में दक्षिणपंथी राजनीति के बढ़ते प्रभाव से उनके समर्थकों में नया उत्साह दिखाई दे रहा है। फ्रांस की प्रमुख विपक्षी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन का राजनीतिक सफर संघर्ष, विवाद और वापसी की कोशिशों से भरा रहा है। तीन बार राष्ट्रपति चुनाव हारने के बावजूद उन्होंने 2027 के चुनाव में उतरने का इरादा जताया है। हाल ही में अदालत के फैसले ने उनके राजनीतिक भविष्य को फिर चर्चा में ला दिया है। पेरिस की एक अदालत ने 2024 में यूरोपीय संघ के फंड के दुरुपयोग मामले में ली पेन को दोषी ठहराते हुए उनके चुनाव लड़ने पर पांच साल की रोक लगाई थी। इसके बाद उनकी पार्टी ने 30 वर्षीय जोर्डन बारडेला को संभावित चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन 7 जुलाई को अपील कोर्ट ने प्रतिबंध की अवधि कम कर दी, जिसके बाद ली पेन ने 2027 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी का ऐलान कर दिया। 57 वर्षीय ली पेन इससे पहले 2012, 2017 और 2022 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ चुकी हैं। 2017 और 2022 में उन्हें इमैनुअल मैक्रों से हार मिली थी। हालांकि हर चुनाव में उनका वोट प्रतिशत बढ़ा है। ली पेन को राजनीति विरासत में मिली। उनके पिता जीन मैरी ली पेन ने नेशनल फ्रंट पार्टी बनाई थी, जिसकी पहचान प्रवासियों के विरोध और कट्टर दक्षिणपंथी विचारों से जुड़ी रही। मरीन ने पार्टी की छवि बदलने के लिए इसका नाम नेशनल रैली रखा था। वे अब भी इमिग्रेशन नियंत्रण, फ्रांसीसी नागरिकों को नौकरियों में प्राथमिकता और यूरोपीय संघ की नीतियों की आलोचक हैं। उन्होंने युवाओं के लिए टैक्स राहत, न्यूनतम वेतन बढ़ाने और ऊर्जा पर करों में कटौती जैसे वादे किए हैं। वे यूरोपीय संघ से दूरी, रूस के साथ बेहतर संबंध और फ्रांस की संप्रभुता बढ़ाने की समर्थक रही हैं। उनकी राजनीति को अक्सर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अमेरिका फर्स्ट नीति से जोड़ा जाता है। कानून की पढ़ाई करने वाली ली पेन ने 1998 में राजनीति में प्रवेश किया था। आज वे फ्रांस में बढ़ते दक्षिणपंथी रुझान की सबसे प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। हालांकि अदालत की निगरानी के बीच 2027 की राह उनके लिए आसान नहीं होगी।